माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए किया है पिछले बजट से 3000 करोड़ रुपए अधिक का प्रावधान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन के दिए निर्देश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा परिणाम समय पर घोषित हो प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं की उपलब्धता करें सुनिश्चित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हर बच्चे की शिक्षा, चिकित्सा और पोषण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के हर विद्यालय में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए हमने विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 3000 करोड़ रुपए अधिक बजट का प्रावधान किया। हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में सभी जरूरी सुधार लाने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्मकाल में प्रत्येक शासकीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए बिजली, पंखा, स्वच्छ व शीतल पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्थाएं की जाएं। कोई भी शाला जर्जर हालत में न रहे। सभी विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए एक अच्छा माहौल और प्रोत्साहन देने वाला परिवेश उपलब्ध करायें, ताकि बच्चे खुशी-खुशी विद्यालय पहुंचे। विभागीय अधिकारी कन्या छात्रावास में महिला अधिकारी की नियुक्ति, स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था नई जरूरतों के मुताबिक सुधार लाने के लिए सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज स्कूल) जैसे क्रांतिकारी नवाचार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय देश में एक आदर्श विद्यालय (मॉडल स्कूल) बनकर उभरें, इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां और प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षा नीति-2020 के अक्षरश: पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में लागू नई शिक्षा नीति के मॉडल का अध्ययन कर कार्य योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए हमारी सरकार स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं व सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध होकर प्रयासरत है। उन्होंने जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कार्य में स्थानीय पूर्व सांसद और पूर्व विधायक, समाजसेवी संस्थाओं, पूर्व छात्रों एवं सीएसआर फंड से भी सहयोग लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आर्थिक या व्यवस्थागत सुधार में मदद करने वालों का सरकार सम्मान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को विधानसभा वार जर्जर स्कूल भवनों की जानकारी एकत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यालयों के अधोसंरचना विकास कार्यों में विधायक निधि से भी सहयोग लिया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के वार्षिक परिणाम समय पर घोषित किए जायें। बताया गया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आगामी मई माह के प्रथम सप्ताह में ही रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की जा रही है। नैतिक शिक्षा देने पर जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राथमिक स्कूल स्तर से ही बच्चों को आदर्श पारिवारिक मूल्यों की नैतिक शिक्षा देने के लिए उचित प्रबंध करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विद्या भारती, गायत्री परिवार और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं को प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों से जोड़ा जाए। बाल्यकाल में प्राथमिक कक्षा से ही विद्यार्थियों में संस्कारों के विकास का क्रम जारी रहना चाहिए। समिति बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा में सुधार के लिए सुझावों का सरकार स्वागत करेगी। मिले सुझावों पर विचार-विमर्श के लिए विशेषज्ञों के साथ शीघ्र ही एक बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त विभाग, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, रोजगारपरक व्यावसायिक शिक्षा (कौशल विकास), जनजातीय कार्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्रीगण की एक समिति बनाकर संयुक्त बैठक आयोजित करने और शैक्षिक सुधार की कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय विद्यालयों में भोजन की उपलब्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही बोर्ड परीक्षा में शत-प्रतिशत रिजल्ट देने वाली स्कूलों को अपग्रेड किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज) संचालित किया जा रहा है। इन स्कूलों के नवीन भवनों के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनी विद्यालय देश में ऐसे आदर्श विद्यालय बनाने हैं, जहां पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को खेल-कूद, कला-संस्कृति एवं छात्रों के समग्र विकास का प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सांदीपनी विद्यालयों में 145 बसें संचालित की जा रही हैं। बस संचालन में सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए और ड्रायवर-कंडक्टर के व्यवहार पर विशेष निगरानी रखी जाए। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजाति विभाग की अंतर्गत प्रदेश में 369 संदीपनी विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग की 275 और जनजातीय कार्य विभाग के 94 सांदीपनी विद्यालय शामिल हैं। 8 संदीपनी विद्यालयों भवनों का लोकार्पण हो चुका है और 10 भवन बनकर लोकार्पण के लिए तैयार हैं। जून 2025 तक 34 नए सांदीपनी विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण हो जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की भर्ती और अतिशेष शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में पूर्ण रूप से प्रदर्शित बरती जाए। लापरवाही करने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने उज्जैन में शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक का रिक्त पद शीघ्र भरने के निर्देश दिये। प्रदेश में 1 अप्रैल से स्कूल खुल चुके हैं और एडमिशन पोर्टल पर अबतक 15 लाख से अधिक विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। पहली कक्षा में बच्चों का प्रवेश घटने पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शासकीय स्कूलों में नर्सरी कक्षा भी शुरू करने की आवश्यकता है, क्योंकि एक बार कोई बच्चा प्राइवेट नर्सरी स्कूल में दाखिला ले लेता है, तो फिर उसका शासकीय स्कूल में लौटना मुश्किल हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूलों में भारत स्काउट गाइड, एनसीसी सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और मेधावी … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दतिया स्थित स्टेडियम में धन्यवाद सभा में भी होंगे सम्मिलित

दतिया मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नवरात्रि के छठे दिन दतिया स्थित पीताम्बरा माई के दर्शन करेंगे। धार्मिक नगरों एवं ग्राम पंचायतों में शराबबंदी लागू होने के बाद किसी धार्मिक स्थल का ये मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पहला दौरा होगा। लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में 24 जनवरी को हुई कैबिनेट में 19 धार्मिक नगरों और ग्राम पंचायतों में शराबबंदी के फैसले को मंजूरी दी गई थी। सभी 19 धार्मिक स्थलों पर एक अप्रैल से शराबबंदी लागू हो गई है। उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त बार एवं मदिरा दुकानों को बंद किया जा चुका है। नशामुक्ति की दिशा में लिये गए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इस फैसले के लिए प्रदेशवासियों ने उनका आभार भी जताया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार सुबह दतिया पहुंचकर मां पीताम्बरा पीठ के दर्शन करेंगे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसके बाद दतिया स्थित स्टेडियम में धन्यवाद सभा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह 9.30 बजे हेलीकॉप्टर से भोपाल से दतिया के लिए प्रस्थान करेंगे। सुबह 10.45 बजे मुख्यमंत्री दतिया पहुंचकर पीताम्बरा माई के दर्शन करेंगे। इसके बाद वे स्थानीय कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी के 11 अप्रैल को अशोकनगर प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियां का लेगें जायजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव 04 अप्रैल को अशोकनगर जिले की तहसील ईसागढ़ की ग्राम पंचायत आनंदपुर स्थित आनंदपुर ट्रस्ट भी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 12.40 बजे हेलीकॉप्टर से दतिया से प्रस्थान कर दोपहर 01.10 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आनंदपुर ट्रस्ट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 11 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित भ्रमण की तैयारियों का अवलोकन करेगें। इसके बाद दोपहर 02 बजे आनंदपुर ट्रस्ट हेलीपेड से ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगें।   recent visitors 35

मंत्री सारंग ने नरेला विधानसभा के वार्ड 37, राजेंद्र नगर में नवीन स्टेडियम के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया

भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को नरेला विधानसभा के वार्ड 37, राजेंद्र नगर में नवीन स्टेडियम के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक आधुनिक खेल परिसर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेल और शारीरिक गतिविधियाँ युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि इस स्टेडियम के निर्माण से क्षेत्र के नागरिकों को व्यायाम के साथ ही युवाओं को खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, खेल संचालक राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव, खेल प्रेमी एवं गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। क्षेत्र में क्लस्टर बनाकर नये खिलाड़ियों को करेंगे तैयार मंत्री सारंग ने कहा कि यह स्टेडियम क्षेत्र के युवाओं और खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ी सौगात है। यहाँ विभिन्न खेलों के लिए विशेष सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है और इसी क्रम में क्षेत्र में खेल मैदानों का उन्नयन किया जायेगा साथ ही क्लस्टर बनाकर नये खिलाड़ियों को तैयार करेंगे। स्टेडियम में नागरिकों के लिये विभिन्न सुविधाएं होंगी उपलब्ध मंत्री सारंग ने जानकारी देते हुए बताया कि स्टेडियम का निर्माण लगभग 8 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में किया जाएगा, जिसमें से लगभग 4,000 वर्गमीटर में खेल मैदान विकसित किया जाएगा। यह स्टेडियम खिलाड़ियों की विभिन्न आवश्यकताओं एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है, जिसमें विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने बताया कि स्टेडियम परिसर में इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, और मल्टीपरपज़ हॉल की सुविधा उपलब्ध होगी। खेल गतिविधियों के अलावा, यहाँ एक मंच (स्टेज) भी बनाया जाएगा, जहाँ सांस्कृतिक एवं खेल से संबंधित आयोजनों का संचालन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए कार एवं बाइक पार्किंग, लैंडस्केप एरिया, कार्यालय कक्ष, और बाउंड्री वॉल का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और संरचना को मजबूती मिलेगी। दो चरणों में होगा निर्माण प्रथम चरण में फुटबॉल तथा अन्य खेल के मैदान का विकास, वॉलीबाल कोर्ट का निर्माण, मैदान सुरक्षा दीवार, भव्य प्रवेश द्वार, हाइ मास्ट प्रकाश व्यवस्था (रात्रि खेल हेतु), खिलाड़ियों के लिए डग हाउस, जनसुविधा केंद्र, पाथवे (मॉर्निंग/इवनिंग वॉक हेतु) एवं स्टेज उन्नयन का कार्य किया जायेगा। वहीं द्वितीय चरण में बैडमिंटन कोर्ट,मल्टी परपज हॉल (टेबल टेनिस, बोर्ड गेम्स, लाईब्रेरी, इनडोर खेल), ओपन जिम, प्रबंधन कार्यालय तथा स्टोर एवं पार्किंग तथा लैंड स्कैप का निर्माण किया जायेगा।   recent visitors 28

भाजपा स्थापना दिवस पर मंडल प्रभारियों की हुई घोषणा

एमसीबी आगामी 6 अप्रैल 2025 को भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस को भव्य रूप से मनाने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती चम्पा देवी पावले की सहमति से जिला एवं मंडल संयोजक तथा सह संयोजकों की नियुक्ति की गई है। जिला एवं मंडल स्तर पर जिम्मेदारियां सौंपी गईं भाजपा संगठन की ओर से जिला एवं मंडल स्तर पर समर्पित कार्यकर्ताओं को संयोजक, सह-संयोजक, मंडल प्रभारी एवं सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। इस घोषणा को लेकर मीडिया प्रभारी संजय गुप्ता ने जानकारी साझा की। जिम्मेदारों की सूची जारी घोषणा पत्र के अनुसार, जिले के विभिन्न मंडलों में निम्नलिखित प्रमुख कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है: कोताडोल: अशोक सिंह (प्रभारी), रविशंकर सिंह (सह प्रभारी) जनकपुर: जुगनाथ पाण्डेय (प्रभारी), हीरालाल यादव (सह प्रभारी) कुवांरपुर: आदित्य गुप्ता (प्रभारी), कौशल पटेल (सह प्रभारी) केल्हारी: रामनरेश राय (प्रभारी), संजय राय (सह प्रभारी) नागपुर: रामलाल सिंह (प्रभारी), सुशील सिंह (सह प्रभारी) मनेंद्रगढ़: उमेश बैरागी (प्रभारी), संतोष सिंह (सह प्रभारी) हसदेव: मुकेश जायसवाल (प्रभारी), गामती द्विवेदी (सह प्रभारी) खड़गवां: वीरेंद्र सिंह राणा (प्रभारी), इंदु परिहार (सह प्रभारी), सोनमती उर्रे (सह प्रभारी) चिरमिरी: अनिल कसरवानी (प्रभारी), धर्मेंद्र पटवा (सह प्रभारी) संघठन की मजबूती पर जोर भाजपा के इस निर्णय से आगामी स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से संपन्न कराने की रणनीति बनाई गई है। संगठन के पदाधिकारी इस अवसर पर पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। भाजपा जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले ने कहा कि यह सभी कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं और इनके सहयोग से स्थापना दिवस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया जाएगा। recent visitors 28

वरिष्ठ नागरिकों, विधवा और परित्यक्त महिलाओं को तीर्थ यात्रा का सपना होगा साकार, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत पंजीयन हुई शुरू

एमसीबी छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अब वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ विधवा और परित्यक्त महिलाओं को भी पवित्र तीर्थ स्थलों की निःशुल्क यात्रा का अवसर मिलेगा। राज्य शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, ये यात्राएं एक साथ संचालित की जाएंगी, जिससे आस्था और श्रद्धा से परिपूर्ण यात्रा का आनंद सभी को मिल सके। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत एमसीबी जिले से कुल 90 तीर्थ यात्रियों को यात्रा का लाभ मिलेगा। इसमें जिले के तीन जनपद पंचायतों से 15-15 हितग्राही, नगर निगम चिरमिरी से 15, नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ से 10, तथा नगर पंचायत लेदरी, झगराखण्ड, जनकपुर और खोंगापानी से 5-5 हितग्राही शामिल होंगे। आईआरसीटीसी के विशेष ट्रेन से निःशुल्क यात्रा     इस यात्रा के लिए चयनित 90 हितग्राही विशेष ट्रेन के माध्यम से आईआरसीटीसी द्वारा निःशुल्क तीर्थ यात्रा पर भेजे जाएंगे। इस योजना के तहत 65 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक यदि चाहें तो अपने साथ 21 वर्ष या उससे अधिक उम्र के एक सहायक को भी ले जा सकते हैं। इस तीर्थ यात्रा के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदन पत्र के साथ शासकीय चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 04 अप्रैल 2025 तक     योजना के तहत तीर्थ यात्रा का लाभ लेने के इच्छुक पात्र हितग्राही अपने क्षेत्र के जनपद पंचायत या नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, वे सीधे उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, जिला मनेन्द्रगढ़ (आत्मानंद विद्यालय के सामने) पहुंचकर भी आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 04 अप्रैल 2025, शाम 5 : 00 बजे तक निर्धारित की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना के तहत श्रद्धालु अब बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी धार्मिक आस्था को साकार कर सकेंगे। recent visitors 35

मुख्य अभियंता (ईधन प्रबंधन) कार्यालय को मिला आई एस ओ प्रमाणीकरण

जबलपुर म प्र पावर जनरेटिंग कम्पनी जबलपुर के मुख्यालय स्तिथ मुख्य अभियंता (ईधन प्रबंधन) कार्यालय को अंतराष्ट्रीय क्वालिटी स्टैण्डर्ड आई एस ओ 9001: 2015 प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ है । कार्यालय को यह प्रमाणपत्र उच्च स्तर के ईधन प्रबंधन, कोल लोडिंग अनलोडिंग , कोल डिस्पैच, कोल टेस्टिंग, मोनिटरिंग व कोयले के स्टॉक की निगरानी करने व पावर प्लांटों में कोयले की निर्बाध आपूर्ति बनाये रखने के अंतराष्ट्रीय मानदंडों का पालन करने हेतु प्राप्त हुआ है । पूर्व में कम्पनी के दो कार्यालयों , मुख्य अभियंता (उत्पादन भंडार) व मुख्य अभियंता (संचालन संधारण- जल विधुत) को अंतराष्ट्रीय क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम 9001:2015 प्रमाणीकरण प्राप्त हो चुका है । कम्पनी का यह तीसरा कार्यालय है जिसे आई एस ओ प्राप्त हुआ है । उक्त तीनो कार्यालय अंतराष्ट्रीय स्तर के मानदंडों का पालन करते हुए कार्य कर रहे हैं । कम्पनी के ईधन प्रबंधन कार्यालय को आई एस ओ प्रमाणीकरण होने पर प्रबन्ध निदेशक श्री मनजीत सिंह, निदेशक श्री सुबोध निगम व श्री मिलिंद भंदककर ने मुख्य अभियंता श्री हेमंत कुमार संकुले तथा ईधन प्रबंधन कार्यालय के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों को शुभकामनाएं व बधाई दी एवं आगे भी इसी प्रकार उच्च स्तरीय क्वालिटी मानदंडों का पालन करते हुए कार्य करने की प्रेरणा दी । recent visitors 30

इस माह से शुरू होने से जा रही नोएडा से देहरादून और हरिद्वार के लिए बस सेवा

नोएडा नोएडा से देहरादून और हरिद्वार के लिए बस सेवा इसी माह से शुरू होने से जा रही है। डिपो को 50 नई बसें मिलेंगी। देवभूमि के अन्य स्थलों समेत यूपी के पूर्वांचल के लिए भी यहां से बस सेवा शुरू हो सकती है। डिपो प्रबंधन समय सारिणी का चार्ट जारी करेगा। देहरादून जाने वालों को 428 और हरिद्वार के लिए 381 रुपये प्रति व्यक्ति किराया निर्धारित किया गया है। तीन से चार घंटे के अंतराल पर देवभूमि के लिए नोएडा डिपो से बसें मिल सकेंगी। भर्ती के लिए 13 चालकों के टेस्ट हुए हैं। 167 परिचालकों की भर्ती और की जाएगी। नए रूट हल्द्वानी, देहरादून और ऋषिकेश पर भी नई बसों चलाया जाएगा। छुट्टी के दिन परिवार के साथ भारी संख्या में यात्री उत्तराखंड घूमने के लिए जाते हैं। इनमें हरिद्वार, ऋषिकेश तीर्थस्थल भी शामिल हैं। नोएडा से सीधे यात्री इन तीर्थस्थलों पर पहुंच सकें इसके लिए डिपो से इस माह बसों का संचालन होगा। यात्रियों की मांग बढ़ने पर कैंचीधाम, नीलकंठ, हरिद्वार और टपकेश्वर के लिए भी बसें संचालित की जा सकतीं हैं। 33 प्रतिशत बढ जाएगी बसों की संख्या नोएडा डिपो से वर्तमान में 158 बसें संचालित होती हैं। नई बसें मिलने से संख्या में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से कुल 208 बसों का संचालन यहां से होगा। बुदंलशहर, आगरा, एटा, इटावा रूट पर बढेंगी बसें एआरएम एसएन पांडेय ने कहा कि बुलंदशहर रूप पर सबसे अधिक यात्री होते हैं। डिपो को सबसे अधिक राजस्व भी यहां से मिलता है। आगरा, एटा, इटावा, सहारनपुर के लिए भी यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। नई बसें मिलने पर इन रूटों पर संख्या बढ़ाई जाएगी। 414 चालक डिपो के पास हैं वर्तमान में डिपो से संचालित हो रहीं 158 बसों के लिए 414 चालक और 416 परिचालक हैं। नई बसों के लिए कुछ चालक और 167 परिचालकों की भर्ती भी होगी। recent visitors 49