भारत के पास प्राचीन ज्ञान है, उसके साइंटिफिक वेलिडेशन की है जरूरत : डॉ. मनोज कुमार पटेरिया

भोपाल शोध एवं अनुसंधान पर आधारित दो दिवसीय कार्यक्रम “शोध शिखर विज्ञान पर्व 2025” का रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) परिसर में समापन सत्र का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. भरत शरण सिंह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. मनोज कुमार पटेरिया, पूर्व अध्यक्ष, CSIR–NIScPR एवं डॉ. नम्रता पाठक, वैज्ञानिक-जी, एनजीपी और एसएमपी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (DST) उपस्थित रहे। अन्य अतिथियों में स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आरएनटीयू की प्रो. चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलगुरू आरपी दुबे और सीवीआरयू खंडवा के कुलगुरू डॉ. अरूण जोशी उपस्थित रहे। इस दौरान अपने वक्तव्य में प्रो. भरत शरण ने शोधार्थियों से भारत को 2047 तक विकसित बनाने के लिए कार्य करने की बात कही। उन्होंने प्राचीन समय के कई उद्धरण देते हुए भारत की प्राचीन उपलब्धियों से अवगत कराया जिसमें 1750 के समय में भारत दुनिया का जीडीपी का 25 प्रतिशत सम्भालता था, स्थापत्य कला में उत्कृष्टता हडप्पा से लेकर हम्पी तक देखी जा सकती है। इसी प्रकार गणित शास्त्र, विद्युत शास्त्र, धातु विज्ञान और खगोल विज्ञान की कई अवधारणाओं का भी जिक्र किया। आगे उन्होंने शोधार्थियों से बात करते हुए कहा कि रिसर्च के लिए महंगे उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि शोधार्थी कि सिर्फ खोजी दृष्टि बनाए रखने की जरूरत होती है। डॉ. मनोज कुमार पटेरिया ने अपने अपने वक्तव्य में आरएनटीयू द्वारा स्थापित किए टेक्नोलॉजी ट्रांस्फर सेंटर की सराहना की और कहा कि रिसर्च को इंडस्ट्री रेडी बनाने के लिए इन सेंटर्स का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसके अलावा उन्होंने शोधार्थियों को कहा कि भारत के पास बहुत सारा प्राचीन ज्ञान है परंतु साइंटिफिक वेलिडेशन की कमी के कारण दुनिया उसकी ओर देख नहीं पाती है। ऐसे में इस पहलू पर कार्य किए जाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। इससे पहले डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत आज रिसर्च में 40वें स्थान पर है और हमारा रिसर्च पर निवेश भी विकसित राष्ट्रों के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में एक विकसित राष्ट्र बनने के लिए लम्बी दूरी तक करना बाकी है जिसके लिए हमें गति की आवश्यकता है। गति के लिए जो तकनीक हमें चाहिए उसके लिए शोध शिखर जैसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण हैं। वहीं, डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने अपने वक्तव्य में दो दिन तक चले शोध शिखर विज्ञान पर्व की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इसमें 7 समानांतर सत्रों में 1500 से अधिक प्रतिभागी, 100 से अधिक वक्ताओं, 176 संस्थाओं, 75 से अधिक प्रोजेक्ट्स, 300 से अधिक शोध पत्रों की प्रतिभागिता रही। इसके अलावा 25 से अधिक शोध एवं उत्पादों के कॉमर्शियालाइजेशन पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान कार्यक्रम मे इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी; मेडिकल साइंस, साइंस एंड एग्रीकल्चर; एजुकेशन एंड लॉ; मैनेजमेंट कॉमर्स एंड ह्यूमेनिटीज कैटेगरी में प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा साइंस कम्यूनिकेशन में प्रथम एवं द्वितीय विनर्स को भी सम्मानित किया गया। नवागत विषयों पर विज्ञान लेखकों ने की चर्चा कथा सभागार में हिन्दी में विज्ञान संचार के नये विषयों का चयन: प्रस्तावना और विचार भाग 1 का आयोजन किया गया। इस सत्र में प्रमुख वक्ताओं ने अपने वक्तव्य दिये। सभी अतिथियों का स्वागत मोमेंटो और उत्तरी प्रदान कर किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता आरएनटीयू के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे द्वारा की गई। उन्होंने सत्र का संचालन करते हुए अपना महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके बाद वक्ताओं में वैज्ञानिक कृष्णानंद पांडेय ने स्वास्थ्य और संचार की आवश्यकता, भारत में प्रमुख रोगों की स्थिति, पोषण जैसे विषयों को रेखांकित करने और उन पर पुस्तक लेखन की आवश्यकता पर जोर दिया। गोरखपुर विवि से पधारे डॉ. शरद मिश्रा ने कहा कि आज के दौर में विज्ञान और अध्यात्म, धर्मग्रंथों में विज्ञान, एंटीबायोटिक्स जैसे विषयों पर पुस्तक की जरूरत को बताया। विज्ञान पत्रकारिता के परिप्रेक्ष्य में इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए: डॉ. विनीता चौबे ने साझा किए विचार "विज्ञान पत्रकारिता के परिप्रेक्ष्य में इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए" विषय पर विचार-विमर्श हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विनीता चौबे, विज्ञान कथाकार मनीष मोहन गोरे, डॉ. कुलवंत सिंह, समीर गांगुली, और डॉ. मनीष श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. विनीता चौबे ने अपने उद्बोधन में बताया कि विज्ञान प्रसार के उद्देश्य से "इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए" पत्रिका का प्रकाशन किया गया था। उन्होंने पुराने समय का जिक्र करते हुए बताया कि जब पोस्टकार्ड और अंतरदेशीय पत्रों का दौर था, तब बस्तर और झाबुआ जैसे स्थानों से लोग 12-15 पृष्ठों के लेख भेजते थे। यह पत्रिका की लोकप्रियता का प्रतीक था। आज, इस पत्रिका की 35 हजार से अधिक प्रतियां हर माह प्रकाशित हो रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान की समृद्ध और आलोकित परंपरा की बात की। recent visitors 29

PM मोदी आज 30 मार्च को दिखाएंगे हरी झंडी, मिलेगी ये सुविधाएं

बिलासपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  30 मार्च को बिलासपुर का दौरा करने वाले हैं। वे यहां एक घंटे के लिए रहेंगे। इस दौरान वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां कर ली हैं। सभा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बिना जांच के किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। लोगों को सभास्थल पर पहुंचने के लिए घर से दो से तीन घंटे पहले निकलने की हिदायत दी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश भर से करीब 3 हजार जवान बिलासपुर पहुंचे हैं। बिलासपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में है। सभास्थल और आसपास के इलाकों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सीएम से लेकर कलेक्टर तक सब अलर्ट मोड पर गुरुवार को कलेक्टर अवनीश शरण ने एक मीटिंग की। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि लोगों के बैठने और वाहन पार्किंग के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। इससे गर्मी में लोगों को सभास्थल तक आने के लिए ज्यादा दूर पैदल नहीं चलना पड़ेगा। सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुरक्षा के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के अफसर भी बिलासपुर पहुंच गए हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट में देर शाम जिला और पुलिस प्रशासन के अफसरों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। सभास्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन इस बात का ध्यान रख रहा है कि लोगों को गर्मी में किसी तरह की परेशानी न हो। नेत्रालय का शिलान्यास और सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की सुविधा का उद्घाटन करेंगे. वहीं छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपए की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. पीएम के इस दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश भी होगा. पीएम मोदी 30 मार्च को हिंदू नववर्ष की शुरुआत के अवसर पर नागपुर के रेशिमबाग स्थित ‘स्मृति मंदिर’ में आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और आरएसएस के द्वितीय सरसंघचालक एम. एस. गोलवलकर के स्मारक स्मृति मंदिर में स्थित हैं. इसके साथ ही वह दीक्षाभूमि में डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगे, जहां वो 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था. पीएम मोदी का महाराष्ट में कार्यक्रम पीएम मोदी 30 मार्च को सुबह करीब 9 बजे नागपुर में स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और उसके बाद दीक्षाभूमि जाएंगे. इसके बाद वह सुबह करीब 10 बजे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे. यह माधव नेत्रालय नेत्र संस्थान और अनुसंधान केंद्र का एक नया विस्तार भवन है. इसकी स्थापना गुरुजी माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी. इस योजना के तहत 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 ओपीडी और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे. वहीं, पीएम मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की गोला-बारूद सुविधा का दौरा करेंगे. जहां वह यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा काउद्घाटन करेंगे. यह 1250 मीटर लंबी और 25 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी है. यह लोइटरिंग म्यूनिशन और अन्य युद्ध सामग्री का परीक्षण करने के लिए लाइव म्यूनिशन और वारहेड परीक्षण सुविधा है. छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक कई कार्यक्रम पीएम मोदी महाराष्ट्र के बाद सीधे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के लिए रवाना होंगे. जहां वह दोपहर करीब 3:30 बजे कई विकास परियोजनाओं का आधारशिला रखेंगे ,साथ ही 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वे बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण-III (1x800MW) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपए से अधिक है. पीएम छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) की पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) की शुरूआत करेंगे. इसकी लागत 15,800 करोड़ रुपय से अधिक है. इसके अलावा वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (WRES) के तहत 560 करोड़ से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी वहां ओयजित एक रेली को भी संबोधित करेंगे. इस दौरान धानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PAMY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा. पीएम मोदी इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे. इसके अलवा प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल समर्पित करेंगे. छत्तीसगढ़ को पीएम मोदी देंगे ये सौगात     कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना की आधारशिला रखेंगे.     हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (VRPL) परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक होगी.     विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई रेल और सड़क परियोजनाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.     पीएम 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे.     एनएच-930 (37 किमी) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किमी) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को पक्के कंधे के साथ 2 लेन में उन्नत करने के लिए राष्ट्र को समर्पित करेंगे.     एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को पक्के कंधे के साथ 2 लेन में उन्नत करने की आधारशिला भी रखेंगे.   recent visitors 33

भिंड के करीब 45 किलोमीटर लंबे पांच बायपास बनाए जाएंगे, नए बायपास से इन ग्रामीण क्षेत्रों को फायदा पहुंचेगा

 भिंड मध्य प्रदेश से गुजरने वाले बड़े ग्वालियर-इटावा नेशनल हाइवे पर लगातार सड़क दुर्घटनाओं बढ़ रही। इसी को देखते हुए भिंड के पास प्रशासन ने लगभग 45 किलोमीटर लंबे पांच बायपास बनाने का निर्णय लिया है। इसे अंतिम रूप देने के लिए भिंड कलेक्ट्रेट में जनप्रतिनिधियों के साथ अनुमोदन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह, हेमंत कटारे, केशव देशाई और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की उपस्थिति रही। जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया, अपर कलेक्टर एलके पांडेय, नपा अध्यक्ष वर्षा वाल्मीक और विधायक प्रतिनिधि अरविंद बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बायपास के निर्माण का प्रारूप बायपास का निर्माण रेत, गिट्टी की खदानों, रेलवे लाइनों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। एलईडी स्क्रीन पर बायपास का पूरा नक्शा दिखाकर जनप्रतिनिधियों से अनुमोदन मांगा गया। हालांकि, अटेर विधायक हेमंत कटारे ने आपत्ति जताई कि उनके क्षेत्र की उपेक्षा की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेत और गिट्टी की खदानें नेशनल हाइवे की बाईं ओर स्थित हैं और दूसरी तरफ रेलवे लाइनें हैं। ऐसे में अंडरपास और आरओबी बनाने से समय और लागत में बढ़ोतरी होती है। निर्माण के चरण और लागत सूत्रों के अनुसार, बायपास का निर्माण दो चरणों में किया जा सकता है। पहले चरण में 1500 करोड़ रुपये की लागत से हाईब्रिड एन्युटी मोड के तहत काम किया जाएगा। दूसरे चरण में 2500 करोड़ रुपये की लागत सामान्य प्रक्रिया के तहत होगी। कुल मिलाकर इस परियोजना पर चार हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। कहां बनेगा कितना लंबा बायपास     भिण्ड:18 किमी     मेहगांव: 10 किमी     गोहद: 5.5 किमी     मालनपुर: 8.0 किमी     फूप: 3.0 किमी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया इन बायपासों के निर्माण के लिए लगभग 400 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। परियोजना का प्रस्ताव पहले भोपाल, फिर दिल्ली भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जनप्रतिनिधियों की उम्मीद जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इन बायपासों के बनने से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि आवागमन भी सुगम होगा। क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। recent visitors 48

जबलपुर में अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा

जबलपुर  नगर सरकार खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा देने जा रही है। भेड़ाघाट मार्ग पर तेवर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बनेगा। इसके लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने तीसरी बार नगर निगम का बजट पेश करते हुए बताया कि अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही 15 करोड़ की लागत से भंवरताल में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल का नए सिरे से निर्माण होगा। नगर सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए 17 अरब 97 करोड़ रुपए आय व 17 अरब 96 करोड़ रुपए व्यय और आठ लाख से ज्यादा की बचत का बजट पेश किया। बजट में एक हजार करोड़ से अमृत-2 योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने और दो लाख घरों को इससे जोड़ने का प्रावधान रखा गया है। अमृत-2 के तहत हर घर नर्मदा जल पहुंचाने के लिए तीन सौ करोड़ से ज्यादा की लागत से नया जलापूर्ति नेटवर्क तैयार किया जाएगा। नगर सरकार ने लगातार तीसरे साल बजट में किसी प्रकार का कर नहीं बढ़ाया है। वर्ष 2024-25 में 1537 करोड़ का बजट पेश किया गया था। नगर निगम के बजट में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की गई है. श्रीनाथ की तलैय्या में नर्मदा प्रसादम चौपाटी का निर्माण होगा. शहर में 100 इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा. मध्यप्रदेश शासन ने इसके लिए एजेंसियों की नियुक्ति कर दी है. छात्र-छात्राओं, दिव्यांगों व वरिष्ठ नागरिकों को मेट्रो बस में रियायती दर पर यात्रा की सुविधा मिलेगी. नगर निगम सीमा में 8 बड़े तालाबों का जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण 12.50 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हो चुका है. 10 और प्रमुख तालाबों का विकास एनजीओ के माध्यम से कराया जाएगा. नगर में विगत अनेक वर्षों से खिलाडिय़ों और खेल प्रेमियों के द्वारा एक अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम की मांग की जाती रही है. जिसके चलते इस संबंध में इस वर्ष रीडेंसिफिकेशन से अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम के अलावा 50 नवीन स्कूल भवनों का निर्माण, नवीन नगर निगम सदन एवं बिल्डिंग का निर्माण, अन्तर्राष्ट्रीय स्वीमिंगपूल का निर्माण लगभग 15 करोड़ की लागत से कराया जाएगा. इनकी डीपीआर कन्सल्टेंट के माध्यम से तैयार हो चुकी है. साथ ही नगर के 10 श्मशान घाटों-कब्रिस्तानों का भी जीर्णोद्धार कार्य लगभग 15 करोड़ की लागत से कराया जाएगा. वर्ष 2024-25 में 48 नए लघु उद्यानों का निर्माण होगा. अब तक 65 करोड़ 30 लाख की लागत से कुल 120 लघु उद्यान बनाए गए हैं. शहर के प्रवेश द्वारों के मार्गों को हरा-भरा बनाया जाएगा. एक लाख बीजारोपण का कार्य पूरा हो चुका है और इस वर्ष भी जारी रहेगा. जून से सितम्बर के बीच 11 लाख पौधों का होगा रोपण- पर्यावरण संरक्षण के लिए जून से सितंबर 2025 तक एक लाख व अक्टूबर 2025 में 11 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा. इस अभियान में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी. आवारा कुत्तों की लैप्रोस्कोपिक पद्धति से नसबंदी की जाएगी. संविदा सफाई संरक्षकों का वेतन 100 प्रतिशत- निगम में कार्यरत संविदा सफाई संरक्षकों को 100 प्रतिशत वेतन भुगतान किए जाने का प्रावधान किया गया है. जिससे 425 परिवारों को 9250 रुपए से 21000 रुपए तक वेतन वृद्धि हुई है. यह कार्य करने वाला भी नगर निगम जबलपुर मध्यप्रदेश का प्रथम नगरीय निकाय है. ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़े कदम महापौर अन्नू ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि शहर ग्रीन एनर्जी की ओर कदम बढ़ा रहा है। शहर को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए कंसल्टेंट एजेंसी की नियुक्ति की जा चुकी है।   recent visitors 28

अब स्कूल सुबह 7 से 11 बजे तक बच्चों की क्लास लगेगी, आदेश से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी

  बेमेतरा छत्‍तीसगढ़ में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। इसे देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया। बेमेतरा जिला प्रशासन ने स्कूलों की टाइमिंग को लेकर आदेश जारी किया है। जिसके तहत अब स्कूल अब सुबह 7 से 11 बजे तक बच्चों की क्लास लगेगी। इस आदेश से स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। निजी और सरकारी स्कूलों में लागू होंगे नियम बेमेतरा जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे ने जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय शैक्षणिक संस्थाओं के लिए शाला के संचालन के समय में परिवर्तन किया है। जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय शैक्षणिक संस्थाएं 1 अप्रैल से प्रात: 7 से लेकर 11 बजे तक लगेगी। एक ही पाली में लगने वाली समस्त शासकीय प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल सोमवार से शनिवार प्रात: 7:00 बजे से 11:00 तक लगा करेंगी। परीक्षा होगी दो पालियों ऐसी शालाएं जहां कक्षाएं दो पालियों में कक्षाएं संचालित होती है, वहां पर प्रथम पाली की कक्षाएं सुबह 7 से 11 तक तथा द्वितीय पाली की कक्षाएं 11 बजे से 3 तक लगा करेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ कमल कपूर बंजारे ने कहा है कि यह आदेश 1 से 30 अप्रैल 2025 तक लागू रहेगी। सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालय इस समय सारणी का कड़ाई से पालन करेंगे। गर्मी दिखा रहा तेवर प्रदेश में सूर्य की तपिश तेज हो गई है। 28 मार्च को प्रदेश में राजनांदगांव सबसे ज्यादा गर्म हो रहा है। इस सीजन में अब तक यह तीसरी दफा है, जब राजनांदगांव सबसे अधिक तापमान रहा है। प्रदेश में सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 16.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भीषण गर्मी के चलते नदियों का जल स्तर गिर गया है। गर्मी के चलते असर स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूके चंद्रवंशी की माने तो इन दिनों बाहरी स्पाइसी और दूषित खाना से लोग वायरल हिपेटाइटिस का शिकार हो रहे हैं। इसलिए भोजन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। recent visitors 36

उपमुख्यमंत्री देवड़ा भोपाल में विक्रमोत्सव में सम्मिलित होंगे

भोपाल "प्रतिपदा" नव संवत्सर (नव वर्ष) 2028 के प्रारंभ अवसर पर प्रदेश भर में विक्रमोत्सव-2025 आयोजित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। जिला स्तरीय कार्यक्रम में मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण सम्मिलित होंगे। भोपाल जिला मुख्यालय पर विक्रमोत्सवसुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, 7 नंबर चौराहा में प्रातः 10:30 से आयोजित होगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, मंत्री श्री विश्वास सारंग एवं सांसद श्री वी.डी. शर्मा सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में सूर्य उपासना, ध्वज वंदना एवं सम्राट विक्रमादित्य नाट्य की प्रस्तुति होगी।   recent visitors 23

यात्रीगण कृपया ध्यान दें,1 अप्रैल से लेकर 25 मई तक कई गाड़िया केंसिल

  बिलासपुर बिलासपुर रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास हेतु ईस्ट कोस्ट रेलवे के सबलपुर रेल मण्डल के टिटलागढ़-लखोली एवं टिटलागढ़-सबलपुर सेक्शन में पुल पुनर्निर्माण कार्य हेतु ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लेकर कार्य किया जाएगा। यह कार्य 1 अप्रैल से मई तक ब्लॉक लेकर कार्य किया जाएगा। इस कार्य के फलस्वरुप दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली की कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इस तारीख को नहीं चलेंगी ये ट्रेनें 1, 4, 8, 11 एवं 15 अप्रैल को 58213 /58214 टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेजर नहीं चलेगी। 3, 6, 11, 18, 20 एवं 25 मई को 58528 विशाखापटनम-रायपुर पैसें. नहीं चलेगी। 4, 7, 12, 19, 21 एवं 26 मई को रायपुर से 58527 रायपुर-विशाखापटनम पैसेजर नहीं चलेगी। 3, 6, 11, 18, 20 एवं 25 मई को रायपुर से 58207 रायपुर-जूनागढ़ रोड पैसेजर नहीं चलेगी। 4, 7, 12, 19, 21 एवं 26 मई को जूनागढ़ रोड से चलने वाली 58208 जूनागढ़ रोड-रायपुर पैसेजर नहीं चलेगी। इन ट्रेनों को किया गया रद्द ट्रेन संख्या 18205 (दुर्ग-नौतनवा)- 24 अप्रैल और 1 मई को रद्द. ट्रेन संख्या 18206 (नौतनवा-दुर्ग)- 26 अप्रैल और 3 मई को रद्द. ट्रेन संख्या 18201 (दुर्ग-नौतनवा)- 25 अप्रैल और 3 मई को रद्द. ट्रेन संख्या 18202 (नौतनवा-दुर्ग)- 27 अप्रैल और 5 मई को रद्द. बिलासपुर-झारसुगड़ा रूट पर चौथी लाइन का कार्य बिलासपुर-झारसुगड़ा सेक्शन में चौथी रेलवे लाइन के निर्माण कार्य के चलते 11 से 24 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ से होकर जाने वाली 36 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. साथ ही, 44 दिनों तक 4 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा और 3 ट्रेनों को उनके निर्धारित मार्ग से पहले ही समाप्त कर दिया जाएगा. कौन-कौन सी ट्रेनें रहेंगी रद्द? बिलासपुर-रायगढ़ मेमू (68736)-10 से 23 अप्रैल तक. रायगढ़-बिलासपुर मेमू (68735)-10 से 23 अप्रैल तक. टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (18113)- 10 से 23 अप्रैल तक. बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (18114)- 11 से 24 अप्रैल तक. दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस (17008)- 11, 15, 18, 22, 25 अप्रैल. सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस (17007)- 8, 12, 15, 19, 22 अप्रैल. पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस (12129)- 11, 24 अप्रैल. हावड़ा-मुंबई गीतांजली एक्सप्रेस (12860)- 11, 24 अप्रैल. हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस (12222)- 10, 12, 17, 19 अप्रैल. वैकल्पिक व्यवस्था नहीं रहने से बढ़ेगी परेशानी ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग बदलने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. खासकर, छत्तीसगढ़ से यूपी, बिहार, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र की यात्रा करने वाले यात्री अधिक प्रभावित होंगे. रेलवे की ओर से यात्रियों के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई है. यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या रेलवे पूछताछ सेवा से ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके. recent visitors 42