चांदनी बिहारपुर वन परिक्षेत्र के चंपाजोर जंगल में घूमता दिखा बाघ, राहगिरों ने बनाया

सूरजपुर जिले के कुदरगढ़ क्षेत्र में आज सुबह-सुबह एक बाघ घूमता हुआ दिखाई दिया. यह बाघ चांदनी बिहारपुर वन परिक्षेत्र के चंपाजोर जंगल में नजर आया. इसी दौरान ओड़गी-बिहारपुर मार्ग से गुजर रहे राहगीरों ने बाघ का वीडियो बना लिया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हो रहा है, जिसके बाद से इलाके में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है. आज से कुदरगढ़ धाम में चैत्र नवरात्र मेला शुरू हो रहा है, जिसमें लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचने वाले हैं. ऐसे में वन विभाग और प्रशासन दोनों ही बाघ की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं. वन विभाग बाघ की मूमेंट पर कड़ी निगाह रखे हुए है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके. recent visitors 23

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन भक्तिमय हुआ छत्तीसगढ़, प्रदेशभर के देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी

रायपुर आज चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होते ही छत्तीसगढ़ के सभी देवी मंदिर जगमग हो उठे हैं. सुबह से ही राजधानी रायपुर के महामाया मंदिर, कंकाली मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर सहित सहित प्रदेशभर के देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. दूर-दूर से श्रद्धालु मां के दर्शन पहुंच रहे हैं और आशिर्वाद ले रहे हैं. आज माता का विशेष श्रंगार किया गया है. साथ ही मंदिर प्रांगण को भी फूलों से सुंदर सजाया गया है. सभी देवी मंदिरों में आज मां की विशेष पूजा की जाएगी. वहीं सभी मंदिरों में चैत्र माह में माता के भक्त घरों में भी जंवारा, ज्योति कलश की स्थापना की तैयारियों में लगे हुए हैं. डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी के दरबार में भी नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. सुबह से ही भक्त लंबी कतारों में खड़े नजर आए, जहां वे मां के दर्शन के लिए आतुर थे. देशभर में शक्ति उपासना के साथ नवरात्रि की धूम मच चुकी है, और डोंगरगढ़ सहित अन्य प्रमुख शक्ति पीठों पर भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. अगले आठ दिनों तक मंदिरों में माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय रहेगा. प्रशासन ने मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो. रतनपुर स्थित मां महामाया के मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है, जो चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मां के दरबार में शीश नवाने पहुंचे हैं. बता दें, इस बार माता पंचग्राही मुहूर्त में हाथी पर सवार होकर आ रही हैं. धर्मशात्रिरयों के अनुसार यह पंचग्राही मुहूर्त श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण करने वाला है. आठ दिनों की नवरात्रि में द्वितीया और तृतीया तिथि एक ही दिन आ रही है.   recent visitors 22

आज से हिन्दू नववर्ष यानि नव संवत्सर 2082 शुरू, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को नववर्ष विक्रम संवत् 2082 और गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं दी हैं। आज से हिन्दू नववर्ष यानि नव संवत्सर 2082 शुरू हुआ। गुड़ी पड़वा के दिन हिन्दू नव संवत्सरारम्भ माना जाता है। चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा या वर्ष प्रतिपदा भी कहा जाता है। इस दिन हिन्दू नववर्ष विक्रम संवत् का आरम्भ होता है। विक्रम संवत् का आरम्भ 57 ई.पू. में हुआ था। इसी प्रतिपदा के दिन आज से 2081 वर्ष पूर्व उज्जयनी नरेश महाराज विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांत शकों से भारत-भू का रक्षण किया और इसी दिन से काल गणना प्रारंभ की।   शालिवाहन शक का प्रारंभ इसी दिन से डॉ मोहन यादव ने कहा- उपकृत राष्ट्र ने भी उन्हीं महाराज के नाम से विक्रमी संवत कह कर पुकारा। विक्रम संवत् हमारा राष्ट्रीय संवत् कहलाता है। यह सर्वथा शुद्ध और वैज्ञानिक है। यह हमारी अस्मिता और स्वाधीनता के अनुरक्षण तथा शत्रुओं पर विजय का प्रतीक भी है। इसी संवत् के अनुसार ही हमारे सभी धार्मिक अनुष्ठान, तीज त्यौहार जैसे – होली, दीवाली, दशहरा आदि मनाए जाते है। मराठी राजा शालिवाहन ने मिट्टी के सैनिकों की सेना से प्रभावी शत्रुओं (शक) का पराभव किया। इस विजय के प्रतीक रूप में शालिवाहन शक का प्रारंभ इसी दिन से होता है। इसी दिन ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया ‘ युग‘ और ‘आदि‘ शब्दों की संधि से बना है ‘युगादि‘। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में ‘उगादि‘ और महाराष्ट्र में यह पर्व ‘ गुढी पाडवा ‘ अर्थात् मराठी नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन चैत्र नवरात्रि का प्रारम्भ होता है। कहा जाता है कि इसी दिन ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया था। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने वानरराज बाली के अत्याचारी शासन से दक्षिण की प्रजा को मुक्ति दिलाई थी। बाली के त्रास से मुक्त हुई प्रजा ने घर-घर में उत्सव मनाकर ध्वज (ग़ुड़ियां) फहराए। आंध्र प्रदेश में घरों में ‘पच्चड़ी/प्रसादम‘ तीर्थ के रूप में बांटा जाता आज भी घर के आंगन में ग़ुड़ी खड़ी करने की प्रथा महाराष्ट्र में प्रचलित है। इसीलिए इस दिन को गुढीपाडवा नाम दिया गया। इसलिये इसे मराठी नया साल भी कहते हैं। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश में घरों में ‘पच्चड़ी/प्रसादम‘ तीर्थ के रूप में बांटा जाता है। कहा जाता है कि इसका निराहार सेवन करने से मानव निरोगी बना रहता है। महाराष्ट्र में पूरन पोली या मीठी रोटी बनाई जाती है। इसमें जो चीजें मिलाई जाती हैं वे हैं–गुड़, नमक, नीम के फूल, इमली और कच्चा आम। recent visitors 25

अशोकनगर में सिंधिया की जनसुनवाई के दौरान गुड्डीबाई खुशी के आंसू नहीं रोक पाईं, महिला को गले लगाकर संभाला

अशोकनगर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जनसुनवाई के दौरान एक महिला अपने खुशी के आंसू नहीं रोक पाईं। सिंधिया ने महिला को गले लगाकर संभाला। उन्होंने दिलासा दिया और आश्वासन दिया कि जनता की रक्षा के लिए वे हमेशा खड़े रहेंगे। वहीं उन्होंने क्रिकेट की पिच पर भी हाथ आजमाया। सिंधिया ने विधायक की गेंदों पर जमकर चौके-छक्के लगाए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन दिवसीय मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के दौरे पर हैं। कई कार्यक्रम में शिरकत की। अशोकनगर में सिंधिया की जनसुनवाई के दौरान गुड्डीबाई खुशी के आंसू नहीं रोक पाईं। उन्होंने मंत्री सिंधिया को धन्यवाद दिया कि कैसे उनकी त्वरित कार्रवाई से गुंडों द्वारा कब्जाई गई उनकी जमीन उन्हें वापस मिली। एसडीएम अशोकनगर की सहायता से न केवल कब्जा हटाया गया, बल्कि जनसुनवाई शिविर में ही उन्हें जमीन पट्टे का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया, जो अब अमल में आ चुका है। सिंधिया ने गुड्डीबाई को गले लगाकर दिलासा दिया और आश्वासन दिया कि जनता की रक्षा के लिए वे हमेशा खड़े रहेंगे। क्रिकेट की पिच पर की बल्लेबाजी वहीं सिंधिया देर रात मुंगावली में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने क्रिकेट की पिट पर जमकर बल्लेबाजी की। विधायक बृजेंद्र सिंह की गेंदों पर खूब चौके-छक्के लगाए। इस दौरान उन्होंने कहा कि 12 घंटे की थकान, मैदान में आते ही खत्म हो जाती है, ये खेल का महत्व है। राजनीति और खेल में बहुत अंतर है। वहीं उन्होंने कहा कि अगली बार विधायक और सांसद इलेवन की टीमें होनी चाहिए। आपको बता दें कि विधायक के बेटे इस नाइट टूर्नामेंट का आयोजन कर रहे हैं। recent visitors 35

नेहरूगंज इलाके में देर रात तीन मकानों में लगी भीषण आग, दिव्यांग बुजु्र्ग की जिंदा जलकर मौत, जांच जारी

इटारसी देर रात शहर के नेहरूगंज इलाके में भीषण आग लग गई। आग की लपटों में तीन परिवारों की गृहस्थी जलकर खाक हो गई। हादसे के दौरान एक घर में सो रहे दिव्यांग बुजुर्ग की आग की लपटों में घिरने से मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आग इतनी भीषण थी कि इटारसी, आयुध निर्माणी और नर्मदापुरम की 20 दमकलों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। जानकारी के अनुसार नेहरूगंज इलाके में खपरैल मकान में रहने वाले दिव्यांग राजेंद्र सिंह राजपूत के कच्चे मकान में लगी, आग की लपटों ने पड़ोस के दो घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। नेहरूगंज इलाके में शनिवार-रविवार रात करीब 3 बजे तीन मकानों में आग लग गई। हादसे में एक दिव्यांग व्यक्ति की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने पहले इटारसी इसके बाद नर्मदापुरम और आयुध निर्माणी के दमकल वाहनों की मदद ली। पुराने लकड़ी का मकान होने से आग तेजी से भड़क चुकी थी, जिसे बुझाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। दिव्यांग राजेंद्र सिंह राजपूत की बेटी नंदिनी ने बताया कि आग उनके पिता के कमरे में लगी थी, तब वे गहरी नींद में थे। आग की लपटों में घिरकर जिंदा जल गए आग की लपटों में घिरने की वजह से उन्हें कमरे से बाहर भी नहीं निकाल सके और वे जिंदा जल गए। थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला के अनुसार पड़ोस में रहने वाले वकील रवि सावदकर और अजय गंगराड़े के मकानों को भी आगजनी में नुकसान हुआ है। सुबह आग बुझने के बाद शव को पुलिस ने बाहर निकाला। बताया गया है जिन मकानों में आग लगी है, वे बालाजी मंदिर समिति की संपत्ति हैं, जिन्हें खाली करने को लेकर भी विवाद चल रहा था। आग लगने के कारणों की पुलिस जांच कर रही है। recent visitors 21

खत्म हुआ 20 साल का इंतजार, US की कंपनी भारत में ही बनाएगी परमाणु रिएक्टर, चीन के खिलाफ एक और चाल

नई दिल्ली करीब दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते के तहत भारत में परमाणु रिएक्टरों के निर्माण और डिजाइन के लिए अमेरिकी कंपनी को एक ऐतिहासिक मंजूरी मिल गई है। अमेरिकी ऊर्जा विभाग (DoE) से 26 मार्च को मिली मंजूरी के बाद होल्टेक इंटरनेशनल को हरी झंडी मिल गई है। अब अमेरिकी कंपनी को भारत में न्यूक्लियर रिएक्टर बनाने और डिजाइन करने की अनुमति मिल सकती है। होल्टेक को भारत की तीन कंपनियों (होल्टेक एशिया, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड) को अप्रशिक्षित छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) तकनीक ट्रांसफर करने की अनुमति दी गई है। होल्टेक इंटरनेशनल भारतीय-अमेरिकी उद्योगपति क्रिस पी सिंह द्वारा प्रमोट की गई कंपनी है। इसने 2010 से पुणे में एक इंजीनियरिंग यूनिट और गुजरात में एक निर्माण यूनिट स्थापित की है। इस मंजूरी के बाद होल्टेक के लिए यह भी संभव है कि वह बाद में इसमें संशोधन की मांग कर सके और अन्य सरकारी संस्थाओं जैसे कि न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL), NTPC और एटॉमिक एनर्जी रिव्यू बोर्ड (AERB) को भी इस सूची में जोड़ सके। हालांकि, इसके लिए भारत सरकार से जरूरी गैर-प्रसार (Non-Proliferation) आश्वासन की आवश्यकता होगी, जो कि इन सरकारी संस्थाओं से अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। होल्टेक को भारतीय कंपनियों को केवल शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों के लिए यह तकनीक ट्रांसफर करने की अनुमति है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इसका उपयोग परमाणु हथियारों या किसी भी सैन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। इस समझौते के बाद, भारत की परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति देखने को मिल सकती है। इससे देश को नई, सुरक्षित और प्रभावी परमाणु रिएक्टर तकनीकों का लाभ मिल सकता है। वर्तमान में भारत का परमाणु कार्यक्रम मुख्य रूप से भारी पानी रिएक्टरों (PHWRs) पर आधारित है, जो अब विश्व में अधिकांश परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में उपयोग होने वाली प्रेसराइज्ड वाटर रिएक्टर (PWRs) तकनीक से मेल नहीं खाता। होल्टेक का SMR-300 डिजाइन अमेरिका के ऊर्जा विभाग के एडवांस्ड रिएक्टर डेमॉन्स्ट्रेशन प्रोग्राम द्वारा समर्थित है। यह छोटे रिएक्टरों के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। इसके अतिरिक्त होल्टेक के पास गुजरात में एक गैर-परमाणु निर्माण यूनिट है। अगर प्रस्तावित निर्माण योजनाएं मंजूर होती हैं तो कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना करने की योजना बना सकती है। यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई दिशा दिखा सकता है। भारत और अमेरिका मिलकर चीन को प्रतिस्पर्धा देने की स्थिति में आ सकते हैं। चीन भी छोटे रिएक्टरों के क्षेत्र में अग्रसर है और इसे वैश्विक दक्षिण में अपनी कूटनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में देखता है। recent visitors 34

सागर के तिलकगंज इलाके में तड़के सुबह लकड़ी टाल में आग लग गई, आग ने पूरे टाल की लकड़ी को अपनी चपेट में लिया

सागर सागर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के तिलकगंज में रविवार तड़के सुबह लकड़ी टाल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे टाल की लकड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयंकर थी कि नगर निगम के साथ आसपास के निकाय, बीना रिफाइनरी और सेना की फायर ब्रिगेड की लारियों को आग बुझाने के लिए बुलाया गया है। सूचना के बाद मौके पर एसडीएम सहित तहसीलदार सीएसपी व पुलिस बल मौके पर मौजूद है। नगर निगम के दो दर्जन से अधिक कर्मचारी, सेना के जवान आग बुझाने में जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार तिलकगंज में झूला चौराहे पर स्थित हरविंदर सिंह के लकड़ी ताल पर सुबह तड़के करीब 5 बजे आग लग गई। आग की सूचना पर कटरा पर खड़ी नगर निगम की फायर लारी मौके पर पहुंची, जिसने आग बुझाने का काम शुरू किया। लेकिन आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते वह पूरे टाल में फैल गई। करीब 5000 वर्ग फीट में रखी लकड़‍ियों में आग फैलने के बाद उसे काबू करना काफी मुश्किल हो गया। आग को अनियंत्रित होता देख मौके पर सेना की दमकल गाड़ियों को बुलाया गया। सुबह 9 बजे तक दो दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी रही। आसपास के गोदाम व मकानों को खाली कर लिया गया है। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई, जिन्हें कोतवाली पुलिस के कर्मचारी हटाते रहे। सुबह करीब आठ बजे आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन लकड़‍ियों में लगी आग सुलगती रही। इसे हटाने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। मशीन से लकड़‍ियों को हटाकर दमकल से लगातार पानी डाला जा रहा है। recent visitors 26