Sunday, July 5, 2026 12:49 pm

शाही ईदगाह और कृष्ण जन्मभूमि विवाद ने रोचक मोड़ लिया, नहीं मान सकते मस्जिद, मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली मथुरा की शाही ईदगाह को मस्जिद के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसकी वजह है कि यह भारतीय पुरातत्व विभाग के तहत संरक्षित स्थान है। हिंदू पक्ष ने यह दलील दी है, जिसके बाद मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस तरह मथुरा के शाही ईदगाह और कृष्ण जन्मभूमि विवाद ने रोचक मोड़ ले लिया है। इस पर शीर्ष अदालत का कहना है कि वह इस बात का परीक्षण करेगी कि आखिर इस दावे की क्या वैधता है। दरअसल हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष की दलील के बाद इस मामले में ASI को भी पार्टी बनाने को कहा था। मुस्लिम पक्ष की याचिका सुनते हुए चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने हिंदू पक्ष को नोटिस जारी किया है। मुस्लिम पक्ष की अपील सुनते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'जहां तक यह सवाल है कि क्या एएसआई संरक्षित स्थान का इस्तेमाल मस्जिद के तौर पर किया जा सकता है। इस मामले में कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया जा सकता। आपने इस बारे में हाई कोर्ट को भी कुछ नहीं कहा। इस मामले को मेरिट के आधार पर ही सुना जाएगा।' यही नहीं अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष को अपनी याचिका में संशोधन करने की परमिशन दी है, जो पहली नजर में सही फैसला लगता है। हिंदू पक्ष ने हाई कोर्ट में कहा था कि ASI द्वारा संरक्षित किसी स्मारक को मस्जिद के तौर पर प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा हिंदू पक्ष की दलील है कि ASI संरक्षित स्मारक होने के कारण यहां प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट भी लागू नहीं होता। अदालत ने कहा- दूसरी अर्जियों के साथ ही इसकी भी होगी सुनवाई बेंच ने कहा कि आपके पास अधिकार है कि अपनी अर्जी में संशोधन करें। अदालत ने कहा कि हिंदू पक्ष अपनी याचिका में संशोधन कर सकता है और उसमें यह दावा हो सकता है कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप ऐक्ट लागू नहीं होता। अदालत ने कहा कि यह कोई नया मामला नहीं है। हम नई अर्जी को भी पहले से दायर मामलों के साथ ही सुनेंगे। अब इस मामले में 8 अप्रैल को अदालत में सुनवाई होगी। दरअसल हिंदू पक्ष ने इस मामले में हाई कोर्ट का रुख किया था। उनका कहना था कि एएसआई को भी इस केस में पार्टी बनाया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि शाही ईदगाह मस्जिद का संरक्षण वही करता है। इसलिए उसे भी पक्षकार बनाने के बाद ही मामले को आगे बढ़ाया जाए। recent visitors 28

एक्टर कार्तिक आर्यन ने अनुराग बसु के साथ अपनी अगली फिल्म के लिए सिक्किम का शेड्यूल पूरा किया

मुंबई, एक्टर कार्तिक आर्यन डायरेक्टर अनुराग बसु के साथ अपनी अगली फिल्म की शूटिंग के लिए सिक्किम में थे। इस दौरान उनके साथ उनकी ऐक्ट्रेस श्रीलीला भी मौजूद थीं। अब, ‘भूल भुलैया 2’ के एक्टर ने फिल्म के सिक्किम शेड्यूल को पूरा कर लिया है। अपनी शूटिंग डायरी की एक झलक शेयर करते हुए, कार्तिक ने सिक्किम की खूबसूरत सड़कों के बीच ड्राइविंग करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया। पूरी सड़क पर धुंध छाए होने के कारण, हम केवल कार्तिक की कार को शहर से बाहर निकलते हुए देख सकते हैं। पोस्ट में यह भी बताया गया है कि शहर में तापमान दो डिग्री सेल्सियस है। सिक्किम में अपने टूर के दौरान, कार्तिक, श्रीलीला और अनुराग बसु ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात की। मुलाकात की एक फोटो शेयर करते हुए, सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक नोट लिखा, जिसमें लिखा था, “बॉलीवुड मूवी मेकर अनुराग बसु और फेमस एक्टर कार्तिक आर्यन और एक्ट्रेस श्रीलीला से मेरे आधिकारिक आवास, मिंटोक गैंग में मिलकर खुशी हुई। वे एक सप्ताह से राज्य में हैं, एमजी मार्ग और त्सोमो झील जैसे प्रतिष्ठित स्थानों पर अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। उनका काम हमारे राज्य के आश्चर्यजनक परिदृश्य, समृद्ध संस्कृति और अनूठी वास्तुकला को खूबसूरती से दर्शाता है। हम उन्हें अपनी शुभकामनाएं देते हैं।” अपने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कार्तिक ने बताया कि वह अपनी असली ‘जिंदगी’ किसे मानते हैं। अपने काम की एक झलक शेयर करते हुए कार्तिक ने अपनी कार से चाय के बागानों का एक शांत वीडियो पोस्ट किया, जिसमें पापोन और सुनिधि चौहान का लोकप्रिय गाना ‘क्यों’ बैकग्राउंड में बज रहा था। कार्तिक ने सेट से अपनी को-एक्टर श्रीलीला के साथ एक कैंडिड फोटो भी पोस्ट की। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “तू मेरी जिंदगी है।” इस फोटो में कार्तिक और श्रीलीला एक खूबसूरत लैंडस्केप वाले बगीचे में एक साथ बैठे हुए हैं, जो प्रकृति की शांति और आकर्षण से घिरा हुआ है। चाय का गिलास पकड़े हुए कार्तिक प्यार से अपनी नायिका को देख रहे हैं। कार्तिक ने अपनी अगली फिल्म के लिए लंबे बालों और बढ़ी हुई दाढ़ी के साथ एक नया रफ लुक अपनाया है। कार्तिक की अगली फिल्म के सेट से कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।     recent visitors 28

एसीबी ने सीमांकन के नाम पर दस हजार की घूस लेते पटवारी को रंगे हाथ पकड़ा

बलरामपुर पटवारी और रिश्वतखोरी एक तरह से पर्याय हो चुका है. ऐसा ही एक मामला जिले में सामने आया है, जिसमें सीमांकन के लिए प्रार्थी से दस हजार रुपए की मांग करने वाले पटवारी को एसीबी ने घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है. प्रार्थी राजेश पटेल परसडीहा जनपद पंचायत वाड्रफनगर जिला बलरामपुर रामानुजगंज के द्वारा अपने निजी भूमि के सीमांकन हेतु आवेदन दिया गया था, जिसके बाद राजस्व हल्का पटवारी हेमंत कुजूर उससे पैसे की डिमांड कर रहा था. प्रार्थी के अनुसार, पटवारी ने 10000 रुपए की मांग की थी. प्रार्थी ने बतौर एडवांस 2000 रुपए पटवारी को दे चुका था, जिसके बाद शेष 8000 रुपए की रकम देना था. आज पटवारी को रकम देने के लिए तहसील कार्यालय के ठीक सामने आवेदक पहुंचा था. पटवारी के रकम लेते हुए एसीबी की टीम ने 8000 रुपए के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया. recent visitors 31

भूषण कुमार ने ‘इंडियन आइडल 15’ में स्नेहा शंकर को टीसीरीज में गाना का ऑफर दिया

मुंबई, टी-सीरीज़ के मैनेजिंग डायरेक्टर भूषण कुमार ने 'इंडियन आइडल 15' की प्रतिभागी स्नेहा शंकर को टीसीरीज में गाने का ऑफर दिया है। सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का प्रतिष्ठित सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 15’ अपने भव्य और यादगार फिनाले की ओर बढ़ रहा है। इस सीजन की संगीतमय यात्रा 'ग्रैंडेस्ट 90’ नाइट' के साथ अपने शिखर पर पहुंचेगी, जिसमें बॉलीवुड संगीत के स्वर्ण युग का जश्न मनाया जाएगा। इस खास रात में फाइनलिस्ट्स के शानदार परफॉर्मेंस होंगे, जहां जजों के पैनल में श्रेया घोषाल, बादशाह और विशाल ददलानी मौजूद रहेंगे। फिनाले का सबसे बड़ा आकर्षण फाइनलिस्ट स्नेहा शंकर के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा, जब भारत की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनियों में से एक टी-सीरीज उन्हें करियर-डिफाइनिंग मौका देगी।भूषण कुमार ने एक खास वीडियो संदेश में स्नेहा की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा, स्नेहा शंकर को विशेष रूप से धन्यवाद, आपने पूरे सीजन दिल से गाया, मुझे आपकी सभी परफॉर्मेंस याद हैं।आपने इंडस्ट्री के कई दिग्गजों के गाने गाए। आपके जुनून, मेहनत और लगन को देखते हुए, मैं आपको टी-सीरीज के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट ऑफर करना चाहता हूँ। टी-सीरीज़ परिवार में आपका स्वागत है।     recent visitors 27

दाग-धब्बों और एक्ने छिपाने के लिए सही करेक्टर का करे चुनाव

लड़कियां अक्सर खुद को और खूबसूरत या बेहतर दिखाने के लिए मेकअप का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि, कई बार मेकअप करने के बाद भी चेहरे पर मौजूद मुंहासे और दाग-धब्बे छिप नहीं पाते हैं। अगर आपका भी कंसीलर मुंहासे को ज्यादा उभार रहा है या डार्क सर्कल्स अब भी नजर आ रहे हैं, तो फिर आपको करेक्टर को अपने मेकअप किट का दोस्त बना लेना चाहिए। आइए जानते करेक्टर्स से जुड़ी जरूरी जानकारी- क्या करेक्ट करते हैं ये करेक्टर्स कलर करेक्टिंग मेकअप से डिस्कलरेशन को छिपाने में हेल्प मिलती है, वहीं इसके ऊपर कंसीलर अप्लाई कर लेने से वो और भी अच्छी तरह कवर हो जाता है। इसके लिए सबसे जरूरी है अपनी स्किन की उन खामियों को छिपाने के लिए सही कलर करेक्टर चुनना। लैवेंडर, ऑरेंज और ग्रीन जैसे शेड्स इस्तेमाल में थोड़े ट्रिकी हो सकते हैं। कलर करेक्टर लगाने से पहले फाउंडेशन लगाना चाहिए। करेक्टर जहां असामान्य रंगत को एक जैसा बनाता है, वहीं फांउडेशन कवरेज देकर स्किन टोन को एकसमान बनाता है।     येलो कलर करेक्टर: ये स्किन के पिंक कलर और रेडनेस को करेक्ट करता है। यह चेहरे की डलनेस से लड़ने के लिए काफी अच्छा है, क्योंकि मीडियम से फेयर स्किन टोन को इससे और भी निखार मिलता है।     ग्रीन कलर करेक्टर: अगर किसी के चेहरे पर रेडनेस हो गई है, तो ये शेड काफी हेल्पफुल है। ये शेड रेड स्पॉट, लाल रंग के बर्थमार्क, एक्ने को छिपाता है। इतना ही नहीं सनबर्न में भी ग्रीन करेक्टर इस्तेमाल किया जा सकता है।     पीच या ऑरेंज करेक्टर: ऑरेंज शेड्स के अंदर आने वाले कलर करेक्टर चेहरे के दाग-धब्बों और डार्कनेस को ठीक करते हैं। इस शेड का कोई भी करेक्टर चुनने के दौरान अपनी स्किन टोन का जरूर ध्यान रखें। लाइट स्किन पर जहां पीच ज्यादा सूट करता है, वहीं डार्क स्किन टोन पर ऑरेंज।     ब्लू करेक्टर: ये आपके चेहरे के पीलेपन को बैलेंस करता है। डार्क ऑरेंज वाले पिग्मेंटेशन में भी ये करेक्टर काफी काम का है। ग्रीन की तरह ही ब्लू को किसी भी स्किन टोन पर इस्तेमाल किया जा सकता है। कंसीलर या करेक्टर ये आपकी जरूरत पर निर्भर करता है कि आप किसका इस्तेमाल करना चाहते हैं। करेक्टर को स्किन के कुछ खास तरह के दाग-धब्बों, रेडनेस या डार्क सर्कल्स को बेअसर करने के लिए बेहतर माना जाता है। वहीं, कंसीलर को आम कवरेज के लिए। recent visitors 48

छुट्टी पर घर आया जवान हुआ लापता, माता-पिता ने मदद के लिए प्रशासन से लगाई गुहार

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद में एक आर्मी का जवान लगभग 1 महीने से लापता है. वह अपने बीमार पिता के इलाज के लिए घर कलंगपुर आया हुआ था, लेकिन 6 मार्च को वह घर से अचानक निकला और अब तक लौटकर नहीं आया और न ही उसकी कोई खबर आई. गुमशूदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी अब तक कुछ पता नहीं चला, तो अब जवान के मां और बीमार पिता अपने बेटे को ढूंढने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं. उन्होंने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर अपने बेटे को खोजने में मदद की गुहार लगाई है. जानकारी के अनुसार, आर्मी जवान शेजसिंह मंडावी जम्मू-कश्मीर में पदस्थ है. वह छुट्टी पर घर लौटने के बाद रहस्यमय तरीके से लापता हो गया. परिजन काफी समय से जवान की तलाश कर रहे हैं, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. परिवार का कहना है कि शेजसिंह कहां है और किस हाल में है, इसकी कोई जानकारी नहीं है. अब वे दर-दर भटक कर लोगों और शासन-प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि उनके बेटे को ढूंढने में मदद की जाए. recent visitors 21

रामसागार पारा, श्रीरामपुर एवं लाटादादर को राजस्व ग्राम घोषित नहीं होने से सैकड़ों परिवारों को शासकीय योजनाओं का नहीं मिल पा रहा लाभ

महासमुंद बारनवापारा अभयारण्य के वन ग्राम से 399 परिवारों को दस वर्ष पूर्व महासमुंद जिले के रामसागार पारा (भावा), श्रीरामपुर एवं लाटादादर में लाकर शासन ने बसाया था. लेकिन आज तक इन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित नहीं किए जाने से सैकड़ों परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे परेशान ग्रामीण कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. वर्ष 2013 में महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत भावा के आश्रित ग्राम रामसागरपारा में बारनवापारा अभयारण्य के वनों में बसे 399 परिवारों में से 168 परिवारों को बसाया गया था. उस वक्त प्रत्येक परिवार को 12 डिसमिल मे मकान बनाकर दिया गया था, साथ में जीविकोपार्जन के लिए प्रत्येक परिवार को 5-5 एकड़ भूमि खेती- किसानी के लिए दी गई थी. उस वक्त के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इसे राजस्व ग्राम बनाने के साथ सभी मूलभूत सुविधा प्रदान करने की बात कही थी, पर आज दस वर्ष से ज्यादा हो जाने के बाद भी ये ग्राम न तो राजस्व ग्राम घोषित हुआ, और न ही इन परिवारों की जमीन ऑनलाइन हुई, जिसकी वजह से इन ग्रामवासियों को शासन की कई महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित होना पड़ रहा है. इन परिवारों के बच्चों का न तो जाति प्रमाण पत्र बन पा रहा है और न ही निवास प्रमाण पत्र. इन लोगों का किसान क्रेडिट कार्ड, वृद्धा पेंशन, मनरेगा का जॉब कार्ड, किसान सम्मान निधि, बैंक से ऋण भी नहीं मिल रहा है. परेशान ग्रामीण राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर आला अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं. इस पूरे मामले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह का कहना है कि जल्द से जल्द राजस्व ग्राम घोषित कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. कलेक्टर के आश्वासन के बाद पीड़ित परिवारों की समस्या जल्द दूर होने की उम्मीद जगी है. recent visitors 27