Sunday, July 5, 2026 10:38 am

ChatGPT की एक हरकत आई सामने, शख्‍स को बता दिया बच्‍चों की हत्‍या का आरोपी

एलन मस्‍क के ग्रोकआई के कारनामे सुर्खियों में हैं, इस बीच ओपनएआई के ChatGPT की एक हरकत सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नॉर्वे के एक व्‍यक्ति ने चैटजीपीटी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शख्‍स का आरोप है कि एआई ने उसे उसके दो बच्‍चों की हत्‍या का आरोपी बता दिया। यह भी कहा कि उसने अपने तीसरे बच्‍चे को मारने की कोशिश की। चैटजीपीटी पर आरोप लगाया गया है कि उसने यूरोप के नियमों का उल्‍लंघन किया है। नियमों के अनुसार, पर्सनल डेटा सही होना चाहिए। क्‍या है मामला शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति का नाम अर्वे हल्मार होलमेन है। वह हमारी-आपकी तरह ही नॉर्वे के एक आम नागरिक हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक दिन उन्‍होंने चैट जीपीटी से अपने बारे में जानकारी मांगी। लिखा कि अर्वे हल्मार होलमेन कौन है? इस पर जवाब मिला- ''अर्वे हल्मार होलमेन नॉर्वे के रहने वाले हैं। एक घटना के बाद उन्‍होंने सबका ध्‍यान खींचा। उनके दो बेटे थे। एक दस साल और दूसरा सात। दोनों बच्चे दिसंबर 2020 में अपने घर के पास एक तालाब में मृत मिला। चैटजीपीटी ने आगे लिखा कि घटना ने पूरे देश को चौंका दिया। होलमेन को उनके बच्‍चों की हत्‍या के लिए 21 साल की सजा सुनाई गई।'' चिंता, लोग झूठ को सच मान सकते हैं अपने बारे में यह सुनकर अर्वे हल्मार होलमेन को झटका लगा। इसके बाद Noyb नाम के डिजिटल राइट्स ग्रुप ने ओपनएआई की शिकायत की है। इसमें ओपनएआई पर जुर्माना लगाने की मांग की गई है। होल्‍मेन की चिंता इस बात को लेकर है कि लोग इस झूठ को सच मान सकते हैं। चैटजीपीटी के पुराने वर्जन की शिकायत डिजिटल राइट्स ग्रुप के वकील का कहना है कि कोई भी झूठी जानकारी नहीं फैला सकता। इस मामले में ओपनएआई ने कहा है कि शिकायत चैटजीपीटी के पुराने वर्जन के बारे में है। कंपनी के मुताबिक वह अपने मॉडल्‍स को बेहतर बनाने और गलतियों को कम करने के तरीके खोज रही है। डिजिटल राइट्स ग्रुप का कहना है कि चैटजीपीटी को लोगों के बारे में गलत जानकारी नहीं देनी चाहिए। ग्रोकएआई भी विवादों में चैटजीपीटी के अलावा एलन मस्‍क का ग्रोकएआई भी विवादों में है। भारत में इसने कई यूजर्स को गाली दी है। उनके अपमाजनक भाषा में बात की है। ग्रोकएआई ने कई बड़े नेताओं को भी अपशब्‍द कहे हैं। यही नहीं, दिल्‍ली पुलिस को भी सख्‍त लहजे में जवाब दिया है, जिससे कई यूजर्स नाराज दिख रहे हैं। ग्रोक एआई के मामले में सरकार ने अपने स्‍तर पर जांच की बात कही है। इन घटनाक्रमों ने सवाल उठाया है कि एआई टूल्‍स को किस स्‍तर तक इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए। ओपनएआई और एलन मस्‍क के टूल्‍स क्‍या इतने भरोसेमंद हैं कि उन पर विश्‍वास किया जाए। चैटजीपीटी और ग्रोक एआई की तरह ही गूगल का जेमिनीएआई भी विवादों में आ चुका है। recent visitors 32

दक्षिणी गाजा पट्टी में बमबारी में हमास का बड़ा नेता समेत 19 मारे गए, इजरायल ने डरावनी बना दीं गाजा की रातें

इजरायल दक्षिणी गाजा पट्टी में रविवार को रातभर हुए इजराइली हमलों में हमास के एक बड़े नेता समेत कम से कम 19 फलस्तीनी मारे गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस बीच, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर एक और मिसाइल दागी, जिससे हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इजराइली सेना ने कहा कि मिसाइल को बीच में ही मार गिराया गया और इससे जान-माल का किसी प्रकार का नुकसान होने की जानकारी नहीं है। दक्षिणी गाजा के दो अस्पतालों ने बताया कि रातभर हुए हमलों में मारे गए बच्चों एवं महिलाओं समेत 17 लोगों के शव अस्पताल लाए गए हैं। हमास ने बताया कि खान यूनिस के पास हुए हमले में उसके राजनीतिक ब्यूरो और फलस्तीनी संसद के सदस्य सलाह बर्दाविल और उसकी पत्नी की मौत हो गई। बर्दाविल हमास की राजनीतिक शाखा का जाना-माना सदस्य था। अस्पतालों द्वारा बताई गई मृतकों की संख्या में हमास के नेता और उसकी पत्नी का नाम शामिल नहीं है। इजरायल ने लेबनान में भी कई ठिकानों को निशाना बनाया है जिसमें कम से कम 6 लोगों की मारे जाने की खबर है। पूर्वी और दक्षिणी लेबनान को निशाना बनाकर शनिवार को किए गए इज़रायली हवाई हमलों में कम से कम छह लोग घायल भी हो गए। लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में, टायर शहर के साथ-साथ कई घाटियों और गांवों को निशाना बनाकर इज़रायली हवाई हमले में छह लोगों की मौत हो गई और 22 लोग घायल हो गए। साथ ही पूर्वी लेबनान में हुए हमलों में छह लोग घायल हो गए। इस बीच, लेबनान के एक सुरक्षा सूत्र ने बताया कि इज़रायल ने शनिवार शाम तक 15 हवाई हमले किए हैं। recent visitors 21

नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में बड़ी सफलता, 22 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

बीजापुर छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में पुलिस को आज एक और बड़ी सफलता मिली है. कोर नक्सल क्षेत्र बीजापुर में 22 नक्सलियों ने आज आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सली में तेलंगाना स्टेट कमेटी और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर के सदस्य हैं. इनमें से 6 लोगों पर कुल 11 लाख रुपये का ईनाम घोषित था. सभी 22 नक्सली फायरिंग, आईडी ब्लास्ट और आगजनी जैसे अन्य अपराधों में शामिल रहे हैं. बता दें, प्रदेशभर में नक्सलियों के खात्मे के लिए सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. बीजापुर जिले में वर्ष 2025 में अब तक कुल 107 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 143 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा, 82 माओवादियों को सुरक्षाबलों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया है. पुलिस लगातार उनके हथियार, कैश और दैनिक जीवन से संबंधित सामाग्रियों को खोजकर जब्त कर रही है. साथ ही सप्लायरों को भी दबोचा गया है. इससे माओवादी संगठन में काफी दबाव बना है. वहीं सरकार ने नक्सलियों को समाज में वापिस लौटने और एक सामान्य जीवन जीने के लिए भी रास्ता दिया है. सरकार की नियद नेल्लानार और पुनर्वास योजना से प्रभावित होकर कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. इसी प्रकार आज इन 22 नक्सलियों ने भी सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़ने और प्रदेश के विकास में सहियोग देने के लिए सरेंडर कर दिया है. सभी नक्सलियों ने बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल और उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू सहित अन्य अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को 25-25 हजार रुपये की नगद राशि प्रदान की गई है. नक्सलियों के सरेंडर को लेकर पुलिस ने कहा कि “यह आत्मसमर्पण सरकारी पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के प्रति विश्वास को दर्शाता है. यह सफलता सुरक्षा बलों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है.” recent visitors 21

मुस्कान का परिवार केस लड़ने को तैयार नहीं है ऐसे में सरकारी वकील के लिए न्यायालय को लिखा पत्र, जेलर से लगाई गुहार

नई दिल्ली दिल दहला देने वाले हत्याकांड के बाद आरोपी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी के दिन अब जेल में कट रहे हैं। बताया गया कि जेल में भी वे नशे के लिए तड़पते रहे। वे खाना भी नहीं खा रहे हैं। वहीं जेल प्रशासन ने नशा छुड़वाने के लिए दवाइयों और काउंसलिंग का सहारा लिया है। सीनियर जेल सुपरिंटेंडेंट वीरेश राज शर्मा ने बताया कि उन्हें अलग-अलग बैरक में रखा गया है। उन्होंने कहा कि मुस्कान का परिवार केस लड़ने को तैयार नहीं है ऐसे में सरकारी वकील के लिए न्यायालय को पत्र लिखा गया है। उन्होंने बताया, तीन दिन पहले मुस्कान और साहिल को जेल में लाया गया था।आते ही वे कहने लगे कि उन्हें पास की बैरक में रखा जाए। हालांकि साफ तौर पर बता दिया गया था कि जेल में जो व्यवस्था है उसके मुताबिक पुरुष और महिला बैरक का कोई कॉन्टैक्ट नहीं होता है। ऐसे में दोनों को अलग-अलग रखा गया है। जब भी कोई बंदी आता है तो उसका स्वास्थ्य परीक्षण करवाया जाता है। पाया गया कि वे नशे के आदी हैं। कारागर मे नशा नहीं मिल सकता। उन्हें दवाई दी जा रही है। नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से उनकी काउंसलिंग हो रही है और योग, मेडिटेशन में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारा प्रयास है कि आम कैदी उनसे दूर रहें और बार-बार उनके केस के बारे में ना पूछें। उन्होंने बताया, मुस्कान ने मिलने की इच्छा जाहिर की थी। मैंने उसे बुलाया तो उसने कहा कि घर वाले उससे नाराज हैं। वे केस नहीं लड़ेंगे। ऐसे में उसे सरकारी वकील दिलाया जाए। इसको लेकर एक पत्र न्यायालय को भेजा जा रहा है। कैदी का अधिकार है कि उसे वकील मिले और इसके लिए कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने कहा, उन लोगों को जेल का सिस्टम पता नहीं था। महिला और पुरुष के बैरक आधा किलोमीटर दूर हैं। उन्हें समझा दिया गया तो वे मान गए। उन्होंने कहा, वे ड्रग्स की डिमांड तो नहीं कर रहे थे। हालांकि डॉक्टरों ने जानकारी दी कि वे नशा करते हैं। जो लोग ज्यादा समय से नशा ले रहे होते हैं उन्हें दवाई दी जाती है। धीरे-धीरे उनमें सुधार हो रहा है। 10 से 15 दिन में उनकी नशे की आदत छूट जाएगी। उन्होंने कहा कि साहिल ने अभी सरकारी वकील को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। उनका कहा था कि घर वाले केस लड़ेंगे और अगर नहीं लड़ेंगे तो बताया जाएगा। जेल की सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा, न्यायालय की प्रक्रिया और हाई प्रोफाइल केस के बारे में ज्यादा कुछ तो नहीं कहा जा सकता लेकिन सीसीटीवी, जेलरों ओर मैं खुद सुरक्षा का पूरा ध्यान रख रहे हैं। आम कैदियों से कहा गया है कि केस के बारे में उन्हें बार-बार याद ना दिलवाएं। वे अन्य कैदियों के साथ हैं लेकिन ज्यादा बातचीत ना करने के निर्देश दिया गया है। बता दें कि मुस्कान के माता-पिता ने पहले ही कहा था कि सौरभ अच्छा पति था लेकिन उनकी बेटी ही गलत थी। सौरभ मर्चेंट नेवी में अधिकारी थे। पिछले दो साल से वह लंदन में थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक लंदन से वापस आने के बाद उन्हें मुस्कान और साहिल के अफेयर के बारे में पता चल गया था। इसके बाद मुस्कान और साहिल ने मिलकर उनकी हत्या का प्लान बना डाला। मुस्कान ने सौरभ की हत्या कर शव के टुकड़े ड्रम में छिपा दिए और खुद साहिल के साथ घूमने शिमला चली गई। लगभग 13 दिन बाद पता चला कि ड्रम में सौरभ की लाश है। इसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया है। recent visitors 18

ईशान किशन के शतक से हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को दिया 287 का टारगेट, टूर्नामेंट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर

हैदराबाद हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में एक हाई-स्कोरिंग गेम की उम्मीद है। इस मैच में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। ईशान किशन ने नाबाद 106 रन की पारी खेली। ट्रेविस हेड ने 67 रन की पारी खेली। राजस्थान की तरफ से तीन गेंदबाजों ने 50 या उससे ज्यादा रन दिये। हैदराबाद ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 286 रन बना दिए हैं। राजस्थान को जीत के लिए 287 रन बनाने हैं। ईशान किशन का शतक ईशान किशन ने 45 गेंद पर 10 चौके और 6 छक्कों की मदद से अपना शतक पूरा किया। हैदराबाद ने टूर्नामेंट का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर बना दिया है। हैदराबाद ने 279 रन बना दिए हैं। किशन 100 रन बनाकर नाबाद हैं। recent visitors 34

जस्टिस यशवंत वर्मा के घर के पास से जले हुए नोटों के नए सबूत मिले, नए वीडियो में मिला सबूत

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर 15 करोड़ की भारी भरकम रकम मिलने से सनसनी मची हुई है। उनके खिलाफ कई वकील कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं तो वहीं जस्टिस यशवंत वर्मा इसे साजिश बता रहे हैं। इस बीच उनके घर के पास से एक नया वीडियो सामने आया है। वीडियो में उनके घर के पास से जले हुए नोटों के नए सबूत मिले हैं। नोटों के इस नए सबूत ने फिर एक बार शक की सुई जस्टिस यशवंत वर्मा की तरफ मोड़ दी है। दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर के पास से आए इस नए वीडियो में जले हुए नोट देखे जा सकते हैं। देखने पर तो यह 500 के नोट लग रहे हैं जो आधे-अधूरे और फटी हालत में हैं। बता दें कि यशवंत वर्मा के घर आग लगने के बाद मिले 15 करोड़ कैश पर सब हैरत में हैं। इससे पहले हाई कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा के कॉल रेकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा है। एक सफाई कर्मचारी,इंदरजीत ने बताया कि हम इस इलाके में काम करते हैं। हम सड़कों से कचरा इकट्ठा करते हैं। हम 4-5 दिन पहले यहाँ सफाई कर रहे थे और कचरा इकट्ठा कर रहे थे,तभी हमें जले हुए 500 रुपये के नोटों के कुछ छोटे टुकड़े मिले। हमें वह उस दिन मिला था। अब,हमें 1-2 टुकड़े मिले हैं। हमें नहीं पता कि आग कहां लगी। हम सिर्फ कचरा इकट्ठा करते हैं। शनिवार देर रात सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा जज जस्टिस यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास पर मिली बेहिसाब नकदी के आरोपों से संबंधित रिपोर्ट,फोटो और वीडियो अपलोड किए। कोर्ट की वेबसाइट पर अब उपलब्ध सामग्री में एक आंतरिक जांच के निष्कर्ष और जस्टिस वर्मा द्वारा आरोपों से इनकार करते हुए दिए गए विस्तृत जवाब का खुलासा किया गया है। 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवास पर आग लगने के बाद बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद यह विवाद शुरू हुआ था। recent visitors 38

भाजपा विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, सुशांत सिंह राजपूत को नहीं मिला न्याय

मुंबई बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की 2020 में हुई मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। इसके बाद से सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा विधायक राम कदम ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राम कदम ने कहा कि ठाकरे सरकार ने सुशांत के मामले में जानबूझकर लापरवाही बरती और बिहार पुलिस को मुंबई में जांच करने से रोका था। राम कदम ने एक वीडियो संदेश में कहा, "जब पूरे देश ने सुशांत सिंह राजपूत के मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की, तब उद्धव ठाकरे सरकार ने जानबूझकर लापरवाही दिखाई। जब बिहार पुलिस मुंबई में जांच करने आई तो उन्हें रोका गया। ऐसा क्यों किया गया? उद्धव ठाकरे सरकार के लोगों को बचाने के लिए सभी सबूत नष्ट कर दिए गए। सुशांत के घर का फर्नीचर हटा लिया गया। उसे पेंट किया गया और फिर वापस उसके असली मालिक को लौटा दिया गया।" इसके साथ ही राम कदम ने यह भी आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे की सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत के परिवार को न्याय दिलाने में अड़चन डाली। उन्होंने कहा, "अगर उद्धव ठाकरे ने सही समय पर इस मामले को सीबीआई के हवाले किया होता तो सुशांत के परिवार को निश्चित रूप से न्याय मिलता। अगर आज उन्हें न्याय नहीं मिल रहा है तो इसके लिए उद्धव ठाकरे सरकार जिम्मेदार है।" सीबीआई ने शनिवार को मुंबई कोर्ट में सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। यह रिपोर्ट सुशांत की मौत के लगभग पांच साल बाद दाखिल की गई है। सीबीआई की रिपोर्ट में यह कहा गया कि सुशांत की मौत आत्महत्या के रूप में दर्ज की गई थी और इसमें किसी भी तरह की साजिश या हत्या का आरोप नहीं पाया गया है। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून, 2020 को मुंबई के बांद्रा स्थित उनके फ्लैट से बरामद हुआ था। उनकी मौत के बाद पूरे देश में उथल-पुथल मच गई थी और मामले की जांच के लिए सीबीआई को सौंपने की मांग उठने लगी थी। सुशांत के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण "आस्फीक्सिया" बताया गया था, जो कि सांस न लेने के कारण होता है। दिशा सालियान की मौत का मामला भी गरमाया इस बीच, सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में भी हलचल तेज हो गई है। दिशा की मृत्यु 8 जून, 2020 को हुई थी, यानी सुशांत की मौत से छह दिन पहले। दिशा के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने अपनी बेटी की मौत की पुनः जांच की मांग की है और आदित्य ठाकरे सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी अपील की है। दिशा की मौत की परिस्थितियां भी संदिग्ध बताई जाती रही हैं और इसे सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जोड़ा गया है। अब सतीश सालियान की याचिका के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। recent visitors 23