Sunday, July 5, 2026 11:51 am

4 टीमें आईपीएल 2025 प्लेऑफ में पहुंचेंगी वीरेंद्र सहवाग ने की भविष्यवाणी, जाने नाम

नई दिल्ली  आईपीएल 2025 शुरू होने में अब बस कुछ ही घंटे बचे हैं। टूर्नामेंट में हर टीम एक से बढ़कर धाकड़ खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतर रही है। अब दौर है टूर्नामेंट के प्लेऑफ की भविष्यवाणी का। टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन और ऑस्ट्रेलिया पूर्व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट जैसे पूर्व क्रिकेटरों ने क्रिकबज से बात करते हुए अपनी टॉप 4 टीमें बताई। कौन-कौन-सी 4 टीमें आईपीएल 2025 प्लेऑफ में पहुंचेंगी? वीरेंद्र सहवाग ने हालांकि सबसे रोचक 4 टीमों को चुना है। सहवाग ने अपनी टॉप 4 टीमें बताई हैं- मुंबई इंडियंस (MI), सनराइजर्स हैदराबाद (SRH), पंजाब किंग्स (PBKS) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG)। इसका सीधा मतलब है कि सहवाग को विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और एमएस धोनी की टीम चेन्नई सुपर किंग्स के अलावा अपनी डोमेस्टिक टीम बेस्ट फ्रेंचाइजी यानी दिल्ली कैपिटल्स पर भी भरोसा नहीं है। मुंबई और हैदरबाद जीत चुके हैं आईपीएल का खिताब मुंबई इंडियंस ने 5 बार रोहित शर्मा की कप्तानी में आईपीएल का खिताब जीता है, जबकि फिलहाल टीम के कप्तान हार्दिक पंड्या हैं। उन्होंने पिछले सीजन हिटमैन को रिप्लेस किया था। सनराइजर्स हैदराबाद ने 2016 में विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को हराकर डेविड वॉर्नर की लीडरशिप में कमाल किया था। टीम के कप्तान पैट कमिंस हैं। पिछले सीजन उसने फाइनल तक का सफर तय किया था। पंजाब और लखनऊ नए कप्तान के साथ रचना चाहेंगे इतिहास प्रीति जिंटा की सहमालिकाना हक वाली पंजाब किंग्स को अपने पहले खिताब का इंतजार है। अच्छी बात यह है कि टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर हैं। अय्यर की कप्तानी में कोलकाता नाइटराइडर्स ने आईपीएल 2024 का खिताब अपने नाम किया था। हालांकि, अय्यर को उतना श्रेय नहीं मिला, जितना मिलना चाहिए था। सहवाग की आखिरी पसंद लखनऊ सुपर जायंट्स है। केएल राहुल की कप्तानी में टीम का हाथ खाली रहा था और इस बार ऋषभ पंत टीम को लीड करेंगे। recent visitors 33

अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र अबूझमाड़ के 120 बच्चों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा वनमंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। ये बच्चे ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यहां के हर गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे।  उन्होंने भ्रमण पर आए बच्चों से कहा कि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी प्राथमिकता है। अबूझमाड़ में तेजी से हो रहे विकास कार्य मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अबूझमाड़ के गांवों में सड़क निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, स्कूलों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत वहां तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजनाओं पर काम कर रही हैं। आपकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी जिम्मेदारी- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि अबूझमाड़ के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि अबूझमाड़ में बेहतर स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। recent visitors 30

भोपाल की 17 चुनिंदा टीमों के बीच होगा रोमांचक मुकाबला

भोपाल  स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के फुटसल अरेना का भव्य शुभारंभ 21 मार्च को स्कोप फुटसल लीग के आगाज के साथ किया जाएगा। यह रोमांचक टूर्नामेंट 21 से 24 मार्च तक विश्वविद्यालय परिसर में हाल ही में निर्मित फुटसल अरेना में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर आज स्कोप फुटसल लीग में भाग लेने वाली क्लब टीमों की आधिकारिक जर्सी लॉन्च की गई। जर्सी लॉन्चिंग कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विजय सिंह, कुलसचिव डॉ. सितेश सिन्हा और मुख्य वित्त लेखा अधिकारी श्री विनीत शुक्ला ने संयुक्त रूप से क्लब टीमों की जर्सी लॉन्च की। इस दौरान सभी क्लब टीमों के कैप्टेन्स भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कुलपति डॉ. विजय सिंह ने कहा स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी न केवल अकादमिक उत्कृष्ट के लिए समर्पित है बल्कि खेलों और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। फुटसल अरेना के शुभारंभ के साथ हमें विश्वास है कि यह युवा खिलाड़ियों के लिए एक शानदार प्लेटफॉर्म साबित होगा। इस रोमांचक प्रतियोगिता के साथ स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी खेल जगत में एक नई पहचान बनाने के लिए तैयार है। टूर्नामेंट के विजेता और उपविजेता को नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट में भोपाल की 17 सर्वश्रेष्ठ फुटसल टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें चार पूलों में विभाजित किया गया है।   पूल A: गोरखा एफसी, रॉ एफसी, नवाब एफसी, मैदान एफसी। पूल B: कसोल टाइगर एफसी, अंकुर एफसी, गॉडज़िला एफसी, पीस मेकर एफसी। पूल C: टीटीएनएस जूनियर एफसी, स्मैश एफसी, आरएनटीयू एफसी, एसजीएसयू एफसी। पूल D: सेंट्रल बे एफसी, एस्पीरियन एफसी, शूटिंग स्टार एफसी, गेम ऑन एफसी, एटॉमिक एफसी। recent visitors 24

प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा, 22 एवं 23 मार्च को होगा दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर पंडुम

रायपुर : बस्तर जिले के 5 विकासखण्डों में हुआ ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन बस्तर जिले के 5 विकासखण्डों में हुआ बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मिला समुचित मंच प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा 22 एवं 23 मार्च को होगा दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर पंडुम   रायपुर बस्तर जिले के जगदलपुर, बस्तर, तोकापाल, बास्तानार एवं दरभा विकासखण्ड में गुरुवार को ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है। इस उत्सव में विभिन्न जनजातीय समूह अपनी कला और परंपराओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिले के इन सभी ब्लॉक में आयोजित उक्त कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों, जनजातीय समुदायों और संस्कृति प्रेमियों का उत्साह देखते ही बना। बस्तर पंडुम न केवल संस्कृति को सहेजने का प्रयास है बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। जिले के इन सभी विकासखंड में बस्तर पंडुम के तहत हजारों प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले में बस्तर पंडुम का जिला स्तरीय कार्यक्रम 22 एवं 23 मार्च को इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें ब्लॉक स्तर से चयनित प्रतिभागी शामिल होंगे।          उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत अनेक विधाएं शामिल की गई जिसमें जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी,  हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत- चैतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल,  हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि)  जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेषभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर  मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा  शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन- सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, पेज, कोसरा एवं मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा,मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर इत्यादि के बनाने की विधि, स्थानीय मसाले, स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण बस्तर पंडुम 2025 के मुख्य आकर्षण रहे। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहा बस्तर  जिले में विकासखण्ड स्तर पर आयोजित बस्तर पंडुम में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले समाज प्रमुखों में बस्तर पंडुम के प्रति खासा उत्साह एवं अलग ही लगाव देखने को मिला। इस दौरान इन समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहनीय पहल निरूपित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया। इस मौके पर पूर्व विधायक एवं सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजाराम तोड़ेम ने बस्तर पंडुम को राज्य सरकार की जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक विविधता को देश-दुनिया में पहुंचाने की अनुपम प्रयास रेखांकित किया। वहीं सर्व आदिवासी समाज के बस्तर जिला अध्यक्ष दशरथ कश्यप ने बस्तर पंडुम को जनजातीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल निरूपित करते हुए इसे हर साल आयोजित करने का सुझाव दिया। सर्व आदिवासी समाज के महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष चमेली जिराम ने बस्तर पंडुम को जनजातीय समुदाय के भावी पीढ़ी के लिए समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सीखने-समझने का बेहतर मंच बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति,परम्परा, रीति-रिवाजों से दूर हो रही है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन में सक्रिय सहभागी बनकर भावी पीढ़ी अपना जुड़ाव महसूस करेगी। इस बस्तर पंडुम में जनजातीय पेय पदार्थों के विधा में अपना प्रदर्शन करने पहुंचे नगरनार की अन्नपूर्णा नाग एवं भेजापदर की बुधरी बघेल ने कहा बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की अलग छटा दिख रही है। जिसमें परम्परा, रीति-रिवाज, खान-पान सभी शामिल है। यह हमारी पहचान है और इसे संरक्षित करने के लिए सरकार का प्रयास प्रशंसनीय है। recent visitors 35

डीएमईओ, नीति आयोग और राज्य नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में शासन की प्रभावशीलता और योजनाओं की दक्षता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग एवं नीति आयोग (भारत सरकार) के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) के सहयोग से "मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन" विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह दो दिवसीय कार्यशाला  20 और 21 मार्च को आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-आधारित निगरानी सुनिश्चित करना तथा नीति निर्माण को अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है। कार्यशाला में प्रमुख रूप से नीति आयोग, भारत सरकार की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया तथा डीएमईओ, नीति आयोग के निदेशक अबिनाश दास और देवी प्रसाद भुक्या उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर फोकस डीएमईओ की विशेषज्ञ टीम ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर प्रशिक्षित किया गया। डीएमईओ के प्रशिक्षकों ने डेटा गवर्नेंस, गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicators), परिणाम-आधारित निगरानी (Output-Outcome Based Monitoring) और मूल्यांकन प्रणाली जैसे विषयों पर सत्र लिए। उन्होंने बताया कि कैसे वैज्ञानिक रूप से योजनाओं की निगरानी कर उनके वास्तविक प्रभाव को मापा जा सकता है, जिससे शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बन सके। लॉजिकल फ्रेमवर्क और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स पर चर्चा विशेषज्ञों द्वारा "आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क", "डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स" और "लॉजिकल फ्रेमवर्क" विषयों पर गहन परिचर्चा की गई।    राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बना सकें। डीएमईओ, नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने कहा कि  मॉनिटरिंग और इवैल्यूएशन (M&E) किसी भी प्रभावी शासन प्रणाली की आधारशिला है। भारत सरकार ने योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और निगरानी के लिए डीएमईओ की स्थापना की है। राज्य में भी इसी तरह की संस्था बनाई जानी चाहिए। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" मुख्यमंत्री के सलाहकार  डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नीति-निर्माण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यशाला से राज्य के अधिकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को बेहतर तरीके से मापने और विश्लेषण करने में सक्षम होंगे।  योजना विभाग  के सचिव अंकित आनंद ने कहा कि इस प्रशिक्षण से सरकारी योजनाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा, जिससे राज्य के विकास कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी। राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने कहा कि  निगरानी और मूल्यांकन सुशासन का प्रमुख आधार है। राज्य नीति आयोग पहले से ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए विभिन्न संकेतकों की निगरानी कर रहा है। इस कार्यशाला से डेटा संग्रह और निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। राज्य नीति आयोग और डीएमईओ, नीति आयोग, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आने वाले समय में इस तरह की और कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित नीति निर्माण और प्रभावी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना है।इस कार्यशाला से छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास और सुशासन को और अधिक गति मिलेगी। recent visitors 39

राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में हो रहा है हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से हो रहा विकास राज्यों के नदी विवादों को सुलझाकर नदी जोड़ो परियोजनाएँ हुई प्रारंभ मुख्यमंत्री ने तराना में नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो-उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया लोकार्पण परियोजना के शुभारंभ के साथ ही 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा पानी प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए निरंतर हो रहे है कार्य आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में नदी जोड़ो अभियान के माध्यम से हर खेत तक पानी पहुंचाने का भागीरथी कार्य किया जा रहा है। यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी दो बहुउद्देशीय बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं का श्रीगणेश हुआ है। आज नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से नर्मदा का जल तराना में आया है। सूखे खेतों में पानी पहुंचेगा तो सोने जैसी फसलें लहलहाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2 हजार 489 करोड़ 65 लाख रूपये की नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्य माइक्रो बहुउद्देशीय परियोजना के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह को उज्जैन जिला प्रभारी एवं कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, अखाड़ा परिषद के महामंत्री हरिगिरी महाराज, सांसद अनिल फिरोजिया ने भी संबोधित किया। इसमें शाजापुर विधायक अरूण भीमावद, तराना विधायक महेश परमार सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तराना में जल संसाधन विभाग के 9.64 करोड़ रूपये लागत के इंदौर हाई लेवल ब्रिज, 5 करोड़ 73 की लागत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 5 करोड़ 21 लाख रूपये लागत की 11 नल जल परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने 7 करोड़ 15 लाख रूपये लागत के उप-स्वास्थ्य केंद्र के नवीन भवन तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ग्राम कडेरी में हाई स्कूल भवन निर्माण का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में तेज गति से विकास हो रहा है। भारत आज विश्व में सबसे सशक्त देश बनकर उभरा है। भारत की आज पूरी दुनिया में कीर्ति है, सम्मान है। हर क्षेत्र में हम तरक्की कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में आज हमारे पास सबसे आधुनिक हथियार और उपकरण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, यहां 250 से अधिक नदियां है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्षों से विभिन्न राज्यों के बीच चल रहे नदी विवादों को सुलझा कर नदी जोड़ो परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किया है। पार्वती-कालीसिंध- चंबल (पीकेसी) परियोजना को लेकर मध्यप्रदेश और राजस्थान में 20 वर्षों से विवाद चल रहा था। अब विवाद समाप्त हो गया है और परियोजना मूर्त रूप ले रही है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश राज्यों में सहमति के बाद केन-बेतवा लिंक परियोजना पर कार्य प्रारंभ हो गया है। इन सभी परियोजनाओं से प्रदेश में हर खेत तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में किसानों को प्रतिवर्ष 12000 रूपए की राशि दी जाती है। हमारी सरकार इस वर्ष से 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन कर रही है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार ने 10 गाय पालने वालों को भी अनुदान राशि और दुग्ध उत्पादकों को 5 रूपये प्रति लीटर अनुदान देने का निर्णय लिया है। हमारा उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में राज्य को नंबर वन बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने आने वाले समय में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके लिए वर्ष 2029 तक इतनी अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएगी। स्थानीय निकाय चुनाव में प्रदेश में महिलाओं को 50% तथा नौकरियों में 35% आरक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना जैसी योजनाएं महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई हैं। अब सरकार ने निर्णय लिया है कि रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग में काम करने वाली महिलाओं को 5000 रूपये प्रति महीना इंसेंटिव दिया जाएगा। महिलाओं को रेडीमेड गारमेंट्स का प्रशिक्षण देने के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार हर हाथ को काम देगी। हर युवा को उसकी योग्यता के अनुसार रोजगार मिलेगा। हम 1 वर्ष में लगभग 01 लाख सरकारी पदों पर भर्ती करने जा रहे हैं। पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में भर्ती की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हजारों साल से सत्ता, धर्म सत्ता के अधीन चलती है। यह संस्कृति सनातन संस्कृति के नाम से जानी जाती है। राजा, महाराजा, सम्राट सब धर्म आधारित समाज के अधीन है। हमारी संस्कृति भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के नाम से जानी जाती है। भगवान राम ने हमारे प्रदेश के चित्रकूट धाम में 11 साल व्यतीत किये। चित्रकूट धाम को हम अयोध्या की तरह विकसित करेंगे। इसी तरह भगवान श्रीकृष्ण की प्रदेश के विभिन्न स्थानों, जहां-जहां लीलाएं हुई है, उन्हें हम तीर्थ के रूप में विकसित करेंगे। सिंहस्थ-2028 के लिए सभी व्यवस्थाएं करते हुए सुनिश्चित करेंगे कि साधु-संतों एवं श्रृद्धालुओं को किसी प्रकार का कष्ट न हो। नर्मदा-क्षिप्रा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के मुख्य बिंदु नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देशीय माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से क्षेत्र के कुल 100 ग्रामों की 30 हजार 218 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उज्जैन जिले की दो तहसीलों तराना एवं घटिया के कुल 83 ग्रामों की 27 हजार 490 हेक्टेयर तथा शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के कुल 17 ग्रामों की 2728 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। परियोजना का कुल कमाण्ड क्षेत्र 30 हजार 218 हेक्टेयर है। परियोजना अंतर्गत ओंकारेश्वर जलाशय से (जिला खंडवा के ग्राम बड़ेल के समीप) 03 मीटर व्यास की पाईप लाईन से 15 घन मीटर प्रति सेकण्ड की दर से 435 मीटर की ऊंचाई तक जल उद्वहन किया जायेगा। परियोजना की मुख्य पाईप लाईन की कुल लंबाई 200 किलोमीटर है। जल उद्वहन के लिये 06 पंपिंग स्टेशन में कुल 50 पंप मोटर्स … Read more

उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव  मुंगेली जिले के बरेला और जरहागांव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विधायक पुन्नूलाल मोहले भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुंगेली की एसडीएम श्रीमती पार्वती पटेल ने बरेला और जरहागांव में आयोजित दो अलग-अलग समारोहों में बरेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नरेश पटेल और जरहागांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रूपाली वेदप्रकाश कश्यप तथा दोनों नगर पंचायतों के पार्षदों को विधिपूर्वक शपथ दिलाई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यों से नगरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अपील की। उन्होंने नवगठित नगर पंचायतों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ जनादेश दिया है, उन पर पूरी निष्ठा से काम करना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में नगर पंचायत बरेला एवं जरहागांव के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने दोनों नगर पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों को शामिल होने का आग्रह किया। मुंगेली के विधायक पुन्नूलाल मोहले ने अपने संबोधन में कहा कि नगर की जनता ने निष्पक्ष रूप से अपने मतदान का प्रयोग कर आप लोगों को जिताया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नगर पंचायत बरेला और जरहागांव के सभी नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षद नागरिकों की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे और नगर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर और मुंगेली जनपद पंचायत के अध्यक्ष रामकमल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में समारोह में मौजूद थे। recent visitors 36