Sunday, July 5, 2026 11:52 am

फगान तालिबान ने दो सालों से कैद में बैठे अमेरिकी शख्स को पिछले हफ्ते किया रिहा, हक्कानी के ऊपर से हटाया इनाम

वाशिंगटन संयुक्त राज्य अमेरिका ने अफगान तालिबान के साथ अपने रिश्तों को सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। अफगान तालिबान ने दो सालों से कैद में बैठे अमेरिकी शख्स को पिछले हफ्ते रिहा कर दिया था। इसके बाद अब अमेरिकी सरकार ने भी तालिबान के तीन प्रमुख नेताओं सिराजुद्दीन हक्कानी, अब्दुल अजीज हक्कानी, याह्या हक्कानी पर से कई मिलियन डॉलर के भारी भरकम इनाम हटा लिया है। अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि तीन लोगों पर से अमेरिका इनाम को हटाया गया है इनमें से दो सगे भाई हैं, जबकि तीसरा उनका ही चचेरा भाई है। अमेरिका ने इनकी सूचना देने पर यह इनाम रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, हक्कानी के ऊपर रखे गए इनाम को हटाने की घोषणा शनिवार को ही कर दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी अभी तक एफबीआई की वेबसाइट से इनाम की सूची में से हक्कानी का नाम नहीं हटाया गया है। इस सूची में कहा गया है कि हक्कानी के ऊपर अफगानिस्तान में संयुक्त राज्य अमेरिका और नाटो के सैनिकों के खिलाफ सीमा पार हमलों की व्यवस्था करने और उनमें भाग लेने का आरोप है। हक्कानी के ऊपर से इनाम हटाने का निर्णय गुरुवार को तालिबान द्वारा अमेरिकी नागरिक को रिहा करने के बाद लिया गया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसके बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में लिखा कि जॉर्ज ग्लीजमैन, जिन्हें ढाई साल से अफगानिस्तान में गलत तरीके से गिरफ्तार करके रखा गया था उन्हें रिहा कर दिया गया है। 65 साल के ग्लीजमैन को ढाई साल पहले उस वक्त तालिबान द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था, जब वह अफगानिस्तान की यात्रा पर गए हुए थे। न्यूयार्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ट्रम्प के विशेष बंधक दूत एडम बोहलर, तालिबान अधिकारियों और कतर के अधिकारियों द्वारा मध्यस्थता की गई बातचीत के बाद उन्हें रिहा किया। अमेरिका द्वारा तालिबानी नेताओं के ऊपर से इनाम हटाने के इस घटनाक्रम को तालिबान द्वारा एक जीत के रूप में देखा जा रहा है। एक अधिकारी शफी आजम ने इस पूरे घटनाक्रम को 2025 में दोनों देशों के बीच में संबंधों के सामान्यीकरण की शुरुआत बताते हुए कहा कि इस के बाद दोनों देशों के संबंधों में सामान्य होने की शुरुआत मान सकते हैं। इससे पहले तालिबान ने घोषणा की थी कि वह नॉर्वे में अफगानिस्तान के दूतावास पर नियंत्रण कर रहा है। 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से चीन अफगान राजनयिकों को स्वीकार करने वाला पहला देश रहा। कई अन्य देशों ने भी तालिबान के प्रतिनिधियों को स्वीकार किया है। recent visitors 21

भारतीय संविधान में धर्म आधारित आरक्षण को स्वीकार नहीं किया गया था: आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसाबले

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मुस्लिमों को ठेकेदारी में 4 प्रतिशत आरक्षण देने के कर्नाटक सरकार के फैसले का विरोध किया है। आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसाबले ने कहा कि भारतीय संविधान में धर्म आधारित आरक्षण को स्वीकार नहीं किया गया था, जिसे बाबा साहब भीमराव आंबेडकर ने तैयार किया था। इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने शनिवार को अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित प्रस्ताव पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि सभा में संगठनात्मक कार्यों का विश्लेषण, विकास, प्रभाव और समाज परिवर्तन पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि संघ ने गत 100 वर्षों में कार्य के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। संघ की यात्रा के बारे में जानकारी दी और एक शाखा से लेकर पूरे देश में क्रमिक विस्तार की जानकारी रखी। उन्होंने कहा कि संघ का लक्ष्य 'सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापी' होना है, जो समाज और राष्ट्र के सभी पहलुओं को स्पर्श करे। संघ आज देश के 134 प्रमुख संस्थानों (premiere institutions) में मौजूद है और आने वाले वर्षों में सभी संस्थानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। बांग्लादेश में हिन्दुओं के उत्पीड़न पर प्रस्ताव अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में पारित 'बांग्लादेश के हिन्दू समाज के साथ एकजुटता से खड़े होने का आह्वान' शीर्षक वाले प्रस्ताव पर कहा कि संघ बांग्लादेश में कट्टरपंथी इस्लामी तत्वों के हाथों हिन्दुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हो रही हिंसा, उत्पीड़न और लक्षित उत्पीड़न पर गहरी चिंता व्यक्त करता है। बांग्लादेश की स्थिति पर अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि धार्मिक संस्थानों पर व्यवस्थित हमलों, क्रूर हत्याओं, जबरन धर्मांतरण और हिन्दुओं की संपत्तियों को नष्ट करने के चक्र ने बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय के लिए अस्तित्व का संकट पैदा कर दिया है। प्रस्ताव में धार्मिक असहिष्णुता और मानवाधिकारों के उल्लंघन के इन कृत्यों की कड़ी निंदा की गई है और वैश्विक समुदाय से निर्णायक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। बांग्लादेश में हिन्दुओं पर लगातार अत्याचार अरुण कुमार ने कहा कि मठों, मंदिरों पर हमले, देवी-देवताओं की अपवित्रता, संपत्तियों की लूट और जबरन धर्म परिवर्तन निंदनीय है, लेकिन संस्थागत उदासीनता और सरकारी निष्क्रियता के कारण अपराधियों का हौसला बढ़ गया है। बांग्लादेश में हिन्दू आबादी में लगातार गिरावट पर अरुण जी ने कहा कि 1951 में 22% से घटकर आज केवल 7.95% रह गई है, यह संकट की गंभीरता को दर्शाता है। हिन्दुओं का ऐतिहासिक उत्पीड़न, विशेष रूप से अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के बीच, एक सतत मुद्दा बना हुआ है। हालांकि, पिछले साल संगठित हिंसा का स्तर और सरकार की निष्क्रियता चिंताजनक है। recent visitors 23

ओंकारेश्वर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था में बदलाव

खंडवा  मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में स्थित तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इस बदलाव और ट्रस्ट के निर्णय से आम श्रद्धालुओं की दिक्कतें न सिर्फ कम हुई बल्कि राहत भी मिलेगी। कलेक्टर के आदेश पर व्यवस्था बदली थी। खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग मंदिर में कलेक्टर द्वारा दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। वीआईपी दर्शन की ऑफलाइन बुकिंग बंद करऑन लाइन बेवसाइट शुरू करने से श्रद्धालुओं के साथ मंदिर ट्रस्ट को भी लाभ मिल रहा है। एक माह में ऑफलाइन की बजाय ऑनलाइन बुकिंग से ट्रस्ट की आय दोगुना बढ़ी है। मंदिर ट्रस्ट से मिली जानकारी अनुसार 10 जनवरी से 10 फरवरी तक 3577 श्रद्धालुओं ने ऑफलाइन बुकिंग कर ओंकारजी के दर्शन किए थे। ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था होने के बाद 10 फरवरी से 10 मार्च तक 6795 श्रद्धालुओं ने वीआईपी दर्शन का लाभ लिया। ऑनलाइन बुकिंग के लिए 300 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। एक माह में ही मंदिर ट्रस्ट की आय दोगुना बढ़ गई है। recent visitors 18

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की वेशभूषा में बीएड सहायक शिक्षकों ने निकाली रैली

रायपुर BEd सहायक शिक्षकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है. रविवार को भटगांव बस स्टैंड से भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की वेशभूषा के साथ रैली निकालकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं. लंबे समय से समायोजन की मांग कर रहे BEd सहायक शिक्षकों ने कुछ ही दिन पहले खून से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था. सहायक शिक्षक पुलिस प्रशासन से भगत सिंह चौक तक जाने देने की मांग कर रहे हैं. बता दें कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 10 दिसंबर, 2024 को दो सप्ताह के अंदर डीएड डिग्रीधारक को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति का आदेश दिया था. जिसमें बीएड डिग्रीधारक सहायक शिक्षकों की नियुक्ति को रद्द करने की बात कही थी. इसके साथ ही शुरू हुई साय सरकार की कार्रवाई के बाद से BEd सहायक शिक्षक सरकार से नौकरी वापस देने की मांग के अलावा सरकार से समायोजन की मांग कर रहे हैं. recent visitors 25

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. लोहिया की जयंती पर किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया ने समाजवादी विचारधारा को मजबूती दी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जनता को जागरूक किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि डॉ. लोहिया का सामाजिक न्याय और समरसता के प्रति समर्पण अतुलनीय है। स्वतंत्र भारत के विकास में उनकी भूमिका हमेशा प्रेरणादायी रहेगी। उन्होंने जन-जन को राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित किया और सामाजिक समानता के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमें डॉ. लोहिया के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज में समानता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए कार्य करना चाहिए।   recent visitors 22

भोपाल में अखिल भारतीय विजयवर्गीय समाज द्वारा होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन

All India Vijayvargiya Samaj organized a grand Holi Milan function in Bhopal भोपाल ( ब्यूरो रिपोर्ट )। राजधानी भोपाल के पीपल्स मॉल में अखिल भारतीय विजयवर्गीय समाज द्वारा होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समाज के अध्यक्ष राहुल विजयवर्गीय ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखना है।   फूलों से खेली गई होली इस बार होली पारंपरिक रंगों की बजाय फूलों से खेली गई, जिससे यह आयोजन और भी खास बन गया। फूलों से होली खेलकर समाज ने पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया। चारों ओर रंग-बिरंगे फूलों की वर्षा से वातावरण उल्लासपूर्ण और मनमोहक बन गया।   समाज के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति इस कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ नागरिकों, गणमान्य व्यक्तियों और परिवारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने की भावना के साथ एक-दूसरे को बधाइयाँ दीं। समारोह में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।   सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और पारंपरिक संगीत कार्यक्रम के दौरान समाज के युवाओं और बच्चों ने संगीत, नृत्य और कविता पाठ जैसी प्रस्तुतियाँ दीं। पारंपरिक फाग गीतों ने होली के रंग में और अधिक उत्साह भर दिया।   समाज को एकजुट करने की पहल समाज के अध्यक्ष राहुल विजयवर्गीय ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज के लोगों को एक-दूसरे के करीब आने और अपने पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने का अवसर मिलता है। विजयवर्गीय समाज समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करता है, जिससे समाज के सदस्यों में आपसी सौहार्द और सहयोग बढ़े।  अखिल भारतीय विजयवर्गीय समाज द्वारा आयोजित यह होली मिलन समारोह न केवल उत्सव का प्रतीक था बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने की एक महत्वपूर्ण पहल भी थी। फूलों से खेली गई यह होली, पर्यावरण संरक्षण और समाज में प्रेम और भाईचारे का प्रतीक बनी। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं और भविष्य में इसी तरह के आयोजन करने की प्रतिबद्धता जताई। recent visitors 75

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को दी श्रद्धांजलि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान दिवस (23 मार्च) पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि इन वीर सपूतों के बलिदान की स्मृतियाँ देश के कण-कण में विद्यमान है और आने वाली पीढ़ियों को हमेशा राष्ट्रभक्ति और साहस की प्रेरणा देता रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर अपने संदेश में कहा कि माँ भारती के इन महान सपूतों ने देश की स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया। उनका त्याग और वीरता हम सभी के लिए आदर्श है। हमें उनके सपनों के अनुरूप भारत को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी युवाओं से अपील की है कि वे भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के महान आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि इन वीर शहीदों की शहादत हमेशा याद की जाएगी और देश उनके सपनों को साकार करने के लिए सतत प्रयास करता रहेगा।   recent visitors 44