रायपुर : राज्यपाल ने चैत्र नव वर्ष, नवरात्रि, गुड़ी पड़वा उगादी एवं चेटीचण्ड पर्व पर दी शुभकामनाएं

 रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने चैत्र नव वर्ष, नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, उगादी एवं चेटीचण्ड के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने कामना की है कि यह नव वर्ष देश एवं प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए मंगलमय, सुख-समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य लेकर आएगा और प्रदेश प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ेगा। recent visitors 26

जयपुर : असामाजिक तत्वों ने खंडित की वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति, SP ने प्रदर्शनारियों को दी ये चेतावनी

जयपुर ​जयपुर के सांगानेर क्षेत्र के प्रतापनगर सेक्टर-3 में वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना सामने आई है. इससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके नतीजे में उन्होंने जयपुर-टोंक रोड पर जाम लगाया, बाजार बंद करवाए और टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना की निंदा करते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नर से दोषियों को शीघ्र पकड़कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों द्वारा ऐसी हरकत करना जन-आस्था के साथ खिलवाड़ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने मार्च 2023 में वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य समाज की स्थिति का जायजा लेना और उनके पिछड़ेपन को दूर करने के लिए सुझाव देना है. इसके अलावा, अप्रैल 2023 में बाड़मेर जिले के तिलक नगर में वीर तेजाजी महाराज की प्रतिमा हटाने के प्रयास के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए थे. वर्तमान में, जयपुर की घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास कर रहा है. सांसद हनुमान बेनीवाल की सख्त चेतावनी जयपुर में प्रताप नगर के सेक्टर 3 में लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ने की जानकारी संज्ञान में आई, मैंने जयपुर पुलिस कमिश्नर से मूर्ति को तोड़ने वाले बदमाशों का शीघ्रता से पता लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने के संदर्भ में बात की है, असामाजिक तत्वों द्वारा ऐसी हरकत करना जन -आस्था के साथ खिलवाड़ है, लाखों -करोड़ों लोगों की आस्था तेजाजी में है और आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।     जयपुर में प्रताप नगर के सेक्टर 3 में लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ने की जानकारी संज्ञान में आई,मैने जयपुर पुलिस कमिश्नर से मूर्ति को तोड़ने वाले बदमाशों का शीघ्रता से पता लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने के संदर्भ में बात की… विश्व हिंदू परिषद ने पुलिस को दिया अल्टीमेटम वहीं, विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री विष्णु शर्मा ने बताया कि यह तेजाजी का मंदिर वर्षों पुराना स्थान है, इसकी आस्था हिंदू समाज के लाखों लोगों में है। यहां हर साल मेला भरता है। उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने तेजाजी की मूर्ति को खंडित किया है। इससे लोगों की धार्मिक भावना आहत हुई है, इसलिए विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम किया है। जब तक पुलिस प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, लोग सड़कों पर रहेंगे। हमने इसके लिए पुलिस प्रशासन को 12 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, वहीं पुलिस ने भी 12 घंटे का समय दिया है। पुलिस खंगाल रही है आसपास के CCTV फुटेज बताते चले कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। जयपुर पुलिस ने कहा कि हम मंदिर में लगे CCTV फुटेज खंगाल रहे हैं और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। एसपी तेजस्विनी गौतम ने धरनास्थल पहुंचकर लोगों से समझाइश की। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भी यह कृत्य सोच-समझकर किया है या फिर असमाजिक तत्वों ने ऐसा किया है, उन्हें जल्द ही पकड़ा जाएगा। एसपी ने हंगामा कर रहे लोगों से कहा कि सबसे पहले आप धरनास्थल से हटो, जिससे हम आरोपियों को पकड़ने में पूरा ध्यान फोकस कर सकें। साथ ही लोगों की मांग पर उन्होंने कहा कि जल्द ही तेजाजी की ऐसी ही प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का प्रदर्शन घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और जयपुर-टोंक रोड को जाम कर दिया। लोगों की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई और प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। CCTV फुटेज की कर रही जांच स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, जिससे आरोपियों की पहचान हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी। 12 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमितोष पारीक ने बताया कि, यह तेजाजी का ऐतिहासिक स्थान है, जहां हर साल मेला लगता है। उन्होंने कहा कि, धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और जब तक प्रशासन ठोस कार्रवाई का आश्वासन नहीं देता, तब तक लोग सड़कों पर डटे रहेंगे। पुलिस ने 12 घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिया है। सड़क जाम, ट्रैफिक डायवर्ट प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के सामने जयपुर-टोंक रोड को ब्लॉक कर दिया। सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया गया। पिंजरापोल गौशाला के सामने ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। सांगानेरी पुलिया के नीचे से भी यातायात को मोड़ा गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति को जल्द सामान्य किया जा सके। सांसद और विधायकों ने की न्यायिक जांच की मांग इस घटना पर सांसद हनुमान बेनीवाल और विधायक विकास चौधरी व रामनिवास गावाड़िया ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत करने की साजिश बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। बाजार हुआ बंद घटना के विरोध में सांगानेर क्षेत्र के कई व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। प्रताप नगर सेक्टर-3 के बाजार भी बंद रहे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। शहर में बढ़ा तनाव, सांगानेर में बाजार बंद घटना के विरोध में सांगानेर क्षेत्र में कई संगठनों ने प्रदर्शन किया और प्रताप नगर सेक्टर-3 के बाजार भी बंद कर दिए गए।  पिंजरापोल गौशाला के … Read more

नव वर्ष – नव संकल्प – शिवप्रकाश

भारतीय कालगणना के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को विक्रमी संवत २०८२ प्रारंभ हो रहा है | आंग्ल तिथि के अनुसार ३० मार्च रविवार का यह दिन है | भारतीय स्वाभिमान के प्रतीक अनेक ऐतिहासिक प्रसंग चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ जुड़ें है | पृथ्वी की उत्पत्ति के कारण पृथ्वी संवत, सृष्टि प्रारंभ दिवस के कारण सृष्टि संवत, श्रीराम जी का राज्याभिषेक, कलयुग संवत,युधिष्टिर संवत, विक्रम संवत (२०८२), शालिवाहनशकसंवत (१९४७),युगाब्द(५१२७),मालव संवत, गुडी पाडवा, आर्य समाज स्थापना, उगादि, गुरु अंगद देव का जन्म दिवसएवं झूलेलाल जी का अवतरण दिवस आदि सभी प्रेरणा दिवस इस शुभ दिन के साथ जुड़े है | शक्ति की उपासना के प्रतीक नवदुर्गा का प्रारंभ एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ०केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म भी वर्षप्रतिपदा ही है। भारतीय स्वाभिमान के प्रतीक जीवन की समस्त विधाओं में भारत की अग्रगणीयता, आर्थिक समृद्धि,प्रकृति में वसंत अर्थात सम्यक परिवर्तन की दिशा का संदेश संपूर्ण मानवता को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा देती आई  है | भारतीय समाज में व्यैक्तिक एवं सामूहिक जीवन में उत्थान के लिए नव वर्ष पर नव संकल्प लेने की परंपरा है | इस विक्रम संवत के आगमन पर हम हर्ष एवं उल्लास के साथ नव वर्ष का स्वागत करेंएवं भावी समाज को संरक्षित करने की दिशा में नवसंकल्प लें। शारीरिक :- "शरीरमाध्यम्खलु धर्म साधनम्"(अर्थात धर्म के साधन का मार्ग स्वस्थ शरीर ही है) भारत मेंअसावधानी के कारण हमारा खानपान स्थूल(मोटापा) शरीर का निर्माण कर रहा है | जिसके कारण अनेक रोग हमारे शरीर को अपना घर बना रहे हैं | दुनिया के देशों की तुलना में हमारे देश में गंभीर रोगों का औसत अधिक है | प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए “फिट इंडिया” का संदेश दिया था | नव वर्ष पर यदि हम अपनी प्रतिदिन की दिनचर्या में संतुलित आहार, व्यायाम एवं योग को स्थान देंगे तब हमारा स्वास्थ्यअच्छा होगा | हमारा स्वास्थ्य ही राष्ट्र के स्वास्थ्य से जुड़ा है | इसको हम प्रतिदिन का संकल्प बनाएं। पारिवारिक :- भारतीय समाज के चिरंजीवी होने के अनेक कारणों में से महत्वपूर्ण है हमारी पारिवारिक व्यवस्था | संपूर्ण विश्व इस पारिवारिक व्यवस्था का अध्ययन एवं अनुपालन करने का प्रयास कर रहा है | परिवार के सभी सदस्यों में सामूहिकता, सुरक्षा, परस्पर प्रेम और आत्मीयता का अंकुरण होता है । परिवार टूटने के कारण ही दुनिया के देश अपने बजट का बड़ा भाग सामाजिक सुरक्षा पर खर्च कर रहे हैं | भारत में दुनिया की तुलना में यह न्यून है| हम अपने परिवार के वृद्धों को सम्मान एवं आत्मीयता दें | इसका परिणाम होगा कि नवीन पीढ़ी में भी यह संस्कार आएगा | परिवार के सदस्य सामूहिक भोजन,  सामूहिक भजन एवं वर्ष में एक-दो बार विशेष प्रसंगो पर वृहद् परिवार मिलन कर पारिवारिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का संकल्प लें | भाषा सीखे:- विशाल भूभाग वाले अपने देश में अनेक भाषाओं एवं बोलियों का उपयोग होता है | सभी भाषाओं में एक अन्तर्निहित एकात्मता है | हम अपनी मातृभाषा के साथ-साथ एक और दूसरे प्रदेश की भाषा सीखने का प्रयास करें | जिसके कारण हम उस भाषा के साहित्य में छिपे तत्वज्ञान,महापुरुषों एवं परंपराओं को समझ सकेंगे, एवं राष्ट्र की एकात्मता वृद्धि में सहयोगी बन सकेंगे । नागरिक अनुशासन :-  देश के संविधान के प्रति आदर एवं श्रद्धा भाव, देश को सुचारू संचालित करने के लिए बनी व्यवस्थाओं का अनुपालन, देश की सम्पत्तियों का संरक्षण, नियमों का पालन,शुचिता पूर्ण कर्तव्य निष्ठ व्यवहार करने से देश में अनुशासन का भाव निर्माण होगा | यह अनुशासन ही किसी भी देश की महानता की गारंटी है । अभावग्रस्त समाज के लोगों को शिक्षा,भोजन,कार्य कुशलता निर्माण कर सेवा के माध्यम से समृद्ध करें। अपने चारो तरफ होने वाली घटनाओं के प्रति सजग रहते हुए समाज में सुरक्षितता का वातावरण बनाएं | नए-नए प्रयोगों के द्वारा रोज़गार प्रदान करते हुए भारत को आर्थिक समृद्ध कर, विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति में सहायक होना हमारा संकल्प बने । संयमित एवं सादगी पूर्ण जीवन शैली :- पंडित दीन दयाल उपाध्याय द्वारा स्थापित सिद्धांत “खर्च में संयम एवं उत्पादन में वृद्धि हम सभी के लिए मार्गदर्शक है ।”आय से अधिक खर्च किसी भी समाज में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है | समाज में एक दूसरे को देखकर अधिक खर्च की प्रवृत्ति भी बढ़रही है | शादी-विवाह  एवं शुभ प्रसंगों के समय बर्बाद होता भोजन यह राष्ट्र की संपत्ति का ही नुकसान है | यह दृष्टि लेकर व्यक्तिगत जीवन में सादगी एवं संयम पूर्ण व्यवहार से समाज को सम्यक दिशादें | प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र  मोदी जी ने भी अन्न की बर्बादी के संबंध में सम्पूर्ण देश को सचेत किया था  | महिला सशक्तिकरण:- अपने प्राचीन धर्म ग्रंथो में माँ (स्त्री) का बड़ा श्रेष्ठ स्थान (यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः ) था । कालांतर में समाज में अनेक कुप्रथाए आई | आज भी समाज में हृदय को विदीर्ण करने वाली अनेक घटनाएं होती रहती है | महिला हिंसा एवं दुर्व्यवहार को समाप्त करें |समाज में महिलाओं को समान स्थान,समान अवसर, निर्णयों में समान सहभागिता का वातावरण बनाने में हम सभी सहभागी बने | पर्यावरण संरक्षण :- महात्मा गाँधी जी का प्रसिद्ध वाक्य ““The Earth has enough resources for our need but not for our greed.”भोगवादी जीवन शैली एवं प्रकृति के संसाधनों पर कब्जे की मनोवृति के कारण हमने पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ की है | जिसका परिणाम है प्रदूषण एवं तापमान में वृद्धि। अनेक विद्वानों एवं पर्यावरण केंद्रित संस्थाओं के आकड़े हमें चिंतित करने वाले है | मनुष्य का जीवन भविष्य में सुरक्षित रहेगा अथवा नहीं यह सभी की चिंता का विषय है | हम इस नव वर्ष पर अपना जीवन पर्यावरण को संरक्षित करनेवाला बनाएं, एवं जल, भोजन, वायु, वनस्पति सभी शुद्ध रहे इसका संकल्प लें | संस्कृति स्वाभिमान :- हमारी संस्कृति त्यागमयी एवं सभी के कल्याण का विचार करने वाली है | इस कारण विश्व शांति की गारंटी भारतीय संस्कृति ही है | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हमको इस सांस्कृतिक गौरव का ही स्मरण कराती है | हम स्वयं एवं आने वाली पीढ़ी में अपने महापुरुषों, अपनी परंपराओं के प्रति यह गौरव के भाव को जागृत करने का संकल्प लें |चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के उत्सव को व्यक्तिगत के साथ-साथ समाज का उत्सव बनाते हुए, हम अपने व्यक्तिगत जीवन एवं समाज … Read more

सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 2. 20. 43 बजे शुरू हो गया और 4. 17. 27 बजे अपने चरम पर होगा

साल का पहला सूर्य ग्रहण लग गया है। यह आंशिक सूर्यग्रहण है, यानी चंद्रमा हमारे सूर्य को पूरी तरह से ढक नहीं कर पाएगा। सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार 2ः20ः43 बजे शुरू हो गया है और 4ः17ः27 बजे अपने चरम पर होगा। तथा 6ः13ः45 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई न देने का दूसरा कारण यह है, कि इस बार सूर्यग्रहण का पथ भारत से होकर नहीं गुजर रहा है। यह सूर्य ग्रहण इस बार यूरोप, एशिया में उत्तर, उत्तर/पश्चिम अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका का अधिकांश भाग, दक्षिण अमेरिका में उत्तर, अटलांटिक, आर्कटिक में दिखाई देगा। सूतक काल नहीं होगा मान्य- सूतक काल धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाने वाला काल है। इस दौरान शुभ कार्यों की मनाही होती है। सूर्य ग्रहण से 9 से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। सूतक काल तभी लागू होता है, जब यह नजर आता है। साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भारत में लागू नहीं होगा। भारत में सूर्य ग्रहण का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा, जिस वजह से धार्मिक कार्य नहीं रुकेंगे। धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण का कारण राहु-केतु को माना जाता है। राहु और केतु छाया ग्रहों को सांप की तरह माना जाता है, जिसके डसने से ग्रहण लगता है। यह भी मान्यता है कि जब राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं तब ग्रहण लगता है। जबकि विज्ञान कहता है कि सूर्य ग्रहण एक विशेष खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इस स्थिति में, चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी को आंशिक या पूर्ण रूप से ढंक देता है, जिससे पृथ्वी पर अंधकार छा जाता है। उन्होंने बताया कि सूर्यग्रहण सदैव चंद्रग्रहण से लगभग दो सप्ताह पहले या बाद में घटित होता है। recent visitors 34

राज्य के 6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को हटाने का आदेश DPI ने किया जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश में व्यवसायिक शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ाने वाला आदेश लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी किया गया है। राज्य के लगभग 6 हजार व्यवसायिक शिक्षकों को हटाने का आदेश विभाग द्वारा किया गया है।  दरअसल, लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनिंग दे रहे करीब 6 हजार व्यावसायिक शिक्षकों को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। व्यावसायिक शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2025 तक ही होंगी। जारी हुआ आदेश राजधानी भोपाल के गौतम नगर स्थित लोक संचालनालय विभाग की ओर से सेकेंड्री एजुकेशन मध्य प्रदेश के सत्र 2024-25 में कार्यरत व्यवसायिक प्रशिक्षकों की सेवाओं के संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा है कि, इस कार्यालय एवं कार्यरत सभी वी.पी.टी के बीच किए गए अनुबंध के आधार पर स्पष्ट किया जाता है कि, आपकी ओर से विद्यालय में उपस्थित कराए गए सभी व्यवसायिक प्रशिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2025 तक रहेंगी। शेष निर्देश पृथक से जारी किए जाएंगे। आदेश में कही गई ये खास बात पिछले साल हाईकोर्ट के निर्देश पर इन शिक्षकों को नियुक्ति दी गई थी। अब अचानक उनकी सेवाएं खत्म करने के आदेश जारी हो गए है। फिलहाल, सिर्फ हटाने का आदेश है। आदेश में लिखा है कि, शेष निर्देश आगे जारी किए जाएंगे। recent visitors 31

Portronics Beem 520 लॉन्च, कम दाम में मिलेगा बड़ी स्क्रीन का मजा

मुंबई Portronics Beem 520 स्मार्ट LED प्रोजेक्टर लॉन्च कर दिया है. ये डिवाइस 720p HD नेटिव आउटपुट रेजोल्यूशन के साथ आता है. Portronics Beem 520 प्रोजेक्टर पर आपको 4K Ultra-HD का सपोर्ट मिलता है. कंपनी इसमें कई प्री-इंस्टॉल्ड OTT ऐप्स भी देती है, जिसे आप प्रोजेक्टर पर सीधे एक्सेस कर सकते हैं. इस पर Amazon Prime Video, JioHotstar, Netflix और YouTube प्री-इंस्टॉल्ड मिलेगा. कंपनी की मानें, तो इस प्रोजेक्टर से 3.4  मीटर की दूरी और 105-inch तक प्रोजेक्ट किया जा सकता है. इसमें 3W का स्पीकर भी मिलता है. कितनी है कीमत? Portronics Beem 520 प्रोजेक्टर को आप इंट्रोडक्ट्री प्राइस पर खरीद सकते हैं. ये प्रोजेक्टर 6,999 रुपये का मिल रहा है. इसे आप Amazon और Portronics की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद सकते हैं. डिवाइस सिंगल कलर ऑप्शन वॉइट में आएगा. इस पर 12 महीने की स्टैंडर्ड वारंटी मिलेगी. क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स? Portronics Beem 520 प्रोजेक्टर में 2200 Lumens का LED लैम्प मिलता है, जिसकी वजह से आपको दिन की रोशनी में भी अच्छी विजिबिलिटी मिलती है. ये डिवाइस 720p HD रेज्योलूशन के नेटिव सपोर्ट के साथ आता है, जिसे आप 4K Ultra-HD तक स्केल कर सकते हैं. इस प्रोजेक्टर को 1.5 मीटर की दूरी से 40-inch स्क्रीन पर बीम किया जा सकता है. वहीं 3.4 मीटर की दूरी से इसे 105-inch तक के स्क्रीन साइज पर प्रोजेक्ट किया जा सकता है. कनेक्टिविटी ऑप्शन की बात करें, तो इसमें Wi-Fi, ब्लूटूथ, HDMI, Ethernet, USB पोर्ट और 3.5mm का ऑडियो जैक मिलता है. प्रोजेक्टर में 3W का स्पीकर इन-बिल्ट मिल जाता है. कंपनी का कहना है कि ये डिवाइस हाई-परफॉर्मेंस CPU के साथ आता है. इसमें इन-बिल्ट कूलिंग फैन भी मिलता है. यूजर्स को हाइट एडजस्ट करने का भी ऑप्शन मिलता है. Portronics Beem 520 में JioHotstar, Netflix, Amazon Prime Video और YouTube जैसे ऐप्स प्री-इंस्टॉल मिलते हैं.   recent visitors 40

मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की नई फिल्म L2: एम्पुरान रिलीज के साथ ही राजनीतिक विवादों में घिरी

कोच्चि मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की नई फिल्म L2: एम्पुरान रिलीज के साथ ही राजनीतिक विवादों के घेरे में आ गई है। फिल्म पर 2002 के गुजरात दंगों और केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का जिक्र करने के आरोप लगे हैं, जिसके चलते यह एक राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है। जहां एक तरफ कांग्रेस और वाम दलों के कुछ नेताओं ने फिल्म की तारीफ की है, वहीं दूसरी ओर संघ परिवार और दक्षिणपंथी समूहों ने इसकी कड़ी आलोचना की है। दिलचस्प बात यह है कि केरल की सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) और विपक्षी कांग्रेस दोनों ही फिल्म की तारीफ कर रहे हैं। उनका मानना है कि फिल्म दक्षिणपंथी राजनीति के “एजेंडे” को सामने लाती है। दूसरी ओर, दक्षिणपंथी संगठनों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे “हिंदू विरोधी” और “हिंदू धर्म को बदनाम करने वाला प्रचार” बताया है। कांग्रेस नेताओं ने दिया समर्थन इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष और पलक्कड़ से विधायक राहुल ममकूट्टथिल ने मोहनलाल और निर्देशक पृथ्वीराज सुकुमारन के खिलाफ विरोध को अनुचित बताया। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “KGF और पुष्पा ने जिस तरह अपनी-अपनी फिल्मों में क्षेत्रीय पहचान को दिखाया, उसी तरह एम्पुरान ने केरल की क्षेत्रीयता को उभारा है।” ममकूट्टथिल ने यह भी कहा कि जो लोग ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द केरल स्टोरी’ जैसी फिल्मों को लेकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे थे, वही अब ‘एम्पुरान’ का विरोध कर रहे हैं, जो उनके दोहरे मापदंड को उजागर करता है। दक्षिणपंथी संगठनों का विरोध दूसरी ओर, ‘सनातन धर्म’ और ‘हिंदू पोस्ट’ जैसे दक्षिणपंथी प्लेटफॉर्म्स ने फ़िल्म को “हिंदू-विरोधी” करार दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई दक्षिणपंथी संगठनों का मानना है कि फिल्म के निर्माता पृथ्वीराज सुकुमारन ने मोहनलाल और उनके प्रशंसकों को धोखा दिया है। हालांकि, केरल में बीजेपी राज्य इकाई ने इस विवाद से खुद को अलग कर लिया है। बीजेपी केरल के महासचिव पी. सुधीर ने कहा कि पार्टी किसी फिल्म के खिलाफ अभियान नहीं चलाएगी। उन्होंने कहा, “फिल्म अपनी राह चलेगी और पार्टी अपना काम करेगी। हर किसी को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार है।” रिकॉर्ड तोड़ कमाई राजनीतिक विवादों के बावजूद, फिल्म ‘L2: एम्पुरान’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त शुरुआत की है। केरल में पहले ही दिन 22 करोड़ रुपये की कमाई के साथ यह अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली मलयालम फिल्म बन गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को सिर्फ केरल में 746 स्क्रीन्स पर 4,500 शो मिले, जो एक रिकॉर्ड है। स्क्रिप्ट राइटर ने विवाद को नकारा फिल्म के स्क्रिप्ट राइटर मुरली गोपी, जिन्हें निर्देशक पृथ्वीराज अपना “सह-निर्माता” मानते हैं, ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “हर किसी को फिल्म की अपनी-अपनी व्याख्या करने का अधिकार है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।” हालांकि, गोपी ने यह भी कहा कि फिल्म में देश की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति को दिखाया गया है और इस पर मतभेद स्वाभाविक हैं।   recent visitors 40