Kangana Sharma ने पहनी इतनी ज्यादा रिवीलिंग ड्रेस, पैपराजी के सामने हुईं अनकंफर्टेबल

मुंबई एक्ट्रेस kangana Sharma ने 3 अप्रैल को अपना बर्थडे बेहद ख़ास अंदाज़ में सेलिब्रेट किया। अपने बोल्ड और ग्लैमरस लोगों के लिए पहचानी जाने वाली कंगना ने इस बार भी फ़ैन्स को चौंकाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मुंबई में हुई बर्थडे पार्टी में कंगना ने ऐसी ड्रेस पहनी की सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस ड्रेस को पहनकर कंगना शर्मा (kangana Sharma) ने पेपराज़ी कैमरों के सामने एक से बढ़कर एक पोज दिए, सोशल मीडिया पर कई लोग उनकी ड्रेस की तारीफ़ करते नज़र आए तो वहीं कई लोग उन्हें ट्रॉल करते भी नज़र आए। कुछ लोगों ने तो इस तरह के कॉमेंट कर दिए, कि उन्हें पढ़ पाना भी मुश्किल है। लेकिन तारीफ़ करने की बात यह है कि कंगना कितनी भी बोल्ड और रिवीलिंग ड्रेस क्यों न पहन ले, वे हमेशा कैमरे के सामने कॉन्फिडेंट नज़र आती है। बर्थडे पर कंगना का ग्लैमरस अवतार वायरल अपने बर्थडे पर कंगना शर्मा ने इतनी रिवीलिंग ड्रेस पहनी की हर तरफ़ उन्हीं की चर्चा हो रही है। ग्लैमरस लुक में पेपराज़ी को पोज देती कंगना का अंदाज़ सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। फैंस ने दी ट्रोलिंग के साथ सलाह स्टाइल और बोल्डनेस से भरपूर कंगना का ये लुक कई लोगों को बेहद पसंद आया, तो वहीं कुछ ने उन्हें जमकर ट्रॉल भी किया। एक्ट्रेस की ये ड्रेस देखकर एक फ़ैन्स ने कॉमेंट किया, ‘कुछ भी पहनने की आज़ादी मत दिखाओ, थोड़ा कंफर्ट ज़रूरी है’। बोल्ड ड्रेस में कंगना का कॉन्फिडेंस आपको बता दें, कि अपने बर्थडे की केक कटिंग के दौरान कई बार कंगना शर्मा अनकंफर्टेबल दिखाई पड़ी, लेकिन फिर भी उन्होंने हर एंगल से एक बढ़कर एक शानदार पोज दिए। उनके एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज से ये साफ़ नज़र आ रहा था कि वे इस ड्रेस को लेकर ख़ुद भी थोड़ा अनकंफर्टेबल है। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बहस बर्थडे पार्टी से वायरल हुई वीडियो पर एक यूज़र ने लिखा, इनकी छपरीगिरी कभी ख़त्म नहीं होती। आपको बता दें, इस कॉमेंट ने ख़ूब ध्यान खींचा और बाक़ी लोगों ने भी इस कॉमेंट पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दी है। बोल्ड अंदाज़ फिर बना चर्चा का विषय कंगना शर्मा का ये बोल्ड लुक कुछ को हॉट लगा तो कुछ ने इसी ओवर बताया, लेकिन कुछ भी कहें कंगना शर्मा इस ड्रेस को पहनकर लाइमलाइट में आ चुकी है। चाहे उन्हें तारीफ़ मिले या बुराई, कंगना फिर एक बार सोशल मीडिया सेंसेशन बन चुकी है।   recent visitors 50

नोएडा के दंपत्ति ने पॉर्न रैकेट से कमाए ₹22 करोड़, 400+ लड़कियों से उतरवाए कपड़े, रूस से सीखकर आया था धंधा

नोएडा नोएडा के सेक्टर 105 की एक कोठी से पोर्न वीडियो स्ट्रीमिंग करके करोड़ों रुपये कमाने वाला उज्ज्वल किशोर पूरा धंधा रूस से सीखकर आया था। पिछले दिनों जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम कोठी पर पहुंची तो 3 मॉडल्स को स्टूडियो में बिठाकर उनका जिस्म विदेशी दर्शकों के सामने परोसा जा रहा था। उज्ज्वल अपनी पत्नी नीलू के साथ यह कारोबार चला रहा था। पता चला है कि उज्जवल रूस में भी ऐसे ही एक पोर्न कारोबार में काफी समय तक काम कर चुका था। वहां उसने देखा कि इस धंधे में कितना पैसा है। उसने वहां इस कारोबार को अच्छे से समझा और फिर भारत आकर अपना काम शुरू करने का फैसला किया। उसने भारत आकर पत्नी के साथ इस गोरखधंधे को शुरू कर दिया। दोनों ने सबडिजी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी बनाई थी और इसके जरिए विदेशी पोर्न वेबसाइट्स को कंटेंट उपलब्ध करा रहा था। जांच में पता चला है कि दंपति ने माडलों की भर्ती के लिए इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का खुलकर इस्तेमाल किया। उन्होंने फेसबुक पर भी एक पेज बनाया और उसमें आकर्षक वेतन के वादे के साथ युवतियों को माडलिंग का ऑफर दिया जाता था। मॉडलिंग की प्रतियोगिता के लिए नोएडा स्थित फ्लैट पर पहुंचीं लड़कियों को पोर्न वीडियो में शामिल होने पर एक से दो लाख रुपये प्रति महीने कमाने का लालच दिया जाता था। खुद उज्ज्वल और उसकी पत्नी की 22 करोड़ से अधिक कमाई का पता चल चुका है। ईडी को पता चला है कि कंपनी और डायरेक्टर के खातों में विदेशों से 15.66 करोड़ रुपए आए, जबकि विदेश में मौजूद एक खाते में भी 7 करोड़ रुपए आए थे। इस रकम की कैश के रूप में निकासी की जा चुकी है। 75-25 का था फॉर्मूला ईडी को फ्लैट में एक वेबकैम स्टूडियो मिला था, जो अश्लील प्लेटफार्म पर मिलने वाले कंटेंट को को प्रसारित करता था। यहां मॉडल्स के साथ न्यूड वीडियो शूट किए जाते थे। मॉडल्स ने वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान कितने कपड़े उतारे उस आधार पर उन्हें पैसा दिया जाता था। पोर्न वीडियो के लिए मॉडल्स को आधा, कम और पूरी अश्लीलता के लिए अलग-अलग पैकेज देते थे, जिसमें 75 प्रतिशत दंपती के पास और 25 प्रतिशत रकम मॉडल को देते थे। recent visitors 49

स्वस्थ तन-मन के लिए योग को करें अपनी दिनचर्या में शामिल – मुख्यमंत्री

रायपुर योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को विश्वपटल पर स्थापित किया और आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन विधा को अपनाकर आरोग्य की प्राप्ति कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के पदभार ग्रहण हेतु अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने योग आयोग के नव-नियुक्त अध्यक्ष श्री सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्री सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और सांगठनिक दायित्वों के लंबे अनुभव का लाभ योग आयोग के साथ ही प्रदेशवासियों को भी मिलेगा। 2017 में स्थापित योग आयोग की अब तक की यात्रा शानदार रही है और श्री सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषि-मुनियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के संवाहक भी हैं। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से ही योग रूपी इस चेतना का विश्वभर में विस्तार हुआ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने को मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग विश्वभर में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ तन-मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए। योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योग सभी के लिए है और सभी को जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए सदैव मैंने लोगों को जोड़ने का कार्य किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सभी को जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में अनेक महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, परंतु इनमें सर्वश्रेष्ठ मानव संपदा है। मुख्यमंत्री जी ने मुझे मानव संपदा को स्वस्थ रखने का जिम्मा सौंपा है और इसे पूरा करने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।हमारे प्रधानमंत्री जी नियमित योग करते हैं। उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता से आज सारी दुनिया वाकिफ है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूजनीय संत समाज, योग आचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। recent visitors 38

बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में – श्री केदार कश्यप

रायपुर बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति की अनुपम छटा बस्तर पंडुम में बिखर रही है। बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित कर इसे देश और वैश्विक पटल पर रखने के लिए तीन दिवसीय बस्तर पंडुम 2025 आयोजन किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने आज इस आयोजन का शुभारंभ किया। बस्तर पंडुम में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा परंपरा रीति-रिवाज, खान-पान, दुर्लभ वाद्य यंत्र, विभिन्न नाट्य विधाओं आदि का प्रदर्शन किया जा रहा है। बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर बस्तर की गौरवशाली संस्कृति को सहेजने और संवारने सहित वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए सरकार ने बस्तर पंडुम का आयोजन किया है। जिससे बस्तर की संस्कृति, परंपरा को दुनिया के लोगों को जानने-समझने का अवसर मिलेगा। बस्तर अद्भुत सांस्कृतिक परम्परा, रीति रिवाज और जनजातीय व्यंजन से समृद्ध है। वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में हो रही है। बस्तर क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन, वेशभूषा- आभूषण जोे विलुप्तप्राय हैं ऐसी समृद्ध संस्कृति को बचाने की पहल बस्तर पंडुम के माध्यम से की  जा रही है। उन्होंने दंतेवाड़ा का फाल्गुन मंडई और बस्तर में आयोजित बस्तर दशहरा को सामाजिक समरसता का प्रतीक निरूपित करते हुए कहा कि समाज के लोग इस परंपरा को संवर्धित कर रहे हैं। कार्यक्रम को विधायक श्री चौतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी ने भी संबोधित किया। संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे। जनजातीय नृत्य और गीत की प्रस्तुति बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत सात विधाएं शामिल की गई है। जिसमें संभाग के सातों जिलों के विजेताओं के मध्य प्रतियोगिता आयोजित किया जा रहा है। जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत-चौतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य की प्रस्तुति दी गई। पारंपरिक वाद्य, वेशभूषा एवं आभूषण जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण प्रदर्शित किए गए। जनजातीय शिल्प, चित्रकला और व्यंजन जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन किया गया। जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन-सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, कोसरा, जोन्धरा एवं मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा, मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर, बोबो इत्यादि का प्रदर्शन किया जा रहा है। recent visitors 33

मनेंद्रगढ़ शहर में केवल एक ही कोरिया नीर जिंदा बाकि पड़े मुर्दा, इन मुर्दा पड़े कोरिया नीरो का कब होगा जीणोद्धार

मनेंद्रगढ़ शहर में केवल एक ही कोरिया नीर जिंदा बाकि पड़े मुर्दा, इन मुर्दा पड़े कोरिया नीरो का कब होगा जीणोद्धार जनता ने नगरपालिका अध्यक्षा प्रतिमा यादव से जताई उमीद की जल्द होगा बंद नीरो का जीणोद्धार   एमसीबी/मनेन्द्रगढ़  एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ शहर में जहां आम जनमानस के लिए पेय जल की उपलब्धता के लिए नगरपालिका प्रशासन ने नल टंकी में लाखों की पाइप लाइन, पेयजल को शुद्ध करने के लिए लाखों का ऐलम औऱ क्लोरीन में ख़र्च किये और आम जनमानस तक पेयजल पहुँचाया पर, नगरपालिका की लापरवाहियों के कारण ये व्यवस्था भी नाकाम होती चलीं गई औऱ आमजनमानस को इसके कारण पहले औऱ आज भी मानक स्तर  से पेयजल नही मिल रहा है। इस के लिए शाशन और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के अथक प्रयासों से युद्ध स्तर पर कई प्रयास किये गए जिसमे भी लाखों का खर्च आया पर ये प्रयास कुछ हद तक ही सफल हो पाया। फिर इसी बीच में एक नई योजना की शुरुआत हुई जिसका नाम कोरिया नीर रखा गया और शहर में कई जगहों पर कोरिया नीर नगरपालिका प्रशासन ने लगवाया जिससे कि शहर की जनता को पीने के लिए शुद्ध पेयजल मिल सके। वो एक समय था जब इस योजना की शुरुवात हुई फिर क्या शहर में युद्ध स्तर पर कई वार्डो में इस कोरिया नीर की व्यवस्था नगरपालिका प्रसाशन ने की साथ ही साथ इस योजना का श्रेय लेने हेतु कई नेता और जनप्रतिनिधियों ने अगुवाई करते हुए खुब तस्वीरे खिछवाई और जनता को अपना हितैसी दिखाने के लिए इस मौके का भरपूर फायदा उठाया, उस दौरान सब को लगा कि अब तो शहर में सुध पेय जल न मिलने की समस्या से निदान मिल गया पर जानत को कहा मालूम था कि इस योजना का लाभ तो केवल और केवल इस योजना के पीछे लगे पैसे की बंदर बाट और कमीशनख़ोरी करना था।             आज शहर के लगभग सभी कोरिया नीर नगरपालिका प्रशासन की अव्यवस्थाओ और रखरखाओ के चलते बंद पड़े है। नगरपालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों गिरती कार्यछमता के कारण आज भी सभी नीर मुर्दा हालात में पड़े है। आज शहर में मात्र केवल एक कोरिया नीर जो शासकीय अस्पताल मनेंद्रगढ़ के बाजू में चालू स्थिति में है जोकि अकेले ही शहर के कई परिवारों को शुद्ध पेयजल देने का भार झेल रहा है। अब देखना है, कि नगरपालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा कब इसपर अपना संज्ञान लेंगे और शहर में बंद पड़े बाकी कोरिया नीरो को आमलोगों के लिए कब चालू करवाते है। वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव से जनता ने उमीद जताई है कि शायद अब इन मुर्दा पड़े कोरिया नीरो का जल्द ही जीणोद्धार करवाया जाएगा। recent visitors 26

खंडवा में कुएं में जहरीली गैस से 8 लोगों की मौत, कोंडावत में मातम का माहौल, एक साथ जलीं 8 चिताएं

खंडवा खंडवा जिले के कोंडावद गांव में गणगौर माता के जवारे विसर्जन के लिए कुएं की सफाई के दौरान हादसे का शिकार हुए 8 ग्रामीणों के शव शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे जिला अस्पताल से गांव पहुंचे। एंबुलेंस का काफिला पहुंचते ही गांव में चीख पुकार और हर आंख नम हो गई। गांव में एक साथ आठ अर्थियां निकली गई। इसमें दो हजार से अधिक लोग शामिल हुए। कुंडावत गांव के श्मशान घाट पर पहली बार एक साथ आठ शवों का अंतिम संस्कार सुबह हुआ। यहां आठ आर्थियों को परिवार के लोगों द्वारा अग्नि देते ही माहौल गमगीन हो गया। गुरुवार दोपहर से गांव के अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जला है। कुएं में सफाई करने उतरे थे आठ लोग बता दें कि गुरुवार शाम कुएं की सफाई करने उतरे आठ ग्रामीणों की मौत हो गई थी। गणगौर विसर्जन की तैयारी के तहत कुएं की सफाई करने के लिए आठ ग्रामीण नीचे उतरे थे। कुएं में जहरीली गैस होने के चलते ये सभी कुएं में फंस गए और सभी की मौत हो गई। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में सभी आठों शव निकाले जा चुके थे। पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। दोपहर में गांव के चार लोगों ने गणगौर पर्व के लिए कुएं की सफाई का काम शुरू किया। कुएं में जमी भारी मात्रा में गाद और दलदल के बीच फंसे ये लोग शाम तक बाहर नहीं निकल पाए। इनको बचाने के लिए चार अन्य युवक भी कुएं में उतरे, वे भी कुएं में फंस गए। ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर बचाव का प्रयास शुरू किया। बाद में प्रशासन को सूचना दी गई। एसडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम ने किया रेस्क्यू ऑपरेशन घटना स्थल पर पहुंची एसडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम ने रस्सियों और जालों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि कुएं में गंदे पानी के जमाव के कारण जहरीली गैस बनने की आशंका है जिसके चलते युवकों का दम घुटने से मौत हुई होगी। इन्हें लील गया मौत का कुआं मृतकों में मोहन पिता मंशाराम पटेल (50), वासुदेव आशाराम पटेल (45), गजानंद पिता गोपाल पटेल (40), अनिल पिता आत्माराम (35), राकेश पिता हरिराम (26), अजय पिता मोहन पटेल (30), सरन पिता सुखराम पटेल (40), अर्जुन पिता गोविंद पटेल (35) हैं। सीएम ने किया 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि- खंडवा के छैगांवमाखन क्षेत्र के कोंडावत गांव में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 8 व्यक्तियों के काल कवलित होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस, प्रशासन, होम गार्ड्स एवं एसडीईआरएफ की टीम ने जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। दुख की इस घड़ी में सभी शोकाकुल परिजन के साथ मेरी गहरी शोक संवेदनाएं हैं। सभी मृतकों के परिवारजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि सभी पुण्यात्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान और परिजन को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। recent visitors 19

Ghibli ट्रेंड सिर्फ मजेदार फोटो नहीं, यह आपकी प्राइवेसी के लिए है खतरा?

Ghibli trend photo is not just

Ghibli trend photo is not just a fun photo, is it a threat to your privacy? Ghibli AI ट्रेंड सिर्फ मजेदार इमेजेस नहीं, बल्कि आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा भी बन सकता है। जानें कि AI-Generated Ghibli पोर्ट्रेट्स कैसे आपकी डिजिटल सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं… Ghibli trend photo is not just Ghibli AI Trend: जब से ओपनएआइ ने चैटजीपीटी के घिबली-स्टाइल एआइ इमेज जनरेटर को लॉन्च किया है, तब से इसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। राजनेता हों या मशहूर हस्तियां, हर कोई घिबली के दिग्गज हयाओ मियाज़ाकी की खास शैली में अपने एआइ-जनरेटेड पोर्ट्रेट शेयर करता दिखाई देता है। एक ओर यह ट्रेंड हावी है तो दूसरी ओर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डिजिटल प्राइवेसी एक्टिविस्ट्स लोगों को इसके जोखिमों से रूबरू कर रहे हैं। उनका दावा है कि ओपनएआइ इस ट्रेंड का उपयोग एआइ प्रशिक्षण के लिए लाखों व्यक्तिगत छवियों को इकट्ठा करने के तरीके के रूप में कर सकता है। आलोचकों ने चेतावनी दी है कि वे अनजाने में ओपनएआइ को नया फेशियल डेटा सौंप रहे हैं जिससे प्राइवेसी संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हो सकती हैं। Ghibli trend photo is not just AI टूल्स के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (जीडीपीआर) के तहत, ओपनएआइ को ‘वैध हित’ के कानूनी आधार के तहत इंटरनेट से इमेज-हार्वेस्टिंग (स्क्रेपिंग) का औचित्य सिद्ध करना चाहिए, जिसका अर्थ है कि उन्हें उपयोगकर्ता की गोपनीयता की रक्षा करने और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे। डिजिटल प्राइवेसी एक्टिविस्ट्स के अनुसार ओपनएआइ या अन्य टूल्स यह प्रदर्शित करें कि डेटा संग्रह आवश्यक है, यह व्यक्तियों के अधिकारों का हनन नहीं करता है, और सख्त पारदर्शिता और जवाबदेही उपायों का पालन किया जाता है। Read more: प्रिंसिपल ने महिला प्रोफेसर को लिखा ‘I Love You’, KISS की इमोजी वाली व्हाट्सएप चैट से कॉलेज में हड़कंप  सहमति और स्वतंत्रता एआई, टेक एंड प्राइवेसी एकेडमी की सह-संस्थापक लुइजा जारोव्स्की के अनुसार, जब लोग स्वेच्छा से इन छवियों को अपलोड करते हैं, तो वे ओपनएआइ को उन्हें संसाधित करने के लिए अपनी सहमति देते हैं (जीडीपीआर का अनुच्छेद 6.1.ए)। यह एक अलग कानूनी आधार है जो ओपनएआइ को अधिक स्वतंत्रता देता है, और इस तरह वैध हित संतुलन परीक्षण लागू नहीं होता है। Ghibli trend photo is not just कैसे सुरक्षित रखें अपना बायोमेट्रिक डेटा एआइ द्वारा जनरेट की गई छवियों के लिए व्यक्तिगत फोटो अपलोड करने से पहले दो बार सोचें।ऐसे कर सकते हैं अपनी गोपनीयता की सुरक्षासोशल मीडिया पर हाई-रिजॉल्यूशन वाली छवियों को साझा करने से बचें, एआइ प्रशिक्षण, डेटा वर्गीकरण और अन्य अनुप्रयोगों के लिए डेटा हार्वेस्टिंग की तकनीक इमेज-स्क्रेपिंग में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है।डिवाइस को अनलॉक करने के लिए चेहरे की पहचान के बजाय पिन या पासवर्ड का उपयोग करें। ऐप्स की कैमरे तक एक्सेस को सीमित करें। समय-समय पर सेटिंग्स में एक्सेस को जांचते रहें। recent visitors 91