Friday, July 3, 2026 10:32 am

सुप्रीम कोर्ट ने गोधरा के बाद हुए दंगों के केस में 6 को किया बरी, वह अवैध भीड़ का हिस्सा थे

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के मामले के छह आरोपियों को  बरी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी मामले में सिर्फ मौके पर मौजूद होना या वहां से गिरफ्तारी होना यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है कि वे गैरकानूनी भीड़ के हिस्सा थे। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने गुजरात हाईकोर्ट के 2016 के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें गोधरा कांड के बाद 2002 में हुए दंगों के मामले में छह लोगों को बरी करने के फैसले को पलट दिया गया था। बेंच ने कहा कि सिर्फ मौके पर मौजूद होना या वहां से गिरफ्तारी होना यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है कि वे (छह लोग) एक हजार से ज्यादा लोगों की गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा थे। धीरूभाई भाईलालभाई चौहान और पांच अन्य को उस घटना में एक साल की जेल की सजा सुनाई गई थी, जिसमें कथित तौर पर भीड़ ने वडोद गांव में एक कब्रिस्तान और एक मस्जिद को घेर लिया था। सभी अपीलकर्ता आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था। निचली अदालत ने सभी 19 आरोपियों को बरी कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उनमें से 6 को दोषी ठहराया। एक आरोपी की मामला लंबित रहने के दौरान मौत हो गई थी। अपीलकर्ताओं सहित 7 लोगों को एफआईआर में नामजद किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने एक निचली अदालत के 2003 के फैसले को बहाल करते हुए उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी तरह की दोषी भूमिका के अभाव में मौके पर उनकी गिरफ्तारी 28 फरवरी 2002 को वडोद में हुई घटना में उनकी संलिप्तता के बारे में निर्णायक नहीं है। खासकर तब जब उनके पास से न तो विध्वंस का कोई हथियार बरामद हुआ और ना ही कोई भड़काऊ सामग्री। बेंच ने कहा कि पुलिस ने गोलीबारी की, जिससे लोग इधर-उधर भागने लगे। इस तरह की झड़प में एक निर्दोष व्यक्ति को भी अपराधी समझ लिया जाता है। इसलिए, अपीलकर्ताओं की मौके से गिरफ्तारी उनकी दोषी होने की गारंटी नहीं है। बेंच ने कहा कि सामूहिक झड़पों में अदालतों पर यह सुनिश्चित करने का भारी दायित्व होता है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को दोषी न ठहराया जाए और उसकी स्वतंत्रता छीनी न जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में अदालतों को सावधान रहना चाहिए और उन गवाहों की गवाही पर भरोसा करने से बचना चाहिए, जो आरोपी या उसकी भूमिका का विशेष संदर्भ दिए बिना सामान्य बयान देते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसा इसलिए है, क्योंकि अक्सर (खासकर जब अपराध का स्थान सार्वजनिक स्थान होता है) लोग जिज्ञासावश अपने घर से बाहर निकलकर यह देखने लगते हैं कि आसपास क्या हो रहा है। ऐसे लोग केवल एक दर्शक से अधिक कुछ नहीं होते। हालांकि, गवाह को वे गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा लग सकते हैं। बेंच ने कहा, "इस प्रकार, सावधानी के नियम के रूप में और कानून के नियम के रूप में नहीं, जहां रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य इस तथ्य को स्थापित करते हैं कि बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, केवल उन व्यक्तियों को दोषी ठहराना सुरक्षित हो सकता है, जिनके खिलाफ प्रत्यक्ष कृत्य का आरोप लगाया गया है। कई बार ऐसे मामलों में सावधानी के नियम के रूप में और कानून के नियम के रूप में नहीं, अदालतों ने बहुलता परीक्षण को अपनाया है। अर्थात, दोषसिद्धि तभी कायम रह सकती है जब इसका समर्थन कुछ निश्चित संख्या में गवाहों द्वारा किया जाए जो घटना का सुसंगत विवरण देते हैं।" बेंच ने कहा कि ऐसी स्थिति में अदालत के लिए यह निर्धारित करना महत्वपूर्ण है कि क्या अभियुक्त जिस पर मुकदमा चलाया जा रहा है वह गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा था या सिर्फ एक दर्शक था। ऐसा निर्धारण मामले के सिद्ध तथ्यों के आधार पर अनुमानात्मक है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अपीलकर्ता उसी गांव के निवासी थे, जहां दंगे भड़के थे, इसलिए घटनास्थल पर उनकी उपस्थिति स्वाभाविक है। कोर्ट ने कहा कि इतना ही नहीं अभियोजन पक्ष का यह मामला नहीं है कि वे हथियार या विध्वंस के उपकरण लेकर आए थे। बेंच ने कहा, "हाईकोर्ट द्वारा लिया गया विपरीत दृष्टिकोण पूरी तरह से अनुचित है।'' recent visitors 39

भारत में लॉन्च हुआ Infinix Note 50 Pro+ 5G स्मार्टफोन

नई दिल्ली Infinix ने हाल ही में अपनी नई स्मार्टफोन सीरीज में Note 50 Pro+ 5G को ग्लोबली लॉन्च किया है। इस स्मार्टफोन में शानदार फीचर्स और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ उपयोगकर्ताओं को एक बेहतरीन अनुभव देने का वादा किया गया है। Note 50 Pro+ 5G का यह नया वेरिएंट कंपनी की Note 50 सीरीज का तीसरा स्मार्टफोन है, जो पहले से ही Note 50 और Note 50 Pro के रूप में इंडोनेशिया में उपलब्ध है। Infinix ने इस स्मार्टफोन को शानदार डिजाइन और ताकतवर स्पेसिफिकेशन्स के साथ पेश किया है, जिससे यह एक बेहतरीन ऑप्शन बनता है। डिस्प्ले और प्रोसेसर:     Infinix Note 50 Pro+ 5G में 6.78 इंच का AMOLED डिस्प्ले है, जिसमें 144Hz रिफ्रेश रेट और 1,300 निट्स तक पीक ब्राइटनेस है। यह स्क्रीन TÜV Rheinland लो ब्लू लाइट सर्टिफाइड है, जो आंखों की सुरक्षा के लिए आदर्श है।     स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 8350 Ultimate प्रोसेसर द्वारा संचालित है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए उपयुक्त है। कैमरा:     फोटोग्राफी के लिए Infinix Note 50 Pro+ 5G में शानदार कैमरा सेटअप है। इसमें OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) के साथ 50 मेगापिक्सल का Sony IMX896 प्राइमरी कैमरा है।     इसमें 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस और 50 मेगापिक्सल पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस है, जो 6x लॉसलेस जूम और 100x अल्टीमेट जूम का समर्थन करता है। यह कैमरा सेटअप उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और वीडियो शूट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। बैटरी और चार्जिंग:     Infinix Note 50 Pro+ 5G में 5,200mAh की बैटरी है, जो 100W वायर्ड चार्जिंग, 10W वायरलेस चार्जिंग और 7.5W वायरलेस रिवर्स चार्जिंग को सपोर्ट करती है। PowerReserve मोड में 1% बैटरी के साथ 2.2 घंटे तक टॉक टाइम देने का दावा किया गया है।     यह बैटरी चार्जिंग के मामले में एक बेहतरीन विकल्प है, जिससे यूजर्स को बिना रुकावट के लंबे समय तक उपयोग का अनुभव मिलता है। AI फीचर्स:     Infinix Note 50 Pro+ 5G में AI आधारित Infinix AI∞ Beta Plan शामिल है। इस फीचर के तहत, यूजर्स को एक बेहतरीन AI असिस्टेंट Folax मिलता है, जो स्क्रीन कंटेंट को पहचानने, टेक्स्ट ट्रांसलेट करने, क्रॉस-ऐप वॉयस कमांड्स और बहुत कुछ करने में सक्षम है।     इसमें AI Eraser, AI Cutout, AI Writing, AI Note और AI Wallpaper Generator जैसे फीचर्स भी हैं, जो स्मार्टफोन के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाते हैं। कीमत     Infinix Note 50 Pro+ 5G की कीमत अमेरिका में $370 (लगभग 32,000 रुपये) से शुरू होती है। यह स्मार्टफोन Enchanted Purple, Titanium Grey और Special Racing Edition वेरिएंट्स में उपलब्ध होगा।     Special Racing Edition में रेसिंग कार्स से प्रेरित डिजाइन और सैफायर क्रिस्टल एम्बेडेड पावर बटन शामिल है। इसके अलावा, Note 50 और Note 50 Pro की कीमतें क्रमशः $180 (लगभग 15,000 रुपये) और $210 (लगभग 18,000 रुपये) से शुरू होती हैं।   recent visitors 39

गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सीएम डॉ. मोहन ने की मुलाकात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। साथ ही गृहमंत्री अमित शाह से भी मिलकर सीएम ने प्रदेश के विकास कार्यों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जल्द ही राष्ट्रपति और गृहमंत्री मध्य प्रदेश का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दिल्ली दौरे पर थे। इस दौरान वे राष्ट्रपति भवन पहुंचे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “महामहिम राष्ट्रपति और गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उम्मीद करता हूं कि बहुत जल्द उनकी तारीख तय होगी और वे हमें आशीर्वाद देने के लिए आएंगे।” recent visitors 18

मुझे किसी के कुछ खाने से दिक्कत नहीं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में मटन राज्यसभा की योग्यता नहीं हो सकता है : गौरव वल्लभ

नई दिल्ली एक पूर्व कांग्रेसी और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने अपनी पुरानी पार्टी के वर्किंग कल्चर को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी में चाटुकारिता हावी हो चुकी है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कई दावे किए। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर यहां तक कहा है कि कांग्रेस पार्टी में एक नेता को दो बार राज्यसभा जाने का मौका इसलिए मिला क्योंकि उन्हें पता है कि मल्लिकार्जुन खरगे को मीट खाना बहुत पसंद और दिल्ली में किस दुकान का मटन उन्हें सबसे अच्छा लगता है। पत्रकार आदेश रावल के साथ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पार्टी के पतन और अपने इस्तीफे को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कांग्रेस में 'पीए कल्चर' हावी होने की बात भी कही है। साथ ही उन्होंने परिवारवाद और भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। गौरव वल्लभ ने कहा, ‘कांग्रेस में मैं एक ऐसे आदमी को जानता हूं जो खरगे साहब के काफी करीबी हैं। उस व्यक्ति की एक ही योग्यता है कि उसे पता है कि दिल्ली में मटन कहां अच्छा मिलता है। खरगे साहब मटन के शौकीन है। मैं तो शुद्ध शाकाहारी आदमी हूं। मैं दाल भी किसी के लिए नहीं लेकर जाऊंगा। उस व्यक्ति को यह पता है कि पुरानी दिल्ली की कौन सी दुकान पर मटन अच्छा मिलता है। वह मटन लाते-लाते दूसरी बार राज्यसभा में पहुंच गया। ना वह अक्ल से समझदार, ना ज्ञान से समझदार। योग्यता इतनी ही कि मटन कहां अच्छा मिलता है। मुझे किसी के कुछ खाने से दिक्कत नहीं, लेकिन कांग्रेस पार्टी में मटन राज्यसभा की योग्यता नहीं हो सकता है।’ उन्होंने इस दौरान किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन आदेश रावल के द्वारा जम्मू-कश्मीर के प्रभारी नासिर हुसैन का नाम लेने पर उन्होंने कहा कि मैं किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी के हर कार्यकर्ता को यह पाता है कि कांग्रेस पार्टी में मटन लाने की योग्यता किसमें हैं। recent visitors 35

शादी से लौट रहा परिवार हुआ हादसे का शिकार, तो तेज रफ्तार ट्रेलर ने स्कूल बस और ट्रक को मारी टक्कर

 रायपुर छत्तीसगढ़ में शनिवार को अलग-अलग क्षेत्रों में रफ्तार का कहर देखने को मिला है. आज तीन अलग-अलग सड़क हादसे हुए हैं. ये दुर्घटनाएं बालोद और जीपीएम जिले में हुए हैं. इन हादसों में कुल 19 लोग घायल हुए हैं. सभी घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. पहला हादसा बोलद में हुआ है, जहां शादी कार्यक्रम से वापस लौट रहे एक ही परिवार के 17 लोग सड़क हादसे का शिकार हो गए. हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य लोगों को मामूली चोटें आई है. घायलों में दो बच्चें सहित महिलाएं शामिल है. जानकारी के मुताबिक, बालोद थाना क्षेत्र अंतर्गत मड़वापथरा गांव के पास शादी से वापस लौट रहे परिवार की कार दुर्घटना का शिकार हो गई. उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. खड़ी स्कूल बस और ट्रक को ट्रेलर ने मारी टक्कर गौरेला पेण्ड्रा मरवाही के वेंकटनगर मुख्य सड़क मार्ग में रफ्तार का कहर नहीं थम रहा है. गौरेला के मथुरा पेट्रोल पंप के पास खड़ी स्कूल बस और ट्रक को तेज रफ्तार ट्रेलर ने टक्कर मार दी. इस टक्कर में ट्रेलर का ड्राइवर हुआ चोटिल हो गया. घटना के बाद चालक को अस्पताल में भर्ती किया गया है. राहत की बात रही की टक्कर के बाद क्लोरिन से भरा ट्रक को नुकसान नहीं पहुंचा. नाली में जा घुसा अनियंत्रित ट्रेलर वेंकटनगर मुख्य सड़क मार्ग में एक और हादसा हुआ है. गिरवर गांव में ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाली में जा घुसा. हादसे में एक ड्राइवर घायल हो गया, जिसे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. हादसे के बाद सड़क में लगा लंबा जाम. मौके पर पुलिस पहुंचकर सड़क में लगे जाम को हटाने में जुटी गई. जिले में बढ़ते सड़क हादसे को लेकर लोगों में आक्रोश है. recent visitors 22

जानी-मानी एक्ट्रेस अवनीत कौर बचपन से ही रही फेमस

मुंबई मनोरंजन जगत की जानी-मानी एक्ट्रेस अवनीत कौर बचपन से ही फेमस रही हैं। इन बीते सालों में उन्होंने कई प्रोजेक्ट पर काम किया है और काफी फेमस भी हुई हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में अवनीत ने एक चौंकाने वाली घटना के बारे में बताया जो होली के जश्न के दौरान हुई थी, जहां एक आदमी ने उनके साथ बदतमीजी की थी। उन्होंने बताया कि जब वह छोटी थीं, तो अगर कोई लड़का उनके साथ बदतमीजी करता था, तो वह उन्हें बैट से मारती थीं। अवनीत ने यह भी बताया कि उस घटना के दौरान उन्होंने उस आदमी से कैसे निपटा जिसने उनके साथ बदतमीजी की थी। अवनीत कौर ने खुलासा किया, 'होली के दौरान मैंने एक लड़के से कहा था कि वह मुझे न मारे लेकिन उसने मेरे बम पर पानी का गुब्बारा फेंक दिया। मैंने सोचा, 'बेटे, तू तो गया। पहले तो तूने देखा नहीं कि कितनी खतरनाक लड़की हूं।' अवनीत ने उस लड़के को बहुत मारा घटना के बाद की कहानी बताते हुए अवनीत ने कहा, 'फिर उस लड़के की मम्मी आई थीं मेरी मम्मी के पास, 'आपकी लड़की ने मेरे लड़के को धो दिया।' मम्मी ने कहा, 'क्योंकि उसने धोने वाला काम किया और क्या करे?' मां ने किए हैं बड़े त्याग उसी इंटरव्यू में अवनीत ने जलंधर में अपने शुरुआती दिनों से लेकर अब तक की अपनी जर्नी के बारे में बताया, जिसमें उन्होंने ये भी बताया कि उनकी मां ने उनके लिए क्या क्या किया है। उन्होंने डांस इंडिया डांस (डीआईडी) और झलक दिखला जा जैसे डांस रियलिटी शो में सबसे कम उम्र की कंटेस्टेंट होने के बारे में बात की और बताया कि कैसे उनकी मां को कम उम्र में सगाई हो जाने के कारण आगे की पढ़ाई छोड़नी पड़ी। recent visitors 38

बिना पोस्टमार्टम के भालू को दफनाना पड़ा मंहगा, फॉरेस्ट गार्ड और डिप्टी रेंजर को शो कॉज नोटिस जारी

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद से आज एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. बीते महीने जिले के हर्राठेमा वन परिक्षेत्र में 24 फरवरी को तांदुला जलाशय के किनारे एक भालू का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था. इसकी जानकारी नियमानुसार DFO कार्यालय को दिया जाना था, लेकिन वनकर्मी और विभागीय अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को सूचित न करते हुए गोपनीय तरीके से मृत भालू के शव को दफना दिया. इस घटना का खुलासा होते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया. मामले के खुलासे के बाद DFO के निर्देशानुसार बालोद वन विभाग और वेटनारी डॉक्टर तांदुला जलाशय के किनारे घटना स्थल पहुंचे और खुदाई कर भालू के शव को बाहर निकाले. वहीं बालोद DFO ने इस मामले में तत्काल फॉरेस्ट गार्ड और डिप्टी रेंजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है. साथ ही देर होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी है. इस मामले के उजागर होने के बाद वन विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के जानवरों के अंगों की तस्करी में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि भालू के शव के पोस्टमॉर्टम और जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी. recent visitors 18