भारतीय शेयर बाजार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद, ऑटो और फार्मा शेयर उछले

मुंबई भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद हुआ। बाजार के सभी सूचकांकों में खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,310 अंक या 1.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,157 और निफ्टी 429 अंक या 1.92 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,828 पर था। शेयर बाजार में तेजी की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ को 90 दिनों के लिए टालने को माना जा रहा है। बाजार में तेजी का नेतृत्व ऑटो और फार्मा शेयरों ने किया। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 2.03 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसके अलावा, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल, एनर्जी और मीडिया के साथ सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी पैक में हिंडालको, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, कोल इंडिया, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, ओएनजीसी, अदाणी एंटरप्राइजेज, ग्रासीम, पावर ग्रिड, ट्रेंट, सिप्ला, एनटीपीसी और एचडीएफसी बैंक टॉप गेनर्स थे। एनएसई के बेंचमार्क इंडेक्स में केवल टीसीएस, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल्स टॉप लूजर्स थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 919 अंक या 1.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 50,501 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 439 अंक या 2.88 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,696 पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 3,115 शेयर हरे निशान में, 846 शेयर लाल निशान में और 118 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए हैं। एलकेपी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक दे का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,000 एक रुकावट का स्तर है। अगर एनएसई बेंचमार्क इस स्तर को पार करने में सफल हो जाता है तो 23,500 के लेवल भी देखने को मिल सकते हैं। गिरावट की स्थिति में 22,750 एक अहम सपोर्ट लेवल होगा। शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह 9:38 पर सेंसेक्स 1,349 अंक या 1.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,196 और निफ्टी 444 अंक की तेजी के साथ 22,843 पर था। recent visitors 49

प्रधानमंत्री मोदी का ग्वालियर आगमन पर हुआ स्वागत

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का शुक्रवार को अल्प प्रवास पर ग्वालियर आगमन हुआ। प्रधानमंत्री श्री मोदी दोपहर लगभग 2 बजे वायुसेना विमानतल महाराजपुरा पहुँचे। विमानतल पर जन-प्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अगवानी की गई। प्रधानमंत्री श्री मोदी हेलीकॉप्टर से अशोकनगर जिले के लिए रवाना हुए। प्रधानमंत्री श्री मोदी की अगवानी ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद श्री भारत सिंह कुशवाह, विधायक श्री मोहन सिंह राठौर, महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान और पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह ने की। साथ ही पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, श्री जयभान सिंह पवैया, श्री अनूप मिश्रा, श्रीमती माया सिंह, श्रीमती इमरती देवी, पूर्व सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सीताराम बाथम, नगर निगम सभापति श्री मनोज तोमर सहित श्री आशीष अग्रवाल, श्री जयप्रकाश राजौरिया, श्री प्रेम सिंह राजपूत, पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। recent visitors 48

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री आनंद सर मंदिर परिसर में दर्शन कर सरोवर में पुष्प अर्पित किए

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को श्री आनंदपुर धाम में परम पावन पूजा स्थल महातीर्थ श्री आनंद सर मंदिर परिसर में 4 मंदिरों के दर्शन किए। उन्होंने श्री आनन्द सरोवर में पुष्प अर्पित कर परमपिता से देशवासियों की सुख- समृद्धि और कल्याण की कामना की। प्रधानमंत्री श्री मोदी श्री आनंदपुर धाम स्थित हैलीपेड से सीधे मंदिर परिसर में दर्शन करने पहुंचे। प्रधानमंत्री श्री मोदी का ग्वालियर से हैलीकॉप्टर द्वारा श्री आनंदपुर धाम आगमन हुआ। मोती महल में की श्री परमहंस अद्वैत मत के प्रमुख गुरु महाराज से विशेष भेंट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को मोती महल में श्री परमहंस अद्वैत मत परम्परा के प्रमुख गुरु महाराज से शिष्टाचार भेंट की। यह विशेष भेंट आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विषयों पर केंद्रित रही, जिसमें देश की आध्यात्मिक चेतना और नैतिक मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने पर पारस्परिक संवाद हुआ। इस विशेष भेंट ने न केवल आध्यात्मिक जगत में उत्साह का संचार किया, बल्कि यह भी दर्शाया कि देश के नेतृत्व और आध्यात्मिक संस्थाओं के बीच सकारात्मक संवाद सतत रूप से जारी है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया स्वागत प्रधानमंत्री श्री मोदी शुक्रवार को अपराह्न लगभग 3.30 बजे अशोकनगर जिले के श्री आनंदपुर धाम पहुंचे। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हेलीपैड पर प्रधानमंत्री श्री मोदी का अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा भी उपस्थित थे।   recent visitors 41

केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बनाएंगे अधिक प्रभावशाली : मुख्यमंत्री साय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में खनिज विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, अन्वेषण कार्यों, तकनीकी नवाचारों और राजस्व उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और देश की प्रगति में राज्य की अग्रणी भूमिका की बात कही। उन्होंने देश में वर्ष 2024-2025 में कोयला उत्पादन में 1 बिलियन टन का लक्ष्य हासिल करने पर खुशी जाहिर की और इसे पाने में छत्तीसगढ़ के योगदान को सराहा। इस मौके पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने देश के पहले लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस अनुबंध दस्तावेज सफल बोलीदाता के प्रतिनिधि को सौंपे। साथ ही दंतेवाड़ा जिले के तीन और कांकेर जिले के एक लौह अयस्क ब्लॉक के प्रीफर्ड बिडर आदेश प्रदान किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज की यह समीक्षा बैठक प्रदेश में कोयला एवं खनन के क्षेत्र के लिए लाभदायक होगी। हम केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समन्वय करते हुए खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को और अधिक प्रभावशाली बनाएंगे। विकसित भारत के निर्माण में हमारा राज्य खनिज क्षेत्र के माध्यम से एक मजबूत स्तंभ बने, यही हमारा लक्ष्य है। साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और संसाधनों का समुचित व सतत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में अनेक नवाचारी पहल की गई हैं। हमारे राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, चूना पत्थर सहित कई क्रिटिकल खनिजों की उपलब्धता है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ ही देश की औद्योगिक प्रगति में भी अहम भूमिका निभाती हैं। विकसित राष्ट्र की परिकल्पना के परिप्रेक्ष्य में सामरिक महत्व के खनिजों की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए विभाग द्वारा अपनी अन्वेषण योजना में व्यापक बदलाव करते हुए क्रिटिकल खनिजों के अन्वेषण को प्राथमिकता दी जा रही है। श्री साय ने कहा कि पारदर्शिता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और तकनीकी दक्षता लाने के लिए खनिज ऑनलाइन पोर्टल, ई-नीलामी प्रक्रिया, स्टार रेटिंग जैसे उपायों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों के समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के साथ-साथ देश का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य होने का गौरव भी छत्तीसगढ़ को प्राप्त है। श्री रेड्डी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ और खनन क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में जो अग्रणी कदम उठाए हैं, वे भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खनिज संसाधनों के अन्वेषण, सतत उपयोग और खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़, खनिज क्षेत्र में अपनी मजबूत भूमिका निभाते हुए देश के समग्र विकास में प्रभावी योगदान देता रहेगा। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देश की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा के निरीक्षण का ज़िक्र किया। उन्होंने खदान में किए जा रहे नवाचारों और अत्याधुनिक तकनीकों की भी सराहना की। उन्होंने गेवरा में जापानी मियावाकी तकनीक से विकसित वृक्षारोपण स्थल का उल्लेख करते हुए इस पहल के वृहद स्तर पर उपयोग की भी बात कही। रेड्डी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर विद्युत उपलब्ध कराने की भी बात कही। उन्होंने खनन क्षेत्रों में बढ़ रहे यातायात के दबाव एवं नागरिक सुरक्षा को देखते हुए कोयला परिवहन के लिए बनाए जा रहे डेडिकेटेड कोल कॉरिडोर की प्रगति की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री के सचिव और खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा संचालित खनन गतिविधियों एवं नीतियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खनिज संसाधनों के समुचित दोहन एवं प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों का बेहतर समन्वय करते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 28 प्रकार के खनिज मौजूद हैं। हमारा राज्य देश के कुल क्षेत्रफल का मात्र 4% होने के बावजूद राष्ट्रीय खनिज उत्पादन मूल्य में 17% से अधिक का योगदान देता है और खनिज उत्पादक राज्यों में द्वितीय स्थान पर है। खनिज राजस्व और अन्वेषण में ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने लगभग 14,195 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित किया है, जो प्रदेश की कुल आय का 23% और जीएसडीपी का 11% है। राज्य ने ई-नीलामी के माध्यम से 48 मुख्य खनिज ब्लॉक्स का सफलतापूर्वक आवंटन किया है। उन्होंने कहा कि 2024-25 की 56 अन्वेषण परियोजनाओं में से 32 सामरिक, क्रिटिकल व डीप सीटेड खनिजों के लिए हैं। पिछले वर्षों में ई-नीलामी के माध्यम से ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट,निकल-क्रोमियम-पीजीआई, गोल्ड जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के 10 ब्लॉक्स आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश का पहला लिथियम ब्लॉक कटघोरा में सफलतापूर्वक आवंटित हुआ है, जो ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है और यह हमारे राज्य की क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद ने बताया कि खनिज ऑनलाइन पोर्टल, क्लाउड बेस्ड व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी पहल से पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की गई है। वहीं गौण खनिजों के लिए स्टार रेटिंग प्रणाली, वैज्ञानिक पद्धति से माइनिंग और पर्यावरण सुरक्षा के साथ सतत खनन को बल मिला है। उन्होंने बताया कि पूर्व खदानों के पुनर्विकास जैसे विश्रामपुर में केनपारा ईको टूरिज्म और जामुल में किन्नू गार्डन के प्रकल्प इस दिशा में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने बताया कि खनिज विकास निधि से प्रदेश के खनिज बाहुल्य अंदरूनी क्षेत्रों में रेल पथ निर्माण हेतु 720 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं परिवहन ढांचे को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि डीएमएफ पोर्टल के माध्यम से 33 जिलों में 15 हजार करोड़ से अधिक की राशि से खनन प्रभावित क्षेत्रों का समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने सौंपे लिथियम ब्लॉक के कंपोजिट लाइसेंस और लौह अयस्क ब्लॉक्स के प्रीफर्ड बिडर … Read more

ज्योतिबा फुले ने अपना पूरा जीवन शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि महान शिक्षाविद् समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले ने अपना पूरा जीवन शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने नारी शिक्षा, किसानों के अधिकार और सामाजिक न्याय के लिए अलख जगाई। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले जी के दिखाए रास्ते पर चलते हुए राज्य सरकार राजस्थान को कृषक-कल्याणकारी राज्य बनाने के लिए कृतसंकल्पित है। शर्मा शुक्रवार को मुहाना मंडी परिसर में ज्योतिबा फुले की 198वीं जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जयंती समारोह नहीं बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ज्योतिबा फुले जी ने भारतीय समाज को एक नई दिशा दी, अंधेरे में प्रकाश का दीप जलाया और उत्पीड़ित वर्गों को सम्मान व समानता का अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी सोच केवल एक समय की नहीं थी, बल्कि वह विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। ज्योतिबा फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में जगाई अलख मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा से ही अज्ञानता के अंधेरे को मिटाया जा सकता है और समाज को सशक्त बनाया जा सकता है। ज्योतिबा ने शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाते हुए अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले जी के साथ मिलकर पुणे में लड़कियों के लिए पहला स्कूल शुरू किया। सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में इतिहास में दर्ज हुईं। श्री शर्मा ने कहा कि उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समाज में फैली जातिगत असमानता को दूर करने, सत्य की खोज और मानवता की सेवा का संदेश दिया। गरीब, युवा, महिला और किसान का उत्थान हमारी प्राथमिकता शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को आधार मानकर चार जातियां- गरीब, युवा, महिला और किसानों का उत्थान सुनिश्चित कर रही है। राज्य सरकार ने इसी बजट में 5 हजार गांवों को बीपीएल मुक्त करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में पारदर्शिता तथा पेपरलीक के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई से युवाओं को राहत दी गई है। हम किसानों को पानी, ऋण वितरण तथा उन्नत तकनीकों के माध्यम से सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार ने जो भी वादे किए हैं हम उनको पूरा करेंगे। अन्नदाता किसानों के उत्थान के लिए राज्य सरकार ने लिए कई निर्णय मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्योतिबा फुले के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार ने फल-सब्जी व्यापारियों और बागवानी करने वाले किसानों के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जिनका लाभ आने वाले वर्षों तक प्रदेश को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश में नई कृषि मंडियों की स्थापना से किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने और स्थानीय स्तर पर विपणन की सुविधा देने का कार्य कर रहे हैं। साथ ही, जयपुर के जमवारामगढ़ में फूल मंडी, जहाजपुर और शाहपुरा नगर पालिका में फल एवं सब्जी मंडी सहित राज्यभर में विभिन्न मंडियों का निर्माण, प्याज भंडारण संरचना निर्माण हेतु 2,500 किसानों को 22 करोड़ रुपये की सब्सिडी, 3 हजार प्याज भंडारगृहों के निर्माण हेतु 26 करोड़ रुपये का अनुदान सहित विभिन्न कार्य राज्य सरकार द्वारा कराए जा रहे हैं। किसानों को तकनीकी रूप से बना रहे सशक्त शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल मंडियों तक सीमित नहीं है, बल्कि हम किसानों को तकनीकी रूप से भी सशक्त बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की क्षमता वृद्धि और ज्ञानवर्धन के लिए नॉलेज प्रोग्राम के तहत प्रथम चरण में 100 प्रगतिशील युवा किसानों को इजरायल सहित अन्य देशों में और 5 हजार युवाओं को भारत के विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि 10 एग्रो क्लाइमेटिक जोन में 2-2 क्लस्टर विकसित करना, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संख्या को बढ़ाकर 18 करने जैसे कार्याें से राज्य सरकार किसानों को कौशल प्रशिक्षण देकर तकनीकी रूप से उन्नत कर रही है। recent visitors 40

अमित शाह ने कहा- AIADMK और भाजपा के नेताओं ने मिलकर तय किया है कि एक साथ लड़ेंगे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव

चेन्नई तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा फेरबदल होते हुए नजर आ रहा है.भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को पद से हटाए जाने के तुरंत बाद, राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी AIADMK (अन्नाद्रमुक) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में वापसी का ऐलान भी हो गया है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "आज AIADMK और भाजपा के नेताओं ने मिलकर तय किया है कि आने वाला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव AIADMK, भाजपा और सभी साथी दल मिलकर NDA के रूप में एक साथ लड़ेंगे तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए गठबंधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "ये चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और राज्य स्तर पर AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़े जाएंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, NEET और परिसीमन का मुद्दा ये(विपक्ष) लोग ध्यान भटकाने के लिए खड़ा कर रहे हैं। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए NDA गठबंधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, AIADMK की कोई शर्त और मांग नहीं है… AIADMK के आंतरिक मामलों में हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होगा… यह गठबंधन NDA और AIADMK दोनों के लिए फायदेमंद होने वाला है। शाह ने कहा, "हम जनता के असली मुद्दों को लेकर जनता के बीच में जाएंगे और मैं मानता हूं कि तमिलनाडु की जनता असली मुद्दों को जानती है और DMK से जवाब भी चाहती है. recent visitors 51

रतलाम में बैनर लगाकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को बताया गद्दार, भाजयुमो जिलाध्यक्ष पर एफआईआर की मांग

रतलाम प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह का फोटो लगा बैनर लगाकर वक्फ बिल के विरोध में वोटिंग करने पर वतन, धर्म व पूवर्जों का गद्दार बताने को लेकर शहर की राजनीति गरमा गई है। वक्फ बिल का विरोध करने को लेकर यह बैनर गुरुवार रात शहर के दो बत्ती चौराहे स्थित एक भवन पर लगाया गया था। कुछ ही देर में इसका फोटों सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। कुछ समय बाद किसी ने बैनर हटा दिया। शुक्रवार दोपहर कांग्रेस ने स्टेशन रोड थाने पर प्रदर्शन व धरना देकर भाजयुमो के जिलाध्यक्ष विपल्व जैन व अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर की मांग की।   यह था पूरा मामला दोपहर करीब सवा बारह बजे सैलाना के पूर्व विधायक हर्षविजय गेहलोत, शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, पारस सकलेचा, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शांतिलाल वर्मा, उप नेता प्रतिपक्ष कमरूद्दीन कछवाय, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की महासचिव यास्मीन शेरानी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम चाहर, शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष सैयद वुसत जैदी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता स्टेशन रोड था परिसर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद टीआई स्वराज डाबी को भाजयुमो जिलाध्यक्ष के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के लिए ज्ञापन सौंपा। जांच कर कार्रवाई करने की बात कहने पपर कांग्रेसजन नाराज हो गए और तत्काल प्रकरण दर्ज करने की मांग करते हुए थाने के गेट के सामने धरने पर बैठकर नारेबाजी करते करने लगे। दोपहर करीब डेढ़ बजे सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया। प्रदर्शन में पार्षद नासिर कुरैशी, वहीद शेरानी, कांग्रेस नेता रजनीकांत व्यास, राजीव रावत, ब्लाक अध्यक्ष बसंत पंडया, वीरेंद्र प्रतापसिंह, सोहेल काजी, गणेश यादव, जोएब आरिफ, इक्का बेलूत आदि भी शामिल थे। प्रकरण दर्ज नहीं होने पर मुख्यमंत्री का पूतला फूंका जाएगा भाजपा तानाशाही कर रही है। भाजयुमो के जिलाध्यक्ष विप्लव जैन ने बैनर लगाए हैं। हमने पुलिस को प्रमाण दिए हैं। कल तक एफआईआर नहीं होती है तो फिर सड़क पर उतरेंगे। ज्ञापन में कहा गया है कि भाजयुमो जिलाध्यक्ष द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ जो बैनर लगाया गया है, उसकी भाषा अपराध की श्रेणी में आती है। जिन्होंने विरोध किया, उन सबके बैनर जाएंगे भाजयुमो के जिलाध्यक्ष विप्लव जैन ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह का इतिहास उठाकर देखोगे तो राजा-महाराज के समय से वो व उनका परिवार गद्दार ही रहा है। बात कांग्रेस की जाए तो उसने सिर्फ मुस्लिमों को वोट बैंक माना है। उनकी स्थिति में कैसे सुधार हो, उन्हें शिक्षा व स्वास्थ्य का अधिकार मिले, उनकी चिंता नहीं की। आज भाजपा उनकी चिंता कर रही है। अच्छी पहल के साथ वक्फ बिल पास किया गया है। विरोध करने वाले बेनकाब होना चाहिए। दिग्विजय सिंह प्रदेश के नेता है, इसलिए प्रदेश में उनके बैनर लगाए है। जहां-जहां जिन लोगों ने बिल का विरोध किया है, वहां-वहां उनके बैनर लगाए जाएगे।   recent visitors 40