Sunday, July 5, 2026 3:17 am

ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने की समय-सीमा निर्धारित

भोपाल एमपी सरकार अगले तीन साल में प्रदेश की सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए काम कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें।  सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे कर कार्य-योजना बनाई जाए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में पीएम ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में मंत्री प्रहलाद पटेल, सीएस अनुराग जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। एआइ का करें उपयोग सीएम ने कहा, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्त, उन्नयन के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। सड़कों के रखरखाव, निरीक्षण में ऐप, जियो टैगिंग और एआइ का उपयोग कर और प्रभावी बनाया जाए। बैठक में बताया गया कि 89 हजार बसाहटों में से 50,658 बसाहटें सड़क मार्ग से जुड़ चुकी हैं। ग्राम सड़क योजना-4 के तहत बनने वाली 11,544 बसाहटों के लिए सर्वे कर लिया गया है। शेष 26,798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है। 89 हजार में से 50 हजार बसाहटों में सड़कें अधिकारियों ने सीएम को बताया कि जनमन योजना के अंतर्गत पाण्डाटोला से बीजाटोला तक देश की पहली सड़क का निर्माण बालाघाट जिले के परसवाड़ा क्षेत्र में किया गया है। मेंटेनेंस और उन्नयन के लिए भारत सरकार से प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने में मध्यप्रदेश प्रथम रहा है। मार्गों के संधारण के लिए 2015-16 से लागू ई-मार्ग पोर्टल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई तथा केंद्र द्वारा इसे पूरे देश में नेशनल ई-मार्ग के रूप में लागू किया गया है। सीएम ने कहा कि सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। recent visitors 38

छतरपुर :क्या भीमकुंड नष्ट होने की कगार पर, इतिहास में पहली बार छतरपुर की धरोहर भीमकुंड के पानी का जलस्तर बहुत तेजी से नीचे गिर रहा 

Chhatarpur: Is Bhimkund on the verge of destruction? For the first time in history, the water level of Chhatarpur’s heritage Bhimkund is falling very fast  छतरपुर। धरोहर भीमकुंड इन दिनों खाली होता जा रहा है। भीमकुंड के इतिहास में यह पहली घटना है। कुंड में पानी 12 फीट नीचे पहुंच गया है। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि उनकी जानकारी में आज तक भीमकुंड इतना खाली कभी नहीं हुआ। इसके अलावा भीमकुंड आश्रम में रहने वाले सभी साधु संतों ने भी यही बात कही। बाजना सहित आस पास के गांवों में कुओं का जलस्तर भी गिर गया है। छतरपुर जिले के बाजना गांव के पास पहाड़ी क्षेत्र में प्राचीन धार्मिक स्थल भीमकुंड स्थित है। स्थानीय लोगों की मानें तो गुफा के अंदर स्थित भीमकुंड बुंदेलखंड के ऋषियों, मुनियों, तपस्वियों एवं साधकों की तपोस्थली रही है। इस स्थल पर अथाह जलकुंड वैज्ञानिक शोध का केंद्र भी बना हुआ है। आश्चर्य की बात तो यह है कि वैज्ञानिक इस जल कुंड में कई बार गोताखोरी करवा चुके हैं, लेकिन इस जल कुंड की थाह अभी तक कोई नहीं पा सका। गोताखोर 100 फीट तक नीचे ही जा पाए थे। तेज लहरों के कारण उन्हें वापस आना पड़ा था। यहां विष्णु-लक्ष्मीजी के मंदिर के समीप एक और प्राचीन मंदिर स्थित है। recent visitors 108