नेता प्रतिपक्ष महंत ने विभिन्न विषयों पर जांच की मांग की थी और उन्हें ईडी और सीबीआई पर विश्वास : गृह मंत्री शर्मा

रायपुर छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा एप घोटाले को लेकर CBI ने बड़ी कार्रवाई की है. आज तड़के CBI की टीम ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके करीबियों और कई अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की. इस छापेमार कार्रवाई से प्रदेश में सियासी बवाल मचा हुआ है. पक्ष और विपक्ष के बयान सामने आ रहे हैं. वहीं CBI की कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा ने बयान देते हुए कहा कि “CBI की रेड की जानकारी मिली है, लेकिन किस विषय की जांच हो रही है, इसकी जानकारी नहीं है. अनेक विषयों की जांच का जिम्मा CBI को सौंपा गया है. नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने विभिन्न विषयों पर जांच की मांग की थी और उन्हें ईडी और सीबीआई पर विश्वास है. नतीजे तक पहुंचने के लिए ही जांच की जा रही है.” कांग्रेस के केंद्रीय एजेंसी के दुरुपयोग करने के आरोप पर विजय शर्मा ने कहा कि शायद उन्हें पता नहीं उनके ही नेता प्रतिपक्ष विभिन्न विषयों पर सीबीआई और ईडी जांच की मांग कर रहे हैं, उन्हें भी सीबीआई और ईडी पर भरोसा है. क्योंकि उन्होंने सदन में सीबीआई जांच नहीं होगी तो प्रधानमंत्री तक को पत्र लिखने की बात कही है. CBI की टीम ने आज तड़के रायपुर, भिलाई समेत दो दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की. जिन प्रमुख लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया, विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व IAS अनिल टुटेजा, IPS अधिकारी आनंद छाबड़ा, अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल एसपी अभिषेक महेश्वरी, एडिशनल एसपी संजय ध्रुव, KPS ग्रुप के निशांत त्रिपाठी, पूर्व OSD मनीष बंछोर व आशीष वर्मा, निरीक्षक गिरीश तिवारी समेत अन्य के ठिकानों पर छापे की खबर है. ASP अभिषेक महेश्वरी का घर सील राजनांदगांव के VIP कॉलोनी सन सिटी में स्थित बघेल सरकार में प्रभावशाली अधिकारी रहे अतिरिक्त पुलिस अधिकारी अभिषेक महेश्वरी के घर पर CBI की टीम पहुंची, जहां उनके घर को सील कर दिया गया है. सीबीआई की टीम जब महेश्वरी के घर पहुंची तो वहां वे मौजूद नहीं थे. भूपेश बघेल केंद्रीय सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी में भिलाई स्थित आवास में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल से टीम पूछताछ कर रही है. वहीं बघेल केंद्रीय सुरक्षा बल की कड़ी निगरानी के बीच परिवार के साथ अपने निवास पर मौजूद हैं. सौम्या चौरसिया के घर में छान-बीन, मिले अहम दस्तावेज बघेल सरकार में सीएम सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के भिलाई स्थित घर पर सीबीआई की टीम छान-बीन कर रही है. कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज घर से बरामद किए जाने की चर्चा है. कांग्रेस कार्यकर्त्ता और पुलिस के बीच झूमाझटकी सीबीआई की पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पुरानी भिलाई निवास में कार्रवाई के दौरान बाहर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस के बीच झूमाझटकी हुई. सीबीआई दबिश के दौरान सीएसपी हरीश पाटिल के साथ 4 थानों के टीआई और 100 पुलिस जवान मौके पर मौजूद थे. कार्रवाई के दौरान कांग्रेस पार्षद के पति लाभेश मन्दरकर और जामुल टीआई कपिल देव पांडेय के बीच झूमाझटकी हुई. क्या है मामला छत्तीसगढ़ सरकार ने अगस्त 2024 में महादेव बेटिंग एप घोटाले की जांच आधिकारिक तौर पर सीबीआई को सौंप दी थी. ईडी ने पिछले साल जनवरी में इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी, जिसके बाद इसका जिम्मा एसीबी और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भी सौंप दिया गया था. इस साल लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले 4 मार्च को एसीबी द्वारा दायर चार्जशीट में भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया था. भूपेश बघेल के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात और जालसाजी से संबंधित विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी. कई अन्य भी आरोपी बनाए गए थे. recent visitors 22

बिस्वा सरमा की सरकार ने असम में बिजली की दरों में कटौती करने का लिया फैसला, 1 अप्रैल से लागू होगी नए दरें

नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ने लगा है, जिससे बिजली की खपत में वृद्धि की उम्मीद है और आने वाले महीनों में बिजली के बिल में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इस बीच असम सरकार ने राज्यवासियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने असम में बिजली की दरों में कटौती करने का फैसला लिया है, जो उपभोक्ताओं के लिए एक सुखद समाचार साबित हो सकता है। सरकार द्वारा घोषित इस कटौती से लोगों को गर्मी के मौसम में बिजली के अधिक बिलों से राहत मिल सकती है। यह निर्णय खासकर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अहम है। 1 अप्रैल से राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में प्रति यूनिट ₹1 की कटौती की जाएगी। इसके अलावा, कृषि, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में भी बिजली की दरों में ₹0.25 प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस फैसले के बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने लिखा, "1 अप्रैल से सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में ₹1 प्रति यूनिट की कटौती की जाएगी, जिससे गर्मी के मौसम में जरूरी राहत मिलेगी। कृषि, औद्योगिक और वाणिज्यिक शुल्क में भी ₹0.25 प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। यह बजट में किया गया वादा पूरा किया गया है।" इस निर्णय को एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह नागरिकों को बढ़ते तापमान के कारण होने वाली परेशानियों से कुछ हद तक राहत प्रदान करेगा। इस बीच, असम में पर्यटन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में जानकारी दी कि पिछले चार वर्षों में राज्य में पर्यटन में शानदार बढ़ोतरी हुई है, और तीन करोड़ से अधिक घरेलू पर्यटक असम की यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा, 2021 से अब तक 60,000 से अधिक विदेशी पर्यटक भी असम आए हैं, जो राज्य के पर्यटन स्थलों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। recent visitors 20

मोहित कोअब अमेरिका में मिलेगा प्यार और सुरक्षित भविष्य, बच्चे के माता-पिता की तलाश रही विफल

झाबुआ छह महीने पहले पेटलावद, झाबुआ के सरकारी अस्पताल में लावारिस हालत में मिले नाबालिग मोहित (परिवर्तित नाम) को आखिरकार एक नया परिवार मिल गया है। बुधवार को यह मासूम अपने नए माता-पिता के साथ अपना जन्मदिन मनाने वाला है। इस दंपति ने न केवल बच्चे को अपनाया है, बल्कि उसे एक नया जीवन और सुरक्षित भविष्य भी प्रदान किया है। पासपोर्ट की औपचारिकताएं पूरी होते ही यह परिवार अमेरिका रवाना होगा, जहां बच्चे को माता-पिता का भरपूर स्नेह और देखभाल मिलेगी। जन्मजात स्वास्थ्य समस्या बनी परित्याग का कारण यह बच्चा क्लेफ्ट पैलेट (कटे तालू) और क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) जैसी जन्मजात स्वास्थ्य समस्या के साथ पैदा हुआ था। जन्म के दो महीने बाद ही उसके जैविक माता-पिता ने उसे पेटलावद के सरकारी अस्पताल में लावारिस छोड़ दिया। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने उसे इंदौर की संजीवनी सेवा संगम संस्था को सौंप दिया, जहां उसका इलाज किया गया। संस्था ने न केवल उसका समुचित उपचार करवाया, बल्कि उसे स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज उसी संस्था के प्रयासों से इस मासूम को एक नया परिवार मिल पाया है। बच्चे के माता-पिता की तलाश रही विफल संस्था द्वारा लंबे समय तक बच्चे के जैविक माता-पिता को खोजने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। झाबुआ जिले की बाल कल्याण समिति ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संजीवनी सेवा संगम संस्था को बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी। संस्था में कार्यरत महिला केयरटेकर्स ने उसे अपनी संतान की तरह पाला और उसे हर प्रकार की सुविधा और देखभाल प्रदान की। इस दौरान बच्चे की अच्छी परवरिश के साथ-साथ उसके मानसिक और शारीरिक विकास का भी विशेष ध्यान रखा गया। अब अमेरिका में मिलेगा प्यार और सुरक्षित भविष्य संस्था के अथक प्रयासों के कारण अब यह बच्चा एक अमेरिकी दंपति के परिवार का हिस्सा बनने जा रहा है। बुधवार को दंपति बच्चे के साथ अमेरिका के लिए रवाना होगा। वहां उसे प्यार, सुरक्षा और बेहतर अवसर मिलेंगे, जिससे उसका जीवन संवर सकेगा। यह कहानी समाज में परित्यक्त बच्चों के पुनर्वास की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो दर्शाती है कि यदि सही देखभाल और अवसर मिले तो कोई भी बच्चा उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकता है।   recent visitors 31

RSS का सामाजिक अध्ययन: भोपाल में मजबूरी के चलते हिंदुओं ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से पलायन कर लिया

भोपाल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाले हिंदुओं को लेकर अपनी अध्ययन की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से हिंदुओं का पलायन हो रहा है। पुराने शहरों से हिंदुओं को मजबूरी में पलायन करना पड़ रहा है। वहीं मुस्लिम पक्ष ने इस दावे पर बड़ा बयान दिया है। RSS ने 100 साल पूरे होने पर किया सामाजिक अध्ययन दरअसल,RSS ने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर मध्य भारत क्षेत्र में सामाजिक अध्ययन कर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसमें बताया गया है कि भोपाल में मजबूरी के चलते हिंदुओं ने मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से पलायन कर लिया है। करीब 3 हजार से अधिक हिंदुओं ने पुराने भोपाल के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से मज़बूरी में पलायन किया है। RSS ने कहा- हमने इसे रोकने की कोशिश की RSS की रिपोर्ट पर मध्यभारत प्रांत संघचालक अशोक पांडे ने कहा कि “शहर के कई जगहों से हिंदुओं ने पलायन किया है। पुराने भोपाल के शाहजहांनाबाद, मंगलवार, बुधवारा, कोहेफिजा, सिंधी कॉलोनी, कबाड़खाना, टीला जमालपुर, चौकसे नगर, ग्रीन पार्क कॉलोनी, काजी कैंप, ईदगाह हिल्स, कांग्रेस नगर, बाग फतेह अफजा, बरखेड़ी समेत कई अन्य क्षेत्रों से हिंदुओं का पलायन हुआ। हमने इसे रोकने की कोशिश है। सुरक्षा का भाव जगाने की कोशिश है। हम तुम्हारे (हिंदुओं) साथ खड़े हुए हैं। हमारी कोशिश निरंतर जारी है। हिंदुओं में ऐसा पलायन का भाव पैदा नहीं होना चाहिए। सब जानते है कोहेफिजा समेत कई स्थान खाली (पलायन) हुए।” मुस्लिम पक्ष ने RSS की रिपोर्ट ने बताया झोलझाल RSS की सामाजिक अध्ययन रिपोर्ट पर मुस्लिम पक्ष का बयान भी सामने आया है। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड अध्यक्ष काजी अनस अली ने रिपोर्ट को गलत बताया है। उन्होंने कहा, “आरएसएस की रिपोर्ट में बहुत ज्यादा झोलझाल है। मैं मुसलमान के हर इलाके की बात कर रहा हूं। जहां पर हिंदू भाई आसानी से रहते हुए मिल जाएंगे। बहुत सारे हिंदू सहूलियत से रह भी रहे हैं।” हमारा दिल बड़ा है, हमने सब लोगों को बसाया उन्होंने आगे कहा, “भोपाल पहले बहुत छोटा था। हमारा दिल बड़ा है और हमने सब लोगों को बसाया है। एमपी नगर में बाहर के लोग बसे हैं। हमारा दिल बहुत बड़ा है। अब भोपाल में बिहारी कॉलोनी है, अंबेडकर कॉलोनी है, महाराष्ट्रीयन कॉलोनी है, यह सब भोपाल के अंदर ही है। बाहर से आकर पूरे के पूरे लोग, पूरा का पूरा कुनबा बाहर जहां जाकर बसा और बस भी रहे हैं। मैं फिर कहूंगा, हमारा दिल बड़ा है।” RSS की रिपोर्ट को हिन्दू पक्ष ने बताया सही RSS की रिपोर्ट को हिन्दू पक्ष ने सही बताया है। महामंडलेश्वर एवं पुराने भोपाल निवासी अखिलानंद ने कहा, “आरएसएस ने जो बात कही है वह बिल्कुल सही बात कही है और सच्चाई से कही है। मैं सालों से राजा भोज की नगरी भोपाल में जीवन यापन कर रहा हूं। मेरे संज्ञान में ऐसे कई क्षेत्र हैं। भोपाल से ही हिंदू पलायन को मजबूर हुआ। पुतलीघर, इंदिरा नगर, काजी कैंप कई स्थान है जिन्हें उंगली पर गिन बता सकता हूं।” 20 साल पहले बराबरी में होते थे लोग उन्होंने आगे कहा, “मैंने देखा है कि मुसलमानों की संख्या लगातार बढ़ी है। जबकि, 20 साल पहले बराबरी में लोग होते थे। लेकिन अब पलायन की स्थिति लगातार जारी है। काजी कैंप, इंदिरा नगर, गौतम नगर, नारियल खेड़ा यहां से हिंदू समाज पलायन कर रहा है। बीजेपी सरकार को ध्यान रखना चाहिए, सामाजिक संगठन को ध्यान रखना चाहिए। लोग मजबूरी और प्रताड़ना से अपने सस्ते दामों पर घर बेच अन्य क्षेत्रों में पलायन को मजबूर हैं। एक विशेष वर्ग तो लगातार बढ़ता जा रहा है।” सरकार से सर्वे कराने की अपील अखिलानंद ने आगे कहा, “यह वर्ग ही कई प्रकार से हिंदू समाज को प्रताड़ित करता है और मजबूरी में सब कुछ छोड़कर भागना पड़ता है। मैंने कई लोगों से निवेदन किया कि मत जाओ, हमारे भरोसे रहो। हम संत समाज आपके साथ हैं। उसके बाद भी लोग अनेकों कारणों और भय से भागे। सरकार से हमारी  सर्वे कराने की अपील है। क्षेत्र से हिंदुओं का पलायन होना समाज के लिए खतरे की घंटी नहीं है। समाज कहीं भी जीवन यापन कर सकता है, यह खतरे की घंटी सरकार के लिए है।” BJP MLA रामेश्वर शर्मा ने कहा- इसकी चिंता करनी चाहिए इस मामले पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का स्टेटमेंट भी सामने आया है। उन्होंने कहा, “RSS माइक्रो सर्वे करती है। हम सबको इसकी चिंता करना चाहिए। हिंदुओं डरे नहीं। कोई ऐसा करता है तो कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वर्ग को चिन्हित कर शासन, प्रशासन भी कार्रवाई करेगा। recent visitors 33

तथ्यों से खिलवाड़, पक्षपाती एजेंडा… भारत ने खारिज की USCIRF की रिपोर्ट, अमेरिका को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली भारत ने अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की रिपोर्ट को सख्ती से खारिज करते हुए कहा कि इस आयोग को खुद 'चिंता का विषय' घोषित किया जाना चाहिए. रिपोर्ट में भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) पर हत्या की साजिशों में कथित भूमिका को लेकर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कड़े शब्दों में बयान जारी करते हुए इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र और सहिष्णुता के प्रतीक के रूप में भारत की छवि को कमजोर करने के प्रयास सफल नहीं होंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि USCIRF की नवीनतम रिपोर्ट 'पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित आकलन' जारी करने के अपने पैटर्न को जारी करने वाली है. विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि USCIRF द्वारा अलग-अलग घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और भारत की वाइब्रेंट मल्टीकल्चरल सोसायटी पर संदेह व्यक्त करने के लगातार प्रयास धार्मिक स्वतंत्रता के लिए वास्तविक चिंता की बजाय एक जानबूझकर किए गए एजेंडे को दर्शाते हैं. बयान में कहा गया है कि वास्तव में तो USCIRF को ही 'चिंता का विषय' माना जाना चाहिए. धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट में क्या कहा गया अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 2024 में भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले और भेदभाव में वृद्धि जारी थी. रिपोर्ट में भाजपा पर लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुसलमानों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ 'घृणास्पद बयानबाजी' का प्रचार करने का भी आरोप लगाया गया है. भारतीय खुफिया एजेंसी पर लगे आरोप साल 2023 से भारत पर अमेरिका और कनाडा में खालिस्तान समर्थक आतंकियों को निशाना बनाने के आरोप लग रहे हैं. जो बाइडन की सरकार में अमेरिका ने एक पूर्व भारतीय खुफिया अधिकारी विकास यादव पर अमेरिका में हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया. भारत इन आरोपों को खारिज करता है और खालिस्तान समर्थकों को सुरक्षा के लिए खतरा बताता है. क्या की गई सिफारिशें?     रिपोर्ट में कई प्रतिबंधों की सिफारिश की गई है. इसमें कहा गया कि धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन में संलिप्त लोगों जैसे विकास यादव और संस्थाओं जैसे रॉ पर प्रतिबंध लगाया जाए. उनकी संपत्तियां जब्त करें और अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाएं.     रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावासों को सार्वजनिक बयानों और भाषणों में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों पर बात करने के लिए प्रोत्साहित करें.     इसने अमेरिकी कांग्रेस से विदेशों में भारत की ओर से धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने पर वार्षिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा है. इसके अलावा इस बात की समीक्षा करनी चाहिए कि क्या भारत को हथियारों की बिक्री जैसे MQ-9B ड्रोन धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन में योगदान देती है या उसे बढ़ा सकती है.     recent visitors 27

बदरा जनपद अध्यक्ष के विरुद्ध लगा अविश्वास प्रस्ताव हुआ धराशाही, नहीं पहुंचे प्रस्तावक समर्थन

बदरा जनपद अध्यक्ष के विरुद्ध लगा अविश्वास प्रस्ताव हुआ धराशाही, नहीं पहुंचे प्रस्तावक समर्थन  भाजपा जिला अध्यक्ष ने संभाला मोर्चा ,मनभेद को किया दूर अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत बदरा की अध्यक्ष श्रीमती धनमती सिंह के विरुद्ध लगाया गया अविश्वास प्रस्ताव उस समय धराशाही हो गया जब 26 मार्च 2025 को अनूपपुर जनपद पंचायत कार्यालय में मतदान के लिए जनपद सदस्यों को उपस्थित होना था लेकिन  अविश्वास प्रस्ताव में शामिल एक भी जनपद सदस्य मतदान के लिए उपस्थित नहीं हुए यहां तक की प्रस्तावक समर्थक भी अविश्वास के विरुद्ध खड़े नजर नहीं आए और अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह से धराशाही हो गया। जनपद उपाध्यक्ष सहित कांग्रेसी सदस्यों ने लगाया अविश्वास प्रस्ताव जनपद पंचायत बदरा के अध्यक्ष श्रीमती धनमती सिंह के विरुद्ध जनपद के कांग्रेस के सदस्यों ने मिलकर कल 7 लोगों ने अविश्वास प्रस्ताव लगाया था जिसको लेकर प्रशासन द्वारा 26 मार्च 2025 को बदरा जनपद कार्यालय में मतदान कराया जाना सुनिश्चित किया गया था जिसमें जनपद के कुल 17 सदस्यों को उपस्थित होकर अविश्वास प्रस्ताव के प्रति मतदान करना था लेकिन कोई भी सदस्य मतदान के लिए उपस्थित नहीं हुए इस तरह से अविश्वास प्रस्ताव  अवधे मुंह गिर गया । भाजपा जिला अध्यक्ष ने संभाला मोर्चा  भारतीय जनता पार्टी समर्थित जनपद अध्यक्ष श्रीमती धनमती सिंह के विरुद्ध लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने मोर्चा संभालते हुए जिले के महामंत्री अखिलेश द्विवेदी एवं मंडल अध्यक्ष मुकेश पटेल को मैदान में उतारा तथा स्वयं अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने के लिए जनपद सदस्यों एवं अध्यक्ष के बीच मनभेद को दूर करने का कार्य किया और सफलता हासिल हुई।  भाजपा कार्यकर्ताओं ने जनपद कार्यालय में मनाया जश्न अध्यक्ष के खिलाफ विश्वास गिरने के पश्चात जनपद कार्यालय बदरा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाते हुए अध्यक्ष श्रीमती धनमती सिंह को बधाई दी इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष ने जनपद अध्यक्ष को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की तथा कहा की सभी को संगठन के रीति नीति के हिसाब से कार्य करने की आवश्यकता है आपस में तालमेल में बनाकर कार्य करें मनभेद को दूर करें ,जो अविश्वास लगा वह दुर्भाग्यपूर्ण था इस भूल को अब सुधारने की आवश्यकता है ।जनपद अध्यक्ष धनमती सिंह ने कहा कि हमें नहीं पता है कि किस बात की लड़ाई थी और यह सब कैसे और क्यों हुआ संगठन ने मेरा पूरा सहयोग किया है इसके लिए हम भारतीय जनता पार्टी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हैं उपरोक्त जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह द्वारा दी गई recent visitors 27

नवरात्रि के पहले प्रदेश के कर्मचारियों को मिली खुशखबरी, सैलरी में हुई 10% की बढ़ोतरी

भोपाल मध्यप्रदेश में कर्मचारियों के लिए खुशी की खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइ कार्पोरेशन MP Civil Supplies Corporation के कर्मचारियों की सेलरी बढ़ाई गई है। कार्पोरशन में रिक्त पदों पर भर्ती की कवायद भी जल्द शुरु की जाएगी। प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने इसके निर्देश दिए। संचालक मण्डल की बैठक में उन्होंने संगठनात्मक संरचना में सुधार का प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। इसके लिए जरूरी होने पर कंसल्टेंट की सेवाएं लेने को भी कहा गया है। मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइ कार्पोरेशन MP Civil Supplies Corporation की संचालक मंडल की बैठक में सदस्यों सहित खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण अपर विभाग की मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी, खाद्य आयुक्त कर्मवीर शर्मा, सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के एमडी अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे। विभाग की मुख्य सचिव ने कार्पोरेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। संगठनात्मक सुधार के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने कार्पोरेशन के संगठनात्मक सुधार के लिए प्रस्ताव बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि इसके लिये कंसल्टेंट की सेवा भी ले सकते हैं। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने उपार्जन के काम में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके लिए अधिकारियों को उपार्जन केंदों के लगातार निरीक्षण करने को कहा। मंत्री ने कहा कि वे खुद भी उपार्जन केंदों का निरीक्षण करेंगे। संविदा लेखापालों की नियुक्ति- मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने कार्पोरेशन में रिक्त पदों की भर्ती जल्द करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्पोरेशन MP Civil Supplies Corporation के लंबित लेखा संबंधी कार्य पूरे कराने के लिए संविदा लेखापालों की नियुक्ति करने को कहा। मंत्री ने आउटसोर्स में विशेषज्ञ कर्मचारियों को ही नियुक्त करने के निर्देश दिए। वरिष्ठ सहायकों के वेतन में 10 प्रतिशत की वृद्धि की मंजूरी – संचालक मण्डल की बैठक में कर्मचारियों की वेतन वृद्धि का निर्णय भी लिया गया। वरिष्ठ सहायकों के वेतन में 10 प्रतिशत की वृद्धि की मंजूरी दे दी गई। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने वेतन वृद्धि सहित बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का समय-सीमा में क्रियान्वयन करने को कहा। recent visitors 24