Sunday, July 5, 2026 5:25 am

खुल रहा एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन, 74 किस्मों के फूलों का होगा दीदार

श्रीनगर एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन 26 मार्च को कश्मीर घाटी में पर्यटन सीजन की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए जनता के लिए खुलेगा। डल झील और जबरवान पहाड़ियों के बीच बसा लगभग 55 हेक्टेयर में फैले उद्यान में लगभग 17 लाख ट्यूलिप फूल के पौधे लगाए गए हैं। जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला गार्डन का उद्घाटन करेंगे। ट्यूलिप गार्डन में सहायक फ्लोरीकल्चर अधिकारी आसिफ अहमद ने कहा कि गार्डन 26 मार्च को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उद्यान के उद्घाटन की तैयारियां जोरों पर हैं और इसे तैयार करने के लिए अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस साल उद्यान में ट्यूलिप की दो नई किस्में जोड़ी गई हैं, जिससे कुल संख्या 74 हो गई है। उन्होंने कहा कि हम हर साल ट्यूलिप उद्यान के लिए कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। इस साल हम नई रंग योजना लेकर आ रहे हैं। इस साल वसंत फूल जैसे कि हाइसिंथ, डेफोडिल, मस्करी और साइक्लेमेन भी प्रदर्शित किए जाएंगे। अहमद ने बताया कि 55 हेक्टेयर में फैले उद्यान में लगभग 17 लाख ट्यूलिप फूल के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस साल हमारे पास 1.7 मिलियन फूल के पौधे हैं, जिन पर पर्यटक फूल खिलते हुए देख पाएंगे। उद्यान का विस्तार लगभग अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच गया है। नीदरलैंड से आयातित 50 हजार ट्यूलिप के साथ उद्यान को छोटे पैमाने पर शुरू किया गया था। इसने पर्यटकों के बीच तुरंत लोकप्रियता हासिल कर ली और हर साल आगंतुकों की संख्या और खिलने वाले ट्यूलिप दोनों के मामले में लगातार बढ़ाेतरी हुई है। पिछले साल 4.65 लाख से अधिक घरेलू और विदेशी आगंतुकों ने उद्यान का दौरा किया, जबकि 2023 में यह संख्या 3.65 लाख थी। पर्यटकों के लिए खुशखबरी नीदरलैंड से आयातित 50,000 ट्यूलिप बल्बों के साथ गार्डन की शुरुआत छोटे पैमाने पर हुई थी. जल्द पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो गया. हर साल पर्यटकों और ट्यूलिप की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पिछले साल 4.65 लाख से अधिक घरेलू और विदेशी पयर्टकों ने गार्डन का दौरा किया था. कब खुलेगा ट्यूलिप गार्डन 2023 में पर्यटकों की संख्या 3.65 लाख थी. बागबानों के अनुसार इस साल हाइसिंथ, डेफोडिल, मस्करी और साइक्लेमेन जैसे अन्य वसंत फूल भी प्रदर्शित किए जाएंगे. 55 हेक्टेयर में फैले गार्डन में लगभग 17 लाख ट्यूलिप बल्ब लगाए गए हैं. इस साल बाग में 1.7 मिलियन बल्ब पर्यटक खिलते हुए देख पाएंगे. गार्डन का विस्तार लगभग पूरी क्षमता तक पहुंच गया है.    recent visitors 50

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने इस्कॉन से अन्य देशों में असामयिक रथ यात्रा का आयोजन नहीं करने को कहा

भुवनेश्वर  श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने इस्कॉन से अन्य देशों में असामयिक रथ यात्रा का आयोजन नहीं करने को कहा है. असामयिक रथ यात्रा को लेकर उठे विवाद को सुलझाने के लिए भुवनेश्वर के स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक हुई. गजपति महाराज दिव्य सिंह देब की अगुवाई में हुई इस बैठक में मायापुर इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन-अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ) मुख्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए. एजेटीए के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने कहा कि इस्कॉन ने 2021 में भारत में अन्य तिथियों पर रथ यात्रा का आयोजन न करने का निर्णय लिया था. उन्होंने कहा, "हम इस निर्णय के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं, लेकिन उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अन्य देशों में भी अन्य तिथियों पर यात्रा का आयोजन न हो." बैठक में पुरी गजपति, एसजेटीए सदस्य और इस्कॉन प्रतिनिधि पाधी ने कहा कि, इस्कॉन के प्रतिनिधियों से कहा गया कि शास्त्रों के अनुसार हिंदू कैलेंडर के आषाढ़ महीने में शुक्ल पक्ष की द्वितीया से दशमी तिथि के बीच रथ यात्रा आयोजित की जानी चाहिए. एसजेटीए प्रमुख ने कहा कि, इस साल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 27 जून को है और इस्कॉन से अनुरोध किया गया है कि वह दुनिया भर में इसी दिन रथ यात्रा का आयोजन करे. उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि इस्कॉन भक्तों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करेगा." मंदिर के सेवादारों और जगन्नाथ पंथ के अनुयायियों ने इस बात पर चिंता जताई है कि इस्कॉन ने अभी तक विदेशों में असामयिक रथ यात्रा को रोकने के लिए कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं जताई है. उन्होंने कहा कि, केंद्र सरकार को अन्य देशों में रथ यात्रा को रोकने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए. बैठक में मायापुर इस्कॉन के प्रतिनिधि उन्होंने पूछा कि, अगर दुनिया भर में अन्य धर्मों के त्यौहार एक ही दिन मनाए जाते हैं, तो करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक रथ यात्रा दुनिया भर में एक ही दिन क्यों नहीं मनाई जा सकती? श्रीमंदिर के वरिष्ठ सेवादार गौरहरि प्रधान ने कहा कि, इस्कॉन ने भारत में असामयिक रथ यात्रा का आयोजन बंद कर दिया है, लेकिन उसने अन्य देशों में ऐसा करने की प्रतिबद्धता नहीं जताई है. उन्होंने कहा, "इस्कॉन के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे आने वाले दिनों में इस मामले पर चर्चा करेंगे. केंद्र और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए कि विदेशों में असामयिक रथ यात्रा का आयोजन न हो." वहीं, पुरी निवासी हेक्टर मिश्रा ने कहा कि, इस्कॉन पूरी दुनिया में मशहूर है और इस्कॉन को सोचना चाहिए कि विदेशों में बेमौसम रथ यात्रा आयोजित करना कहां तक उचित है. अगर वे भगवान जगन्नाथ को अपना भगवान मानते हैं, तो उन्हें महाप्रभु की परंपराओं का पालन करना चाहिए. क्या दुनिया भर में अन्य धार्मिक त्योहार एक ही दिन या अलग-अलग दिनों में मनाए जाते हैं? इसलिए, अगर इस्कॉन जगन्नाथ को अपना पसंदीदा देवता मानता है और इस तरह की बेमौसम रथ यात्रा आयोजित करता है, तो यह निंदनीय है." उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को दुनिया भर के हर राष्ट्राध्यक्ष को पत्र भेजकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके देशों में बेमौसम रथ यात्रा आयोजित न की जाए. 1966 में न्यूयॉर्क शहर में स्वामी प्रभुपाद द्वारा इसकी स्थापना के बाद से इस्कॉन का व्यापक विस्तार हुआ है. दुनिया भर में इस्कॉन के 400 से ज्यादा मंदिर हैं. इस्कॉन गौड़ीय-वैष्णव संप्रदाय से संबंधित है, जो वैदिक या हिंदू संस्कृति के भीतर एकेश्वरवादी परंपरा है. दार्शनिक रूप से यह संस्कृत ग्रंथों भगवद गीता और भागवत पुराण या श्रीमद्भागवतम् पर आधारित है. ये भक्ति योग परंपरा के ऐतिहासिक ग्रंथ हैं, जो सिखाते हैं कि सभी जीवित प्राणियों के लिए अंतिम लक्ष्य भगवान या भगवान कृष्ण, जो "सर्व-आकर्षक" हैं, के प्रति अपने प्रेम को फिर से जागृत करना है. recent visitors 45

प्रदेश के नवीनतम टाइगर रिजर्व रातापानी में गिद्ध की एक दुर्लभ प्रजाति को देखा गया, इतिहास काफी दिलचस्प

रायसेन  मध्य प्रदेश के नवीनतम टाइगर रिजर्व रातापानी में गिद्ध की एक दुर्लभ प्रजाति को देखा गया है, जिसकी तस्वीरें टाइगर रिजर्व द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई हैं. सफेद रंग का यह गिद्ध विलुप्त हो रही गिद्ध की प्रजातियों में से एक है. इस गिद्ध को अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने संकटग्रस्त घोषित किया है. पहली बार है जब विलुप्त होती गिद्ध की इस प्रजाति को यहां देखा गया है. इसे पवित्र पक्षी मानते थे मिस्र के क्रूर राजा इस गिद्ध की बनावट अपने आप में आकर्षक होती है, क्योंकि ये उम्र के अनुसार अपना रंग बदलता है. जब यह गिद्ध युवा होता है, तो गहरे भूरे रंग के होता है. जैसे-जैसे उसकी उम्र बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे इनके पंखों का रंग भी सफेद होता जाता है. जब ये गिद्ध अपने परिपक्व उम्र के पास पहुंचते हैं तब इनके पंखों का रंग एकदम सफेद दिखने लगता है और इनकी चोंच पीले रंग की दिखाई देती है. यह दुर्लभ प्रजाति का गिद्ध मिस्र के अलावा उत्तर भारत, पकिस्तान, नेपाल और पश्चिम अफ्रीका में मिलते हैं. यह एक जमाने में मिस्र के क्रूर राजा का पवित्र पक्षी हुआ करता था. बता दें कि प्राचीन मिस्र में राजा सफेद गिद्ध को देवी नेखबेट के रूप में पूजते थे, जो मिस्र की संरक्षक देवी थी और जिसे अक्सर शाही प्रतीक के रूप में चित्रित किया जाता था. 5000 किलोमीटर तक यात्रा करने में सक्षम मिस्र के गिद्ध यूरोप के चुनिंदा पक्षियों में से एक हैं, जो लंबी दूरी का प्रवास करते हैं. प्रतिदिन यह 640 किलोमीटर तक की उड़ान भरकर अपने प्रजनन स्थलों पर पहुंचते हैं. ये अपने यूरोपीय प्रजनन स्थलों और शहर के दक्षिणी किनारे पर अपने शीतकालीन मैदानों के बीच प्रवास करते समय 5000 किलोमीटर तक की यात्रा कर सकते हैं. प्रजनन के मौसम के समय यह दक्षिण यूरोप उत्तरी अफ्रीका और एशिया के कुछ हिस्सों में चट्टानों और पहाड़ियों पर अपने घोसला बनाते हैं. यह प्रवासी पक्षी के तौर पर जाना जाता है इनका लैटिन नाम नियोफ्रॉन पर्कनॉप्टेरस है, जो पहले पश्चिमी अफ्रीका से लेकर उत्तर भारत पाकिस्तान और नेपाल में काफी तादाद में पाया जाता था पर अब इसकी तादात में बहुत ज्यादा गिरावट आई है. जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ ने इसकी प्रजाति को संकटग्रस्त घोषित कर दिया है. उत्तर भारत के अलावा भारत के अन्य राज्यों में यह प्रवासी पक्षी के तौर पर जाना जाता है. मिस्र गिद्ध गर्म हवाओं में भरता है ऊंची उड़ान मिस्र गिद्ध जिसे सफेद मेहतर गिद्ध या फिरौन का चिकन के तौर पर भी जाना जाता है. यह लंबी ऊंचाई पर उड़ान भरने के लिए गर्म हवाओं का सहारा लेता है. दिन के समय जब तापमान अधिक होता है तो यह ऊंची उड़ान भरता है, जिससे कि इस उड़ाने के दौरान ज्यादा बाल का उपयोग न करना पड़े. यह एक अवसरवादी पक्षी होता है, जो छोटे स्तनधारी पक्षियों और सांपों का शिकार करता है. साथ ही यह पक्षियों के अंडों को भी अपना शिकार बनाता है. इसका यहां दिखना आनोखी बात है रातापानी टाइगर रिजर्व के अधीक्षक सुनील भारद्वाज ने कहा, "4 मार्च को सुबह के समय इस गिद्ध को यहां देखा गया था. पूरे विश्व में विलुप्त हो रहे पक्षियों में से यह गिद्ध एकहै, जिसे संरक्षण की आवश्यकता है. रातापानी टाइगर रिजर्व में प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और उन्हें बेहतर पर्यावास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि यहां आने वाले प्रवासी पक्षी स्वतंत्र विचरण कर सकें. मिस्र के गिद्ध का यहां पर दिखना अपने आप में अनोखी बात है." recent visitors 24

स्कूल टीचर को एडल्ट वेबसाइट पर मॉडल के रूप में काम करते पकड़े जाने पर निलंबित कर दिया

रोम इटली में एक कैथोलिक स्कूल की टीचर को एडल्ट वेबसाइट ओनली फैंस पर मॉडल के रूप में काम करते हुए पकड़े जाने पर निलंबित कर दिया गया। दरअसल, 20 वर्षीय एलेना मारागा एक स्कूल शिक्षिका के तौर पर बच्चों को पढ़ाने के अलावा ओनली फेंस पर भी काम करती थी। एक बच्चे के माता-पिता ने उसे एडल्ट वेबसाइट पर काम करते हुए पहचान लिया। बाद में उन्होंने व्हाट्सअप ग्रुप चैट और फेसबुक के माध्यम से बाकी अभिभावकों को इस बारे में जानकारी दी। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी ने मिलकर स्कूल प्रशासन से इसकी शिकायत की। बाद में स्कूल प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मरागा को सस्पेंड कर दिया। मरागा ने इस कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि वह अपने खाली समय में जो भी करती हैं उससे किसी को क्या ही नुकसान हो सकता है। मरागा ने कहा कि स्कूल की तरफ से उसे वर्तमान में लगभग 1200 यूरो सैलरी के तौर पर मिलते हैं जो कि अस्थाई हैं, इसलिए मैंने पहले ही अन्य करियर के बारे में सोच लिया था। मरागा ने कहा कि मैं ऐसे कई दोस्तों को जानती हूं जो इसमें मुझसे बहुत बेहतर कमाते हैं। मुझे मेरे शरीर पर गर्व है, मैंने इसे काफी मेहनत के साथ बनाया है। ऐसे में मैं इसे दिखाना पसंद करती हूं। इतावली मीडिया के अनुसार, मरागा के पास शैक्षिक रूप से विज्ञान की डिग्री है और उन्हें कैथोलिक नर्सरी स्कूल में काम करने का 5 साल का अनुभव है। recent visitors 47

हॉटलाइन मेंटेनेन्स करने वाले कर्मियों का भत्ता 40 रुपये के स्थान पर मिलेगा अब 80 रुपए प्रति ऑपरेशन

भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश पर मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कम्पनी (एम.पी. ट्रांसको) में  एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइनों एवं सब-स्टेशनों का हॉटलाइन पद्धति से बिना शट-डाउन लिये मेंटेनेन्स जॉब/ऑपरेशन करने वाले कर्मियों के भत्ते में दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। साथ ही प्रति ऑपरेशन के लिये दिये जाने वाले भत्ते में भी दोगुनी वृद्धि कर दी गई है। 40 रुपये के स्थान पर मिलेगा अब 80 रुपए प्रति ऑपरेशन भत्ता अब दोगुना मिलेगा। पहले यह 6 रुपये से 40 रुपये के मध्य मिलता था, अब यह 12 रूपये से 80 रुपये तक प्रति जॉब/ऑपरेशन के हिसाब से मिलेगा। हॉटलाइन पद्धति के माध्यम से बिना शट-डाउन लिये एक्स्ट्रा हाईटेंशन लाइनों का मेंटेनेन्स जॉब करने के लिये कार्मिक की सहमति आवश्यक होती है। एम.पी. ट्रांसको द्वारा उन कार्मिकों को बैंगलुरु के केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण से प्रशिक्षण दिलवाने के बाद ही वह जॉब/ऑपरेशन के लिये पात्र होता है। जॉब/हॉटलाइन ऑपरेशन अत्यंत जोखिम भरा होने के कारण कार्मिकों को यह भत्ता दिया जाता है। आदेश हुए जारी ऊर्जा मंत्री तोमर की पहल पर एम.पी ट्रांसको के कार्मिकों को हॉट लाइन मेंटेनेंस भत्ते में 2013 के बाद बढ़ोतरी की गई। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिये हैं। संविदा कार्मिको को भी मिलता है हॉट लाइन भत्ता इसके पहले ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर ही एम.पी. ट्रांसको में कार्यरत संविदा कार्मिकों को भी हॉटलाइन मेंटेनेन्स प्रशिक्षण देकर उन्हें भी हॉटलाइन भत्ता दिया जाता है। पहले यह सिर्फ नियमित कार्मिकों के लिए लागू था।   recent visitors 28

अल्लू ने शाहरुख-सलमान को फीस के मामले में भी छोड़ा पीछे,A6 के लिए चार्ज किए इतना

साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़े हैं। इस फिल्म ने साउथ में ही नहीं बल्कि हिंदी बेल्ट में भी जमकर कमाई की। वहीं, अब अल्लू अर्जुन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जवान मूवी के डायरेक्टर एटली अब अल्लू अर्जुन के साथ मिलकर एक मेगा-बजट ‘पैरेलल यूनिवर्स’ फिल्म ‘A6’ बना रहे हैं, और इसके लिए तैयारी का काम जोरों पर चल रहा है। क्या आप जानते हैं इस फिल्म के लिए अल्लू ने मोटी रकम वसूली है और इसी के साथ ही वो भारत के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले अभिनेता बन जाएंगे। आइए जानते हैं अल्लू की फीस? एटली की A6 के लिए अल्लू ने वसूली मोटी रकम पिंकविला की रिपोर्ट के अनुसार, अल्लू अर्जुन अपनी अगली फिल्म डायरेक्टर एटली के साथ करने जा रहे हैं। अल्लू अर्जुन ने निर्माता सन पिक्चर्स के साथ 175 करोड़ रुपये की डील साइन की है, साथ ही मुनाफे में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी का बैकएंड सौदा भी किया है। यह अब तक किसी अभिनेता द्वारा किया गया सबसे बड़ा फ्रंट-एंड डील है, और अल्लू ने अगस्त 2025 से एटली और सन पिक्चर्स के लिए तारीख भी बुक कर दी हैं। सलमान खान की फीस प्री-प्रोडक्शन में लगने वाले समय के आधार पर, अगस्त से अक्टूबर के बीच फिल्म को शुरू करने का विचार है। ए6 को वीएफएक्स पर आधारित एक लेवल पर बनाने की बात की जा रही है। बता दें कि सलमान खान की मौजूदा फीस 100 करोड़ रुपये है। फिल्म की शूटिंग 2025 के सेकंड हाफ में शुरू होने की उम्मीद है। पुष्पा 2 की कमाई अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया है। इस फिल्म ने भारतीय सिनेमा के लिए एक नया बेंचमार्क स्थापित कर दिया है। सुकुमार द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने भारत में अपने पहले दिन 175.1 करोड़ की शानदार कमाई की। फिल्म में एक बार फिर से अल्लू और रश्मिका मंदाना की जोड़ी ने हर किसी का दिल जीता। recent visitors 40

2040-जेट… एक किलो सोने में क्या खरीद सकते हैं आप?1990-मारुति, 2000-एस्टीम, 2025-बीएमडब्ल्यू

नई दिल्ली  सोने की कीमत रोज-रोज नए रेकॉर्ड बना रही है। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 91,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई। यानी एक किलो सोने की कीमत 91 लाख रुपये के पार पहुंच गई है। इतने पैसों में आप आप एक BMW या Audi जैसी गाड़ी खरीद सकते हैं। 1990 मेंएक किलो सोने की कीमत में सिर्फ एक मारुति 800 आती थी। BMW X1 की शुरुआती कीमत लगभग 50.80 लाख रुपये है। वहीं नई X3 पेट्रोल/डीजल मॉडल की कीमत 97.80 लाख रुपये है। एक किलो सोने की कीमत में आप Audi A4, S5, A6 और Q3 जैसे मॉडल भी खरीद सकते हैं। SEBI में रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट ए के मंधान ने 16 मार्च को एक ट्वीट किया था। उन्होंने बताया कि कैसे सोने की कीमतें कारों की तुलना में बदल गई हैं। 1990 में 1 किलो सोना Maruti 800 खरीदने के लिए काफी था। साल 2000 तक इससे Maruti Suzuki Esteem खरीदी जा सकती थी। 2005 में यह एक Toyota Innova खरीदने के लिए पर्याप्त था। 2010 तक एक Toyota Fortuner खरीदी जा सकती थी। 2019 तक 1 किलो सोना BMW X1 खरीदने के लिए काफी था। कहां तक जाएगी कीमत उन्होंने ट्वीट किया, '1 किलो सोना रखिए और 2040 तक इंतजार कीजिए… शायद आप एक प्राइवेट जेट खरीद सकें।' पिछले तीन साल से सोने की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। 2024 में इसने पिछले दस साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। बीते साल सोने की कीमत में 26% की बढ़ोतरी हुई है। सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और दुनिया में तनाव से सोने की चमक बढ़ी। 2025 में अब तक सोने की कीमत में 15% की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 11,735 रुपये बढ़ गई है। सोने की ताकत लगातार बढ़ रही है। यह हर साल ऊपर जा रहा है। जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतें अभी और बढ़ेंगी। दुनिया में तनाव के कारण लोग सोना खरीदना पसंद कर रहे हैं। मध्य पूर्व में अस्थिरता और चीन की अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन योजनाओं ने सोने की सुरक्षित ठिकाने की मांग को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, गाज़ा संकट और ट्रेड टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनाकर सोने में निवेश कर रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है।   1947: ₹8,000 1948: ₹9,587 1949: ₹9,417 1950: ₹9,918 1951: ₹9,805 1952: ₹7,681 1953: ₹7,306 1954: ₹7,775 1955: ₹7,918 1956: ₹9,081 1957: ₹9,062 1958: ₹9,538 1959: ₹10,256 1960: ₹11,187 1961: ₹11,935 1962: ₹11,975… बता दें कि बीते 3 वर्षों में सेंट्रल बैंकों की खरीद और वैश्विक तनाव के चलते इसकी कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। 2024 में भी यह रैली जारी है, और विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक प्रोत्साहन उपायों के कारण सोने की कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं।   recent visitors 46