Sunday, July 5, 2026 12:02 pm

नाटो देशों के इस कदम से यूक्रेन को बड़ा झटका लगा, अमेरिका-रूस में बेहतर हो रहे रिश्ते, यूरोपीय देशों का यू-टर्न क्यों?

वाशिंगटन यूरोपीय देशों समेत NATO गठबंधन के सदस्य देश कथित तौर पर अपनी उस योजना से पीछे हट रहे हैं, जिसके तहत यूक्रेन को सैन्य मदद दी जाने की योजना बनाई गई थी। इससे पहले ऐसी खबरें थीं कि यूरोपीय देश शांति समझौता होने के स्थिति में यूक्रेन को भविष्य में रूसी आक्रमण से बचाने के लिए वहां सैनिकों की तैनाती करेंगे और सैन्य सहायता उपलब्ध कराएंगे लेकिन अब ये योजना खटाई में पड़ती दिख रही है। नाटो देशों के इस कदम से यूक्रेन को बड़ा झटका लगा है। रॉयटर्स के अनुसार, यूरोपीय नेता बदली भू-राजनीतिक परिस्थितियों में अब ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा प्रस्तावित सैनिकों को भेजने की चुनौतियों पर विचार कर रहे हैं, और उसे पलटने की योजना पर काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यूरोपीय देश अब अपने प्रस्ताव से पीछे हट रहे हैं क्योंकि हाल के दिनों में ट्रम्प प्रशासन के तहत अमेरिका-रूस संबंधों में सुधार हुआ है और मॉस्को धीरे-धीरे वॉशिंगटन के करीब आ रहा है। दूसरी तरफ यूक्रेन युद्ध के मैदान में अब पीछे हटने लगा है और रूस आगे बढ़ता दिख रहा है। यूरोपीय देशों का यू-टर्न क्यों? रॉयटर्स से एक अनाम यूरोपीय राजनयिक ने कहा गया है कि यूरोपीय देश अपने कदम पीछे खींच रहे हैं और जो कुछ वे कर रहे थे या करने की कोशिशों में थे, उसे अब बदलने की कोशिश कर रहे हैं और यही फिलहाल समझदारी भरा कदम हो सकता है। एक अन्य राजनयिक ने न्यूज वीक को बताया, "जब यूक्रेन बेहतर स्थिति में था, तो सैनिकों को भेजने का विचार आकर्षक लग रहा था लेकिन अब, जमीनी स्तर पर और अमेरिकी प्रशासन के साथ यूक्रेन कमजोर हुआ है, इसलिए यूरोपीय देशों का प्लान अब बहुत आकर्षक नहीं रह गया है। अधर में लटकी पेरिस योजना बता दें कि इसी महीने 11 मार्च को फ्रांस की राजधानी पेरिस में 30 से अधिक देशों के सैन्य अधिकारियों की एक मीटिंग हुई थी। इसे पेरिस योजना कहा गया था, जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय सेना बनाने पर चर्चा हुई थी। इस तरह की सेना का उद्देश्य यूक्रेन में युद्ध विराम लागू होने के बाद रूस को दूसरा आक्रमण करने से रोकना और हमले की स्थिति में बचाना था। इस बैठक में नाटो गठबंधन के लगभग सभी देशों के चीप ऑफ स्टाफ या उनके प्रतिनिधियों ने शिरकत की थी। हालांकि, अमेरिका को इसमें न्योता नहीं दिया गया था। अमेरिका-रूस में बेहतर हो रहे रिश्ते दूसरी तरफ अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम लागू कराने की कोशिशों में जुटा था। बाद में यूक्रेन ने 30 दिनों के युद्धविराम पर सहमति जताई थी। हालांकि, रूसी राष्ट्रपति व्लोदिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पिछले दिनों हुई टेलिफोनिक बातचीत में रूस ने आंशिक युद्धविराम पर सहमति जताई थी और यूक्रेन के ऊर्जा और अन्य बड़े ठिकानों पर हमले नहीं करने का वादा किया था। इसी हफ्ते यूक्रेन और रूस ने काला सागर में भी युद्धविराम पर सहमति जताई है। इस तरह पुतिन धीरे-धीरे अब अमेरिका संग रिश्ते सुधार रहे हैं। पुतिन ने कई तरह के प्रतिबंध हटाने की मांग अमेरिका से की है। इस पर ट्रंप ने भी सकारात्मक आश्वासन दिया है। यूरोपीय देशों को यही गठजोड़ खतरनाक लग रहा है, इसलिए अपने प्लान से पीछे हट रहे हैं। recent visitors 39

राजस्थान के 8,000 खनन पट्टाधारकों सुप्रीम कोर्ट से राहत, लाखों मजदूरों को होगा फायदा

जयपुर राजस्थान के 8,000 से अधिक खनन पट्टाधारकों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उच्चतम न्यायालय ने 31 मार्च 2025 तक खनन संचालन बंद करने की समयसीमा को दो महीने के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले से न केवल खनन क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों को फायदा मिलेगा, बल्कि इस उद्योग पर निर्भर लाखों मजदूरों को भी अस्थायी राहत मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने यह महत्वपूर्ण आदेश राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) शिव मंगल शर्मा द्वारा दायर अंतरिम आवेदन (IA) पर सुनवाई के दौरान पारित किया। राज्य सरकार ने तर्क दिया कि यदि समयसीमा नहीं बढ़ाई गई, तो खनन कार्य रुकने से लाखों लोगों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। पर्यावरणीय स्वीकृति पर लंबित मामला इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर भी विचार किया कि क्या ज़िला स्तरीय अधिकारी स्वतंत्र रूप से पर्यावरणीय मंजूरी (EC) प्रदान कर सकते हैं या फिर सभी मंजूरियों को राज्य स्तरीय प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है। जब तक इस कानूनी प्रश्न का समाधान नहीं हो जाता, अदालत ने खनन संचालन को दो महीने तक जारी रखने की अनुमति दी है। राजस्थान सरकार की अपील पर राहत राजस्थान सरकार ने अपनी याचिका में खनन पट्टों के लिए आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृतियों (EC) की जटिलताओं का हवाला देते हुए यह विस्तार मांगा था। यदि समयसीमा नहीं बढ़ाई जाती, तो हजारों खदानों को तत्काल बंद करना पड़ता, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और मजदूरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) किसी आवेदन को अस्वीकार करता है, तो खनन पट्टाधारक कानूनी विकल्पों का सहारा ले सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट का 12 नवंबर 2024 का आदेश 12 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने खनन संचालन को 31 मार्च 2025 तक जारी रखने की अनुमति दी थी, बशर्ते कि खननकर्ता पर्यावरणीय नियमों का पालन करें। लेकिन इस समय सीमा के समाप्त होने की कगार पर पहुंचने और हजारों लोगों की आजीविका पर संकट के चलते, राजस्थान सरकार ने अंतरिम आवेदन (IA) दायर कर अतिरिक्त समय की मांग की। राज्य सरकार की याचिका में यह उल्लेख किया गया था कि यदि विस्तार नहीं दिया गया, तो 8,000 से अधिक खदानों को तत्काल बंद करना पड़ेगा, जिससे लाखों मजदूरों और इस उद्योग से जुड़े व्यवसायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए दो महीने का विस्तार प्रदान किया।   recent visitors 29

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री साय ने 780 बुजुर्ग श्रद्धालुओं से भरे ट्रैन को दिखाई हरी झंडी

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने तीर्थ दर्शन योजना को फिर शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में तीर्थयात्रा ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। इस योजना के तहत राज्य के वरिष्ठ नागरिकों और कम आय वाले परिवारों को प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा करने का अवसर मिलेगा। इस दौरान सीएम साय ने कहा कि, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को तीर्थ करने का फल मिल सके इसलिए संवेदनशील सरकार ने यह पहल की है। मोदी की गारंटी को पूरा कर रही छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, यह योजना हमारी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का हिस्सा है। हम चाहते हैं कि राज्य के हर नागरिक को देश के पवित्र तीर्थस्थलों के दर्शन का मौका मिले, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। हम एक और मोदी की गारंटी पूरी कर रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के वक्‍त जनता से वादा किया था, उस दौरान मोदी की गारंटी में इसे भी शामिल किया गया था, जिसे छत्‍तीसगढ़ सरकार पूरा कर रही है। इस दौरान सीएम साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में यात्रियों से बातचीत की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। तीर्थ दर्शन योजना का उद्देश्य मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उद्देश्य गरीब और वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख और प्रसिद्ध तीर्थस्थलों की यात्रा कराना है। सभी वर्गों के लोगों को धार्मिक यात्राओं का लाभ मिल सके, इसके लिए सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ से बाहर के तीर्थ स्थलों पर जाने से राज्य के लोगों को नए स्थानों के दर्शन का अवसर मिलेगा। बता दें कि, ट्रेन में यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को खाने-पीने की व्यवस्था, यात्रा बीमा और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएगी। योजना के तहत यात्रा का अधिकांश खर्च सरकार वहन करेगी, जिससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ न उठाना पड़े। कैसे मिलेगा योजना का लाभ? इच्छुक लाभार्थियों को ऑनलाइन या जिला प्रशासन के माध्यम से आवेदन करना होगा। आयु सीमा वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) को प्राथमिकता। आर्थिक पृष्ठभूमि में कम आय वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयन प्रक्रिया में लाभार्थियों का चयन पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। गौरतलब है कि, यह योजना पहले भाजपा सरकार के दौरान शुरू हुई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इसे बंद कर दिया गया था। अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। recent visitors 69

गाेवा बोर्ड 12वीं रिजल्ट gbshse.in पर जारी, यहां से डाउनलोड करें मार्कशीट

नई दिल्ली गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन ने बारहवीं कक्षा के रिजल्ट जारी कर दिया गया है। HSSC परिणाम आज यानी कि 27 मार्च, 2025 की शाम 5 बजे जारी किए गए हैं। GBSHSE तीनों स्ट्रीम यानी कि कॉमर्स, साइंस और आर्ट्स संकाय के नतीजे एक साथ जारी किए गए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राएं आधिकारिक वेबसाइट gbshse.in पर चेक कर सकते हैं। साथ ही चाहें तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके भी परिणाम देख ते हैं।   Goa Board HSSC Result 2025: गोाव बोर्ड 12वीं रिजल्ट चेक करने का ये है आसान तरीका     गोवा बोर्ड 12वीं रिजल्ट देखने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट gbshse.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर "हाल ही की घोषणाएं" सेक्शन में जाएं।     गोवा बोर्ड 12वीं रिजल्ट 2025’ के लिंक पर क्लिक करें।     अपना सीट नंबर या रोल नंबर दर्ज करें और कैप्चा कोड एंटर करें।     सबमिट बटन पर क्लिक करें, इसके बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।     अपने रिजल्ट के सभी विवरणों को ध्यानपूर्वक जांचें और मार्कशीट डाउनलोड करें।     भविष्य में जरूरत के लिए प्रिंटआउट लेकर सुरक्षित रख लें। यहां की जाएगी नतीजों की घोषणा नतीजों की रिजल्ट की घोषणा गोवा बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन, Porvorim के सेकंड फ्लोर पर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में की जाएगी। बता दें कि इस साल कुल 17,686 रेग्यूलर छात्र-छात्राएं कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए थे, इनमें 8,462 लड़के और 9,224 लड़कियां शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य में 138 प्राइवेट उम्मीदवार (फ्रेश) और 24 निजी उम्मीदवार (exempted) भी परीक्षा में शामिल हुए हैं। 29 मार्च, 2025 से अभ्यर्थी स्कूल लॉगिन से consolidated परिणाम पत्रक डाउनलोड कर सकेंगे। साथ ही, बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट के साथ ही रिजल्ट बुकलेट भी उपलब्ध रहेगी।   गोवा बोर्ड 12वीं परीक्षा पास करने के लिए छात्र-छात्राओं को प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक प्राप्त करने होंगे। अगर वे आवश्यक अंक हासिल नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें सप्लीमेंट्री परीक्षा देने का मौका मिलेगा। इस विषय में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए परीक्षार्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा। recent visitors 47

लखनऊ सुपर जायंट्स टॉस, पहले गेंदबाजी करने का लिया फैसला

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 7वें मैच में आज सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स की बीच टक्‍कर हो रही है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जा रहा है। लखनऊ के कप्‍तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। हैदराबाद ने अपने पहले मैच में राजस्‍थान रॉयल्‍स को 44 रन से रौंदा था। वहीं लखनऊ को दिल्‍ली कैपिटल्‍स के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में जहां पैट कमिंस की नजर टेबल टॉपर बने रहने पर है तो वहीं ऋषभ पंत को पहली जीत की तलाश है। पंत ने जीता टॉस लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्‍तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। ऐसे में हैदराबाद की कोशिश एक बार फिर बड़े स्‍कोर पर होगी। लखनऊ की संभावित प्‍लेइंग 11 एडेन मार्कराम, मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, आयुष बडोनी, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), डेविड मिलर, शार्दुल ठाकुर, शाहबाज अहमद, रवि बिश्नोई, दिग्वेश राठी, आवेश खान, प्रिंस यादव। हैदराबाद की संभावित प्‍लेइंग 11 अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन, नीतीश रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, अभिनव मनोहर, पैट कमिंस (कप्तान), हर्षल पटेल, एडम जैम्पा, मोहम्मद शमी, सिमरजीत सिंह। recent visitors 34

खुद को स्मार्ट दिखाना है तो जान ले ये ट्रिक

दोस्तों या रिश्तेदारों की भीड़ में खुद के लिए रिस्पेक्ट तो हर किसी की चाह होती है। लेकिन काफी सारे लोग ऐसे होते हैं जो दूसरों के साथ बहस में नहीं जीत पाते हैं या फिर खुद की बेइज्जती को भी नहीं रोक पाते। क्योंकि हर किसी के आसपास कुछ ऐसे लोग होते हैं जो दूसरों को नीचा दिखाने या बेइज्जती करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसे लोगों के सामने खुद को स्मार्ट दिखाना है और बेइज्जती करने वाले का मुंह बंद करना है तो ये 3 माइंड ट्रिक जरूर जान लें। ह्यूमन साइकोलॉजी में बिहेवियर को लेकर काफी सारे बातें बताई गई हैं। जिसमे से ये तीन बातें ज्यादातर स्मार्ट लोगों को पता होती है। बहस में पड़ जाएं तो कैसे जीतें जब भी कोई आपसे बहस करने लगे या झगड़ा कर रहा हो तो ऐसे मौके पर आवाज को ऊंची या तेज करने की बजाय धीमी ही रखें। जिस आवाज में आप बात करते हैं उसी आवाज में उससे बहस करें फिर वो चाहे जितनी भी तेजी से चिल्लाए। आपका ये व्यवहार सामने वाले को और भी ज्यादा गुस्सा दिलाएगा क्योंकि वो आपके अंदर चीखने-चिल्लाने वाला लक्षण नहीं देख पाता। इससे खुद ही पीछे हट जाएगा। यानी कि आप बहस जीत जाएंगे। अगर आपको पता है कि सामने वाला इंसान झूठ बोल रहा कई बार ऐसा होता है कि हमारे सामने ही कोई झूठ बोलता है लेकिन हम उससे ये नहीं कह पाते कि भाई तुम झूठ बोल रहे हो। ऐसे में माइंड ट्रिक कहती है कि बस झूठ बोलने वाले की आंखों में देखो। अगर तुम जान गए हो कि सामने वाला आपसे झूठ बोल रहा है तो उसकी आंखों में देखने से वो समझ जाता है कि उसका झूठ पकड़ा गया। अगर कोई बेइज्जती करे काफी बार देखा गया है कि भरी महफिल में लोग एक दूसरे को ताने या बातों के जरिए बेइज्जत करते हैं। ऐसे वक्त में आप उससे लड़ भी नहीं पाते। जब भी ऐसी सिचुएशन सामने आए तो बेइज्जती करने वाले इंसान को देखकर पूछे क्या तुम ठीक हो। ऐसा पूछने से वो सकपका जाएगा और सोचने लगेगा क्या जो उसने बोला वो सही था या गलत। इस तरह से आप अपनी बेइज्जती को होने से रोक सकते हैं और उसे एहसास दिला सकते हैं। recent visitors 37

सौगात-ए-सत्ता वाली किट बांट रही भाजपा, अब कहां गया ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाला नारा, उद्धव ठाकरे ने हमला बोला

मुंबई महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद पर सौगात-ए-मोदी किट बांटने की योजना पर उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा का दोहरा रवैया उजागर हो गया है। यह सौगात-ए-मोदी नहीं है बल्कि सौगात-ए-सत्ता है। उन्होंने रहा कि इससे भाजपा एक्सपोज हो रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में तो इन लोगों ने बंटेंगे तो कटेंगे का नारा दिया था और अब सौगात-ए-मोदी वाली किट बांट रहे हैं। आखिर यह कैसी किट है। ऐसा लगता है कि राजनीतिक स्वार्थ को साधने वाली यह किट है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह योजना भाजपा ने बिहार चुनाव में फायदा उठाने के लिए बनाई है। भाजपा तो मुझ पर आरोप लगाती रही है कि मैंने हिंदुत्व को छोड़ दिया है, अब वही बताए कि क्या कर रही है। उद्धव ठाकरे ने कुणाल कामरा के मसले पर भी खूब बात की। उन्होंने कहा कि सरकार कुणाल कामरा को 'गद्दारों' के अपमान पर समन जारी कर रही है। लेकिन इस सरकार ने अब तक राहुल सोलापुरकर के मसले पर कुछ नहीं कहा है, जिसने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया था। बता दें कि बुधवार को ही डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर तंज कसा था और कहा था कि शिवसेना मालिक और गुलामों की नहीं बल्कि समर्पित कार्यकर्ताओं की पार्टी है। शिवसेना (यूबीटी) से शिवसेना में शामिल हुए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि उनके जैसे सैनिक सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए। उन्होंने कहा, ‘हमने लोगों के जीवन में सुनहरे दिन लाने के लिए कड़ी मेहनत की है। हम जमीनी कार्यकर्ता हैं और मैं आपका सहयोगी हूं। यह कार्यकर्ताओं की पार्टी है, न कि मालिक और गुलामों की पार्टी।’ शिंदे ने कहा कि उन्होंने हमेशा आलोचना और दुर्व्यवहार का जवाब अपने काम से दिया है। अपने झंडे से हरा रंग क्यों नहीं हटा लेती भाजपा: उद्धव एक और तीखा तंज कसते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि 'बटेंगे तो कटेंगे' का नारा लगाने वाले अब दौरा करने जा रहे हैं। कह रहे हैं कि वे होली के नाम पर पूरे साल मुसलमानों के नाम पर घृणा फैलाएंगे और फिर चुनाव आने पर उन्हें लुभाएंगे। ठाकरे ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा, 'इससे पहले कि आप हम पर हिंदुत्व छोड़ने का आरोप लगाएं, आपको अपने झंडे से हरा रंग हटा देना चाहिए।' अब उनका पाखंड उजागर हो गया है। ठाकरे ने कहा कि वे हरा रंग नहीं हटाएंगे। आपने चुनाव से पहले कई वादे किए थे। बिजली बिल माफी, कर्ज माफी, लड़की बहिन योजना का क्या हुआ? recent visitors 54