Saturday, July 4, 2026 6:20 pm

तहसील हुजूर में भूमि घोटालों का गढ़ बना प्रशासन – अनुराग त्रिपाठी के विरुद्ध फिर गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री तक कई शिकायतें, पर कार्रवाई ‘शून्य

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की तहसील हुजूर एक बार फिर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के केंद्र में है। मुख्य आरोपी हैं तहसीलदार श्री अनुराग त्रिपाठी, जिनके विरुद्ध पूर्व में भी करोड़ों रुपये के भूमि संबंधी घोटालों की अनेक शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुँच चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक चुप्पी और कार्रवाई के अभाव ने पूरे तंत्र की साख को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस बार लोकायुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए जिला कलेक्टर भोपाल को 10 जून 2025 तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रकरण में शामिल अन्य अधिकारियों में राजस्व निरीक्षक श्री गोपाल कृष्ण मौर्य तथा कुछ पटवारीगण भी सम्मिलित हैं, जिनके खिलाफ संगठित रूप से खसरा नंबरों में हेरफेर कर भूमि स्वामित्व को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने के आरोप हैं। क्या है मामला? लोकायुक्त कार्यालय को प्राप्त शिकायत के अनुसार:    •   दिनांक 17 जुलाई 2023 के नक्शे में खसरा संख्या 33/1, 35 एवं 34 दर्शाए गए हैं।    •   वहीं दिनांक 14 अक्टूबर 2024 के नक्शे में केवल खसरा संख्या 33 दर्ज है।    •   और दिनांक 15 जनवरी 2025 के नक्शा मौका में 33/1 एवं 36/2 अंकित किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही भूमि पर अलग-अलग तिथियों में तैयार हुए तीन अलग नक्शों में खसरा नंबरों को बार-बार बदला गया, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि अधिकारियों ने भूमि स्वामित्व और सीमांकन प्रक्रिया में गड़बड़ी की है। इस प्रकार की हेराफेरी न केवल राजस्व विभाग की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि किसी “निहित स्वार्थ” के चलते सीमांकन में बार-बार बदलाव किया गया। अनुराग त्रिपाठी का पुराना इतिहास – क्या यह एक व्यक्ति का दुस्साहस है या तंत्र की मिलीभगत? श्री अनुराग त्रिपाठी का नाम पहले भी प्रवेश पत्रों की हेराफेरी, भूमि पुनः सीमांकन में गड़बड़ी, और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुँचाने के आरोपों में सामने आ चुका है। कई शिकायतें मुख्यमंत्री तक भी पहुंची हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि अब तक न तो कोई विभागीय जांच पूरी हुई, और न ही कोई प्रशासनिक दंड दिया गया। जनता और आरटीआई कार्यकर्ता वर्षों से प्रश्न कर रहे हैं कि आख़िर एक ही अधिकारी बार-बार घोटालों में नाम आने के बावजूद पद पर कैसे बना रहता है? क्या इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण है? जनता में आक्रोश, प्रशासन पर भरोसा डगमगाया इस पूरे घटनाक्रम से जनता का विश्वास बुरी तरह टूटता नज़र आ रहा है। यह मामला सिर्फ एक शिकायत तक सीमित नहीं है — यह पूरे प्रशासनिक ढांचे की जवाबदेही, उसकी पारदर्शिता और उसकी नीयत पर एक सीधा प्रश्न है। समाजसेवी संगठनों, पत्रकार संघों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि ऐसे अधिकारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया जाए, ताकि उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकायुक्त की सक्रियता से उम्मीद लोकायुक्त कार्यालय द्वारा इस बार कड़ा रुख अपनाते हुए 75 पृष्ठों की दस्तावेज़ी शिकायत के आधार पर कलेक्टर भोपाल से विस्तृत जांच प्रतिवेदन मांगा गया है। यदि यह रिपोर्ट समय पर और निष्पक्षता से आती है, तो इस प्रकरण में प्रशासनिक सफाई की एक नई शुरुआत हो सकती है। लेकिन अगर इस बार भी — पिछली शिकायतों की तरह — मामला रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया, तो यह शासन और व्यवस्था दोनों के प्रति जनता के विश्वास पर अंतिम चोट होगी। अब देश और राज्य की जनता देख रही है — क्या सच्चाई का सामना होगा या फिर एक और घोटाला सिस्टम की चुप्पी में गुम हो जाएगा? recent visitors 15

रायपुर : सुशासन तिहार- 2025 : ग्रामीण अंचल में सुआ नृत्य बना जनजागरूकता का माध्यम

रायपुर सुशासन तिहार को जन -जन तक पहुंचने के लिए बलौदाबाजार भाटापारा जिला प्रशासन द्वारा जोर – शोर से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें रैली,साईकिल रैली,मुनादी, दीवाल लेखन आदि शामिल है लेकिन ग्रामीण अंचल में सुआ नृत्य जनजागरूकता का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। बुधवार को बलौदा बाजार जिले के विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत कुसमी में बिहान की  महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा सुवा गीत व नृत्य के माध्यम से सुशासन तिहार को लोगों तक पहुंचाया। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक लोक नृत्यों में पंथी, राउत नाचा, कर्मा,पंडवानी,सुवा,सैला, गेंड़ी आदि शामिल हैं। ये नृत्य विभिन्न  समुदायों द्वारा त्योहारों और उत्सवों के दौरान किए जाते हैं और वे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। सुशासन तिहार के प्रथम चरण अंतर्गत 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2025 तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में आवेदन प्राप्ति स्थल पर लोगों से आवेदन प्राप्त किये जाएंगे।कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल के नेतृव में जिले में गठित स्व सहायता समूह (बिहान )द्वारा संकुल संगठन स्तर ,ग्राम संगठन स्तर,पंचायत स्तर पर दीवाल लेखन,सुशासन नारे,रैली,घर -घर दस्तक अभियान का सफल आयोजन किया जा रहा है एवं आमजन को अवगत कराने  प्रचार- प्रसार किया जा रहा है।बिहान के कैडर के द्वारा प्रत्येक पंचायत में सुशासन तिहार का शुभारंभ किया गया। recent visitors 20

लघु वनोपज और हर्बल उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए ट्रिपल आईटी नवा रायपुर में क्रेता-विक्रेता का आयोजन किया गया

रायपुर छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज और हर्बल उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए ट्रिपल आईटी नवा रायपुर में क्रेता-विक्रेता (बॉयर-सेलर मीट) का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों के क्रेता शामिल हुए। इसका शुभारंम छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप द्वारा किया गया। इस सम्मेलन में देश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के नामी संस्थाओं हिमालय बिजनेस संस्थान, लाभब्दी हर्बल, छत्तीसगढ़ फूड प्रोडक्ट एवं राधिका एग्रो फूड इंटरप्राईजेस ऐसे कुल 4 संस्थाओं के साथ छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा लगभग राशि 5 करोड़ का एमओयू हस्ताक्षरित किये गये। इन संस्थाओं के साथ एमओयू होने से छत्तीसगढ़ राज्य के महिला स्व-सहायता एवं वनोपज संग्राहकों को सीधे रूप से लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर वन मंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों से आये हुए स्व-सहायता समूह एवं वनोपज संग्राहकों से चर्चा की गई। अपने उद्बोधन में उन्होंने संग्राहकों के आय में और किस प्रकार वृद्धि की जा सकती है एवं वनवासी संग्राहकों के आर्थिक सहायता के लिये मार्ग दर्शन दिया गया। इसके अतिरिक्त वनोपज के संग्रहण के साथ-साथ मूल्यवर्धन एवं वनो की सुरक्षा हेतु विशेष प्रयास करने हेतु आग्रह किया गया। लघु वनोपज में संग्रहण होने वाले 65 प्रजातियों का प्रदर्शनी एवं वनोपज के उत्पादों का स्टॉल लगाया गया, जिसका बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला तथा छत्तीसगढ़ हर्बल के ब्राण्ड अंतर्गत बनने वाले हर्बल उत्पाद शहद, जामुन जूस, त्रिफला चूर्ण, च्यवनप्राश, कोदो कुटकी एवं रागी से बनाये गये विभिन्न प्रकार के उत्पादों का स्टॉल सह विक्रय केन्द्र लगाया गया। इस कार्यक्रम में वनमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक, अनिल कुमार साहू, एआईओआई के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डॉ. पी.व्ही.एस.एम. गौरी, ट्रिपल आईटी नवा रायपुर के डीन डॉ. के.जी. श्रीनिवास एवं लघु वनोपज संघ के कार्यकारी संचालक मणिवासगन एस., लघु वनोपज विशेषज्ञ बी. आनंद बाबू एवं बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ राज्य के क्रेता विक्रेता एवं लघु वनोपज संघ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 19

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अगुवाई में बेहतर हो रहीं है स्वास्थ्य सुविधाएं

रायपुर हर्ष, 8 वर्षीय एक बालक, बचपन से ही एक जुझारू योद्धा रहा है। उसकी चिकित्सकीय यात्रा महज दो वर्ष की आयु में शुरू हुई, जब उसे हिर्शस्प्रंग डिजीज के संदेह में डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रायपुर में भर्ती किया गया। हालांकि, बायोप्सी रिपोर्ट में यह बीमारी नहीं पाई गई। मेगाकोलन के कारण उसकी कोलोस्टॉमी की गई और फिर उसे छुट्टी दे दी गई।   समय बीतता गया और हर्ष को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वह एक बार फिर अस्पताल लौटा, इस बार पैरालिसिस (पैरापेरेसिस) और न्यूरोजेनिक ब्लैडर की समस्या के साथ, जिससे उसका दैनिक जीवन अत्यंत कठिन हो गया था। पीडियाट्रिक और न्यूरोसर्जरी टीमों ने मिलकर कार्य किया और एमआरआई जांच में उसकी रीढ़ में एक एपिडमॉइड सिस्ट का पता चला। सर्जरी टीम ने सफलतापूर्वक इस सिस्ट को निकाल दिया और उसे नया जीवनदान मिला लेकिन उसकी सबसे कठिन परीक्षा अभी बाकी थी। हर्ष को एक बार फिर, इस बार गंभीर स्थिति में, पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) में भर्ती कराया गया। वह तीव्र मेटाबॉलिक एसिडोसिस और श्वसन विफलता के साथ आया। जिसके चलते तुरंत इंटुबेशन करना पड़ा। अनुभवी पीडियाट्रिशियन और इंटेंसिविस्ट्स के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने उसे स्थिर करने के लिए दिन-रात मेहनत की। गहन जांच के बाद, उसके पुराने यूरीन इंफेक्शन्स (जो कि न्यूरोजेनिक ब्लैडर के कारण हुए) से उत्पन्न क्रॉनिक किडनी डिजीज की पुष्टि हुई। लगातार निगरानी, गहन उपचार और अद्वितीय समर्पण के साथ, अस्पताल के स्टाफ ने हर्ष को मृत्यु के कगार से वापस खींच लिया। जैसे-जैसे वह धीरे-धीरे ठीक होने लगा और अंततः वेंटिलेटर से हटाया गया, वह क्षण हर्ष और पूरी टीम के लिए एक बड़ी जीत थी। एक लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा के बाद, हर्ष को छुट्टी दी गई एक नए उत्साह और ताकत के साथ जीवन को आगे बढ़ाने के लिए। उसकी यह रिकवरी डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल, रायपुर में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, टीमवर्क और अथक प्रयासों का सजीव प्रमाण है। जब हर दिशा में अंधकार था, तब डॉक्टरों ने आशा की रौशनी दी। डॉ. ओंकार खंडवाल, डॉ. पी. बेक, डॉ. माधवी साओ, डॉ. आकाश लालवानी, डॉ. समरीन यूसुफ, डॉ. ओनम तुरकाने, डॉ. नव्या बंसल, डॉ. राजा जैन, डॉ. आकांक्षा, डॉ. नंदिनी और डॉ. ऐश्वर्या के अथक प्रयासों, सेवा भावना, समर्पण और टीमवर्क ने असंभव को संभव किया। यह सफलता केवल हर्ष की नहीं है यह उन जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों, कंसल्टेंट्स और मेडिकल स्टाफ की कहानी है, जिनके समर्पण ने एक बच्चे की संघर्षगाथा को आशा और विजय की कहानी में बदल दिया। समर्पित डॉक्टरों और स्टाफ की बदौलत हर्ष ने मौत को मात दी और जीवन की नई शुरुआत की। यह सिर्फ एक इलाज नहीं, एक चमत्कार है। recent visitors 22

होली मिलन एवं युवा युवती परिचय सम्मेलन 12 अप्रैल 2025

भोपाल  कार्यक्रम के संयोजक संजय मिश्रा पिंटू भैया ने बताया कि यह आयोजन पूर्वांचल ब्राह्मण समाज भोपाल के तत्वाधान में 12 अप्रैल 2025  समय संध्या 6:00 से  स्थान सर्व धर्म मंदिर न्यू मिनाल रेजिडेंसी  पांच नंबर गेट भेल भोपाल  यह कार्यक्रम  प्रथम वर्ष है इसमें मुख्य रूप से जो पूर्वांचल के ब्राह्मण समाज के युवा युवती  हैं उनका परिचय सम्मेलन करवाना एवं उनके पंजीयन बायोडाटा इकट्ठा किया जाएगा इसमें मुख्य रूप से 300 परिवार शामिल होने वाले है  इस अवसर पर सुप्रसिद्ध लोकगीत गायक कलाकार पिंटू दुबे एंड पार्टी बलिया यूपी से होली एवं चैता गीतों की प्रस्तुति देंगे  इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल होंगे आलोक शर्मा सांसद लोकसभा भोपाल  रामेश्वर शर्मा विधायक हुजूर  रीति पाठक कैबिनेट मंत्री मध्य प्रदेश शासन संजय पाठक पूर्व मंत्री मध्य प्रदेश  संजय पांडेय क्रिकेटर इत्यादि कार्यक्रम में शामिल होगा  इस कार्यक्रम की तैयारी के लेकर बैठक की गई एक स्थानीय होटल अशोका गार्डन रायसेन रोड बैठक का आयोजन किया गया इसमें विशेष रूप से समाज के लोगों ने अपने-अपने राय रखी जो कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके इस अवसर पर उपस्थित रहे संजय मिश्रा पिंटू भैया श्री राम तिवारी  अनीता दुबे अंकित मिश्रा रीता मिश्रा अजय पांडेय  शिव  दुबे  अशोक मिश्रा बसंत पांडेय घनश्याम पांडेय शंभू चौबे अश्वनी चौबे इत्यादि recent visitors 16

विराट कोहली और मिचेल स्टार्क होंगे आमने-सामने, फॉर्म में चल रही RCB और DC की बेंगुलरू में होगी आज भिड़ंत

नई दिल्ली शानदार फॉर्म में चल रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू का सामना आज आईपीएल के 24वें लीग मैच में दिल्ली कैपिटल्स से होगा। इस दौरान सभी की नजरें विराट कोहली और मिचेल स्टार्क की टक्कर पर लगी होंगी। दिल्ली ने अब तक तीनों मैच जीते हैं, जबकि आरसीबी ने चार में से तीन मैच में जीत दर्ज की है। दोनों टीमें हालात और विरोधी टीम के अनुकूल खुद को ढालने में कामयाब रहीं हैं। आरसीबी ने कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में जीत दर्ज की और एकमात्र पराजय उसे चिन्नास्वामी स्टेडियम पर गुजरात टाइटंस के हाथों झेलनी पड़ी। हालांकि, हार की वजह टीम की कोई कमी नहीं रही, बल्कि चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच ने उसे हैरान कर दिया। वहीं, विशाखापट्टनम और चेन्नई जैसी अलग-अलग पिचों पर जीत दर्ज करके आई दिल्ली के खिलाफ आरसीबी को सावधान रहना होगा। वैसे विराट के फॉर्म में आने से मेजबान टीम के हौसले बुलंद है। हालांकि, छत्तीस वर्ष के विराट को ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क और बायें हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव से पार पाना होगा। कोहली ने स्टार्क के खिलाफ टी20 क्रिकेट में 31 गेंद में 72 रन बनाये हैं, लेकिन इस सत्र में स्टार्क तीन मैचों में 11 की औसत से नौ विकेट ले चुके हैं। पावरप्ले में स्टार्क और कोहली की भिड़ंत पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। इसके बाद कुलदीप से सामना होगा जो छह की इकॉनॉमी रेट से छह विकेट ले चुके हैं। वैसे टी20 क्रिकेट में स्पिनरों के खिलाफ ऊंचे और स्वीप शॉट खेलने की अपनी कमजोरी से पार पा चुके कोहली काफी उम्दा प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे उन्हें धीमे बल्लेबाजों के खिलाफ खुलकर खेलने में मदद मिल रही है। कुलदीप की तरकश में हालांकि कई तीर हैं और वह किसी भी बल्लेबाज को परेशान कर सकते हैं। आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार भी फॉर्म में हैं और वह स्पिनरों को खेलने में माहिर हैं। ऐसे में दिल्ली कैपिटल्स को बायें हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल से अधिक प्रभावी भूमिका की उम्मीद होगी। कप्तान अक्षर ने अब तक तीन मैचों में आठ ओवर डाले हैं लेकिन एक भी विकेट नहीं ले सके हैं। आरसीबी के लिए नई गेंद संभालने वाले जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार पावरप्ले में प्रभावी रहे हैं। उन्हें दिल्ली के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल पर लगाम लगानी होगी जो यहां के हालात से बखूबी वाकिफ हैं। राहुल अब देर तक टिकने की बजाय बेहद आक्रामक खेलने के इरादे से उतर रहे हैं जिससे काफी खतरनाक भी साबित हो रहे हैं। दिल्ली की नजरें फाफ डुप्लेसी की फिटनेस पर भी लगी होंगी जो चेन्नई के खिलाफ पिछला मैच नहीं खेल पाये थे। यहां के हालात से वाकिफ डु प्लेसी अगर फिट होते हैं तो आरसीबी के नयी गेंद के गेंदबाजों को अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। टीमें इस प्रकार है रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, यश दयाल, जोश हेजलवुड, फिल सॉल्ट, जितेश शर्मा, लियाम लिविंगस्टोन, रसिख सलाम, सुयश शर्मा, कृणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, नुवान तुषारा, मनोज भंडागे, जैकब बेथेल, देवदत्त पडिक्कल, स्वस्तिक चिकारा, लुंगी एनगिडी, अभिनंदन सिंह और मोहित राठी। दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), जेक फ्रेजर-मैकगर्क, करुण नायर, फाफ डु प्लेसी, डोनोवन फरेरा, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), ट्रिस्टन स्टब्स (विकेटकीपर), समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, दर्शन नालकंडे, विप्रज निगम, अजय मंडल, मनवंत कुमार, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, मिशेल स्टार्क, टी नटराजन, मोहित शर्मा, मुकेश कुमार, दुष्मंता चामीरा, कुलदीप यादव। मैच शाम 7.30 से शुरू होगा। recent visitors 44

रायपुर : छत्तीसगढ़ का सामाजिक सशक्तिकरण मॉडल हुआ पेश

रायपुर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने देहरादून में आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 2025‘ में छत्तीसगढ़ सरकार के सामाजिक सशक्तिकरण मॉडल को प्रस्तुत किया। इस शिविर में उन्होंने समाज के हर वर्ग एवं वंचित वर्गों के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ में किए जा रहे नवाचारों और कल्याकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होेंने  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिकों, उभयलिंगी समुदाय, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं तथा बौने व्यक्तियों के समग्र पुनर्वास और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।     श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि राज्य में फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर के जरिए कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों का वितरण किया जा रहा है। इसके अलावा, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 1 लाख रुपये की सहायता, दिव्यांग छात्रवृत्ति और मोटराइज्ड ट्रायसायकल प्रदाय किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का भी जिक्र किया, जिसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुनः शुरू किया गया है । इस योजना के तहत हाल ही में 800 वरिष्ठ नागरिकगणों को तिरुपति, मदुरै और रामेश्वरम की तीर्थ यात्रा पर भेजा गया है। नशामुक्ति और उभयलिंगी समुदाय के लिए प्रयास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि राज्य में 33 नशामुक्ति केंद्र संचालित हैं और राष्ट्रीय नशामुक्ति योजना (एन.ए.पी.डी.डी.आर.) के तहत 4,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही, गरिमा गृह में 25 उभयलिंगी हितग्राहियों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा, विकसित भारत का मंत्र , भारत हो नशे से स्वतंत्र , को साकार करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।     श्रीमती राजवाड़े ने केंद्र सरकार से कई अहम मांगें रखीं, जिनमें दिव्यांगजन पेंशन योजना से बी.पी.एल. बाध्यता हटाना, 5 संभागीय मुख्यालयों में भिक्षुक पुनर्वास केंद्र की स्थापना, रायपुर में 100 बिस्तरों वाला नशामुक्ति केंद्र, हर जिले में दिव्यांगजन पार्क व पुनर्वास केंद्र, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एन.ए.पी.डी.डी.आर. एवं अटल वयो अभ्युदय योजना का विस्तार शामिल हैं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, डबल इंजन सरकार के तहत हम वंचित वर्गों की प्रगति, उत्थान और कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं। आने वाले समय में भी हम इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे।     केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस चिंतन शिविर का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने किया। इसका उद्देश्य समावेशी नीति निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और उपेक्षित समुदायों के लिए सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर राज्य मंत्री रामदास अठावले, बीएल वर्मा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित 23 राज्यों के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के मंत्री उपस्थित रहे।     यह चिंतन शिविर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। recent visitors 29