Sunday, July 5, 2026 7:32 am

समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ भवन का निर्माण सुनिश्चित किया जाये : मंत्री सिंह

भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने गुरुवार को भोपाल में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर इंदौर में निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन की प्रगति की समीक्षा की और समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के लिये सभी संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख अभियंता भवन श्री एस.आर. बघेल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि इंदौर जिला न्यायालय भवन का निर्माण हमारे लिए उच्च प्राथमिकता पर है। उन्होंने निर्देश दिए कि तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ भवन का निर्माण सुनिश्चित करने के लिए रोज़ तीन शिफ्टों में कार्य किया जाएगा। इसकी सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी की जाएगी। प्रमुख अभियंता (भवन) मासिक आधार पर एवं इंदौर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता साप्ताहिक आधार पर प्रगति की समीक्षा करेंगे। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि इस परियोजना के लिए नियुक्त एसडीओ और सब-इंजीनियर पूर्णकालिक रूप से केवल इसी परियोजना पर कार्य करेंगे। किसी भी प्रकार की विलंब अथवा निर्माण कार्य में अवरोध की स्थिति ना बने, इसके लिए पहले से आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित की जाएंगी। मंत्री श्री सिंह ने कहा की निर्माण स्थल पर स्थापित प्रयोगशाला में सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का समुचित परीक्षण किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि न्यायिक व्यवस्था से जुड़ा यह महत्वपूर्ण भवन समय पर एवं सर्वोत्तम गुणवत्ता के साथ तैयार हो।   recent visitors 35

जाॅब के दौरान आत्मविश्वास जरुरी…

आत्मविश्वास सिर्फ इंटरव्यू में ही नहीं, बल्कि आगे जॉब करने के दौरान आपको हर जगह दिखाना होता है। इस पर आपकी तरक्की भी निर्भर करती है। अगर आप करियर की राह में सफल होना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह स्किल सीखना होगा कि खुद को कैसे कॉन्फिडेंट बनाएं… किसी इंटरव्यू के दौरान सबसे पहले इस बात का आकलन किया जाता है कि कैंडिडेट कॉन्फिडेंट है या नहीं। नियोक्ता किसी कर्मचारी में जिन जरूरी स्किल की तलाश करता है, उसमें कॉन्फिडेंस यानी आत्म-विश्वास सबसे प्रमुख होता है। कई बार ऐसा भी देखा जाता है कि अच्छे कैंडिडेट्स का भी जॉब के लिए सलेक्शन नहीं होता है, क्योंकि इंटरव्यू के दौरान वह काफी नर्वस था या उसके कॉन्फिडेंस की कमी इंटरव्यू लेने वालों को खल रही थी। आत्म-विश्वास सिर्फ इंटरव्यू में ही नहीं, बल्कि जॉब करने के दौरान आपको हर जगह दिखाना होता है। इस पर आपकी तरक्की भी निर्भर करती है। अगर आप करियर की राह में सफल होना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह स्किल सीखना होगा कि अपने को कॉन्फिडेंट कैसे बनाएं। यह कैसे हो सकता है, आइए इसका तरीका जानते हैं… प्रोफेशनल दिखें जब ऑप किसी जॉब के लिए अप्लाई करते हैं, तो एप्लीकेशन या अपने रिज्यूमे में ही अपने बारे में बेहतर से बेहतर तस्वीर दिखाने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन इंटरव्यू के द्वारा संभावित एम्प्लायर यह पता लगा लेता है कि आपका वास्तविक फस्र्ट इम्प्रेशन कैसा है, इसलिए आपको उस हिसाब से अपना बिहेवियर भी दिखाना होगा। इंटरव्यू या जॉब के दौरान आपको पूरी तरह से प्रोफेशनल दिखना चाहिए। अपनी क्षमता पर भरोसा करें सबसे पहले तो आपको खुद की क्षमता पर भरोसा करना होगा। आपने अपने रिज्यूमे में खुद अपनी काबिलियत की तारीफ की है, तो उस पर भरोसा भी करें। यह मान लें कि आपके अंदर क्षमता है और आप किसी इंटरव्यू को अच्छी तरह से फेस कर सकते हैं या कोई नया चैलेंजिग जॉब मिलने पर उसे कर सकते हैं। नेटवर्किंग की कला सीखें नेटवर्किंग से आपके अंदर की घबराहट कम होती है और सीनियर लोगों से मिलने-जुलने, उनके अनुभव जानने से आपको मार्ग-दर्शन मिलता है। इससे आपको यह सीख मिलती है कि इंटरव्यू के दौरान या किसी जॉब के दौरान किस तरह से पेश आना चाहिए। अति आत्म-विश्वास से बचें ज्यादातर लोग इसके शिकार हो जाते हैं। लोगों का अतिशय आत्म-विश्वास ईगो का रूप ले लेता है। कम योग्यता होते हुए भी कई बार लोग यह सोचते हैं कि उनसे बेहतर कोई नहीं और किसी जॉब के लिए उनका सलेक्शन तो तय है। इस बात का ध्यान रखें कि जब आप रिज्यूमे या कवर लेटर बनाएं तो वह विज्ञापन जैसा न हो। दिखाएं आत्म-विश्वास यदि आपको डराने वाला टास्क मिल गया, तो भी हर दिन ऐसे काम जरूर करें, जिसमें आप बेहतर हों। जैसे आप अच्छा लिखते हों, तो हर दिन कुछ लिखने का प्रयास करें। अपने को हमेशा यह याद दिलाते रहें कि आप सक्षम और कीमती हैं। सही सवाल करें ऐसे समय में कैंडिडेट्स सबसे मुश्किल में दिखता है, जब इंटरव्यूअर उससे पूछता है, क्या आप हमसे कोई सवाल करना चाहते हैं? आपके सामने ऐसी परिस्थित आती है और अगर आप कोई सवाल करना चाहते हैं, तो इस बात का ध्यान रहे कि सही तरीके का सवाल हो। आप चाहें, तो जॉब में संभावित चुनौतियों के बारे में सवाल पूछकर अपनी रुचि या कहें कि आत्म-विश्वास दर्शा सकते हैं या इंटरव्यू लेने वालों से यह सवाल भी कर सकते हैं कि उनके लिए सफलता का मतलब क्या है। अपनी नॉलेज बढ़ाएं अपनी ताकत और कमजोरियों के बारे अच्छी जानकारी से आत्म-विश्वास बनाए रखना आसान होता है। बिना किसी आत्म मुग्धता के ऐसा तरीका निकालें कि ताकत वाले गुण कैसे बढ़ें और कमजोरियों को कम कैसे किया जा सके।   recent visitors 39

कैबिनेट का ऐलान, ओलंपिक रजत पदक विजेता के समान मिलेगी Vinesh Phogat को करोड़ों सुविधाएं

नई दिल्ली हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ऐलान किया कि राज्य सरकार ने कुश्ती से राजनीति में आईं कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट को ओलंपिक रजत पदक विजेता के बराबर लाभ देने का फैसला किया है। यह निर्णय राज्य की खेल नीति के तहत लिया गया है। दरअसल, जिंद जिले की जुलाना विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने हाल ही में ये मुद्दा विधानसभा सत्र के दौरान उठाया था। राज्य कैबिनेट ने इस मामले को एक विशेष अपवाद मानते हुए विनेश फोगाट को खेल नीति के तहत सम्मान और लाभ देने का फैसला किया है। सरकार ने ये भी स्पष्ट किया कि अब वह एक विधायक हैं। इसलिए उन्हें ये निर्णय लेने का विकल्प दिया जाएगा कि वह कौन से लाभ लेना चाहती हैं। ओलंपिक पदक विजेता को मिलते हैं ये लाभ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा सरकार की खेल नीति के तहत ओलंपिक रजत पदक विजेता को तीन प्रमुख लाभ दिए जाते हैं। जिनमें से खिलाड़ी एक ही पुरस्कार चुन सकते हैं। चार करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार, ग्रुप ‘ए’ के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ी को सरकारी नौकरी और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का एक प्लॉट दिया जाता है। ओलंपिक फाइनल से पहले वजन अधिक होने पर किया गया था डिस्क्वालिफाई बता दें कि विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक 2024 में एक तकनीकी कारण से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया था। उन्हें 50 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले से पहले वजन अधिक होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने सेमीफाइनल मैच जीता था और हरियाणा सरकार ने उनके प्रदर्शन को ऐतिहासिक मानते हुए उन्हें ओलंपिक पदक विजेता का दर्जा देने की घोषणा की। विनेश ने मुख्‍यमंत्री को याद दिलाया था उनका वादा मुख्यमंत्री ने उस समय ट्वीट कर कहा था कि हरियाणा की बेटी विनेश फोगाट का सम्मान कम नहीं होने दिया जाएगा। विधानसभा सत्र के दौरान विनेश फोगाट ने मुख्यमंत्री को उनका वादा याद दिलाते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि विनेश हमारी बेटी है और उसे ओलंपिक रजत पदक विजेता के समान पुरस्कार मिलेगा, लेकिन अभी तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। फोगाट ने कहा कि ये पैसे का नहीं, बल्कि सम्मान का सवाल है। पूरे हरियाणा से लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या मुझे सरकार से नकद पुरस्कार मिला? recent visitors 44

पराली न जलाएं किसान, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चलाएगा जागरूकता अभियान-प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी

भोपाल प्रदेश में पराली जलाने से उत्पन्न वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। बोर्ड के निदेशक मण्डल की 169वीं बैठक गुरवार को आयोजित की गई। बैठक में धान एवं गेहूं की कटाई के पश्चात जलने वाली पराली से होने वाले प्रदूषण पर गहन चर्चा हुई और इसके समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। निदेशक मण्डल की बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने की। प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने निर्देश दिये है कि प्रदेश में किसान पराली न जलाएं इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रमुख सचिव ने बताया कि इसके लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के लिए 8 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने पराली के वैकल्पिक उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में स्थापित ताप विद्युत गृहों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अप्रैल के प्रथम सप्ताह में बैठक आयोजित करने का निर्देश दिये है। बैठक में कटाई के बाद बचे बायोमास के वैकल्पिक उपयोग पर कार्ययोजना तैयार किये जाना का निर्णय लिया गया। डॉ. कोठारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में निदेशक मण्डल ने निर्णय लिया है कि वायु गुणवत्ता और अन्य प्रदूषकों की सतत निगरानी के लिए 4 सुसज्जित मोबाइल मॉनिटरिंग वैन स्थापित की जाएगीं। साथ ही, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 और उससे अधिक तक की चिंताजनक स्थिति में जिन शहरों में पहुंच गई है, वहां 39 नए वायु एवं ध्वनि गुणवत्ता के सतत मापन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए 92 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई है। प्रमुख सचिव डॉ. कोठारी ने बताया है कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम प्रदेश में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।   recent visitors 41

विधानसभा स्पीकर ने कहा- विपक्ष प्रश्नकाल ठीक से चलने नहीं देना चाहता, मैंने वो दर्द सहन किया है

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र का आज यानी गुरुवार को चौथा दिन काफी हंगामेदार रहा। कभी कानून व्यवस्था पर चर्चा की मांग को लेकर तो कभी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की गैरमौजूगदी को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने खूब हंगामा किया। इस दौरान एक समय ऐसा भी आया विपक्ष का हंगामा देख विधानसभा स्पीकर उठ खड़े हुए और विपक्ष के हंगामे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रश्नकाल ठीक से चलने नहीं देना चाहता। उन्होंने कहा, मैंने विपक्ष को सवाल पूछने का मौका ज्यादा दे रहा हूं क्योंकि मैं इन्हीं की बिरादरी का रहा हूं। उन्होंने कहा, हम 10 साल विपक्ष में रहे और सवाल पूछने के लिए तरसते रहे। इसलिए मैं अब विपक्ष को ज्यादा मौका दे रहा हूं। विजेंद्र गुप्ता ने विपक्ष से कहा, मैं आपके दर्द को समझ सकता हूं क्योंकि मैंने वो दर्द सहन किया है। वहीं आम आदमी पार्टी ने प्रश्नकाल के दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेस वर्मा पर आतिशी से बदतमीजी से बात करने का आरोप लगाया है। पार्टी के नेता ने कहा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पिछले दो दिनों से सदन में नहीं आ रही हैं तो इस पर नेता प्रतिपक्ष आतिशी जी ने सवाल उठाया। इस पर मंत्री प्रवेश वर्मा ने उनके साथ बदतमीजी के साथ बात की।जब हमने इसका विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता जी से विरोध जताया तो उन्होंने प्रवेश वर्मा पर एक्शन लेने की जगह हमें ही बाहर निकाल दिया। recent visitors 38

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा- पंचायतों को स्वावलंबी बनाना सरकार की प्राथमिकता भी है और जिम्मेदारी भी

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा है कि पंचायतों को स्वावलंबी बनाना सरकार की प्राथमिकता भी है और जिम्मेदारी भी मंत्री श्री पटेल गुरूवार को नरसिंहपुर के सरदार बल्लभ भाई पटेल सभा कक्ष में जिला पंचायत की साधारण सभा की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन नेशनल-वन इलेक्शन के प्रस्ताव को पारित किया गया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, तेंदूखेड़ा विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता राजेन्द्र ठाकुर, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, जिला पंचायत सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि, सीईओ जिला पंचायत श्री दलीप कुमार और अन्य जिला अधिकारी मौजूद थे। जल गंगा संवर्धन अभियान मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में 30 मार्च से जल गंगा संवर्धन अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य है कि जल स्रोतों का संरक्षण, पौधरोपण, जल संरचनाओं की सफ़ाई, तालाबों की डिसिल्टिंग जैसे अन्य कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी पंचायतों को स्वच्छ और स्वावलम्बी बनाने के लिये यह प्रयास करना होगा कि हम किसी पर निर्भर नहीं रहें। इसके लिए हमें यह देखना होगा कि पेयजल के स्त्रोत स्वच्छ एवं साफ हो। गांव के गंदे पानी की निकासी पृथक से हो। नाली निर्माण इस तरह हो कि उसका पानी स्वच्छ जल को दूषित नहीं करें। हमें अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में गंभीरता से काम करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिये भूमि चिन्हित कर फ़ेंसिंग की जाये, जिससे कि बारिश के पहले पौधा-रोपण के लिये सोच समझकर पौधों का चयन किया जाये। पौधरोपण के दौरान बड़े ही किया जाये। ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए जिले में पेयजल संकट के लिए क्या तैयारियां होनी चाहिए। इस बारे में कार्ययोजना बनाकर काम करें। सड़कों का होगा नवीनीकरण मंत्री श्री पटेल ने सड़कों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिये इंटर डिस्ट्रिक्ट कनेक्टिविटी वाली सड़कों को पहचान करने और 5 वर्ष या उससे अधिक पुरानी सड़कों के नवीनीकरण की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत आने वाली सड़कों का मूल्यांकन करने के निर्देश दिये। नेशनल हाइवे के समीप के गावों में सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी है अथवा नहीं या जो सड़क मार्ग इससे छूट गए हैं, इनका सर्वे कर पांचवे फेज में शामिल करने के निर्देश भी बैठक में दिये। योजनाओं की हर 4 माह में होगी समीक्षा मंत्री श्री पटेल ने बताया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा हर 4 माह में की जायेगी। जिला पंचायत और जनपद अध्यक्षों को वित्तीय मामलों की जानकारी समय-समय पर दी जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी भी जनपद पंचायतों की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे। recent visitors 32

जीवनसाथी का त्महत्या करने की धमकी देना क्रूरता है, यह तलाक का वैध आधार: बॉम्बे हाई कोर्ट

मुंबई बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि जीवनसाथी का आत्महत्या का प्रयास करना या आत्महत्या करने की धमकी देना क्रूरता है और यह तलाक का वैध आधार है। हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ के जस्टिस आरएम जोशी ने पिछले महीने अपने आदेश में दंपती के विवाह को खत्म करने के परिवार अदालत के आदेश को बरकरार रखा। महिला ने फैमिली कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। पति ने लगाए थे ये आरोप? पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी ने धमकी दी थी कि वह आत्महत्या करके उसे व उसके परिवार को जेल भिजवा देगी। परिवार अदालत के समक्ष दायर तलाक की याचिका में उसने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम के प्रविधानों के तहत यह क्रूरता है।हाई कोर्ट पीठ ने अपने आदेश में कहा कि पति की ओर से परिवार अदालत में प्रस्तुत साक्ष्य एवं अन्य गवाह यह प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त से अधिक हैं कि उसकी क्रूरता की दलील साबित होती है।   अदालत ने कहा कि पति ने न सिर्फ पत्नी द्वारा आत्महत्या की धमकी का आरोप लगाया था बल्कि पत्नी ने एक बार आत्महत्या का प्रयास किया भी था। हाई कोर्ट ने कहा, 'जीवनसाथी की ओर से इस तरह का कृत्य ऐसी क्रूरता मानी जाएगी जो तलाक का आदेश देने का आधार बन जाती है।' पीठ ने तलाक मंजूर करने के परिवार अदालत के आदेश को रद करने से इनकार कर दिया और कहा कि इसमें कुछ भी प्रतिकूलता नहीं है, लिहाजा किसी तरह के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।मामले के अनुसार, दंपती का अप्रैल, 2009 में विवाह हुआ था और उनकी एक पुत्री भी है। सास-ससुर पर हस्तक्षेप का आरोप पति ने दावा किया था कि उसके सास-ससुर अक्सर उसके घर आया करते थे और उनके वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करते थे। 2010 में उसकी पत्नी उसका घर छोड़कर अपने माता-पिता के घर चली गई और लौटने से इन्कार कर दिया। पति का आरोप था कि उसकी पत्नी ने कहा था कि वह उसके और उसके परिवार के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करा देगी और उन्हें जेल भिजवा देगी। जबकि महिला ने अपनी याचिका में कहा कि पति व उसके पिता उसके साथ दु‌र्व्यवहार करते थे, लिहाजा उसने पति का घर छोड़ दिया। उसने पति के साथ किसी तरह की क्रूरता करने से इनकार किया था। recent visitors 38