छत्तीसगढ़ की बुनाई, संस्कृति और जीवंत परंपराओं का प्रतीक, प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया कोसा सिल्क से बना हस्तनिर्मित शॉल

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कोसा सिल्क से निर्मित एक विशेष हस्तनिर्मित शॉल भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनाई परंपरा और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह शॉल न केवल कपड़े का एक सुंदर नमूना है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संगीत और जनजातीय अस्मिता का जीवंत दस्तावेज भी है। यह शॉल पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें राज्य की स्थानीय बुनकर परंपरा की गहराई को दर्शाया गया है। इस शॉल पर बांस से निर्मित पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘टोड़ी’ और बस्तर के प्रसिद्ध ‘बाइसन हॉर्न माड़िया नृत्य’ को कढ़ाई के माध्यम से दर्शाया गया है। टोड़ी वाद्ययंत्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली में संगीत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं माड़िया जनजाति का यह नृत्य शौर्य, ऊर्जा और सामूहिक एकता की अभिव्यक्ति है।  यह शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि जनजातीय गर्व, सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल की अभिव्यक्ति है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह कोसा शॉल छत्तीसगढ़ की हुनरमंद बुनकर महिलाओं, जनजातीय समुदायों, और लोक परंपराओं की महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास है। यह भेंट भारत की विविधता में एकता, और लोककला के माध्यम से जुड़ाव का प्रतीक है। recent visitors 24

टीवी की मशहूर एक्ट्रेस अदिति मलिक की बिगड़ी तबीयत

मुंबई टीवी की मशहूर एक्ट्रेस अदिति मलिक को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक्ट्रेस की तबीयत ठीक नहीं है, जिसके चलते वो काफी परेशान हैं। हाल ही में उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर अपनी सेहत को लेकर अपडेट दिया, जिससे उनके फैंस काफी चिंता में पड़ गए हैं और जल्द उनके ठीक होने की कामना कर रहे हैं। अदिति मलिक ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की, जिसमें वह अस्पताल के बेड पर नेबुलाइज़र का उपयोग करती नजर आ रही हैं, इसके साथ ही उन्होंने अपनी हेल्थ को लेकर खुलकर जानकारी दी।अदिति ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से लगातार खांसी, बुखार, बंद नाक और शरीर में दर्द जैसी समस्याओं से परेशान हैं। इसके अलावा, उनकी सबसे बड़ी चिंता यह थी कि उनकी आवाज भी चली गई थी, जो उन्हें बहुत परेशान कर रहा था।   अदिति ने अपने पोस्ट में लिखा, “क्या हफ्ता रहा! लगातार खांसी, नाक ट्रैफिक जाम की तरह बंद, बुखार और शरीर में दर्द। और सबसे बड़ी बात, मेरी आवाज चली गई! आज थोड़ा बेहतर महसूस कर रही हूं। उम्मीद है, मैं कल फिर से बात कर पाऊंगी।” उन्होंने यह भी बताया कि वह घरेलू उपायों और दवाइयों से इलाज कर रही हैं, और नेबुलाइज़र उनका इलाज करने में काफी मददगार साबित हो रहा है। फैंस और सेलेब्स कर रहे हैं दुआएं अदिति की पोस्ट को देखकर उनके चाहने वाले लगातार उनकी सेहत को लेकर शुभकामनाएं और दुआएं भेज रहे हैं। कई टीवी सेलेब्स भी उनकी तबियत को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं और उनके जल्दी ठीक होने की कामना कर रहे हैं। बता दें, अदिति मलिक ने साल 2010 में में टीवी एक्टर मोहित मलिक से शादी की थी। दोनों की लव स्टोरी फिल्म ‘मिली’ की शूटिंग के दौरान शुरू हुई थी। इस कपल का एक बेटा भी है, जिसका नाम एकबीर है।     recent visitors 46

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया बिलासा देवी केवट का मोमेंटो

रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज एक विशेष मोमेंटो भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की वीरांगना बिलासा देवी केवट की स्मृति में तैयार किया गया है। यह मोमेंटो न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, बल्कि नारी शक्ति, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है। छत्तीसगढ़ की बिलासा देवी एक साहसी, परिश्रमी और दूरदर्शी महिला थीं, जिनके नाम पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर बिलासपुर का नाम पड़ा। वे केवट समुदाय से संबंध रखती थीं—एक ऐसा समुदाय, जो भारतीय इतिहास में जल परिवहन, सेवा भाव और ईमानदारी के लिए जाना जाता है। भगवान श्रीराम के जीवन में केवट समुदाय की भूमिका आज भी आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है। महिला सशक्तिकरण की प्रेरणास्रोत बिलासा देवी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएँ सीमाओं को पार कर इतिहास रच सकती हैं। उनके नेतृत्व, परिश्रम और कौशल ने यह सिद्ध किया कि चाहे वह प्रशासन हो या सामाजिक नेतृत्व—नारी कहीं भी पीछे नहीं। यह मोमेंटो उन्हीं मूल्यों और प्रेरणाओं का दर्पण है। यह भेंट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दूरदर्शी नेतृत्व के साथ प्रतिध्वनित होती है, जिसके केंद्र में नारी शक्ति और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता की संकल्पना है। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘उज्ज्वला योजना’, ‘महिला स्वयं सहायता समूह’, ‘नारी शक्ति मिशन’ जैसी योजनाएँ इसी दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदम हैं। यह मोमेंटो केवल एक शिल्पकृति नहीं, बल्कि एक वैचारिक प्रतीक है—जो दर्शाता है कि भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल होगा, जब उसकी महिलाएँ सशक्त होंगी। यह भेंट छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत, वर्तमान प्रयासों और भविष्य की संभावनाओं का समन्वय है। बिलासा देवी केवट का यह प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  को भेंट कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सामर्थ्य और भारतीय संस्कृति के यशस्वी मूल्यों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भी किया है। recent visitors 21

ओडिशा में बड़ा रेल हादसा, बेंगलुरु-असम कामाख्या एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरे, यात्रियों में मचा हड़कंप

ओडिशा ओडिशा के कटक जिले में एक बड़ा रेल हादसा हुआ। बेंगलुरु-असम कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन (12551) पटरी से उतर गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के 11 AC कोच पटरी से उतरकर पलट गए। हादसा चौद्वार इलाके के मंगुली पैसेंजर हॉल्ट के पास हुआ। घटना के तुरंत बाद यात्री ट्रेन से उतरकर पटरियों पर बैठ गए और राहत कार्य का इंतजार करने लगे। हादसे के बाद NDRF, पुलिस और मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। अच्छी खबर यह है कि अब तक किसी भी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी यात्री सुरक्षित हैं और ट्रेन में सफर कर रहे लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कैसे हुआ हादसा? ईस्ट कोस्ट रेलवे के CPRO अशोक कुमार मिश्रा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह दुर्घटना खुर्दा रोड डिवीजन के कटक-नरगुंडी रेलवे सेक्शन में सुबह करीब 11:54 बजे हुई। ट्रेन बेंगलुरु से गुवाहाटी जा रही थी, जब अचानक पटरी से उतर गई। DRM खुर्दा रोड, GM/ECOR समेत रेलवे के उच्च अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। हादसे की असल वजह का पता जांच के बाद ही चलेगा। प्रभावित ट्रेनें और हेल्पलाइन नंबर जारी इस हादसे के कारण रेलवे ने कुछ ट्रेनों को डायवर्ट किया है। प्रभावित ट्रेनों में शामिल हैं:     ट्रेन नंबर 12822 (BRAG)      ट्रेन नंबर 12875 (BBS)     ट्रेन नंबर 22606 (RTN) रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं:     8455885999     7205149591     9437443469 रेलवे ने क्या कहा? रेलवे अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य पूरा होने के बाद प्रभावित मार्ग को बहाल कर दिया जाएगा। इस हादसे के कारण यात्रियों को कुछ असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन रेलवे हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे भारत में ट्रेन हादसे कोई नई बात नहीं हैं। इससे पहले भी कई बार रेलवे दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें से कई जानलेवा साबित हुई हैं। हालांकि, इस बार प्रशासन की तत्परता के कारण यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यात्रियों से अपील रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और रेलवे अधिकारियों द्वारा दी जा रही जानकारी पर ध्यान दें। यात्रियों के परिजन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर अपने प्रियजनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।   recent visitors 36

हीरानगर क्षेत्र में अंधेरा होते ही अपने दरवाजे बंद कर घरों में कैद होते जा रहे हैं लोग, इस इलाके में आतंकियों की दहशत

कठुआ कठुआ जिले के हीरानगर क्षेत्र में हाल में हुई आतंकी मुठभेड़ ने लोगों के बीच एक बार फिर से दहशत फैला दी है । लोग डर के साय में जीने को मजबूर हो गए हैं, जिसके चलते लोग अंधेरा होते ही अपने घर में छिप जाते हैं। कठुआ के आस पास क्षेत्र में लोग घबराए हुए हैं कि कहीं उन पर कोई आतंकी हमला न हो जाए।  खासकर पहाड़ी क्षेत्र बनी में, जहां लोग अब अंधेरा होते ही अपने दरवाजे बंद कर घरों में कैद होते जा रहे हैं। मुठभेड़ की चर्चा सभी जगहों में गर्म है, और इससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। पिछले वर्ष बनी में आतंकी गतिविधियों के दौरान पुलिस द्वारा चलाए गए तलाशी अभियानों का परिणाम भी निराशाजनक रहा, जिससे स्थानीय लोगों की चिंताएं और बढ़ गईं। जहां खुलेआम घूमने वाले आतंकवादियों ने लोगों को निशाना बना सकते हैं। बनी-भद्रवाह मार्ग पर भी भारी नुकसान हुआ है और निर्दोष समाजसेवी, जैसे दयाराम की दिनदहाड़े हत्या ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। आजकल स्थानीय लोग चौक-चौराहों और दुकानों पर केवल आतंकवादी हमलों की चर्चा कर रहे हैं, और उनकी चिंता इस बात की है कि क्या उन्हें फिर से ऐसे बुरे दिनों का सामना करना पड़ेगा। इस प्रकार, कठुआ जिले के बनी क्षेत्र में आतंकवाद का साया फिर से बनने लगा है, जिसने लोगों को एक असुरक्षित और घबराए हुए माहौल में धकेल दिया है। recent visitors 34

महज 1 लाख रुपये में लाएं घर मारुति वैगनआर

नई दिल्ली मारुति सुजुकी की वैगनआर भारत में खूब बिकती है। फरवरी 2025 में तो इसने हुंडई क्रेटा, टाटा नेक्सॉन और पंच के साथ ही मारुति सुजुकी की बलेनो, ब्रेजा, स्विफ्ट और डिजायर के साथ ही महिंद्रा स्कॉर्पियो जैसी पॉपुलर गाड़ियों को पीछे छोड़ दिया। आप भी अगर इन दिनों नई वैगनआर खरीदने की सोच रहे हैं, लेकिन एक साथ पैसे नहीं देना चाहते, तो कार लोन एक अच्छा विकल्प है। आप सिर्फ एक लाख रुपये डाउन पेमेंट करके वैगनआर का टॉप सेलिंग VXI मैनुअल पेट्रोल के साथ ही ZXI मॉडल खरीद सकते हैं। बाकी पैसे आप हर महीने किश्तों में चुका सकते हैं। कीमत और खासियत मारुति सुजुकी वैगनआर एक ऐसी गाड़ी है, जिसके केबिन में अच्छी स्पेस भी है और यह किफायती होने के साथ ही माइलेज के मामले में काफी जबरदस्त है। यह कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों में से एक है, जिसकी पिछले महीने भी करीब 20 हजार यूनिट बिकी है। पेट्रोल और सीएनजी ऑप्शन में उपलब्ध वैगनआर की मौजूदा एक्स शोरूम प्राइस 5.64 लाख रुपये से शुरू होकर 7.47 लाख रुपये तक जाती है। वैगनआर में 1197 cc तक का इंजन है। पेट्रोल से चलने वाले मॉडल की माइलेज 25.19 kmpl तक और सीएनजी से चलने वाले मॉडल की माइलेज 34.05 km/kg तक है। मारुति सुजुकी वैगनआर वीएक्सआई मैनुअल पेट्रोल फाइनैंस डिटेल अब बात करते हैं मारुति सुजुकी वैगनआर के VXI मॉडल के लोन और EMI के बारे में तो वैगनआर वीएक्सआई सबसे ज्यादा बिकने वाला वेरिएंट है, जिसकी एक्स शोरूम प्राइस 6.09 लाख रुपये और ऑन-रोड प्राइस 6.81 लाख रुपये है। एक लाख रुपये डाउन पेमेंट के साथ इस वेरिएंट को फाइनैंस कराने पर 5.81 लाख रुपये कार लोन लेना होगा। 5 साल के लिए 10 फीसदी ब्याज दर पर कार लोन लेते हैं तो फिर अगले 5 साल तक आपको हर महीने 12,345 रुपये ईएमआई के रूप में देने होंगे। ऊपरी शर्तों के अनुसार वैगनआर वीएक्सआई को फाइनैंस कराने पर करीब 1.60 लाख रुपये ब्याज लग जाएंगे। मारुति सुजुकी वैगनआर जेडएक्सआई मैनुअल पेट्रोल फाइनैंस डिटेल मारुति सुजुकी वैगनआर जेडएक्सआई पेट्रोल मैनुअल की एक्स शोरूम प्राइस 6.38 लाख रुपये और ऑन-रोड प्राइस करीब 7.18 लाख रुपये है। आप महज एक लाख रुपये डाउन पेमेंट के साथ इस कार को फाइनैंस करा सकते हैं। इसके बाद आपको 6.18 लाख रुपये कार लोन कराना होगा। आप अगर 5 साल के लिए 10 फीसदी ब्याज दर पर कार लोन कराते हैं तो फिर 13,131 रुपये मासिक किस्त के रूप में अगले 5 साल के लिए चुकाने होंगे। ऊपरी शर्तों के अनुसार वैगनआर जेडएक्सआई को फाइनैंस कराने पर करीब 1.70 लाख रुपये ब्याज लग जाएंगे। यहां बता दें कि मारुति वैगनआर फाइनैंस कराने से पहले आप नजदीकी मारुति सुजुकी एरिना शोरूम में जाकर सारी जानकारी हासिल कर लें। recent visitors 43

84 शहरों में अधूरे प्रोजेक्ट्स, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट सिटी मिशन को अब आगे बढ़ाया नहीं जाएगा

नई दिल्ली भारत सरकार के शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा चलाए गए स्मार्ट सिटी मिशन का समापन 31 मार्च 2023 को हो रहा है। यह मिशन, जो जून 2015 में शुरू हुआ था, अब 100 शहरों को कवर करने के लिए निर्धारित था, लेकिन 10 सालों में तीन बार डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद केवल 16 शहरों में ही मिशन के तहत सभी प्रोजेक्ट्स पूरे हो पाए हैं। बाकी 84 शहरों में कई प्रोजेक्ट अधूरे रह गए हैं। इस मिशन में 14 हजार करोड़ से अधिक का निवेश किया गया था, लेकिन बड़े हिस्से में काम समय पर पूरा नहीं हो सका। अधूरे प्रोजेक्ट्स की स्थिति: केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट सिटी मिशन को अब आगे बढ़ाया नहीं जाएगा और न ही इसे किसी अन्य नाम या स्वरूप में फिर से लागू किया जाएगा। शहरी मामलों के मंत्रालय ने संसद में बताया कि मिशन के तहत काम पूरा करने में कई समस्याएं आईं। पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में काम की गति धीमी रही, मुख्य रूप से एजेंसियों की पहचान में देरी और भूमि अधिग्रहण में समस्याओं के कारण। इसके अलावा कई शहरों में अधिकारियों के तबादले भी प्रोजेक्ट्स की रफ्तार को प्रभावित कर रहे थे। कौन से राज्य और शहर प्रभावित हुए: स्मार्ट सिटी मिशन में महाराष्ट्र सबसे प्रभावित राज्य रहा, जहां 1898 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अधूरे रह गए। इसके बाद बिहार में 1138 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 772 करोड़ के प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो सके। बंगाल के कोलकाता शहर में 618 करोड़ रुपये के छह प्रोजेक्ट अधूरे रहे। इसके अतिरिक्त धर्मशाला में 200 करोड़, सतना में 259 करोड़, पटना में 383 करोड़, मुजफ्फरपुर में 340 करोड़ और बिहारशरीफ में 306 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट भी अधूरे रहे। अधूरे प्रोजेक्ट्स की संख्या और शहरों की स्थिति: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत पूरे देश में 100 शहरों को चयनित किया गया था, जिनमें 8058 प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित किए गए थे। इनमें से 7491 प्रोजेक्ट्स यानी 93 फीसदी प्रोजेक्ट्स पूरे हुए हैं। हालांकि, 567 प्रोजेक्ट्स 14,357 करोड़ रुपये के अधूरे रह गए हैं। शहरों में जिनकी प्रगति सबसे अच्छी रही, उनमें चंडीगढ़, इंदौर, चेन्नई, अहमदाबाद, राजकोट, बैंगलोर, शिवमोगा, पिंपरी-चिंचवाड़, सोलापुर, भुवनेश्वर और लखनऊ शामिल हैं, जहां 1-1 प्रोजेक्ट बाकी रह गए। वहीं, गुवाहाटी, गांधीनगर, ठाणे, कोहिमा, राउरकेला, तंजापुर, तिरुनेलवेली, तिरुप्पुर, वेल्लोर, कानपुर, मुरादाबाद और प्रयागराज जैसे शहरों में 2-2 प्रोजेक्ट अधूरे रह गए हैं। केंद्र सरकार की भूमिका और वित्तीय स्थिति: केंद्र सरकार ने इस मिशन के लिए कुल 48 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया था, जिसमें से 47,425 करोड़ रुपये जारी किए गए। इन जारी किए गए फंड्स में से 45,506 करोड़ रुपये खर्च किए गए। हालांकि, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत किए गए प्रोजेक्ट्स में केवल 93 प्रतिशत काम ही समय पर पूरा हो सका है, जबकि बाकी के 7 प्रतिशत प्रोजेक्ट्स अधूरे रह गए। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 100 शहरों के लिए निर्धारित लक्ष्य का 93 प्रतिशत ही कार्य पूरा हो सका। हालांकि यह मिशन अपनी पूरी क्षमता के अनुसार सफल नहीं रहा, लेकिन जिन शहरों में कार्य पूरी गति से हुआ, वे इस मिशन को भविष्य के लिए एक सीख के रूप में देख सकते हैं। इस मिशन से जुड़े अधूरे प्रोजेक्ट्स को लेकर अब सवाल उठते हैं कि क्या सरकार भविष्य में इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करेगी या यह पूरी तरह से समाप्त हो जाएगा।   recent visitors 32