Saturday, July 4, 2026 10:47 pm

विधानसभा के बजट सत्र में गूंजा नए विधायकों के जमीन आवंटन का मुद्दा, राजस्व मंत्री बोले- नवा रायपुर में नकटी गांव में जमीन देने का चल रहा विचार

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के सत्रहवें और अंतिम दिन प्रश्नकाल में नए विधायकों को राजधानी में जमीन आवंटन का मामला विधायक धर्मजीत सिंह और राजेश मूणत ने उठाया. राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि अभी जमीन चिन्हांकन की कार्रवाई हो रही है. नवा रायपुर में नकटी गांव में जमीन देने का विचार चल रहा है. आवंटन के लिए अभी अंतिम निर्णय बाकी है. विधायक धर्मजीत सिंह ने विषय उठाते हुए कहा कि नए विधायकों को राजधानी में रहने की व्यवस्था नहीं है. मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मामला संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप और अध्यक्ष डॉ रमन सिंह की जानकारी में है. हम जल्द ही इस मामले में कार्रवाई करेंगे. विधायक उमेश पटेल ने रायगढ़ जिले के एनएच 200 में भू-अर्जन और मुआवजे की स्थिति का मामला उठाया? उन्होंने कहा कि पिछले बार जवाब में 820.783 हेक्टेयर आया था. एक जैसा प्रश्न, मंत्री भी एक. लेकिन उत्तर 3 बार गलत तो आखिरकार कौन से उत्तर को सही माने? राजस्व मंत्री टकराम वर्मा ने बताया कि रायगढ़ जिले के निजी भूमि कुल रकबा कुल मिलाकर 141.23 हेक्टेयर निजी भूमि अर्जित की गई है. विधायक ने कहा कि इसके पहले 141.5, उसके ठीक बार फिर अलग जवाब, उत्तर सही कौन सा है? 820 और 143 जमीन=असमान का अंतर है? इस पर मंत्री ने कहा कि दोनों ही जानकारियों में अन्तर क्यों आया, इसको मैं चेक करता हूं. इस पर विधायक ने कहा कि यह लगातार हो रहा है. विधानसभा को लगातार अलग-अलग उत्तर देने पर अधिकारियों पर कार्यवाही करिए? इस पर अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि अगर आप जवाब से असंतुष्ट है तो आप उसकी प्रक्रिया कर लें. हम आगे बढ़ जाएंगे. इस पर नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि जो अन्तर आ रहा है वह बड़ा अंतर है. सीधे 820 का अंतर है. अध्यक्ष ने कहा कि आप लिख कर दे दें, हम निराकरण करेंगे. विधायक ने कहा कि NH 200 का सर्वे किसी और डायरेक्शन में था. नए सर्वे में डायरेक्शन बदल दिया गया, लेकिन पुराने सर्वे का अप्रतिबंध कब तक हटाएंगे? मंत्री ने बताया कि निर्माण शुरू होने से पहले प्रतिबंधित किया गया था. अभी नए निर्माण के भूमि अर्जित न करना पड़े, इसलिए उसे प्रतिबंधित किया गया है? विधायक ने इस पर सवाल किया कि इसे कब तक रिलीज कर दिया जाएगा? मंत्री ने कहा कि मेरी जानकारी में कई बात नहीं हैं. उसे मैं दिखवा लेता हूं. विधायक उमेश पटेल ने कहा कि कई ऐसी जमीन हैं, जिन्हें मुआवजा नहीं मिला है. जमीन प्रभावित ही नहीं हुआ है, लेकिन 2 करोड़ का मुआवजा बना हुआ है. ये अगर गलती हुई है तो क्या रिकवरी के लिए अधिकारी पर कार्यवाही करेंगे? इस पर मंत्री ने कहा कि इस सड़क के निर्माण के संबंध में यह 2005 का है, जिसकी जानकारी दी गई है, इसकी मैं जांच करवाऊंगा. विधायक ने कहा कि अधिकारियों से साठ-गांठ करके 2 करोड़ का मुआवजा दिया गया है. अधिकारी पर कार्यवाही की गई क्या? मंत्री ने बताया कि इसकी शिकायत दर्ज करेंगे. recent visitors 29

रामलला के सामने सिंहासन भी छोटा, राम मंदिर के लिए अगर सत्ता भी गंवानी पड़े तो कोई दिक्कत नहीं- सीएम योगी

अयोध्‍या रामनगरी अयोध्‍या पहुंचे मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने कहा कि उनकी तीन पीढ़ियां श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए पूरी तरह से समर्पित थीं। सीएम ने कहा कि अगर राम मंदिर के लिए उन्हें सत्ता भी खोनी पड़ी तो कोई समस्या नहीं होगी। सरकारी तंत्र नौकरशाही की गिरफ्त में है और उस नौकरशाही में एक बड़ा वर्ग था जो कहता था कि सीएम के तौर पर अयोध्या जाने से विवाद पैदा होगा। मैंने कहा कि अगर विवाद होना है तो होने दो। लेकिन हमें अयोध्या के बारे में सोचने की जरूरत है। फिर, एक और वर्ग था जिसने कहा कि अगर मैं वहां गया, तो राम मंदिर के बारे में बात होगी। मैंने पूछा कि क्या मैं यहां सत्ता के लिए आया हूं। उत्तर प्रदेश के सीएम ने आगे दीपोत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि आज अयोध्या में यह एक महोत्सव बन गया है। सीएम ने कहा, ‘मैंने अवनीश अवस्थी से कहा कि चुपचाप वहां जाएं और देखें कि वहां दीपोत्सव कैसे आयोजित किया जा सकता है। वह अयोध्या आए, एक सर्वे किया और कहा कि दीपोत्सव वास्तव में आयोजित किया जाना चाहिए। अब, दिवाली से पहले दीपोत्सव एक महोत्सव की तरह हो गया है। अयोध्या का दीपोत्सव अयोध्या का एक महोत्सव , एक समाज, एक उत्सव बन गया है। बड़ी संख्या में लोग दीपोत्सव में भाग लेने के लिए यहां आते हैं। इतना ही नहीं राज सदन में कल्चरल प्रोग्राम के उद्घाटन के बाद मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर को लेकर एक बड़ा बयान भी दे दिया. उन्होंने कहा कि हमारी तीन पीढ़ियों ने श्रीराम जन्मभूमि के लिए संघर्ष किया. हम सत्ता के लिए नहीं आए हैं. अगर राम मंदिर के लिए सत्ता गंवानी भी पड़ी तो कोई समस्या नहीं है. सीएम योगी ने कहा कि दीपोत्सव शुरू किया तो अनेक थी चुनौती. ऐसी धारणा थी कि मुख्यमंत्री के रूप में अयोध्या जाने से विवाद खड़ा होता है. एक वर्ग ऐसा था जिसने कहा कि आप जाएंगे तो राम मंदिर की बात होगी. हमने कहा सत्ता के लिए कौन आया था. अगर राम मंदिर के लिए सत्ता भी गंवानी पड़ी तो नहीं होनी चाहिए . योगी ने पीएम मोदी को दिया धन्यवाद सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि विरासत और विकास के प्रधानमंत्री के पीएम के दृष्टिकोण ने श्रद्धालुओं के लिए श्री राम मंदिर के दर्शन करना संभव बनाया है। यूपी सीएम ने कहा, ‘आज लाखों श्रद्धालु अयोध्या आते हैं , पहले लोग यहां आना चाहते थे लेकिन नेतृत्व की कमी के कारण लोग नहीं आते थे। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं जिन्होंने विरासत और विकास को एक साथ जोड़ दिया।’ यूपी सनातन भूमि का आधार- सीएम योगी उत्तर प्रदेश के सीएम ने कहा कि अयोध्या भारत की सनातन भूमि का आधार है। सीएम ने कहा, ‘लंबे समय से यह सनातन धर्म की प्रेरणा रही है। अयोध्या संस्कृति की सबसे पहली भूमि है। इसी अयोध्या में भगवान विष्णु के अवतार भगवान राम का जन्म हुआ था। भगवान राम की भूमि पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम अद्भुत है। सीएम योगी ने कहा कि यह ‘नए भारत’ का ‘नया उत्तर प्रदेश’ है, यहां नीति बनाकर बिना भेदभाव के समाज के हर एक तबके के लिए आर्थिक स्वावलंबन के काम किए जा रहे हैं। एक नारे ने बदल दिया देश का सियासी मिजाज। recent visitors 40

महिला कर्मचारी के बालों को देख सख्श ने गाया ‘ये रेश्मी जुल्फें’ गाना, हुआ विवाद, अब कोर्ट ने सुना दिया बड़ा फैसला

मुंबई ऑफिस के एक ट्रेनिंग सेशन में महिला कर्मचारी के लंबे बालों को देखकर 'ये रेश्मी जुल्फें' गाने को गाना एक पुरुष कर्मचारी पर भारी पड़ गया। उसके खिलाफ ऐक्शन लिया गया, जिसके बाद अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहत देते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने कहा कि महिला कर्मचारी से यह कहना कि तुम अपने बालों को संभालने के लिए जेसीबी का इस्तेमाल कर रही होगी और उसके बालों से संबंधित गाना गाना 'ये रेश्मी जुल्फें' वर्कप्लेस पर उसका (महिला कर्मचारी) यौन उत्पीड़न नहीं है। दरअसल, यह पूरा मामला एक प्राइवेट बैंक के एक पुरुष और महिला कर्मचारी से जुड़ा हुआ है। इसमें कर्मचारी विंदो कचावे ने एक मीटिंग में अपनी सहकर्मी पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद पॉश कानून के तहत उस पर कार्रवाई हुई। कचावे ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। फैसला सुनाते हुए जस्टिस संदीप मार्ने की सिंगल बेंच ने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि याचिकाकर्ता विंदो कचावे का यह आचरण यौन उत्पीड़न के तहत आता है। अदालती मामलों को कवर करने वाली वेबसाइट 'लाइव लॉ' के अनुसार, जज ने अपने ऑर्डर में कहा है कि जहां तक ​​पहली घटना का सवाल है, यह याचिकाकर्ता द्वारा शिकायतकर्ता के बालों की लंबाई के संबंध में टिप्पणी करने और उसके बालों से संबंधित एक गीत गाने से संबंधित है। याचिकाकर्ता द्वारा शिकायतकर्ता के प्रति कथित तौर पर की गई टिप्पणी को देखते हुए यह विश्वास करना मुश्किल है कि यह टिप्पणी शिकायतकर्ता को किसी भी तरह का यौन उत्पीड़न करने के इरादे से की गई थी। टिप्पणी किए जाने के समय उसने खुद कभी भी टिप्पणी को यौन उत्पीड़न नहीं माना।" याचिकाकर्ता की ओर से वकील सना रईस खान ने कोर्ट में उसका पक्ष रखा। यह पूरा मामला 11 जून 2022 का है, जब दफ्तर के एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान पुरुष कर्मचारी ने यह नोटिस किया कि महिला अपने बालों को बार-बार एडजस्ट कर रही है और लंबे बालों की वजह से असहज दिख रही थी। इस पर उसने हल्के अंदाज में महिला से कहा कि अपने बालों को मैनेज करने के लिए तुम जेसीबी का इस्तेमाल करती होगी। इसके बाद उसे कंफर्टेबल करने के लिए वह ये रेश्मी जुल्फें गाना गाने लगा। सुनवाई के दौरान वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता का ऑब्जेक्टिव इस कमेंट के पीछे सिर्फ इतना ही था कि अगर महिला अपने बालों से असहज है तो वह उसे बांध ले, क्योंकि इससे न सिर्फ याचिकाकर्ता, बल्कि वहां मौजूद अन्य लोगों का भी ध्यान भटका रही थी। यहां तक कि याचिकाकर्ता ने ट्रेनिंग सेशन से पहले ही सबको कह दिया था कि वह माहौल को हल्का रखने के लिए बीच-बीच में चुटकुले भी सुनाता रहेगा। जज ने अपने फैसले में कहा है कि यदि आरोपों को सही भी मान लिया जाए तो भी यह मानना मुश्किल है कि याचिकाकर्ता ने यह कमेंट करके सेक्सुअल हैरेसमेंट किया है। recent visitors 39

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध झुग्गियों को हटाने पहुंचने तो अचानक BJP विधायक पहुंचे और रुक गया ऐक्शन

नई दिल्ली दिल्ली के यमुना खादर क्षेत्र में शुक्रवार को अवैध झुग्गियों को हटाने के लिए डीडीए अधिकारी बुलडोजर लेकर पहुंच गए। जिसके बाद वहां हंगामा हुआ। इसी बीच पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रविन्द्र सिंह नेगी कार्रवाई को रोकने के लिए वहां पहुंचे। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध झुग्गियों को हटाने के लिए अधिकारी बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे थे। हालांकि विधायक के हस्तक्षेप से ऐक्शन को फिलहाल के लिए रोक दिया गया है। पटपड़गंज विधानसभा से भाजपा विधायक रविंद्र सिंह नेगी ने कहा, ‘यह हाईकोर्ट का आदेश था और पिछले कई सालों से यह योजना चल रही थी। हम उच्च न्यायालय का सम्मान करते हैं लेकिन हमने कोर्ट से कहा है कि यमुना नदी के किनारे कई लोग कई सालों से रह रहे हैं और उनकी रोजी-रोटी और कमाई यहां की खेती पर ही निर्भर है। हमने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अनुरोध किया है कि हमें कुछ समय दिया जाए ताकि यहां के लोग अपनी फसल काट सकें। ये लोग बहुत परेशान हैं।’ भाजपा विधायक ने कहा, 'हाईकोर्ट का आदेश है कि यमुना किनारे जो ग्रीन बेल्ट है उससे अतिक्रमण हटाया जाए। पिछले कई सालों से यह प्लानिंग चल रही है। हम हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। अभी यहां खेती उगी हुई है, अगर इसे हटा दिया जाएगा तो ये खाएंगे क्या। हमने एलजी सक्सेना और सीएम रेखा गुप्ता से अनुरोध किया है कि इन्हें कुछ दिनों की मोहलत दी जाए ताकि ये फसल काट सकें। ये लोग बहुत परेशान हैं। हम न्यायालय का सम्मान करते हैं। ये लोग भी यहां फंसे हुए हैं, मैं विनती करूंगा की इन्हें कुछ दिनों की मोहलत दी जाए।' recent visitors 30

क्लीनिकल मामले की निगरानी की जरूरत है और यह गंभीर मामला है: सुप्रीम कोर्ट

इंदौर स्वास्थ्य अधिकार मंच द्वारा वर्ष 2012 में मध्य प्रदेश और देश भर में अनैतिक क्लीनिकल परीक्षणों के विभिन्न मुद्दों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका स्वास्थ्य अधिकार मंच, बनाम भारत संघ व अन्य पर आज दिनांक 21-03-25 को न्यायमूर्ति पामीदीघंटम श्री नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जयमालया बागची द्वारा सुनवाई की गई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संजय पारीख ने उल्लेख किया कि अधिनियमों और नियमों के बावजूद, भोपाल गैस पीड़ितों पर अनैतिक क्लीनिकल परीक्षण, एचपीवी वैक्सीन परीक्षण और इंदौर, जयपुर और देश के अन्य हिस्सों में हुए अनैतिक परीक्षणों से संबंधित कई मुद्दे अभी भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। श्री पारीख ने यह भी उल्लेख किया कि हजारों क्लीनिकल परीक्षण विषयों की मृत्यु और शारीरिक दुष्परिणाम हो गई है और उनको मुआवजा नहीं मिला है । श्री पारीख ने बताया कि क्लिनिकल ट्रायल्स रूल २०१९  के लागू होने के बावजूद अभी तक क्लीनिकल ट्रायल के विषयों की भर्ती की कोई प्रक्रिया नहीं है, प्रायोजकों और जांचकर्ताओं की कोई जवाबदेही नहीं है, उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का कोई प्रावधान नहीं है और मृत्यु और शारीरिक दुष्परिणाम होने पर अधिकांश लोगों को कोई  कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। स्वास्थ्य अधिकार मंच के अमूल्य निधि ने कहा कि इंदौर, जयपुर में अनैतिक क्लीनिकल ट्रायल में शामिल जांचकर्ताओं और एचपीवी वैक्सीन मामले शामिल स्पॉन्सर और इन्वेस्टिगेटर पर  अभी तक कार्रवाई पूरी  नहीं की गई है। ज्ञात हो कि वर्ष 2005 से 2020 तक 6500 लोगों की मौतें क्लिनिकल ट्रायल के दौरान हुई है और सरकार ने मात्र 217 मृतकों को ही मुआवजा दिया गया है, इसी प्रकार गंभीर शारीरिक दुष्परिणाम के 27890 मामले सामने आए है और इनमे से किसी को भी मुआवजे का कोई रेकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और निगरानी  का मुद्दा है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता स्वास्थ्य अधिकार मंच द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर विस्तृत जवाब चार सप्ताह के भीतर दाखिल किया जाए। इसी तरह, भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के अनुसार, 2004-2008 में भोपाल गैस पीड़ितों पर क्लीनिकल परीक्षण किए गए थे। उनके अनुसार, 23 मौतें और 22 SAE हुए। आर्थिक अपराध शाखा ने इंदौर के अस्पताल में 6 डॉक्टरों द्वारा 3307 लोगों पर किए गए 76 क्लीनिकल ट्रायल के संबंध में जांच की थी, जिनमें से 1833 बच्चे थे। इनमें से 81 को गंभीर दुष्प्रभाव हुए और उनकी मौत हो गई। आर्थिक अपराध शाखा की रिपोर्ट से पता चलता है कि दोषी डॉक्टरों को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया और विदेश यात्राएं प्रायोजित की गईं। हालांकि, प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया और न ही दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई पूरी  की गई। क्लीनिकल ट्रायल के लिए प्राप्त राशि में से महात्मा गांधी स्मृति महाविद्यालय के पत्र दिनांक 3.10.08 के अनुसार 10% राशि चिकित्सा शिक्षा विभाग में जमा की जानी थी, जो अभी विचाराधीन है और जमा नहीं की गई है। रिपोर्ट में स्वयं के लिए धन स्वीकार करने और प्रायोजित विदेश यात्राएं करने वाले प्रमुख अन्वेषक के खिलाफ चिकित्सा आचार संहिता विनियमन, 2002 और संशोधित अधिसूचना के तहत कार्रवाई करने की भी सिफारिश की गई है। आंध्र प्रदेश और गुजरात में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस का ट्रायल बिना सहमति के किया गया और उसपर सरकारी समिति ने जांच की थी और यह पाया था कि  आंध्र प्रदेश में 1,948 बच्चों के मामले में सहमति फॉर्म पर माता-पिता के अंगूठे के निशान थे, और 2,763 बच्चों के मामले में सहमति फॉर्म पर छात्रावास वार्डन के हस्ताक्षर थे। गुजरात के मामले में 6,217 फॉर्म पर हस्ताक्षर किए गए थे, 3,944 पर अंगूठे के निशान थे, और 545 पर अभिभावकों के हस्ताक्षर थे या उनके अंगूठे के निशान थे। इन फॉर्म पर गवाहों के हस्ताक्षरों के संबंध में और भी विसंगतियां पाई गईं। इसके बावजूद अब तक पूरी करवाई नहीं हुई और न ही जिनकी मृत्यु हुई और शारीरिक दुष्परिणाम हुए उन्हें मुआवजा मिला। recent visitors 32

सौरभ भारद्वाज बनाए गए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, सिसोदिया को पंजाब का प्रभार, आप पार्टी में हुए बड़े बदलाव

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़े स्तर पर फेरबदल किया है। शुक्रवार को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के घर हुई ‘आप’ की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) में इस पर फैसला लिया गया है। नए फेरबदल के तहत ‘आप’ ने सौरभ भारद्वाज को दिल्ली का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं पार्टी के दूसरे बड़े नेता मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। गोपाल राय और पंकज गुप्ता को गुजरात और गोवा का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली ‘आप’ अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद सौरभ भारद्वाज ने कहा मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम पार्टी को और मजबूत करेंगे। मेरा मानना ये है कि हारने के बाद संगठन निर्माण करना सबसे आसान भी होता है, क्योंकि जीतने के समय तो कई लोग आपके साथ आ जाते हैं। मगर जो पार्टी की हार के समय भी आपके साथ रहता है वो खरा सोना होता है। 24 कैरेट गोल्ड होता है, इससे आपको पीतल और सोने में फर्क करने में दिक्कत नहीं होती।सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता पार्टी संगठन का विस्तार करना होगी। चुनाव आते-जाते रहेंगे। ‘आप’ सांसद संदीप पाठक ने कहा, "आज पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में कई फैसले लिए गए। गोपाल राय को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। पंकज गुप्ता को गोवा का प्रभारी बनाया गया है। मनीष सिसोदिया को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है और मुझे छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। सौरभ भारद्वाज को पार्टी की दिल्ली इकाई का प्रमुख और मेहराज मलिक को पार्टी की जम्मू-कश्मीर इकाई का प्रमुख नियुक्त किया गया है। ‘आप’ के वर्तमान दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राय ने गुजरात के प्रभारी के रूप में अपनी नियुक्ति पर कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी और पार्टी उन राज्यों में काम करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां चुनाव होने वाले हैं और मजबूती से चुनाव लड़ेगी। वहीं, पंजाब के प्रभारी बनाए गए मनीष सिसोदिया ने कहा कि राज्य में हमारी सरकार बनने के बाद पंजाब में काफी विकास हुआ है। ‘आप’ सरकार पंजाब के लोगों के कल्याण के लिए काम करना जारी रखेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि ‘आप’ का हर समर्पित कार्यकर्ता पार्टी का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करे। पंजाब के लोग अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान का बहुत सम्मान करते हैं। recent visitors 45

सुरक्षा बलों के सफल नक्सल ऑपरेशन से तेलंगाना की बजाए अब सीधे बीजापुर से जा सकते हैं पामेड़: : उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर  प्रदेश में सुरक्षा बलों के सफल नक्सल ऑपरेशन का असर नजर आने लगा है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि तेलंगाना से पामेड़ जाने वाले अब सीधे बीजापुर से पामेड़ जा सकते हैं. यही नहीं 25 वर्षों से बंद गारपा का साप्ताहिक बाजार शुरू हुआ है. कोंडापल्ली में भी सेवाएं शुरू हुई हैं. 570 मोबाइल टावर लगाए गए हैं. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा में बताया कि गंगालूर में 26 और कांकेर-नारायणपुर एरिया में 4 नक्सली मारे गए हैं. इस तरह से कुल 30 नक्सली मारे गए हैं. सुरक्षा बल के जवानों को बहुत बड़ी सफलता मिली है. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नई सरेंडर नीति का अनुमोदन मंत्रिमंडल से हुआ है. सामूहिक तौर पर सरेंडर करते हैं तो इनाम की राशि डबल होगी. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि शहीद परिवार की समस्याओं पर आईजी रेंज पर सुनवाई होगी. शहीदों की मूर्ति लगाने के लिए वीर बलिदानी योजना शुरू की गई है. इसके लिए 10 करोड़ राशि स्वीकृत की गई है. पंचायत विभाग एलवद पंचायत अभियान के तहत ग्राम पंचायत में लोगों से सरेंडर कराएंगे. गांव नक्सलमुक्त घोषित करने पर विकास के लिए तुरंत एक करोड़ देंगे. recent visitors 30