Saturday, July 4, 2026 9:40 pm

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मालनपुर में एलिक्जर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की इकाई का भूमिपूजन किया

ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को ग्वालियर व मालनपुर प्रवास पर पधारे। ग्वालियर, भिण्ड व मुरैना जिले को औद्योगिक इकाईयों की सौगात देने आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राजमाता विजयाराजे सिंधिया विमानतल पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। भोपाल से पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला भी मुख्यमंत्री के साथ आए थे। मालनपुर व ग्वालियर में कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपरान्ह लगभग 5 बजे विमानतल पहुँचकर वायुमार्ग द्वारा भोपाल के लिये प्रस्थान किया। विमानतल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्वागत के लिये भाजपा जिला अध्यक्ष शहर श्री जयप्रकाश राजौरिया व ग्रामीण श्री प्रेम सिंह राजपूत, नगर निगम सभापति श्री मनोज तोमर, पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह यादव तथा सर्वश्री कमल माखीजानी, दीपक शर्मा व विनोद शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण पहुँचे थे। इस अवसर पर संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविंद सक्सेना, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री अमित सांघी, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह एवं नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मालनपुर में एलिक्जर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की इकाई का भूमिपूजन किया। साथ ही ग्वालियर रेडीमेड गारमेंट पार्क की 7 एवं मुरैना जिले के औद्योगिक क्षेत्र पिपरसेवा की 11 इकाईयों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इसके बाद ग्वालियर में विधायक श्री प्रीतम लोधी व पार्षद श्री अनिल सांखला के निवास पर पहुँचकर शोक संवेदनायें व्यक्त की। recent visitors 26

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधायक प्रीतम लोधी एवं पार्षद श्री सांखला के निवास पर पहुँचकर व्यक्त की शोक संवेदनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर के ग्राम जलालपुर पहुँचकर पिछोर विधायक श्री प्रीतम लोधी के छोटे भाई वीरन सिंह के निधन पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने स्व. वीरन सिंह चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादवदौलतगंज में वरिष्ठ पार्षद श्री अनिल सांखला के निवास परभी पहुँचे। उन्होंनेश्री सांखला के बड़े भाई श्रीसुभाष सांखला के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त कर श्रृद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलादसिंह पटेल, नगर निगम सभापति श्री मनोज तोमर, श्री जयप्रकाश राजौरिया और श्री प्रेम सिंह राजपूत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी श्रृद्धांजलिदी।   recent visitors 35

बीच सड़क में अनियंत्रित होकर पलटी बोलेरो, 2 लोगों की मौत, 5 गंभीर घायल

हाथरस हाथरस जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां, तेज रफ्तार बोलेरो बीच सड़क में अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई। जबकि पांच लोग घायल हो गए। जिन्हें आनन फानन में अस्पताल रेफर किया गया है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है। बोलेरो पलटने से दो लोगों की मौत यह पूरा मामला जिले के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र का है। असदपुर के पास तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित हो गई। ड्राइवर कुछ कर पाता उससे पहले ही गाड़ी पलट गई। हादसा इतना खतरनाक था कि बोलेरो में सवार दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं पांच लोग घायल हो गए। मौकै पर चीख पुकार मच गई। रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों ने घटना के संबंध में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर हम मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य शुरू किया। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं 5 घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल रेफर किया। जिनमें से 2 बच्चों की हालत गंभीर है। recent visitors 42

तिरुपति मंदिर में केवल हिंदुओं को ही काम पर रखा जाना चाहिए, दूसरों को हटाओ: मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू

तिरुपति आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि तिरुमाला-तिरुपति देवस्थानम (TTD) यानी मशहूर तिरुपति मंदिर में केवल हिंदुओं को ही काम पर रखा जाना चाहिए। शुक्रवार को मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नायडू ने कहा कि अगर दूसरे समुदाय के लोग मौजूदा समय में वहां काम कर रहे हैं, तो उनकी भावनाओं का अनादर किए बिना उन्हें दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जाएगा। नायडू ने कहा, "तिरुमाला मंदिर में केवल हिंदुओं को ही काम पर रखा जाना चाहिए। अगर दूसरे धर्म के लोग वर्तमान में काम कर रहे हैं, तो उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना उन्हें दूसरी जगहों पर बसाया जाएगा।" मुख्यमंत्री नायडू ने इसके साथ ही अपनी उस भव्य योजना भी लोगों से साझा की, जिसके तहत देशभर के सभी राज्यों की राजधानियों में वेंकटेश्वर स्वामी का मंदिर बनाने की योजना है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में भगवान वेंकटेश्वर की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए पवित्र धागा बांधा गया है। उन्होंने कहा कि कई भक्त विदेशों में भी ऐसे मंदिर स्थापित किए जाने की इच्छा रखते हैं। मुमताज होटल की डील रद्द मंदिर के चारों तरफ यानी तिरुमाला की पहाड़ियों पर किसी भी तरह की कॉमर्शियल एक्टिविटीज की चर्चा करते हुए नायडू ने कहा कि पिछली सरकार ने मंदिर के निकट ही 35.32 एकड़ भूमि पर मुमताज होटल की स्थापना की मंजूरी दी थी जिसे उनकी सरकार ने रद्द कर दिया है। नायडू ने कहा कि तिरुमाला की सात पहाड़ियों के निकट किसी तरह की व्यवसायिक गतिविधि नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में किसी भी प्राइवेट पार्टी को व्यवसाय चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खान-पान सेवा के लिए जिन्हें भी व्यवसाय की मंजूरी मिली हुई है, वे केवल शाकाहारी व्यंजन ही परोसेंगे। परिवार संग पहुंचे थे CM चंद्रबाबू नायडू ने अपने बेटे नारा लोकेश और परिवार के सदस्यों के साथ शुक्रवार को तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे। इससे पहले पारंपरिक परिधान पहने मुख्यमंत्री भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए वैकुंठम कतार परिसर से मंदिर में प्रवेश किया। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष बी आर नायडू ने मंदिर के प्रवेश द्वार पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। पोते के जन्मदिन पर एक दिन का प्रसाद वितरण खर्च उठाया यह दौरा मुख्यमंत्री के पोते देवांश के जन्मदिन समारोह पर हुआ था। इस अवसर पर चंद्रबाबू और उनका परिवार वेंगमम्बा अन्नदान वितरण केंद्र में अन्न प्रसादम के वितरण में भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने उदारता दिखाते हुए अपने पोते के जन्मदिन पर एक दिन के प्रसाद वितरण का खर्च टीटीडी अन्नदान ट्रस्ट को दान कर दिया। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भगवान वेंकटेश्वर के प्रति अपनी आस्था जताते हुए नायडू ने कहा कि भगवान की कृपा के कारण ही वे कई लक्षित हमलों से बच पाए हैं। उन्होंने कहा, "मुझे 24 क्लेमोर माइंस से निशाना बनाया गया था। ऐसे हमले से बचना असंभव था, लेकिन मैं पूरी तरह से भगवान वेंकटेश्वर की दिव्य कृपा के कारण बच गया। मैं इतने बड़े विस्फोट से बच गया, यह तथ्य भगवान की अपार शक्ति को साबित करता है।" recent visitors 32

छात्र धोखाधड़ी का हुआ शिकार, जिसके चलते हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूदा छात्र, मौत, लिखा सुसाइड नोट

गुना/राघौगढ़ जिले के राघौगढ़ थाना क्षेत्र स्थित जेपी यूनिवर्सिटी के छात्र ने शुक्रवार तड़के हास्टल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्र ऑनलाइन लेनदेन में धोखाधड़ी का शिकार हुआ था, जिसके चलते कदम उठाया। छात्र के लैपटॉप से मिले सुसाइड नोट में भी दोस्त से उधार लिए पैसे न लौटा पाने का जिक्र है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार ओरैया उत्तरप्रदेश का रहने वाला वैभव पुत्र मनोज वर्मा मध्यप्रदेश के गुना जिला स्थित जेपी यूनिवर्सिटी आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नाेलाजी राघौगढ़ से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। वह बी-टेक (कंप्यूटर साइंस) द्वितीय वर्ष का छात्र था। परिजनों को सौंप दिया शव गुरुवार सुबह करीब पांच बजे उसने छात्रावास की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इसकी सूचना मिलते ही कैंपस में हड़कंप मच गया। प्रबंधन ने तत्काल छात्र को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। साथ ही मृतक छात्र के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतक छात्र के खाते में मिला 25 हजार का लेनदेन इधर, पुलिस को छात्र का मोबाइल और लैपटॉप में सुसाइड नोट मिला है। जांच के दौरान मृतक वैभव के अकाउंट में 25 हजार रुपये का लेनदेन भी मिला है, तो सुसाइड नोट में धोखाधड़ी का जिक्र भी किया है। अब पुलिस पता लगा रही है कि आखिर रुपये किसे भेजे गए हैं। इस तरह पुलिस ने हर एंगल से जांच शुरू कर दी है। मृतक छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा ‘पहले ये ऊपर ही पढ़ना। नीचे तब पढ़ना, जब मुझे दो कॉल कर लो और मैं काल न उठाऊं। तब तक शायद में जा चुका होउंगा। अनुज मेरे दोस्त तेरे साथ बहुत अच्छा समय निकला। जितना भी समय था, बहुत अच्छे से गुजारा है। हालांकि, ये समय कुछ और ज्यादा होना था। मैं बहुत गिल्ट में हूं। मेरे साथ 20 हजार रुपये का फ्राड हुआ है। मैंने दोस्त से 15 हजार रुपये उधार लिए और वापस नहीं कर पा रहा हूं। इसका मुझे बहुत दुख है। भाई, बहन, मम्मी, पापा, दोस्तों सारी। भैया आपने भी मेरा बहुत अच्छा सपोर्ट किया। मम्मी-पापा आपने मुझे बहुत अच्छी लाइफ दी पर इस बात का दुख रहेगा कि आपका इच्छाएं पूरी नहीं कर पाया। मुझे माफ कर देना।’ सुसाइड नोट वैभव ने उप्र में अपने नजदीकी दोस्त को भेजा था।   मां का रो-रोकर बुरा हाल मृतक छात्र वैभव के पिता मनोज वर्मा ओरैया में सरकारी शिक्षक और मां गृहणी हैं। जैसे ही उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली, तो वे यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिन्हें पिता व अन्य बमुश्किल संभाल पा रहे थे। रोते हुए मां बोल रही थीं कि बीती रात को बेटे से वीडियो कॉल पर बात हुई थी, जो मंगलवार को होली की छुट्टी मनाकर वापस यूनिवर्सिटी लौटा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बेटा सीधा था, जिसकी कभी किसी से लड़ाई भी नहीं हुई। उसे किसी ने मार दिया है। रात दो बजे तक साथ पढ़े थे छात्रावास में कमरे में साथ रहने वाले छात्र ने बताया कि रात दो बजे तक हमने मिलकर पढ़ाई की थी। इसके बाद सोने चले गए थे, तब तो वैभव हंसते हुए बात कर रहा था। उसके चेहरे पर भी कोई सिकन नहीं थी। पढ़ने में भी अच्छा था, लेकिन यह कदम कैसे उठाया, समझ से परे है। recent visitors 20

धर्म विशेष के खिलाफ इंटरनेट मीडिया में आपत्ति जनक टिप्पणी कर शहर की कानून व्यवस्था बिगाड़ने के मामले में नया आय मोड़

बुरहानपुर धर्म विशेष के खिलाफ इंटरनेट मीडिया में आपत्ति जनक टिप्पणी कर शहर की कानून व्यवस्था बिगाड़ने के मामले में नया मोड़ आ गया है। यह काम पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए नाबालिग ने नहीं, बल्कि शहर का ही यश शाह था। उसने इंस्टाग्राम पर नाबालिग की फर्जी आईडी बनाई थी। वह इसके बाद हैदराबाद स्थित अपनी बहन के घर चला गया था। वहां से उसने 18 मार्च की रात अब्दुल ओवैश की आईडी पर फर्जी आईडी से चैटिंग कर आपत्ति जनक पोस्ट डाली थी। नाबालिग से बदलना लेने के लिए की वारदात एसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि आरोपित को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व यश का नाबालिग से झगड़ा हुआ था, जिसके चलते वह रंजिश रखे हुए था। बदला लेने की नीयत से उसने यह काम किया था। उल्लेखनीय है कि घटना की रात सवा दस बजे के आसपास सैकड़ों की संख्या में धर्म विशेष के लोग कोतवाली थाने पहुंच गए थे। जिससे शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ कर किसी तरह मामले को शांत कराया था। मारपीट करने वाले चार लोगों पर केस दर्ज इस घटना के बाद नाबलिग के घर बाई साहब की हवेली क्षेत्र पहुंचे लोगों ने उसके साथ मारपीट की थी, जिसके चलते पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। 200 अन्य लोगों को भी मामले में सह आरोपी बनाया है। एसपी देवेंद्र पाटीदार ने कहा है कि कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। इंटरनेट मीडिया पर आपत्ति जनक पोस्ट करने पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।   recent visitors 22

हजारों लोग हाथों में बैनर और झंडे लिए नेतन्याहू सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे, सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

इजरायल इजरायल की सड़कों पर जबरदस्त उबाल देखने को मिल रहा है। हजारों लोग हाथों में बैनर और झंडे लिए नेतन्याहू सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इनका साफ कहना है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार लोकतंत्र पर हमला कर रही है और गाजा में युद्ध को राजनीतिक फायदे के लिए खींच रही है। बुधवार को जेरूसलम में नेतन्याहू के आधिकारिक आवास के बाहर और तेल अवीव की मुख्य सड़कों पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ उमड़ी। हाथों में इजरायली झंडे और गाजा में बंधकों की रिहाई के लिए तख्तियां लिए लोग सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस प्रदर्शन के चलते इजरायल की कई अहम सड़कों को बंद करना पड़ा। पुलिस ने कम से कम 12 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। नेतन्याहू पर क्यों भड़के लोग? इस प्रदर्शन की शुरुआत इजरायल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेत के प्रमुख रोनन बार को हटाने की नेतन्याहू की कोशिशों के खिलाफ हुई थी, लेकिन इसके बाद गाजा में जारी बमबारी और युद्धविराम को तोड़ने की वजह से प्रदर्शन और तेज हो गया। गाजा पर हाल ही में हुए इजरायली हमलों में करीब 600 लोगों की मौत हुई है, जिससे देश के भीतर नेतन्याहू के खिलाफ गुस्सा और बढ़ गया। विदेशी ताकतों द्वारा युद्धविराम बनाए रखने की अपील को अनसुना करते हुए इजरायल ने गाजा में हवाई और जमीनी हमले तेज कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार युद्ध को राजनीतिक हथियार बना रही है और गाजा में अब भी बंधक बने 59 लोगों की रिहाई को लेकर गंभीर नहीं है। माना जा रहा है कि इन बंधकों में 24 अब भी जिंदा हैं। नेतन्याहू का असली मकसद सत्ता बचाना? 'ब्रदर्स इन आर्म्स' आंदोलन के प्रमुख इतान हर्जेल ने कहा, "सरकार अपनी नाकामी से लोगों का ध्यान हटाने के लिए जानबूझकर युद्ध को बढ़ा रही है। नेतन्याहू और उनकी सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है और अब वे सत्ता में बने रहने के लिए देश को संकट में धकेल रहे हैं।" प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। सड़कों पर गूंज रहे नारों में कहा जा रहा था, "इजरायल तुर्की नहीं, इजरायल ईरान नहीं।" प्रदर्शनकारी यह संकेत दे रहे थे कि नेतन्याहू देश को अधिनायकवादी शासन की ओर धकेल रहे हैं। सुरक्षा एजेंसी शिन बेत इस वक्त नेतन्याहू के करीबी सहयोगियों की जांच कर रही है। इस मामले को 'कतरगेट' कहा जा रहा है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेतन्याहू खुद भ्रष्टाचार के कई मामलों में फंसे हुए हैं और उन पर लगे आरोप साबित होने पर उन्हें जेल भी हो सकती है। recent visitors 31