मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के बनासकांठा में श्रमिकों की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुजरात के बनासकांठा में श्रमिकों की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया मध्यप्रदेश सरकार का गुजरात सरकार से सतत् संपर्क श्रमिकों को पूर्ण सहायता दी जाएगी भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से मध्यप्रदेश निवासी श्रमिकों के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार का गुजरात सरकार से घटना के संबंध में लगातार संपर्क बना हुआ है। श्रमिकों की सहायता और परिवारों की मदद के लिए सभी आवश्यक प्रयास होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से असमय दिवंगत श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।   recent visitors 23

छत्तीसगढ़ में पेट्रोल सस्ता, टोल महंगा, ई-ऑफिस सिस्टम लागू, जानें प्रदेश में 1 अप्रैल से क्या हुआ बदलाव?

रायपुर  छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में आज से पेट्रोल की कीमत में कटौती हुई है। पेट्रोल का रेट 1 रुपया लीटर सस्ता हुआ है। नए रेट 31 मार्च को आधी रात से लागू हहुआ है। राज्य सरकार ने नए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में पेट्रोल प्रति लीटर 1 रुपए सस्ता करने की घोषणा की। जिसके बाद रायपुर में अब पेट्रोल की कीमत करीब 100.42 रुपए प्रति लीटर हो गई है। दूसरी ओर अगर अब PAN से आधार लिंक नहीं होगा तो फाइन लगेगा. इससे टैक्सपेयर्स को परेशानी जरूर हो सकती है. तो वहीं राज्य सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 50 फीसदी बढ़ाकर 53 फीसदी कर दिया गया है. इसका फायदा कर्मचारियों को अप्रैल में होगा. छत्तीसगढ़ में सस्ती होगी शराब छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से शराब सस्ती हो जाएगी. इसके साथ ही प्रदेश के 600 से ज्यादा दुकानों में नए रेट भी लागू हो जाएंगे. अब फैसले से उपभोक्ताओं को कम कीमतों पर शराब उपलब्ध हो पाएगी. एक जानकारी के मुताबिक नई रेट के बाद अब शराब की कीमतों में 40 रुपये से लेकर 3 हजार रुपये तक की बचत हो सकेगी. ये नई दरें 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में लागू होगी. सरकार के फैसले के तहत 1000 रुपये की शराब की बोतल पर करीब 40 रुपये तक की बचत पर उपभोक्ताओं को मिलेगी. अब विस्तार से जानिए छत्तीसगढ़ में होने वाले बदलाव DA बढ़ा- राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को 50% से बढ़ाकर 53% कर दिया गया है। जिसका फायदा अप्रैल महीने से मिलेगा। यानी मार्च की सैलरी में ये पैसा जुड़कर आएगा। पेट्रोल सस्ता- राज्य सरकार ने VAT की कटौती की है, इसकी वजह से आज 1 अप्रैल 2025 से लोगों को छत्तीसगढ़ में पेट्रोल 1 रुपए सस्ता मिलेगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर- राज्य सरकार अपने बजट का 26 हजार 341 करोड़ पूंजीगत व्यय करेगी। यानी सड़कें, ब्रिज, स्कूल-कॉलेज,अस्पताल बनेंगे, ये खर्च आम लोगों की सुविधा पर होगा। ये काम आज (मंगलवार) से ही शुरू होगा। स्कूलों की टाइमिंग बदलेगी- 2 अप्रैल से स्कूल सुबह 7 बजे से 11 बजे तक लगेंगे। दो पालियों में चलने वाले स्कूलों में बड़ी क्लासेस सुबह 8 से 3 बजे तक लगेंगी। व्यापारियों के लिए- ई-वे बिल बनवाने के नियम में सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख के सामान पर लागू किया गया है। जो आज 1 अप्रैल से लागू होगा।     40 हजार व्यापारियों की 10 साल से पुरानी VAT और CST की 25 हजार से कम की बकाया राशि माफ की गई है। ई-ऑफिस सिस्टम- आज 1 अप्रैल से जिला और संभाग कार्यालयों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू होगा। कम्प्यूटर पर फाइलें चलेंगी।     संबंधित अफसर के पास संबधित फाइल पहुंचने का SMS भी पहुंचेगा।     शराब सस्ती – छत्तीसगढ़ में आज से शराब सस्ती हो गई है। आबकारी विभाग के मुताबिक रिटेल वाइन शॉप में अधिक बिकने वाली बोतलों में 20, 40, 150, 200 और 300 रुपए तक कम कीमतों में शराब मिलेगी। बार में भी शराब के दाम घटे हैं। देशभर में होंगे ये बदलाव 1. इनकम टैक्स के नियमों में बदलाव     1 अप्रैल से नई टैक्स व्यवस्था में नौकरी पेशा लोगों को 12 लाख रुपए तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।     75 हजार के स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह छूट 12.75 लाख रुपए हो जाएगी।     न्यू टैक्स रिजीम में 20 से 24 लाख की इनकम के लिए 25% टैक्स का नया स्लैब भी शामिल किया गया।     2.4 लाख रुपए से ज्यादा की आय पर नई टैक्स स्लैब के हिसाब से कटौती होगी।     सीनियर सिटीजन्स के लिए एफडी से मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस की छूट की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है। 2. बैंकों में मिनिमम बैलेंस के नियम बदलेंगे     बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस की सीमा बढ़ाई जा सकती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक समेत कई बैंकों ने मिनिमम बैलेंस की शर्तें बदली है।     इन बैंकों के ग्राहकों को सीमा शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के आधार पर मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना होगा।     न्यूनतम बैलेंस न रखने पर पेनल्टी लगाई जा सकती है। जो बैंक अकाउंट की कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग होगी।     शहरी इलाकों में 5 हजार और ग्रामीण इलाकों में 3 हजार मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना होगा।     हालांकि बैंकों ने अभी ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। 3. क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड में कटौती होगी।     SBI और IDFC First Bank अपने क्रेडिट कार्ड के यूज पर मिलने वाले रिवॉर्ड में कटौती कर रही है।     एयर इंडिया SBI प्लेटिनम क्रेडिट कार्ड के यूजर्स को अब एयर इंडिया की टिकट बुकिंग पर हर 100 रुपए खर्च करने पर 15 की जगह सिर्फ 5 रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलेंगे। 4. पॉजिटिव-पे सिस्टम लागू किया जा सकता है     चेक में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए 50,000 रुपए से ज्यादा के चेक जारी करने पर ग्राहकों को पहले बैंक को इसकी जानकारी देनी होगी। 5. TDS लिमिट की सीमा बढ़ी     6 लाख तक की रेंटल इनकम पर टैक्स नहीं     रेंट से होने वाली इनकम पर TDS की सीमा 2.4 लाख से बढ़कर 6 लाख हो गई है।     बैंक FD से मिलने वाले इंट्रेस्ट से इनकम लेने वाले सीनियर सिटीजन्स के लिए TDS की सीमा 50 हजार से बढ़कर 1 लाख हो गई है। 6. PAN और आधार लिंकिंग अनिवार्य     1 अप्रैल के बाद जिनका PAN आधार से लिंक नहीं होगा, उनका PAN कार्ड ब्लॉक हो सकता है।     PAN और आधार लिंक नहीं है, तो डिविडेंड और कैपिटल गेन पर TDS ज्यादा कटेगा, और टैक्स रिफंड में भी देरी हो सकती है।     देर से लिंक कराने पर जुर्माना देना होगा। 7.निष्क्रिय UPI अकाउंट बंद होंगे     अगर आपका यूपीआई खाता लंबे समय से निष्क्रिय है, तो बैंक उसे बंद कर सकता है। 8. ATM से पैसे निकालने का चार्ज देना होगा अब दूसरे बैंकों के एटीएम से महीने में केवल 3 बार ही फ्री ट्रांजेक्शन की अनुमति होगी। इसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर 20 से 25 रुपए तक का चार्ज देने होगा। छत्तीसगढ़ में होंगे ये बदलाव … Read more

योगी सरकार के बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, जिनके घर गिराए उन्हें 10-10 लाख का हर्जाना दो

नई दिल्ली/ प्रयागराज सुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज में 2021 में हुई बुलडोजर कार्रवाई पर मंगलवार (1 अप्रैल) को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने प्रयागराज डेवलपमेंट अथॉरिटी को आदेश दिया कि वह 5 याचिकाकर्ताओं को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दे। यह मुआवजा 6 सप्ताह के भीतर दिया जाना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए कहा कि नोटिस मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर मकान गिराना कानून के खिलाफ है। न्यायालय ने यह भी कहा कि भविष्य में सरकारों को इस प्रकार की गलत कार्रवाइयों से बचना चाहिए और उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। बच्ची का वीडियो बना मुद्दा 23 मार्च को उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में हुई एक अन्य बुलडोजर कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में एक बच्ची अपनी झोपड़ी के गिराए जाने के दौरान भागती हुई दिख रही थी, जो अपनी किताबें बचाने के लिए दौड़ रही थी। इस भावनात्मक वीडियो का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को चेताया कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट की पहले भी चेतावनी  7 मार्च को भी सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को बुलडोजर कार्रवाई के लिए फटकार लगाई थी। पीड़ितों ने दावा किया कि राज्य सरकार ने गलती से उनकी ज़मीन को गैंगस्टर अतीक अहमद की संपत्ति मान लिया, जिसके कारण प्रयागराज में एक वकील, एक प्रोफेसर और तीन अन्य लोगों के घर ध्वस्त कर दिए गए। इसी मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस उज्जल भुइयां ने यूपी के अंबेडकर नगर में 24 मार्च को हुई घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान एक तरफ झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया जा रहा था तो दूसरी तरफ 8 साल की एक बच्ची अपनी किताबें लेकर भाग रही थी. इस तस्वीर ने सबको हैरान कर दिया, ये दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जहां अवैध रूप से तोड़फोड़ की जा रही है और इसमें शामिल लोगों के पास निर्माण कार्य करने तक की क्षमता नहीं है. नोटिस के 24 घंटे बाद चला बुलडोजर याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनको एक्शन से पहले कोई नोटिस नहीं मिला. यहां तक कि नोटिस भेजने के 24 घंटे के भीतर ही बुलडोजर चला दिया गया. याचिकाकर्ताओं के मुताबिक साल 2021 में पहले एक मार्च को उन्हें नोटिस जारी किया गया था, उन्हें 6 मार्च को नोटिस मिला. फिर अगले ही दिन 7 मार्च को मकानों पर बुलडोजर एक्शन लिया गया. अधिवक्ता जुल्फिकार हैदर, प्रोफेसर अली अहमद और अन्य लोगों की याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई की जिनके मकान ध्वस्त कर दिए गए थे. याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि प्रशासन और शासन को ये लगा कि ये संपत्ति गैंगस्टर और राजनीतिक पार्टी के नेता अतीक अहमद की है. इन सभी लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में फरियाद की थी. लेकिन हाईकोर्ट ने घर गिराए जाने की कार्रवाई को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन घरों को गलती से गिराया गया है, उन्हें राज्य सरकार अपने खर्च पर फिर से बनाएगी। कोर्ट ने कहा कि यदि राज्य सरकार इस फैसले को चुनौती देना चाहती है, तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत हलफनामा दाखिल करना होगा। सरकार को कड़ी चेतावनी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि बिना उचित प्रक्रिया के किसी की संपत्ति को नष्ट करना कानून का उल्लंघन है। यह फैसला भविष्य में सरकारों को मनमानी कार्रवाई करने से रोकने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। recent visitors 34

EV: union minister nitin gadkari – लिथियम बैटरी की कीमतों में गिरावट से ईवी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, जानें डिटेल्स

union minister nitin gadkari

union minister nitin gadkari says fall in lithium battery prices will boost ev sector union minister nitin gadkari ने कहा है कि लिथियम बैटरियों की कीमतों में कमी से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की लागत में काफी गिरावट आएगी। जिससे वे आम लोगों के लिए ज्यादा किफायती बन जाएंगे। सोमवार को गडकरी ने कहा कि भारत में प्रदूषण सबसे बड़ी समस्या है और इसमें सबसे बड़ा योगदान ट्रांसपोर्ट सेक्टर का है। इसलिए पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों से हटकर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाना बहुत जरूरी है। सड़क परिवहन और union minister nitin gadkari ने कहा कि बैटरी तकनीक में हो रही प्रगति भारत को सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि भारत की तेल पर निर्भरता न सिर्फ आर्थिक रूप से भारी पड़ रही है। बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है। हर साल करीब 22 लाख करोड़ रुपये ईंधन आयात पर खर्च हो रहे हैं। इस वजह से साफ ऊर्जा को अपनाना देश के विकास के लिए जरूरी है। ठाणे में एक ईको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक साइकिल लॉन्च के मौके पर union minister nitin gadkari ने कहा कि शहरीकरण बढ़ने के कारण साइक्लिंग को भी एक टिकाऊ शहरी परिवहन विकल्प के रूप में बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि 2014 से अब तक भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर इतनी तेजी से बढ़ा है कि यह जापान को पछाड़कर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा वाहन बाजार बन गया है। गडकरी ने कहा कि 2030 तक भारत इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में दुनिया का अग्रणी देश बन जाएगा, जिससे ग्लोबल ऑटो मार्केट पर बड़ा असर पड़ेगा। ईवी की लागत कम होगीगडकरी ने कहा कि लिथियम-आयन बैटरियों की कीमतों में आई तेज गिरावट (अब 100 डॉलर प्रति kWh) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा सुलभ बना दिया है। और उनकी कीमतें पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर आने के करीब हैं। उन्होंने बताया, “कुछ साल पहले लिथियम की कीमत 150 डॉलर प्रति किलोवॉट थी, जो अब घटकर लगभग 100 डॉलर रह गई है। यह और कम होगी, तो इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतें भी कम हो जाएंगी, जिससे आम लोगों को ये सस्ते में मिल सकेंगे।” गडकरी ने कहा, “प्रदूषण हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती है और इसका एक बड़ा हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है।” उन्होंने दोहराया कि इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन पर शिफ्ट होना सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से ही जरूरी नहीं है। बल्कि यह आर्थिक रूप से भी फायदेमंद होगा। उन्होंने भारत में पर्यावरण अनुकूल और लागत प्रभावी परिवहन समाधान की खोज में बैटरी से चलने वाले वाहनों (BEV) के महत्व को दोहराया। नई बैटरी तकनीकों पर शोधगडकरी ने कहा कि भारत में बैटरी तकनीक पर लगातार शोध हो रहा है, जिसमें सेमी-कंडक्टर्स, लिथियम-आयन, जिंक-आयन, सोडियम-आयन और एल्युमिनियम-आयन बैटरी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग एक बड़ा निर्यात अवसर है। जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और व्यापार संतुलन सुधरेगा। गडकरी ने हाल ही में हीरो के एक संयंत्र का उद्घाटन करने के लिए पंजाब के लुधियाना की अपनी यात्रा को याद करते हुए कहा, “भारत की 50 प्रतिशत टू-व्हीलर अब निर्यात की जा रही हैं, और हमें घरेलू बाजार से ज्यादा फायदा निर्यात से हो रहा है।” मंत्री ने एक अध्ययन का हवाला देते हुए कहा, “बजाज और टीवीएस जैसे पारंपरिक दोपहिया वाहन निर्माताओं ने एक बार चार्ज करने पर 125 किलोमीटर की रेंज वाले वाहन बनाए हैं। लखनऊ और कानपुर शहरों के युवाओं ने 60 किलोमीटर की रेंज वाली बाइक का निर्माण शुरू कर दिया है।” इस अध्ययन से पता चलता है कि एक बाइक आम तौर पर प्रति दिन अधिकतम 24-26 किलोमीटर की यात्रा करती है। बायोफ्यूल और किसानों के लिए नई संभावनाएंगडकरी ने कहा कि सरकार कृषि अपशिष्ट से बायोफ्यूल बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिसमें बायो-सीएनजी और बायो-एविएशन फ्यूल शामिल हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिलेगी और प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “अब किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं रहेंगे, बल्कि ऊर्जा दाता भी बनेंगे।” सरकार की नीति “आयात प्रतिस्थापन, लागत प्रभावी, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी” तकनीकों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। गडकरी ने बताया कि सरकार पराली से बायोफ्यूल बनाने की योजना पर भी काम कर रही है> जिससे किसानों को पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इससे प्रदूषण कम होगा। उन्होंने कहा, “हरियाणा के किसान धान की पराली जलाते हैं, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। लेकिन अब हम इसे बायोफ्यूल में बदल रहे हैं। इस दिशा में 400 प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिनमें से 60 पहले से ही काम कर रहे हैं।” शहरी परिवहन में साइक्लिंग को बढ़ावागडकरी ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के मद्देनजर साइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष साइकिल ट्रैक बनाए जाने चाहिए। ताकि पर्यावरण के अनुकूल यात्रा को प्रोत्साहन मिले, सड़क सुरक्षा बढ़े और ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो। उन्होंने कहा, “भारत में नवाचार और प्रतिस्पर्धा के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे देश इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण, वैकल्पिक ईंधन और ग्रीन मोबिलिटी समाधानों का प्रमुख केंद्र बन रहा है।” गडकरी ने दोहराया कि भारत हरित तकनीकों को अपनाकर प्रदूषण कम करने, आयात लागत घटाने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। Read more: अब ChatGPT पर Free में बनेगी Ghibli इमेज, ट्रेंड वायरल पर Sam Altman ने की बड़ी घोषणा, जानें तरीका “पहले लोग विश्वास नहीं करते थे”गडकरी ने याद किया कि जब उन्होंने पहली बार इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-बाइक्स के बारे में बात की थी, तो लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। उन्होंने कहा, “जब मैंने इलेक्ट्रिक कार और ई-बाइक की बात की थी, तो लोग हंसते थे, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं।” उन्होंने बताया कि हाल ही में टाटा ने हाइड्रोजन सेल से चलने वाले ट्रक पेश किए हैं, जो भारत में उन्नत तकनीक और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गडकरी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक, युवा इंजीनियरों की प्रतिभा और कृषि नवाचारों के मेल से भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रहेगा। recent visitors 103

आईपीएल के अपने डेब्यू मैच में ही 4 विकेट चटकाने वाले अश्विनी कुमार ने अपने जोश का राज शेयर किया

नई दिल्ली कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ आईपीएल के अपने डेब्यू मैच में ही 4 विकेट चटकाने वाले मुंबई इंडियंस के अश्विनी कुमार ने अपने जोश का राज शेयर किया है। मैच के बाद उन्होंने बताया कि कैप्टन हार्दिक पांड्या के शब्दों से उन्हें आत्मविश्वास आया। कुमार ने कहा कि पांड्या ने उनसे कहा था कि तू पंजाबी है और पंजाबी किसी से डरता नहीं है। बीसीसीआई ने IPLT20 हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें पारस महाम्ब्रे अश्विनी कुमार से उनके पहले आईपीएल मैच के शानदार अनुभवों के बारे में बातचीत कर रहे हैं। वीडियो में कुमार बताते हैं, 'हार्दिक भाई ने बताया था कि पंजाबी है तो पंजाबी डरते नहीं हैं किसी से। तो वैसे ही खेलना है, दूसरो को डराना है, आप नहीं डरना बस।' बातचीत के दौरान अश्विनी ने ये भी बताया कि किस तरह जब मनीष पांडे ने उनकी गेंद पर चौका जड़ा तब पांड्या ने उनकी हिम्मत बढ़ाई। उन्होंने कहा,'जो मनीष पांडे था, उस पर तो मुझे एक चौका पड़ चुका था पहले ही। फिर मेरी हार्दिक भाई से बात हुई तो उन्होंने कहा कि बॉडी पर ही बॉल देखना। हार्दिक भाई ने ही मुझसे कहा था कि डरना नहीं है…अगर रन पड़ेंगे तो भी कोई दिक्कत नहीं है।' मैदान में कैप्टन ने जिस तरह से भरोसा दिखाया और हौसला बढ़ाया, उसका असर अश्विनी कुमार की गेंदबाजी में और ज्यादा धार के रूप में दिखा। मैच में कुमार ने 3 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। अबतक किसी भी भारतीय ने आईपीएल में अपने डेब्यू मैच में 4 विकेट हासिल नहीं किया था। अश्विनी ने अपने पहले ही आईपीएल मैच में अजिंक्य रहाणे, मनीष पांडे, रिंकू सिंह और आंद्रे रलेस जैसे बल्लेबाजों को पवैलियन का रास्ता दिखाया। उनकी धारदार गेंदबाजी की ही देन थी कि कोलकाता की टीम 117 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में मुंबई ने बहुत ही आसानी से 43 गेंद बाकी रहते 8 विकेट से जीत हासिल कर ली। recent visitors 37

आयुष्मान कार्ड से अब इन अस्पतालों में नहीं होगा इलाज, 600 से अधिक प्राइवेट अस्पतालों ने छोड़ दी योजना

 नई दिल्ली साल 2018 में शुरू हुई भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना, आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 600 से अधिक प्राइवेट अस्पतालों ने स्वेच्छा से इससे बाहर होने का फैसला किया है। इन अस्पतालों ने देरी से भुगतान और कम रिम्बर्समेंट रेट जैसे कारणों का हवाला देते हुए योजना से खुद को अलग कर लिया है। सबसे ज्यादा गुजरात के अस्पताल हुए बाहर आयुष्मान भारत योजना से खुद को अलग करने वाले प्राइवेट अस्पतालों में सबसे ज्यादा गुजरात राज्य से हैं। यहां 233 अस्पतालों ने योजना से बाहर होने का फैसला किया। इसके बाद केरल में 146 और महाराष्ट्र में 83 अस्पतालों ने भी इसी तरह का कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा राज्यसभा में शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 609 प्राइवेट अस्पताल अब तक इस योजना से बाहर हो चुके हैं। यह स्थिति उस योजना के लिए चिंता का विषय बन गई है, जिसका उद्देश्य देश के 10 करोड़ परिवारों या लगभग 50 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। निजी अस्पतालों की शिकायतें निजी अस्पतालों का कहना है कि योजना के तहत निर्धारित कम दरें और भुगतान में होने वाली देरी उनके लिए कामकाज को मुश्किल बना रही हैं। कई अस्पतालों ने दावा किया है कि राज्य सरकारों द्वारा समय पर फंड जारी न करने के कारण उनको समय पर पैसे नहीं मिले, जिससे वे इस योजना में भागीदारी जारी रखने में असमर्थ हो रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की हरियाणा इकाई के तहत फरवरी में सैकड़ों निजी अस्पतालों ने योजना के तहत सेवाएं बंद करने की घोषणा की थी, क्योंकि वहां 400 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया था। इसके बाद, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम एसोसिएशन ने इसी तरह की निलंबन की मांग की। छत्तीसगढ़ और गुजरात जैसे राज्यों में कुछ ट्रीटमेंट पैकेज केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित होने और सरकारी अस्पतालों से कोई रेफरल न मिलने के कारण भी निजी अस्पताल इससे बाहर निकल रहे हैं। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने अंतर-राज्यीय अस्पतालों के लिए क्लेम दाखिल करने के 15 दिनों के भीतर और पोर्टेबिलिटी अस्पतालों (राज्य के बाहर स्थित) के लिए 30 दिनों के भीतर अस्पतालों को क्लेम का भुगतान करने के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। योजना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति आयुष्मान भारत योजना को 23 सितंबर, 2018 को झारखंड के रांची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। यह योजना गरीब और कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती है। योजना में शुरू में लगभग 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवार शामिल थे, जो 2011 की सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) के अनुसार भारत की आबादी के निचले 40 प्रतिशत हैं। बाद में जनवरी 2022 में लाभार्थी आधार को संशोधित कर 55.0 करोड़ व्यक्तियों या 12.34 करोड़ परिवारों तक कर दिया गया। अकेले 2024 में, इस योजना का विस्तार करके 37 लाख आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा लाभ के लिए कवर किया गया, और साल के अंत में सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को इसमें शामिल करने की घोषणा की। बाद में, ओडिशा और दिल्ली PMJAY में शामिल होने वाले 34वें और 35वें राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (UT) बन गए, जिससे इस योजना के तहत 70 लाख से अधिक परिवार और जुड़ गए। सरकार का जवाब सरकार का कहना है कि वह इस समस्या को हल करने के लिए कदम उठा रही है। हरियाणा में आयुष्मान भारत की संयुक्त सीईओ अंकिता अधिकारी ने हाल ही में कहा था कि फंड जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और एक सप्ताह के भीतर स्थिति को संभाल लिया जाएगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने निजी अस्पतालों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पैकेज दरों की समीक्षा और भुगतान प्रक्रिया को तेज करने की बात कही है। आगे की चुनौतियां हालांकि योजना ने अब तक कई करोड़ मरीजों को लाभ पहुंचाया है और करीब 36 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं, लेकिन निजी अस्पतालों का बाहर होना इसके भविष्य के लिए खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भुगतान प्रणाली में सुधार नहीं किया गया, तो और भी अस्पताल इस योजना से बाहर हो सकते हैं, जिसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और जरूरतमंद मरीजों को होगा। आयुष्मान भारत योजना को लेकर उठ रहे इन सवालों के बीच सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि निजी क्षेत्र की भागीदारी बनी रहे और गरीबों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच प्रभावित न हो। इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है, ताकि यह योजना अपने मूल उद्देश्य को पूरा कर सके। recent visitors 35

नागपुर की एक महिला ने अपने पति को अरेस्ट करवाया, फोन से मिला ये सब मिला

नागपुर नागपुर की एक 24 साल की महिला ने अपने 32 वर्षीय पति को अरेस्ट करवा दिया. जब उसने उसका व्हाट्सएप हैक कर लिया तो पति की ऐसी सच्चाई पता चली कि पुलिस बुलानी पड़ गई. पता चला कि वह 19 वर्षीय एक युवती सहित कई महिलाओं को ब्लैकमेल कर  उनका यौन शोषण करता था. महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति अक्सर अप्राकृतिक तरीके से पेश आने की मांग करता था. वह अजीब-अजीब हरकत करने के लिए भी मजबूर करता था. महिला ने बताया कि उसे पता चला कि उसका पति दूसरी महिलाओं को भी परेशान करता है, जब उसे शक हुआ कि उसके पति के कई अफेयर हैं और उसने उसके फोन की क्लोनिंग कर ली. वह उसके व्हाट्सएप को हैक करने में सफल रही, जहां उसे आरोपी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो मिले. खुद को अविवाहित बताकर करता था महिलाओं को गुमराह पति की चैट देखकर पत्नी को पता चला कि  उसने महिलाओं से कहा था कि वह अविवाहित है और उनमें से कुछ से पैसे की मांग की थी. उसने महिलाओं के साथ रिकॉर्ड किए गए वीडियो और तस्वीरों का इस्तेमाल करके अपनी मांगें पूरी करने के लिए भी उन्हें मजबूर किया था. महिला ने एक रेप पीड़िता युवती को अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने में भी मदद की. इस वजह से महिला के पति को गिरफ्तार किया गया. 19 साल की पीड़िता को केस दर्ज कराने में महिला ने की मदद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पत्नी कुछ महिलाओं से बातचीत करने में कामयाब रही और उन्हें नागपुर में पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने को कहा. आखिरकार, एक 19 वर्षीय महिला, जिसका कथित तौर पर आरोपी ने यौन शोषण किया था, वहां पहुंची और शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार हो गई. पीड़िता से किया था शादी का वादा पीड़िता ने खुलासा किया कि आरोपी ने खुद की पहचान साहिल शर्मा बताई थी. जबकि वह दूसरे धर्म से था. उसने कहा कि आरोपी ने उससे यह बात छिपाई कि वह शादीशुदा है और उसका एक बच्चा भी है. उसने उससे शादी करने का वादा किया. उसने यह भी कहा कि वह अपनी पढ़ाई के लिए नागपुर आई थी. एक ही समय में 4-5 महिलाओं को दे रहा था धोखा पचपौली पुलिस थाने के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवती बहुत डरी हुई थी और हमारी टीम ने उसे शिकायत दर्ज कराने और आरोपी को सजा दिलाने के लिए परामर्श दिया. आरोपी ने उसकी अंगूठी भी बेच दी थी और उससे पैसे भी ले लिए थे. उसकी पत्नी ने युवती को पुलिस के सामने पेश किया और बताया कि वह एक ही समय में चार से पांच महिलाओं को धोखा दे रहा था. खुद की बताता था फर्जी पहचान पुलिस ने बताया कि आरोपी फर्जी नाम का इस्तेमाल कर महिलाओं को गुमराह करता था. वह उन्हें आध्यात्मिक समारोहों जैसी जगहों पर ले जाता था.  उसकी पत्नी ने हाल ही में उसके खिलाफ क्रूरता का मामला भी दर्ज कराया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने की मांग करता था. पुलिस ने बताया कि नागपुर में पान की दुकान चलाने वाला आरोपी शहर के आस-पास के इलाकों में होटलों में महिलाओं से मिलता था.   recent visitors 34