Friday, July 10, 2026 2:56 pm

राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए दंडित नहीं किया जाएगा-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

धमतरी : राज्य शासन द्वारा राजनीतिक प्रकरणों की वापसीःलोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय धमतरी जिले के 2प्रकरण को लिया गया वापस राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए दंडित नहीं किया जाएगा-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मंत्री परिषद की बैठक में अब तक कुल 103 प्रकरण लिए गए वापस राज्य के 16 जिलों के 41 प्रकरण न्यायालय द्वारा हुए वापस धमतरी छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और निष्पक्ष शासन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए विभिन्न जिलों में दर्ज 103 गैर-गंभीर राजनीतिक प्रकरणों की वापसी का निर्णय लिया है। गृह विभाग द्वारा जिलों से प्राप्त रिपोर्ट और विस्तृत समीक्षा के बाद मंत्रीमंडलीय उपसमिति की अनुशंसा पर यह फैसला लिया गया। न्यायालय से विधिवत स्वीकृति मिलने के पश्चात 41 प्रकरणों में अभियुक्तों को राहत प्रदान की गई और संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से उनके नाम हटा दिए गए। धमतरी जिले के 2 प्रकरण को वापस लिया गया है। आरोपीगण द्वारा ग्राम बाजारकुर्रीडीह में धान खरीदी केंद्र खोलने एवं कुकरेल से बिरझुरी तक डामरीकरण सड़क निर्माण की मांग को लेकर चक्काजाम एवं आवागमन बाधित करने के कारण अनीता ध्रुव, राज बाई ध्रुव, देवकी ध्रुव, वामन साहू, अजय यादव, मोहनदास मानिकपुरी, सुखराम साहू, चिंताराम ध्रुव, रोमन साहू, संतोष यादव, राजेंद्र साहू, भुनेश ध्रुव, सत्यवान मरकाम, मीनेश ध्रुव, भगवान सिंह सिंहा और नरेंद्र चंद्राकर के खिलाफ अपराध क्रमांक 40/22 पंजीबद्ध किया गया था। न्यायालय द्वारा दिनांक 28 फरवरी 2025 को प्रकरण वापस लिया गया।वहीं अनुराम चंद्राकर और विजय मोटवानी द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालने के कारण अपराध क्रमांक 467/22 पंजीबद्ध किया था, जिसे न्यायालय द्वारा 27 फरवरी 2025 को वापस लिया गया।      उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी की सरकार सुशासन की सरकार है। हमारी सरकार में किसी भी निर्दोष के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में कई ऐसे राजनीतिक प्रकरण दर्ज किए गए थे, जो केवल लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग का हिस्सा थे। हमारी सरकार की नीति हमेशा यही रही है कि राजनीतिक कारणों से किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मुकदमों में न फंसाया जाए। इसलिए हमारी सरकार ने निष्पक्षता के साथ इन मामलों की समीक्षा कर ऐसे सभी गैर-गंभीर मामलों को वापस लेने का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री शर्मा ने आगे कहा कि हमारी सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और किसी भी नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। यह निर्णय न केवल न्यायसंगत है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। विपक्ष की तुष्टिकरण और दमनकारी नीतियों के विपरीत, हमारी सरकार पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन में विश्वास रखती है। उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो प्रकरण कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले या हिंसक गतिविधियों से जुड़े हुए थे, उनकी समीक्षा अलग प्रक्रिया के तहत की गई है। लेकिन जिन मामलों में केवल राजनीतिक विरोध या लोकतांत्रिक आंदोलन हुआ था और किसी प्रकार की हिंसा नहीं हुई थी, उन्हें न्यायालय से स्वीकृति प्राप्त कर वापस लिया गया है। हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है हम जनता के हक की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र की भावना को मजबूत करेंगे और राजनीतिक द्वेष के आधार पर लिए गए निर्णयों को सुधारेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार जनता की सरकार है और हम किसी भी निर्दोष व्यक्ति पर बेवजह कानूनी बोझ नहीं डालने देंगे।       राजनीतिक प्रकरणों की वापसी एक विस्तृत और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाती है। सबसे पहले राज्य शासन द्वारा सभी जिलों में दर्ज राजनीतिक प्रकरणों की समीक्षा की जाती है। गृह विभाग द्वारा संबंधित जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाता है कि कौन-से मामले गंभीर प्रकृति के नहीं हैं और जिनमें हिंसक घटनाएं शामिल नहीं हैं। इसके बाद मंत्रिमंडलीय उपसमिति की अनुशंसा उपरांत, प्रकरण को मंत्रिपरिषद में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाता है। अनुमोदन प्राप्त होने के बाद न्यायालय में प्रकरण वापसी का आवेदन प्रस्तुत किया जाता है। न्यायालय द्वारा इस मामले की विधिवत समीक्षा के उपरांत अभियुक्तों को राहत प्रदान करने की अनुमति दी जाती है। न्यायालय की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद संबंधित पुलिस रिकॉर्ड से अभियुक्तों के नाम हटा दिए जाते हैं और उन्हें विधिवत मुक्ति प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। शासन स्तर पर इस निर्णय को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान हो और राजनीतिक गतिविधियों के कारण उत्पन्न कानूनी समस्याओं का समाधान किया जा सके। recent visitors 17

मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन किया जाए

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में गृह विभाग  के कार्यो की समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने भारत सरकार द्वारा लागू किए गए नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये कानून न केवल न्याय प्रणाली में सुधार लाने वाले हैं, बल्कि अपराधियों में भय और आम जनता में विश्वास उत्पन्न करने में सहायक होंगे।        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन कानूनों की प्रभावी समझ और व्यावहारिक प्रशिक्षण पुलिस बल, अभियोजन अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाओं और सेमिनारों का आयोजन किया जाए, जिनमें केस स्टडी और मॉक ट्रायल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाए।         बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अपराध अनुसंधान प्रणाली को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और प्रमाणिक बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आपराधिक प्रकरणों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि सटीक और पुख्ता साक्ष्य के आधार पर विवेचना पूरी की जाए ताकि अभियुक्तों को सजा दिलाई जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विवेचना अधिकारियों को आधुनिक अनुसंधान तकनीकों, डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीएनएस प्रणाली और वैज्ञानिक उपकरणों के उपयोग में दक्ष किया जाए। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए अनुसंधान प्रक्रिया में पारदर्शिता, तत्परता और तकनीकी दक्षता अनिवार्य है। मुख्यमंत्री साय ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को देखते हुए  साइबर सेल को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने तथा जनता को साइबर जागरूकता से जोड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।       इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह,सचिव राहुल भगत के अलावा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 16

आरजे महवश ने युजवेंद्र चहल के लिए इमोशनल पोस्ट लिखा, अपना बैकबोन बताया

चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के मैच के बाद आरजे महवश ने इंडियन क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ तस्वीरें पोस्ट कीं और उनके लिए इमोशनल नोट शेयर किया। युजवेंद्र चहल ने इस पोस्ट पर रिएक्ट करते हुए आरजे महवश को अपना बैकबोन बताया। बता दें, जब से युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का तलाक हुआ है तब से आरजे महवश का नाम युजवेंद्र चहल के साथ जोड़ा जा रहा है। युजवेंद्र चहल का रिप्लाई आरजे महवश ने फोटोज शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हर मुश्किल परिस्थिति में उनके पीछे चट्टान की तरह खड़ी रहना! हम सब आपके लिए यहां हैं @yuzi_chahal23 💫🧿।” युजवेंद्र चहल ने पोस्ट पर रिएक्ट करते हुए महवश को अपना “बैकबोन” कहा। उन्होंने लिखा, “आप लोग मेरी बैकबोन हैं! मुझे हमेशा ऊंचा खड़ा रखने के लिए धन्यवाद।” आरजे महवश को मिला तीना बार धोखा महवश ने हाल ही में दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरी 19 साल की उम्र में सगाई हो गई थी, लेकिन मुझे सगाई तोड़नी पड़ी क्योंकि उसने मुझे एक नहीं, बल्कि तीन बार धोखा दिया। पहली और दूसरी बार तो मैं कुछ नहीं कह सकी, मन में समाज का डर था कि लोग क्या कहेंगे, लेकिन फिर हर चीज की एक सीमा होती है और जब तीसरी बार धोखा मिला, तो मैं टूट गई इसलिए मैंने सगाई तोड़ दी। इसके बाद मुझे पैनिक अटैक्स आने लगे और इतना ही नहीं, मैं एंग्जाइटी का शिकार भी हो गई थी, जिस वजह से मुझे इंजेक्शन तक लगवाने पड़े थे। डाक्टर मेरे पैरेंट्स से पूछते थे कि इसे हुआ किया है?’ recent visitors 23

फ्लेमिंग ने मैच के बाद मीडिया से कहाकि अब तक यह सत्र निराशाजनक रहा, और प्रियांश आर्या की खूब तारीफ की

मुल्लांपुर शीर्षक्रम के बल्लेबाजों को रन बनाते देख चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने राहत की सांस ली लेकिन लगातार चार हार के बाद उन्हें लगता है कि आईपीएल का यह सत्र टीम के लिये निराशाजनक है। पंजाब किंग्स से मिले 220 रन के लक्ष्य के जवाब में चेन्नई 18 रन से चूक गई। फ्लेमिंग ने मैच के बाद मीडिया से कहाकि अब तक यह सत्र निराशाजनक रहा है। हालांकि इस दौरान स्टीफन फ्लेमिंग ने प्रियांश आर्या की खूब तारीफ की। अपनी टीम के प्रदर्शन पर सीएसके के हेड कोच ने कई खामियां भी गिनाईं। फ्लेमिंग ने कहाकि कैचिंग खराब रही है, लेकिन वह दोनों टीमों की ही खराब थी। लाइट के साथ कुछ दिक्कत थी या क्या, पता नहीं लेकिन फील्डिंग चिंता का विषय है। टॉप ऑर्डर से मदद राहत की बात चेन्नई सुपर किंग्स अभी तक पांच मैचों में 11 कैच टपका चुकी है और तीन कैच पंजाब किंग्स के खिलाफ छोड़े। चेन्नई के लिए सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉन्वे और रचिन रविंद्र ने 69 रन की साझेदारी की। इसके बाद कॉन्वे और शिवम दुबे ने तीसरे विकेट के लिये 89 रन जोड़े। फ्लेमिंग ने कहाकि सकारात्मक बात यह है कि हमने बेहतर बल्लेबाजी की। शीर्षक्रम से मदद मिली जो अब तक नहीं मिली थी। उन्होंने कहाकि बीच के ओवरों में हम रनरेट कायम नहीं रख सके जिससे आखिर में दबाव बढ़ गया। लेकिन इससे पहले हम जल्दी ही मैच से बाहर होते रहे हैं जिसे देखते हुए अंत तक मैच को खींचना सकारात्मक पहलू है। हमने फील्डिंग में मैच गंवा दिया। शशांक ने भी की प्रियांश की तारीफ फ्लेमिंग ने पंजाब किंग्स के प्रियांश आर्य की तारीफ की जिसने दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहने के बावजूद 42 गेंद में 103 रन बनाए। उन्होंने कहाकि यह उसका दिन था। उसने पहली ही गेंद से शानदार खेला। यह बहुत साहस की बात है कि पहली गेंद पर आउट होने के बाद आप इस तरह आकर ऐसी पारी खेलते हैं। पंजाब के लिए 36 गेंद में 52 रन बनाने वाले शशांक सिंह ने प्रदेश स्तर की टी20 स्पर्धाओं का समर्थन करते हुए कहाकि इस तरह की लीग से ही प्रियांश आर्या, दिग्वेश राठी (लखनऊ सुपर जायंट्स) जैसे खिलाड़ी निकले हैं। उन्होंने कहाकि इस तरह की लीग में दूधिया रोशनी में कूकाबूरा गेंद से खेलने और दबाव का सामना करने का अनुभव मिलता है। recent visitors 26

Kajol ने बेटी Nysa Devgan के बॉलीवुड डेब्यू पर दिया अपडेट

 मुंबई बॉलीवुड की फेवरेट जोड़ियों में से एक, अजय देवगन और काजोल, अपनी दमदार एक्टिंग के लिए तो जाने ही जाते हैं, लेकिन इन दिनों उनकी बेटी नीसा देवगन (Nysa devgan) भी सुर्खियों में छाई हुई हैं। 21 साल की नीसा अक्सर स्टार किड्स के साथ पार्टीज और इवेंट्स में दिखाई देती हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी फोटोज काफी वायरल रहती हैं, और यही वजह है कि फैंस के मन में एक ही सवाल बार-बार उठता है—क्या नीसा भी बॉलीवुड की दुनिया में दम दिखाएंगी? जहां सुहाना खान, खुशी कपूर और शनाया कपूर जैसी स्टार किड्स ने इंडस्ट्री में एंट्री कर ली है, वहीं नीसा देवगन को लेकर अभी तक कोई कन्फर्मेशन सामने नहीं आई थी। लेकिन अब इस सवाल का जवाब खुद उनकी मां काजोल ने दे दिया है। काजोल ने किया नीसा के डेब्यू पर खुलासा हाल ही में एक मीडिया इवेंट में News18 से बातचीत के दौरान काजोल ने नीसा के बॉलीवुड डेब्यू को लेकर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने साफ-साफ कहा कि नीसा अभी फिल्मों में आने की योजना नहीं बना रही हैं। काजोल ने कहा, "बिलकुल नहीं, मुझे नहीं लगता कि नीसा बॉलीवुड डेब्यू करेगी। वह जल्द ही 22 साल की होने वाली है और उसने यह तय कर लिया है कि वह इस वक्त एक्टिंग की दुनिया में कदम नहीं रखना चाहती।" काजोल के इस बयान के बाद ये तो तय हो गया है कि फिलहाल नीसा अपने करियर को लेकर कोई फिल्मी प्लानिंग नहीं कर रही हैं। काजोल ने बातचीत के दौरान यंग जनरेशन और नए टैलेंट को एक अहम सलाह भी दी। उन्होंने कहा, "हर किसी की सलाह मत लो। जब आप ये सवाल पूछते हैं कि मुझे क्या करना चाहिए, तो 100 लोग खड़े हो जाते हैं बताने के लिए। कोई कहेगा नाक बदलो, कोई बालों का रंग, कोई कहेगा अपना पूरा लुक बदलो। लेकिन असली सफलता तब मिलती है जब आप खुद के लिए एक पहचान बनाते हो।" उनका कहना था कि इंडस्ट्री में खुद की जगह बनाना ही सबसे बड़ी बात है, चाहे वो फिल्मों में हो या सोशल मीडिया की दुनिया में। काजोल का आने वाली फिल्में वर्कफ्रंट की बात करें तो काजोल जल्द ही फिल्म ‘मां’ में नजर आने वाली हैं। ये एक माइथोलॉजिकल हॉरर फिल्म है, जिसका निर्देशन विशाल फुरिया कर रहे हैं। फिल्म में काजोल एक मां की भूमिका निभा रही हैं, जो अपनी बेटी की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। इस फिल्म में उनके साथ रोनित रॉय और इंद्रनील सेनगुप्ता भी नजर आएंगे। ‘मां’ 27 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। recent visitors 38

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताई पूरी रणनीति, डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ अटैक से निपटने का क्या है प्लान

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर भी 26 फीसदी का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। इसके चलते भारत के कई ऐसे उद्योगों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है, जो अमेरिका में एक्सपोर्ट करते हैं या फिर वहां के लिए सर्विसेज मुहैया कराते हैं। चीन, ब्राजील, कनाडा, यूरोपियन यूनियन समेत दुनिया भर के बड़े देश आशंकित हैं कि ट्रंप के फैसलों का असर उनकी इकॉनमी पर क्या होगा। दुनिया में मंदी का खतरा भी मंडरा रहा है। इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ अटैक से निपटने के लिए भारत की क्या तैयारी है। विदेश मंत्री ने कहा कि हम अमेरिका के साथ इस साल के अंत तक ट्रेड डील करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का अब तक एकमात्र देश है, जिसने डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद ट्रेड डील को लेकर एक सहमति बनाने की पहली की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में हम कामयाब होते दिख रहे हैं। विदेश मंत्री का यह जवाब ऐसे समय में आया है, जब ट्रंप की ओऱ से लगाए गए टैरिफ आज से 5 बड़े देशों पर लागू हो गए हैं। इन देशों में भारत भी शामिल हैं। ट्रंप के टैरिफ अटैक से वैश्विक महामंदी का खतरा भी मंडरा रहा है। जयशंकर ने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है, जो डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए प्रयास कर रहा है। जयशंकर ने टैरिफ अटैक को लेकर कहा कि अब तक यह साफ नहीं है कि इसका हम पर क्या असर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह साफ नहीं है कि असर क्या होगा, लेकिन इससे निपटने की रणनीति क्या होगी। यह काफी हद तक स्पष्ट है। एस जयशंकर ने कहा कि हमने तय किया है कि ट्रंप प्रशासन के साथ बातचीत की जाएगी। इस मसले का हल समय रहते ही निकाला जाएगा और इसे लेकर हम बेहद पॉजिटिव हैं। अमेरिका के साथ हमारी अच्छे माहौल में बातचीत चल रही है और उनका रुख भी पॉजिटिव है। हमारी कोशिश है कि द्विपक्षीय समझौता कर लिया जाए। बता दें कि फरवरी में ही पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की फरवरी में मुलाकात हुई थी। इसी दौरान दोनों नेताओं की ट्रेड डील पर भी बात हुई थी। जयशंकर ने कहा, 'मुझे लगता है कि हम ऐसे एकमात्र देश हैं, जिसने ट्रंप के फिर से राष्ट्रपति बनने के बाद एक सहमति बनाने की कोशिश की है और इस दिशा में आगे बढ़े हैं।' उन्होंने कहा कि दुनिया का हर देश अपने स्तर से रणनीति बना रहा है और भारत की भी कोशिश है कि समय रहते एक ट्रेड डील कर ली जाए। recent visitors 21

महिलाओं को नए कपड़े खरीदने का ज्यादा शौक, एक कपड़े पर आया 2 महिलाओं का दिल, हुई ढिशुम-ढिशुम

नई दिल्ली महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले नए कपड़े खरीदने का ज्यादा शौक होता है। वे किसी भी मौके पर सबसे अलग दिखने की कोशिश करती हैं। लेकिन क्या हो अगर दो महिलाओं को एक ही कपड़ा पसंद आ जाए औj दोनों उसे छोड़ने को तैयार न हों? आप कहेंगे उनमें से कोई एक बड़ा दिल दिखाते हुए उसे छोड़ देगी। लेकिन अगर ऐसा न हो तो क्लेश होना तो पक्का है। ऐसा ही नजरा देखने को मिला दिल्ली के सरोजिनी नगर मार्केट में, जहां एक कपड़े को लेकर दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। दोनों के बीच जमकर मारपीट भी हुई। अब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में क्या सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि एक कपड़ा पसंद आने पर दोनों महिलाओं में बहस होती है। जिसके बाद सूट पहनी महिला वेस्टर्न ड्रेस पहने दूसरी महिला को थप्पड़ मार देती है। इसके बाद एक थप्पड़ खाने वाली महिला उसे नीचे गिराकर पीटना चालू कर देती है। इसी दौरान तीसरी महिला बीच-बचाव के मकसद से उनके बीच आती है लेकिन वह भी मारपीट पर उतारू हो जाती है। इसके बाद कपड़ों की दुकान पर क्लेश बढ़ने लगता है। आसपास लोग खड़े होकर इस नजारे को देखने लगते हैं। फिर दोनों मिलकर एक सूट पहने महिला के बाल पकड़कर खींचते उसे मारते दिख रही हैं। वहीं लड़ाई देखने के बाद एक महिला सूट पहने महिला को छुड़ाने की कोशिश करती है। घर के क्लेश नामक एक्स यूजर ने वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया है। जिसे 342.2K व्यूज मिल चुके हैं। वहीं लोगों ने इसपर कई तरह के कमेंट्स भी किए हैं। दुकानदार की गलती है एक यूजर ने लिखा, 'मेरा उन लोगों को टैग करने का मन कर रहा है जो 'देहाती' लोगों के बारे में लेक्चर देते है। जरा देखिए – आधुनिक कपड़े पहने हुए, फिर भी इनकी हरकतें बिल्कुल हास्यास्पद हैं। 'अच्छे कपड़े पहन लेने से मानसिकता नहीं बदल जाती, यह उसका सबसे अच्छा उदाहरण है।' दूसरे यूजर ने लिखा, 'आंटियां पागल हो गई हैं।' तीसरे यूजर ने कहा, 'महिलाएं कपड़ों के मामले में समझौता नहीं करतीं।' चौथे यूजर ने लिखा, 'गलती दुकानदार की है, एक डिजाइन के 2 कपड़े रखने चाहिए।' पांचवे यूजर ने लिखा, सारी गलती दुकानदार की ही है। recent visitors 38