Sunday, July 5, 2026 9:32 am

जावरा-उज्जैन क्षेत्र में सड़क के डिजाइन पर आपत्ति, पैदल यात्रा से पहले कांग्रेस नेता गिरफ्तार

रतलाम उज्जैन से जावरा तक प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे (फोरलेन) के निर्माण के खिलाफ दुकानदारों और किसानों का आंदोलन दिन-ब-दिन उग्र होता जा रहा है। जन संघर्ष समिति के बैनर तले पिछले तीन महीनों से चल रहे इस आंदोलन ने अब नया मोड़ ले लिया है। शनिवार को जावरा से उज्जैन तक पैदल यात्रा निकालने की कोशिश के दौरान 29 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। वहीं, रविवार को यात्रा फिर से शुरू करने की योजना बनाते ही जिला पंचायत सदस्य व कांग्रेस नेता डीपी धाकड़ और राजेश भरावा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह हाईवे मध्य प्रदेश के जावरा-उज्जैन क्षेत्र में महू-नीमच हाईवे से सटे सात किलोमीटर के हिस्से में बनाया जा रहा है, जिसका स्थानीय लोग जमकर विरोध कर रहे हैं। आंदोलन की शुरुआत और मांगें जन संघर्ष समिति के नेतृत्व में यह आंदोलन 12 फरवरी 2025 से शुरू हुआ, जब दुकानदारों और किसानों ने जावरा के बायपास चौराहे पर धरना शुरू किया।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित हाईवे जावरा शहर के सात किलोमीटर के सघन आबादी और रोजगार वाले क्षेत्र से होकर गुजरेगा। उनकी मुख्य आपत्ति यह है कि सड़क और ब्रिज जमीन से 24 फीट ऊंचे बनाए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक नुकसान होगा। उनका कहना है, "हम विकास के लिए जमीन देने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ऊंचे ब्रिज और फोरलेन इंटरचेंज से हमारा रोजगार और आवागमन प्रभावित होगा।" वे मांग कर रहे हैं कि जमीन के स्तर पर फोरलेन बनाया जाए और चौराहों पर रोटरी का निर्माण हो। पैदल यात्रा और पुलिस की कार्रवाई अपनी मांगों को लेकर जावरा से उज्जैन तक पैदल यात्रा का आयोजन किया गया था। शनिवार को यात्रा शुरू होते ही पुलिस ने भारी बल के साथ इसे रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी असलम मेव ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर उसे रोक लिया और पेट्रोल की केन छीन ली। इसके बाद 29 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें दोपहर में रिहा कर दिया गया। लेकिन रविवार सुबह, जब प्रदर्शनकारी उज्जैन कमिश्नर को ज्ञापन देने के लिए फिर से यात्रा की तैयारी कर रहे थे, पुलिस ने सक्रियता दिखाई। कांग्रेस नेता डीपी धाकड़ और राजेश भरावा को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। दोनों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद सक्रिल जेल भेज दिया गया। नेताओं का बयान: "अंत तक लड़ेंगे" जेल ले जाए जाते समय राजेश भरावा ने कहा, "हम उज्जैन कमिश्नर को यह बताने जा रहे थे कि ग्रीन फील्ड हाईवे के निर्माण से किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। इसके बावजूद हमें दबाया जा रहा है, लेकिन हम अंत तक लड़ेंगे।" डीपी धाकड़ ने नारेबाजी करते हुए कहा, "हर ब्लॉक में किसान पहले से आंदोलनरत हैं। यह हक की लड़ाई है।" इस बीच, खाचरौद-नागदा के पूर्व विधायक दिलीप गुर्जर और अन्य कांग्रेस नेता बड़ावदा थाने पहुंचे और एएसी राकेश खाखा से मामले पर चर्चा की। विरोध के कारण प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ऊंचे ब्रिज और एक्सेस कंट्रोल्ड डिजाइन से दुकानदारों का व्यवसाय ठप हो जाएगा और किसानों की जमीन तक पहुंच मुश्किल होगी। वे चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान दे और योजना में बदलाव करे। आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस भी खुलकर सामने आई है। आने वाले दिनों में यह विरोध और तेज होने की संभावना है, क्योंकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।   recent visitors 26

दुकान बंद होने के कारण नहीं मिली शराब तो बाप और बेटी को सिरफिरे ने गोली मारी थी: पीड़ित परिवार

वाशिंगटन वर्जीनिया में एक डिपार्टमेंटल स्टोर के बाहर गुजराती पिता-पुत्री की हत्या ने अमेरिका में भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है. अब गुजरात में पीड़ित परिवार ने खुलासा किया है कि बाप और बेटी को एक अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति ने सिर्फ इसलिए गोली मारी थी, क्योंकि उसे शराब चाहिए था और दुकान बंद हो गई थी. उसे इसके लिए दुकान खुलने का रात भर इंतजार करना पड़ा, जिस कारण वह गुस्से में था. प्रदीपभाई पटेल (56) जब 21 मार्च की सुबह करीब 5:30 बजे अपनी बेटी उर्मी के साथ डिपार्टमेंटल स्टोर खोल रहे थे, तभी उस व्यक्ति ने दोनों को गोली मार दी. प्रदीपभाई पटेल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी 26 वर्षीय बेटी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. प्रदीप के परिवार ने कहा कि आरोपी की पहचान जॉर्ज फ्रेजियर डेवोन व्हार्टन के रूप में हुई है, जो पूरी रात शराब खरीदने के लिए उनके डिपार्टमेंटल स्टोर के आसपास मंडराता रहा.   शराब के लिए करना पड़ा इंतजार तो मारी गोली जब प्रदीप और उर्मी वहां पहुंचे तो उसने उनसे पूछा कि दुकान क्यों बंद है? आरोपी ने इस बात के लिए दोनों पर गुस्सा जताया कि उसे रातभर इंतजार करना पड़ा. गुस्से और आवेश में जॉर्ज ने दोनों पर गोलियां चला दीं. प्रदीप को दो गोलियां लगीं, जबकि एक गोली उर्मी को लगी. घटना के दो घंटे के भीतर अमेरिकी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. छह साल पहले प्रदीपभाई और उनकी पत्नी हंसाबेन अपनी सबसे छोटी बेटी उर्मी के साथ विजिटर वीजा पर अमेरिका गए थे. कुछ समय बाद इस गुजराती परिवार ने वर्जीनिया के एकोमैक काउंटी में डिपार्टमेंटल स्टोर खोला. प्रदीपभाई पटेल की एक बेटी कनाडा में रहती है, जबकि दूसरी शादीशुदा है और अहमदाबाद में रहती है. घटना के बाद प्रदीप की बेटी और दामाद अहमदाबाद से अमेरिका पहुंचे. जॉर्ज पर मर्डर, अटेम्प्ट टू मर्डर प्रयास, अवैध बंदूक रखने और अपराध में घातक हथियार के उपयोग की धाराओं में आरोपी बनाया गया है. शेरिफ ऑफिस के बयान में कहा गया है कि जब पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो एक व्यक्ति को शॉपिंग सेंटर में फर्श पर पड़ा पाया गया, उसके शरीर पर गोली के घावों के निशान थे और उसकी मृत्यु हो चुकी थी. गोलीबारी की घटना में एक संदिग्ध गिरफ्तार शॉपिंग सेंटर की तलाशी के दौरान, पुलिसकर्मियों को गोली से घायल एक महिला भी मिली. व्यक्ति को घटना स्थल पर मृत घोषित कर दिया गया. वहीं महिला को सेंटारा नॉरफॉक जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. एकोमैक काउंटी शेरिफ ऑफिस के अधिकारी डब्ल्यू टॉड वेसेल्स के अनुसार, वर्जीनिया के शॉपिंग सेंटर में हुई गोलीबारी के सिलसिले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है. उसकी पहचान ओनानकॉक निवासी 44 वर्षीय जॉर्ज फ्रेजियर डेवोन व्हार्टन के रूप में हुई है और उसे वर्तमान में बिना बांड के एकोमैक जेल में रखा गया है.   घटना से सदमे में हैं US में रहने वाले भारतीय वर्जीनिया के एक टेलीविजन स्टेशन WAVY-TV ने बताया कि परेश पटेल ने खुद को उस स्टोर का मालिक बताया है, जिसमें यह घटना हुई. उन्होंने यह भी पुष्टि की कि दोनों मृतक उनके परिवार के सदस्य थे. परेश ने कहा, 'मेरे चचेरे भाई की पत्नी और उसके पिता आज सुबह जब स्टोर में काम कर रहे थे, तो कुछ लोग यहां आए और उन्होंने दोनों को गोली मार दी. मुझे समझ नहीं आ रहा अब मैं क्या करूं.' इस घटना ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों को सदमे में डाल दिया है.   recent visitors 24

आधी कीमत में मिल रहा Samsung Galaxy F16 5G फोन

नई दिल्ली Samsung की तरफ से शानदार डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है, जिससे आप बेहद कम कीमत में 5G स्मार्टफोन खरीद सकते हैं। दरअसल अगर आप नया 5G स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो Samsung Galaxy F16 5G एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है, जिसे आप एक्सचेंज ऑफर के साथ आधी कीमत में खरीद पाएंगे। मतलब 16,499 रुपये कीमत वाले फोन पर 9,500 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। ऐसे में आपके फोन की वास्तविक कीमत काफी कम हो जाती है। कीमत और डिस्काउंट ऑफर Samsung Galaxy F16 5G स्मार्टफोन की कीमत MRP 18,999 रुपये है, जिसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर 18 फीसद डिस्काउंट के साथ 15,499 रुपये में बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। फोन की खरीद पर 9,500 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है। अगर आप फुल एक्सचेंज ऑफर का लुत्फ उठा लेते हैं, तो आपके फोन की कीमत 5,499 रुपये रह जाती है। इसके बावजूद आप 5 फीसद अनलिमिटेड कैशबैक का लुत्फ उठा सकते हैं। साथ ही एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड पर 1000 रुपये की अतिरिक्त छूट हासिल कर सकते हैं। SBI डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर 1000 रुपये की छूट दी जा रही है। इसके अलावा फोन को 2,584 रुपये मंथली ईएमआई ऑप्शन में खरीद पाएंगे। Samsung Galaxy F16 5G के स्पेसिफिकेशन्स फोन को तीन स्टोरेज वेरिएंट 4जीबी, 6 जीबी और 8 जीबी रैम ऑप्शन में पेश किया जाता है। फोन में 6.65 इंच फुल एचडी प्लस सुपर एमोलेड डिस्प्ले दिया गया है, जो कि 90Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आता है। फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका मेन कैमरा 50MP सेंसर के साथ आता है। इसके अलावा 5MP सेकेंड्री कैमरा दिया गया है। इसके अलावा 2MP कैमरा सेंसर दिया गया है। फोन में 13MP फ्रंट कैमरा मिलता है। अगर बैटरी की बात करें, तो फोन में 5000 mAh की बैटरी दी गई है। वही प्रोसेसर सपोर्ट के तौर पर Dimensity 6300 सपोर्ट दिया गया है। फोन एंड्रॉइड 14 सपोर्ट के साथ आता है। क्या होता है एक्सचेंज ऑफर Samsung Galaxy F16 5G स्मार्टफोन की खरीद पर एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा हैं, तो सबसे पहले समझ लेते हैं कि आखिर एक्सचेंज ऑफर क्या होता है? तो बता दें कि एक्सचेंज ऑफर पुराने फोन के बदले नए फोन पर छूट हासिल करने को एक्सचेंज ऑफर कहते हैं। एक्सचेंज ऑफर की कीमत पुराने फोन की मौजूदा कंडीशन पर निर्भर कती है। मतलब अगर पुराने फोन की कंडीशन ठीक हैं, तो आपको ज्यादा पैसे एक्सचेंज ऑफर के तौर पर मिलेंगे। recent visitors 41

महासमुंद में वाटरफॉल में मिली युवती की सड़ी-गली लाश

महासमुंद  छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 1200 फीट ऊंचाई पर स्थित शिशुपाल पर्वत के वाटरफॉल से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक अज्ञात युवती की सड़ी-गली लाश मिली है. घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पहुंची और मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है. यह मामला बलौदा थाना क्षेत्र का है. शव करीब 15 दिन पुराना बताया जा रहा है और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है. मृतिका की पहचान अब तक नहीं हो पाई है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के इलाकों में गुमशुदा लोगों की जानकारी जुटा रही है. फिलहाल, मामले में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. recent visitors 31

संभल में अब जामा मस्जिद के सदर एडवोकेट जफर अली को पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार

संभल पिछले साल 24 नवंबर को संभल में मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा मामले में एसआईटी ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस द्वारा पहले नोटिस जारी किए जाने के बाद अब जामा मस्जिद के सदर एडवोकेट जफर अली को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। जफर अली एडवोकेट को हिरासत में लेकर पहले कोतवाली लाकर पूछताछ की गई। यहीं पर इनकी गिरफ्तारी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर कोतवाली में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। एसआईटी मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। एएसपी श्रीश्चन्द्र ने बताया कि एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। सदर से पूछताछ अभी जारी है। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद जामा मस्जिद के सदर की गिरफ्तारी हो सकती है। सदर के भाई बोले, पुलिस नहीं चाहती कि शहर में शांति रहे जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफ़र अली एडवोकेट के बड़े भाई ताहिर अली एडवोकेट कोतवाली में जफ़र अली से मिलने पहुंचे। सदर से मिलने के बाद उन्होंने बताया कि न्यायिक आयोग में सोमवार को जफ़र अली को अपना बयान देना था, पुलिस चाहती है कि ब्यान नहीं दें, लेकिन वह वही बयान देंगे जो उन्होंने दिया था कि हिंसा के दौरान पुलिस ने ही गोली चलाई थी। जफ़र अली चाहते हैं कि संभल में शांति रहे लेकिन पुलिस प्रशासन नहीं चाहता कि शांति रहे। पुलिस उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर रही है। उन्होंने एएसपी से कहा कि आप शहर में तनाव बढ़ाना चाहते हैं। एएसपी श्रीश्चन्द्र ने बताया कि शहर में पूरी तरह शांति है। बुलाने के बाद भी लखनऊ में हाजिर नहीं हुए थे जामा मस्जिद के सदर शाही जामा मस्जिद में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा की जांच कर रहे त्रि-सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग ने शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट, मसूद अली फारूकी एडवोकेट और कासिम जलाल एडवोकेट को 11 मार्च 2025 को लखनऊ में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इस पर आयोग ने फिर से समन जारी कर 20 मार्च को उपस्थित होकर साक्ष्य अंकित कराने के निर्देश दिए थे। अब तक आयोग ने संभल में चार दौरे पूरे कर 160 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। चौथे दौरे में डीएम, एसडीएम समेत 45 अधिकारियों और लोगों के बयान दर्ज हुए थे। बचे हुए गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए अब लखनऊ में उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। ये है पूरा मामला 24 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद में दूसरे दौर के सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हालात को काबू में करने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया। न्यायिक जांच आयोग की अध्यक्षता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज देवेंद्र अरोड़ा कर रहे हैं। उनके साथ पूर्व डीजीपी ए.के. जैन और रिटायर्ड अपर मुख्य सचिव अमित मोहन सदस्य हैं। आयोग ने अब तक कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं और जल्द ही इस घटना की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जा सकती है। अब तक की जांच में क्या हुआ? 1 दिसंबर: आयोग ने हिंसा प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी ली। 21 जनवरी: टीम ने मस्जिद क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां विदेशी कारतूस भी मिले। इस दौरान 21 पुलिसकर्मियों समेत 60 लोगों के बयान दर्ज किए गए। 30 जनवरी: तीसरी बार आई टीम ने स्वास्थ्य, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के बयान दर्ज किए, जिनमें एएसपी श्रीशचंद्र और डिप्टी कलेक्टर रमेश बाबू शामिल रहे। 2 मार्च: चौथी बार दो दिवसीय दौरे में आयोग ने डीएम, एसडीएम समेत 45 के बयान दर्ज किए थे। 77 लोगों के वीसी से बयान दर्ज किए। recent visitors 32

राजपूत महासभा का युवक युवती परिचय सम्मेलन एवं होली मिलन समारोह का आयोजन

Rajput Mahasabha organized youth and girl introduction conference and Holi Milan function भोपाल (सुशील दामले) ! राजधानी भोपाल के करोंद स्थित सोलंकी गार्डन में राजपूत महासभा का युवक युवती परिचय सम्मेलन एवं होली मिलन समारोह आयोजित किया गया महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग मध्यप्रदेश सहित अन्य प्रदेश से भी राजपूत समाज के पदाधिकारी एवं समस्त राजपूत समाज सम्मिलित हुए यहां पर लगभग 150 से अधिक युवक युवती ने अपना परिचय दिया जो की विवाह बंधन में बंध सकें समाज के द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह कार्यक्रम बड़े हर्षोउल्लास के साथ आयोजित किया गया आगे उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम इसलिए आयोजित किए जाते हैं ताकि समाज के नागरिकों का एक दूसरे से परिचय हो सके और समाज में एकता बनी रहे recent visitors 82

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने दावा किया कि नागपुर में हाल में हुई हिंसा में बांग्लादेश से जुड़े लोगों का हाथ

मुंबई नागपुर में आयत लिखी चादर जलाने की अफवाह और दक्षिणपंथी संगठनों के प्रदर्शन के बाद भड़की हिंसा को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। इस मामले में दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया है। रविवार को शिवसेना नेता संजय निरुपम ने  दावा किया कि नागपुर में हाल में हुई हिंसा में बांग्लादेश से जुड़े लोगों का हाथ है। निरुपम ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह भी दावा किया कि हिंसा पूर्व नियोजित थी और यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी। महाराष्ट्र के नागपुर शहर में 17 मार्च को छत्रपति संभाजीनगर में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन के दौरान आयतें लिखी ‘चादर’ जलाए जाने की अफवाह के बाद हिंसा भड़क उठी थी। झड़पों के परिणामस्वरूप शहर के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर पथराव और आगजनी हुई, जिसमें पुलिस उपायुक्त स्तर के तीन अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए। निरुपम ने यह भी आरोप लगाया कि हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक ‘मुजाहिदीन गतिविधियों’ के लिए धन जुटाने के वास्ते सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहा था। निरुपम ने ऐसे समूहों के साथ शिवसेना (UBT) के कथित गठबंधन की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘क्या शिवसेना (UBT) मुजाहिद्दीन के साथ जुड़ रही है? क्या ठाकरे और (संजय) राउत उनका समर्थन कर रहे हैं?’ शिवसेना के नेता ने कहा कि इसे महाराष्ट्र में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्षी दल शिवसेना (UBT) के वर्तमान नेतृत्व और पार्टी की राजनीतिक रणनीतियों को नकारते हुए कहा, ‘मातोश्री (मुंबई में उद्धव ठाकरे का निवास) में जल्द ही (शिवसेना संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे और शिवाजी महाराज की तस्वीर के पास औरंगजेब की तस्वीर होगी।’ इससे पहले शनिवार को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा था कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगा कि नागपुर हिंसा का विदेश या बांग्लादेश से कोई संबंध है। recent visitors 25