मुख्यमंत्री भजनलाल ने ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय की प्रमुख राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी के देहावसान पर शोक व्यक्त किया

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रमुख राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी के देहावसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है। शर्मा ने कहा कि करूणामयी व्यक्तित्व से परिपूर्ण दादी जी ने पूरा जीवन त्याग, तपस्या और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया। उनका देवलोकगमन आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय दादी रतनमोहिनी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और उनके अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 27

दादी रतनमोहिनी जी के निधन पर राज्यपाल की शोक संवेदना

जयपुर, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की प्रमुख राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। बागडे ने ईश्वर से पुण्यात्मा की शांति और शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 31

स्टील प्लांट में भीषण आग, मची अफरा-तफरी, करोड़ों का नुकसान

जगदलपुर नगरनार स्थित एनएमडीसी स्टील प्लांट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोक ओवन सेक्शन में गैस लीक के बाद भीषण आग भड़क उठी. आग इतनी विकराल थी कि 10 किलोमीटर दूर से लपटें और धुआं साफ नजर आ रहे थे, प्लांट में रखी कीमती बैटरियां जलकर खाक हो गईं. फायर ब्रिगेड की गाड़ियां शहर से 18 किमी दूर से घटनास्थल पर पहुंचीं और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका. इस हादसे से प्लांट को करोड़ों का नुकसान हुआ है, मेंटनेंस और उत्पादन में देरी से भी बड़ा घाटा होगा. इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि समय रहते कर्मचारियों ने खुद को सुरक्षित कर लिया, जिससे जनहानि नहीं हुई. आग लगते ही पूरे प्लांट में अफरा-तफरी मच गई, कर्मचारी जान बचाने में जुटे रहे, वहीं अधिकारी हालात को रूटीन बताकर कर्मचारियों को काम पर लगाए रखने का दबाव बनाते रहे. चिंता की बात यह है कि पूर्व में भी आगजनी और हॉट मेटल के छिड़काव जैसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुए थे, फिर भी न तो आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए, न ही कर्मचारी इलाज के लिए कोई अस्पताल प्लांट के पास मौजूद है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30

सड़क पर मचाया तांडव: नशेड़ी ने तेज रफ्तार एसयूवी से पैदल यात्रियों को रौंदा, तीन की मौत

जयपुर कल रात जयपुर की सड़कों पर कोहराम मच गया, जब नशे में धुत एक ड्राइवर ने अपनी तेज रफ्तार एसयूपी से सामने जो आया, उसे कुचल दिया। करीब 7 किलोमीटर तक ये नशेड़ी सड़क पर चलने वाले वाहनों और पैदल यात्रियों को रौंदता रहा। जानकारी के अनुसार घायलों में से तीन की मौत हो चुकी और करीब 5 की हालत गंभीर है। घटना सोमवार रात 9:30 बजे के करीब की है। पुलिस के अनुसार सबसे पहले आरोपी फैक्ट्री मालिक उस्मान खान ने एमआई रोड पर वाहनों को टक्कर मारी। इसके बाद ये शहर की तंग गलियों में घुस गया। सबसे ज्यादा कहर इसने नाहरगढ़ रोड पर बरपाया, जहां इसने कई वाहनों को जबरदस्त टक्कर मारी। हालांकि गली संकरी होने की वजह से वह बाहर नहीं निकल पाया और आगे खड़ी पुलिस की पीसीआर ने इसे रोक लिया। एडि. डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि आरोपी ड्राइवर ने सबसे ज्यादा टक्कर 500 मीटर के एरिया में मारी। नाहरगढ़ थाना इलाके में संतोषी माता के मंदिर के पास इसने सबसे पहले स्कूटी को टक्कर मारी, इसके बाद बाइक को टक्कर मारकर तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाई, इतना ही नहीं आरोपी ने थाने के बाहर खड़ी गाड़ियों को भी टक्कर मार दी। हादसे में ममता कंवर (50), वीरेंद्र सिंह (48) , महेश सोनी (28), मोहम्मद जलालुद्दीन (44), दीपिका सैनी (17), विजय नारायण (65), जेबुन्निशा (50), अंशिका (24) व अवधेश पारीक (37) घायल हुए हैं। बाद में इनमें से ममता कंवर, अवधेश पारीक और वीरेंद्र सिंह को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। हादसे को लेकर लोगों में आक्रोश हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। दर्जनों लोग सड़क पर उतर आए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। नाहरगढ़ रोड को पूरी तरह से जाम कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और पिछली सरकार की तर्ज पर पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को मौके पर बुलाकर वार्ता की मांग की है। साथ ही आरोपी के मकान पर बुलडोजर चलाने की भी मांग तेज होती जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 34

ब्रह्माकुमारीज की प्रधान राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी का 101 साल की आयु में निधन

सिरोही/आबूरोड  ब्रह्माकुमारीज की प्रमुख 101 वर्षीय राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी नहीं रहीं। उन्होंने अहमदाबाद के जाइडिस अस्पताल में रात 1ः20 बजे अंतिम सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को शांतिवन लाया जा रहा है, जहां मुख्यालय शांतिवन के कॉन्फ्रेंस हाल में अंतिम दर्शनार्थ रखा जाएगा। 10 अप्रैल को सुबह 10 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। वो मात्र 13 वर्ष की आयु में ही ब्रह्माकुमारीज से जुड़ीं और पूरा जीवन समाज कल्याण में समर्पित कर दिया। 101 वर्ष की आयु में भी दादी की दिनचर्या ब्रह्ममुहूर्त में 3ः30 बजे से शुरू हो जाती थी। सबसे पहले वह परमपिता शिव परमात्मा का ध्यान करतीं। राजयोग मेडिटेशन उनकी दिनचर्या में शामिल रहा। रतनमोहिनी का जन्म 25 मार्च 1925 को सिंध हैदराबाद के एक साधारण परिवार में हुआ। माता-पिता ने नाम रखा लक्ष्मी। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि कल यही बेटी अध्यात्म और नारी शक्ति का जगमग सितारा बनकर सारे जग को रोशन करेगी। बचपन से अध्यात्म के प्रति लगन और परमात्मा को पाने की चाह में मात्र 13 वर्ष की उम्र में लक्ष्मी ने विश्व शांति और नारी सशक्तिकरण की मुहिम में खुद को झोंक दिया। दादी वर्ष 1937 में ब्रह्माकुमारीज की स्थापना से लेकर आज तक 87 वर्ष की यात्रा की साक्षी रही हैं। पिछले 40 से अधिक वर्ष से आप संगठन के ही युवा प्रभाग की अध्यक्षा की भी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनकेन नेतृत्व में युवा प्रभाग द्वारा देशभर में अनेक राष्ट्रीय युवा पदयात्रा, साइकिल यात्रा और अन्य अभियान चलाए गए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने व्यक्त किया शोक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दादी रतनमोहिनी के देहावसान पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दादीजी ने अपना सम्पूर्ण जीवन त्याग, तपस्या और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और अनुयायियों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की। 13 वर्ष की आयु में ब्रह्माकुमारी से जुड़ीं दादी रतनमोहिनी का जन्म 25 मार्च 1925 को सिंध (हैदराबाद) के एक सामान्य परिवार में हुआ था। माता-पिता ने उनका नाम लक्ष्मी रखा। बचपन से ही अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि थी। मात्र 13 वर्ष की आयु में वे ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ गईं और पूरी तरह समाज कल्याण और विश्व शांति के कार्यों में स्वयं को समर्पित कर दिया। संस्था के 87 वर्षों की यात्रा की साक्षी दादीजी 1937 में ब्रह्माकुमारीज की स्थापना से लेकर अब तक संस्था की 87 वर्षों की यात्रा की साक्षी रही हैं। वे ब्रह्मा बाबा के 1969 में अव्यक्त होने तक 32 वर्षों तक उनके साथ साये की तरह रहीं। उनका समर्पण, सेवा और नेतृत्व संस्था के लिए प्रेरणास्रोत रहा। युवा प्रभाग की रहीं अध्यक्षा पिछले चार दशकों से दादी रतनमोहिनी ब्रह्माकुमारीज के युवा प्रभाग की अध्यक्षा रहीं। उनके मार्गदर्शन में देशभर में अनेक युवा जागरूकता अभियान, साइकिल यात्राएं और राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए गए। उनका उद्देश्य युवाओं को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करना रहा। अनुशासित और साधनापूर्ण जीवन 101 वर्ष की आयु में भी दादी की दिनचर्या अत्यंत अनुशासित रही। वे प्रतिदिन ब्रह्ममुहूर्त में 3:30 बजे उठतीं और राजयोग साधना में लीन हो जाती थीं। उनका जीवन ईश्वर-भक्ति, सेवा और सादगी का प्रतीक था। आध्यात्मिक जगत को अपूरणीय क्षति राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी के निधन से आध्यात्मिक जगत में शोक की लहर है। उनका देहावसान ब्रह्माकुमारी परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। दादी रतनमोहिनी में बचपन से ही भक्तिभाव के संस्कार रहे। छोटी सी उम्र होने के बाद भी आप अन्य बच्चों की तरह खेलने-कूदने के स्थान पर ईश्वर की आराधना में अपना ज्यादा वक्त गुजारती थीं। स्वभाव धीर-गंभीर था। पढ़ाई में भी होशियार होने के साथ प्रतिभा संपन्न रहीं हैं। दादीजी ने वर्ष 1937 से लेकर ब्रह्मा बाबा के अ‌व्यक्त होने (वर्ष 1969) तक साये की तरह साथ रहीं। इन 32 साल में आप बाबा के हर पल साथ रहीं। बाबा का कहना और दादी का करना यह विशेषता शुरू से ही थी। बहनों की ट्रेनिंग और नियुक्ति की कमान वर्ष 1996 में ब्रह्माकुमारीज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तय हुआ कि अब विधिवत बेटियों को ब्रह्माकुमारी बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए एक ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया और तत्कालीन मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि ने आपको ट्रेनिंग प्रोग्राम की हैड नियुक्त किया। तब से लेकर आज तक बहनों की नियुक्ति और ट्रेनिंग की जिम्मेदारी दादीजी के हाथों में रही। दादी के नेतृत्व में अब तक 6000 सेवाकेंद्रों की नींव रखी गई है। युवा प्रभाग की संभाली कमान युवा प्रभाग द्वारा दादीजी के नेतृत्व में 2006 में निकाली गई स्वर्णिम भारत युवा पदयात्रा ने ब्रह्माकुमारीज के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया। 20 अगस्त 2006 को मुंबई से यात्रा का शुभारंभ किया गया और 29 अगस्त 2006 का तीनसुकिया असम में समापन किया गया। स्वर्णिम भारत युवा पदयात्रा द्वारा पूरे देश में 30 हजार किलोमीटर का सफर तय किया गया। इसमें पांच लाख ब्रह्माकुमार भाई-बहनों ने भाग लिया। सवा करोड़ लोगों को शांति, प्रेम, एकता, सौहार्द्र, विश्व बंधुत्व, अध्यात्म, व्यसनमुक्ति और राजयोग ध्यान का संदेश दिया गया। भारत एकता युवा पदयात्रा दादी के ही नेतृत्व में 1985 में भारत एकता युवा पदयात्रा निकाली गई। इससे 12550 किलोमीटर की दूरी तय की गई। यात्रा का शुभारंभ तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने किया था। कन्याकुमारी से दिल्ली (3300 किलोमीटर) की सबसे लंबी यात्रा रही। भारी बारिश और तूफार के दौरान भी राजयोगी भाई-बहनों के कदम नहीं रुके और रेगिस्तान, जल, जंगल, पर्वत का लांघते हुए मिशन पूरा किया। 24 अक्टूबर 1985 को दिल्ली में भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। दादी के निर्देशन में करीब 70 हजार किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्राएं निकाली गईं। 1985 में दादी ने की 13 पैदल यात्राएं वर्ष 2006 में निकाली गई युवा पदयात्रा ने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में जहां नाम दर्ज कराया, वहीं सभी यात्रियों ने 30 हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा तय की। दादी ने 13 मेगा पैदल यात्राएं की हैं। अगस्त 1989 में देश के 67 स्थानों पर एकसाथ अखिल भारतीय नैतिक जागृति अभियान चलाया चलाया गया। अभियान में सैकड़ों स्कूल-कॉलेजों, युवा क्लब और सामाजिक सेवा संस्थानों में प्रदर्शनियां, व्याख्यान, सेमिनार और रचनात्मक कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनमें कई राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्रियों ने भाग … Read more

कोलकाता के ईडन गार्डन्स में केकेआर और एलएसजी की होगी भिड़ंत, आज फिर पंत पर होंगी नजरें

कोलकाता आज आईपीएल 2025 में डबल हेडर है। दिन में कोलकाता नाइट राइडर्स वर्सेस लखनऊ सुपर जायंट्स टक्कर होगी। यह मौजूदा सीजन का 21वां मैच है, जो कोलकाता के ईडन गार्डन्स में दोपहर साढ़े तीन बजे शुरू होगा। केकेआर और एलएसजी की भिड़ंत पहले 6 अप्रैल को होनी थी लेकिन राम नवमी के चलते इसे 8 अप्रैल के लिए रिशेड्यूल कर दिया गया। केकेआर ने अब तक चार मैचों में से दो जीते और दो गंवाए हैं। अजिंक्य रहाणे के नेतृत्व वाली टीम अंक तालिका में पांचवें पायदान पर है। कोलकाता ने पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को धूल चटाई थी। वहीं, ऋषभ पंत की कप्तानी वाली एलएसजी दो जीत और दो हार के बाद छठे पायदान पर है। लखनऊ ने पिछले मैच में मुंबई इंडियंस को हराया। एलएसजी के लिए पंत और डेविड मिलर की लगातार खराब फॉर्म चिंता का विषय है। आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी पंत ने चार पारियों में महज 19 रन बनाए हैं। मंगलवार को एक बारि फिर पंत पर सबकी नजरें होंगी। लखनऊ सुपर जायंट्स स्क्वॉड ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), एडेन मार्कराम, मिशेल मार्श, निकोलस पूरन,आयुष बदोनी, डेविड मिलर, अब्दुल समद, शार्दुल ठाकुर, दिगवेश सिंह राठी, आकाश दीप, आर्यन जुयाल, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, आवेश खान, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, शाहबाज अहमद, मणिमारन सिद्धार्थ, आकाश महाराज सिंह, मयंक यादव, शमर जोसेफ, अर्शिन कुलकर्णी, युवराज चौधरी, आरएस हैंगर, हिम्मत सिंह। कोलकाता नाइट राइडर्स स्क्वॉड अजिंक्य रहाणे (कप्तान), वेंकटेश अय्यर, रिंकू सिंह, क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), सुनील नरेन, अंगकृष रघुवंशी, मोइन अली, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, स्पेंसर जॉनसन, रहमानुल्लाह गुरबाज, मनीष पांडे, वैभव अरोड़ा, लवनिथ सिसौदिया, अनुकूल रॉय, रोवमैन पॉवेल, एनरिक नॉर्टजे, मयंक मारकंडे, चेतन सकारिया। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 29

मुंबई का जांबाज योद्धा हार्दिक पांड्या जो अकेले लड़ और अड़ रहा, मायूसी की ये तस्वीर बहुत कुछ कहती है

नई दिल्ली मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच सोमवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में हार्दिक पांड्या एक जांबाज योद्धा की तरह खेले। मुंबई का ये कप्तान सबकुछ झोंक दिया। गेंद से कमाल किया। बल्ले से कमाल किया। दोनों ही मोर्चे पर टीम का आगे बढ़कर नेतृत्व किया। लेकिन कहते हैं न कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। पांड्या के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा। अपनी विध्वंसक पारी से टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाते-पहुंचाते रह गए पांड्या की मायूसी की तस्वीरें बहुत कुछ कहती हैं। आरसीबी की बल्लेबाजी के दौरान विराट कोहली अपने चिर-परिचित अंदाज में खेल रहे थे। वह मुंबई की गेंदबाजी की बखिया उधेड़ रहे थे। तब पांड्या ने ही उन्हें नमन धीर के हाथों कैच कराकर पवैलियन का रास्ता दिखाया। कोहली ने 42 गेंदों में 67 रन की पारी खेली थी। आरसीबी की तरफ से पांड्या ने ट्रेंट बोल्ट के साथ संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। आरसीबी ने निर्धारित 20 ओवर में जीत के लिए 222 रन का बड़ा लक्ष्य रखा। बल्लेबाजी की बारी आई तो पांड्या ने एक बार फिर किसी योद्धा की तरह आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। उन्होंने महज 15 गेंदों में 42 रनों की विस्फोटक पारी खेली। 3 चौके और 4 छक्के जड़े। वह जब क्रीज पर थे तो मुंबई इंडियंस को जीत की खुशबू आने लगी थी, लेकिन उनके आउट होते ही मुंबई ही उम्मीदें भी धराशायी हो गई। पांड्या को लेकिन तब भी यकीन था कि जीत मुश्किल तो है पर नामुमकिन नहीं। हार्दिक जब छठे विकेट के तौर पर आउट हुए तब मुंबई को जीतने के लिए 11 गेंदों में 28 रन की जरूरत थी जो असंभव तो कतई नहीं था। 18वें ओवर की 5वीं गेंद पर जब सैंटनर ने छक्का लगाया तो पांड्या का जोश देखने लायक था। लेकिन आखिरी ओवर में खेल पलट गया। आखिरी ओवर में मुंबई इंडियंस को जीत के लिए 19 रन की जरूरत थी और 4 विकेट हाथ में थे। गेंदबाजी की कमान संभाली हार्दिक पांड्या के भाई क्रुणाल पांड्या ने। पहली ही गेंद पर उन्होंने सैंटनर को सीमा रेखा के एकदम नजदीक कैच आउट करा दिया। आरसीबी में उत्साह की लहर थी। फील्डिंग कर रहे विराट कोहली का जश्न देखने लायक था लेकिन मुंबई खेमे में मायूसी थी। पांड्या के चेहरे पर निराशा थी। रही सही कसर क्रुणाल ने अगली ही गेंद पर दीपक चाहर को आउट करके पूरी कर दी। वह हैट्रिक से तो चूक गए लेकिन आखिरी ओवर में 3 विकेट अपने नाम कर लिए। मुंबई इंडियंस 10 साल बाद अपने होम ग्राउंड वानखेड़े में आरसीबी के हाथों हार चुकी थी। अकेले किला लड़ाने वाला योद्धा हार्दिक पांड्या निराश था। चेहरे पर मायूसी साफ झलक रही थी। एक कप्तान के तौर पर, एक गेंदबाज के तौर या एक बल्लेबाज के तौर पर पांड्या ने वह सबकुछ किया, जो एक लीडर को करना चाहिए। फिर भी हार हाथ लगी तो सोचिए उन पर क्या गुजर रही होगी? आखिर अब और क्या करूं? किसको दोष दूं? टीम को या किस्मत को? ऐसे तमाम मनोभाव उनके भीतर डूबते और उतरते होंगे। पांड्या को टीम का पूरा साथ नहीं मिल पा रहा। कुछ ऐसी ही कहानी लखनऊ के खिलाफ खेले गए मैच में भी थी। पांड्या ने गेंदबाजी में कमाल करते हुए लखनऊ सुपर जॉइंट्स के 5 विकेट अपने नाम किए। 204 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई की टीम 5 विकेट पर 191 रन ही बना सकी। हार्दिक पांड्या ने 16 गेंदों में 28 रनों की तेजतर्रार नाबाद पारी खेली लेकिन वह काम नहीं आई। इस सीजन में मुंबई को अबतक 5 मैचों में सिर्फ 1 में जीत मिली है। 4 मैच हार चुकी है और पॉइंट टेबल में मुंबई इंडियंस काफी नीचे 8वें नंबर पर है। इस सीजन में हार्दिक पांड्या ने दिखाया कि वह कितने बड़े योद्धा हैं, योद्धा निराश हो सकता है, मगर हताश नहीं। हार सकता है लेकिन टूट नहीं सकता। बस जरूरत है तो टीम के साथ की। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33