Sunday, July 5, 2026 3:16 am

राजेन्द्र शुक्ल ने कहा- स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना ज़रूरी

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिये विकासखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना ज़रूरी है। प्रदेश सरकार के द्वारा निरंतर कोशिश की जा रही है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सर्व सुविधायुक्त बनाया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने उज्जैन ज़िले के घट्टिया जनपद पंचायत में 9 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत के 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भूमि-पूजन किया। उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया के लिए पर्याप्त चिकित्सकीय और पैरामेडिकल की भर्ती की जाएगी। सरकार के द्वारा पूरे प्रदेश में चिकित्सा स्टाफ की 30 हज़ार भर्तियां की जाएंगी। हम स्वास्थ्य और शिक्षा को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए हम सभी प्रयासरत हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से कहा के भवन का निर्माण गुणवत्ता के साथ किया जाए। साथ ही समय सीमा से पहले ही निर्माण कार्य को पूर्ण करने का प्रयास किया जाए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया का निर्माण कार्य आगामी 15 महीने में पूर्ण किया जाना है।उन्होंने घट्टिया में एंबुलेंस की मांग को स्वीकार करते हुए कहा कि यहां पर एंबुलेंस की सेवा शीघ्र ही प्रारंभ की जाएगी। क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं के लिए उन्होंने विस्तृत कार्य योजना बना कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विधायक श्री सतीश मालवीय ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घट्टिया से आसपास के 100 गांव लाभान्वित होंगे। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत घट्टिया श्री भगवान सिंह पंवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल, विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 43

अब ट्रंप प्रशासन अमेरिकी सेना से भी छंटनी करने की योजना बना रहा, कहा-इतने सैनिकों की जरूरत नहीं: रिपोर्ट

वाशिंगटन अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से कई विभागों को बंद करने और फेडरल कर्मचारियों की छंटनी का सिलसिला जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सरकारी खर्चों को कम करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी यानी DOGE का गठन भी किया था। USAID, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग जैसे विभागों से हजारों कर्मचारियों को काम से निकाले जाने के बाद अब ट्रंप प्रशासन अमेरिकी सेना से भी छंटनी करने की योजना बना रहा है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग करीब 90 हजार सैनिकों को हटाकर सैन्य बल में कटौती करने जा रहा है। रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है। वेबसाइट ने मामले से परिचित तीन अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग बढ़ते वित्तीय दबाव के कारण सेना से लगभग 90,000 सक्रिय सैनिकों की कटौती पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चर्चा के दौरान सैन्य बल की मौजूदा क्षमता को कम करने की बात की गई है। बता दें कि फिलहाल अमेरिकी सेना में 4,50,00 सैनिक सक्रिय रूप से जुड़े हैं। कटौती के बाद इसे 3,60,000 से 4,20,000 किए जाने की संभावना है। बजट में होगी कटौती इससे पहले DOGE के साथ कदम मिलाते हुए अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन को फिजूलखर्ची को कम करने और बजट में 8% की कटौती करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया भी दिया था। अमेरिका के रक्षा बजट की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2025 के लिए लगभग 849.8 बिलियन डॉलर बजट रहने का अनुमान लगाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में अमेरिका की घटती उपस्थिति के बीच इस तरह की चर्चा की जा रही है। हालांकि चीन का मुकाबला करने के लिए अमेरिका इंडो-पैसिफिक में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश भी कर रहा है। इस्तीफा देने का मौका दे रही सरकार जानकारी के मुताबिक कम से कम छह अमेरिकी संघीय सरकारी एजेंसियां अपने कर्मचारियों को इस्तीफा देने का अवसर दे रही हैं। एक संक्षिप्त ज्ञापन में हेगसेथ ने कर्मचारियों को स्वैच्छिक प्रारंभिक सेवानिवृत्ति की पेशकश की थी। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया है कि पेंटागन के बजट में 5% से 8% की कटौती के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए लगभग 50,000 से 60,000 नौकरियों में कटौती की जाएगी। recent visitors 43

जयपुर सीरियल ब्लास्ट केस में चारों आरोपी दोषी करार, विशेष अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा 8 अप्रैल को होगी सजा

जयपुर राजधानी जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दौरान चांदपोल में मंदिर के पास मिले जिंदा बम मामले में आज विशेष अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया है। विशेष अदालत के न्यायाधीश रमेश कुमार जोशी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि 8 अप्रैल को आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी। हालांकि, आरोपियों को 124(A) (राजद्रोह) के आरोपों से बरी कर दिया गया है, लेकिन अन्य धाराओं में दोषी ठहराया गया है। 17 साल बाद आया बड़ा फैसला दरअसल, जयपुर में 17 साल पहले हुए सीरियल बम ब्लास्ट के दौरान 8 बम धमाके हुए थे, लेकिन नौवां बम चांदपोल बाजार के गेस्ट हाउस के पास मिला था। यह बम धमाकों के 15 मिनट पहले ही डिफ्यूज कर दिया गया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। अब इस जिंदा बम मामले में चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। इससे पहले जयपुर बम धमाकों से जुड़े 8 मामलों में यही आरोपी फांसी की सजा पा चुके थे, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में सभी को बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने जांच एजेंसियों की कई खामियों को उजागर किया था, जिसके बाद सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जो अभी पेंडिंग है। क्या है बम ब्लास्ट का पूरा मामला? गौरतलब है कि 13 मई 2008 को जयपुर के चारदीवारी इलाके में 8 सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 72 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस मामले में विशेष अदालत ने पहले 20 दिसंबर 2019 को चार आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में इस फैसले को पलटते हुए चारों आरोपियों को बरी कर दिया। इसके बाद राज्य सरकार ने इन चारों को जिंदा बम रखने के मामले में गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ एक नया केस दर्ज किया गया। 4 आरोपी दोषी करार, पहले हो चुके हैं बरी जिंदा बम मामले में दोषी करार दिए गए चारों आरोपी मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान, मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद हैं। मोहम्मद सैफ और सैफुर्रहमान फिलहाल जयपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद जमानत पर बाहर हैं। इससे पहले इन चारों आरोपियों को 2019 में जयपुर बम धमाकों में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा दी गई थी, लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में सभी को बरी कर दिया था। 112 गवाह और 1200 दस्तावेज पेश किए गए इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 112 गवाहों के बयान दर्ज कराए और करीब 1200 दस्तावेज अदालत में पेश किए। साइकिल मैकेनिक दिनेश महावर ने बताया कि किसी ने उसके पास बम वाली साइकिल कसवाई थी। पत्रकार प्रशांत टंडन और पूर्व एडीजी अरविंद कुमार जैन को भी गवाह बनाया गया था। पहले हाईकोर्ट ने क्यों किया था बरी? राजस्थान हाईकोर्ट ने मार्च 2023 में आरोपियों को बरी करते हुए कहा था कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि साइकिल बम किसने रखी थी। अदालत ने जांच एजेंसियों की खामियों पर भी सवाल उठाए थे। वहीं, अब जिंदा बम मामले में चारों आरोपियों को दोषी करार दिया गया है, जिससे इस केस में नया मोड़ आ गया है। recent visitors 46

संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद कांग्रेस सांसद ने दी चुनौती, सुप्रीम कोर्ट में पहली याचिका

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है। इसके साथ ही इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को पहली याचिका भी दायर हो गई है। बिहार की किशनगंज लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने यह याचिका दाखिल की है। सांसद जावेद ने वक्फ कानून में हाल ही में किए गए बदलाव को चुनौती देते हुए इसे मुस्लिम समुदाय के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने अपनी याचिका में इस विधेयक के माध्यम से किए गए संशोधनों को मुस्लिम समुदाय के मूल अधिकारों के खिलाफ बताया है। संसद के दोनों सदनों से वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। मुस्लिम समुदाय के कई संगठन और विपक्ष के नेता इस संशोधन का विरोध कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार का दावा है कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उनके सही उपयोग के लिए है तथा इससे गरीब मुसलमानों को लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर राज्यसभा में गुरुवार को चर्चा शुरू हुई और लगातार चली बैठक के बाद शुक्रवार तड़के यह विधेयक पारित हो गया। इसके पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े। लोकसभा पहले ही इसे मंजूरी दे चुकी थी। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फ अधिनियम में संशोधन के जरिए वक्फ बोर्ड के ढांचे में बदलाव और कानूनी विवादों को कम करना है। विधेयक को पारित करने के लिए राज्यसभा की बैठक (शुक्रवार) रात 2:30 बजे के बाद तक चली। विपक्ष के सभी संशोधन खारिज हो गए। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि सरकार अल्पसंख्यकों को डराने के लिए यह विधेयक लाई है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को डराने और गुमराह करने का काम विपक्ष कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधेयक से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होगा। recent visitors 42

अब प्रधानमंत्री मोदी को बांग्लादेश से मिला खास तोहफा, 10 साल पहले पीएम मोदी ने मोहम्मद यूनुस को दिया था गोल्ड मेडल

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के दौरे पर हैं। यहां पर पीएम मोदी ने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस और पीएम मोदी के बीच मुलाकात भी हुई। इस खास मौके पर मोहम्मद यूनुस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खास उपहार दिया। दरअसल, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक तस्वीर उपहार के तौर पर दी। ये तस्वीर 03 जनवरी 2015 की है। इसी दिन पीएम मोदी ने 102वीं इंडियन साइंस कांग्रेस में प्रोफेसर यूनुस को गोल्ड मेडल दिया था। इस तस्वीर में पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस नजर आ रहे हैं। मोहम्मद यूनुस के ऑफिस ने शेयर की पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रोफेसर यूनुस के कार्यालय ने एक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट दो फोटो शेयर की गई है। इस पोस्ट में लिखा गया है कि प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस शुक्रवार को बैंकॉक में अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 3 जनवरी, 2015 को 102वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस में प्रोफेसर यूनुस को स्वर्ण पदक प्रदान करने के बारे में है। अंतरिम सरकार के गठन के बाद पहली बार मिले दोनों नेता  जानकारी दें कि बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद ये पहला मौका है जब पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस के बीच मुलाकात हुई है। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जाहिर की। दोनों नेताओं के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच किन मुद्दों पर चर्चा की गई, इसकी जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने विस्तृत तौर पर दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने प्रो. यूनुस को बताया कि भारत बांग्लादेश के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध बनाने की इच्छा रखता है। विक्रम मिसरी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी आग्रह किया कि माहौल को खराब करने वाली किसी भी बयानबाजी से बचना चाहिए। सीमा पर कानून का सख्त पालन और अवैध सीमा पार करने की रोकथाम सीमा सुरक्षा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है। recent visitors 36

इंदौर के नंदानगर सिविल अस्पताल का निर्माण अंतिम दौर में

भोपाल इंदौर के नंदानगर स्थित सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य अंतिम दौर में हैं। मई के अंतिम सप्ताह तक सभी कार्य पूर्ण कर जून माह में इसका शुभारंभ किया जायेगा। इस अस्पताल का निर्माण दस करोड़ रूपये की लागत से किया जा रहा है। यह अस्पताल पाँच मंजिला होकर 50 बिस्तरों का रहेगा। अस्पताल में ऑपरेशन, डिलेवरी आदि के लिये अत्याधुनिक साधन और सुविधाएं रहेंगी। यह जानकारी शुक्रवार को इन्दौर में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा किये गये अस्पताल निर्माण के निरीक्षण के दौरान दी गई। इस अवसर पर विधायक श्री रमेश मेंदोला, श्री सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अस्पताल निर्माण कार्य की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी साधन और सुविधाओं सहित अस्पताल का निर्माण कार्य मई माह के अंत तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाये। जून माह में इस अस्पताल का शुभारंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के निर्माण में किसी भी तरह की कोर कसर नहीं रखी जायेगी। गुणवत्ता का विशेष ध्यान दिया जाये। अस्पताल बेहतर से बेहतर बने यह प्रयास हो। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल पूर्व में प्रसूति अस्पताल के रूप में मिल क्षेत्र में प्रतिष्ठित था। इसी प्रतिष्ठा के अनुरूप अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। इस अस्पताल का नामकरण मंत्री श्री विजयवर्गीय जी की माताजी के नाम पर किया जायेगा।   recent visitors 43

बजट सत्र को बेहद उत्पादक बताते हुए कहा कि संसद ने नए कीर्तिमान स्थापित किए, 17 घंटे से अधिक चली चर्चा

नई दिल्ली केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजट सत्र 2025 के समापन की जानकारी दी। उन्होंने इस सत्र को बेहद उत्पादक बताते हुए कहा कि संसद ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। रिजिजू ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों, अध्यक्षों, स्पीकर और राजनीतिक दलों के नेताओं का आभार जताया, जिनके सहयोग से यह संभव हुआ। रिजिजू ने बताया कि इस सत्र में राज्यसभा ने 17 घंटे और 2 मिनट की लंबी चर्चा के साथ इतिहास रचा। संशोधन विधेयक पर यह चर्चा हुई, जिसने 1981 के 15 घंटे 51 मिनट के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह बहस 3 अप्रैल को सुबह 11 बजे शुरू हुई और 4 अप्रैल को तड़के 4:02 बजे तक चली। खास बात यह रही कि इस दौरान एक भी व्यवधान नहीं हुआ। रिजिजू ने इसे एक बड़ी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इस रिकॉर्ड को तोड़ना मुश्किल होगा। लोकसभा में भी सत्र बेहद सफल रहा। यहां 13 घंटे से अधिक समय तक रेलवे, ऊर्जा, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय से जुड़े अनुदानों की मांगों पर चर्चा हुई। वहीं, राज्यसभा में शिक्षा, रेलवे, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और गृह मंत्रालय के कामकाज पर विचार-विमर्श हुआ। रिजिजू ने कहा कि दोनों सदनों में चर्चा के दौरान आलोचना, सुझाव और स्पष्टीकरण का स्वस्थ आदान-प्रदान हुआ, लेकिन कोई स्थगन या व्यवधान नहीं देखा गया। उन्होंने संसदीय टीम के सहयोगियों अर्जुन मेघवान और एल. मोहन, सचिव (संसदीय विभाग) और अन्य अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया। रिजिजू ने कहा, "हमने नियमों, परंपराओं और प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए संसद का संचालन किया। सरकार की ओर से हम प्रधानमंत्री, सभी दलों के नेताओं और फ्लोर लीडर्स के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।" इस सत्र की उत्पादकता की लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति पहले ही सराहना कर चुके हैं। रिजिजू ने इसे दोहराते हुए कहा कि सदस्यों के धैर्य और योगदान से यह संभव हुआ। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवालों के लिए भी समय दिया और कहा कि कोई स्पष्टीकरण चाहिए हो, तो पूछा जा सकता है। रिजिजू ने इसे लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक बताया और कहा कि सरकार सभी आलोचनाओं को स्वीकार करती है, साथ ही बेहतर कामकाज के लिए सुझावों का भी सम्मान करती है। इस सत्र ने संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। recent visitors 46