Sunday, July 5, 2026 6:12 am

परिवार के हर सदस्य को सफलता दिलाता है घर के मुखिया

बात जब सफलता की होती है तो लोग अकसर मेहनत के जरिए लक्ष्य हासिल करने वाले युवाओं के बारे में जिक्र करते हैं। लेकिन सक्सेस मंत्रा में आज बात सफलता का रास्ता ढूंढने वाले युवाओं की नहीं बल्कि घर के मुखिया के गुणों के बारे में की जाएगी। जी हां, किसी भी घर का मुखिया उस घर का आईना होता है। जिसे देखकर कोई भी घर में रहने वाले सदस्यों के बारे में काफी हद तक सही अंदाजा लगा सकता है। चाणक्य नीति में भी घर के मुखिया के बारे में कई जरूरी बातें बताई गई हैं। चाणक्य नीति के अनुसार घर के मुखिया में ये गुण मौजूद होने पर वह घर काफी तरक्की करता है। उस घर में रहने वाले हर सदस्य को सफलता मिलती है। तो आइए जानते हैं घर के मुखिया में कौन से गुण मौजूद होने चाहिए। बेहतर फैसले लेने की क्षमता- घर का मुखिया ऐसा होना चाहिए, जो घर से जुड़े सभी फैसले खुद लेने की क्षमता रखता हो। उसके फैसले ऐसे होने चाहिए जो ना सिर्फ बेहतर हों बल्कि उनसे घर के किसी सदस्य को तकलीफ या नुकसान भी न पहुंचें। बेकार खर्चों पर लगाए रोक- घर के मुखिया का दिमाग तेज होने के साथ दूरदर्शी भी होना चाहिए। उसे इच्छा और जरूरत में फर्क करना आना चाहिए। घर के मुखिया को इस बात का खासतौर पर ख्याल रखना चाहिए कि वह परिवार के सदस्यों की जरुरत पर पैसा खर्च करते हुए फिजूल खर्च करने से बचें। उसे इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि पैसों का सही इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। भेदभाव करने से बचें- परिवार का हर सदस्य अपनी हर समस्या का हल खोजने के लिए घर के मुखिया के पास ही आता है। ऐसे में घर के मुखिया के पास ही सबकी परेशानियों का हल निकालने की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में घर के मुखिया को घर के किसी सदस्य के साथ भेदभाव किए बिना एकतरफा निर्णय नहीं लेना चाहिए। और किसी के साथ भी भेदभाव नहीं करना चाहिए. मुखिया को एक ही क़ानून बनाना चाहिए और वही कानून सभी पर लागू होना चाहिए. सतर्क रहें- घर के मुखिया को हर समय सतर्क रहते हुए आसानी से किसी की भी बात पर भरोसा नहीं कर लेना चाहिए। घर के किसी भी सदस्य के बीच विवाद होने पर उसे दोनों पक्षों का निर्णय ध्यान से सुनना चाहिए। जिसके बाद ही उसे किसी भी तरह का कोई फैसला देना चाहिए। ध्यान रखें आपका एक गलत निर्णय किसी की लाइफ खराब कर सकता है। अनुशासन का पालन- व्यक्ति के जीवन में अनुशासन मौजूद होने से वो किसी भी काम को सफलतापूर्वक कर सकता है। ऐसे व्यक्ति की लाइफ में सफलता पाने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती है। यही वजह है कि जिस घर का मुखिया अनुशासन प्रिय होता है, वहां रहने वाले सदस्य हमेशा तरक्की हासिल करते हैं। recent visitors 42

जम्मू-कश्मीर के डोडा में संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

जम्मू जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह बरामदगी डोडा की भद्रवाह तहसील के भलरा इलाके में तलाशी के दौरान की गई। अधिकारियों ने कहा, "संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान, एके-सीरीज के 25 कारतूस, एक पिस्तौल, तीन पिस्तौल मैगजीन और पिस्तौल के छह कारतूस बरामद किए गए हैं। यह एक महत्वपूर्ण जब्ती है जो क्षेत्र में उपद्रवी तत्वों की मौजूदगी को दर्शाती है।" अधिकारियों ने कहा, "यह अभियान खुफिया सूचनाओं पर आधारित था, जिसमें सुरक्षाबलों को संदेह था कि इलाके में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की कोशिशें की जा रही हैं। ऐसे हथियारों का होना खतरा पैदा करता है। इन हथियारों को जमा करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।" पिछले छह महीनों से आतंकवादियों ने जम्मू डिवीजन के डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, पुंछ, रामबन और कठुआ जिलों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। इन जिलों के घने जंगली इलाकों को आतंकवादियों द्वारा छिपने की जगह के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। माना जा रहा है कि ये ज्यादातर कट्टर विदेशी भाड़े के आतंकवादी हैं। इन आतंकवादियों की कार्यप्रणाली यह रही है कि वे हमला करके तुरंत भाग जाते हैं और फिर घने जंगलों में छिप जाते हैं। आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए सेना और सुरक्षा बलों ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है। केवल घेराबंदी और तलाशी अभियान पर निर्भर रहने के बजाय, सेना और सुरक्षाबल अब जंगली इलाकों में भी तैनात हैं। जंगल युद्ध में प्रशिक्षित 4,000 से अधिक विशिष्ट कमांडो अब पुंछ, राजौरी, डोडा, किश्तवाड़, कठुआ और रामबन जिलों के वन क्षेत्रों में तैनात हैं। सेना और सुरक्षा बलों की रणनीति में बदलाव के बाद इन जिलों में आतंकवादी हमलों में कमी आई है। recent visitors 31

रोहिताश गौर ने शिल्पा शिंदे के साथ फोटो सोशल मीडिया पर की शेयर

मुंबई टीवी एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे ने साल 2015 से 2016 तक 'भाभी जी घर पर हैं!' सीरियल में अंगूरी भाभी का किरदार निभाया था। उन्हें इस किरदार में बहुत पसंद किया गया था। वो घर-घर में अंगूरी भाभी के नाम से फेमस हो गई थीं। पर कुछ समय बाद की उन्होंने शो छोड़ दिया। कहा गया कि उनकी मेकर्स से अनबन हो गई थी। खैर। अब करीब 10 साल बाद उन्हें इस शो में ऑनस्क्रीन पति तिवारी जी का रोल निभाने वाले एक्टर रोहिताश गौर मिल गए। उनकी फोटो वायरल हो रही है। रोहिताश गौर ने शिल्पा शिंदे के साथ फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, 'हाल ही में शिल्पा शिंदे से मुलाकात हुई। उनके करिश्माई व्यक्तित्व का एक अलग ही पहलू देखने को मिला।' खुशी से झूम उठे फैंस तिवारी जी और अंगूरी भाभी यानी रोहिताश और शिल्पा को साथ देख फैंस की यादें ताजा हो गईं। कॉमेंट्स की बाढ़ आ गई है। एक फैन ने लिखा, '10 साल बाद।' दूसरे ने कॉमेंट किया, 'ओ लड्डू के भैया की पुरानी पगली।' एक और लिखते हैं, 'ओल्ड इज गोल्ड।' इन शोज में नजर आईं शिल्पा शिंदे शिल्पा शिंदे ने 'भाभी जी घर पर हैं!' छोड़ने के बाद रिएलिटी शो 'बिग बॉस 11' में पार्टिसिपेट किया और इस सीजन की विनर रहीं। फिर वो 'गैंग्स ऑफ फिल्मिस्तान' में दिखीं। उन्हें 'झलक दिखला जा 10', 'मैडम सर' और पिछली बार 'खतरों के खिलाड़ी 14' में देखा गया। इस शो को पिछले सीजन में वो मेहमान बनकर आई थीं और करण वीर मेहरा को सपोर्ट किया था, जो इस सीजन के विनर हैं। recent visitors 39

पर्व आध्यात्मिक संस्कृति और विज्ञान का मिश्रण है, यादव समाज के होली मिलन समारोह में शामिल हुई राज्य मंत्री गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि बांके बिहारी से प्रार्थना करती हूं की होली का यह त्यौहार, जितने रंगों से मनाया जाता है वह सारे रंग प्रभु आप सबके जीवन में भर आपके जीवन को आनंद और खुशहाली से समृद्ध करें। होली का यह पावन पर्व हमारी भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति और विज्ञान का मिश्रण है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर रविवार को राजधानी यादव समाज के भोपाल में आयोजित होली मिलन समारोह संबोधित कर रही थी। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि यादववंशियों के लिए इस पर्व का बहुत महत्व है, क्योंकि हम ब्रज की होली को भगवान कृष्ण से जोड़कर मनाते हैं। ब्रज की होली भगवान श्री कृष्ण के प्रति समर्पण और भक्ति का भाव है। सबके मन में भगवान श्री कृष्ण के प्रति श्रद्धा है, उस श्रद्धा का स्वरूप इस प्रकार के आयोजनों में बड़ी संख्या में समाज की एकजुटता के साथ दिखाई देता है। समाज हमारा एकजुट हो, समाज हमारा मजबूत हो ऐसी अभिलाषा हर किसी की होती है। यादव समाज के लोगों में योग्यता और प्रतिभा कूट-कूट कर भरी हुई है। राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि शहर के बीचों-बीच बांके बिहारी और राधा रानी सरकार का यह सुंदर मंदिर और भवन बन रहा है। उन्होंने मंदिर और भवन के निर्माण में बाबू जी पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर के योगदान का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा वह भी इस कार्य में पूरी निष्ठा और समर्पण से अपना योगदान देंगी।   recent visitors 56

राज कुंद्रा ने राकेश मेहता की फिल्म ‘मेहर’ की शूटिंग पूरी की

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और उद्योगपति राज कुंद्रा ने राकेश मेहता निर्देशित फिल्म ‘मेहर’ की शूटिंग पूरी कर ली है। राज कुंद्रा पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में अपने पहले प्रोजेक्ट ‘मेहर’ के साथ कदम रख रहे हैं। उन्होंने पहले ही मोहाली में इस फिल्म की शूटिंग शुरू करने की घोषणा की थी, और अब मात्र तीस दिनों में उन्होंने फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली है। शूटिंग खत्म करने के बाद राज कुंद्रा ने पूरी कास्ट के साथ जश्न मनाया और इस खास पल को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया। राज कुंद्रा ने फिल्म की कास्ट के साथ एक वीडियो साझा किया, जिसमें सभी शूटिंग पूरी होने का जश्न मना रहे हैं। वीडियो के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, यह खत्म हुआ! 'मेहर' पर 30 दिनों की कड़ी मेहनत, जुनून और अविस्मरणीय यादें! पूरी टीम को इस शानदार सफर के लिए बधाई। अब इंतजार नहीं हो रहा कि आप सभी पांच सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में इस जादू को देखें। मशहूर पंजाबी फिल्म निर्माता राकेश मेहता निर्देशित फिल्म मेहर में राज कुंद्रा एक अनोखे किरदार में नजर आएंगे। फिल्म मेहर में गीता बसरा, मास्टर अगमवीर सिंह, बनिंदर बन्नी, सविता भट्टी, रुपिंदर रूपी, दीप मंदीप, आशीष दुग्गल, हॉबी धालीवाल, तरसेम पॉल और कुलवीर सोनी भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म डीबी डिजिटेनमेंट और रघु खन्ना द्वारा प्रस्तुत की गई है, जबकि दिव्या भटनागर और रघु खन्ना इसके निर्माता हैं। फिल्म के सिनेमैटोग्राफर आशुदीप शर्मा हैं।   recent visitors 37

एथलेटिक थेरेपिस्ट बन बनाएं ब्राइट करियर

इंडिया में अगर इंजीनियरिंग, मेडिकल, आइएएस, एंटरप्रेन्योरशिप में करियर बनाने का क्रेज है, तो स्पोट्र्स का पैशन रखने वाले और उसे प्रोफेशन के रूप में अपनाने वाले भी कम नहीं हैं। खिलाड़ी के रूप में नाम कमाने के अलावा स्पोट्र्स गुड्स इंडस्ट्री से जुड़कर भी लाखों युवा अपना भविष्य संवार रहे हैं। एक अनुमान के अनुसार, इस इंडस्ट्री में पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इंटरनेशनल मार्केट में इंडियन स्पोट्र्स गुड्स की विश्वसनीयता बढऩे से एक्सपोर्ट मार्केट में इंडस्ट्री की धाक है। इधर, स्पोर्टिंग इवेंट्स में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है। वे अपनी ट्रेनिंग और फिटनेस पर पूरा फोकस कर रहे हैं, जिससे एथलेटिक थेरेपी एक नए विकल्प के तौर पर सामने आया है। क्या है एथलेटिक थेरेपी? एथलेटिक थेरेपी को स्पोट्र्स मेडिसिन भी कहते हैं। इसमें किसी भी खिलाड़ी की परफॉर्मेंस में सुधार लाने के लिए मेडिकल साइंस का इस्तेमाल किया जाता है। इसके तहत खिलाडिय़ों को ट्रेनिंग देनेे की साइंटिफिक तकनीक बताई जाती है, जिससे वे चोटिल होने पर भी दोबारा जल्द वापसी कर सकते हैं या फिर चोटिल हुए बिना अपनी परफॉर्मेंस को बेहतर कर सकते हैं। एक एथलेटिक थेरेपिस्ट का काम किसी भी घायल खिलाड़ी को तुरंत राहत और सपोर्ट उपलब्ध कराना होता है। इसके अलावा, दूसरे हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, फिजिकल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, ऑर्थोपेडिक एक्सपट्र्स की मदद से खिलाडिय़ों का रीहैबिलेशन किया जाता है। उन्हें चोट से बचाव के उपाय बताए जाते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन एथलेटिक थेरेपिस्ट बनने के लिए आपके पास स्पोट्र्स मेडिसिन (एमबीबीएस), स्पोट्र्स फिजिकल थेरेपी में मास्टर्स डिग्री होनी चाहिए। साथ ही, एक्सरसाइज फिजियोलॉजी और एथलेटिक ट्रेनिंग में अतिरिक्त सर्टिफिकेट होने से फायदा मिलेगा। स्टूडेंट्स के पास फस्र्ट-एड और लाइफ सपोर्ट में सर्टिफिकट होना आवश्यक है। आप फिजियोथेरेपी में डिग्री कोर्स करके भी इस सेक्टर में आ सकते हैं। इंडिया में कई इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज फिजियोथेरेपी में मास्टर्स कोर्स संचालित करती हैं। बेसिक स्किल्स एथलेटिक थेरेपिस्ट के लिए खेल के प्रति लगाव, मोटिवेशन और दृढ़निश्चय का होना सबसे पहली जरूरत है। इसके साथ ही गंभीर मेडिकल अवस्था की जांच के लिए क्लीनिकल एक्सपीरियंस होना चाहिए। इसके अलावा, बेसिक साइकोलॉजिकल स्किल्स होना भी जरूरी है, ताकि मरीजों से इंटरैक्शन में कोई दिक्कत न हो। जो लोग करियर में ऊंची छलांग लगाना चाहते हैं, उन्हें स्पोट्र्स मेडिसिन में हो रहे लेटेस्ट डेवलपमेंट्स की जानकारी रखनी चाहिए। संभावनाएं इन दिनों जिस तरह से खिलाड़ी इंजरी मैनेजमेंट से लेकर अपने खेल को उन्नत बनाने के लिए साइंटिफिक अप्रोच के साथ काम कर रहे हैं, उसे देखते हुए जॉब मार्केट में एथलेटिक या स्पोट्र्स थेरेपिस्ट की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। जिम और स्पोट्र्स कल्चर के बढऩे से भी यह एक आकर्षक विकल्प के रूप में चुना जा रहा है। मल्टीनेशनल स्पोट्र्स कंपनीज एथलेटिक थेरेपिस्ट्स को हायर करती हैं। वैसे, इंजरी प्रिवेंशन या मैनेजमेंट, मस्क्यूलोस्केलेटल रिहैबिलिटेशन में ट्रेन्ड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, चाहें तो इस सेक्टर में मनचाहा मुकाम हासिल कर सकते हैं। सैलरी एक एथलेटिक थेरेपिस्ट करियर की शुरुआत में 40 हजार रुपये आसानी से कमा सकता है। अनुभव बढऩे के साथ ही सैलरी 75 हजार रुपये से तीन लाख रुपये महीने तक हो सकती है। प्रमुख इंस्टीट्यूट्स -जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली -मणिपाल यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु -इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली -एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा -गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर -डी.वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी, पुणे   recent visitors 38

इंदौर में चलेगा जल गंगा जल संरक्षण अभियान, सघन वृक्षारोपण भी किया जायेगा

इन्दौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार इंदौर जिले में जल गंगा जल संरक्षण अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत जहां एक ओर नये तालाब बनाये जायेंगे, वहीं दूसरी ओर पुराने तालाबों, बावड़ियों और कुँओं का जीर्णोद्धार कराया जायेगा। साथ ही सघन वृक्षारोपण भी होगा। इसके लिए जिले में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। यह अभियान 30 मार्च से प्रारंभ होकर आगामी 30 जून तक सतत चलेगा। यह जानकारी जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न हुई बैठक में दी गई। बैठक में कलेक्टर श्री आशीष सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री सिद्धार्थ जैन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्री मनोज पटेल तथा श्री मधु वर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भारत सिंह पटेल, श्री श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों को साकार करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार यह अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान जन-जन के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। "जल है तो कल है", जल से आने वाली ‍पीढ़ी का भविष्य जुड़ा हुआ है। जल चिन्ता व चिंतन दोनों का विषय है। जल हमारी धरोहर है। हमारी संस्कृति एवं परंपरा में जल और वृक्षों की पूजा का बड़ा महत्व है, इसको देखते हुए इस अभियान को बेहतर और प्रभावी रूप से क्रियान्वित करना होगा। इस अभियान समाज के हर वर्ग की भागीदारी से जन आंदोलन बनाया जायेगा। हमारा प्रयास होगा की यह अभियान एक आदर्श और अनुकरणीय हो तथा देश में नम्बर वन बनें। बैठक के पश्चात अतिथियों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने कहा कि इस अभियान को सभी के सहयोग से जन आंदोलन के रूप में चलाया जायेगा। अभियान में जल संरक्षण के साथ ही वृक्षारोपण पर भी विशेष ध्यान दिया जायेगा। बैठक में बताया गया कि अभियान के तहत शुरूआत में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व वाले तालाबों, जल स्रोतों तथा देवालयों में जल संरक्षण के कार्य किये जायेंगे। जल गंगा जल संरक्षण अभियान की शुरुआत 30 मार्च 2025 से की जायेगी।  इस अभियान में जल स्रोतों और देवालयों की सफाई की योजना बनाई जाएगी। यह संतों, जन प्रतिनिधियों, स्थानीय समुदाय और सरकार के संयुक्त प्रयास से संचालित होगा, जिसमें मशीन, सामग्री व श्रम का समुचित नियोजन किया जाएगा । कार्य पूर्ण होने पर वरुण पूजन और जल अभिषेक होगा तथा रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय समुदायों को दी जाएगी। बनेंगे 19 नये अमृत सरोवर जिले में गत वर्ष चलाये गये अभियान के तहत 101 नये अमृत सरोवर बनाये गये थे। इन सरोवरों को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्यवाही की जायेगी। अभियान में अमृत सरोवर 2.0 के तहत 19 नए तालाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगभग 4 करोड़ 18 लाख रुपये व्यय होना संभावित है । अब तक 10 स्थलों का चयन हो चुका है, जबकि शेष का चयन 30 मार्च 2025 तक वैज्ञानिक (GIS) पद्धति से किया जाएगा । तालाबों से हटेंगे अतिक्रमण अभियान के तहत राजस्व विभाग के साथ तालाबों का सीमांकन किया जायेगा। राजस्व अभिलेखों में नवीन तालाबों को दर्ज किया जायेगा। तालाबों पर अतिक्रमण को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी। तालाबों की सीमा को दर्शाने हेतु चॉदे-मुनारे बनाये जायेंगे। तालाबों का जन भागीदारी से गहरीकरण होगा । मनरेगा एवं अन्य योजनाओं से तालाब का जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण किया जायेगा। तालाबों में जल की आवक बढ़ाने के लिये इनलेट क्षमता बढ़ायी जायेगी। तालाबों के पास पौधारोपण होगा । उपयोगकर्ता समूह बनाकर संधारण एवं रख रखाव किया जायेगा। नदियों के स्त्रोत के कैचमेंट पर होंगे कार्य जिले की महत्वपूर्ण नदियों के स्त्रोत से वाटरशेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य किये जायेंगे । रिमोट सेंसिंग और फील्ड सर्वेक्षण के आधार पर कार्ययोजना बनाकर एक वर्ष के भीतर कार्य पूर्ण किया जाएगा । गेबियन संरचना, ट्रेंच, वृक्षारोपण, चेकडेम तालाब आदि कार्य समुदाय की भागीदारी से किये जायेंगे। पूर्व निर्मित जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार पूर्व में उपयोगी रहे लेकिन वर्तमान में अनुपयोगी चेकडेम व स्टॉप डेम का सर्वेक्षण किया जाएगा । सर्वेक्षण के आधार पर जीर्णोद्धार की कार्ययोजना तैयार कर कार्य किये जायेंगे। गाद निकालने में समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी । ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक कुँओं की मुण्डेर को सुव्यवस्थित किया जायेगा। recent visitors 27