टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा की बहन अनम मिर्जा द्वारा आयोजित दावत-ए-रमजान एक्सपो में चली गोलियां

नई दिल्ली टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा की बहन अनम मिर्जा द्वारा आयोजित दावत-ए-रमजान एक्सपो में  गोलियां चली। रिपोर्ट्स के मुताबिक दो दुकानदारों के बीच विवाद के बाद हवाई फायर हुए। हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है।   हैदराबाद के गुडीमलकापुर इलाके में गोलीबारी के बाद तनाव का माहौल बन गया। यह घटना दो दुकानदारों के बीच विवाद बढ़ने के बाद हुई जिसके बाद उनमें से एक ने हवा में गोलियां चला दीं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और इसे लेकर कार्रवाई की। एसीपी कुलसुमपुरा के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) मोहम्मद मुनव्वर के अनुसार एक्सपो में परफ्यूम खरीदने आए फरहान और आयोजकों के बीच झड़प हो गई। एसीपी ने कहा, 'एक तीखी बहस के बाद फरहान और उसके दोस्तों ने अतीकुद्दीन सहित कुछ लोगों पर हमला कर दिया। अचानक, उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और हवा में दो राउंड फायर किए।' इस घटना के सिलसिले में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस गोलीबारी के पीछे के कारणों की जांच कर रही है। अनम मिर्जा की इंस्टाग्राम प्रोफाइल के अनुसार, वह 2012 से एक फैशन क्यूरेटर हैं और उनका यूट्यूब चैनल भी है। recent visitors 36

विद्रोही कचीन आर्मी का खनिज तत्वों पर कब्जा, जिनपिंग की बढ़ेगी टेंशन, म्यांमार में चीन को तगड़ा झटका

नेपीडा म्यांमार में जुंटा शासन और विद्रोही गुटों के बीच चल रही लड़ाई में चीन को झटका लगा है। विद्रोही गुटों ने म्यांमार के दुर्लभ खनिज तत्वों पर कब्जा करते हुए इनके चीन को होने वाले व्यापार को रोक दिया है। कचीन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) के विद्रोहियों ने जुंटा को हराते हुए उत्तरी म्यांमार के कचीन में दुर्लभ खनन क्षेत्र पर कब्जा किया है। एक महत्वपूर्ण संसाधन संपन्न क्षेत्र पर नियंत्रण होना विद्रोही गुट KIA के लिए बड़ी कामयाबी है। वहीं ये घटनाक्रम जुंटा कहे जाने वाले देश की सैन्य शाशकों को झटका है। KIA ने कचीन के खनन क्षेत्र पर कब्जा करते हुए चीन को होने वाली पवन टर्बाइन और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले खनिजों की आपूर्ति को रोका है। इससे इन अहम खनिजों की कीमतें आसमान छू गई हैं। KIA के इस कदम का मकसद चीन पर दबाव बनाना है। चीन ने अभी तक म्यांमार की सैन्य सरकार का समर्थन किया है। चीन का म्यांमार के कचीन राज्य में दुर्लभ पृथ्वी खनन में भारी निवेश है। खनिज संपन्न होने की वजह से भारत भी इस क्षेत्र में दिलचस्पी रखता है। चीन के सामने खनिज तत्वों की कमी कचीन इंडिपेंडेंस आर्मी (KIA) के विद्रोहियों ने बीते साल के आखिर में उन क्षेत्रों पर कब्जा किया, जहां से बड़े पैमाने पर खनिजों निकाले जाते हैं। इससे पवन टर्बाइन और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले खनिजों की चीन को आपूर्ति बाधित हो गई। चीनी सीमा शुल्क के आंकड़ों के अनुसार, म्यांमार से चीन को दुर्लभ पृथ्वी ऑक्साइड और यौगिकों का आयात फरवरी में 311 मीट्रिक टन तक गिर गया है। यह पिछले साल की तुलना में 89 फीसदी कम है। कचीनलैंड रिसर्च सेंटर के कार्यकारी निदेशक डैन सेंग लॉन का कहना है कि KIA वे दुर्लभ पृथ्वी भंडार का इस्तेमाल चीन के साथ बातचीत में दबाव बनाने के लिए करना चाहते हैं। क्षेत्र की जानकारी रखने वाले एक्सपर्ट का कहना है कि भारत भी इस क्षेत्र में दिलचस्पी दिखा रहा है, जो चीन का क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी है। 2024 के अंत में भारत ने एक सरकारी स्वामित्व वाली दुर्लभ पृथ्वी खनन और शोधन कंपनी के अधिकारियों को कचीन भेजा था। KIA क्यों है आक्रामक KIA म्यांमार के कई सशस्त्र समूहों में से एक है, जो जुंटा सैन्य शासन के खिलाफ लड़ रहे हैं। KIA म्यांमार का सबसे बड़ा और सबसे पुराना जातीय मिलिशिया है। कचीन ज्यादातर ईसाई हैं, उनकी बमर बौद्ध बहुसंख्यकों से शिकायतें रही हैं। म्यांमार में 2021 से चल रहे गृह युद्ध में चीन ने जुंटा का साथ दिया है। ऐसे में KIA जैसे विद्रोही गुट चीन पर दबाव बनाकर इस स्थिति को बदलने की कोशिश में हैं। recent visitors 34

CG CM साय से केन्द्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री खट्टर ने की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास में केन्द्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने खट्टर का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नंदी भेंटकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक किरण सिंह देव उपस्थित थे। recent visitors 25

‘सिकंदर’ आ गया है…लंबे इंतजार के बाद सलमान खान ने ईद के मौके पर अपनी फिल्म रिलीज करके फैंस को बड़ी ईदी दी

मुंबई 'सिकंदर' आ गया है…लंबे इंतजार के बाद सलमान खान ने ईद के मौके पर अपनी फिल्म रिलीज करके फैंस को बड़ी ईदी दे दी है. मगर सलमान खान की ईदी फैंस की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरी है?  कैसा है 'सिकंदर' का फर्स्ट हाफ? सलमान खान का अपना एक फैनडम है, जो फिल्म कैसी भी हो, पूरे शो में सीटियो-तालियों से माहौल बनाए रखता है. मगर फर्स्ट हाफ में 'सिकंदर' ने इन फैन्स को अपने बंधे हाथ खोलने का एक भी मौका नहीं दिया है. किसी के हाथ उठे भी हैं तो माथा पकड़ने के लिए. 'सिकंदर' का पूरा फर्स्ट हाफ इतना बिखरा हुआ है कि शायद एडिटर भी ये समझ नहीं पाए कि कौन सा सीन, किस सीन से जुड़ना चाहिए. सलमान की सबसे औसत फिल्में भी 'सिकंदर' जितनी ऊबाऊ नहीं हैं, और ये अपने आप में बहुत कुछ कहता है. उनकी खराब फिल्मों में भी आप ये देख कर एंटरटेन हो सकते थे कि क्या अतिविचित्र आइडिया सोचा गया है. मगर 'सिकंदर' में ये भी नहीं है. फर्स्ट हाफ में ये केवल एक खोखली फिल्म है, जिसमें सलमान अपने डायलॉग बुदबुदा रहे हैं-खुसफुसा रहे हैं और औसतन हर 8 मिनट बाद अपने ही पुराने स्वैग को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं. दिक्कत ये है कि ऐसा करने में वो बार-बार नाकाम हो रहे हैं, जो कि दुखद है. 'सिकंदर' के सेकंड हाफ को झेलना भी मुश्किल फर्स्ट हाफ में 'सिकंदर' का पूरा आइडिया-राइटिंग-प्रेजेंटेशन बुरी तरह बिखर चुका था. सेकंड हाफ पर फिल्म को बर्दाश्त करने लायक बनाने की भारी जिम्मेदारी थी. मगर 'सिकंदर' का सेकंड हाफ, फर्स्ट हाफ से भी ज्यादा गर्त में चला जाता है. फिल्म पूरी होने के बाद आप केवल मुंह बाए आश्चर्यचकित बैठे रह जाते हैं कि आपने आखिर ये देख क्या लिया. फर्स्ट हाफ देखते हुए लग रहा था कि 'सिकंदर' की राइटिंग आखिर कितनी बुरी है. मगर पूरी फिल्म खत्म होने के बाद समझ आता है कि इस फिल्म के लिए राइटिंग जैसी कोई कोशिश हुई ही नहीं. सत्यराज जैसे दमदार एक्टर, सलमान जैसे सुपरस्टार, गजनी-हॉलिडे के डायरेक्टर ए आर मुरुगदास और तमाम कास्ट-क्रू की शक्तियों का एक साथ गलत इस्तेमाल हुआ है. ये सोचना या खोजना अब इन लोगों का काम है कि ये किया किसने है. 'सिकंदर' वो एक जॉब है जिसे लोग अपने सीवी में कभी मेंशन नहीं करना चाहते. ये वो फिल्म है जिसे देखने वाले दर्शक, 4 लोगों के बीच ये बताने से बचते हैं कि उन्होंने ये देखी है. लेकिन दिक्कत ये है कि सलमान के नाम भर से ही इसे कम से कम पहले दिन बहुत दर्शक मिल जाएंगे. मगर उसके बाद जो होगा वो सलमान जैसे जेनुइन सुपरस्टार को 30 साल से पर्दे पर देखते आ रहे किसी भी दर्शक के लिए निराशाजनक होगा. 'सिकंदर' वो फिल्म है जिसके बाद सलमान को ठहरकर सोचना चाहिए कि बॉलीवुड दर्शकों की एक पूरी नई पीढ़ी के सामने वो अपनी क्या विरासत छोड़ना चाहते हैं. recent visitors 37

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया नागपुर का दौरा, दीक्षाभूमि पहुंचकर डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर का दौरा किया। इस दौरान पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय जाकर संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के नए भवन 'माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर' की आधारशिला भी रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागपुर का दौरा किया। इस दौरान पीएम मोदी संघ के स्मृति मंदिर गए। यहां से उन्होंने दीक्षाभूमि पहुंचकर डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। यहां डॉ. आंबेडकर ने 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित और समावेशी भारत का निर्माण ही भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।   पीएम मोदी ने दीक्षाभूमि पर श्रद्धांजलि अर्पित की नागपुर की अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने दीक्षाभूमि पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जहां अंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था। वे दीक्षाभूमि में स्तूप के अंदर गए और वहां रखी आंबेडकर की अस्थियों को श्रद्धांजलि दी।   'सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों को महसूस किया जा सकता है' कार्यक्रम स्थल पर आगंतुकों की डायरी में हिंदी में लिखे अपने संदेश में मोदी ने कहा, 'मैं अभिभूत हूं कि मुझे नागपुर में डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के पांच 'पंचतीर्थ' में से एक दीक्षाभूमि पर जाने का अवसर मिला। यहां के पवित्र वातावरण में बाबासाहब के सामाजिक सद्भाव, समानता और न्याय के सिद्धांतों को महसूस किया जा सकता है।'   उन्होंने आगे लिखा कि दीक्षाभूमि लोगों को गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के लिए समान अधिकार और न्याय की व्यवस्था के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि इस अमृत कालखंड में हम बाबासाहब के मूल्यों और शिक्षाओं के साथ देश को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। एक विकसित और समावेशी भारत का निर्माण करना ही बाबासाहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।' पीएम मोदी ने आखिरी बार 2017 में दीक्षाभूमि का दौरा किया था। recent visitors 36

वनांचल एवं सुदूर क्षेत्रों में न्याय व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिषा में अंबागढ़ चैकी में फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रारंभ होना महत्वपूर्ण कदम : रमेष सिन्हा

  रायपुर छत्तीसगढ़ के एक सुदूर पहाड़ी वनांचल क्षेत्र, अंबागढ़ क्षेत्र अंबागढ़ चैकी में दिनांक: 29 मार्च, 2025 को माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेष सिन्हा, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जिला एवं अपर न्यायाधीष (फास्ट ट्रैक कोर्ट) का वर्चुअल शुभारंभ किया, इस अवसर पर पोर्टफोलियो न्यायाधीष राजनांदगांव माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय एस. अग्रवाल वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।         माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेष सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंबागढ़ चैकी प्राकृतिक सौंदर्य एवं संसाधन से परिपूर्ण वनांचल क्षेत्र है, किन्तु अंबागढ़ चैकी के क्षेत्र के निवासियों को न्याय प्राप्त करने के लिए जिला मुख्यालय राजनांदगांव तक 100 से 150 किलोमीटर तक लंबा सफर तय करना पड़ता था, अंबागढ़ चैकी में जिला एवं अपर न्यायाधीष न्यायालय का शुभारंभ होने के पष्चात् सुदूर वनांचल के पक्षकारों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों व अधिवक्ताओं के लिए न्याय सुलभ प्राप्त हो सकेगा। माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेष सिन्हा ने विचार व्यक्त किया कि अंबागढ़ चैकी में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना समय की जरूरत थी, न्यायालय के प्रारंभ होने से सुदूर वन क्षेत्रों के उन निवासियों को अत्यंत सुविधा होगी जो 100 से 150 किलोमीटर दूर से अपने प्रकरणों की सुनवाई के लिए जिला राजनांदगांव जाते थे और समय अधिक हो जाने से उनकी वापसी बेहद मुष्किल हो जाती थी।         माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा इस अवसर पर न्यायालय में पदस्थ किये गये न्यायाधीष एवं न्यायालय के कर्मचारी गणों को बधाई देते हुए व्यक्त किया कि वे अपने न्यायिक कार्य एवं व्यवहार से क्षेत्र के निवासी, पक्षकार एवं अधिवक्ता गण की अपेक्षाओं की पूर्ति करने हेतु शीघ्र एवं सुलभ न्याय प्राप्त कराने के लिए सहायक होंगे।         ष्यह विषेष रूप से उल्लेखनीय है कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय श्री रमेष सिन्हा के द्वारा विगत 02 वर्ष पूर्व दिनांक: 29 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधिपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा अपनी पदस्थापना के तत्काल बाद से छत्तीसगढ़ न्यायपालिका में अधोसंरचना के विकास पर जोर दिया गया। इस दौरान माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जिला एवं तहसील न्यायालयों का दौरा करके न्यायिक अधोसंरचना के विकास एवं मूलभूत आवष्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रतिबद्धता के साथ प्रयास किया। जिसके फलस्वरूप 02 वर्ष की अल्प अवधि में वर्ष 2023-24 में कुल 1,57,61,209 रूपये की लागत से 94 निर्माण कार्य तथा वर्ष 2024-25 में कुल 1,45,62,62,975 की लागत से 162 निर्माण कार्य संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के न्यायालय भवनों में अभिवृद्धि एवं सुधार कार्य हुए। वर्तमान में विभिन्न जिला न्यायालयों में 61,  परिवार न्यायालय में 02 एवं कामर्षियल कोर्ट में 03, कुल 66 नवीन कक्ष निर्माणाधीन हैं, न्यायिक अधोसंरचना एवं संसाधन में उपरोक्त अभिवृद्धि एवं सुधार कार्य के फलस्वरूप प्रकरणों के निराकरणों में तीव्रता आयी है एवं 01.04.2023 से 28.02.2025 तक जिला न्यायालय स्थापना के द्वारा 7,13,791 प्रकरण निराकृत हुए हैं जिससे त्वरित न्याय की अवधारणा साकार हुई है।         माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के कुषल नेतृत्व, कल्याणकारी दृष्टिकोण एवं दूरदर्षिता के परिणाम स्वरूप राजनांदगांव जिला के दूरस्थ वनांचल अंबागढ़ चैकी में अधोसंरचना विकास के साथ अपर जिला न्यायाधीष न्यायालय का प्रारंभ होना एक मील का पत्थर है, जिससे छत्तीसगढ़ न्याय पालिका में अधोसंरचना के विकास की गति को शीघ्रता प्राप्त हुआ है।         इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल एवं अन्य अधिकारी गण, राज्य न्यायिक अकादमी के अधिकारी गण, राजनांदगांव जिले के न्यायाधीष गण, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चैकी के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, अधिवक्ता संघ, राजनांदगांव एवं अधिवक्ता संघ, अंबागढ़ चैकी के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। recent visitors 28

पीएम की यात्रा के बीच आरएसएस ने कहा संघ-भाजपा के बीच नहीं है कोई मतभेद, हमारी विचारधारा को आगे बढ़ाएंगे मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी पहली बार रविवार को नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के हेडक्वार्टर पहुंचे। किसी भी प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। पीएम की यात्रा के बीच आरएसएस ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ कोई मतभेद नहीं है। पीएम मोदी के इस दौरे को बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बताते हुए आरएसएस के शेषाद्रि चारी ने कहा, "लोग हमेशा आरएसएस और बीजेपी के संबंधों के बारे में बात करते हैं। पहले भी बात करते रहे हैं। बीजेपी और आरएसएस के बीच कोई मतभेद नहीं है।" आरएसएस नेता ने कहा, "जो लोग संघ और बीजेपी के बारे में कुछ नहीं जानते वही लोग कहते हैं कि बीजेपी और आरएसएस के बीच मतभेद हैं। जो लोग इन झूठी बातों को फैलाते हैं वे अपनी राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा करते हैं।" आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे की शुरुआत नागपुर स्थित स्मृति मंदिर में संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित करके की। आरएसएस नेता ने कहा, "यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री मोदी पीएम बनने के बाद यहां आ रहे हैं। यह एक बहुत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौरा है। यह आरएसएस के 100 वर्षों का उत्सव है। इसके लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।" उन्होंने आगे कहा, "संघ के पास देश के मुद्दों पर बहुत सारी राय है। इन मुद्दों को पीएम मोदी आगे बढ़ाएंगे। वे पहले भी ऐसा कर चुके हैं। सरकार का काम भारत को एक मजबूत देश बनाना है। एक विकसित भारत बनाना है।" प्रधानमंत्री मोदी के नागपुर दौरे के दौरान स्मृति मंदिर (आरएसएस), दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय और सोलर इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स का दौरा करने के अलावा वे माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर का शिलान्यास करने के लिए पहुंचे। यहां उन्होंने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में लॉइटरिंग म्युनिशन टेस्टिंग रेंज और UAV रनवे का उद्घाटन भी करेंगे। recent visitors 33