Monday, July 6, 2026 2:05 am

सौरभ हत्‍याकांड के आरोपी साहिल के जेल में कटे लंबे बाल कटवा, नानी ने की मुलाकात

मेरठ यूपी के मेरठ के सौरभ राजपूत हत्‍याकांड ने देश भर में लोगों को झकझोर कर दिया। सौरभ की पत्‍नी मुस्‍कान के साथ मिलकर बेहद क्रूरता से इस हत्‍याकांड को अंजाम देने और फिर शव के टुकडे़ कर ड्रम में सीमेंट भरकर सील कर देने साहिल शुक्‍ला का लुक जेल में बदल गया है। साहिल का लुक उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही चर्चा में है। साहिल सिर पर जूड़ा बांधता था। जेल में उसके लंबे बाल कटवा दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि साहिल ने खुद ही बाल कटवाने की इच्‍छा जाहिर की थी। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने भी इसकी पुष्टि की। उन्‍होंने बताया कि जेल में आने के बाद साहिल के बाल कटवाए गए हैं। फिलहाल साहिल को किसी काम पर नहीं लगाया गया है। इस बीच मंगलवार को साहिल की नानी पुष्‍पा देवी ने जेल में उससे मुलाकात की है। मुलाकात के बाद नानी ने बताया कि साहिल से बात हुई है। उसने कहा कि उसने इतना सब कुछ नहीं किया है। साहिल ने कहा कि कोई परेशानी नहीं है। पुष्पा देवी ने कहा कि साहिल को कोई परेशानी होगी तो भी वह नहीं बताएगा और कह देगा कि ठीक हूं। सौरभ की तेरहवीं की रस्म बुधवार को ब्रह्मपुरी स्थित आवास पर की गई। इस दौरान सौरभ के भाई राहुल उर्फ बबलू ने कहा कि अपने भाई को इंसाफ दिलाने के लिए वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए चाहे कितना भी समय लग जाए, वो हारेंगे नहीं। वहीं, दूसरी ओर आरोप लगाया कि जिस तरह से साहिल की नानी जेल में मुलाकात करने पहुंच गई, उसी तरह से मुस्कान के परिजन भी आगे जाकर उसे केस में मदद करेंगे। इस मामले में मुस्कान के परिजनों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया। फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए सुनवाई सौरभ की बुआ की बेटी चित्रा ने कहा कि मुस्कान को फांसी होनी चाहिए। पुलिस जल्द चार्जशीट दाखिल करे और सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की व्यवस्था करें। recent visitors 36

BCCI महिला विश्व कप की मेजबानी करेगा, इस शहर में खेला जाएगा फाइनल मुकाबला, इंदौर में क्रिकेट का रोमांच

इंदौर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) महिला क्रिकेट विश्व कप 2025 का आयोजन भारत में होने वाला है. इसकी आगाज 29 सितंबर को होने जा रहा है, जिसका फाइनल मुकाबला 26 अक्टूबर को खेला जाएगा. फाइनल मैच मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित होगा. ESPNCricInfo की रिपोर्ट के अनुसार, महिला क्रिकेट विश्व कप की मेजबानी भारत के अन्य शहरों में भी होगी, जिसमें विशाखापत्तनम, तिरुवनंतपुरम, रायपुर और इंदौर शामिल हैं. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) टूर्नामेंट के मैच भले इंदौर को न मिले हों लेकिन क्रिकेट प्रेमियों की निराशा विमेंस वर्ल्ड कप मैच के मिलने से दूर हो जाएगी। दरअसल, 29 सितंबर से आईसीसी विमेंस वर्ल्ड कप शुरू हो रहा है। इस बार मेजबानी भारत कर रहा है। इंदौर के अलावा रायपुर, विशाखापट्‌टनम, मोहाली और तिरुवनंतपुरम में भी मैच होंगे। हालांकि, ये अभी तय नहीं है कि इंदौर में कितने मैच होंगे और कौन-कौन से देशों की टीमें यहां भिड़ेंगी। इसका शेड्यूल अभी तय होना बाकी है। 2024 में खेला गया था आखिरी टी-20 मध्यप्रदेश को 2018 के बाद लगातार 7वें साल आईपीएल का एक भी मैच नहीं मिला है। इससे यहां के फैंस मायूस नजर आ रहे हैं। 14 जनवरी 2024 को इंदौर में आखिरी इंटरनेशनल टी-20 मैच खेला गया था। यह मैच होलकर स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच था। इसके बाद यह माना जा रहा था कि 2025 के शेड्यूल में इंदौर को एक मैच जरूर मिल सकता है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में अब तक 9 इंटरनेशनल मैच और इतने ही आईपीएल मैच हो चुके हैं। भारत 12 साल बाद विमेंस वर्ल्ड कप की मेजबानी करने जा रहा है। इससे पहले 2013 में महिलाओं के वनडे वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी। किन टीमों को मिलेगा दूसरा मौका? 2022-2025 ICC महिला चैम्पियनशिप की निचली चार टीमें— बांग्लादेश, वेस्टइंडीज, पाकिस्तान और आयरलैंड को महिला क्रिकेट विश्व कप में जगह बनाने का दूसरा मौका मिलेगा. इसके अलावा, यह टूर्नामेंट भारत के लिए ऐतिहासिक होगा, क्योंकि यह 2013 के बाद पहली बार होगा जब भारत 50 ओवर के महिला विश्व कप की मेजबानी करेगा. पिछली बार, भारतीय टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई थी. भारत ने 2016 में महिला T20 विश्व कप की भी मेजबानी की थी. 2025 का संस्करण 2022 की तरह ही 31 मैचों के साथ आयोजित होगा, जिसमें कुल आठ टीमें भाग लेंगी. भारत की विश्व कप यात्रा अब तक भारत ने महिला वनडे विश्व कप नहीं जीता है. महिला टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2017 में आया था, जब टीम इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में उपविजेता रही थी. भारतीय टीम इस बार खिताब जीतकर इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी. इसके पहले भारत ने तीन बार महिला विश्व कप को होस्ट कर चुका है. सबसे पहले साल 1978 में, दूसरी बार 1997 में और तीसरी बार 2013 में किया था. 5 शहरों में होंगे 8 देशों के मैच विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में 8 टीमें हिस्सा लेंगी। मेजबान भारत समेत ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और श्रीलंका ने क्वालिफाई कर लिया है। वहीं, 2 जगह के लिए 9 अप्रैल से पाकिस्तान में क्वालिफायर मुकाबले खेले जाने हैं। इसमें पाकिस्तान, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, आयरलैंड, थाईलैंड और स्कॉटलैंड की टीमों के नाम हैं। क्वालिफायर टीम के नाम फाइनल होने के बाद ही सभी मैचों के शेड्यूल तय होंगे। मोहाली, तिरुवनंतपुरम और रायपुर में अब तक विमेंस इंटरनेशनल मैच नहीं हुए हैं। इंदौर के नेहरू स्टेडियम में 2 विमेंस मैच हुए हैं, जिनमें से एक 1997 के वर्ल्ड कप में हुआ था। विशाखापट्टनम का ACA-VDCA स्टेडियम विमेंस इंटरनेशनल मैच की होस्टिंग कर चुका है। यहां 5 वनडे और 6 टी-20 खेले जा चुके हैं। 2024 में एमपीएल के उद्घाटन मैच के पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने नए क्रिकेट स्टेडियम का शुभारंभ किया था। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, बीसीसीआई सचिव जय शाह, पूर्व कप्तान कपिल देव मौजूद रहे थे। एमपीएल के मैच भी इंदौर के खाते में आईपीएल की तर्ज पर एमपीएल टी-20 (मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग) 2025 इस बार इंदौर में होगा। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) ने इस साल मध्यप्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) के दूसरे सीजन को इंदौर के होलकर स्टेडियम में आयोजित करने का फैसला किया है। पिछले साल यह टूर्नामेंट ग्वालियर में हुआ था, लेकिन इस बार रोटेशन पॉलिसी के तहत इंदौर को मेजबानी मिली है। पिछले साल 9 दिन में समाप्त हुए टूर्नामेंट की तुलना में इस बार 12-13 दिन तक मुकाबले चल सकते हैं। इंदौर में 31 मई से शुरू होने जा रही इस लीग में सात टीमों के बीच मुकाबला होगा। बता दें कि 2024 के मध्यप्रदेश लीग टी-20 में ग्वालियर चीताज, मालवा पैंथर्स, रीवा जगुआर, भोपाल लेपर्ड और जबलपुर लॉयंस टीम के बल्लेबाज और गेंदबाजों ने अपना जलवा दिखाया था। इस बार उज्जैन और सागर की टीमें भी टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। एमपीएल को आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश के अन्य शहरों में भी आयोजित करने की योजना है। इसका उद्देश्य स्थानीय खिलाड़ियों को बड़ा मंच और प्रदेश में क्रिकेट को बढ़ावा देना है। पिछले साल 5 टीमों के बीच 15 से 23 जून के बीच 12 मैच खेले गए थे। recent visitors 36

मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश

पक्का आवास पाने से कोई न छूटे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीएम आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने 31 मार्च तक पूर्ण करें सर्वे कार्य जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए करें प्रयास पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण देने बनाएं कार्ययोजना जनजातीय परिवारों की माताओं-बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए करें सभी उपाय जनजातीय परिवारों को उपलब्ध कराएं दुधारू गाय मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सफल बनाने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिये निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय वर्ग के सभी हितग्राहियों को पक्का आवास प्रदान करें। कोई भी हितग्राही आवास पाने से वंचित न रहे। किन्हीं भी कारणों से आवास पाने से छूट गये पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना की पात्रतानुसार सबको पक्के घर की सौगात दी जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अभियान के मैदानी क्रियान्वयन से जुड़े सभी विभागीय अधिकारियों को अभियान तहत गांव और हितग्राही चयन का काम पूरा कर तय कार्य योजना एवं मापदंडों के अनुसार लक्षित क्षेत्रों में विकास कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह अभियान जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव उर्जा नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि शमी, प्रमुख सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, आयुक्त जनजातीय कार्य श्रीमन शुक्ल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान की अब तक की प्रारंभिक प्रगति एवं केन्द्र सरकार को अभियान के संदर्भ में भेजे गये विकास प्रस्तावों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों, बसाहटों, मजरों टोलों में ज़रूरत वाले विकास कार्यों में गति लाने ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार के इस अभियान से राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय वर्ग के लिए संचालित सभी योजनाओं का लाभ हर हितग्राही तक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय ग्रामों में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएं। गांव में मिट्टी का परीक्षण कर किसानों को बताया जाए कि उन्हें कौन सी फसल लगाना ज्यादा लाभदायक होगा। साथ ही टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सेमिनार आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय परिवारों के बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए शासकीय सहयोग से दुधारू गाय उपलब्ध कराई जाए। इससे जनजातीय वर्ग की माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय आबादी वाले 89 विकासखंडों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 31 मार्च 2025 तक सर्वे का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सबको पक्का आवास देने की मंशा से समर्पित होकर कार्य करें। पारम्परिक उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए शुरू करें ई-कॉमर्स सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों को पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और बैठक जैसे आयोजन के लिए गांव-गांव में सामुदायिक भवन उपलब्ध कराए जाएं। यहां होने वाले आयोजनों से जनजातीय संस्कृति समृद्ध रहेगी। उन्होंने जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रदेश के चयनित 11 हजार 377 जनजातीय ग्रामों में रहने वाले लोगों द्वारा उगाई जाने वाली रागी, कोदो-कुटकी जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) की खरीदारी शासन स्तर पर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोटे अनाज के विक्रय के लिए प्रदेश में विशेष मंडियां शुरू की जाए जिससे गांव के लोगों को उनकी फसल का उचित दाम मिले और बिचौलियों का नेटवर्क खत्म हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय लोगों द्वारा तैयार किए जा रहे पारम्परिक उत्पादों एवं खाद्य उत्पादों की देश-दुनिया में बेहतर मार्केटिंग के लिए ई-कॉमर्स की सुविधा शुरू की जाए। मत्स्य उत्पादन में संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में ही मछलियों के बीज तैयार करने की व्यवस्था के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी से कार्य योजना तैयार की जाए। बैठक में प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण एवं मत्स्य पालन डीपी आहूजा ने अवगत कराया कि विभाग पारम्परिक मछुआरों को संरक्षण प्रदान करने के लिए योजनाओं पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में हेचरी विकसित कर दूसरे राज्यों को मत्स्य-बीज बेचने से रोजगार एवं आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि मत्स्य उत्पादन में अपार संभावनाओं को देखते हुए निर्यात का दायरा बढ़ाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा‍ कि जनजातीय कृषकों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन स्थानों पर खेती की संभावना कम है, वहां लोगों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित कर लाभान्वित किया जाए। पोषण वाटिका की स्थापना में बालाघाट और मण्डला को मिले प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान में शामिल जनजातीय ग्रामों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया रोग के पीड़ितों को चिन्हित कर उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जबलपुर और शहडोल में मरीजों के बोनमेरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत बालाघाट और मण्डला जिले में पोषण वाटिकाएं प्राथमिकता से स्थापित करने के निर्देश दिए। विद्युत कनेक्शन के लिए मजऱे-टोलों पर दें विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुदूर जनजातीय ग्रामों में बिजली और पानी के कनेक्शन की बाधाओं को दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को सोलर पम्प योजना से लाभान्वित करने … Read more

‘पेड्डी’ से आया राम चरण का फर्स्ट लुक

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार राम चरण आज 40 साल के हो गए हैं. एसएस राजामौली की ‘आरआरआर’  को अपार सफलता मिली थी. इसके बाद एक्ट्रेस कियारा आडवानीके साथ राम चरण को फिल्म गेम चेंजर में देखा गया था. वहीं, अब एक्टर के बर्थडे पर आरसी16 के मेकर्स ने उनके फैंस को तोहफा दिया है. मेकर्स ने फिल्म का ऑफिशियल टाइटल और फर्स्ट लुक जारी कर दिया है. क्या है आरसी16 का ऑफिशियल टाइटल बता दें कि मेकर्स ने सोशल मीडिया पर फिल्म आरसी16 के ऑफिशियल टाइटल को अनाउंस करते हुए राम चरण का फर्स्ट लुक जारी कर दिया है. फिल्म आरसी16 का ऑफिशियल टाइटल ‘पेड्डी’ है. मेकर्स ने कैप्शन में राम चरणको बर्थडे विश करते हुए लिखा है, ‘जमीन का आदमी और प्रकृति की शक्ति. आरसी16 ‘पेड्डी’  है. हैप्पी बर्थडे ग्लोबल स्टार राम चरण.’ मेकर्स ने आरसी16 ‘पेड्डी’ से राम चरण के दो पोस्टर जारी किया है. फोटो में एक्टर लंबे बालों और घने दाढ़ी में काफी दमदार लुक में दिख रहे हैं. इस पोस्ट के पहले पोस्टर में वह सिगरेट जलाते दिख रहे हैं. उनकी आंखों में एग्रेशन और चेहरे का भाव देखकर लग रहा है कि जैसे वो किसी के खिलाफ जंग लड़ने जा रहे हैं. इसके अलावा दूसरे पोस्टर में राम चरण के हाथ में बैट दिख रहा है. बता दें कि फिल्म आरसी16 ‘पेड्डी’ के राइटर और डायरेक्टर बुची बाबू सना हैं. खबर है कि ये एक स्पोर्ट ड्रामा फिल्म है. इस फिल्म में राम चरण  अहम भूमिका में हैं. फिल्म में राम चरण  के साथ एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर लीड रोल में दिखाई देने वाली हैं. recent visitors 35

बाप ने 4 बच्‍चों की हत्‍या के बाद कर ली खुदकुशी, शाहजहांपुर में दर्दनाक घटना

शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. चार बच्चों की हत्या करके पिता ने खुदकुशी कर ली. यह घटना पारिवारिक कलह के चलते हुई है. फॉरेंसिक टीम सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे हैं. मरने वाले बच्चों की उम्र 10 और 8 साल की लड़की, 7 और 5 साल का लड़का शामिल है. जानकारी के मुताबिक, पिता ने अपने चारों मासूम बच्चों की गला काटकर हत्या की. इसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. फिलहाल पुलिस में शवों को कब्ज में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है. क्या है पूरा मामला? दरअसल, घटना थाना रोजा क्षेत्र के मानपुर चचरी गांव की है. बताया जा रहा है कि इसी गांव का रहने वाला राजीव अपने घर में था और उसके चार बच्चे (तीन बेटियां और एक बेटा) भी थे. देर रात किसी वक्त राजीव ने अपनी 13 साल की बेटी स्मृति, 9 साल की बेटी कीर्ति, 7 साल की बेटी प्रगति और 5 साल के बेटे ऋषभ की गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी. हत्या को अंजाम देने के बाद राजीव ने खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि उसकी पत्नी अपने मायके गई हुई थी और उसका बाबा घर के बाहर सो रहा था. सुबह जब बाबा ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की तो दरवाजा अंदर से बंद मिला, जिसके बाद किसी तरह से बाबा घर के अंदर पहुंचा और उसने वहां पर जो नजारा देखा तो उसकी रूह कांप गई. वहां उसके चार पोते और पोती की खून से सनी लाश पड़ी हुई थी. जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया है. फिलहाल, पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है.   recent visitors 35

गाजा में जनता का विरोध, युद्ध शुरू होने के बाद से हमास के खिलाफ सबसे बड़ा प्रदर्शन

गाजा इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से उत्तरी गाजा में फिलिस्तीनियों ने ही सबसे बड़ा हमास विरोधी विरोध प्रदर्शन किया है. इसमें शामिल होने लिए सैकड़ों फिलिस्तीनी सड़कों पर उतरे. उन्होंने युद्ध को समाप्त करने की मांग की और मांग की कि हमास सत्ता से हट जाए. ये प्रदर्शन गाजा पट्टी के उत्तरी हिस्से में बेत लाहिया में हुए. इजरायली सेना द्वारा लगभग दो महीने के संघर्ष विराम के बाद गाजा पर अपनी गहन बमबारी फिर से शुरू करने के एक हफ्ते बाद भीड़ इकट्ठा हुई थी। मंगलवार, 25 मार्च की देर रात सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो और तस्वीरों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी, जिनमें ज्यादातर पुरुष थे, "बाहर, बाहर, बाहर, हमास बाहर" और "हमास आतंकवादियों" के नारे लगाते हुए दिखाई दिए. उनके हाथों में प्ले कार्ड थे जिनपर "युद्ध बंद करो" और "हम शांति से रहना चाहते हैं" जैसे नारे लिखे हुए थे. सवाल यह है कि आखिर फिलिस्तीन में आम लोग अब हमास के खिलाफ क्यों सड़कों पर उतर रहे हैं. जानकारों का कहना है कि आम इंसान जंग से आजीज आ चुके हैं. कुछ ये भी कह रहे हैं कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी का भी असर हो सकता है जिसमें उन्होंने हमास-इजरायल जंग को खत्म करने के लिए फिलिस्तीनियों को कहीं और बसाने की बात कही थी. खैर इसका कारण जो भी, लेकिन आम फिलिस्तीनियों का सड़क पर उतरना गाजा और पूरे मध्य पूर्व में शांति की आहट का संकेत देता है. बुधवार को ज्यादातर प्रदर्शन गाजा के उत्तरी हिस्से में हुए. लोग 17 महीने से चल रही इजराइल के साथ जंग को खत्म करने की मांग कर रहे थे, जिसने गाजा में जिंदगी को बहुत मुश्किल बना दिया है. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने हमास की भी खुलकर आलोचना की, जिसका अब भी गाजा पर कब्जा है. बेत लाहिया कस्बे में करीब 3,000 लोग जमा हुए. वहां मंगलवार को भी ऐसा ही प्रदर्शन हुआ था. जनता हमास का पतन चाहती है… जैसे नारे लगाए गए. गाजा शहर के शिजैया इलाके में भी दर्जनों लोगों ने “बाहर, बाहर, हमास बाहर जाओ” के नारे लगाए. ‘हमारे बच्चे मारे गए’ न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक अबेद रदवान नाम के एक शख्स ने कहा, “हमारे बच्चे मारे गए, हमारे घर तबाह हो गए.” उन्होंने बेत लाहिया के प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और कहा कि यह युद्ध, हमास, फिलिस्तीनी गुटों, इजराइल और दुनिया की चुप्पी के खिलाफ था. अम्मार हसन, जिन्होंने मंगलवार को प्रदर्शन में हिस्सा लिया, ने बताया कि यह शुरू में युद्ध के खिलाफ छोटा प्रदर्शन था, लेकिन बाद में 2,000 से ज्यादा लोग जुट गए और हमास के खिलाफ नारे लगाने लगे. उन्होंने कहा, “हम सिर्फ हमास को प्रभावित कर सकते हैं. प्रदर्शन से इजराइल रुकेगा नहीं, लेकिन हमास पर असर पड़ सकता है.” हमास ने पहले प्रदर्शनों को हिंसा से रोका था, लेकिन इस बार कोई साफ हस्तक्षेप नहीं दिखा. शायद इसलिए कि इजराइल के साथ जंग फिर शुरू होने के बाद हमास कमजोर दिखाई दे रहा है. हमास के वरिष्ठ नेता बासेम नईम ने फेसबुक पर कहा कि लोगों को प्रदर्शन का हक है, लेकिन उनका ध्यान “अपराधी हमलावर” इजराइल पर होना चाहिए. बेत लाहिया के परिवारों के बुजुर्गों ने इजराइल के नए हमले और गाजा में सभी आपूर्तियों पर सख्त रोक के खिलाफ प्रदर्शनों का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि समुदाय इजराइल के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध का पूरा समर्थन करता है. बेत हनून के मोहम्मद अबू साकर ने कहा, “यह प्रदर्शन राजनीति के बारे में नहीं था, यह लोगों की जिंदगी के बारे में था. हम हत्या और विस्थापन रोकना चाहते हैं. हम इजराइल को नहीं रोक सकते, लेकिन हमास से रियायतें मांग सकते हैं.” दो दिन से लगातार प्रदर्शन जबालिया में भी मंगलवार को ऐसा ही प्रदर्शन हुआ. एक प्रदर्शनकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि वे इसलिए शामिल हुए क्योंकि “सबने हमें नाकाम किया.” उन्होंने इजराइल, हमास, पश्चिमी समर्थित फिलिस्तीनी प्राधिकरण और अरब मध्यस्थों के खिलाफ नारे लगाए. वहां हमास की सुरक्षा बल नहीं दिखे, लेकिन समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़पें हुईं. बाद में उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने का पछतावा हुआ, क्योंकि इजराइली मीडिया ने हमास विरोध पर जोर दिया. इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने फिलिस्तीनियों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा, “हमास को गाजा से हटाओ और बंधकों को तुरंत रिहा करो. यही जंग रोकने का तरीका है.” यह प्रदर्शन इजराइल के हमास के साथ संघर्षविराम खत्म करने और सैकड़ों लोगों को मारने वाले हमलों के एक हफ्ते बाद शुरू हुए. इस महीने की शुरुआत में इजराइल ने गाजा में भोजन, ईंधन, दवा और मानवीय सहायता रोक दी. 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 251 बंधक बनाए गए, के बाद यह जंग शुरू हुई थी. इजराइल के जवाबी हमलों में 50,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. recent visitors 48

PM मोदी ने अपने पत्र में शेख मुजीबुर्रहमान की विरासत को मिटाने की कोशिश की का किया जिक्र

नई दिल्ली भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की राह देख रहे बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को एक खास चिट्ठी मिली है. ये चिट्ठी प्रधानमंत्री मोदी ने बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस पर लिखी है. बांग्लादेश अपना स्वतंत्रता दिवस 26 मार्च को मनाता है. यह दिन 1971 में उस ऐतिहासिक क्षण को बताता है, जब भारत की सैन्य सहायता के बदौलत बांग्लादेश पूर्वी पाकिस्तान से अलग होकर एक स्वतंत्र देश बना था. पीएम मोदी ने इस चिट्ठी में इतिहास का जिक्र किया और 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की अटूट भावना को भारत-बांग्लादेश के मजबूत संबंधों की नींव बताया, और सूक्ष्म रूप से बांग्लादेश को उसकी स्थापना में भारत की भूमिका की याद दिलाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम का जिक्र उस समय किया है जब भारत के इस पड़ोसी देश में बंग बंधु शेख मुजीबुर्रहमान की विरासत को मिटाने की कोशिश की जा रही है. बांग्लादेश में पिछले साल 5 अगस्त को कथित क्रांति के बाद शेख हसीना को सत्ता से हटाने के बाद शेख मुजीबुर्रहमान से जुड़े प्रतीकों, चिह्नों पर हमले हुए हैं. बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग द्वारा साझा किये गए संदेश में PM मोदी ने बांग्लादेश के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा है, "यह दिन हमारे साझा इतिहास और बलिदान का प्रमाण है, जिसने हमारी द्विपक्षीय साझेदारी की नींव रखी है." दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को स्वीकार करते हुए उन्होंने आगे कहा, "बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की भावना हमारे संबंधों के लिए मार्गदर्शक बनी हुई है, जो कई क्षेत्रों में फली-फूली है और हमारे लोगों को ठोस लाभ पहुंचा रही है. हम शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए अपनी साझा आकांक्षाओं और एक-दूसरे के हितों और चिंताओं के प्रति पारस्परिक संवेदनशीलता के आधार पर इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं." गौरतलब है कि 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान भारत ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के लोगों को सैन्य, राजनयिक और मानवीय सहायता प्रदान की. भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ युद्ध लड़ा, जिसके परिणामस्वरूप 16 दिसंबर 1971 को ढाका में पाकिस्तान की हार हुई और बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र बन गया. बता दें कि यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के राजनीतिक वापसी की चर्चा जोर पकड़ रही है. 1971 के मुक्ति संग्राम का जिक्र कर पीएम मोदी ने बांग्लादेश को संदेश दिया है कि बांग्लादेश के निर्माण में भारत का रोल दोनों देशों के बीच रिश्तों का रेफरेंस प्वाइंट है. गौरतलब है कि शेख हसीना की सत्ता से विदाई के बाद बांग्लादेश के नए शासन ने भारत से टकराव वाला रुख अपनाया है. लेकिन भारत पर कई चीजों के लिए निर्भर रहने वाला बांग्लादेश अब घुटनों पर आ रहा है. बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की इच्छा जताई है और इस बाबत भारत को अपना संदेश भेजा है. चर्चाएं हैं कि बैंकॉक में 3-4 अप्रैल को होने वाले बिमस्टेक शिखर सम्मेलन के दौरान यूनुस प्रधानमंत्री मोदी से मिल सकते हैं. लेकिन पीएम मोदी मोहम्मद यूनुस से मिलेंगे या नहीं इस मुद्दे पर नई दिल्ली ने अबतक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.   विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहले एक संसदीय समिति को बताया था कि बांग्लादेश के अनुरोध पर विचार किया जा रहा है. सरकारी सूत्रों ने  बताया कि कार्यक्रम के दौरान मोदी की द्विपक्षीय बैठकों की घोषणा बाद में की जाएगी. बता दें कि शेख हसीना के जाने के बाद बांग्लादेश बॉर्डर पर भारत की ओर से किए जा रहे बाड़ेबंदी, बांग्लादेश में हिन्दुओं की सुरक्षा समेत अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर ढाका का व्यवहार लीक से हटकर और भारत की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है. इसलिए भारत बांग्लादेश के साथ रिश्तों को आगे ले जाने पर सतर्क रहा है.  recent visitors 29