महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को दिलाए बेहतर चिकित्सकीय शिक्षा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शहडोल की सामान्य सभा की बैठक हुई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय शहडोल में अध्यनरत विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर चिकित्सकीय शिक्षा दिलाना सुनिश्चित करें, जिससे विद्यार्थी बेहतर चिकित्सकीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे चिकित्सक बन सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने शहडोल, अनूपपुर एवं उमरिया जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से 'निरोगी काया अभियान' की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का शत प्रतिशत पंजीयन कराया जाए और समय-समय पर महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि सीएमएचओ एवं बीएमओ इस कार्य को प्राथमिकता से लें तथा गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर जांच करने हेतु मैदानी अधिकारी एवं कर्मचारियों को निर्देशित करें तथा वरिष्ठ अधिकारी मॉनिटरिंग भी करें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि संभागीय मुख्यालय शहडोल के बस स्टैंड से बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय तक के मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य तेजी पूर्ण कराए जिससे आने जाने वाले वाहन सुगमता के साथ और मरीज समय पर मेडिकल कॉलेज तक पहुंचकर अपना इलाज करा सकें। उप मुख्यमंत्री ने मरीजों को मेडिकल कॉलेज में दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली तथा सुचारू सेवा प्रदाय के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने महाविद्यालय में आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं प्रसूति सहायता योजना की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रत्येक योजना का लाभ मरीजों को दिलाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय में इकोकार्डियोग्राफी, जनरल सर्जरी, टेली मेडिसिन, रेडियो डायग्नोसिस, ब्लड बैंक सहित अन्य डिपार्टमेंट की भी जानकारी ली। विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, श्री जयसिंह मरावी,श्री शरद कोल, कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री राम जी श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सक उपस्थित थे।   recent visitors 30

बागेश्वर धाम में बड़ा हादसा: आरती के दौरान दर्शन के लिए आई महिला को लगी आग, पूरी तरह से झुलसी

छतरपुर मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में शनिवार सुबह एक चौंकाने वाला हादसा हुआ। बिहार के भागलपुर से दर्शन के लिए आई 40 वर्षीय संगीता साहू की साड़ी में अचानक आग लग गई। परिवार के साथ बागेश्वर धाम दर्शन के लिए आई संगीता जब आरती में शामिल हो रही थी, तभी उनकी साड़ी में आग लग गई। घटनास्थल पर भीड़ बढ़ने के कारण संगीता को पता ही नहीं चला कि आग कैसे लगी। आग लगने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और पानी तथा कपड़े से आग बुझाई, लेकिन तब तक संगीता बुरी तरह झुलस चुकी थी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है और चिकित्सक उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संगीता के भांजे अनिल कुमार साह ने बताया कि परिवार के लोग इस हादसे से घबराए हुए हैं, लेकिन भगवान के आशीर्वाद से उन्हें जल्द ठीक होने की उम्मीद है। recent visitors 35

यूरेशियन वल्चर को रायसेन वन मण्डल के सरार बीट में छोड़ा गया, सरार बीट में होगा वल्चर रेस्टारेंट का निर्माण

भोपाल वन मण्डल रायसेन अंतर्गत शनिवार को एक यूरेशियन वल्चर (गिद्ध की प्रजाति) को हलाली बांध के पास सफलतापूर्वक मुक्त किया गया। इस वल्चर को सतना वन मण्डल से रेस्क्यू कर मुकुंदपुर रेस्क्यू सेंटर और वन विहार में उपचार के लिये लाया गया था। वल्चर के उपचार के बाद स्वस्थ होने पर उसे रिलीज किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राजेश खरे ने बताया कि रायसेन वन मण्डल के सरार बीट में गिद्धों के लिये अनुकूल परिस्थिति, वातावरण और उनकी संख्या को ध्यान में रखते हुए इस स्थान पर वल्चर को छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि इसी स्थल पर वल्चर रेस्टोरेंट का निर्माण करने की तैयारी शासन स्तर पर चल रही है। आगामी दिनों में भोपाल स्थित वल्चर ब्रीडिंग सेंटर के 6 वल्चर को भी इसी स्थान पर छोड़ा जायेगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री असीम श्रीवास्तव ने कहा कि मवेशियों को इलाज के लिये दी जाने वाली दवाइयाँ, जिन्हें शासन ने प्रतिबंधित किया है और जो गिद्धों के लिये जानलेवा है, के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि डायक्लोफेनेक, निमेसुलाइड, कीटोप्रोफेन और एसेक्लोफेनेक दवाइयाँ जो पशुओं के इलाज के लिये दी जाती थीं, इन दवाइयों को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है और इनका उपयोग गैर कानूनी भी है। उन्होंने कहा कि गिद्धों की संख्या में जो भारी गिरावट आयी, वह इन्हीं दवाओं के कारण थी। मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक श्री शुभरंजन सेन ने बताया कि कर्मचारियों को दवाइयों का एक सैम्पल भी प्रदाय किया है। इन दवाइयों से गिद्धों को कोई नुकसान नहीं होगा। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक भोपाल, वन मण्डलाधिकारी रायसेन, विदिशा, उप वन मण्डल अधिकारी रायसेन, विदिशा, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और बीएनएचएस की टीम मौजूद थी।   recent visitors 31

वैश्विक इलेक्ट्रानिक्स हब बनेगा भारत : मुख्यमंत्री डॉ.यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का इलेक्ट्रानिक्स कॉम्पोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम मंजूर करने के दूरदर्शी निर्णय पर आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि केंद्रीय कैबिनेट द्वारा इलेक्ट्रानिक्स कॉम्पोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम की स्वीकृति मिलना आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस योजना के माध्यम से 59 हजार 350 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित होगा, जिससे 4.56 लाख करोड़ रुपए मूल्य के उत्पादों का निर्माण होगा और 90 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय भारत को वैश्विक इलेक्ट्रानिक्स हब बनाने, आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त करने और नवाचारों द्वारा आत्मनिर्भर भारत को नए आयाम देने में सहायक सिद्ध होगा।   recent visitors 40

विश्वविद्यालय में कुलपति को कुलगुरु कहना प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति की पुनस्थापना की दिशा में एक कदम है: राज्यपाल

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने  कहा कि परंपरा के साथ आधुनिक ज्ञान की दृष्टि से ही भारत विश्व गुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कुलपति को कुलगुरु कहना प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति की पुनस्थापना की दिशा में एक कदम है। प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति परिपूर्ण थी। उन्होंने नई शिक्षा पद्धति को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों के विकास से जुड़ी है। राज्यपाल श्री बागडे शनिवार को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में संबोधित कर रहे थे।  इसमें वर्ष 2023 एवं 2024 के स्वर्ण पदकों का वितरण किया गया। साथ ही विद्या वाचस्पति उपाधि धारकों को भी उपाधियां वितरित हुई। राज्यपाल ने कहा कि भारत की समृद्ध वैज्ञानिक परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि महर्षि भारद्वाज के द्वारा वर्णित विमान विज्ञान के आधार पर 1895 में श्री शिवकर बापूजी तलपे ने हमारे यहां विमान उड़ाया था। उन्होंने श्री चिरंजिलाल वर्मा से संस्कृत ग्रंथों की शिक्षा ग्रहण की थी। इसके बाद ही 1903 में राइट बंधुओं ने विमान बनाया। इसी प्रकार गुरुत्वाकर्षण के बारे में न्यूटन से बहुत ही पहले कॉपरनिकस और उससे भी पहले भास्कराचार्य ने गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत दिया था। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे ने आजादी के तत्काल पश्चात् शिक्षा पद्धति में बदलाव की आवश्यकता बताई थी। लॉर्ड मैकाले ने भारत को गुलाम बनाने के लिए जो शिक्षा पद्धति चलाई वह अभी तक चल रही है। नई शिक्षा पद्धति भारत के समाज, नागरिक और संस्कृति के अनुसार है। नई शिक्षा नीति से निकले हुए विद्यार्थियों के माध्यम से समाज को आगामी कुछ समय में ही परिणाम मिलने लगेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार के पाठ्यक्रम तैयार होने चाहिए जिससे समाज में रोजगार का सृजन हो सके। ज्ञान की विभिन्न शाखाओं का अध्ययन कर युवा उद्यमी बनने चाहिए। इससे देश के विकास में उनका योगदान सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य का निर्माण करने वाली हो। महर्षि दयानंद सरस्वती मानव मूल्यों के साक्षात उदाहरण रहे है। उन्होंने कहा कि देश के 400 कुलगुरुओं तथा 1000 से अधिक शिक्षाविदों ने दो वर्षों तक गहन चर्चा के उपरांत नई नीति को बनाया है। यह शिक्षा पद्धति विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि करने में कारगर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि अर्जित विद्या का व्यवहारिक उपयोग समाज हित में और राष्ट्रहित में किया जाना चाहिए। शिक्षा एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। इसीलिए प्राध्यापकों और अध्यापकों को नई पुस्तकें पढ़ने के साथ ही नई विद्या भी प्राप्त करनी चाहिए। विद्यार्थी को भी पाठ्य पुस्तकों के अतिरिक्त अन्य पुस्तकें को भी पढ़ने में अपना समय देना चाहिए। इससे उनकी बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि दीक्षांत समारोह माता-पिता, परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्वों के स्मरण का दिन होता है। शिक्षा जीवन पर्यंत चलने वाली एक प्रक्रिया है। आज के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और डिजिटल युग में हमें विश्व के साथ-साथ चलना होगा। बढ़ती तकनीक में आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने समाज को बहुत प्रभावित किया है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक जीवन पर इसके दुष्परिणाम देखे जा सकते हैं। नई पीढ़ी को इन दुष्प्रभावों से बचाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति ने चार आश्रमों और चार पुरुषार्थों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था दी है। नालंदा, तक्षशिला और विक्रमशिला के शिक्षा केंद्रों, मैत्रेई, गार्गी, अपाला, घोषा, विश्ववारा जैसी विदुषियों और वराह मिहिर, आर्यभट्ट, चरक, सुश्रुत, आश्वघोष, चाणक्य एवं समर्थ गुरु रामदास जैसे शिक्षकों के कारण भारत विश्व गुरु रहा है। विद्यार्थियों को छत्रपति संभाजी महाराज और महाराणा सांगा जैसे पूर्वजों के पद चिह्नों का अनुकरण करना चाहिए। क्रूर आक्रांताओं को सम्मान देने वाले लोग इस भारत और भारत की संस्कृति के नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण और त्याग होना आवश्यक है। सबके मन में राष्ट्र प्रथम का स्थाई भाव होना चाहिए। स्वराज, स्वधर्म, स्वदेशी और स्वभाषा को साथ लेकर शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी समाज की विकृतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में भारत अपना प्राचीन गौरव पुनः प्राप्त करने के लिए प्रयास कर रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने राजस्थान के विश्वविद्यालय के कुलपतियों को अब कुलगुरु के नाम से जाना जाएगा। यह उनके सम्मान में एक बहुत बड़ा क्रांतिकारी परिवर्तन होगा। नई शिक्षा नीति शिक्षा की सार्थकता और सदुपयोग के लिए महत्वपूर्ण होगी। अनुशासनात्मक, बहुविषयक और बहुआयामी दृष्टिकोण के द्वारा विद्यार्थियों में मूल्य, मान्यताएं और संवेदनाएं विकसित की जानी चाहिए। नई शिक्षा नीति में आधुनिक ज्ञान से जुड़े विषयों के महत्व को प्रतिपादित करने के साथ ही प्राचीन भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान और सनातन जीवन मूल्यों को भी महत्व दिया गया है। युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में पाश्चात्य नरेटिव से बचना होगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. मंजू बाघमार ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थी की जीवन यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है।  recent visitors 41

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धनोतिया के निधन पर दु:ख व्यक्त किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेन्द्र धनोतिया की माताजी श्रीमती लीलादेवी धनोतिया के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्रीमती धनोतिया की आत्मा की शांति और परिजन को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना बाबा महाकाल से की है।   recent visitors 40

4 अप्रैल को अमित शाह का दंतेवाड़ा दौरा, बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में होंगे शामिल

दंतेवाड़ा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 अप्रैल को दंतेवाड़ा दौरे पर आएंगे। दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं ​मिली जानकारी के मुताबिक अमित शाह बस्तर के दंतेवाड़ा जिले जाएंगे। वे वहां आयोजित बस्तर पंडुम (Bastar Pandum) समापन समारोह में शामिल होंगे। यह समारोह बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और उत्सव का प्रतीक है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने की संभावना सूत्रों के अनुसार, अमित शाह नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों से मुलाकात कर सकते हैं और नक्सली गतिविधियों पर चर्चा करने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं। इसके अलावा, चैत्र नवरात्र के अवसर पर मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, शाह के दौरे का आधिकारिक शेड्यूल जारी होने के बाद ही उनके कार्यक्रम की पुष्टि होगी। इलाके में किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम शाह की यात्रा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। हाई स्कूल मैदान और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। डॉग स्क्वायड की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां कड़ी निगरानी रख रही हैं। सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे Amit Shah CG Visit: दंतेवाड़ा के हाई स्कूल मैदान में शाह के दौरे की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यहां 132 फीट चौड़ा और 332 फीट लंबा विशाल डोम बनाया जा रहा है। मुख्य मंच 72 फीट चौड़ा और 40 फीट लंबा होगा। इसके अलावा दो अन्य डोम भी बनाए जा रहे हैं, जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए जाएंगे। साढ़े तीन महीने बाद बस्तर में शाह का दूसरा दौरा अमित शाह लगभग साढ़े तीन महीने बाद बस्तर का दौरा कर रहे हैं। इससे पहले, वे 15 दिसंबर 2024 को जगदलपुर आए थे, जहां उन्होंने बस्तरिया ओलंपिक के समापन कार्यक्रम में शिरकत की थी। इस बार वे बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शामिल होंगे। बस्तर पंडुम में होंगे शामिल मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल के शुरूआती दिनों में अमित शाह अपने बस्तर दौरे पर पंडुम के समापन कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. शाह के दौरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. नवरात्रि के पर्व को देखते हुए सीएम मां दंतेश्वरी के दर्शन करने मंदिर भी जा सकते हैं. 30 मार्च को पीएम मोदी आ रहे हैं पीएम मोदी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का दौरा करेंगे. पीएम छत्तीसगढ आने के पहले नागपुर जाएंगे और सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे. यहां के कार्यक्रम के बाद पीएम छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे. दोपहर करीब 3:30 बजे बिलासपुर में प्रधानमंत्री बुनियादी ढांचे के विकास और सतत आजीविका को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बिजली, तेल और गैस, रेल, सड़क, शिक्षा और आवास क्षेत्रों से संबंधित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे. नक्सलवाद को खत्म करने की ये है डेडलाइन बता दें, अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की ही मिट्टी से ऐलान किया था कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा कर दिया जाएगा. शाह के बयान के बाद लगातार सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद पर कार्रवाई और भी तेज कर दी है. वहीं, नक्सल उन्मूलन के तहत कई सारे नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर घर वापसी कर रहे हैं.   एक नजर इस साल की मुठभेड़ में ढेर नक्सलियों के आंकड़ों पर     4 जनवरी को अबूझमाड़ के जंगल में हुई मुठभेड़ में 5 नक्सलियों को जवानों ने ढेर किया था.     9 जनवरी को सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में 3 नक्सली ढेर हुए थे.     12 जनवरी को बीजापुर जिले में 5 नक्सली ढेर हुए थे.     16 जनवरी को छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पुजारी कांकेर में 18 नक्सली मारे गए थे.      20-21 जनवरी को गरियाबंद जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इसमें एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली चलपति सहित 16 नक्सली ढेर हुए थे.     1 फरवरी को बीजापुर में 8 नक्सली मारे गए थे.     9 फरवरी को बीजापुर के जंगल में ही 31 नक्सली ढेर हुए हैं. ये इस साल का सबसे बड़ा एनकाउंटर है.     और आज 20 मार्च को कांकेर और बीजापुर में 22 नक्सली ढेर हुए हैं. recent visitors 57