धमतरी : प्लेटफाॅर्म श्रमिकों के पंजीयन के लिए आज से लग रहे शिविर

धमतरी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्लेटफाॅर्म श्रमिकों का ई श्रम पोर्टल में ज्यादा से ज्यादा पंजीयन किया जाना है। इसके लिए श्रम पदाधिकारी ने श्रम निरीक्षक श्रीमती निम्मी पटेल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि धमतरी जिले में संचालित प्लेटफाॅर्म बेस्ड गिग वर्कर्स और उनके संगठनों से समन्वय और उनकी बैठक लेकर उनका पंजीयन किया जाएगा। इसके लिए आज से 16 अप्रैल तक शिविर लगाया जा रहा है। इसके साथ ही शिविर में संबंधित अधिकारी, कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है।  आज अमेजन कोरियर ऑफिस  नवकार हाॅस्टल धमतरी में शिविर लगाया गया है। वहीं 11 अप्रैल को आमातालाब रोड, इंडोर स्टेडियम के पास स्थित फ्लिपकार्ट कोरियर , 15 अप्रैल को विंध्यवासिनी वार्ड, कारगिल चैक के पास डेलहीवरी कोरियर ऑफिस और 16 अप्रैल को हाउसिंग कोर्ड काॅलोनी, हटकेशर वार्ड स्थित मीशो ऑफिस में शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्लेटफाॅर्म श्रमिक जैसे जोमेटो, उबेर, ओला, रैपिडो, स्विगी, ब्लिकीट, इंस्टामार्ट, फ्लिपकार्ट, अमेजन, प्लेटफाॅर्म बेस्ड डिलीवरी पर्सन आदि का ई-श्रम पोर्टल में पंजीयन किया जाएगा। recent visitors 42

जानिए कब रिलीज होगी ‘हेरा फेरी 3’? परेश रावल ने दिया हिंट, खुशी से झूमे फैंस

बॉलीवुड की क्लासिक कॉमेडी फिल्म 'हेरा फेरी' का तीसरा पार्ट बनने की बात जबसे सामने आई है, तबसे फैंस में खुशी की एक लहर दौड़ गई है. फैंस को इस फिल्म के तीसरे पार्ट का इंतजार काफी लंबे समय से है. फैंस इस फिल्म के हर अपडेट पर नजर रखते आ रहे हैं. मंगलवार, 8 अप्रैल को परेश रावल ने अपने X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर 'हेरा फेरी 3' की रिलीज डेट का हिंट दिया. परेश रावल ने दिया हिंट परेश रावल की क्लट क्लासिक फिल्म 'अंदाज अपना अपना' जल्द री-रिलीज होने वाली है. परेश ने X पर इसका ट्रेलर शेयर किया था. परेश की पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए एक फैन ने उनसे कहा, 'हम बाबू भैया का इंतजार कर रहे हैं मिस्टर तेजा.' इस पर परेश ने जवाब दिया, 'जल्द ही! अगले मानसून से पहले!' एक तरह से अपने इस रिप्लाई के जरिए परेश रावल ने हम सभी को 'हेरा फेरी 3' की रिलीज के बारे में बता दिया है. माना जा रहा है कि 'हेरा फेरी 2' फिल्म साल 2026 के पहले हाफ में रिलीज हो सकती है. 'हेरा फेरी 3' को ओरिजिनल फिल्म के डायरेक्टर प्रियदर्शन बना रहे हैं. प्रियदर्शन ने ही फिल्म का पहला पार्ट साल 2000 में डायरेक्ट किया था. इसके दूसरे पार्ट 'फिर हेरा फेरी' को दिवंगत डायरेक्टर नीरज वोरा ने साल 2006 में डायरेक्ट किया था. 'हेरा फेरी 3' को पहले डायरेक्टर फरहाद सामजी डायरेक्ट और फिरोज नाडियाडवाला प्रोड्यूस करने वाले थे. लेकिन कानूनी पचड़े और प्रोडक्शन दिक्कतों के कारण फिल्म डिले होती चली गई थी. लेकिन अब ये वापस ट्रैक पर आ गई है. कई असफलताओं और परेशानियों का सामना करने के बाद, 'हेरा फेरी 3' अब दोबारा बन रही है. कुछ दिन पहले अक्षय कुमार, परेश रावल और सुनील शेट्टी ने साथ मिलकर 'हेरा फेरी 3' का पहला सीन भी शूट किया था. इसी के साथ खबर आई थी कि फिल्म ऑफिशियल रूप से शूट होना शुरू हो गई है. इसकी प्रोडक्शन टीम से जुड़े एक सूत्र ने बताया था, 'हां, यह सच है. पहला सीन आज अक्षय, सुनील और परेश के साथ शूट किया गया, जो अपने किरदार की यादें ताजा करेंगे.' इसका मतलब है कि फिल्म अब ऑफिशियली फ्लोर पर आ गई है. देखना होगा कि ये पहले ही तरह फैंस का मनोरंजन कर पाएगी या नहीं.   recent visitors 50

अब नए प्लान से कांपेगा ड्रैगन, चीन पर अमेरिका का दोहरा वार, टैरिफ प्लान से उड़ी नींद

वाशिंगटन जब से अमेरिका में सत्ता बदली तब से चीन की परेशानियां कम होने का नाम नहीं रही। नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी आर्थिक और रणनीतिक नीतियों से चीन के सामने बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी है। भारी टैरिफ लगाने के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के लिए एक बार फिर सिरदर्दी बढ़ा दी है। अमेरिका ने हाल ही में एक ऐसा प्लान तैयार किया जिससे चीन को काफी मुश्किलें होंगी। हाल ही में पानामा नहर को लेकर एक बार फिर अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पिट हेजसेथ ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका, पनामा के साथ मिलकर चीन के प्रभाव को खत्म करेगा और इस रणनीतिक जलमार्ग पर फिर से अपना प्रभाव स्थापित करेगा। दरअसल, बीते कुछ दिनों में पिट हेजसेथ पनामा के दौरे पर थे। पिछले कई दशकों में ऐसा पहली बार हुआ जब कोई अमेरिकी रक्षा मंत्री पनामा पहुंचा। वहां उन्होंने पनामा के राष्ट्रपति होसे राउल मुलिनो से बंद कमरे में बातचीत की। इस मीटिंग में खासतौर से चीन की तरफ से पनामा नहर में हो रहे निवेश और बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई। चर्चा के बाद पिट ने ऐलान किया कि अमेरिका और पनामा की सेनाएं मिलकर सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करेंगी। चीन का प्रभाव खत्म करने की तैयारी हेजसेथ ने कहा, "हम चीन के प्रभाव से पनामा नहर को मुक्त कराएंगे। चीन ने नहर बनाई नहीं है और न ही वो इसका संचालन करता है। ऐसे में उसे इसे एक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।" उन्होंने कहा कि अगर 1999 के बाद अमेरिका और पनामा के बीच एक नया समझौता होता है तो चीन के प्रभाव से नहर को आजाद किया जा सकता है। गौरतलब है कि पनामा नहर अमेरिका के लिए हमेशा से रणनीतिक महत्व की रही है। 20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिका ने ही इस नहर का निर्माण किया था जो अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ती है। दशकों तक अमेरिका इसका संचालन करता रहा, लेकिन 1977 में तत्कालीन राष्ट्रपति जिमी कार्टर के समय हुए समझौते के तहत 1999 में इसका नियंत्रण पनामा को सौंप दिया गया। पनामा नहर को लेकर फिर आक्रामक अमेरिका लेकिन डोनाल्ड ट्रंप जब दोबारा राष्ट्रपति बने तो उन्होंने इस नहर को लेकर एक बार फिर आक्रामक रुख दिखाया। उन्होंने पनामा पर अमेरिकी जहाजों से जबरन शुल्क वसूलने का आरोप लगाया था और साफ किया था कि अमेरिका इस नहर को फिर से अपने नियंत्रण में ले सकता है। फरवरी में पनामा ने अमेरिकी दबाव के चलते चीन के बेल्ट एंड रोड परियोजना से खुद को अलग कर लिया था। अब अमेरिका इस मौके को भुनाकर पनामा नहर में अपनी वापसी की राह तलाश रहा है। recent visitors 37

CM ममता ने संबोधित करते हुए कहा- अल्पसंख्यकों की और उनकी संपत्ति की रक्षा करेंगी

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम लागू नहीं किया जाएगा। कोलकाता में जैन समुदाय के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि वह अल्पसंख्यकों की और उनकी संपत्ति की रक्षा करेंगी। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, 'मैं जानती हूं कि वक्फ अधिनियम के लागू होने से आप दुखी हैं। आप भरोसा रखें, बंगाल में ऐसा कुछ नहीं होगा जिससे कोई बांटकर राज कर सके।' तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख बनर्जी ने लोगों से उन लोगों की बातों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जो उन्हें राजनीतिक आंदोलन शुरू करने के लिए उकसाते हैं। जाहिर तौर पर मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) विधेयक को लेकर मंगलवार को हुई हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश के सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थिति देखिए। वक्फ विधेयक को अभी पारित नहीं किया जाना चाहिए था। बंगाल में हमारे पास 33 प्रतिशत अल्पसंख्यक हैं, मैं उनके साथ क्या करूंगी?' वक्फ (संशोधन) विधेयक तीन अप्रैल को लोकसभा द्वारा और उसके अगले दिन तड़के लंबी बहस के बाद राज्यसभा द्वारा पारित कर दिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी। बनर्जी ने कहा, 'इतिहास बताता है कि बंगाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत सभी एक साथ थे। विभाजन बाद में हुआ और जो लोग यहां रह रहे हैं, उन्हें सुरक्षा देना हमारा काम है।' बनर्जी ने कहा कि अगर लोग एकजुट हों तो वे दुनिया जीत सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, 'कुछ लोग आपको इकट्ठा होने और आंदोलन शुरू करने के लिए उकसाएंगे। मैं आप सभी से ऐसा न करने की अपील करूंगी। कृपया याद रखें कि जब दीदी (बनर्जी) यहां हैं, तो वह आपकी और आपकी संपत्ति की रक्षा करेंगी। हमें एक-दूसरे पर भरोसा रखना होगा।' जैन समुदाय के कार्यक्रम में बनर्जी ने कहा कि वह सभी धर्मों से जुड़े स्थलों पर जाती हैं और वह ऐसा करना जारी रखेंगी। उन्होंने कहा, 'अगर आप मुझे गोली भी मार देंगे तो भी आप मुझे उस एकता से अलग नहीं कर पाएंगे। हर धर्म, जाति, पंथ… सभी मानवता के लिए प्रार्थना करते हैं और हम उनसे प्यार करते हैं।' बनर्जी ने कहा कि वह दुर्गा पूजा, काली पूजा, जैन और बौद्ध मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च और गुरु रविदास मंदिर जाती हैं। उन्होंने कहा, 'राजस्थान में मैंने अजमेर शरीफ के दौरे के साथ-साथ पुष्कर में ब्रह्म मंदिर के भी दर्शन किए।' recent visitors 38

समंदर में बढ़ेगा दबदबा: भारत ने दी 26 लड़ाकू विमान खरीदने की मंजूरी, राफेल मरीन से लैस होगा INS विक्रांत

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने बुधवार को भारतीय नौसेना के लिए 65,000 करोड़ रुपये की लागत से 26 राफेल मरीन फाइटर जेट खरीदने को मंजूरी दे दी है। ये अत्याधुनिक युद्धक विमान देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS विक्रांत पर तैनात किए जाएंगे। इस बड़े रक्षा सौदे पर जल्द ही भारत और फ्रांस के बीच हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। समुद्री अभियानों के लिए खासतौर पर तैयार राफेल मरीन राफेल मरीन एक ट्विन-इंजन, डेक-बेस्ड फाइटर जेट है जिसे समुद्री अभियानों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसका उपयोग पहले से ही फ्रांस की नौसेना अपने विमानवाहक पोत 'चार्ल्स डी गॉल' पर कर रही है। जुलाई 2023 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजीशन काउंसिल (DAC) की बैठक में नौसेना के इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। हथियार, ट्रेनिंग, स्पेयर पार्ट्स समेत व्यापक पैकेज यह रक्षा सौदा केवल जेट विमानों की खरीद तक सीमित नहीं है। इसके तहत हथियार प्रणाली, सिम्युलेटर, स्पेयर पार्ट्स, अन्य जरूरी उपकरण, क्रू ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी शामिल है, जो फ्रांस सरकार से मिलेगा। स्वदेशी TEDBF के आने तक अंतरिम व्यवस्था राफेल मरीन जेट की खरीद को भारतीय नौसेना की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए एक अंतरिम व्यवस्था माना जा रहा है। जब तक भारत अपना खुद का ट्विन-इंजन डेक-बेस्ड फाइटर (TEDBF) विकसित नहीं कर लेता, तब तक यह विमान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खास डिजाइन और सामग्री से बनी ताकतवर मशीन राफेल M में विमानवाहक संचालन के लिए असाधारण रूप से मजबूत एयरफ्रेम और अंडरकैरिज है। राफेल मरीन का एयरफ्रेम और लैंडिंग गियर काफी मजबूत हैं, ताकि वह विमानवाहक पोत से टेकऑफ और लैंडिंग की कठिन परिस्थितियों को सह सके। इसमें करप्शन-प्रतिरोधी मिश्रधातुएं और कंपोजिट मटीरियल्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह ट्रॉपिकल जलवायु में भी बेहतरीन प्रदर्शन करता है। INS विक्रांत को मिलेगा तकनीकी फायदा INS विक्रांत को कोचीन शिपयार्ड में 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। यह एक "शॉर्ट टेक ऑफ बट अरेस्टेड रिकवरी" (STOBAR) आधारित एयरक्राफ्ट कैरियर है। इसमें फाइटर जेट्स स्की-जंप की मदद से टेकऑफ करते हैं और अरेस्टर वायर के जरिए लैंड करते हैं। राफेल मरीन इस प्रणाली के अनुरूप पूरी तरह फिट बैठता है। IAF के राफेल से होगी लॉजिस्टिक कॉमनैलिटी भारतीय वायुसेना पहले ही फ्रांस से खरीदे गए 36 राफेल जेट्स का संचालन कर रही है, जिसकी लागत लगभग 59,000 करोड़ रुपये थी। नौसेना के लिए राफेल मरीन की खरीद से ट्रेनिंग, रखरखाव और लॉजिस्टिक्स के मामले में समरूपता मिलेगी, जिससे संचालन आसान और अधिक प्रभावी होगा। recent visitors 39

प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में हो आईटीआई, मुख्यमंत्री ने की तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा

ग्लोबल स्किल पार्क की सभी सीटें भरी जाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में विद्यमान उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था करें सुनिश्चित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में हो आईटीआई, मुख्यमंत्री ने की तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा युवाओं के व्यवहारिक प्रशिक्षण और अनुभव के लिए तकनीकी विशेषज्ञता वाले विश्वविद्यालयों और निजी औद्योगिक इकाईयों को शैक्षणिक संस्थाओं से जोड़ें मुख्यमंत्री ने की तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क की ब्रांड वैल्यू को स्थापित करते हुए यहाँ की सभी सीटें भरना सुनिश्चित किया जाएं। स्किल पार्क में संचालित सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों, उनकी उपयोगिता और रोजगारपरक क्षमता पर केंद्रित प्रचार-प्रसार अभियान का संचालन व्यापक स्तर पर किया जाए। प्रदेश में विद्यमान उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के हर विकासखंड में आईटीआई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय स्तर पर विद्यमान औद्योगिक इकाइयों के समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। इससे युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग की समीक्षा में यह निर्देश दिए। समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विभाग में संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति के प्रति असंतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और उनके लिए रोजगारपरक कार्यक्रमों के लक्ष्य और समय-सीमा निर्धारित कर परिणाममूलक गतिविधियां संचालित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मन और जापानी भाषाओं में दक्ष व्यक्तियों के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन भी भाषाओं में रोजगार के अवसरों की अधिक संभावना है, उनके प्रशिक्षण की प्रदेश में उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने तकनीकी रूप से दक्ष विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र के औद्योगिक इकाइयों को जोड़ते हुए युवाओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे प्रदेश के उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल और दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सकेगा। बैठक में कौशल विकास नीति, रोजगार कार्यालयों और कौशल विकास के विलय, स्थानीय एवं परम्परागत पद्धतियों की पहचान के लिए आरंभ श्रुति कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई।   recent visitors 41

पीएम मोदी ने वक्फ बोर्ड ऐक्ट बनने को लेकर कहा कि इससे पसमांदा मुस्लिमों, महिलाओं और गरीबों के हित में काम होगा

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने वक्फ बोर्ड ऐक्ट बनने को लेकर कहा कि इससे पसमांदा मुस्लिमों, महिलाओं और गरीबों के हित में काम होगा। उन्होंने कहा कि देश अब तक तुष्टिकरण की राजनीति से चलाया आया और उसका हमें खामियाजा भी भुगतना पड़ा। पीएम मोदी ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति कोई नहीं है। इसका बीज स्वतंत्रता संग्राम के समय ही बो दिया गया था। उन्होंने न्यूज 18 के राइजिंग भारत समिट में हिस्सा लेते हुए कहा, ‘भारत कई देशों के साथ ही आजाद हुआ था, लेकिन किसकी स्वतंत्रता की शर्त विभाजन थी। भारत के साथ ही ऐसा क्यों हुआ। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय राष्ट्र हित से ऊपर सत्ता का मोह हो गया। विभाजन सभी मुस्लिमों का काम नहीं था बल्कि कांग्रेस समर्थित कट्टरपंथियों का काम था।’ उन्होंने कहा कि इसी तुष्टिकरण की राजनीति का शिकार तो पसमांदा मुस्लिम हुए और महिलाएं भी हैं। कांग्रेस ने इसे वोटबैंक की राजनीति का हथियार बना लिया। 2013 में वक्फ बोर्ड में किया गया संशोधन कट्टरपंथियों और भूमाफियाओं को खुश करने का कानून था। वक्फ कानून ने संविधान को भी कमतर कर दिया। हाल यह हो गया कि भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हो गए। केरल में ईसाई समुदाय के लोगों की जमीनों पर दावा, हरियाणा में गुरुद्वारों की जमीन पर विवाद हो गया। इसके अलावा उन्होंने कर्नाटक का भी एक मामला बताया। मंदिर, चर्च, गुरुद्वारा, खेत और सरकारी जमीन हो, किसी को यह भरोसा नहीं रह गया था कि उनकी जमीन उनकी ही रहेगी। बस एक नोटिस आता था और लोग अपने ही घर के कागज ढूंढने लग जाते थे। आखिर यह कैसा कानून था, जिसने डर पैदा किया था। अब एक शानदार कानून बना है। यह देश और मुस्लिम समाज के हित में है। इससे वक्फ की पवित्र भावना की भी रक्षा होगी। इसके अलावा गरीब, पसमांदा मुस्लिम और उनके बच्चों के हित सुरक्षित रहेंगे। वक्फ पर हुई डिबेट दूसरी सबसे लंबी बहस थी। इसे सदन में दोबारा लाने से पहले जेपीसी की 38 बैठकें हुई थीं। यह दिखाता है कि भारत में लोकतंत्र कितना प्रभावी है। पीएम मोदी ने कहा कि वक्फ बोर्ड की ताकत इतनी थी कि हर कोई डरा रहता था कि कब नोटिस न आ जाए। नोटिस आया नहीं कि लोग कानूनी लड़ाई में उलझ जाते थे। वह भी उस जमीन के लिए जो उनकी अपनी हुआ करती थी। उन्होंने कहा कि हमने वक्फ बोर्ड ऐक्ट लाकर न्याय किया है और इससे सारी विसंगतियां दूर हो जाएंगी। recent visitors 49