छात्रा से 23 लड़कों ने गैंगरेप मामले में पीएम मोदी की फटकार के बाद एक्शन में पुलिस, तीन और आरोपी अरेस्ट

वाराणसी वाराणसी में 19 साल की छात्रा के साथ छह दिनों तक गैंगरेप को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फटकार के बाद वाराणसी पुलिस फास्ट हो गई है। पीएम मोदी की फटकार के कुछ घंटे में ही ताबड़तोड़ छापेमारी कर गैंगरेप के आरोपी तीन और युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। छात्रा का आरोप है कि 23 लड़कों ने उसके साथ रेप किया है। छात्रा की मां की तरफ से कराई गई एफआईआर में 12 नामजद और 11 अज्ञात लड़कों पर केस हुआ है। आज गिरफ्तार तीन लड़कों को मिला लें तब भी केवल 12 लड़कों की ही गिरफ्तारी हो सकी है। अब भी 11 लड़के फरार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी पहुंचते ही सबसे पहले गैंगरेप के मामले में ही अधिकारियों से पूछताछ की थी। प्लेन से उतरने के बाद रनवे पर ही वाराणसी के मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी एस राजलिंगम से घटना की विस्तृत जानकारी ली थी। पीएम मोदी ने दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था। अभी तक आधे से ज्यादा आरोपियों के फरार होने पर फटकार लगाई और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो इसे लेकर व्यवस्थाएं करने का निर्देश भी दिया था। पीएम मोदी के निर्देश और फटकार के बाद ही आरोपियों की धरपकड़ में जुटी टीमों ने छापेमारी तेज की और प्रधानमंत्री की वाराणसी से रवानगी के कुछ घंटे के अंदर ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल कर ली। पुलिस ने मोहम्मद रजा उर्फ जैब, रेहान और जाहिद खान को गिरफ्तार किया है। तीनों वाराणसी शहर के ही सिगरा और चेतगंज थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। जैब व जाहिद की उम्र 19-19 साल और रेहान 27 साल का है। छात्रा के साथ 29 मार्च को दरिंदगी की शुरुआत हुई थी। सबसे पहले उसे हुक्का बार में ले जाकर रेप किया गया। इसके बाद होटल और अन्य स्थानों पर नशा देकर अलग अलग युवकों ने रेप किया। इस दौरान चलती गाड़ी में भी छात्रा से रेप किया जाता रहा। चार अप्रैल को छात्रा को नशे की हालत में ही सड़क किनारे छोड़कर युवक फरार हो गए थे। recent visitors 40

पूर्व मंत्री कवासी लखमा की 14 दिन की न्यायिक रिमांड बढ़ी, 25 अप्रैल तक रहेंगे जेल में

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को आज EOW की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया. अब कवासी लखमा 25 अप्रैल तक जेल में रहेंगे. 21 जनवरी से जेल में हैं कवासी लखमा गौरतलब है कि शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 जनवरी को पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था. इससे पहले उनसे दो बार ED दफ्तर बुलाकर पूछताछ की गई थी. गिरफ्तारी के 7 दिन बाद कवासी लखमा को पहले ED ने 7 दिन कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की थी. उसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक लखमा को 14 दिन के न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था. पिछली सुनवाई के दौरान जेल में पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं होने के कारण लखमा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा की 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ा दी थी. क्या है शराब घोटाला? तत्कालीन भूपेश सरकार में पूर्व IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा और CM सचिवालय की तत्कालीन उपसचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ आयकर विभाग ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में 11 मई, 2022 को याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि छत्तीसगढ़ में रिश्वत, अवैध दलाली के बेहिसाब पैसे का खेल चल रहा है. इसमें रायपुर महापौर रहे एजाज ढेबर का भाई अनवर ढेबर अवैध वसूली करता है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में दायर याचिका के आधार पर ED ने 18 नवंबर, 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. आयकर विभाग से मिले दस्तावेजों के आधार पर ED ने जांच के बाद 2161 करोड़ के घोटाले की बात का कोर्ट में पेश चार्जशीट में जिक्र किया था. ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि किस तरह एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर के आपराधिक सिंडिकेट के ज़रिए आबकारी विभाग में बड़े पैमाने पर घोटाला किया गया. ED ने चार्जशीट में कहा कि 2017 में आबकारी नीति में संशोधन कर CSMCL के जरिये शराब बेचने का प्रावधान किया गया, लेकिन 2019 के बाद शराब घोटाले के किंगपिन अनवर ढेबर ने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का MD नियुक्त कराया. उसके बाद अधिकारियों, कारोबारियों और राजनैतिक रसूख वाले लोगों के सिंडिकेट के ज़रिए भ्रष्टाचार किया गया, जिससे 2161 करोड़ का घोटाला हुआ. इस मामले में ED ने 15 जनवरी को कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था. ED ने कोर्ट में 3,841 पन्नों की चार्जशीट की पेश गौरतलब है कि 13 मार्च को शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पेशल कोर्ट में 3,841 पन्नों का चालान पेश किया है, जिसमें जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत 21 अन्य को आरोपी बनाया गया है. recent visitors 37

वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक मेला 2025 का सफलतापूर्वक किया आयोजन

भोपाल वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक मेला 2025 का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसने दुनिया भर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण ध्यान आकर्षित किया। यह आयोजन सीमा पार शैक्षणिक संवाद को बढ़ावा देने और उच्च शिक्षा में वैश्विक साझेदारी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक मंच के रूप में कार्य किया। इस वर्ष के मेले में वीआईटी के उपाध्यक्ष की उनके जन्मदिन के अवसर पर आभासी उपस्थिति देखी गई, जिसने दिन को एक प्रतीकात्मक महत्व दिया। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित शिक्षा रणनीतिकार डॉ इंग्रिड ले गार्गासन ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उनकी उपस्थिति ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक उत्कृष्टता और सहयोगी शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। मेले में 75 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों और संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा और एशिया के विभिन्न देशों सहित कई देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 85 प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों ने भागीदारी दर्ज की।  विश्वविद्यालय के विशाल और जीवंत परिसर में आयोजित, अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक मेला 2025 ने छात्रों, शोध विद्वानों, संकाय सदस्यों और अकादमिक प्रशासकों को वैश्विक शिक्षा के अवसरों पर सार्थक आदान-प्रदान में शामिल होने के लिए एक समावेशी और इंटरैक्टिव स्थान प्रदान किया। उपस्थित लोगों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रवेश, छात्रवृत्ति कार्यक्रम, छात्र गतिशीलता, अनुसंधान सहयोग और संस्थागत गठजोड़ के लिए रास्ते तलाशे। इस कार्यक्रम में बौद्धिक रूप से समृद्ध गतिविधियों की एक श्रृंखला शामिल थी, जिसमें विशेषज्ञ के नेतृत्व वाली कार्यशालाएं, पैनल चर्चाएं, इंटरैक्टिव बूथ और नेटवर्किंग सत्र शामिल थे, जो सभी ज्ञान साझा करने और दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग स्थापित करने की सुविधा के लिए डिज़ाइन किए गए थे। प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों में प्रवेश प्रक्रियाओं, शैक्षणिक संस्कृतियों और अध्ययन के बाद के मार्गों के बारे में अंतर्दृष्टि प्रदान की, जिससे प्रतिभागियों को अपने भविष्य के शिक्षा लक्ष्यों के बारे में सूचित निर्णय लेने में मदद मिली।  इस आयोजन ने अकादमिक कूटनीति को सफलतापूर्वक सुगम बनाया, छात्र विनिमय कार्यक्रमों, संकाय विकास पहलों और सहयोगी अनुसंधान अवसरों के लिए मार्ग तैयार किए। अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक मेला 2025 की सफलता शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की अटूट प्रतिबद्धता, इसकी रणनीतिक वैश्विक भागीदारी और अधिक जुड़े और समावेशी शैक्षणिक भविष्य को आकार देने में इसकी सक्रिय भूमिका को दर्शाती है। recent visitors 31

लोक निर्माण विभाग में नवीन एसओआर का हुआ विमोचन-पर्यावरण संरक्षण और नवीन तकनीकों की ओर बड़ा कदम

भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा जारी नवीन एस.ओ.आर. (दर अनुसूची) केवल एक तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि यह “विजन 2047” की दिशा में विभाग के सुनियोजित प्रयासों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण के कार्यों में गुणवत्ता, नवीन तकनीकों का समावेश और पर्यावरणीय संतुलन को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाना चाहिए, जिससे निर्माण कार्यों के माध्यम से नागरिकों के जीवन में वास्तविक सुधार लाया जा सके। मंत्री श्री सिंह निर्माण भवन में सड़क एवं पुल कार्यों की नवीन एस.ओ.आर.(दर अनुसूची) के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि लोक निर्माण विभाग का यह नवीन एस.ओ.आर. “लोक निर्माण से लोक कल्याण” की भावना को और अधिक मजबूत करेगा। तकनीक के साथ पारदर्शिता, गुणवत्ता के साथ गति और निर्माण के साथ जनकल्याण इन्हीं मूल सिद्धांतों पर आधारित यह दस्तावेज प्रदेश को अधोसंरचना विकास के नए मानदंडों की ओर अग्रसर करेगा। राज्य में अधोसंरचना विकास को अधिक सक्षम, पारदर्शी और पर्यावरण-मित्र बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए यह नवीन एस.ओ.आर. जारी किया गया है। यह दस्तावेज विभागीय तकनीकी प्रक्रियाओं को न केवल अद्यतन करता है, बल्कि इसमें कई ऐसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं जो प्रदेश की जलवायु, पर्यावरणीय परिस्थितियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। मंत्री श्री सिंह ने कहा, “यह नई एस.ओ.आर. केवल निर्माण दरों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह मध्यप्रदेश के विकास, पर्यावरण संतुलन और तकनीकी आधुनिकीकरण का एक विजन है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश की हर सड़क और हर पुल न केवल टिकाऊ और सुरक्षित हो, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी मजबूती से प्रतिबिंबित करे।” मंत्री श्री सिंह ने कहा नई एस.ओ.आर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। यह न केवल मध्यप्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रदेश को एक आधुनिक, पर्यावरण-संवेदनशील और तकनीकी रूप से उन्नत निर्माण विभाग के रूप में स्थापित करेगा। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री भरत यादव ने कहा कि नई एस.ओ.आर के माध्यम से मध्यप्रदेश में सड़क और पुल निर्माण में तकनीकी उन्नयन, पर्यावरण संरक्षण और गुणवत्ता का अभूतपूर्व समन्वय देखने को मिलेगा। प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री के.पी.एस. राणा, प्रमुख अभियंता भवन श्री एस.आर. बघेल, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के प्रमुख अभियंता श्री ध्रुवकर सहित विभाग और एमपीआरडीसी के सभी वरिष्ठ अभियंता और अधिकारी उपस्थित रहे। नई एस.ओ.आर के प्रमुख प्रावधान नई एस.ओ.आर में पुरानी सूची के 309 आइटम की तुलना में 817 से अधिक नए आइटम शामिल किए गए हैं, जो आधुनिक तकनीकों, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। केवल सरकारी रिफाइनरियों से डामर आपूर्ति सड़क निर्माण में डामर की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब यह अनिवार्य किया गया है कि डामर केवल सरकारी रिफाइनरियों-हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम से ही लिया जाएगा। इस कदम से न केवल सामग्री की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सकेगा। पेड़ों की शिफ्टिंग और प्लांटेशन की दरें निर्धारित पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए नई एस.ओ.आर में सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों को काटने के बजाय उनकी शिफ्टिंग की दरें निर्धारित की गई है। प्रत्येक शिफ्ट किए गए या रोपे गए पेड़ की 3 से 5 वर्ष तक निगरानी की जाएगी, जिससे हरियाली को बनाए रखा जा सके। यह कदम प्रदेश में वनों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। भूजल संरक्षण के लिए रिचार्ज बोर भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए सड़क परियोजनाओं में रिचार्ज बोर और रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। सड़कों के किनारे वर्षा जल के पुनर्भरण से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि कृषि और स्थानीय समुदायों के लिए जल उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। प्लास्टिक कचरे का उपयोग प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए, नई एस.ओ.आर में इसे सड़क निर्माण सामग्री में उपयोग करने के तकनीकी प्रावधान शामिल किए गए हैं। इससे पर्यावरणीय नुकसान को कम करने के साथ-साथ निर्माण लागत में भी बचत होगी। आधुनिक तकनीकों का समावेश व्हाइट टॉपिंग तकनीक को अपनाकर पुरानी डामरी सड़कों को सुधारने के लिए कम मोटाई में सीमेंट कंक्रीट की परत चढ़ाई जाएगी, जिससे सड़कों की आयु बढ़ेगी और रखरखाव आसान होगा। जीएफआरपी (ग्लॉस फाइबर रिइंफोर्ड पॉलिमर) पारंपरिक स्टील के विकल्प के रूप में यह तकनीक अधिक मजबूती और लागत-प्रभावी बनाएगी। इसमें एम-150 ग्रेड कंक्रीटः उच्च गुणवत्ता वाले कंक्रीट का उपयोग कर निर्माण को और टिकाऊ बनाया जाएगा। रीसाइक्लिंग और पुनः उपयोगः पुराने डामर और कंक्रीट को मिलिंग और फुल डेप्थ रिक्लेमेशन के माध्यम से पुनः उपयोग में लाया जाएगा, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन होगा। निर्माण स्थलों पर प्रयोगशालाएं गुणवत्ता नियंत्रण को और बेहतर करने के लिए महत्वपूर्ण परियोजना स्थलों पर प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। इससे निर्माण सामग्री की जांच त्वरित और सटीक होगी। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता recent visitors 37

वक्फ बिल को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कांग्रेस विधायक, नए कानून का विरोध जारी

भोपाल मध्य प्रदेश से वक्फ के नए कानून को लेकर पहली याचिका लगाई गई है। कांग्रेस विधायक ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दिया है। इस मामले में 16 अप्रैल को सुनवाई होगी। अब तक वक्फ एक्ट के खिलाफ 20 से अधिक याचिकाएं दायर की जा चुकी है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद वक्फ के नए कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। जहां उन्होंने नए कानून को लेकर याचिका लगाई है। आपको बता दें कि वक्फ बिल को लेकर मध्य प्रदेश में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। राजधानी भोपाल में दूसरे दिन भी विरोध किया गया। इकबाल मैदान में प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल और क्यूआरएफ की टीम तैनात की गई है। मुस्लिम त्योहार कमेटी के बैनर तले मोती मस्जिद के सामने प्रोटेस्ट किया गया। वहीं मुस्लिम त्योहार कमेटी ने भी वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। गौरतलब है कि 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित किया गया था। इसके बाद 5 अप्रैल को वक्फ अधिनियम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दी थी। 8 अप्रैल को वक्फ संशोधन अधिनियम देश में लागू हो गया। वहीं वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 20 से अधिक याचिका दायर की गई है। सभी याचिकाओं में मुख्य रूप से यही कहा गया है कि यह मुसलमानों के साथ भेदभाव करने वाला कानून है। वक्फ एक धार्मिक संस्था है। उसके कामकाज में सरकारी दखल गलत है। इस मामले में पहली सुनवाई 16 अप्रैल को चीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच करेगी। recent visitors 31

बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व में दुर्लभ वन्य-प्राणी सोन कुत्ते पाये गये

भोपाल बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतोर परिक्षेत्र की पनपता बीट में फील्ड स्टॉफ द्वारा गश्त के दौरान 12 सोन कुत्तों का झुण्ड देखा गया। क्षेत्र संचालक उमरिया ने बताया कि सोन कुत्ते अत्यंत दुर्लभ जीव हैं और किसी निश्चित स्थान पर न रहकर जंगलों में यहाँ-वहाँ झुण्ड में विचरण करते हैं। बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पारिस्थितिक तंत्र में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। क्षेत्र संचालक उमरिया ने बताया कि बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व की पतौर, मानपुर और धमोखर रेंज में कभी-कभी सोन कुत्तों का झुण्ड दिखायी देता है।   recent visitors 42

डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से बना मध्यप्रदेश का 25वाँ अभयारण्य

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल मार्गदर्शन में राज्य शासन ने सागर जिले के 258.64 वर्ग किलोमीटर आरक्षित वन क्षेत्र को मध्यप्रदेश का 25वाँ अभयारण्य घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी गयी। यह अभयारण्य डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जायेगा। अभयारण्य के गठन से वन एवं वन्य-प्राणियों का संरक्षण एवं संवर्धन होगा। साथ ही पारिस्थितिकीय तंत्र में खाद्य श्रृंखला सुदृढ़ होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे। डॉ. भीमराव अंबेडकर अभयारण्य सागर जिले के उत्तर सागर वन मण्डल तहसील बंडा एवं शाहगढ़ वन क्षेत्र के 25864 हेक्टेयर (258.64 वर्ग किलोमीटर) आरक्षित वन क्षेत्र की सीमा होगी।   recent visitors 36