Saturday, July 4, 2026 3:58 pm

दांत हथियार नहीं यह कहकर महिला द्वारा ससुराल पक्ष पर काटे जाने का आरोप लगाने पर हाईकोर्ट ने की याचिका खारिज

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला की अपने ससुराल पक्ष पर दांत से काटे जाने का आरोप लगाया था। बंबई हाईकोर्ट ने महिला द्वारा उसके ससुराल वालों के खिलाफ की गई शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि मानव दांतों को ऐसा खतरनाक हथियार नहीं माना जा सकता है, जिससे गंभीर नुकसान की संभावना हो। हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ की जज विभा कंकनवाड़ी और न्यायमूर्ति संजय देशमुख ने 4 अप्रैल को अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता के चिकित्सा प्रमाणपत्र से पता चलता है कि दांतों के निशान से उसे केवल मामूली चोट लगी। इसी चोट के आधार पर महिला ने अप्रैल 2020 में एफआईआर दर्ज करवाई थी। थाने में दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक ससुराल पक्ष के साथ हाथापाई के दौरान एक रिश्तेदार ने महिला को काट लिया, जिससे उसे खतरनाक नुकसान पहुंचा। पुलिस के मुताबिक महिला की शिकायत के आधार पर आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता के अनुसार चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मानवीय दांतों को खतरनाक हथियार नहीं कहा जा सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपियों द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए केस को खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि मामले में शिकायतकर्ता के मेडीकल सर्टिफिकेट से पता चलता है कि दांतों से केवल साधारण चोट लगी थी। इसके कारण यहां पर धारा 324 के तहत अपराध नहीं बनता है। ऐसे में ससुराल पक्ष या अभियुक्त पर केस चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करना होगा। कोर्ट की ओर से कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच में संपत्ति का विवाद प्रतीत होता है। आपको बता दें भारतीय दंड संहिता की धारा 324 (खतरनाक हथियार का उपयोग करके चोट पहुंचाना) के तहत, चोट किसी ऐसे उपकरण से लगी होनी चाहिए जिससे मृत्यु या गंभीर नुकसान होने की आशंका हो अगर ऐसा नहीं है तो यह मामला नहीं बनता है recent visitors 34

छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव सरकार नक्सली संगठन से बातचीत के लिए तैयार

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण गतिविधि में एक ओर प्रतिबंधित नक्सली संगठन ने एक बार फिर राज्य सरकार के सामने शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा है वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार नक्सलियों से बातचीत के लिए तैयार है। नक्सलियों के उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी ‘रुपेश’ की ओर से जारी प्रेस नोट पर गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री, जिनके पास गृह विभाग का भी प्रभार है, विजय शर्मा ने कहा कि सरकार नक्सलियों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा,“सरकार के पास नक्सलियों के पुनर्वास के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी नीति है। साथ ही उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर सामने आएं और बातचीत का रास्ता अपनाएं।” बातचीत करना चाहते हो तो मुख्यधारा में आओ डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि मैं सभी नक्सलियों से कहना चाहता हूं कि वे बंदूक छोड़ें। मैं उनसे बात करने के लिए तैयार हूं। बंदूक का जवाब बंदूक से होता है। अगर आप चर्चा चाहते हैं तो मुख्यधारा में आना होगा। आप लोग अवैध गतिविधियों में शामिल हैं और भारत के संविधान को नहीं मान रहे हैं। यह भारत है, यहां लोकतंत्र है…। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील की है। सरकार की नई पॉलिसी के तहत यदि कोई नक्सली सरेंडर करता है तब भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति सरेंडर करना चाहता है तो हम तैयार हैं। हम छोटे-बड़े सभी समूहों के साथ चर्चा करने के लिए तैयार हैं। इससे पहले भी रखी थी शांति वार्ता की बात बता दें कि इससे पहले नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी ने पर्चा जारी किया था। उन्होंने शांति वार्ता की अपील करते हुए कहा था कि पिछले 15 महीनों में उनके 400 साथी एनकाउंटर मारे गए हैं। अगर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन रुकती है, तो हम शांतिवार्ता के लिए तैयार हैं। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि वे शांतिवार्ता को तैयार हैं, लेकिन इसके लिए कोई शर्त न हो। सिर्फ सरेंडर करें और बातचीत करें। केंद्रीय कमेटी का पर्चा पहले तेलगू में आया था और अब उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी रूपेश का पत्र सामने आया है, जिसमें शांति और सीजफायर की बात कही गई है।  शर्मा ने कहा, “अगर कोई एक व्यक्ति भी बातचीत के लिए तैयार है तो सरकार भी तैयार है। चाहे वह छोटा समूह हो या बड़ा, सरकार हर स्तर पर चर्चा के लिए तत्पर है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में की जा रही है। शर्मा ने यह भी कहा कि बंदूक के जवाब में केवल चर्चा नहीं की जा सकती, जरूरत पड़ने पर सरकार कड़ी कार्रवाई भी करेगी। उन्होंने नक्सल संगठन की ओर से आया पत्र ‘सही और प्रामाणिक’ बताते हुए कहा कि इसमें सरकार से बातचीत की अपील की गई है। नक्सल संगठन ने इस नोट में स्पष्ट किया है कि वे पुलिस जवानों को अपना दुश्मन नहीं मानते और बार-बार पोस्टरों एवं पर्चों के माध्यम से इसी संदेश को दोहराया है। प्रेस नोट में नक्सलियों ने कहा है, “हमें समझना होगा कि आपसी संघर्ष की स्थिति बनाई गई है। हम जनता और अपने कैडर को ही अपना मानते हैं, उन पर गोली न चलाई जाए। शांति वार्ता के हमारे प्रयास का समर्थन करें।”श्री शर्मा ने कहा कि इस प्रस्ताव पर सरकार का मानना है कि शांति वार्ता के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायित्व और विकास को बढ़ावा दिया जा सकता है। गौरतलब है कि केंद्र व छत्तीसगढ़ सरकार के 31 मार्च तक नक्सल समस्या को समाप्त किए जाने के प्रयासों से माओवादियों ने एक बार फिर से शांति का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा है। प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो की ओर से रूपेश ने आठ अप्रैल की तारीख में सरकार से शांति वार्ता के लिए एक सशर्त प्रेस नोट जारी किया है। इस प्रेस नोट में नक्सली संगठन ने साफतौर पर लिखा है कि हम सरकार से शांति वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए अनुकूल वातावरण पहले बनना चाहिए। इस प्रेस नोट में कहा गया है कि शांति वार्ता के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई रुकनी चाहिए। वार्ता एकपक्षीय न होकर दोनों तरफ से होनी चाहिए। नक्सलियों ने ये रखा प्रस्ताव बता दें, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो की ओर से प्रस्ताव जारी किया गया था. बयान में शांति वार्ता के लिए तैयार होने की बात कहते हुए इसके लिए अनुकूल माहौल बनाए जाने की जरूरत बताई है. उन्होंने इस पेशकश का मुख्य उद्देश्य बस्तर में हो रहे हिंसा (हत्याकांड) तुरंत रोकना बताया है. पहले भी रखा था प्रस्ताव वहीं, सप्ताह भर पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे से पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) केंद्रीय समिति की ओर से तेलगु में जारी बयान के जरिए शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया गया था. इसके बाद अब भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो की ओर हिन्दी में शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया गया है. कहा कि वार्ता के लिए अनुकूल माहौल बनाने की मांग को गृह मंत्री विजय शर्मा ने ठुकरा दिया था. इससे जाहिर है कि सरकार अपनी वर्तमान नीति को जारी रखना चाहती है. इसके साथ ही सरकार की आत्मसमर्पण की नीति को समस्या के पूर्ण समाधान बताए जाने का भी विरोध किया गया है. माओवादियों ने कहा कि शांति वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने संबंधित निर्णय लेने के लिए हमें कुछ नेतृत्वकारी साथियों से मिलना है. स्थानीय नेतृत्व का राय लेना भी जरूरी है. लगातार चल रहे अभियानों के बीच में यह सब नहीं हो पाएगा. ऐसे में अनुकूल माहौल के लिए कगार अभियान को रोकना जरूरी है, वार्ता का प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अनुकूल माहौल बनाना जरूरी है, यह सरकार की जिम्मेदारी है. अब सरकार ने दिया जवाब इस पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलियों ने शांति … Read more

पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या का 34 दिन बाद खुलासा, पुजारी ने कराई थी सीतापुर के पत्रकार की हत्या

सीतापुर यूपी के सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या का 34 दिन बाद गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। आठ मार्च को महोली से सीतापुर आते समय हेमपुर ओवरब्रिज पर पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पत्रकार की हत्या की सुपारी यहां के एक पुजारी बाबा शिवानंद उर्फ विकास राठौर ने दी थी। मामला पुजारी के कुकर्म से जुड़ा है। पुलिस ने बाबा के साथ सुपारी लेने वाले निर्मल सिंह और असलम गाजी को गिरफ्तार कर लिया है। पत्रकार की हत्या करने वाले शूटर अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। मामले का खुलासा करते हुए एसपी चक्रेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही थी। इसी बीच सामने आया कि पत्रकार राघवेन्द्र वाजपेयी का महोली क्षेत्र में स्थित कार्यदेव मंदिर पर लगातार आना-जाना था। यहां के मंदिर में ही पुजारी के रूप में रह रहे विकास राठौर उर्फ विकास मिश्रा उर्फ शिवानन्द (बाबा) से राघवेन्द्र की दोस्ती हो गई थी। पुलिस के अनुसार पुजारी बाबा मंदिर की व्यवस्था में मदद करने वाले एक नाबालिग बच्चे के साथ पिछले कुछ महीनों से कुकर्म कर रहा था। मंदिर जाने के दौरान पत्रकार ने पुजारी को नाबालिग बालक के साथ संबंध बनाते देख लिया था। बाबा को भय था कि राघवेंद्र उसके ये कुकृत्य जगजाहिर कर देगा। उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मंदिर में मिला स्थान छिन जाएगा। पुजारी बाबा ने अपने कुकर्म के उजागर होने के डर से पत्रकार को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। मंदिर पर बीच-बीच में आने वाले दो अपराधियों निर्मल सिंह और असलम गाजी से संपर्क किया। बाबा ने पत्रकार की हत्या के लिए दोनों को चार लाख रुपए नकद दिए। दोनों ने जिले के दो शूटरों से संपर्क करके उनको तीन लाख रुपए दिए और घटना को अंजाम दिलाया। थाना महोली और एसओजी पुलिस ने पुजारी बाबा और सुपारी लेने वाले निर्मल और असलम गाजी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस शूटरों को गिरफ्तार करने में जुटी है। recent visitors 35

रेप केस में पीड़िता से बोला इलाहाबाद हाईकोर्ट, इस रेप की तुम ही हो जिम्मेदार, आरोपी को दी जमानत

इलाहाबाद बलात्कार के एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता को ही कथित अपराध का जिम्मेदार बताया और आरोपी को जमानत दे दी। मामला सितंबर 2024 का है, जहां एक यूनिवर्सिटी की छात्रा ने आरोप लगाए थे कि बार में मिले एक शख्स ने उसके साथ नशे की हालत में रेप किया था। जबकि, आरोपी ने जमानत याचिका में कहा है कि महिला ही उसके साथ जाने को तैयार हुई थी और सहमति से सेक्स हुआ था। जस्टिस संजय कुमार सिंह की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी। आरोपी को 11 दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उसपर दिल्ली के हौज खास के एक बार में मिली लड़की के साथ बलात्कार के आरोप थे। कोर्ट का कहना है कि लड़की ने खुद ही परेशानी को न्योता दिया था और वह ही इस कथित वारदात की जिम्मेदार है। क्या था केस उत्तर प्रदेश के नोएडा की एक बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली छात्रा तीन सहेलियों के साथ दिल्ली के एक बार में गई थी। छात्रा का कहना था कि वहां उसे कुछ परिचित व्यक्ति मिले, जिनमें आरोपी भी शामिल था। पीड़िता ने नोएडा पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि शराब पीने के बाद वह नशे की हालत में थी और आरोपी उसके करीब आता जा रहा था। पुलिस को बताया गया कि वे सुबह 3 बजे तक बार में थे और आरोपी लगातार युवती से उसके साथ चलने के लिए कह रहा था। उसने पुलिस को बताया कि बार बार कहने के कारण वह 'आराम' करने के लिए आरोपी के साथ जाने के लिए तैयार हो गई। महिला के आरोप हैं कि वह रास्ते में उसे आपत्तिजनक तरीके से छू रहा था और नोएडा में अपने घर ले जाने के बजाए उसे गुड़गांव में अपने रिश्तेदार के फ्लैट पर ले गया और रेप की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने कहा- सहमति से हुआ था सेक्स रिपोर्ट के अनुसार, जमानत याचिका में आरोपी ने कोर्ट को बताया है कि महिला को मदद की जरूरत थी और वह खुद ही उसके साथ घर पर आराम करने जाने के लिए तैयार हो गई थी। आरोपी ने इन आरोपों से भी इनकार किया है कि वह महिला को अपने रिश्तेदार के फ्लैट पर ले गया और दो बार रेप किया। उसका दावा है कि रेप नहीं हुआ था, बल्कि सहमति से सेक्स हुआ था। कोर्ट का रुख बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा, 'कोर्ट का यह मानना है कि अगर पीड़िता के आरोपों के सही मान भी लिया जाए, तो इस निष्कर्ष पर भी पहुंचा जा सकता है कि उसने खुद ही परेशानी को न्योता दिया था और वह इसके लिए जिम्मेदार भी है। पीड़िता ने अपने बयान में यही रुख लिया है। उनकी मेडिकल जांच में हाइमन टूटा हुआ पाया गया था, लेकिन डॉक्टर ने यौन हिंसा की बात नहीं की।' अदालत का कहना है, ‘मामले के तथ्य और हालात के साथ-साथ अपराध की प्रकृति, सबूत और पार्टियों के वकीलों की तरफ से दी गई जानकारी पर विचार करने के बाद मेरा मानना है कि आवेदक को बेल दी जा सकती है। ऐसे में जमानत के आवेदन को स्वीकार किया जाता है।’ recent visitors 29

दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच गुरुवार को आईपीएल 2025 का 24वां मुकाबला खेला जा रहा है। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। बेंगलुरु की टीम पहले बल्लेबाजी करेगी। दिल्ली ने एक बदलाव किया है। फाफ डुप्लेसी की वापसी हुई है। अक्षर पटेल के नेतृत्व वाली दिल्ली कैपिटल्स की टीम ने आईपीएल के 18वें सीजन में अपने सभी मुकाबले जीते हैं, जबकि रजत पाटीदार की अगुवाई वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को चार मैचों में से तीन में जीत मिली है और एक में हार का सामना करना पड़ा है। दिल्ली कैपिटल्स ने गुरुवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। टॉस के दौरान कप्तानों के बयान दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। अक्षर ने कहा कि उनकी अंगुली ठीक है और अगर आवश्यकता हुई तो वह पूरे चार ओवर भी डालेंगे। उन्होंने कहा कि टीम में एक बदलाव है रिजवी की जगह फाफ डुप्लेसी की एकादश में वापसी हुई है। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा कि वह भी टॉस जीतकर गेंदबाजी करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि टीम में कोई बदलाव नहीं है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु प्लेइंग इलेवन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (प्लेइंग इलेवन): फिल सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिकल, रजत पाटीदार (कप्तान), लियाम लिविंगस्टोन, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, यश दयाल दिल्ली कैपिटल्स (प्लेइंग इलेवन): दिल्ली कैपिटल्स (प्लेइंग इलेवन): फाफ डुप्लेसी, जेक फ्रेजर-मैकगर्क, केएल राहुल (विकेट कीपर), ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, मिचेल स्टार्क, मोहित शर्मा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार   recent visitors 37

‘निसंदेह तहव्वुर राणा का भारत आना सरकार के लिए एक बड़ी सफलता है, विपक्षी नेता ने की मोदी सरकार की तारीफ

नई दिल्ली मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा का अमेरिका से भारत प्रत्यर्पण हो गया है। इसे भारत सरकार अपनी बड़ी कामयाबी मान रही है तो वहीं विपक्ष ने भी इसकी सराहना की है। शरद पवार की पार्टी एनसीपी-एसपी के नेता माजिद मेनन का कहना है कि निश्चित तौर पर यह मोदी सरकार के लिए एक उपलब्धि है। उन्होंने कहा, 'निसंदेह तहव्वुर राणा का भारत आना सरकार के लिए एक बड़ी सफलता है। अमेरिका ने इस मामले में बहुत लंबा समय लिया है। उसका प्रत्यर्पण और पहले हो जाना चाहिए था। हमें इस बात की खुशी होनी चाहिए कि हम इस मामले में कुछ न्याय कर सकेंगे। यह मामला पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।' माजिद मेनन ने कहा कि हमें बस यह ध्यान देना होगा कि इस केस में इंटनेशनल स्टैंडर्ड्स का पालन किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि नियमानुसार प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी तो जांच टीम बहुत अच्छा काम करेगी। इस मामले का ट्रायल सही तरीके से होना चाहिए। तहव्वुर राणा के खिलाफ दिल्ली में केस चलना है। उसके खिलाफ एनआईए की विशेष अदालत में मामला चलेगा और फिर हाई कोर्ट आदि में भी सुनवाई होनी है। इस मामले में होम मिनिस्ट्री की ओर से विशेष लोक अभियोजन नरेंद्र मान को वकील नियुक्त किया गया है। वह अगले तीन वर्षों तक इस मामले में पैरवी करेंगे। नरेंद्र मान भले ही लीगल वर्ल्ड में बड़ा नाम नहीं हैं, लेकिन उन्हें काम लंबा अनुभव है। वह कई अहम मामलों में वकील रह चुके हैं। उन्होंने 2018 में एसएससी पेपर लीक केस में भी बहस की थी। उनके ट्रैक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने उन्हें लोक अभियोजक नियुक्त किया है। बता दें कि इसी तरह मुंबई हमले के गुनहगार अजमल कसाब का मामला भी जब अदालत पहुंचा था तो उज्ज्वल निकम को वकील बनाया गया था। उन्होंने कसाब को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए दलीलें दी थीं। उज्ज्वल निकम को उस केस से बहुत लोकप्रियता मिली थी और 2014 के आम चुनाव में तो इलेक्शन भी लड़े थे। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिल सकी। अब तक मिली जानकारी के अनुसार तिहाड़ जेल में ही तहव्वुर राणा को रखा जाएगा। recent visitors 34

यमुना सफाई पर पहले के मुकाबले बहुत फर्क आ गया, सभी टारगेट समय से पूरे हो रहे हैं: सीएम

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना सफाई के मुद्दे पर दिल्लीवालों को एक खुशखबरी दी है। रेखा गुप्ता ने गुरुवार दिल्ली के उन बड़े नालों की सफाई का कामकाज जांचा, जो यमुना में जाकर गिरते हैं और इसके प्रदूषण के लिए जिम्मेदार बताए जाते हैं। सीएम ने कहा कि पहले के मुकाबले बहुत फर्क आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी टारगेट समय से पूरे हो रहे हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री परवेश साहिब सिंह ने वजीराबाद, नजफगढ़ जैसे बड़े नालों की सफाई के काम का निरीक्षण किया। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने एलजी साहब के साथ उन सभी नालों का निरीक्षण किया है जो यमुना में जाकर गिरते हैं। वजीराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन नालों की सफाई से यमुना में फर्क आ रहा है। रेखा गुप्ता ने कहा, 'जब बात होती है कि यमुना की सफाई के लिए क्या किया जा रहा है, तो मैं आपको बताना चाहती हूं कि 22 नाले जो यमुना में जाकर गिरते हैं उनसे गाद निकालने का काम चल रहा है। उनके लिए एसटीपी बनाए जा रहे हैं। हर 15 दिन बाद दौरा किया जा रहा है। यमुना सफाई के लिए ही यह सारा काम चल रहा है। पिछली बार जो हमने विजिट किया और आज में बहुत बड़ा फर्क आप सबने देखा।' मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस स्पीड में काम हो रहा है, जिस गति से मशीनें यहां लगी हैं। जो टारगेट था सफाई का, गाद निकालने का, उसे यहां से उठाने का वह सारे टारगेट पूरे हो रहे हैं। सरकार प्रतिबद्ध है सभी बड़े नालों की सफाई के लिए, एक अच्छा वातावरण, जिसमें दूषित हवाएं ना हों और नाले अपनी रफ्तार से बहें, रुकावटों को हटाया जाए और अंत में जब ये यमुना में गिरें तो साफ स्वरूप में रहें ताकि नदी दूषित ना हो। मुख्यमंत्री ने पूर्व की आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कभी एसी कमरों से बाहर निकलकर कभी यह चिंता नहीं की कि इन नालों पर आकर खड़े होने की जरूरत है। रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार की अनुपस्थिति में एलजी साहब ने इस काम को संभाला और आज भी मुस्तैद हैं। उन्होंने दिल्लीवालों की बेहतर सुविधा के लिए उनकी सरकार एक टीम के रूप में काम कर रही है। recent visitors 39