Sunday, July 5, 2026 12:09 pm

कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने वाले श्रद्धालुओं को यह करना होगा, बदले नियम

उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालु उनके सेनापति भगवान कालभैरव के दर्शन करने जरूर जाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जब तक कालभैरव के दर्शन नहीं किए जाते है, तब तक बाबा महाकाल के दर्शन करने का पुण्य लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में महाकालेश्वर मंदिर के साथ ही प्रतिदिन कालभैरव मंदिर पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। भगवान कालभैरव को मदिरा का भोग भी लगता है। लेकिन, मध्यप्रदेश के 19 क्षेत्रों में 1 अप्रैल से लागू की गई शराबबंदी के बाद अब उज्जैन में नए नियम लागू हो चुके हैं, जिसके तहत नगर निगम की परिसीमा में शराब के विक्रय पर रोक लगा दी गई है। स्थिति यह बन चुकी है कि भगवान कालभैरव के दर्शन करने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी मंदिर के बाहर भगवान को भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिल पा रही है। भक्तों को साथ लानी होगी शराब नए नियमों के तहत नगर निगम की परिसीमा में शराबबंदी किए जाने से कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने के लिए श्रद्धालुओं को अब अपने साथ ही शराब खरीदकर मंदिर पहुंचना होगा। क्योंकि, यह मंदिर नगर निगम की सीमा के अंतर्गत आता है। इसीलिए मंदिर के बाहर उन्हें कालभैरव को मदिरा का भोग लगाने के लिए शराब नहीं मिल पाएगी। शराबबंदी के नियमों का पालन करने के लिए पुलिस विभाग पूरी तरह सख्त है। यही कारण है कि शहर में आने वाले मुख्य मार्गों पर चेकिंग की जा रही है और निर्धारित मात्रा से अधिक शराब ले जाने वाले लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नहीं बेच सकते मंदिर के बाहर शराब धार्मिक नगरी उज्जैन में शराबबंदी लागू होने के बाद इसका पालन भी शुरू हो चुका है। नगर निगम सीमा में शराब का विक्रय न हो, इसके लिए पुलिस पूरी मुस्तैदी से धरपकड़ कर रही है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी कालभैरव मंदिर क्षेत्र के दुकानदारों को एफिडेविट देना अनिवार्य किया है कि वे इस क्षेत्र में शराब नहीं बेचेंगे। यहां दें गड़बड़ी की सूचना प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब के विक्रय को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यही कारण है कि उज्जैन पुलिस ने अवैध शराब बिक्री की सूचना देने के लिए दो नंबर 9479999037 और 7587624914 जारी किए हैं। इन नंबरों पर सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत कार्रवाई कर रही है। शहर के प्रवेश मार्गों पर चेकिंग अभियान पुलिस प्रमुख रूप से इंदौर-उज्जैन, देवास-उज्जैन, बड़नगर-उज्जैन, मक्सी-उज्जैन और आगर-उज्जैन मार्ग पर वाहनों की तलाशी ले रही है। ग्रामीण क्षेत्रों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है, ताकि शहर में शराब के साथ लोगों के प्रवेश को रोका जा सके। recent visitors 37

जायसवाल ने मुंबई छोड़ने को लेकर कहा- मैंने अपने घरेलू क्रिकेट के सफर को जारी रखने के लिए गोवा जाने लेने का फैसला किया

नई दिल्ली टीम इंडिया के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने मुंबई छोड़ने को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने बताया कि क्यों वह मुंबई का साथ छोड़ अब डोमेस्टिक क्रिकेट में गोवा की ओर से खेलते हुए दिखाई देंगे। पिछले दिनों ऐसी खबर सामने आई थी कि इस सलामी बल्लेबाज ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से आगामी घरेलू सत्र के लिए गोवा से जुड़ने के लिए एनओसी मांगा है। जायसवाल ने अब इसकी पुष्टि कर दी है कि वह मुंबई का साथ छोड़ गोवा के लिए खेलने वाले हैं। जायसवाल ने कहा कि मुंबई छोड़ने का फैसला 'बहुत कठिन' था और वह अपने करियर में आज जिस मुकाम पर हैं, उसके लिए वह MCA के ‘ऋणी’ रहेंगे। यशस्वी जायसवाल ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “यह मेरे लिए बहुत कठिन फैसला था। मैं आज जो कुछ भी हूं, वह मुंबई की वजह से हूं। इस शहर ने मुझे वह बनाया है जो मैं हूं और मैं जीवन भर एमसीए का ऋणी रहूंगा।” जायसवाल ने कन्फर्म किया कि गोवा ने उन्हें लीडरशिप रोल की पेशकश की है जिस वजह से वह मुंबई की टीम को छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “गोवा ने मुझे एक नया अवसर दिया है और इसने मुझे लीडरशिप की भूमिका प्रदान की है। मेरा पहला टारगेट भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन करना होगा और जब भी मैं राष्ट्रीय टीम में नहीं रहूंगा, मैं गोवा के लिए खेलूंगा और टूर्नामेंट में उन्हें आगे ले जाने की कोशिश करूंगा। यह एक (महत्वपूर्ण) अवसर था जो मेरे पास आया और मैंने इसे स्वीकार कर लिया।” रिपोर्ट के अनुसार, 23 साल के इस भारतीय सलामी बल्लेबाज ने एनओसी प्राप्त कर ली है और अगले सत्र में गोवा की कप्तानी करने के लिए तैयार हैं। एम.सी.ए. को लिखे अपने पत्र में, जायसवाल ने अपने निर्णय के पीछे "करियर आकांक्षाओं" और "व्यक्तिगत परिस्थितियों" का हवाला दिया। जायसवाल ने लिखा, "मुझे घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला है और एसोसिएशन द्वारा प्रदान किए गए अवसरों से मुझे बहुत लाभ हुआ है। हालांकि, अपने करियर की आकांक्षाओं और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद, मैंने अपने घरेलू क्रिकेट के सफर को जारी रखने के लिए गोवा जाने लेने का फैसला किया है।" recent visitors 35

नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर संघर्ष विराम की मांग की, वार्ता के लिए सरकार तैयार पर कोई शर्त मंजूर नहीं: गृहमंत्री शर्मा

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 रायपुर छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों की लगातार एनकाउंटर कार्रवाई के बाद नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर संघर्ष विराम की मांग की है। नक्सलियों ने कहा कि अगर केंद्र और राज्य सरकार नक्सल ऑपरेशन बंद करने का ऐलान करती है तो वो हथियार छोड़कर शांतिवार्ता के लिये तैयार हैं। अब इस मामले में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान आया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल समस्या के समाधान को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। सरकार किसी भी प्रकार की सार्थक वार्ता के लिए तैयार है पर इसके लिए कोई शर्त स्वीकार नहीं है।  उन्होंने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत के लिए इच्छुक हैं, तो उन्हें अपने प्रतिनिधि और वार्ता की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना होगा। वार्ता का स्वरूप किसी कट्टरपंथी विचारधारा की तर्ज पर नहीं हो सकता। यदि कोई चर्चा करना चाहता है, तो उसे भारतीय संविधान की मान्यता स्वीकार करनी होगी। उन्होंने कहा किअगर संविधान को नकारते हैं और समानांतर व्यवस्था थोपने की कोशिश करते हैं,तो वार्ता का कोई औचित्य नहीं रहता। सरकार की नीति स्पष्ट  है आत्मसमर्पण करें और पुनर्वास पाएं उपमुख्यमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है। जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें इस नीति के तहत सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि जो लोग भटके हुए हैं, वे समाज में वापस आएं और एक व्यवस्थित जीवन जीएं। संविधान का हर गांव में क्रियान्वयन डिप्टी सीएम ने बताया कि यदि नक्सली वार्ता को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें अपनी ओर से वार्ता के लिए समिति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी 10 से अधिक बार वार्ता के लिए पहल की, लेकिन नक्सली ही पीछे हटते रहे। अब यदि वे बातचीत करना चाहते हैं, तो उन्हें स्पष्ट प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा। सरकार का रुख साफ है।  बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हिंसा और खूनखराबे पर कोई समझौता नहीं होगा। नक्सलियों को हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करना होगा, तभी कोई सार्थक समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि बीते एक से डेढ़ वर्षों में 40 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जहां पहले तक नक्सली कानून थोपने की कोशिश करते थे। अब राज्य के सभी गांवों में तिरंगा लहराना और भारतीय संविधान का पालन करना अनिवार्य है। recent visitors 25

ग्वालियर के लोगों के लिए खुशखबरी, 1347।6 करोड़ की लागत से वेस्टर्न बाईपास को मंजूरी मिली

ग्वालियर  ग्वालियर के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने 1347.6 करोड़ रुपये की लागत से वेस्टर्न बाईपास बनाने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बाईपास से ग्वालियर-चंबल के साथ मुरैना और आसपास के इलाकों को भी फायदा होगा। सिंधिया ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर इस प्रोजेक्ट को जल्दी शुरू करने का अनुरोध किया था। यह सड़क NH-46 और NH-44 से जुड़ेगी। साथ ही, यह आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगी, जिससे पूरे इलाके में कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि उन्होंने नितिन गडकरी से जनवरी 2024 में दिल्ली में मुलाकात की थी। उन्होंने वेस्टर्न बाईपास के बजट और घोषणा को लेकर जल्द फैसले लेने का आग्रह किया था। अब बाईपास को मंजूरी मिल गई है। इस सड़क परियोजना से ग्वालियर-चंबल और मुरैना जिलों के कई तहसील और ब्लॉक भी आपस में जुड़ जाएंगे। इससे लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया धन्यवाद सिंधिया ने इस खबर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी जी का हृदय से आभार जिन्होंने मेरे अनुरोध पर ग्वालियर के पश्चिमी हिस्से में 28।516 किमी लंबाई के एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बाईपास के निर्माण हेतु 1347.6 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान कर पूरे क्षेत्र को एक अनुपम सौगात दी है। इससे पूरे इलाके को बहुत फायदा होगा। लोगों का होगा लाभ यह बाईपास 4 लेन का होगा। इस पर गाड़ियां आसानी से आ-जा सकेंगी। इससे ट्रैफिक कम होगा और लोगों का समय बचेगा। यह बाईपास ग्वालियर के पश्चिमी हिस्से में बनेगा। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। लोग आसानी से शहर के बाहर से ही निकल सकेंगे। recent visitors 24

आज जारी होगा सकता है राजस्थान पशु परिचर भर्ती परीक्षा के नतीजे

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) जल्द ही पशु परिचर भर्ती के नतीजे जारी करेगा। उम्मीद की जा रही है कि आज, 3 अप्रैल 2025 को इस परीक्षा का परिणाम जारी किया जा सकता है। बोर्ड के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि रिजल्ट जारी करने की योजना 3 अप्रैल को है। इस वजह से लाखों उम्मीदवार बेसब्री से अपने नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाकर देख सकेंगे। यह भर्ती परीक्षा 1 से 3 दिसंबर 2024 के बीच राजस्थान के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए 17 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से करीब 10 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। इस परीक्षा के माध्यम से कुल 6433 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसमें पहले 5934 पद थे, लेकिन बाद में 499 अतिरिक्त पद जोड़े गए। मेरिट लिस्ट और कट-ऑफ अंक जो उम्मीदवार कट-ऑफ अंक से अधिक अंक प्राप्त करते हैं, उन्हें दस्तावेज़ सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा। इन प्रक्रियाओं की तिथियां और स्थान की जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। क्या होगा अगला चरण परिणाम के साथ-साथ, बोर्ड ने मेरिट लिस्ट और कट-ऑफ अंक भी जारी किए हैं। उम्मीदवार इन सूचियों में अपने रोल नंबर की जांच कर सकते हैं ताकि यह पता चल सके कि वे अगले चरण के लिए चयनित हुए हैं या नहीं। कैसे करें अपना रिजल्ट चेक     सबसे पहले RSMSSB की आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in पर जाएं।     होमपेज पर 'Results' सेक्शन पर क्लिक करें।     अब 'Animal Attendant Result 2025' के लिंक पर क्लिक करें।     अपना रोल नंबर और जन्म तिथि जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज करें।     सबमिट करने के बाद, आपका परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।     इसे डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए प्रिंट आउट लें।   recent visitors 34

01667/01668 रानी कमलापति–हडपसर–रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12-12 ट्रिप)

01667/01668 रानी कमलापति–हडपसर–रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12-12 ट्रिप) भोपाल मंडल के रानी कमलापति,नर्मदापुरम, इटारसी एवं हरदा स्टेशन से होकर गुजरेगी भोपाल रेल प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 01667/01668 रानी कमलापति – हडपसर – रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12-12 ट्रिप) चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के नर्मदापुरम, इटारसी एवं हरदा स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी। गाड़ी संख्या 01667 रानी कमलापति – हडपसर साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01667 रानी कमलापति – हडपसर विशेष ट्रेन दिनांक 10 अप्रैल 2025 से 26 जून 2025 तक प्रत्येक गुरुवार को रानी कमलापति स्टेशन से सुबह 08:35 बजे प्रस्थान कर, (उसी दिन) मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 09:33 बजे नर्मदापुरम, 10:00 बजे इटारसी, 10:58 बजे हरदा एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद अगले दिन 00.30 बजे हडपसर स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 01668 हडपसर – रानी कमलापति साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन (12 ट्रिप) गाड़ी संख्या 01668 हडपसर – रानी कमलापति विशेष ट्रेन दिनांक 11 अप्रैल 2025 से 27 जून 2025 तक प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 06:30 बजे हडपसर स्टेशन से प्रस्थान कर, उसी दिन मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए 19:03 बजे हरदा, 21:00 बजे इटारसी, 21:28 बजे नर्मदापुरम एवं अन्य स्टेशनों पर ठहराव के बाद उसी दिन रात 22:55 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। गाड़ी के हाल्ट:रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में रानी कमलापति, नर्मदापुरम, इटारसी जंक्शन, हरदा, खंडवा जंक्शन, भुसावल जंक्शन, मनमाड जंक्शन, कोपरगांव, अहमदनगर, दौंड चॉर्ड लाइन, हडपसर स्टेशनों पर रुकेगी। यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें। recent visitors 19

अन्नक्षेत्र में दानदाता को ठहरने के लिए महाकालेश्वर अतिथि निवास में नि:शुल्क कमरों की सुविधा भी मिलेगी

उज्जैन  महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में भक्तों को भोजन कराने वाले दानदाताओं को मंदिर समिति नि:शुल्क भस्म आरती दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। ऐसे में दानदाता को पुण्य अर्जन के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन का लाभ भी मिलेगा। अगर दानदाता उज्जैन से बाहर के हैं, तो उन्हें ठहरने के लिए महाकालेश्वर अतिथि निवास में नि:शुल्क कमरों की सुविधा भी मिलेगी। दानदाता को इस प्रकार की सुविधा पहली बार मिलने जा रही है। क्या सीएम डॉ. मोहन यादव का सपना     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि देश के अन्य प्रमुख मंदिरों की तरह महाकाल मंदिर का अन्नक्षेत्र भी अत्याधुनिक व सर्वसुविधा युक्त हो, ताकि अधिक से अधिक भक्त यहां भोजन प्रसादी का लाभ ले सकें।     व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्रसिंह अरोरा को दी गई है। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर व्यवस्था में सुधार का व्यापक प्लान तैयार किया है।     बुधवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने अरोरा की मौजूदगी में मंदिर प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन तीन से चार हजार भक्त अन्नक्षेत्र में भोजन कर रहे हैं।     एक माह में यह संख्या बढ़ाकर दस हजार करना है। अन्नक्षेत्र का संचालन दानदाताओं के सहयोग से होता है। दानदाता अन्नक्षेत्र में दान करें, इसके एवज में उन्हें भस्म आरती दर्शन व रहने ठहरने की सुविधा भी मिलना चाहिए। यहां भी क्लिक करें – श्री महाकाल महालोक में मिलेंगे अन्नक्षेत्र के निशुल्क भोजन प्रसादी के कूपन, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काउंटर शुरू अभी यह हो रहा फिलहाल अन्नक्षेत्र में एक समय भोजन कराने के लिए दानदाता को 25 हजार रुपये का दान देना होता है। दानदाता भोग की थाली लेकर मंदिर में जाते हैं तथा उनकी मौजूदगी में पुजारी भगवान को भोग लगाते हैं। नई योजना में यह खास     अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने का ठेका प्राइवेट फर्म को दिया जाएगा।     भोजन प्रसादी की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा, जिसकी आवश्यकता है।     भक्तों को प्रथम व द्वितीय तल पर बैठ कर भोजन करने के साथ बुफे की सुविधा भी मिलेगी।     अन्नक्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाए जाएंगे।     महाप्रसादी के लिए कूपन वितरण की नई व्यवस्था होगी। अभी यह व्यवस्था ठीक नहीं चल रही। यह भी होगा देश के किसानों से अन्नक्षेत्र में गेहूं, चावल, दाल, सब्जी आदि दान करने के लिए अनुरोध किया जाएगा। एक दानदाता ने अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने तथा भोजन पराेसने के लिए नि:शुल्क बर्तन दान किए हैं। अन्नक्षेत्र में लगी मशीनों के सुधार दानदाता के सहयोग से किया जा रहा है। आगे भी सहयोग लिया जाएगा। कलेक्टर ने ये निर्देश भी दिए कलेक्टर ने मंदिर के अधिकारियों को अन्नक्षेत्र का बैंक खाता अलग करने के निर्देश दिए। अन्नक्षेत्र का आय, व्यय पत्रक भी अलग से बनेगा। इस व्यवस्था से व्यवस्था के संचालन में पारदर्शिता रहेगी। recent visitors 37