HC का आदेश MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 का अनुमति के बिना रिजल्ट घोषित ना हो, नोटिस जारी

जबलपुर  MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 पर हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने एक बड़ा आदेश जारी किया है कोर्ट ने कहा है कि उसकी अनुमति के बिना प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित न किया जाये, इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। कोर्ट ने राज्य सरकार को, एमपीपीएससी को नोटिस जारी किया है और जवाब तलब किया है। दरअसल भोपाल निवासी अभ्यर्थी ममता देहरिया ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 में भाग लिया है, अभ्यर्थी द्वारा परीक्षा आवेदन जमा करने के तत्काल बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मध्य प्रदेश राज्य सेवा भर्ती परीक्षा नियम 2015 के नियम 4 (1) (a) (ii), तथा नियम 4 (2) (a) (ii) एवं नियम 4 (3) (a) (ii) की संवैधानिकता सहित सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सर्कुलर 07/11/2000 तथा लोक सेवा अयोग द्वारा प्रकाशित विज्ञापन दिनांक 31/12/2024 की संवैधानिकता क़ो चुनौती देते हुए उक्त प्रावधानों क़ो भारत के संविधान के अनुच्छेद 14,15,16 तथा 335 एवं लोकसेवा आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 4-अं, से असंगत तथा असंवैधानिक बताया गया है। याचिका में मप्र सिविल सेवा भर्ती नियम की संवैधानिकता को दी गई है चुनौती याचिका में कहा गया है कि उक्त प्रावधान आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों क़ो छूट लिए जाने के नाम पर उनको अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकते है, ममता देहरिया की याचिका पर आज प्रारंभिक सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत तथा न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ में हुई, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं विनायक प्रसाद शाह ने कोर्ट को बताया कि मध्य प्रदेश शासन एक ओर आरक्षित वर्ग को विभिन्न प्रकार की छूट दे रही है वहीं दूसरी ओर छूट प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट में उच्च स्थान प्राप्त करने पर भी अनारक्षित वर्ग में चयन न होने का नियम बना दिया गया है, जो सविधान में निहित सामाजिक न्याय की अवधारणा के विपरीत होने के साथ साथ कई संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है। वकील ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के अनेक न्यायिक दृष्टांत हैं जिनमें स्पष्ट किया गया है, राज्य कोई ऐसा कानून नहीं बना सकती जो आरक्षित वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों के उपभोग से रोकता हो इसलिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग क़ो अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकने वाले समस्त प्रावधान असंवैधनिक तथा निरस्त किए जाने योग्य है,  याचिका कर्ता की ओर से दी गई दलीलो क़ो कोर्ट ने गंभीरता से लिया और याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर राज्य सरकार और एमपीपीएससी को नोटिस जारी किया,  कोर्ट ने लोक सेवा अयोग क़ो निर्देशित किया कि उक्त विज्ञापन तथा नियमों के अनुसार आयोजित परीक्षाओ के रिजल्ट हाई कोर्ट की अनुमति के बिना घोषित न किए जाए, याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। recent visitors 50

मध्‍य प्रदेश में बढ़ने लगी गर्मी,मौसम विभाग ने अगले दो दिन तेज गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी का असर अब तेजी से महसूस किया जा रहा है। मंगलवार को रतलाम में पहली बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, धार और शिवपुरी में भी पारा 39 डिग्री के पार दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखा गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन गर्मी और तेज हो सकती है, जिसके बाद तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट आ सकती है। प्रदेश में बीते सप्ताह मौसम का मिजाज अलग ही रहा। लगातार पांच दिन आधे से अधिक जिलों में ओले और बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि सोमवार से मौसम ने करवट ली और गर्म हवाओं के साथ तेज धूप की वापसी हुई। इसके चलते प्रदेश भर में दिन का तापमान तीन से पांच डिग्री तक बढ़ गया है। खासतौर पर मंगलवार को रतलाम में रिकॉर्ड गर्मी देखी गई, जहां पारा सीधे 40 डिग्री पर पहुंच गया। यह इस सीजन की अब तक की सबसे अधिक गर्मी है। प्रदेश के विभिन्न शहरों का तापमान मंगलवार को प्रदेश के कई शहरों में गर्मी का व्यापक असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, धार में तापमान 39.3 डिग्री, शिवपुरी में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.8 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, दमोह और नर्मदापुरम में 38.5 डिग्री, सागर में 38.2 डिग्री और मंडला-टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 38.6 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन में 38.5 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। रात के समय के तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। मालवा-निमाड़ में लू का खतरा मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में लू चलने की संभावना जताई है। इसमें इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले जैसे रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा और धार शामिल हैं। इन इलाकों में लू का असर ज्यादा हो सकता है। रतलाम को छोड़ बाकी शहरों में तापमान 38 से 39 डिग्री के बीच बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री या उससे अधिक हो और 40 डिग्री पार कर जाए, तो उसे हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है।  इतना रहा पारा मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को धार में 39.3 डिग्री, शिवपुरी में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.8 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, दमोह-नर्मदापुरम में 38.5 डिग्री, सागर में 38.2 डिग्री, मंडला-टीकमगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां पारा 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। उज्जैन में 38.5 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, भोपाल में 37 डिग्री और जबलपुर में 35.8 डिग्री पहुंच गया। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। मालवा-निमाड़ में चल सकती है लू अगले 2 दिन में मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में लू का असर रह सकता है। जिनमें रतलाम, उज्जैन, खरगोन, खंडवा, धार आदि शामिल हैं। रतलाम को छोड़ बाकी शहरों में तापमान 38 से 39 डिग्री के बीच है। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्यतः दिन का तापमान 40 डिग्री से अधिक या सामान्य से 4.6 डिग्री तक अधिक हो तो हीट वेव यानी लू की स्थिति मानी जाती है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम 26 मार्च: तीखी धूप खिली रहेगी। गर्मी का असर बढ़ा रहेगा। 27 मार्च: दिन-रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी और हो सकती है। दिन में तीखी धूप खिली रहेगी। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा बता दें कि मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। अगले 4 महीने तेज गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग ने मार्च से मई तक 15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान जताया है। अप्रैल-मई में हीट वेव का असर ज्यादा हो सकता है। इस कारण 30 से 35 दिन तक गर्म हवा चल सकती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। recent visitors 32

राजाभोज विमानतल पर एयरफोर्स के विमान की ट्रायल लैंडिंग, पहली बार उतरा बोइंग-777-300ER

भोपाल  भारतीय वायुसेना ने भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर बोइंग 777-300ER की सफल ट्रायल लैंडिंग करवाई, जिससे यह राज्य का पहला एयरपोर्ट बन गया, जो इतने बड़े विमान को होस्ट कर सकता है। लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल होने वाला यह विमान 74 मीटर लंबा और विशाल विंगस्पैन वाला है, जिससे एयरपोर्ट के आधुनिक इंफ्रट्रक्चर और वीवीआईपी मूवमेंट को सपोर्ट करने की क्षमता का प्रमाण मिला। भोपाल एयरपोर्ट को इस अपग्रेड के तहत नए रनवे टर्न पैड और टैक्सीवे विस्तार जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे यह बड़े विमानों के संचालन में सक्षम हो गया है। तीन विशेष पार्किंग स्टैंड बनाए गए हैं, जहां बोइंग 777- 300ER जैसे बड़े विमान आसानी से खड़े हो सकते हैं। 2023 में बुनियादी ढांचे का सुधार पूरा हुआ और DGCA से कमीशनिंग की मंजूरी मिलने के बाद यह ऐतिहासिक ट्रायल संभव हुआ। अब तक यहां से 321 (34 मीटर विंगस्पैन) तक के विमान ही संचालित होते थे, लेकिन अब यह एयरपोर्ट और बड़े विमानों को संभालने में सक्षम हो गया है। इस ट्रायल के साथ, भोपाल हवाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े विमानों के संचालन और वीवीआईपी मूवमेंट के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका है, जो राज्य की हवाई सेवाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। 64.8 मीटर के विंगस्पैन और 74 मीटर की लंबाई के साथ, बी-777 300-ईआर को आमतौर पर लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भोपाल एयरपोर्ट पर उतरने वाला ये अब तक का सबसे बड़ा विमान है। हालांकि ये विमान तो एयर इंडिया का है लेकिन इसका संचालन एयरफोर्स करता है। पायलट भी एयरफोर्स के ही होते हैं। इसी तरह के एक विमान एयर इंडिया वन में पीएम मोदी लंबी विदेश यात्राएं करते हैं। लंबी दूरी की सेवा हो सकेगी शुरू भोपाल एयरपोर्ट से अब लंबी दूरी की हवाई यात्रा भी की जा सकेगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि बोइंग-777 का विंग स्पान 64.8 मीटर और लंबाई 74 मीटर होती है, जो भोपाल में अब तक आने वाले विमानों की तुलना में दोगुनी है। भोपाल एयरपोर्ट पर आने वाले विमानों की अधिकतम कैपेसिटी 232 यात्रियों की है, बोइंग-777 विमान 325 से 400 यात्रियों के लिए डिजाइन किए जाते हैं और इनसे लंबी दूरी की यात्रा की जा सकती है। बोइंग-777 विमान की लैंडिंग के लिए रन वे, फायर व अन्य सुरक्षा साधनों को बढ़ाया गया है। तकनीकी भाषा में कैटेगरी-9 तक बढ़ाया गया है, जबकि अभी तक भोपाल में कैटेगरी-7 की सुविधाएं उपलब्ध थीं। 17 घंटे लगातार उड़ान भर सकता है बी-777 300-ईआर इस विमान में न सिर्फ बेहतरीन सेल्फ-डिफेंस इक्विपमेंट हैं, बल्कि ये विमान दो GE90-115BL इंजन से लैस है, जो दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंजन है। बोइंग 777-300 ईआर एक बार में 17 घंटे तक की उड़ान भर सकता है। भारत से अमेरिका के बीच की लंबी दूरी भी एक बार में तय कर सकता है। वो भी बिना रीफ्यूलिंग के। यानी एक बार के फ्यूल से ही इससे लंबी दूरी की उड़ान भरी जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये विमान काफी बड़ा है और इसकी फ्यूल कैपेसिटी भी ज्यादा है। इससे पहले बोइंग 747 में ये क्षमता नहीं थी। बोइंग 777-300 ईआर में सुरक्षा सबसे ज्यादा फोकस बोइंग 777-300 ईआर में सुरक्षा का सबसे ज्यादा ध्यान रखा गया है। नए एयरक्राफ्ट में इंटीग्रेटेड डिफेंसिव इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट (AIDEWS) है, जो प्लेन को इलेक्ट्रॉनिक खतरों से बचाता है। इन विमानों में लार्ज एयरक्राफ्ट इंफ्रारेड काउंटरमेजर्स (LAICRM) सेल्फ-प्रोटेक्शन सूट है, जो विमान की तरफ आने वाली मिसाइल को डिटेक्ट करने और उसे जाम करने में मदद करता है। भोपाल एयरपोर्ट पर अभी ए-321 विमानों का संचालन वर्तमान में भोपाल एयरपोर्ट पर अधिकतम A321 विमान (विंगस्पैन 34 मीटर) का संचालन होता है। हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से विशेष अनुमति मिलने के बाद, भोपाल एयरपोर्ट अब वीवीआईपी बी-777 300ER विमान को सीमित टेक-ऑफ वर्जन के साथ संचालित करने में सक्षम हो गया है। recent visitors 39

ढाबा संचालक ने मांसाहारी नहीं बनाया तो किन्नरों ने किया हमला

सागर सागर जिले के खुरई में किन्नरों की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। एक ढाबा संचालक ने मांसाहारी खाना बनाने से मना किया, तो किन्नर प्रीति नायक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस पर लाठियों, लोहे की रॉड और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। घटना मंगलवार की है और यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। कैसे घटी घटना ढाबा संचालक 28 वर्षीय प्रदीप पटेल पर हुए इस हमले में उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। कई अन्य कर्मचारियों को भी मामूली चोटें लगी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, किन्नरों ने ढाबे में जमकर तोड़फोड़ की और बाहर खड़े लोगों को भी बेवजह पीटा। पहले भी हो चुका था विवाद रविवार को भी किन्नर प्रीति नायक ने ढाबे पर आकर विवाद किया था, जिसकी शिकायत पुलिस थाने में की गई थी। लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के चलते किन्नरों के हौसले बुलंद हो गए। घायल ढाबा संचालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले विदिशा में ट्रेन में किन्नरों द्वारा एक युवक की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया था, जो अब तक शांत नहीं हुआ है, और अब खुरई की यह घटना फिर से किन्नरों की गुंडागर्दी को उजागर कर रही है।   recent visitors 26

SC ने HC के देश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि ‘ब्रेस्ट पकड़ना’ और पजामे का नाड़ा तोड़ना बलात्कार का प्रयास नहीं

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित आदेश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि 'ब्रेस्ट पकड़ना' और पजामे का नाड़ा तोड़ना बलात्कार या बलात्कार का प्रयास नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश का स्वत: संज्ञान लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले में संवेदनशीलता की कमी दिखाई देती है. जस्टिस भूषण आर गवई ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमें एक जज द्वारा ऐसे कठोर शब्दों का प्रयोग करने के लिए खेद है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने हाईकोर्ट के आदेश को देखा है. हाईकोर्ट के आदेश के कुछ पैराग्राफ जैसे 24, 25 और 26 में जज द्वारा संवेदनशीलता की पूर्ण कमी को दर्शाता है. ऐसा भी नहीं है कि फैसला जल्द में लिया गया है. इस मामले में सुनवाई पूरी होकर निर्णय रिजर्व होने के 4 महीने बाद निर्णय सुनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की मां ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उसकी याचिका को भी इसके साथ ही जोड़ा जाए. उससे दोनों पर साथ सुनवाई आगे बढ़ेगी. दरअसल,  इलाहाबाद हाईकोर्ट के 17 मार्च को दिए विवादित फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज की कुछ टिप्पणियों पर रोक लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल और अटॉर्नी जनरल को सुनवाई के दौरान कोर्ट की सहायता करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम केंद्र, उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी करते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम दो हफ्ते बाद मंगलवार को इस पर सुनवाई करेंगे. इलाहाबाद कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया था? इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना, और पाजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता. फैसला देने वाले जज जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने 11 साल की लड़की के साथ हुई इस घटना के तथ्यों को रिकॉर्ड करने के बाद यह कहा था कि इन आरोप के चलते यह महिला की गरिमा पर आघात का मामला तो बनता है. लेकिन इसे रेप का प्रयास नहीं कह सकते. पहले क‍िया था इनकार इससे पहले नाबालिग लड़की के साथ रेप की कोशिश से जुड़े फैसले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया था. याचिका में जजमेंट के उस विवादित हिस्से को हटाने की मांग की गई है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि ‘इस केस में पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना,और पजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता’. याचिका में क्या था इलाहाबाद हाई कोर्ट के 17 मार्च को दिए विवादित फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित में सुप्रीम कोर्ट से जजमेंट के विवादित हिस्से को हटाने की मांग की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट केन्द्र सरकार/ हाई कोर्ट रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दे कि वो फैसले के इस विवादित हिस्से को हटाया जाए। इसके साथ ही याचिका में मांग की गई थी कि जजों की ओर से की जाने वाली ऐसी विवादित टिप्पणियों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट अपनी ओर से दिशानिर्देश जारी करें। क्यों की खारिज समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी और प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि न्यायालय इस पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" योजना का हवाला देते हुए अपनी दलीलें शुरू कीं, तो न्यायमूर्ति त्रिवेदी ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अपने मामले पेश करने वाले वकीलों को "लेक्चरबाजी" नहीं करनी चाहिए। इसके बाद न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी। क्या है मामला यह फैसला पवन और आकाश नामक दो लोगों से जुड़े एक मामले पर आया है, जिन्होंने कथित तौर पर नाबालिग के स्तनों को पकड़ा, उसके पायजामे का नाड़ा फाड़ दिया और उसे एक पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश की। शुरुआत में, उन पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। हालांकि, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि उनका कृत्य बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के रूप में योग्य नहीं था, बल्कि यह गंभीर यौन हमले के कम गंभीर आरोप के अंतर्गत आता है, जो कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (बी) और पोक्सो अधिनियम की धारा 9 (एम) के तहत दंडनीय है।   recent visitors 32

अधिकारियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना पुलिस कांस्टेबल को पड़ा भरी पहुंचा जेल

जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ सहित कई पुलिसकर्मियों को अपशब्द बोलने वाले पुलिस कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह को विधायकपुरी थाना पुलिस ने सोमवार देर रात को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार पुलिस कांस्टेबल सुरेन्द्र ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर 20 मार्च को एक वीडियो पोस्ट कर छह पुलिस अधिकारियों सहित एक निजी व्यक्ति के खिलाफ गलत टिप्पणी की थी। इस पर हरजी खटीक की ओर से विधायकपुरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर आरोपी पुलिस कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है। सहायक पुलिस आयुक्त अशोक नगर बालाराम चौधरी ने बताया कि आरोपी पुलिस कांस्टेबल सुरेन्द्र सिंह ने बीस अधिकारियों को अपशब्द कहे थे। हरजी खटीक की ओर से विधायकपुरी थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई गई। आरोपी पुलिस कांस्टेबल सुरेन्द्र को घटना के बाद सस्पेंड कर दिया गया था। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी इस प्रकार की कई शिकायतें सामने आई हैं। इनकी जांच की जा रही है। वहीं आरोपी पुलिस कांस्टेबल से पूछताछ की गई तो उसने नशे में होना कारण बताया। पुलिस जांच कर रही है कि आखिर पुलिस कांस्टेबल ने इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ क्यों किए। आखिर वह किस बात को लेकर ऐसा बोल रहा था, इस पर जांच की जा रही है। recent visitors 51

जबलपुर में पेरेंट्स को महंगी किताबों से राहत दिलाने के लिए बड़ी पहल, आधी कीमत पर किताबें, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग

जबलपुर मध्यप्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने वाला है। इससे पहले जबलपुर जिले में पेरेंट्स को महंगी किताबों से राहत दिलाने के लिए बड़ी पहल की गई है। यहां लगाए गए पुस्तक मेले में आधी कीमतों पर स्कूली किताबें मिल रही हैं। इसका फायदा जिले के 1800 स्कूल में पढ़ने वाले पहली से बारहवीं क्लास तक के 4 लाख स्टूडेंट्स के पेरेंट्स को मिलेगा। खास बात यह है कि यहां स्टूडेंट्स को करियर काउंसिलिंग भी कराई जाएगी। वहीं, अगर कोई अपनी पुरानी किताबें डोनेट करना चाहता है तो बुक बैंक में दे सकता है। शहर के गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक में 25 मार्च से शुरू हुआ पुस्तक मेला 5 अप्रैल तक चलेगा। मंगलवार शाम को मेले का उद्घाटन लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने किया। मेले में 57 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां किताबों पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। एनसीईआरटी की किताबें भी काफी कम दामों में उपलब्ध हैं। 3500 रुपए का बुक सेट 1500 रुपए में मेले में पहुंचे अभिभावक हनुमंत राव ने बताया कि पिछले साल पहली कक्षा का बुक सेट खरीदने में 3 से 3.5 हजार रुपए खर्च हुए थे। यही किताबें इस साल यहां 1500 रुपए में मिल रही हैं। अब तक स्कूल प्रबंधन की निर्धारित दुकानों से ही कॉपी-किताबें खरीदनी पड़ती थी लेकिन इस पुस्तक मेले से काफी राहत मिली है। निजी स्कूलों और प्रकाशकों की मिलीभगत पर भी रोक लगी है। पेरेंट्स सचिन गुप्ता ने बताया कि कक्षा 11वीं की गणित विषय की पुस्तकों और कॉपियों का सेट बाहर दुकानों में 5000 रुपए तक मिलता था लेकिन इस मेले में एनसीईआरटी की किताबों का सेट लगभग 1800 रुपए तक मिल रहा है। कक्षा 9वीं की छात्रा प्रियांशी ने बताया कि पहले निजी प्रकाशकों की मेरी किताबें 4500 रुपए तक आती थीं। लेकिन इस पुस्तक मेले में यही किताबें आधे से भी कम दामों में मिल गई हैं। प्रकाशक एवं बुक सेलर्स श्रीकांत इंदुरख्या और चंचल अग्रवाल का कहना है कि मेले से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। डिस्काउंट भी उसी हिसाब से देना पड़ रहा है। वैसे भी एनसीईआरटी की किताबें कम दामों की रहती है। उसके बाद भी लोगों को 2 से 3 प्रतिशत तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। जबलपुर बेस्ट पब्लिशर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप प्रवाह और सुदीप जैन ने बताया कि पुस्तक मेले में जबलपुर बेस्ड लगभग 30 पब्लिशर्स शामिल हुए हैं। सभी पुस्तकों पर डिस्काउंट दे रहे हैं। इस पुस्तक मेले के जरिए अभिभावकों तक नई-नई पुस्तकों की जानकारी सीधे पहुंच रही है। 250 से 500 तक यूनिफॉर्म के रेट पुस्तक मेले में स्कूल यूनिफॉर्म भी बेची जा रही है। इसमें कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक के छात्रों के शर्ट और पेंट के रेट 250 से लेकर 500 तक हैं। लगभग 20% की छूट दी जा रही है। वहीं, गर्ल्स के लिए ट्यूनिक 400 रुपए और स्कर्ट 300 में बेचा जा रहा है। इन पर 20% की छूट है। इसके अलावा टाई ₹100 और मोजे ₹50 में बेचे जा रहे हैं। वहीं, बुधवार और शनिवार को स्कूलों में लगने वाले लोअर और शर्ट की कीमत भी 250 से 300 रुपए है। बुक बैंक, करियर काउंसिलिंग भी 12 दिन तक चलने वाले पुस्तक मेले में पुरानी किताबों को बदलने के लिए बुक बैंक का स्टॉल भी लगाया गया है। यहां विद्यार्थी अपनी पुरानी पुस्तकें दान कर सकते हैं। बुक बैंक के व्यवस्थित संचालन के लिए सभी विद्यालयों और नागरिकों से पुरानी पुस्तकें एकत्रित की गई हैं। अभी तक लगभग 10 हजार से ज्यादा पुस्तकें इकट्‌ठी की जा चुकी हैं। मेले में छात्र-छात्राओं की करियर काउंसिलिंग के लिए भी स्टॉल लगा है। फूड स्टॉलों के साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए जा रहे हैं। मेले में हर दिन होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम जबलपुर पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत सिंह ने बताया- मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। 26 मार्च को कीर्ति श्रीवास्तव, 27 मार्च को धीरज शर्मा एवं समूह द्वारा गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। झील सिंह द्वारा नृत्य एवं लाइव पेंटिंग की प्रस्तुति 28 मार्च के कार्यक्रमों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी। 29 मार्च को शास्त्रीय, उपशास्त्रीय और भक्ति प्रधान विधाओं पर सामूहिक नृत्य होंगे। 30 मार्च को बेटी बचाओ एवं बेटी पढ़ाओ पर आधारित सामूहिक नृत्य होगा। 31 मार्च को जबलपुर के दर्शनीय स्थलों का मंचन करती कलात्मक प्रस्तुतियां पेश की जाएंगी। 1 अप्रैल को एकल और सामूहिक गीत, 2 अप्रैल को अयोध्या के राम जबकि 3 अप्रैल को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देती कलात्मक प्रस्तुतियां होंगी। पुस्तक मेले में 4 अप्रैल को भैरवी विश्वरूप एवं समूह और नव नृत्यांजलि कला केंद्र द्वारा नृत्य और अंतिम दिन 5 अप्रैल को लोक नृत्य किए जांएगे। recent visitors 33