Sunday, July 5, 2026 3:53 am

करियर के लिए प्लानिंग जरूरी

अपने लिए सही करियर चुनने का मौका हर युवा को मिलता है, परंतु इसके लिए आप में अपनी पर्सनैलिटी के हिसाब से सही फैसला लेना बेहद जरूरी है। वास्तव में इसकी तैयारी हम अपने शैक्षणिक काल में विषयों के चुनाव से ही आरंभ कर देते हैं। कभी-कभी इसमें लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को प्रभावित करता है… अवसर को पहचानना सीखें:- कई बार जिंदगी हमें गलत फैसलों को भी ठीक करने का मौका देती है, जो हमारे जीवन की दिशा बदल सकता है। यदि आप सावधान हैं तो मिल रहे उन अवसरों को लपक सकते हैं। सवाल यह उठता है कि अब उस अवसर को पहचाना कैसे जाए। इसमें करियर काऊंसलर आप की मदद कर सकते हैं। समझें मनोविज्ञान:- हम में से अधिकांश ऐसा करते हैं कि दोस्तों ने जो विषय लिए हैं वही लेने हैं और कई वर्ष बाद जा कर महसूस होता है कि यह लाइन हमारे लिए नहीं थी। यदि हमने अपने लिए कोई ड्रैस भी खरीदनी है, तो उसके लिए कई बार सोचते हैं, कई दुकानें घूमते हैं, जबकि उस ड्रैस को हम मात्र 10-20 बार ही पहनते हैं। फिर करियर की जिस राह ने वर्षों तक हमारा हाथ थामना है, उसे हम दूसरों की नकल कर अपना लेते हैं, जबकि करियर ही तो हमें हमारे सपनों की राह तक ले जाता है। करें विश्लेषण:– अपनी स्ट्रैंथ, हॉबी एवं पैशन का विश्लेषण करें और समाज में एक खास शख्सियत के रूप में अपना नाम बनाएं। यदि समाज की बुराइयां आपको व्यथित करती हैं तो रिर्पाेटिंग में जाएं और यदि पुरानी चीजों को समझना और गहराई से चिंतन करना भाता है तो पुरातत्व विभाग में जाएं। यदि आपको लोगों से मिलना और उन्हें मोटीवेट करना पसंद है, तो एच.आर. मैनेजर, मार्कीटिंग मैनेजर, शिक्षक, काऊंसलर या टूर गाइड जैसे करियर में किस्मत आजमाएं। यदि आपकी दिलचस्पी भवनों और स्थापत्य कला में है तो सिविल इंजीनियर के रूप में अपना करियर चुनें। चाह सफलता और दौलत की:- आज युवा वह करियर चुनना चहते हैं, जिसमें ढेर सारा पैसा और सफलता के अवसर भी हों। सिनेमा की फंतासी उनके इस ख्वाब को अधिक हवा देती है परंतु सफलता का पैमाना तो पत्रकारों, लेखकों, शैफ या काऊंसलर्स की लाइफ में भी होता है। सिर्फ डॉक्टर, वकील या इंजीनियर ही सफल व्यक्तित्व वाले नहीं माने जा सकते। जरूरत तो इस बात की है जो भी करियर आप चुनें, उससे शिद्दत से जुड़ें और सफलता के नए आयाम तलाशें।   recent visitors 42

ग्वालियर में गर्मी का प्रकोप : प्रशासन ने स्कूलों के समय में किया बदलाव, आदेश जारी

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर में गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लेते हुए स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव कर दिया है। इसके आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इसके अनुसार 1 अप्रैल से दोपहर में स्कूलों को नहीं लगाया जाएगा। प्ले ग्रुप से कक्षा 2 तक सुबह 9 से दोपहर 01 बजे तक स्कूल संचालित होंगे। वहीं कक्षा 3 से 12वीं तक सुबह 8 से 1:30 बजे तक स्कूलों को संचालित किया जाएगा। ज़िला शिक्षा अधिकरी ने सभी निजी और सरकारी स्कूलों के लिए यह आदेश जारी किया है। 1 अप्रैल से प्रभावी होगा नया आदेश   ग्वालियर जिला शिक्षा अधिकारी आदर्श कटियार ने कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुमोदन के बाद आदेश जारी किया है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अब से कक्षा नर्सरी से कक्षा 2 तक के स्कूल सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और कक्षा 3 से कक्षा 12 तक के स्कूल सुबह 8 बजे से 1:30 बजे तक लगेंगे, ये आदेश 1 अप्रैल से प्रभावी होगा। recent visitors 28

अपार्टमेंट की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में भीषण आग, 10 बाइक जलकर खाक

बिलासपुर न्यायधानी के तोरवा क्षेत्र के वैशाली रीजेंसी अपार्टमेंट की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात भीषण आग लग गई. घटना में 10 बाइक पूरी तरह जलकर राख हो गईं. वहीं आग की चपेट में एक कार भी आई, जिसका एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घटना की जानकारी होने पर अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की. वहीं घटना की सूचना तौर पर पुलिस में फायर ब्रिगेड को दी गई. घटना रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है. तेज लपटें उठती देख कॉलोनी के लोगों की नींद खुल गई. आग तेजी से फैल रही थी, लेकिन स्थानीय निवासियों ने तुरंत पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की. वहीं घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी अपार्टमेंट पहुंची लेकिन तब तक कई गाड़ियां जलकर खाक हो गई. कैसे लगी आग ? प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, क्योंकि पार्किंग क्षेत्र में लगे होल्डर से चिंगारी निकलती देखी गई थी. घटना की सूचना मिलने पर तोरवा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. recent visitors 29

मंत्रि-परिषद से अनुमोदन उपरांत अमल में लाया जायेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण, शहरी और इंटरसिटी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रारंभ की जाएगी। योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। सबके साथ विस्तृत विचार-विमर्श, सुझाव एवं सहमति के बाद शीघ्र ही इस योजना प्रस्ताव को अनुमोदन के लिये मंत्रि-परिषद की बैठक में लाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में नवीन परिवहन सेवा (मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा) के संबंध में प्रारंभिक चर्चा के लिए आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में सुगम यात्री परिवहन के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, नगरीय विकास एवं प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बैठक में वर्चुअली सहभागिता की। समत्व में हुई बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं प्रशासन संजय कुमार शुक्ल, सचिव परिवहन मनीष सिंह, सचिव मुख्यमंत्री सिबी चक्रवर्ती एवं संचालक जनसम्पर्क अंशुल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की यात्री परिवहन संबंधी भावी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर इस नवीन योजना के सभी पक्षों पर गहनता से अध्ययन करें, जिससे यात्रियों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके। सचिव परिवहन मनीष सिंह ने नवीन परिवहन सेवा योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई परिवहन योजना में प्रदेश में यात्री बसों के संचालन की त्रि-स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी गठित की जाएगी। प्रदेश के सात बड़े संभागों (भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं रीवा) में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां भी गठित की जाएगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति गठित भी की जायेंगी। यह सभी बॉडीज यात्री परिवहन को बेहतर बनाने, यात्री किराया तय करने, रूट चार्ट तैयार करने में समन्वय और यात्रियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अनुश्रवण एवं मार्गदर्शन करेगी। बताया गया कि सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों की आय अर्जन के स्रोत निर्माण के लिए भी इस योजना में विशेष इंतजाम किए जाएंगे। नवीन योजना में सरकार अनुबंधित बसों को प्राथमिकता से परमिट देगी। इन बसों पर प्रभावी नियंत्रण सरकार का ही होगा। नवीन योजना में यात्रियों एवं बस ऑपरेटर्स के लिए ऐप और कंपनी की मॉनिटरिंग के लिए एक डैशबोर्ड भी होगा नवीन परिवहन सेवा के संचालन के लिए प्रदेश के सात बड़े संभागों में यात्री बसों की आवश्यकता और जरूरी संख्या के लिए सर्वे कराये जा रहे हैं। सर्वे के परिणाम जल्द ही प्राप्त हो जायेंगे। सर्वे के फीडबैक के आधार पर सरकार इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगी। बताया गया की नवीन परिवहन योजना का सबसे अधिक लाभ यात्रियों को होगा। बस ऑपरेटर्स को भी बेहतर माहौल और उन्हें कन्टीन्यू बिजनेस देने का प्रावधान भी इस नवीन परिवहन सेवा योजना में की गई है, जिससे आपरेटर्स की बस सेवाएं बाधित न हो और यात्रियों को भी कोई परेशानी न हो।   recent visitors 38

लाइफ में सक्सेस पाने के लिए कुछ खास टिप्स

लाइफ में सफल होने के लिए सभी मेहनत करते हैं। बहुत सारे लोग सक्सेज टिप्स भी देते हैं। लेकिन इन टिप्स के अलावा कुछ ऐसे लाइफ लेसन हैं जिन्हें कोई नहीं बताता। ये केवल खुद के एक्सपीरिएंस से ही मिलते हैं। ऐसे ही कुछ खास लाइफ लेसन हैं जो आपको सफलता पाने में मदद करेंगे। इन सक्सेज टिप्स को हमेशा याद रखें और अपने गोल्स को पाने की कोशिश करें। अपनी वैल्यू बनाएं हमेशा खुद को यूजफुल बनाने की कोशिश करें। ऐसे काम करें जिससे आप कुछ नया सीखे, बनाएं जिसकी जरूरत दूसरों को हो। खुद में किसी स्किल को डेवलप करें। सफलता पाने का ये सबसे बढ़िया रास्ता है। विचारों को पॉजिटिव रखें आपके विचार किसी बूमरैंग की तरह हैं। जो आप सोचते हैं वहीं लौटकर आपके पास भी आता है। मतलब जैसा आप अपने बारे में या दूसरों के बारे में सोचेंगे वैसा ही दूसरे भी सोचेंगे। इसलिए हमेशा पॉजिटिव बातों को भी दिमाग में लाने की कोशिश करें। बोलने के तरीके पर ध्यान दें पॉवर ऑफ स्पीच, खुद के बोलने पर खास ध्यान दें। आपकी बोली आपको जीता भी सकती है और हार भी दिला सकती है। इसलिए हमेशा सौम्य और अच्छा बोलने की कोशिश करें। स्मॉल स्टेप लें लाइफ में, करियर में या फिर किसी भी रिश्ते में छोटे कदम उठाने से ना झिझकें। पहला छोटा स्टेप ही सक्सेस के रास्ते पर ले जाएगा। इसलिए अगर करियर बनाना है तो किसी छोटी चीज से भी शुरुआत की जा सकती है। अपने दिमाग पर कंट्रोल रखें अगर आप अपने दिमाग, निगेटिविटी पर कंट्रोल रखते हैं तो सक्सेस होने से कोई नहीं रोक सकता। संदेह और नकारात्मकता पर काबू रखें और दिमाग की बातों को सुनने की बजाय आगे बढ़ने पर यकीन रखें। रेपुटेशन बनाएं अच्छी रेपुटेशन अच्छे कैरेक्टर से आती है। जो कई बार पैसे से भी ज्यादा कीमती होती है। इसलिए अपने सम्मान पर काम जरूर करें। recent visitors 47

छोटी-सी लौंग आपके बढ़ते वजन को कर सकती है कम

अगर आप पेट की निकली हुई चर्बी से परेशान हैं और घंटों एक्सरसाइज करने के बाद भी कोई खास फर्क नहीं दिख रहा है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। आपके किचन में मौजूद छोटी-सी लौंग आपके बढ़ते वजन को काबू में कर सकती है। जी हां, लौंग सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद में इसे सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है। यह एक बेहतरीन मेटाबॉलिज्म बूस्टर है, जो शरीर की चर्बी तेजी से कम करने में मदद कर सकती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर से टॉक्सिन्स निकालकर फैट बर्निंग के प्रोसेस को तेज कर देते हैं। अगर आप बिना किसी स्ट्रिक्ट डाइट प्लान और घंटों वर्कआउट किए वजन घटाना चाहते हैं, तो लौंग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं, लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है, तभी आपको इसका पूरा फायदा मिलेगा। आइए जानते हैं लौंग के 5 सबसे असरदार तरीके, जो आपकी जिद्दी चर्बी को तेजी से पिघलाने में मदद कर सकते हैं। लौंग की चाय अगर आप दिन की शुरुआत हेल्दी और एनर्जी से भरपूर तरीके से करना चाहते हैं, तो लौंग की चाय आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकती है। यह न केवल शरीर में जमा एक्स्ट्रा फैट को कम करने में मदद करती है, बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती है। कैसे बनाएं लौंग की चाय?     2-3 लौंग को हल्का सा भून लें, ताकि इसका स्वाद और पोषण गुण बढ़ जाएं।     1 कप पानी में इन्हें डालकर 5 मिनट तक उबालें।     आप इसमें थोड़ा-सा शहद और नींबू का रस भी मिला सकते हैं।     इसे रोजाना सुबह खाली पेट पिएं। लौंग की चाय शरीर की चर्बी गलाने के साथ-साथ इम्युनिटी भी मजबूत करती है। शहद और लौंग का पानी शरीर से टॉक्सिन्स निकालना और मेटाबॉलिज्म को तेज करना वजन घटाने का सबसे जरूरी प्रोसेस होता है। लौंग और शहद का मिश्रण इन दोनों कामों में जबरदस्त तरीके से मदद करता है। कैसे बनाएं यह डिटॉक्स ड्रिंक?     रात में 2-3 लौंग को पानी में भिगोकर रख दें।     सुबह उस पानी को हल्का गुनगुना करें और उसमें 1 चम्मच शहद मिला लें।     इसे खाली पेट पिएं। यह मिश्रण शरीर को डीटॉक्स करने में मदद करता है और फैट बर्निंग प्रोसेस को तेज करता है। लौंग और दालचीनी दालचीनी और लौंग दोनों ही शक्तिशाली वेट लॉस एजेंट माने जाते हैं। इन दोनों का सही तरीके से सेवन करने से शरीर का एक्स्ट्रा फैट तेजी से कम होने लगता है। कैसे करें इस्तेमाल?     2 लौंग और 1 छोटा टुकड़ा दालचीनी को रातभर पानी में भिगो दें।     सुबह इस पानी को उबालें और हल्का गुनगुना करके पिएं। इस ड्रिंक को पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और भूख कम लगती है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। लौंग और नींबू अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन जल्दी से कम हो, तो लौंग और नींबू का कॉम्बिनेशन आजमाइए। यह न केवल वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि शरीर को अंदर से साफ भी करता है। कैसे करें इस्तेमाल?     लौंग की चाय में नींबू का रस मिलाकर पिएं।     आप चाहें तो लौंग को पीसकर गुनगुने नींबू पानी में भी मिला सकते हैं और इसे सुबह खाली पेट पी सकते हैं। नींबू में मौजूद विटामिन सी शरीर से एक्स्ट्रा फैट कम करने में मदद करता है और इसे लौंग के साथ लेने से वजन घटाने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। कच्ची लौंग चबाएं अगर आपको किसी ड्रिंक या चाय को बनाने में समय नहीं मिलता, तो आप सीधे लौंग चबाकर भी इसका फायदा उठा सकते हैं। कैसे करें?     हर दिन सुबह 1-2 लौंग चबाएं।     इसके बाद हल्का गुनगुना पानी पिएं। लौंग चबाने से न केवल पाचन तंत्र मजबूत होता है, बल्कि मेटाबॉलिज्म भी तेजी से बढ़ता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। कई वजहों से फायदेमंद है लौंग     पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है – लौंग में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पाचन को सही रखने में मदद करते हैं।     इंफ्लेमेशन को कम करती है – शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) वजन बढ़ाने की बड़ी वजह हो सकती है, जिसे लौंग कम करने में मदद करती है।     ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करती है – अगर आपका शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा, तो वजन घटाना आसान हो जाएगा।     भूख को कम करती है – लौंग के सेवन से आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती, जिससे बार-बार खाने की आदत कम हो जाती है।   recent visitors 47

नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी, कर्ज चुकाने, ब्याज के लिए 58 हजार करोड़

भोपाल मध्यप्रदेश राज्य में अब बजट का सूखा समाप्त होने वाला है। सरकारी महकमों को खर्चे के लिए एक अप्रेल से रकम मिल जाएगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 4.21 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। हाल ही में समाप्त हुए बजट सत्र में सदन से यह बजट पारित करवाकर राज्य सरकार ने राजभवन भेजा था। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही विभागों में खर्चों पर लगी रोक भी हट जाएगी। MP में 4.21 लाख करोड़ के बजट को मिली हरीझंडी मध्यप्रदेश में अब बजट का सूखा समाप्त होने वाला है। सरकारी महकमों को खर्चे के लिए एक अप्रैल से रकम मिल जाएगी। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 4.21 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी है। हाल ही में समाप्त हुए बजट सत्र में सदन से यह बजट पारित करवाकर राज्य सरकार ने राजभवन भेजा था। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही विभागों में खर्चों पर लगी रोक भी हट जाएगी। नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी। अधोसंरचना क्षेत्र में 70515 करोड़ रुपए इस बार खर्च करने की तैयारी है। अधोसंरचना पर ज्यादा नए वित्तीय वर्ष में अधोसंरचना क्षेत्र में सरकार सर्वाधिक खर्च करेगी। अधोसंरचना क्षेत्र में 70515 करोड़ रुपए इस बार खर्च करने की तैयारी है। जबकि कृषि क्षेत्र में 39207 करोड़ रुपए, सामाजिक स्वास्थ्य एवं महिला विकास विकास के लिए 50333 करोड़ रुपए की व्यवस्था सरकार ने की है। नगरीय एवं ग्रामीण विकास के लिए यह राशि 51074 करोड़ रुपए है। कर्ज चुकाने, ब्याज के लिए 58 हजार करोड़ कर्ज का बोझ कम करने के लिए भी सरकार ने व्यवस्था की है। इस बजट में कर्ज चुकान और ब्याज भुगतान के लिए 58 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है। इसमें ब्याज भुगतान के लिए 28636 करोड़ रुपए एवं कर्ज भुगतान के लिए 29980 करोड़ रुपए का प्रावधान है। यही नहीं पेंशन भुगतान के लिए 28961 करोड़ रुपए की व्यवस्था इस बजट में है। recent visitors 33