Saturday, July 4, 2026 8:28 pm

औरंगज़ेब पर छिड़ा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, संजय निषाद ने फिर विवादित बयान दिया

लखनऊ औरंगज़ेब पर छिड़ा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन नेता इसे लेकर कुछ न कुछ बयान दे रहे हैं। अब यूपी में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने बड़ा बयान दिया है। गर्दन पर मुगलों ने तलवार रखा जो कायर थे वह धर्म बदल दिए। जिसे तलवार पसंद है वह सलवार पहनकर इस देश से चला जाए। यूपी कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद संवैधानिक अधिकार यात्रा के दौरान गुरुवार को जौनपुर के बदलापुर विधानसभा क्षेत्र पहुंचें। यहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपने भाषण में कहा, "मुगलों ने जब गर्दन पर तलवार रखा तो जो कायर थे वह धर्म बदल लिए। जो डर गए, वह मर गए। जो अपनी बहन-बेटी नहीं बचा पाए, वह अपने घर पर हरे रंग का झंडा टांग लिया। हम अपने पुरखों पर नाज करते हैं कि उन्हें गर्दन कटना स्वीकार किया लेकिन अपनी-बहन बेटी की इज्जत नहीं बेचा। अपना घर हरे रंग का झंड़ा नहीं लगाया। जिसे व्यवहार पसंद रहेगा वह भारत में रहेगा। जिसे तलवार पसंद है, वह सलवार पहनकर इस देश से चलें जाएं।" सात दरोगाओं के हाथ-पैर तुड़वाकर यहां तक पहुंचा हूं इससे पहले संजय निषाद ने अपनी यात्रा के दौरान सुल्तानपुर में भी विवादित बयान दिया था। उन्होंने प्रतापपुर कमैचा ब्लॉक अंतर्गत मदारडीह में कहा,“मुझे सब मालूम है कौन फर्जी फंसा रहा है। उसे मैं खत्म करा दूंगा। मैं महिलाओं और गरीबों के लिए पैदा हुआ हूं। मैं यहां ऐसे नहीं पहुंचा हूं, सात दरोगाओं का हाथ-पैर तुड़वाकर उसे गड्ढे में फिकवा कर तब डॉक्टर संजय यहां पहुंचा है। आप लोगों की कमी है आप लोग हमें तुरंत बताते नहीं हो। मैं पांच मिनट में मुख्यमंत्री को सूचना दे दूं, पांच मिनट में सही हो जाए। मेरा मोबाइल नंबर सबके पास है,नहीं है तो नेट से निकाल लो। हमें एसएमएस भेज दो, फोन नहीं करो, खाली लिखकर भेज दो, हमारे साथ अन्याय हो रहा। मैं किसी पीए से नहीं बतालाता हूं, एक बार डीएम से एसपी को और पांच मिनट में रिप्लाई नहीं आया तो मुख्यमंत्री के यहां भेज देता हूं।” recent visitors 39

कोर्ट में पेश नहीं होने पर जया प्रदा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, कभी भी हो सकती हैं गिरफ्तार

मुंबई फिल्म इंडस्ट्री से राजनीति तक अपनी अलग पहचान बनाने वाली दिग्गज एक्ट्रेस और पूर्व सांसद जया प्रदा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया गया है। उन पर अदालत की सुनवाई में बार-बार अनुपस्थित रहने के आरोप लगे हैं। आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से। वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश होने की अनुमति मिलने के बाद भी अभद्र टिप्पणी मामले में जया प्रदा बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश नहीं हुईं। बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट एमपी सिंह की अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए तीन अप्रैल तारीख तय कर दी। कोर्ट ने उनकी अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए अब गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। इसका मतलब यह है कि पुलिस अब उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर सकती है।   क्या है पूरा मामला? दरअसल, 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने रामपुर के कटघर क्षेत्र स्थित मुस्लिम डिग्री कॉलेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में सपा के वरिष्ठ नेता, जिनमें रामपुर के पूर्व सांसद आजम खां, मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन, अब्दुल्ला आजम, फिरोज खां, आयोजक मोहम्मद आरिफ और रामपुर के पूर्व चेयरमैन अजहर खां शामिल थे, ने भाषण दिया था। आरोप है कि इस दौरान जयाप्रदा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई। इस पर रामपुर निवासी मुस्तफा हुसैन ने आजम खां सहित अन्य नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। जयाप्रदा के बयान दर्ज होने थे, जिसके लिए उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद वे बृहस्पतिवार को सुनवाई में शामिल नहीं हुईं।  फिलहाल, इस मामले पर जया प्रदा या उनके वकील की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि क्या वे जल्द ही कोर्ट में हाजिर होती हैं या फिर पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करना पड़ेगा। recent visitors 31

30 साल से अधिक उम्र के नागरिकों के लिए संचालित निरोगी काया अभियान में डेढ़ लाख लोगों की हुई स्क्रीनिंग

भोपाल असंचारी रोगों की स्क्रीनिंग के लिए चलाए जा रहे निरोगी काया अभियान के तहत भोपाल में अब तक एक लाख 55 हजार 373 लोगों की उच्च रक्तचाप की स्क्रीनिंग हुई है, जबकि एक लाख 45 हजार 653 लोगों की डायबिटीज की जांच की गई है। 31 मार्च तक चलने वाले इस विशेष अभियान में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की मधुमेह, उच्च रक्तचाप, नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज, ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल स्क्रीनिंग की जा रही है। ये स्क्रीनिंग आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक, सिविल डिस्पेंसरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सिविल अस्पतालों एवं जिला पर की जा रही है। हितग्राहियों की जांच और उपचार की रिपोर्ट एनसीडी पोर्टल में दर्ज की जा रही है। अभियान में अब तक 12139 लोगों में उच्च रक्तचाप और 13648 में डायबिटीज पाई गई है। इन लोगों को अभियान के दौरान ही पहली बार हाइपरटेंशन और डायबिटीज का पता चला। चिह्नित रोगियों का उपचार नजदीकी स्वास्थ्य संस्थाओं से प्रारंभ किया गया है। दवाइयों के साथ-साथ जीवन शैली में परिवर्तन, खानपान एवं व्यायाम की सलाह भी दी गई है। 46226 लोगों में नॉन एल्कोहोलिक फैटी लीवर डिजीज की स्क्रीनिंग की गई है, इनमें से 11261 लोगों में प्रारंभिक लक्षण मिले हैं। अभियान के दौरान जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं और फील्ड में पहुंचकर दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली जा रही है। नए मरीजों की पहचान के लिए आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सीबैक फॉर्म में जानकारी इकट्ठे की जा रही है। सीबैक फॉर्म से प्राप्त जानकारी के आधार पर असंचारी रोग स्क्रीनिंग एवं पंजीयन किया जा रहा है। अभियान में स्क्रीनिंग के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए विभिन्न बीमारियों के लक्षण, उससे बचाव एवं उपचार के संबंध में जानकारी दी जा रही है। मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा अभियान की जानकारी देकर लोगों की जांच करवाई जा रही है। जिन लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है, उनकी रिस्क्रीनिंग करवाई जा रही है। संतुलित आहार, बेहतर खानपान, नियमित योग, प्राणायाम तथा व्यायाम करने की सलाह भी दी जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि असंचारी रोग जीवन घातक हो सकते हैं , इसलिए इनकी नियमित जांच बेहद जरूरी है। इन बीमारियों का पारिवारिक इतिहास होने पर अपनी जांच अवश्य कराई जानी चाहिए। recent visitors 28

चंदननगर पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म का केस किया दर्ज, जबरदस्ती बनाए यौन संबंध

इंदौर चंदननगर पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर दुष्कर्म का केस दर्ज किया है। आरोपी ने अविवाहित बता कर महिला से दोस्ती कर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना लिए। पुलिस के मुताबिक 23 वर्षीय पीड़िता ने कथनों में बताया कि बहन से मिलने अहमदाबाद जाना होता रहता था। बस चालक मोहीनूर उर्फ मोईन निवासी सरदारपुर जिला धार से परिचय हो गया था। आरोपी ने पीड़िता के परिजन से संपर्क कर शादी की चर्चा की। जबरदस्ती बनाए शारीरिक संबंध उसे बताया गया कि पति से तलाक हो चुका है। एक बेटा भी है। आरोपी उसके बाद भी शादी के लिए राजी हो गया। 7 मार्च को वह मिलने के बहाने आया। उसके बाद जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना लिए। इसके बाद पता चला कि मोईन शादीशुदा है। recent visitors 23

जस्टिस वर्मा के निवास से कथित रूप से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हुई थी, इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजने पर भड़के वकील

नई दिल्ली/प्रयागराज जस्टिस यशवंत वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस भेजे जाने के प्रस्ताव पर वकीलों ने तीखी नाराजगी जताई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश और सभी न्यायाधीशों को एक सख्त पत्र लिखकर इस कदम का विरोध किया है। बार एसोसिएशन का यह कड़ा रुख तब सामने आया है जब हाल ही में जस्टिस वर्मा के निवास से कथित रूप से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद होने की खबरें आई थीं। वकीलों का कहना है कि इस तरह के विवादों में घिरे न्यायाधीश की पुनर्नियुक्ति से हाई कोर्ट की गरिमा पर सवाल उठ सकते हैं। कचरे का डिब्बा नहीं: इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन बार एसोसिएशन ने अपने विरोध को और तीखा करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट को कचरे का डिब्बा नहीं बनाया जा सकता, जहां किसी भी विवादित न्यायाधीश को ट्रांसफर कर दिया जाए। वकीलों ने सवाल उठाया कि अगर जस्टिस यशवंत वर्मा पर कथित तौर पर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने का आरोप है, तो उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए, न कि उन्हें किसी अन्य हाई कोर्ट में भेजकर मामले को दबाने की कोशिश की जानी चाहिए। प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेंगे वकील यह मामला उच्च न्यायपालिका के भीतर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक न्यायपालिका या सरकार की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया गया है। वकीलों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर उनकी आपत्तियों को अनदेखा किया गया तो वे विरोध-प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे। recent visitors 36

अब हाई कोर्ट ने दे दिया बड़ा झटका- RSS मुख्यालय को निशाना बनाना चाहता था रईस अहमद

मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने जम्मू-कश्मीर के उस निवासी को जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया जिस पर जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी होने और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक डॉ के बी हेडगेवार के यहां स्थित स्मारक की टोह लेने का आरोप है। रईस अहमद शेख असदुल्ला शेख को 15 सितंबर, 2021 को नागपुर के रेशिमबाग इलाके में स्थित आरएसएस के संस्थापक के स्मारक डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर की टोह लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसने इस महीने की शुरुआत में बॉम्बे हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर दावा किया था कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जस्टिस सूर्यवंशी और न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की खंडपीठ ने जमानत याचिका खारिज कर दी। आदेश की विस्तृत प्रति अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। शेख फिलहाल नागपुर सेंट्रल जेल में बंद है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शेख ने शहर के महल इलाके में स्थित आरएसएस मुख्यालय की टोह लेने की भी कथित तौर पर साजिश रची थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया। आरोप है कि शेख ने टोह लेने के बाद पाकिस्तान में अपने आकाओं को सूचनाएं दी थीं। वकील निहालसिंह राठौड़ के माध्यम से दायर जमानत याचिका में शेख ने दावा किया था कि यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि उसने किसी भी गैरकानूनी गतिविधि को अंजाम देने के लिए उपरोक्त स्थानों की टोह ली थी। उसके वकील ने अदालत में दलील दी कि शेख का कृत्य ‘गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम’ (यूएपीए) के दायरे में नहीं आता। सरकारी वकील देवेंद्र चौहान ने अदालत से कहा कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त सामग्री है कि आरोपी शेख प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि शेख की गतिविधियां भविष्य में आतंकवादी हमले करने के लिए थीं और इसलिए इसे यूएपीए के दायरे में माना जाएगा। चौहान ने कहा, ‘किसी भी आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने से पहले की गई तैयारी (टोह) को भी आतंकवादी कृत्य ही माना जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘उसका नागपुर आना स्वाभाविक नहीं था। आरोपी का कोई रिश्तेदार भी यहां नहीं है या उसका व्यावसायिक उद्देश्य नहीं था और न ही कोई अन्य कारक था जो यह साबित करता हो कि उसका आना स्वाभाविक था।’ पुलिस की जांच के अनुसार, शेख आरएसएस मुख्यालय को जोड़ने वाली छह गलियों की भी टोह लेना चाहता था लेकिन सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों को देखने के बाद वह गलियों में घुसने की हिम्मत नहीं कर सका। जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियों से ठोस सबूत मिलने के बाद शेख के खिलाफ यूएपीए की संबंधित धाराओं के तहत कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। recent visitors 30

कलेक्टर सिंह ने किया गेहूं उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश

भोपाल कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह द्वारा शुक्रवार को तहसील बैरसिया एवं हुजूर के अंतर्गत आने वाले गेहूं उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बैरसिया स्थित भगवती वेयरहाउस तरावली एवं श्रीराम वेयरहाउस भैंसोंदा का दौरा किया। श्रीराम वेयरहाउस में कलेक्टर ने स्वयं मॉइश्चर मशीन पर गेहूं के नमी स्तर का परीक्षण किया। पहले सूखे गेहूं की जांच की गई, फिर हल्का पानी छिड़ककर गीले गेहूं का परीक्षण किया गया ताकि मॉइश्चर मीटर की कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा सके। भगवती वेयरहाउस तरावली में उन्होंने उपार्जित गेहूं के बोरों पर किसान पंजीयन कोड की पर्चियों की स्थिति का निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित एसडीएम बैरसिया श्री आशुतोष शर्मा एवं एसडीएम हुजूर श्री विनोद सोनकिया को निर्देश दिए गए कि सभी उपार्जन केंद्रों का राजस्व अधिकारी नियमित भ्रमण करें। साथ ही किसानों की सुविधा के लिए स्वच्छ एवं ठंडे पेयजल, छाया, पंडाल, कुर्सियों एवं अल्पाहार में चना, मूंगफली के दाने तथा गुड़ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त संख्या में तौल कांटे, हम्माल एवं तुलावटी की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने को कहा गया।   recent visitors 20