Sunday, July 5, 2026 6:24 am

70 साल पुराना सपना साकार, जम्मू-कश्मीर की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द दौड़ेगी पटरी पर

 जम्मू  70 साल पुराना सपना साकार होने जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी  19 अप्रैल को कटरा से घाटी तक चलने वाली पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी कटरा से कश्मीर तक चलने वाली जम्मू-कश्मीर की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेन रियासी जिले के कटरा कस्बे से शुरू होकर पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला को पार करते हुए श्रीनगर पहुंचेगी और फिर उत्तरी कश्मीर के बारामूला तक जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी 19 अप्रैल की सुबह नई दिल्ली से उधमपुर आर्मी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे चेनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें पुल के निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद पीएम मोदी कटरा स्थित माता वैष्णो देवी आधार शिविर से वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल ये ट्रेन संगलदान से बारामूला तक चल रही है। इस इतिहास बनाने वाले कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी शामिल होंगे। दिल्ली लौटने से पहले प्रधानमंत्री मोदी कटरा में एक सार्वजनिक रैली को भी संबोधित करेंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जम्मू रेलवे स्टेशन पर विस्तार कार्य पूरा होने के बाद इस वर्ष जुलाई-अगस्त तक जम्मू से घाटी के लिए ट्रेन सेवा शुरू हो जाएगी। हालांकि फिलहाल दिल्ली या अन्य हिस्सों से कश्मीर के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं होगी। यात्रियों को कटरा में उतरकर दूसरी ट्रेन पकड़नी होगी जिसे बाद में जम्मू में भी लागू किया जाएगा। बता दें कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के तहत कुल 272 किलोमीटर में से 118 किलोमीटर लंबे काजीगुंड-बारामूला खंड को अक्टूबर 2009 में शुरू किया गया था। इसके बाद जून 2013 में 18 किलोमीटर लंबे बनिहाल-काजीगुंड लिंक और जुलाई 2014 में 25 किलोमीटर लंबे उधमपुर-कटरा खंड का कार्य पूरा किया गया है। पिछले साल फरवरी में 48.1 किमी बनिहाल-संगलदान खंड को भी जोड़ा गया था। 46 किलोमीटर लंबे संगलदान-रियासी खंड का काम भी पिछले साल जून में पूरा हुआ जबकि रियासी और कटरा के बीच 17 किलोमीटर का निर्माण हाल ही में पूरा किया गया है। recent visitors 33

अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया ई-आफिस प्रणाली का प्रशिक्षण

भोपाल शासन द्वारा समस्त शासकीय विभागों में ई-आफिस प्रणाली को लागू किया जाना है। ई-आफिस का प्रशिक्षण निरंतर जिला ई-गवर्नेंस सोसाइटी अंतर्गत निर्मित ई-दक्ष केंद्र भोपाल में दिया जा रहा है। इससे आधुनिक तकनीकी का उपयोग करके कार्यालयों का संचालन किया जा सकेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन ई-दक्ष केंद्र के वरिष्ठ प्रशिक्षक श्री रिंकेश जैन एवं प्रशिक्षक श्री अमित सराठे द्वारा किया जा रहा हैंl जिले में ई- ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर भोपाल के निर्देशानुसार जिला स्तर पर स्थित कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों को ई-कार्यालय प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभाग जैसे सामाजिक न्याय , खनिज संसाधन, सहकारिता विभाग, जिला लोक अभियोजन कार्यालय, परिवहन, खेल और युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, योजना आर्थिक एवं सांख्यकी, महिला एवं बाल विकास भोपाल, उद्यानिकी, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के विभिन्न कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका हैंl प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 100 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी सम्मिलित हो चुके हैं। ई-ऑफिस प्रणाली के विभिन्न modules जैसे डाक को diarise करना , सम्बंधित डाक के लिए Acknowledgement जनरेट करना, डाक को नोडल ऑफिसर को send करना, गलती से send की गयी डाक को pull back करना, एड्रेस बुक मेन्टेन करना, डाक को फाइल में Attach करना, ग्रीन / येलो नोट फाइल में जोड़ना, ड्राफ्ट तैयार करना, ड्राफ्ट को Approve करना, ड्राफ्ट को sign करना l eSign ,DSC Sign, Ink Sign की जानकारी, फाइनल आर्डर dispatch करना का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा हैं । शेष सभी विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों हेतु प्रशिक्षण निरंतर संचालित किये जा रहे हैं l इसी क्रम में 28 मार्च को उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले शासकीय कॉलेज हेतु प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा हैं। recent visitors 27

राज्यपाल रमेन डेका ने ली कोरिया के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल रमेन डेका ने गत दिवस  कोरिया प्रवास के दौरान आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने जिले में आदिवासी वर्ग के लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास पर विशेष ध्यान देने, सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाने, मादक पदार्थों के परिवहन, विक्रय, भंडारण को प्रतिबंधित करने, पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से प्रकृति का संतुलन बनाए रखने, जल संचयन को बढ़ाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, टीबी उन्मूलन जैसे अन्य योजनाओं का धरातल पर उचित क्रियान्वयन करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति तक पहुँच सके।  इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने दूरस्थ आदिवासी जिले में निवासरत लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्हें शासकीय योजनाओं से प्राथमिकता से लाभांवित करने के निर्देश दिए।  उद्योग, स्वरोजगार व्याप नाते केंद्र व राज्य प्रवर्तित योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक गम्भीरता से पहुँचाने एवं आमजनो के जीवन स्तर में बदलाव लाने हेतु निर्देशित किया। राज्यपाल डेका ने जिले में सड़क दुर्घटना से होने वाली जनहानि के रोकथाम हेतु जिला प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क दुर्घटना से संलिप्त भारी वाहनो के मालिकों की बैठक लेकर उनके वाहन चालकों की समय-समय पर कॉउंसलिंग करने एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने व मादक पदार्थाे का सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। राज्यपाल डेका ने मादक पदार्थों के सेवन के रोकथाम हेतु जिले में नशीली सामग्रियों के परिवहन, भण्डारण व विक्रय पर प्रतिबंध लगाने हेतु दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजनों में नशा त्याग हेतु अभियान चलाकर जनजागरूकता लाने की बात कही। साथ ही युवाओं में नशा से होने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी देने हेतु स्कूल, कॉलेज में नशामुक्ति अभियान चलाने के लिए कहा एवं जिले में संचालित नशा मुक्त केंद्रों का भी उचित संचालन कराने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन व भू-जल स्तर में वृद्धि हेतु अधिक से अधिक पौधरोपण करने व उनका उचित देखभाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में पेड़ों का अत्याधिक महत्व है एवं प्रकृति का संतुलन बनाए रखने हेतु पौधरोपण आवश्यक है। उन्होंने सीसी रोड निर्माण के दौरान पेड़-पौधों के लिए पर्याप्त जल,जमीन को छोड़कर ही निर्माण कराने के निर्देश दिए। बैठक में राज्यपाल ने शत प्रतिशत बालिकाओं और श्रमिको के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की बात कही। साथ ही ड्रॉप आउट को रोकने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए जिले में टीबी, एनीमिया, कुष्ठ उन्मूलन की दिशा में कार्य करने और आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया। टीबी मुक्त भारत के लिए कोरिया जिले को भी विशेष प्रयास करने की बात कही। उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी के गठन के सम्बंध में जानकारी लेते हुए नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए तय सीमा में चुनाव कराने के निर्देश दिए उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी के सदस्यों को कुष्ठ उन्मूलन में सहभागिता निभाने और रेडक्रॉस सोसायटी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। युवाओं के शारीरिक-मानसिक विकास के साथ राष्ट्रीयता की भावना, नैतिक व चारित्रिक गुणों के विकास हेतु एनसीसी को और अधिक स्कूल, कॉलेज के युवाओं को जोडने के लिए समुचित प्रयास करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार दे जोड़ने के लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने स्टार्टअप को अपनाने के जिला प्रशासन को विशेष पहल करने की बात कही। राज्यपाल ने कहा यह जिला पर्यटन की आपार सम्भवनाएँ से भरा है। जिला इसके लिए प्रशासन को पर्यटन के क्षेत्र में विशेष कार्य करने की बात कही। उन्होंने जिले में लीची फसल को बढ़ावा देने तथा लीची जूस  उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित करने कहा। recent visitors 31

रॉबर्ट वाड्रा ने कहा स्पीकर की तरफ से राहुल गांधी का पक्ष सुने बिना सदन को स्थगित करना सही नहीं है

नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘मुझे सदन में नहीं बोलने दिया जाता है’ वाले बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि स्पीकर की तरफ से राहुल गांधी का पक्ष सुने बिना सदन को स्थगित करना सही नहीं है। रॉबर्ट वाड्रा ने मिडिया से बातचीत में कहा, "राहुल गांधी जब सदन में बोलते हैं, तो वे विपक्ष और जनता से जुड़े असल मुद्दों को उठाते हैं। भाजपा इस पर बात नहीं करना चाहती है इसलिए उनको (राहुल गांधी) रोक दिया जाता है।" वहीं बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर से सांसद राहुल गांधी को पढ़ाए गए मर्यादा के पाठ पर भी वाड्रा बोले। उन्होंने कहा, "दोनों भाई-बहन ने अपने परिवार से यही सीखा है कि आदर और प्रेम से रहें। वे जब मिलते हैं, तो खुशी से मिलते हैं और यही हमें सिखाया गया है। हम भाजपा की तरह नहीं हैं, जो रिश्ते तोड़ती है और अपनी शादी जैसे रिश्तों को भी बनाए नहीं रखती।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है राहुल गांधी को अपनी बात रखनी चाहिए और उनको संसद में बोलने से रोका नहीं जाना चाहिए।" संभल प्रशासन द्वारा सड़कों या छतों पर नमाज़ पढ़ने पर रोक लगाने पर रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, "जब भी कोई शख्स मुश्किल में होता है, तो वह अपने भगवान को याद करता है, न कि किसी मंत्री के बारे में, क्योंकि उस समय कोई मंत्री नहीं आने वाला है। जो लोग मंदिर या मस्जिद जाते हैं, वे मुश्किल समय को याद कर प्रार्थना करते हैं, ताकि उनकी परेशानी टल जाए। अगर भाजपा धर्म की राजनीति करती है या फिर धर्म के आधार पर बांटती है, कहती है कि यहां नमाज नहीं पढ़ी जा सकती है और मीट की दुकानों को बंद किया जाए या फिर औरंगजेब के नाम पर मौजूद स्थानों के नाम बदले जाएं, तो इस तरीके की राजनीति हानिकारक है। इससे प्रगति नहीं आएगी और सभी लोग बंट जाएंगे। जिस तरह से सीएम योगी ने कहा, ‘बंटोगे तो कटोगे’, ऐसी सोच कोई मुख्यमंत्री रखेगा, तो हम लोग कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "यह हानिकारक है और नई पीढ़ी निश्चित रूप से इससे खुश नहीं होगी। इस तरह की हरकतों से हम देश में क्या हासिल करेंगे? असली मुद्दे, चाहे वे किसानों से जुड़े हों या महंगाई से, कभी चर्चा नहीं होती। देश में भेदभाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए और लोगों को अपनी आस्था के अनुसार प्रार्थना करने की अनुमति होनी चाहिए। मुझे लगता है कि देश में भेदभाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए।" रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, "मैं पूरे देश में धार्मिक दौरा करता हूं और हर धर्म के लोगों से सीखता हूं कि उनकी प्रार्थनाएं क्या हैं या फिर उनकी सोच क्या कहती है। उस समय मेरा हमेशा फोकस यह नहीं रहता है कि हमें मीडिया के सामने दिखना चाहिए और यही सोच राहुल गांधी की भी है। हम नहीं चाहते कि कुंभ मेले में जाएं, तो वहां हमारे लिए वीआईपी इंतजाम किए जाएं, जिससे लोगों को असुविधा हो या उन पर किसी भी तरह की कोई रोक लगाई जाए। मेरी सोच में दिखावे की राजनीति नहीं होनी चाहिए और ऐसी जगह पर बेरोक-टोक आया-जाया जाना चाहिए।" recent visitors 45

5वीं और 8वीं परीक्षाओं के परिणाम शुक्रवार 28 मार्च को होंगे घोषित, विद्यार्थी दोपहर एक बजे से देख सकेंगे परिणाम

भोपाल राज्य शिक्षा केन्द्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मध्यप्रदेश में आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं का परिणाम, शुक्रवार 28 मार्च 2025 को दोपहर एक बजे घोषित किया जायेगा। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि परिणाम शुक्रवार 28 मार्च को दोपहर एक बजे परीक्षा परिणाम पोर्टल पर जारी किया जायेगा। विद्यार्थी, अभिभावक एवं शिक्षकगण उक्त परिणामों को राज्य शिक्षा केन्द्र के वेब पोर्टल www.rskmp.in/result.aspx पर अपना रोल नम्बर/समग्र आईडी प्रविष्ट कर देख सकते हैं। इसी पोर्टल पर शिक्षक, संस्था प्रमुख अपनी शाला का विद्यार्थीवार परिणाम भी देख सकेंगे। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र ने बताया कि उक्त परीक्षाओं का संचालन विगत 24 फरवरी से 5 मार्च, 2025 के मध्य किया गया था। इनमें प्रदेश की शासकीय, अशासकीय शालाओं एवं पंजीकृत मदरसों के कक्षा 5वीं के 11 लाख 17 हज़ार से अधिक तथा कक्षा 8वीं के 11 लाख 68 हज़ार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा में शामिल 22 लाख 85 हजार से अधिक विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल 322 केन्द्र बनाये गए थे। इन मूल्यांकन केन्द्रों में एक लाख 19 हज़ार से अधिक मूल्यांकनकर्ताओं के द्वारा अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि पोर्टल पर दर्ज की गई है।   recent visitors 40

‘बिग बॉस’ पर तत्काल रोक लगाई जाए, अश्लीलता और अभद्र भाषा को बढ़ावा दिया जा रहा: उज्जैन सांसद

उज्जैन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनिल फिरोजिया ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि टेलीविजन के मशहूर रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ पर तत्काल रोक लगाई जाए क्योंकि इसमें अश्लीलता और अभद्र भाषा को बढ़ावा दिया जा रहा है जो समाज के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मध्य प्रदेश के उज्जैन से लोकसभा सदस्य फिरोजिया ने सदन में शून्यकाल के दौरान यह विषय उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘बिग बॉस एक ऐसा शो है जिसे भारतीय टीवी पर बड़े पैमाने पर प्रसारित किया जाता है और इसके करोड़ों दर्शक हैं।’’ फिरोजिया ने कहा, ‘‘शुरुआत में यह एक सामान्य रियलिटी शो था, लेकिन बाद में इसमें अश्लीलता और विवादों का स्तर बढ़ गया जो न सिर्फ इसे देखने वालों के लिए, बल्कि समाज के लिए खतरनाक हो सकता है।’’ उन्होंने दावा किया कि शो में अक्सर अभद्र भाषा और विवादों को बढ़ावा दिया जा रहा है तथा कई बार प्रतियोगियों के ‘‘निजी जीवन की गंदगी’’ को दिखाया जाता है। सांसद ने कहा, ‘‘हमारे युवाओं और बच्चों पर इस शो का बहुत गहरा असर हो रहा है।’’ फिरोजिया ने इस शो के प्रस्तोता अभिनेता सलमान खान का नाम लेते हुए कहा, ‘‘मैं मांग करता हूं कि इस शो और ऐसे अन्य शो पर तुरंत रोक लगाई जाए।’’ recent visitors 39

संभागीय आयुक्त खत्री ने जल गंगा अभियान के साथ ही पेयजल प्रबंधन के संबंध मे की समीक्षा

ग्वालियर जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ 30 मार्च 2025 को वर्ष प्रतिपदा के दिन क्षिप्रा नदी के तट उज्जैन में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के आयोजन से किया जायेगा। अभियान के तहत संपूर्ण मध्यप्रदेश में जल संरक्षण व संवर्धन के कार्यों का क्रियांवयन किया जायेगा। अभियान 30 जून 2025 तक चलेगा। अभियान के तहत सभी जिलों कि विस्तृत कार्य योजना तैयार कर जल संरक्षण व संवर्धन के कार्य किये जाये। संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने गुरुवार को ऑनलाईन अभियान की समिक्षा के दौरान यह बात कही है। समिक्षा के दौरान ग्वालियर एवं चंबल संभाग के सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ऑनलाईन शामिल हुए।  संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान, आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता और सीएम हेल्पलाईन में दर्ज प्रकरणों के निराकरण के संबंध में विस्तार से समीक्षा की गयी।  संभागीय आयुक्त श्री खत्री ने कहा है कि जल संवर्धन एवं संरक्षण के लिये सभी जिलों में शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य योजना बना कर कार्य किये जाए। सभी कार्यों में तकनीकी अधिकारियों के सहभागिता सुनिश्चित की जाये। इसके साथ ही सभी जिलों में वृहद वृक्षारोपण के कार्य भी हाथ में लिये जाए। इन कार्यों में जल प्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जाये। संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री ने आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल प्रबंधन के लिये भी सभी तैयारियां समय रहते करने के निर्देश दिए है। जिन ग्रामों में पूर्व में पेयजल परिवहन की आवश्यकता पड़ी है उन ग्रामों मे विशेष प्रयास किये जाए जिससे पेयजल परिवहन की स्थिति न बने। जिले में खेत तालाब , अन्य तालाबों के निर्माण कार्य भी हाथ में लिए जाए। शासन स्तर से प्राप्त लक्ष्य अनुरूप सभी कार्य हो यह भी सुनिश्चित किया जाये। सी एम हेल्पलाईन के तहत दर्ज प्रकरणों का निराकरण संतुष्टी के साथ किया जाये। सभी जिलों में एल-1 अधिकारियों का प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाए। बैठक में सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने अपने-अपने जिले में पेयजल प्रबंधन, सीएम हेल्पलाईन एवं जल गंगा अभियान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। recent visitors 28