Saturday, July 4, 2026 11:53 pm

कनाडा में खालिस्तानियों के खिलाफ बोलने की मिली सजा, सांसद चंद्र आर्य की उम्मीदवारी की रद्द, अब नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

ओटावा कनाडा की सत्ताधारी लिबरल पार्टी ने आगामी संसदीय चुनावों से पहले एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने सांसद चंद्र आर्य की उम्मीदवारी रद्द कर दी है। भारतीय मूल के हिंदू सांसद चंद्र आर्य नेपियन निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। वे खालिस्तान समर्थक तत्वों के खिलाफ अपनी मुखर आवाज के लिए जाने जाते हैं। इस कदम ने कनाडा की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। चंद्र आर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि पार्टी ने उनका टिकट काट दिया है। लिबरल पार्टी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, चुनाव प्रचार अभियान के अध्यक्ष ने चंद्र आर्य की पात्रता की विस्तृत समीक्षा की। इस समीक्षा के बाद उनका टिकट काटने की सिफारिश की गई जिसे पार्टी ने स्वीकार कर लिया है। आर्य ने इस निर्णय को "बेहद निराशाजनक" करार दिया, लेकिन कहा कि इससे नेपियन के लोगों की सेवा करने का उनका सम्मान और गर्व कम नहीं होगा। उन्होंने लिखा, "मुझे लिबरल पार्टी द्वारा सूचित किया गया है कि नेपियन में आगामी आम चुनाव के लिए उम्मीदवार के रूप में मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया है। हालांकि यह खबर बेहद निराशाजनक है, लेकिन इससे नेपियन के लोगों – और सभी कनाडाई लोगों – की 2015 से संसद सदस्य के रूप में सेवा करने का गौरव और विशेषाधिकार कम नहीं होता। पिछले कई वर्षों से, मैंने इस भूमिका में अपना दिल और आत्मा झोंक दी है। मुझे एक सांसद के रूप में किए गए अपने काम पर बहुत गर्व है। नेपियन के निवासियों को मैंने जो अटूट सेवा प्रदान की है, कनाडाई लोगों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर मैंने जो सैद्धांतिक रुख अपनाया है और मुश्किल घड़ी में भी जिन कारणों के लिए मैंने खड़ा हुआ है – उस सब पर मुझे गर्व है। अपने समुदाय और देश की सेवा करना मेरे जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी रही है, और मैं इसके हर पल के लिए आभारी हूं।" लिबरल पार्टी ने आर्य की उम्मीदवारी रद्द करने के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि उनकी खालिस्तान विरोधी रुख और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने पार्टी के भीतर असहजता पैदा की होगी। पिछले साल अगस्त में आर्य ने नई दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की थी, जिसे कनाडा सरकार ने "निजी पहल" करार दिया था। खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ मुखर रहे हैं आर्य चंद्र आर्य कनाडा और अन्य स्थानों पर सक्रिय खालिस्तानी तत्वों के खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं। कनाडा को खालिस्तानियों का मुख्य गढ़ माना जाता है लेकिन फिर भी चंद्र आर्या सार्वजनिक रूप से इसके खिलाफ बोलते रहे। जिसके कारण वह पहले भी खालिस्तानी समूहों के निशाने पर रहे हैं। अक्टूबर 2023 में अमेरिका स्थित खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से भारतीय राजनयिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद चंद्र आर्य को अगला निशाना बनाने की अपील की थी। पन्नू ने आर्य पर लगाए गंभीर आरोप गुरपतवंत सिंह पन्नू ने X पर पोस्ट कर कनाडाई सरकार से चंद्र आर्य के खिलाफ जांच करने की मांग की थी। उसने आरोप लगाया कि आर्य खालिस्तान आंदोलन के खिलाफ ‘जहर उगल’ रहे हैं और भारत सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। पन्नू ने आर्य पर आरोप लगाते हुए कहा, "इंडो-कैनेडियन सांसद चंद्र आर्य द्वारा शांतिपूर्ण खालिस्तान समर्थक गतिविधियों के खिलाफ नफरत फैलाना भारतीय सरकार के एजेंट की भूमिका निभाने का स्पष्ट उदाहरण है। जुलाई 2023 में जब खालिस्तानी कार्यकर्ताओं ने भारतीय राजनयिकों की भूमिका की जांच की मांग की, तब आर्य ने खालिस्तान जनमत संग्रह को ‘हमारे आंगन में सांप’ करार दिया था। आर्य ने खालिस्तान समर्थकों द्वारा हिंदू मंदिरों पर हमलों की निंदा की थी और कनाडा में हिंदू समुदाय की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई थी। लिबरल पार्टी द्वारा आर्य की उम्मीदवारी रद्द किए जाने के इस फैसले के राजनीतिक प्रभावों पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय कनाडा में खालिस्तानी समूहों और उनकी बढ़ती राजनीतिक पकड़ को दर्शाता है। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि यह फैसला पार्टी की आंतरिक राजनीति का परिणाम हो सकता है। recent visitors 18

छत्तीसगढ़ व्यापमं ने PET और PPHT परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरू

रायपुर छत्तीसगढ़ के इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट (PET) और प्री-फार्मेसी टेस्ट (PPHT) का आयोजन 8 मई को किया जाएगा. छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने इन परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. अभ्यर्थी 17 अप्रैल शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. व्यापमं द्वारा जारी परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, PET परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक, जबकि PPHT परीक्षा शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षाएं राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में आयोजित की जाएंगी. परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र 29 अप्रैल को व्यापमं की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे. PPT and Pre MCA परीक्षा 1 मई को इसके अलावा प्री-पॉलीटेक्निक टेस्ट (PPT) और प्री-MCA परीक्षा का आयोजन 1 मई को किया जाएगा. इन परीक्षाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है और 11 अप्रैल शाम 5 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं. PPT परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगी और इसके लिए 33 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे. वहीं प्री-MCA परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी और इसके लिए परीक्षा केंद्र सिर्फ रायपुर और बिलासपुर में रहेंगे. स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए कोई शुल्क नहीं राज्य शासन के निर्देशानुसार, स्थानीय अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार का परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा. व्यापमं ने परीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है. एंट्रेंस एग्जाम की महत्वपूर्ण तिथियां: PET और PPHT परीक्षा: 8 मई PPT और प्री-MCA परीक्षा: 1 मई PET और PPHT आवेदन की अंतिम तिथि: 17 अप्रैल PPT और प्री-MCA आवेदन की अंतिम तिथि: 11 अप्रैल प्रवेश पत्र जारी होने की तिथि: 29 अप्रैल (PET & PPHT) recent visitors 23

रीगल अवधपुरी स्थित रीगल होम्स रखरखाव समिति का चुनाव संपन्न

Regal Avadhpuri based Regal Homes Maintenance Committee election concluded भोपाल (सुशील दामले) ! आज दिनांक 20 मार्च को रीगल अवधपुरी स्थित रीगल होम्स रखरखाव समिति का चुनाव संपन्न हुआ जिसमें सत्यमेव जयते पैनल ने एक तरफा जीत करते हुए विकास परिवर्तन पैनल को 11-0 से हराया सत्यमेव जयते पैनल के नरेश सिंह जादौन ने बताया की रीगल होम्स रखरखाव समिति के चुनाव आज शांतिपूर्वक संपन्न हुई जिसमें सत्यमेव जयते पैनल के सामान्य वर्ग के सभी आठ उम्मीदवार महिला वर्ग के दो उम्मीदवार और अनुसूचित जाति वर्ग के एक उम्मीदवार विजयी हुए इस प्रकार संचालक मंडल के सभी 11 पदों पर सत्यमेव जयते पैनल के प्रत्याशियों में कब्जा किया चुनाव परिणाम इस प्रकार हैकेपी बकोड़े 59अजय थापक 58नरेश सिंह जादौन 54विनोद सिंह 53आर आर परस्ते 51नितिन गुप्ता 49रामशरण चौहान 46राम सिंह भालेराव 45अनारक्षित महिला वर्ग मेंदीपा कल्याणे 53अंजू गुप्ता 50तथा आरक्षित वर्ग मेंबीडी अहिरवार 55 विजयी घोषित हुएसत्यमेव जयते पैनल के सभी उम्मीदवारों ने अपने किए गए वादों पूरा करने का संकल्प लिया एवं सलिल चतुर्वेदी पंकज चौहान सौरभ चतुर्वेदी संजय सत्तानी सुदेश कल्याणे अशोक सचदेवा राम भागवत महेश यादव एच एन शूरमा जी सहित कॉलोनी वासियों का रैली के साथ आभार प्रकट किया । recent visitors 78

विश्व जल दिवस: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से किया जल संरक्षण का आह्वान

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है — जीवन का आरंभ जल से हुआ है और इसका सतत प्रवाह ही जीवन की निरंतरता का आधार है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज जब दुनिया जल संकट की ओर बढ़ रही है, तब हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह जल की हर बूँद को संजोए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य समाज में जल के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राज्य में जन-भागीदारी के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही जल प्रदूषण नियंत्रण और जल संसाधनों के पुनर्जीवन के लिए भी योजनाबद्ध और सतत प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धमतरी जिले में आयोजित ‘जल-जगार महोत्सव’ जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल थी, जिसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल चेतना को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित दोहन और प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है, जिसे केवल सामूहिक प्रयासों से ही टाला जा सकता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि जल की प्रत्येक बूँद को सहेजेंगे, इसके महत्व को जन-जन तक पहुँचाएँगे और आने वाली पीढ़ियों को जल-समृद्ध भविष्य का उपहार देंगे। recent visitors 25

पुल के शिलान्यास पर भड़के विधायक, कार्यक्रम में एक आदमी को पीटा

गुवाहाटी असम के ऑल इंडिया यूनाइटेड फ्रंट (एआईयूडीएफ) के विधायक शम्सुल हुदा सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहे हैं। उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक आदमी को पहले थप्पड़ मारते, फिर केले के पेड़ से पीटते नजर आ रहे हैं। रिपोर्टस के मुताबिक विधायक शम्सुल हुदा इस बात पर भड़क गए थे कि उनके कार्यक्रम के लिए लाल रिबन और केले के बड़े पेड़ नहीं लगाए गए। हालांकि जब विवाद बढ़ा तो विधायक ने माफी मांग ली। छोटे पेड़ देखकर और चढ़ा पारा जानकारी के अनुसार बिलासपारा के विधायक शम्सुल हुदा के मारपीट का वीडियो धुबरी के दैखोवा बाजार में हुई। वह एक आरसीसी पुल के शिलान्यास समारोह में पहुंचे थे। असम के रीति रिवाज के मुताबिक समारोह स्थल पर केले के पौधे लगाए गए थे। जब उद्घाटन करने की बारी आई तो उन्हें लाल रिबन भी नजर नहीं आया। फिर क्या था, विधायक गुस्से से लाल-पीले हो गए और ठेकेदार के कर्मचारी साहिदुर रहमान को ताबड़तोड़ थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद उनकी नजर केले के छोटे पौधों पर पड़ी तो उनका पारा हाई हो गया। वह उन पौधों से ही साहिदुर रहमान को पीटने लगे। विधायक की मारपीट से कर्मचारी दुखी साहिदुर रहमान ठेकेदार अविनाश अग्रवाल के लिए मोहरी का काम करता है। नेताजी की इस हरकत पर सभी भौंचक्के रह गए। साहिदुर रहमान ने बताया कि एआईयूडीएफ विधायक शम्सुल हुदा ने बिना किसी कारण के उन पर हमला कर दिया। उसे एक जनप्रतिनिधि से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं थी। यह अपमानजनक और दर्दनाक था। इस घटना से धुबरी के लोग नाराज हैं और विधायक की हरकत की निंदा कर रहे हैं। लोगों का सवाल है कि क्या एक चुने हुए नेता को ऐसा व्यवहार करना चाहिए? वायरल वीडियो और जनता का गुस्सा यह घटना किसी सस्ते फिल्मी ड्रामे से कम नहीं थी। और जैसे ही इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कोई इसे कुर्सी का अहंकार बता रहा है, तो कोई विधायक की मानसिक स्थिति पर सवाल उठा रहा है। एक यूजर ने लिखा, "जनता के सेवक ऐसे व्यवहार करेंगे, तो भरोसा किस पर करें?" पीड़ित सहिदुर रहमान की आवाज में दर्द साफ झलक रहा था। उसने कहा, "मैं तो अपना काम कर रहा था। विधायक साहब को इतना गुस्सा क्यों आया, समझ नहीं आता।" यह सवाल सिर्फ सहिदुर का नहीं, बल्कि पूरे बिलासिपारा के लोगों का है। माफी का ढोंग या सच? घटना के बाद पीड़ित रहमान ने उसी रात गौरीपुर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई, जिसे बाद में बिलासिपारा पुलिस स्टेशन ट्रांसफर किया गया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 8296, 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। जब मामला तूल पकड़ने लगा और FIR दर्ज हो गई, तो विधायक साहब का रुख बदल गया। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, "मैं मानता हूं कि मुझसे गलती हुई। परिस्थितियों ने मुझे ऐसा करने को मजबूर किया। मैं असम की जनता से माफी मांगता हूं।" लेकिन यह माफी कितनी सच्ची है, इस पर सवाल उठ रहे हैं। क्या यह जनता का गुस्सा शांत करने की कोशिश थी, या सचमुच पछतावा? लोगों का कहना है कि अगर माफी मांगनी ही थी, तो पहले अपनी गलती क्यों नहीं मानी? और फिर, एक जनप्रतिनिधि को ऐसी "परिस्थितियां" क्यों बेकाबू कर रही हैं? कुर्सी और जिम्मेदारी यह पहली बार नहीं है जब कोई जनप्रतिनिधि अपने व्यवहार की वजह से चर्चा में आया हो। लेकिन समसुल हुदा की यह हरकत कई सवाल खड़े करती है। क्या पावर की कुर्सी इतनी भारी हो जाती है कि छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा फूट पड़ता है? या फिर यहि व्यक्तिगत अहंकार है, जो जनता की सेवा के वादों पर भारी पड़ रहा है? पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। AIUDF पहले से ही विवादों में घिरी है, और यह घटना पार्टी के लिए एक और झटका साबित हो सकती है। जनता की नजर अब इस बात पर है कि क्या विधायक साहब को अपनी हरकत की कीमत चुकानी पड़ेगी, या यह मामला भी समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा। recent visitors 23

6 वाँ लोधी लोधा लोध पारिवारिक होली मिलन समारोह का आयोजन

6th Lodhi Lodha Lodh Family Holi Milan Celebration organized भोपाल (सुशील दामले) ! राजधानी स्थित नाइन मसाला में छठवां लोधी लोधा लोध पारिवारिक होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से मध्यप्रदेश शासन के मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी उपस्थित हुए,समाज के लोग के साथ गुलाल से होली खेली और सभी को होली की शुभकामनाएं दी वहीं भोपाल जिला अध्यक्ष राहुल वर्मा लोधी ने हमें बताया कि,प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी हमने पारिवारिक होली मिलन का आयोजन किया इस बार हमने विशेष रूप से फूलों एवं भगवा रंग के गुलाल के साथ भगवा होली खेली,वहीं कार्यकम में 200 परिवारों लगभग 500 लोगों ने हिस्सा लिया,साथ ही बच्चों के लिए अनेकों गेम्स व मिकी माउस एवं महिलाओं के लिए भी कई रंगा रंग कार्यक्रम आयोजित किए गए recent visitors 115

नक्सलियों का गड़ा धन को पुलिस ने खोज, 8 लाख नगद और हथियारों का जखीरा जब्त

गरियाबंद छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद मुक्त बनाने की राह में पुलिस ने आज एक और बड़ी सफलता हासिल की है. प्रदेश की गरियाबंद पुलिस ने नक्सलियों का छुपाया हुआ धन और हथियारों का जखीरा खोज निकाला है. एसपी निखिल रखचे के नेतृत्व में अब जंगलों में छुपे माओवादी और उनके धन, हथियार समेत सभी सोर्स का एक के बाद एक खात्मा हो रहा है. पुलिस ने आज मैनपुर थाना क्षेत्र से लगे पंडरी पानी से नक्सलियों का जमीन में छुपाया गया 8 लाख कैश और हथियारों समेत नक्सल साहित्य बरामद किया है. अब पुलिस नक्सलियों को कैश देने वाले सोर्स का भी पता लगाने में जुट गई है. गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मैनपुर थाना क्षेत्र से लगे पंडरी पानी के पहाड़ी इलाके में धमतरी गरियाबंद नुआपड़ा डिविजन कमेटी के द्वारा उगाही का रकम छिपा कर रखा गया था. इसकी जानकारी मिलने पर SP के निर्देश पर जिला पुलिस, कोबरा बटालिया ,सीआरपीएफ की संयुक्त टीम बीडीएस की टीम के साथ सर्चिंग ऑपरेशन पर निकली. 20 मार्च की सुबह वे बताए गए जगह पर पहुंची और पेड़ के नीचे खुदाई कराई गई, जिसमें एक सफेद बोरी मिली. टीम ने सावधानी के साथ जांच किया, तो उसके अंदर से टिफिन डिब्बे में 8 लाख रुपए नगद और 13 नग जिलेटिन और नक्सली साहित्य समेत अन्य समाग्री बरामद हुआ. बता दें, जनवरी 2025 के शुरुआत से ही गरियाबंद पुलिस को नक्सली मोर्चे में सफलता मिल रही है. जनवरी माह में 2 अलग अलग मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने सेंटर कमेटी सदस्य चलपती समेत 17 नक्सली मार गिराए. फरवरी में हथियारों को नष्ट किया गया. मार्च माह में तीन नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया. अब पुलिस गाड़े हुए धन तक पहुंच गई है. गरियाबंद जिले में पुलिस और सुरक्षा बलों ने नक्सली गतिविधियों पर नकेल कसने में सफल हुई है. recent visitors 23