Sunday, July 5, 2026 1:31 pm

बस्तर अंचल में शांति बहाली के चलते उजाड़ गांव फिर होने लगे आबाद

रायपुर  बस्तर अंचल में शांति बहाली के चलते उजाड़  गांव फिर आबाद होने  लगे  हैं। सुकमा जिले के  जगरगुंडा, गरगुंडा के बाद अब इससे लगे हुए नक्सल प्रभावित गांव भी फिर से आबाद हो रहे हैं। जगरगुंडा राहत शिविर में रह रहे लोग जहां पहले ही अपने गांव को लौट चुके हैं, तो वहीं अब जगरगुंडा से 11 किलोमीटर दूर सिलगेर, तिम्मापुरम, बेदरे, बोरगुडा, गेल्लूर, मंडमरका जैसे गांव भी फिर से आबाद होने लगे हैं। दो दशक बाद फिर से इन गांवों में रौनक लौट रही है। सिलगेर और इसके आसपास के 50 से अधिक परिवार जो वर्ष 2005-2006 में सलवा जुडूम के समय अपने गांवों को छोड़कर चेरला, आंध्रप्रदेश के भद्राणी जिला और दूसरे जिले में जाकर बस गए थे, ऐसे 50 परिवार अब वापस गांव में आ गए हैं और अपना घर फिर से तैयार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया सबसे ज्यादा चेरला में जाकर बसे थे। अब सिलगेर गांव में ग्रामीण फिर लौटकर बसने लगे हैं। सिलगेर के रामदास ने बताया 50 से अधिक परिवार अब लौट चुके हैं। रामदास ने बताया सड़क बन बन गई है गांव में दूसरे काम भी हो रहे हैं. अभी शांति है इसलिए गांव छोड़कर गए लोग लौट रहे हैं। जगरगुंडा से बासागुड़ा-बीजापुर सड़क तैयार जगरगुंडा से बासागुड़ा-बीजापुर सड़क  तैयार भी बनकर तैयार हो गई है, सड़क पर अब सन्नाटा नहीं है। स्कूल और अस्पताल शुरू हो  गए  हैं । आश्रम भी बन रहा है। सिलगेर गांव पूरी तरह से उजड़ गया था। गांव में गिने-चुने परिवार ही बचे थे। जगरगुंडा के बाद सिलगेर गांव में भी फिर से स्कूल शुरू हो गया है। आश्रम भवन बनाया जा रहा है, अस्पताल शुरू हो गया है। बीजापुर, दोरनापाल, दंतेवाड़ा तीनों तरफ बस सेवा भी शुरू हो गई है। recent visitors 23

गर्मी की शुरुआत में राहत, टमाटर, धनिया व हरी मिर्च आम आदमी के बजट में नजर आ रहे, पारा चढ़ेगा, दाम भी बढ़ेंगे

ग्वालियर गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दी है, लेकिन हरी सब्जियों ने अभी अधिक तेजी नहीं पकड़ी है। सब्जियों के भाव अब भी सामान्य हैं। टमाटर, धनिया व हरी मिर्च आम आदमी के बजट में नजर आ रहे हैं। आलू व प्याज के दामों में अवश्य गिरे हैं। आलू 25 से 30 रुपये किलो से घटकर 15 से 16 रुपये किलो पर आ गया है। प्याज के भाव भी 40 से 50 रुपये से गिरकर 25 रुपये किलो पर आ गए हैं। जैसे-जैसे पारा चढ़ेगा, दाम भी बढ़ेंगे सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी अपना रंग दिखाएगी, वैसे-वैसे सब्जियों के दाम पर ऊपर जाएंगे। फिलहाल सब्जियों में तेजी नजर नहीं आ रही है। गर्मी शुरू होते ही मटर अवश्य गायब हो गई है। पालक और मैथी 10 से 20 रुपये किलो पर अटकी हुई है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंड़ी और बाजार में ठेले वालों के दाम अलग से छत्री मंड़ी में लगने वाली सब्जी मंड़ी और ठेलों पर बिकने वाली सब्जियों के दामों में जमीन आसमान का अंतर है। सिटी सेंटर और थाटीपुर चौराहे के आसपास लगने वाले सब्जी के ठेलों पर सब्जी के दाम छत्री मंड़ी के दामों लगभग दोगुना का अंतर है। इस संबंंध में ठेले वालों का कहना है कि दामों में अंतर सब्जी के गुणवत्ता पर निर्भर करता है। उनका कहना है कि भाड़े से भी दाम बढ़ जाते हैं। हम लोग घर के दरवाजे पर सब्जी उपलब्ध कराते हैं। अगर मंडी जाओगे तो उतना ही पेट्रोल लग जाएगा और समय भी अधिक खराब होगा। recent visitors 24

अध्यापक को गोली मारकर घायल करने वाले दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, एक को गिरफ्तार

गुरदासपुर काहनूवान पुलिस ने गत दिवस एक सरकारी स्कूल अध्यापक(दुकान पर बैठे) को गोली मारकर घायल करने वाले दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस संबंध में काहनुवान पुलिस स्टेशन प्रमुख कुलविंदर जीत सिंह ने बताया कि इकबाल सिंह पुत्र जवंद सिंह निवासी नैनेकोट, ने अपनी शिकायत में बताया कि वह सरकारी मिडिल स्कूल हम्बोवाल में अध्यापक के पद पर कार्यरत है। सठियाली पुल के पास उनका पंजाब इलेक्ट्रो वर्ल्ड नाम से शोरूम है। कुछ दिन पहले आरोपी साहिब सिंह और बलदेव सिंह उसकी दुकान पर फ्रिज और एलईडी खरीदने आए और कुछ पैसे बाद में करने की बात की। जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया था। दूसरे दिन वह अपनी दुकान पर बैठा था, तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो युवक आए। एक युवक के हाथ में पिस्तौल थी, जो शोरूम के दरवाजे पर खड़ा हो गया और दूसरा युवक उससे नकदी मांगने लगा। जब उसने मना किया तो उक्त युवक ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी तथा दूसरे व्यक्ति ने उसे जान से मारने की नीयत से उस पर सीधा फायर कर दिया, जो उसकी बाजू में जा लगा। गोलियों की आवाज सुनकर उसका भाई सतनाम सिंह मौके पर आ गया तथा आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इकबाल सिंह के बयानों पर आरोपी साहिब सिंह पुत्र स्वर्ण सिंह निवासी बूटर कलां, तथा बलदेव सिंह निवासी नसीरपुर, पुलिस स्टेशन रंगड़ नंगल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है तथा आरोपी साहिब सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बलदेव सिंह अभी फरार है।   recent visitors 27

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पड़ोसी मुल्क को ‘बुरा देश’ करार दे दिया, भारत से भी ले चुका है पंगा

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी कनाडा को लेकर शांत नहीं हुआ है। अब उन्होंने पड़ोसी मुल्क को 'बुरा देश' करार दे दिया है। इससे पहले भी वह कनाडा के खिलाफ ज्यादा टैरिफ लगाने का कदम उठा चुके हैं। साथ ही पूरे देश को अमेरिका का राज्य बनाने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। खास बात है कि कनाडा में जस्टिन ट्रूडो के पद छोड़ने के बाद जल्द ही प्रधानमंत्री चुनाव होने हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जारी टैरिफ वॉर के बीच ट्रंप ने कहा, 'काम करने के मामले में सबसे बुरे देशों में से एक कनाडा है। अब ट्रूडो है। अच्छे जस्टिन। मैं उन्हें गवर्नर ट्रूडो बुलाता हूं। उनके लोग बुरे हैं और वे सच्चाई नहीं बता रहे हैं।' वह कनाडा को 'अमेरिका का 51वां' राज्य बनाने की इच्छा जता चुके हैं। हालांकि, कनाडा ने इसपर आपत्ति जताई है। एक इंटरव्यू के दौरान जब पूछा गया कि ट्रंप की नीतियां लिबरल पार्टी के लिए चुनाव में मददगार हो सकती हैं? तो इसपर ट्रंप ने कहा कि कंजर्वेटिव्स के मुकाबले लिबरल्स के साथ काम करना आसान होगा। उन्होंने कहा, 'मुझे फर्क नहीं पड़ता है। मुझे लगता है कि उनके साथ काम करना आसान है। हो सकता है कि वे जीत जाएं, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।' इधर, उन्होंने कनाडा में विपक्षी दल पर भी सवाल उठाए हैं। साथ ही पीएम की रेस में माने जा रहे पियरे पोलिवरे पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बगैर नाम लिए कहा, 'चुनाव की दौड़ में है जो वह कंजर्वेटिव मेरे कोई दोस्त नहीं हैं। मैं उन्हें नहीं जानता, लेकिन उन्होंने कुछ नकारात्मक बातें कही हैं।' भारत से भी जारी हैं तनावपूर्ण रिश्ते खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के तार भारतीय अधिकारियों से जोड़ने की कोशिश के बाद कनाडा और भारत के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। खास बात है कि तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भरी सभा में भारत पर सवालिया निशान लगाए थे, लेकिन इस संबंध में कोई सबूत पेश नहीं किया था। इसके बाद भारत ने कनाडा के राजनयिकों को बाहर करने की कार्रवाई की थी। recent visitors 25

निजी स्कूल पर 2 लाख रुपये का अर्थदंड

सतना कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. सतीश कुमार एस ने अशासकीय नन्ही दुनिया इंटरनेशनल स्कूल, बगहा कोठी रोड पर 2 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह दंड विद्यालय द्वारा छात्रों को एक स्थान से ही पुस्तकें और गणवेश खरीदने के लिए बाध्य करने के कारण लगाया गया है। जिला मजिस्ट्रेट द्वारा की गई जांच में पाया गया कि स्कूल ने मध्य प्रदेश निजी विद्यालय फीस एवं अन्य संबंधित विषयों का विनियमन 2017 और 2020 की धारा 6 का उल्लंघन किया है। इस पर अधिनियम की धारा 9 के तहत प्रथम बार में 2 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी निजी विद्यालय छात्रों और अभिभावकों पर एक ही स्थान से पुस्तकें व गणवेश खरीदने का दबाव नहीं बना सकता। अभिभावकों को अपनी सुविधानुसार कहीं से भी सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। recent visitors 28

PM मोदी ग्रेट लीडर हैं, पुतिन ने उनसे बात करने के बाद ही रोकी जंग, मुरीद हुए पोलैंड के नेता

मॉस्को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच दो घंटे लंबी वार्ता हुई। इसके बाद यूक्रेन और रूस के बीच तीन सालों से चली आ रही जंग में सीजफायर पर सहमति बन गई। इस तरह एक जंग के रुकने के पीछे पीएम नरेंद्र मोदी को भी वजह माना जा रहा है। पोलैंड के उप-विदेश मंत्री व्लादिस्लॉ बारतोसज्विस्की ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के रुख के चलते ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा, 'व्लादिमीर पुतिन लगातार परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहे थे। उनका कहना था कि यूक्रेन पर इन हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा। अमेरिकी लगातार उनसे कह रहे थे कि ऐसा न किया जाए। व्लादिमीर पुतिन को इस हमले के अंजाम के बारे में बचाया जा रहा था। लेकिन वह नहीं माने।' पोलैंड के लीडर ने कहा, 'फिर व्लादिमीर पुतिन के पास दो फोन कॉल आए। एक चीन से और दूसरा भारत से पीएम नरेंद्र मोदी का। चीन और भारत दोनों ने ही परमाणु जंग करने को मंजूरी नहीं दी। दोनों देशों ने कहा कि ऐसा करना गलत होगा। हम ऐसी जंग का समर्थन नहीं करते हैं। रूस इन दोनों देशों को अपना दोस्त मानता है। इसके बाद भी उनकी ओर से जंग के लिए मना करने से उन्हें पीछे हटना ही सही लगा। इसलिए पीएम मोदी ने यूक्रेन और रूस की जंग को रुकवाने में अहम भूमिका अदा की। वह एक महान राजनेता हैं।' बता दें कि यूक्रेन के नेता वोलोदिमीर जेलेंस्की भी कह चुके हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी इसमें अहम भूमिका अदा कर सकते हैं। उनका कहना था कि व्लादिमीर पुतिन से अच्छे संबंधों का इस्तेमाल करते हुए वह जंग रुकवा सकते हैं। मंगलवार की शाम को दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद क्रेमलिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर 30 दिनों के लिए हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति का कार्यभार संभालने के पांच दिनों बाद दुनियाभर के कई नेताओं से बात की थी, जिनमें रूसी राष्ट्रपति पुतिन भी शामिल थे। तभी से माना जा रहा था कि ट्रंप अब पुतिन के साथ अपने रिश्तों का इस्तेमाल करते हुए जंग रुकवा सकते हैं। इसके लिए उन्होंने पहले यूक्रेनी नेता वोलोदिमीर जेलेंस्की को राजी किया और फिर व्लादिमीर पुतिन को भी सहमत किया गया। इसके लिए सऊदी अरब ने मध्यस्थ की भूमिका अदा की और वहीं पर यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधियों की बात भी हुई। recent visitors 28

महिला पुलिस की वर्दी उतारने की कोशिश, हिंसा के 19 आरोपियों को 21 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया

नागपुर नागपुर में हुई हिंसा की जांच जारी है। इसी बीच खबर है कि हिंसा के दौरान एक उपद्रवी ने ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी की गई है। खबर है कि उनकी वर्दी भी उतारने की कोशिश की गई। फिलहाल, इसे लेकर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। फिलहाल, हिंसा के 19 आरोपियों को 21 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक आरोपी ने कथित तौर पर महिला पुलिस कर्मी की वर्दी और शरीर को आपत्तिजनक तरीके से छुआ, अश्लील इशारे किए और बदसलूकी की। इस संबंध में गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज कराई गई है। महिला पुलिस अधिकारी RCP स्क्वॉड में शामिल थीं। खबरें ये भी हैं कि आरोपी ने उनकी वर्दी उतारने की भी कोशिश की थी। फिलहाल, यह साफ नहीं है कि आरोपी की पहचान हो चुकी है या नहीं और उसे गिरफ्तार किया गया है या नहीं। हिंसा के लगातार दूसरे दिन भी नागपुर शहर का माहौल पूरी तरह से शांत नहीं है। 11 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू के साथ भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात रहा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे साजिश करार दिया था। साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा जताया था। शिकायत में यह भी बताया गया है कि उसी आरोपी ने वहां मौजूद अन्य महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी बदसलूकी की थी। कहा जा रहा है कि भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को डराने कि लिए उनकी ओर देखकर गंदे इशारे किए और अभद्र टिप्पणियां की थीं। अब क्या हैं नागपुर के हाल पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि दोपहर बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में दो हजार से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह, त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) और दंगा नियंत्रण पुलिस (आरसीपी) द्वारा पुलिस उपायुक्त रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में गश्त की जा रही है। सोमवार रात साढ़े सात बजे के करीब मध्य नागपुर में हिंसा भड़क गई थी और पुलिस पर पथराव किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि यह हिंसा इस अफवाह के बाद फैली कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया। हिंसा में 34 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इसके बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया, जिससे लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लग गई। recent visitors 24