प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का जल गंगा संवर्धन महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन आज से शुरू होने जा रहा है

भोपाल प्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का "जल गंगा संवर्धन" महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन आज से से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन स्थित क्षिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ "जल गंगा संवर्धन अभियान" का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव हर दिन एक छोटी-बड़ी जल संरचना को लोकार्पित करेंगे। जल संरक्षण के इस अभियान से प्रदेश में भूजल स्तर में सुधार आएगा। पानी की बूंद-बूंद बचाएं, तभी हमारी सांसें बचेंगी। मध्यप्रदेश सरकार जन, जल, जंगल, जमीन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जल संरक्षण अभियान देशभर में एक व्यापक जन-आंदोलन बना है। राज्य सरकार भी 'खेत का पानी खेत में-गांव का पानी गांव में' के सिद्धांत पर जल संरक्षण की दिशा में अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान" में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि "जल गंगा संवर्धन अभियान", प्रदेश में जल की प्रचुर उपलब्धता और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रदेशव्यापी जल संवर्धन अभियान में जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, पर्यावरण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, उद्यानिकी एवं कृषि सहित 12 से अधिक अन्य विभाग साथ मिलकर जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य करेंगे। अभियान की थीम 'जन सहभागिता से जल स्त्रोतों का संवर्धन एवं संरक्षण' रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संचय की विभिन्न गतिविधियां संचालित करने जैसे – पौध-रोपण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम चलाने, स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने, ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, नदियों पर छोटे बांध निर्माण एवं नदियों के संरक्षण के लिए जलधारा के आसपास फलदार पौधों के रोपण और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से भी अपील की है कि वे जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान दें और प्रदेश में अभियान के दौरान इसे एक को जन-आंदोलन बनाएं। "जल गंगा संवर्धन अभियान" में होंगे महत्वपूर्ण कार्य     पंचायत स्तर पर तालाबों के निर्माण, वन्य जीवों के लिए वन क्षेत्र और प्राणी उद्यानों में जल संरचनाओं के पुनर्विकास के कार्य किये जायेंगे।     अभियान के 90 दिनों में प्रदेश की 90 लघु एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।     नदियों में जलीय जीवों को पुनर्स्थापित किया जाएगा।     लघु एवं सीमांत किसानों के लिए 50 हजार नए खेत-तालाब बनाए जाएंगे।     ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व के तालाबों, जल स्त्रोतों एवं देवालयों में कार्य किए जाएंगे।     पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 1000 नए तालाबों का निर्माण करेगा।     प्रदेश की 50 से अधिक नदियों के वॉटर शेड क्षेत्र में जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य होंगे।     नदियों की जल धाराओं को जीवित रखने के लिए गेबियन संरचना, ट्रेंच, पौध-रोपण, चेकडैम और तालाब निर्माण पर जोर दिया जायेगा।     नर्मदा परिक्रमा पथ का चिन्हांकन कर जल संरक्षण एवं पौध-रोपण की कार्य योजना तैयार होगी।     ग्रामीण क्षेत्रों में पानी चौपाल आयोजित होंगी। स्थानीय लोगों को जल संरचनाओं के रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।     प्रत्येक गांव से महिला-पुरुष का चयन कर प्रदेश में लगभग 1 लाख जलदूत तैयार किए जाएंगे।     सीवेज का गंदा पानी जल स्त्रोतों में न मिले, इसके लिए सोक पिट निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा।     नहरों के संरक्षण, जलाशयों से रिसाव रोकने, तालाबों की पिचिंग, बैराज मरम्मत कार्य होंगे।     नगरीय विकास एवं आवास विभाग जल संरचनाओं के संवर्धन का कार्य करेगा।     नहरों को मार्क कर विलेज-मेप पर "शासकीय नहर" के रूप में अंकित किया जाएगा।     बांध तथा नहरों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। करीब 40 हजार किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली का सफाई कार्य होगा।     फ्लशबार की मरम्मत और स्लूस-वैल की सफाई कार्य भी होंगे।     सदानीरा फिल्म समारोह, जल सम्मेलन, प्रदेश की जल परंपराओं पर आख्यान, चित्र प्रदर्शनी समेत विभिन्न आयोजन किये जायेंगे।   recent visitors 59

मप्र के छतरपुर में राजीनामा न करने पर फायरिंग, एक मौत और आधा दर्जन घायल

छतरपुर। जिले के एक गांव में आपसी रंजिश को लेकर दो पक्षों में फायरिंग की वारदात हो गई। इस फायरिंग में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई और लगभग आधा दर्जन लोग घायल है। घायलों को उपचारार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायरिंग की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और घायलों को अस्पताल भिजवाकर मामले की जांच में जुट गई है। दरअसल घटना महाराजपुर थाना क्षेत्र के खिरवा गांव की है। दोपहर में चबूतरे को लेकर दोनों पक्षों में मामूली विवाद हुआ था। विवाद सुलह होने के बाद देर रात फिर फायरिंग की बड़ी घटना हो गई जिससे भुज्जन पाल 40 वर्ष की मौत हो गई है। घायल पक्ष का आरोप है कि 307 के मामले में मृतक पक्ष पर आरोपी पक्ष आपसी राजीनामा का दबाब बना रहा था। इसी बात को लेकर की आधा दर्जन लोगों ने फायरिंग कर दी। 100 डायल के जरिए घायलों को जिला अस्पताल छतरपुर पहुंचाया गया। घटना की जानकारी लगते ही देर रात काग्रेस के पूर्व विधायक नीरज दीक्षित भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों के समुचित इलाज के लिए डॉक्टरों से चर्चा। जानकारी घायल सज्जन पटेल ने दी। recent visitors 116

मध्य प्रदेश में गंभीर अपराधों की विवेचना कर शीघ्र निपटान के लिए जिलों को चार श्रेणियों में बांट दिया, दिए निर्देश

भोपाल मध्य प्रदेश में गंभीर अपराधों की सूची के साथ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने गंभीर अपराधों की विवेचना कर शीघ्र निपटान के लिए जिलों को चार श्रेणियों में बांट दिया है। इसके साथ ही सभी जिलों को अपराधों के निराकरण के लिए वार्षिक लक्ष्य भी दिया गया है। पुलिस मुख्यालय की सीआइडी शाखा के माध्यम से डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस प्रमुखों से गंभीर, सनसनीखेज और जघन्य अपराधों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। विभिन्न श्रेणियों में शामिल जिले और वार्षिक लक्ष्य ए-श्रेणी के जिलों में इंदौर शहर, भोपाल शहर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, देवास, धार, उज्जैन,रतलाम, रीवा है। इनके लिए 40 गंभीर अपराध का लक्ष्य रखा गया है। – बी- श्रेणी के जिलों में बैतूल, खरगोन, रायसेन, नरसिंहपुर, शिवपुरी, छतरपुर, सिंगरौली, सीहोर, झाबुआ, छिंदवाड़ा, विदिशा, मुरैना, खंडवा, बड़वानी, इंदौर देहात, राजगढ़, सतना, सीधी, भिंड, सिवनी, गुना, शहडोल, मंदसौर, अशोकनगर, पन्ना, बालाघाट, नर्मदापुरम, दतिया, टीकमगढ़, दमोह, शाजापुर, कटनी हैं। इनके लिए 20 गंभीर अपराध का लक्ष्य। – सी- श्रेणी के जिलों में आलीराजपुर, श्योपुर, हरदा, अनूपपुर, डिंडौरी, नीमच, मऊगंज, उमरिया, आगर-मालवा, मैहर, भोपाल देहात, बुरहानपुर हैं। इनके लिए 15 गंभीर अपराध। – डी-श्रेणी के जिलों में निवाड़ी, पांढुर्णा, रेल भोपाल, रेल जबलपुर, रेल इंदौर के लिए पांच गंभीर अपराध का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गंभीर एवं सनसनीखेज अपराधों में ये शामिल हत्या के वीभत्स प्रकरण जैसे जिंदा जला देना, दिनदहाड़े सार्वजनिक स्थल पर गोली, चाकू, तलवार या अन्य हथियार से निहत्थे व्यक्ति की हत्या कर देना, सामूहिक हत्याकांड। – संगठित अपराध एवं गंभीर श्रेणी के आर्थिक अपराध। – हत्या के साथ डकैती, बैंक, सराफा एवं सार्वजनिक स्थल पर दिनदहाड़े डकैती। – सामूहिक बलात्कार/नाबालिग के साथ दुष्कृत्य। – आतंकवादी कृत्य। – अपहरण के साथ हत्या। – पुरातात्विक महत्व की मूर्तियों की चोरी जिनसे जनसामान्य की धार्मिक भावनाएं जुड़ी हों। – अन्य ऐसे आपराधिक प्रकरण जिनसे जनता में भय/दहशत या असुरक्षा की भावना पैदा होती हो। – तेजाब से हमलों के प्रकरण। – 12 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के साथ बलात्कार और नाबालिग बालिकाओं के साथ सामूहिक बलात्कार की हुई सभी आपराधिक घटनाएं। – नक्सलियों द्वारा घटित अपराध। – बड़े स्तर के सफेदपोश अपराध जैसे बड़े एवं महत्वपूर्ण बैंक धोखाधड़ी, मनी लांडरिंग, बड़े साइबर फ्राड आदि। – बड़े पैमाने पर मिलावटी खाद्य पदार्थ निर्माण करने वाली फैक्ट्री (जैसे नकली दूध, मावा, तेल, घी, मिठाई, नमकीन, मसाला आदि) के विरुद्ध पंजीबद्ध किए गए महत्वपूर्ण आपराधिक प्रकरण। – साइबर क्राइम एवं एनडीपीसी एक्ट के बड़े स्तर के महत्वपूर्ण प्रकरण जिसका समाज पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। – वन्यजीवों से संबंधित महत्वपूर्ण एवं गंभीर अपराध।   recent visitors 25

एलन मस्क के खिलाफ अमेरिका में फूंक दी टेस्ला की कई कारें

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास एलन मस्क की मुसीबतें इन दिनों जा रही है। अमेरिका की सरकार में दक्षता विभाग के प्रमुख का पद संभाल रहे मस्क के खिलाफ दुनियाभर में प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शनिवार को हजारों लोगों ने सड़क कर उतरकर मस्क के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान लोगों ने टेस्ला की कारों की भी निशाना बनाया। लोगों ने टेस्ला की कई कारें को आग के हवाले कर दिया। वहीं अमेरिका के अलावा ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में भी लोग मस्क के प्रति नाराजगी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक लोग DOGE प्रमुख के रूप में मस्क की नीतियों का विरोध करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मस्क ने इस विभाग के तहत काम कर लोगों की संवेदनशील जानकारी हासिल की है और सरकारी खर्च में कटौती करने का हवाला देते हुए एजेंसियों को बंद करने कर दिया है। इससे हजारों लोगों की नौकरी एक झटके में छीन गई है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। टेस्ला के शोरूम को बनाया निशाना एलन मस्क के इन कदमों को लेकर लोग बेहद नाराज हैं और इसीलिए वे मस्क की संपत्ति को निशाना बना रहे हैं। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की अनुमानित 340 बिलियन डॉलर की संपत्ति में सबसे बड़ा हिस्सा टेस्ला कंपनी के शेयर हैं। शनिवार को अमेरिका मेंटेस्ला के सभी 277 शोरूम और सेंटर पर लोगों की भीड़ टूट पड़ी। टेक्सास, न्यूजर्सी, मैसाचुसेट्स, कनेक्टिकट, न्यूयॉर्क, मिनेसोटा और अमेरिका के कई अन्य हिस्सों में टेस्ला डीलरशिप के बाहर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन किया। नारे लगाते दिखे लोग प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग 'टेस्ला को जलाओ, लोकतंत्र बचाओ', 'अमेरिका को मस्क से मुक्त करो', 'नाजी कारें न खरीदें' जैसे पोस्टर लिए नजर आ रहे हैं। शिकागो के एक शोरूम के बाहर कई दर्जन लोगों ने "एलन मस्क को जाना होगा!" जैसे नारे लगाए हैं। वहीं ब्रिटेन में भी प्रदर्शनकारियों ने मस्क के फैसले के विरोध में 'नाजी कार न खरीदें', 'दिवालिया एलन' जैसे नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर टेस्ला की कारों को आग लगा दी। मस्क को मिला है राष्ट्रपति का साथ बता दें कि अमेरिका में इससे पहले भी टेस्ला की गाड़ियों को निशाना बनाया गया है। मस्क ने कहा है कि वे हमलों से स्तब्ध हैं और यह पागलपन तुरंत रुकना चाहिए। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी एलन मस्क का साथ देते दिखे हैं। उन्होंने कहा है कि टेस्ला की गाड़ियों पर हमले करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा और उन्हें 20 साल तक के लिए जेल भेज दिया जाएगा। recent visitors 40

पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों से RBI के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 10 अप्रैल तक KYC डिटेल अपडेट करने की अपील की है

मुंबई अगर आप पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ग्राहक हैं तो आपके लिए काम की खबर है। पंजाब नेशनल बैंक ने ग्राहकों से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप 10 अप्रैल, 2025 तक अपने नो योर कस्टमर (KYC) डिटेल अपडेट करने की अपील की है। बता दें कि यह 31 मार्च, 2025 तक KYC अपडेट होने वाले खातों पर लागू होता है। ऐसे में KYC अपडेट न करने पर खाता बंद भी हो सकता है। बैंक ने कहा कि ग्राहक सहायता के लिए निकटतम PNB ब्रांच में जा सकते हैं या फिर आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। क्यों जरूरी है केवाईसी? बता दें कि केवाईसी एक अनिवार्य प्रोसेस है जो बैंकों को अपने ग्राहकों की पहचान वेरिफिकेशन करने में मदद करती है। इससे मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय घोटालों जैसी धोखाधड़ी गतिविधियों को रोका जा सकता है। RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंकों को खाते की सुरक्षा और विनियामक अनुपालन बनाए रखने के लिए समय-समय पर KYC डिटेल अपडेट करना चाहिए। केवाईसी को अपडेट करने की जरूरत किसे है? बता दें कि केवाईसी अपडेट की यह आवश्यकता केवल उन ग्राहकों पर लागू होती है जिनके खाते 31 मार्च, 2025 तक रिन्यूअल के लिए हैं। प्रभावित ग्राहकों को यह पुष्टि करने के लिए अपने एसएमएस, ईमेल या आधिकारिक पीएनबी अधिसूचनाओं की जांच करनी चाहिए कि उन्हें अपने विवरण अपडेट करने की आवश्यकता है या नहीं।   पंजाब नेशनल बैंक में KYC कैसे अपडेट करें? PNB ग्राहकों को अपने KYC डिटेल अपडेट करने के लिए कई सुविधाजनक तरीके प्रदान करता है- – किसी भी PNB शाखा में जाएं। जरूरी डॉक्यूमेंट पर्सनली जमा करें। – PNB ONE या इंटरनेट बैंकिंग सेवाओं (IBS) का उपयोग करें। पात्र ग्राहकों के लिए, KYC अपडेट ऑनलाइन किए जा सकते हैं। – रजिस्टर्ड ईमेल या पोस्ट के जरिए भेजें। ग्राहक अपने KYC डॉक्यूमेंट ईमेल या डाक सेवाओं के माध्यम से अपनी आधार ब्रांच में जमा कर सकते हैं।   recent visitors 37

केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार खत्म, आगामी एक अप्रैल से सरकार की एकीकृत पेंशन योजना लागू होने वाली है

मुंबई केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नया फाइनेंशियल ईयर काफी खास होने वाला है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आगामी एक अप्रैल से सरकार की एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) लागू होने वाली है। इस योजना के लागू होने के साथ केंद्रीय कर्मचारियों के पास पेंशन के लिए एक नया विकल्प होगा। आइए डिटेल जान लेते हैं। एकीकृत पेंशन योजना के बारे में इस योजना के तहत सेवानिवृत्ति से पहले के 12 महीनों में मिले औसत बेसिक सैलरी की 50 प्रतिशत राशि को सुनिश्चित पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है। बीते दिनों पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की थी। यह अधिसूचनो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा 24 जनवरी, 2025 को जारी यूपीएस अधिसूचना का अनुसरण करती है। पीएफआरडीए के मुताबिक यूपीएस से संबंधित नियम एक अप्रैल, 2025 से लागू हो जाएंगे। एक अप्रैल से लागू ये नियम एक अप्रैल, 2025 तक सेवा में मौजूदा केंद्र सरकार के एनपीएस में आने वाले कर्मचारी और केंद्र सरकार की सेवाओं में अप्रैल, 2025 को या उसके बाद भर्ती होने वाले कर्मचारियों समेत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के नामांकन को सक्षम करते हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों की इन सभी श्रेणियों के लिए नामांकन और दावा फॉर्म एक अप्रैल, 2025 से प्रोटीन सीआरए की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। कर्मचारियों के पास फॉर्म को भौतिक रूप से जमा करने का विकल्प भी है। क्या है अधिसूचना में अधिसूचना के मुताबिक, कर्मचारी को सेवा से हटाए जाने या बर्खास्त किए जाने या इस्तीफे के मामले में यूपीएस या सुनिश्चित भुगतान विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि पूर्ण सुनिश्चित भुगतान की दर 25 वर्षों की न्यूनतम योग्यता सेवा के अधीन और सेवानिवृत्ति से तुरंत पहले 12 मासिक औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत होगी। अधिसूचना से 23 लाख सरकारी कर्मचारियों को यूपीएस और एनपीएस के बीच चयन करने का विकल्प मिलेगा। एनपीएस एक जनवरी, 2004 को लागू हुआ था। पुरानी पेंशन योजना से कैसे अलग बता दें कि जनवरी, 2004 से पहले प्रभावी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत कर्मचारियों को उनके कार्यकाल के अंतिम मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलता था। ओपीएस के उलट यूपीएस अंशदायी प्रकृति की है। इसमें कर्मचारियों को अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10 प्रतिशत योगदान करना होगा, जबकि नियोक्ता (केंद्र सरकार) का योगदान 18.5 प्रतिशत होगा। हालांकि, अंतिम भुगतान उस कोष पर मिलने वाले बाजार रिटर्न पर निर्भर करता है, जिसे ज्यादातर सरकारी बॉन्ड में निवेश किया जाता है।   recent visitors 37

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स के नए रिजीम को लेकर कई ऐलान किए थे, जो एक अप्रैल से लागू होने वाले हैं

नई दिल्ली आगामी एक अप्रैल से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत होने वाली है। इस फाइनेंशियल ईयर में कई ऐसे बदलाव होने वाले हैं जिसका फायदा मिडिल क्लास को फायदा मिलेगा। इनमें से एक फैसला इनकम टैक्स से जुड़ा है। दरअसल, बीते एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स के नए रिजीम को लेकर कई ऐलान किए थे, जो एक अप्रैल से लागू होने वाले हैं। आइए सिलसिलेवार जान लेते हैं। 12 लाख रुपये तक की छूट निर्मला सीतारमण ने नौकरीपेशा और मिडिल क्लास को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को पूरी तरह से इनकम टैक्स से छूट देने की घोषणा की। इनकम टैक्स छूट नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले टैक्सपेयर्स को मिलेगी। वेतनभोगी करदाताओं के लिए 75,000 रुपये की स्टैंडर्ड कटौती के साथ अब 12.75 लाख रुपये तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। उन्होंने टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया है। इससे 25 लाख रुपये तक सालाना कमाने वालों को टैक्स में 1.1 लाख रुपये की बचत होगी। कितने लोगों को होगा फायदा इनकम टैक्स छूट लिमिट को सात लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने से एक करोड़ लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। टैक्स स्लैब में बदलाव से 6.3 करोड़ लोगों यानी 80 प्रतिशत से अधिक टैक्सपेयर्स को लाभ होगा। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर कर छूट सीमा को मौजूदा 50,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। नए इनकम टैक्स का स्लैब नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये से अधिक सालाना आय होने पर चार लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री होगी। इसके बाद चार से आठ लाख रुपये की आय पर पांच प्रतिशत, आठ से 12 लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत और 12 से 16 लाख रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत कर लगेगा। वहीं, 16 से 20 लाख रुपये के बीच की आय पर 20 प्रतिशत, 20-24 लाख रुपये की आय पर 25 प्रतिशत और 24 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगेगा। – अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने वाले व्यक्तियों के लिए समय सीमा को भी बढ़ाकर चार साल करने का प्रस्ताव रखा गया है। अपडेटेड आईटीआर को वे टैक्सपेयर दाखिल करते हैं जो निर्धारित समय पर अपनी सही आय की जानकारी नहीं दे पाए थे। फिलहाल ऐसे रिटर्न संबंधित कर आकलन वर्ष के दो साल के भीतर दाखिल किए जा सकते हैं। लगभग 90 लाख टैक्सपेयर्स ने अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करके स्वेच्छा से अपने आय विवरण को अपडेटेड किया है। recent visitors 37