Sunday, July 5, 2026 10:43 am

CM यादव ने कांग्रेस की लीडरशिप पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सरकार के फैसले को हिंदू विरोधी करार दिया

भोपाल  कर्नाटक की कांग्रेस सरकार द्वारा अल्पसंख्यक ठेकेदारों को 4 फीसदी आरक्षण देने को लेकर प्रदेश में सियासी बवाल खड़ा हो गया है. बीजेपी ने कांग्रेस की लीडरशिप पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सरकार के फैसले को हिंदू विरोधी करार दिया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस मसले पर कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा, "कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में ठेकेदारों को धर्म आधारित आरक्षण की व्यवस्था का प्रावधान करना अनुचित एवं निंदनीय है. लोकतांत्रिक देश में इस तरह किसी धर्म विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियम-प्रावधान कैबिनेट से पास कर लागू करना कांग्रेस के अनैतिक चरित्र का प्रतीक है." उन्होंने आगे लिखा, "दलित, पिछड़े और समाज के वंचित लोगों के उत्थान के लिए भारतीय जनता पार्टी सरकार निरंतर काम कर रही है, जिससे सभी वर्गों को समाज में पूर्ण सम्मान और अधिकार मिल सके." भारत तोड़ो की नीति पर काम कर रहे हैं कांग्रेसी नेता सीएम मोहन यादव ने आगे कहा है कि इतिहास साक्षी है कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान के मूल्यों का सम्मान करने की बजाय जातिगत पक्षपात और समाज के विभिन्न वर्गों में भेदभाव की भावना पैदा करने में मुख्य योगदान दिया है. कांग्रेसी भारत जोड़ो नहीं, भारत तोड़ो की विचारधारा पर काम कर रहे हैं. कर्नाटक सरकार का यह फैसला इसी अपशिष्ट राजनीति का उदाहरण है. मोहन यादव ने लिखा ये भी कहा है कि इस तरह के धर्म आधारित फैसलों के विरुद्ध पूर्व में भी कई बार  न्यायालयों द्वारा निर्णय दिए गए हैं. इस बार भी कांग्रेस सरकार का यह फैसला न्यायालय में नहीं टिक पाएगा. सीएम मोहन यादव के मुताबिक, "मैं धर्म आधारित इस आरक्षण की कड़ी आलोचना करता हूं. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में बैठे मल्लिकार्जुन खड़गे से कहना चाहूंगा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के तुष्टिकरण के फैसले को वापस कराने के लिए उचित कार्रवाई करें." recent visitors 32

Deepika Padukone को पीछे छोड़ ये हसीना बनी बॉलीवुड की हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस, अपकमिंग मूवी के लिए वसूल रही मोटी फीस

मुंबई हिंदी सिनेमा में टॉप एक्ट्रेसेज की कमी नहीं है। इस वक्त बड़े पर्दे पर जिसका सिक्का चलता है, उनमें दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, आलिया भट्ट, कटरीना कैफ और करीना कपूर खान जैसी अदाकारा हैं। मगर क्या आपको पता है कि इनमें से कौन सबसे ज्यादा फीस वसूलने वाली हीरोइन हैं? बॉलीवुड में अक्सर हीरो-हीरोइन की फीस में अंतर को लेकर बात की जाती है। हमेशा से हीरोइनों को हीरो के मुकाबले कम फीस मिलती है। मगर कुछ हीरोइनें हैं, जिन्होंने यह पैमाना बदला है और आज अपने किरदार के हिसाब से मोटी फीस ले रही हैं। पहले दीपिका हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस थीं, लेकिन अब उनकी जगह देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने ले ली है। दीपिका से आगे निकलीं प्रियंका बॉलीवुड से हॉलीवुड तकअपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वालीं प्रियंका चोपड़ा की नेटवर्थ में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, खासकर हॉलीवुड में काम करने के बाद। आज वह सिर्फ विदेशी फिल्म नहीं बल्कि हिंदी फिल्मों के लिए भी मोटी फीस वसूल रही हैं। अपनी आगामी फिल्म के लिए वह मेकर्स से इतना पैसा ले रही हैं, जितना दीपिका ने भी किसी फिल्म के लिए नहीं ली है। प्रियंका ने ली मोटी फीस प्रियंका चोपड़ा से पहले दीपिका पादुकोण हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस बताई जाती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने अपनी ब्लॉकबस्टर मूवी कल्कि 2898 एडी (Kalki 2898 AD) के लिए 20 करोड़ रुपये की फीस ली थी। अब प्रियंका हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस बन गई हैं। बॉलीवुड हंगामा के मुताबिक, प्रियंका चोपड़ा दिग्गज निर्माता-निर्देशक एसएस राजामौली के निर्देशन में बनने वाली फिल्म एसएसएमबी 29 (SSMB 29) में करीब 30 करोड़ रुपये के आसपास फीस ले रही हैं। सिटाडेल के लिए ली थी मोटी फीस प्रियंका की इतनी मोटी फीस लेने की वजह से ही मेकर्स उन्हें कास्ट करने में उलझन में फंसे थे। मगर आखिरकार उन्हें कास्ट कर लिया गया। अगर यह सच है तो प्रियंका बॉलीवुड की हाइएस्ट पेड एक्ट्रेस हैं। हालांकि, इससे पहले प्रियंका ने अपनी हॉलीवुड वेब सीरीज सिटाडेल (Citadel) करीब 41 करोड़ रुपये वसूले थे जो किसी भी हीरोइन के लिए बड़ी बात थी। 6 साल बाद करेंगी कमबैक प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड में करीब दो दशक तक काम किया है, लेकिन आज वह हॉलीवुड मूवीज में एक्टिव हैं। खैर, 6 साल बाद एक्ट्रेस हिंदी सिनेमा में कमबैक करने जा रही हैं। वह इन दिनों महेश बाबू के साथ फिल्म SSMB 29 की शूटिंग कर रही हैं। recent visitors 35

रायपुर : अग्निवीर भर्ती के परिणाम 22 मार्च को

रायपुर छत्तीसगढ़ में अग्निवीर भर्ती के परिणाम कल 22 मार्च 2025 को घोषित किए जाएंगे। परीक्षा में सफल अभ्यर्थी  किं इस साल भारतीय सेना में अग्निवीर बनकर देश की सेवा करेंगे। अभ्यर्थी परिणाम देखने के लिए जॉइन इंडियन आर्मी के साइट https://www.joinindianarmy.nic.in/   का अवलोकन कर सकते हैं।  परिणाम  सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित किए जाएंगे। सभी सफल अभ्यर्थियों को 24 मार्च को सुबह 06:30 बजे सेना भर्ती कार्यालय रायपुर शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय किकेट स्टेडियम, नया रायपुर में प्रारंभिक ब्रीफिंग और डिस्पैच प्रलेखन के लिए उपस्थित होना आवश्यक है। इन सभी सफल अभ्यार्थियों की ट्रेनिंग 01 मई 2025 से अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटर में शुरू जाएगी। किसी भी अन्य जानकारी और समस्या के समाधान के लिए सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के टेलिफोन नंबर 0771-2965212,0771-2965214 पर संपर्क किया जा सकता है। recent visitors 38

महासमुन्द : नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने आकांक्षी जिलों के प्रगति सूचकांकों की समीक्षा

महासमुन्द : नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने आकांक्षी जिलों के प्रगति सूचकांकों की समीक्षा सूचकांकों की सतत समीक्षा होती रहे – श्रीमती छिब्बर महासमुन्द नीति आयोग की महानिदेशक व राज्य नोडल अधिकारी आकांक्षी विकास कार्यक्रम श्रीमती निधि छिब्बर ने आज शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर आकांक्षी सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, कौशल, वित्तीय समावेश, और बुनियादी ढांचे में हुए कार्यों की समीक्षा की और रैंकिंग सुधारने के लिए अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सम्पूर्णता अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसके लिए अधिकारियों को सक्रिय रूप से कार्य करना होगा। साथ ही, कार्यों की प्रगति सूचकांकों के अनुरूप तीव्र गति से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंकड़े लक्ष्य पूर्ति के पश्चात ही सतत समीक्षा करते रहे ताकि विकास की प्रक्रिया न रूके। उन्होंने कहा कि मैदानी अमलों को जो आंकड़े भरते हैं उनका प्रशिक्षण किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जिले में पिथौरा विकासखंड को नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला के रूप में चयन किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.आलोक ने विभागीय गतिविधियों से संबंधित प्रगति एवं लक्ष्य के संबंध में पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुति दी। समीक्षा में स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने, बीमारियों की पहचान के लिए अभियान चलाने और कुपोषित बच्चों के लिए सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए विभिन्न सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सुधार करने की बात की गई और पारम्परिक व्यवसायों को कौशल विकास प्रशिक्षण के साथ जोड़ा जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। श्रीमती छिब्बर ने डाटा एंट्री के लिए विशेष प्रशिक्षण की भी आवश्यकता बताई और बच्चों के कम वजन की समस्या पर ध्यान देते हुए एनआरसी में भर्ती कराने और पोषण ट्रेकर के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विकासखण्डों में एनआरसी खोले जाएं। वहीं किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान उत्पादक संघ का निर्माण भी किया जाए। महिलाओं को उनके रिवॉल्विंग फंड समय पर उपलब्ध कराएं ताकि फंड से अपने व्यवसायों को गति दे सकें। श्रीमती छिब्बर ने सूचकांकों के सुधार के लिए जन्म के समय बच्चों के कम वजन को ध्यान में रखते हुए एनआरसी में भर्ती कराने और पोषण ट्रेकर के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करने कहा है। साथ ही महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और मितानिनों को आपस में समन्वय कर डाटा एकत्र करने के  निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग को शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए नियमित वार्षिक कैलेण्डर का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। अध्यापकों को राज्य एवं जिला स्तर पर अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। बैठक में अपर कलेक्टर रविराज ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी श्री हरिशंकर पैकरा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास एवं जिले के विभिन्न विभागों के ज़िला अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 25

चढ़ते पारे ने बढ़ायी मुसीबत, 2024 सबसे गर्म वर्ष, टूटा 175 साल का रिकॉर्ड

नई दिल्ली  संयुक्त राष्ट्र (UN)के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) ने  अपनी एनुअल क्लाइमेट स्टेटस रिपोर्ट (Annual State of the Climate Report) जारी की। इसमें शुरुआती आंकड़ों की पुष्टि करते हुए संकेत दिया गया कि 2024 अब तक का सबसे गर्म साल रहा। 2024 ने 2023 में बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। WMO के अनुसार, 2024 में पहली बार वैश्विक तापमान 1850-1900 में निर्धारित आधार रेखा से 1.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसने पिछले 175 साल के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। 10 सालों में हीटवेव से हालात खराब जबकि इससे पहले की रिपोर्ट में 2014 से 2023 का समय सबसे गर्म दशक के रूप में रिकॉर्ड किया गया था। इन 10 सालों में हीटवेव ने महासागरों को प्रभावित किया। साथ ही ग्लेशियरों (Glaciers) को रिकॉर्ड बर्फ का नुकसान हुआ। लाखों लोगों को छोड़ना पड़ा घर     2024 में चक्रवात, बाढ़, सूखा और अन्य आपदाओं ने 2008 के बाद से सबसे अधिक लोगों को विस्थापित किया,     ऐसे में 36 मिलियन लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा था।     सिचुआन भूकंप के बाद चीन में लगभग आधे 15 मिलियन विस्थापित हुए थे।     बाढ़ ने भारत में भी लाखों लोगों को प्रभावित किया।     सऊदी अरब सहित दर्जनों अभूतपूर्व हीटवेव दर्ज किए गए जहां हज यात्रा के दौरान तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया । मौसम वैज्ञानिक ने दी चेतावनी ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के फेनर स्कूल ऑफ एनवायरनमेंट एंड सोसाइटी की प्रोफेसर सारा पर्किन्स-किर्कपैट्रिक ने कहा कि दुनिया एक ऐसे प्वांइट पर पहुंच गई है जहां शुद्ध शून्य उत्सर्जन अब पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, 'हमें अपने अलार्म पर स्नूज बटन दबाना बंद करना होगा, जो कि अब नियमित रूप से होने वाले रिकॉर्ड तोड़ने वाले वैश्विक तापमान हैं। उन्होंने कहा, जलवायु परिवर्तन हो रहा है, यह हमारी वजह से है, और बिना किसी गंभीर कार्रवाई के, यह और भी बदतर होता जाएगा? यह जितना लंबा चलेगा, चीजों को बेहतर बनाना उतना ही मुश्किल होगा।' recent visitors 31

रेलवे वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर वर्जन को भी पटरियों पर उतारने की तैयारी में

नई दिल्ली सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस का डेब्यू हुए 6 साल बीत चुके हैं। 2019 से शुरू हुई रफ्तार की यह कहानी अब 136 सेवाओं तक पहुंच चुकी है। इनमें लगातार इजाफा भी जारी है। अब रेलवे वंदे भारत एक्सप्रेस के स्लीपर वर्जन को भी पटरियों पर उतारने की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही यात्री लंबी दूरी का सफर आराम से तय कर सकेंगे। वंदे भारत ट्रेनें अब कई शताब्दी ट्रेन मार्गों पर उपलब्ध हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की सबसे तेज ट्रेन है और 180 किमी/घंटा तक की गति तक पहुंचने में सक्षम है। अब तक, यह दिल्ली और वाराणसी जैसे छोटे और मध्यम दूरी के प्रमुख शहरों को जोड़ती है। कैसे हुई शुरुआत 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली-कानपुर-इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई थी। 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत इन ट्रेनों को पटरियों पर उतारा गया था। आम ट्रेनों के मुकाबले वंदे भारत एक्सप्रेस रफ्तार से लेकर सुरक्षा स्तर तक कई सुविधाओं से लैस है। क्या हैं विशेषताएं वंदे भारत एक्सप्रेस में एग्जीक्यूटिव क्लास में रिक्लाइनिंग एर्गोनोमिक सीटें, सभी कोच में सीसीटीवी और हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, ऑटोमैटिक दरवाजे, पेंट्री में हॉट केस, वॉटर कूलर, डीप फ्रीजर, हर कोच में आपातकालीन खिड़कियां, अलार्म पुश और टॉक बैक यूनिट्स हैं। ये ट्रेने 160 किमी की रफ्तार से दौड़ सकती हैं। स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस रेल मंत्रालय ने 3 जनवरी को बताया था कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने पिछले तीन दिनों में अपने कई परीक्षणों में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की है। जनवरी के अंत तक यह परीक्षण जारी रहेंगे। उसके बाद देश भर के रेल यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए यह विश्व-स्तरीय यात्रा उपलब्ध कराई जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका एक वीडियो भी एक्स पर पोस्ट किया था। क्या होगा खास इन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को स्वचालित दरवाजे, बेहद आरामदायक बर्थ, ऑन बोर्ड वाई-फाई और विमान जैसी डिज़ाइन जैसी सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया गया है। देश में यात्री पहले से ही मध्यम और छोटी दूरी पर चलने वाली 136 वंदे भारत ट्रेनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। recent visitors 39

बादल यादव ने कोर्ट से स्टे लेने के बाद भूमि पर कब्जा कर शुरू कर दी प्लॉटिंग, मेयर ने खड़े होकर हटवाया कब्जा

गाजियाबाद  गाजियाबाद में विजय नगर क्षेत्र के वार्ड-7 सुदामापुरी डूंडाहेड़ा में करीब 35 करोड़ रुपये की जमीन को निगम ने गुरुवार को कब्जामुक्त करवाया है। ऐसा बताया जा रहा है कि नगर निगम की भूमि पर बादल यादव नामक व्यक्ति ने कोर्ट में केस डालकर अपनी भूमि बताते हुए स्टे ले लिया था और अपना कब्जा कर प्लॉटिंग करनी शुरू कर दी थी। इसमें नगर निगम भी स्टे के खिलाफ कोर्ट गया। कोर्ट ने बुधवार को इस प्रकरण में निगम के पक्ष में फैसला सुनाया। इस क्रम में गुरुवार को मेयर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य मलिक की उपस्थित में यहां जमीन को कब्जा मुक्त करवाने के लिए बुलडोजर चलवाया गया। अवैध कब्जे का ध्वस्तिकरण की कार्यवाही करते हुए 5500 वर्गमीटर भूमि खाली कराई है। इसकी कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये है। निगम की टीम ने सुबह 9:30 बजे से 4 बजे तक कब्जा हटाने की कार्यवाही की गई है। इसमें 10 बुलडोजर 10 डंपर को लगाया गया। भूमि खाली कराने साथ के साथ तारों से फेंसिंग भी की गई है। बादल यादव के खिलाफ FIR की कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर इस दौरान अपर नगर आयुक्त अरुण यादव, सहायक नगर आयुक्त पल्लवी सिंह, सहायक नगर आयुक्त अंगद गुप्ता, मुख्य अभियंता एन के चौधरी, एसीपी कल्पना पांडेय, सिटी जोनल प्रभारी महेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता मिश्रा, कर्नल दीपक शरण, पार्षद पति थान सिंह समेत पुलिस के जवान उपस्थित रहे। खाली जगह पर बनेगा बालिका इंटर कॉलेज मेयर ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में नगर निगम की एक इंच भूमि भी नहीं कब्जाने दी जाएगी। बल्कि गाजियाबाद को भूमाफियाओं मुक्त कराने की कार्यवाही की जाएगी। आज सुदामापुरी में बुलडोजर गरजा है तो जल्द ही नंदग्राम में भी गरजेगा। इसके साथ ही सुदामापुरी की भूमि पर बालिकाओं के लिए 12वीं तक का विद्यालय भी बनाया जाएगा। इसके लिए कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। इसमें नगर आयुक्त ने भी सहमति से साथ अग्रिम कार्यवाही के निर्देश दिए। recent visitors 30