Sunday, July 5, 2026 6:38 am

कुर्क संपत्तियों पर कब्जा लेने के लिए नोटिस जारी, नेशनल हेराल्ड केस में ईडी का बड़ा ऐक्शन

नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 661 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति पर कब्जे के लिए नोटिस जारी किया है, जिसे उसने कांग्रेस नियंत्रित ‘एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड’ (AJL) के खिलाफ धन शोधन मामले की जांच में कुर्क किया था। संघीय जांच एजेंसी ने बयान में कहा कि उसने शुक्रवार को दिल्ली में आईटीओ स्थित हेराल्ड हाउस, मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित परिसर और लखनऊ में बिशेश्वर नाथ मार्ग स्थित एजेएल बिल्डिंग पर ये नोटिस चस्पा किए हैं। नोटिस में परिसर खाली करने या मुंबई की संपत्ति के मामले में किराए को ईडी को सौंपने के लिए कहा गया है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा (8) और नियम 5(1) के तहत यह कार्रवाई की गई है, जो ईडी की ओर से कुर्क की गई और अथॉरिटी से पुष्टि की गई संपत्तियों पर कब्जे की प्रक्रिया का प्रावधान करता है। इन अचल संपत्तियों को ईडी ने नवंबर 2023 में कुर्क किया था। प्रवर्तन निदेशालय का मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला एजेएल और यंग इंडियन के खिलाफ है। नेशनल हेराल्ड एजेएल की ओर से प्रकाशित किया जाता है और इसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ के पास है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी ‘यंग इंडियन’ के प्रमुख शेयरधारक हैं और उनमें प्रत्येक के पास 38 प्रतिशत शेयर हैं। ईडी का आरोप है कि यंग इंडियन और एजेएल की संपत्तियों का इस्तेमाल 18 करोड़ रुपये के फर्जी दान, 38 करोड़ रुपये के फर्जी अग्रिम किराए और 29 करोड़ रुपये के फर्जी विज्ञापनों के रूप में अपराध की आय अर्जित करने के लिए किया गया। बता दें कि नेशनल हेराल्ड अखबार 1938 में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने शुरू किया था। AJL की ओर से यह प्रकाशित होता था। 2010 में YIL नामक कंपनी बनी, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी की 38-38% हिस्सेदारी थी। आरोप है कि YIL ने AJL की 90 करोड़ रुपये की देनदारी को मात्र 50 लाख रुपये में हासिल कर लिया और AJL की संपत्तियों (जिनकी कीमत करोड़ों में थी) पर नियंत्रण कर लिया। recent visitors 44

ऋतिक रोशन ने की ‘द लास्ट फाइव इयर्स’ में निक जोनास की तारीफ, इंस्टाग्राम पर शेयर की तस्वीर

मुंबई,  बॉलीवुड स्टार ऋतिक रोशन ने निक जोनास का प्ले ‘द लास्ट फाइव इयर्स’ देखी। अभिनेता ने कहा कि वह यह सोचकर गए थे कि यह दोस्तों के साथ एक मजेदार रात होगी और जब वह बाहर आए तो उनके होश उड़ गए। ऋतिक अपनी गर्लफ्रेंड सबा आजाद और अभिनेत्री प्रियंका के साथ निक के शो को देखने के लिए पहुंचे। उन्होंने इंस्टाग्राम पर सबा, प्रियंका, निक, अभिनेत्री एड्रिएन वॉरेन और निर्देशक व्हिटनी व्हाइट के साथ पोज देते हुए एक तस्वीर भी शेयर की। अभिनेता ने लिखा, “हम यह सोचकर गए थे कि यह दोस्तों के साथ एक मजेदार रात होगी और जब हम बाहर निकले तो हम कुछ ऐसा महसूस कर रहे थे, जैसा इससे पहले कभी नहीं हुआ। ‘द लास्ट फाइव इयर्स’ देख कर एक अविस्मरणीय अनुभव मिला। निक जोनास की तारीफ में उन्होंने लिखा कि आप बस अविश्वसनीय हैं। आपका क्या प्रदर्शन था। अभिनेत्री एड्रिएन वॉरेन शानदार हैं। वाह इतना अद्भुत शो।” अभिनेता ने अपनी को-स्टार प्रियंका चोपड़ा को इस शानदार आयोजन के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने शो के निर्देशक व्हिटनी व्हाइट को भी धन्यवाद किया। फिल्म ‘वॉर’ के अभिनेता ने ड्रामा से निक और एड्रिएन की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं। प्रियंका ‘कृष 4’ में ऋतिक के साथ अभिनय करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दोनों ने पहले “कृष”, “कृष 3” और “अग्निपथ” जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। एक सूत्र ने कहा, “कृष 4 के लिए उत्साह हर गुजरते दिन के साथ बढ़ रहा है, और यह प्रोजेक्ट अभी फ्लोर पर भी नहीं आया है। यह यकीनन बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है, और लगता है कि ऋतिक के पास इसे भारतीय सिनेमा में अब तक की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बनाने की योजना है।” इसे बहुत बड़ी खबर बताते हुए सूत्र ने कहा, “यह बहुत बड़ी खबर है कि ऋतिक रोशन ने फिल्म में प्रियंका चोपड़ा जोनास को शामिल किया है। ऋतिक और प्रियंका भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे पसंदीदा ऑनस्क्रीन जोड़ियों में से एक हैं और वे कृष 4 में फिर से दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए वापस आ रहे हैं।” फिल्म निर्माता राकेश रोशन ने ‘कृष 4’ के साथ ऋतिक रोशन के निर्देशन की घोषणा की। उन्होंने उस फ्रेंचाइजी की कमान संभाली, जिसे उन्होंने पिछले 22 वर्षों में आकार दिया और विकसित किया। इस फिल्म का निर्माण यशराज फिल्म्स और राकेश रोशन द्वारा किया जाएगा। भारतीय सुपरस्टार ऋतिक रोशन इस फिल्म में निर्देशन और अभिनय दोनों ही क्षेत्रों में काम करेंगे, क्योंकि वह इस फ्रेंचाइजी में सुपरहीरो की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म की शूटिंग अगले साल की शुरुआत में शुरू होने वाली है।   recent visitors 34

छत्तीसगढ़ : दंतेवाड़ा में नक्सल उन्मूलन के तहत चल रहे लोन वर्राटू अभियान का असर, 8 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 2 नक्सली 50 हजार के ईनामी

दंतेवाड़ा  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सल उन्मूलन के तहत चल रहे लोन वर्राटू अभियान का असर एक बार फिर देखने को मिला है। इस अभियान से प्रेरित होकर आठ नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए सरेंडर किया है। इन नक्सलियों में दो ऐसे भी शामिल हैं, जिन पर प्रशासन ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसपी ऑफिस में किया सरेंडर ये सभी नक्सली विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय थे और लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए थे। इन्होंने दंतेवाड़ा स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया। इस दौरान पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीआरपीएफ की भूमिका  इस सफलता में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की भूमिका को अहम माना जा रहा है। सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई, जनसंपर्क और पुनर्वास नीतियों के चलते नक्सलियों में संगठन छोड़ने की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है। बता दें, सरेंडर करने वाले नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत जरूरी सहायता दी जाएगी और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कदम नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। एनकाउंटर में 3 नक्सलियों की मौत छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों की सीमा पर शनिवार की सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। यह मुठभेड़ सुबह करीब 7 बजे शुरू हुई, जो रुक-रुककर अभी भी जारी है। इस दौरान तीन नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आई है। हथियार के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार देगी लाखों रूपए, एलएमजी के बदले 5 लाख और एके-47 पर 4 लाख रुपये छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत-पुनर्वास नीति 2025” को लागू करना वास्तव में छत्तीसगढ़ सरकार की राज्य में शांति बहाली, विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि जो हथियार छोड़ेंगे, उन्हें भय नहीं, बल्कि सम्मान मिलेगा। वर्षों से जंगल-जंगल भटक रहे युवा, जो किसी भ्रम या दबाववश नक्सली संगठन में शामिल हो गए हैं, उनके लिए यह नीति एक नया जीवन शुरू करने का द्वार है। आत्मसमर्पण कर वे न केवल खुद का, बल्कि अपने परिवार और समाज का भविष्य भी सुरक्षित कर सकते हैं। नई नीति में हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार ने लाखों रूपए की मुआवजा राशि देने का प्रावधान किया है। एलएमजी के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को 5 लाख रुपये मुआवजा के तौर मिलेगा। इसी तरह एके-47/त्रिची असॉल्ट रायफल पर 4 लाख रुपये, मोर्टार पर 2.50 लाख रुपये, एसएलआर/ इंसास रायफल पर 2 लाख रुपये, एक्स 95 असाल्ट रायफल/एमपी-9 टेक्टिल पर 1.50 लाख रूपए, थ्री नाट थ्री रायफल पर 1 लाख रूपए, एक्स-कैलिबर पर 75 हजार रूपए, और यूबीजीएल अटेचमेंट पर 40 हजार रूपए, 315/12 बोर बंदुक पर 30 हजार रूपए, ग्लॉक पिस्टल पर 30 हजार रूपए के साथ ही अन्य छोटे हथियारों जैसे कार्बाइन, रिवॉल्वर, वायरलेस, डेटोनेटर आदि पर भी मुआवजा राशि का प्रावधान है। हर आत्मसमर्पणकर्ता नक्सली को, भले ही उसके पास हथियार हों या न हों, उसे 50 हजार रूपए की नगद प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यदि कोई आत्मसमर्पित नक्सली, नक्सलियों द्वारा छिपाए गए आईईडी या विस्फोटकों की सूचना देकर उन्हें बरामद कराता है, तो उसे 15,000 से 25,000 तक की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। बड़े हथियार डंप या विस्फोटक सामग्री की जानकारी देने पर एक लाख तक का इनाम मिलेगा। आत्मसमर्पणकर्ता यदि विवाह करने के इच्छुक हैं तो उसको एक लाख की विवाह अनुदान राशि भी दी जाएगी। यदि पति और पत्नी दोनों आत्मसमर्पित नक्सली हैं, तो उन्हें एक इकाई मानते हुए यह लाभ दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित इनामी सूची में शामिल नक्सली के आत्मसमर्पण पर उन्हें पूरी इनामी राशि नियमों के अनुसार प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की इस नीति के साथ-साथ भारत सरकार की पुनर्वास योजनाओं का लाभ भी आत्मसमर्पित नक्सलियों को मिलेगा। इस नीति में यह सुनिश्चित किया गया है कि उन्हें समाज में दोबारा स्थापित होने के लिए हरसंभव मदद मिले। आत्मसमर्पणकर्ता को सिर्फ प्रोत्साहन राशि, मुआवजा, ईनाम ही न मिले बल्किे उसे इसके साथ शिक्षा, पसंद के अनुसार रोजगार-व्यवसाय के लिए कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सम्मान भी मिेले। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि हिंसा किसी समाधान का रास्ता नहीं है। हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के सुरक्षित भविष्य और स्वरोजगार के लिए हमारी सरकार हरसंभव मदद देगी।   recent visitors 39

बागसेवनिया क्षेत्र में 55 वर्षीय वृद्ध ने पत्नी और लिव-इन पार्टनर को लेकर विवाद के बीच जहर खाकर की खुदकुशी

भोपाल राजधानी के बागसेवनिया क्षेत्र में 55 वर्षीय वृद्ध ने पत्नी और लिव-इन पार्टनर को लेकर विवाद के बीच जहर खाकर खुदकुशी कर ली। वृद्ध ने गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात लिव-इन पार्टनर के घर फिनायल की गोलियां खा ली थीं। तबीयत बिगड़ने पर लिव-इन पार्टनर अस्पताल ले गई, जहां कुछ देर इलाज के बाद मौत हो गई। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। हालांकि स्वजनों के बयान के आधार पर पुलिस इसे लिव-इन पार्टनर और पत्नी के बीच के विवाद को वजह मानते हुए मर्ग जांच कर रही है।   महिला के साथ लिवइन में रहता था राजू एसआइ मुकेश स्थापक के अनुसार 55 वर्षीय राजू जाधव हबीबगंज क्षेत्र में परिवार के साथ रहता था। वह प्राइवेट स्कूल की बस में कंडेक्टरी करता था। पिछले कुछ वर्षों से उसका बागसेवनिया के अमराई में रहने वाली एक महिला से संबंध था। वह महिला के साथ भी लिवइन में रहता था। बेटियों ने लिव-इन पार्टनर पर लगाया गंभीर आरोप राजू की तीन बेटियां और पत्नी उसके दूसरी महिला से संबंधों को लेकर नाराज थीं। उनके बीच अक्सर इसी बात को लेकर विवाद होता था। गुरुवार-शुक्रवार की रात उसने अमरई में फिनायल की गोलियां गटक ली थीं, जिससे मौत हो गई। राजू की बेटियों ने लिव-इन पार्टनर पर जहर देने का आरोप लगाया है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। recent visitors 29

ट्रंप प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, आज आखिरी दिन, रजिस्टर हो या भुगतो

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन यूएस में रहने वाले विदेश नागरिकों पर और सख्ती बरतने जा रहा है। अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने के अपने अभियान के तहत अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के सचिव क्रिस्टी नोएम ने 30 दिनों से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे लोगों को एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत खुद को रजिस्टर कराने का कहा है। उन्होंने अवैध रूप से रह रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि 11 अप्रैल रजिस्टर कराने की आखिरी तारीख है। अगर वह आदेश को नहीं मानते हैं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। इससे पहले अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने विदेशी नागरिकों के लिए एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा था कि ऐसे सभी विदेशी नागरिकों, जो 30 दिन से ज्यादा समय से अमेरिका में रह रहे हैं उन्हें सरकार के साथ एलियन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो इसे अपराध माना जाएगा और कानून के अनुसार इसके लिए उन पर जुर्माना या जेल भेजा जा सकता है। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर उनका वीजा रद्द कर उन्हें डिपोर्ट भी किया जा सकता है। नोएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और मेरे पास अमेरिका में रह रहे सभी अवैध प्रवासियों के लिए बस एक ही संदेश है कि अभी चले जाओ.. यदि आप अभी चले जाते हैं तो आपको वापस लौटने और अपनी स्वतंत्रता आनंद लेने के साथ-साथ अमेरिकी सपने को जीने का एक नया अवसर मिल सकता है। अगर नहीं, तो यकीन मानिए आपको गिरफ्तार किया जाएगा, जुर्माना लगाया जाएगा, निर्वासित किया जाएगा और आप फिर कभी भी हमारे देश में वापस नहीं आ पाएंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने भी नोएम की बात को दोहराते हुए कहा कि आज आखिरी दिन है। राष्ट्रपति ट्रंप और नोएम पहले ही अपनी बात को साफ कर चुके हैं। सभी लोगों को 11 अप्रैल तक अपने आप को सरकार के साथ एलियन रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्टर करा लेना चाहिए नहीं तो.. इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। लैविट के मुताबिक 11 अप्रैल या उसके बाद आने वाले लोगों को आगामी 30 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। वैध रूप से रह रहे भारतीयों पर क्या होगा असर? अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी रह रहे हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग अमेरिका में वैध वीजा लेकर प्रवेश करते हैं उनके पास ग्रीन कार्ड, रोजगार दस्तावेज, बॉर्डर पार करने का कार्ड या l-94 रिकॉर्ड होता है। ऐसे में वह पहले से ही सरकार के साथ पंजीकृत हैं उन्हें इस प्रक्रिया से कोई फर्क नहीं पडेगा। हालांकि ट्र्ंप प्रशासन के मुताबिक ऐसे लोगों को चौबीसों घंटे अपने साथ अपने ऐसे दस्तावेज रखने होंगे। इतना ही नहीं ऐसे नागरिकों के बच्चों को भी अपने 14वें जन्मदिन के 30 दिनों के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन कराना और अपने फिंगरप्रिंट देने होंगे। recent visitors 68

फिल्म डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की बायोपिक का नया पोस्टर रिलीज

मुंबई  फिल्म निर्माता अभिषेक अग्रवाल के जन्मदिन के खास मौके पर, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर आधारित बहुप्रतीक्षित बायोपिक फिल्म के निर्माताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और फिल्म का एक बेहद प्रभावशाली नया पोस्टर जारी किया है। यह फिल्म डॉ. कलाम के असाधारण जीवन को बड़े पर्दे पर लाने जा रही है। अभिषेक अग्रवाल और ए.के. एंटरटेनमेंटस द्वारा निर्मित यह फिल्म ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इंटरनेशनल फाउंडेशन के सहयोग से बनाई जा रही है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भारत के इस प्रिय और सम्मानित व्यक्तित्व को पूरी सच्चाई और गरिमा के साथ प्रस्तुत किया जाए।  वर्ष 2025 में रिलीज के लिए निर्धारित इस फिल्म में जनता के राष्ट्रपति के नाम से प्रसिद्ध डॉ. कलाम की विरासत उनका ज्ञान उनकी विनम्रता और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा भावना को दिल से दर्शाने का वादा किया गया है। recent visitors 36

राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी शिक्षकों के 6297 पदों को भरने की मंजूरी दी, र्ती इसी महीने होगी शुरू

शिमला नियम व विवादों की उधेड़बुन में फंसी प्री प्राइमरी शिक्षक भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी शिक्षकों के 6297 पदों को भरने की मंजूरी दे दी है। प्री नर्सरी कक्षाओं वाले स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों को सरकार ने प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षक का पदनाम दिया है। इसी महीने इसके लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। भर्तियों को लेकर अब कोई विवाद नहीं हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक निगम के माध्यम से यह भर्तियां की जाएगी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में बीते रोज आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में भर्तियों के मामले पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि भर्तियों को लेकर कोर्ट ने जो रोक लगाई थी वह हट गई है। अब इसमें कोई विवाद नहीं है। इलेक्ट्रानिक निगम ने बताया कि कंपनियों का चयन कर लिया गया है। विभाग से अधिकारिक आदेश आने का इंतजार है। आदेश आते ही वह इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर देंगे। शिक्षा मंत्री ने प्रक्रिया शुरू कराने के दिए निर्देश  शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली को निर्देश दिए हैं कि इसके लिए प्रक्रिया जल्द शुरू करवाए। अब प्रारंभिक शिक्षा विभाग स्कूल वाइज वैकेंसी देगा। बुधवार को सरकारी अवकाश खत्म होते ही इसके लिए फाइल मूवमेंट शुरू हो जाएगी। इस महीने के अंतिम सप्ताह तक इसके लिए आवेदन मांग लिए जाएंगे। हालांकि यह भर्तियां कंपनियों के माध्यम से ही करवाई जाएगी। दो साल का डिप्लोमा होगा अनिवार्य इस भर्ती में नर्सरी टीचर एजुकेशन डिप्लोमा, प्री स्कूल एजुकेशन या अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन प्रोग्राम में दो साल का डिप्लोमा जरूरी है। यह डिप्लोमा नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन से मान्यता प्राप्त संस्थान से हासिल किया हुआ होना चाहिए। आवेदकों के डिप्लोमा और अन्य कागजातों की जांच स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डिवेलपमेंट कारपोरेशन करेगा। जो भी शिक्षक नियुक्त होंगे, प्रारंभिक शिक्षा विभाग पर उनका कोई दायित्व नहीं होगा। 12वीं कक्षा में 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए योग्यता अंकों में पांच प्रतिशत की छूट रहेगी। 21 से 45 वर्ष की आयु वाले इसके लिए पात्र होंगे। उम्मीदवारों को वास्तविक हिमाचली होना आवश्यक रहेगा। जयराम सरकार में शुरू हुई थी प्रक्रिया, विवादों में फंसी रही पूर्व जयराम सरकार ने इसके लिए सबसे पहले भर्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। मामला विवादों में उलझ गया। उसके बाद चुनावी आचार संहित लगने के चलते प्रक्रिया रूक गई। सत्ता परिवर्तन के बाद नए सिरे से प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन मामला कोर्ट पहुंचा और प्रक्रिया रोकनी पड़ी। 10 हजार होगा पारिश्रमिक, बिना सरकार की अनुमति के नहीं निकाले जा सकेंगे विद्यालयवार रिक्तियां प्रारंभिक शिक्षा निदेशक निर्धारित करेंगे। करों और सेवा प्रदाता शुल्क सहित 10 हजार का मासिक पारिश्रमिक तय किया गया है। इसमें एजेंसी चार्जेज, जीएसटी, अन्य खर्च भी शामिल हैं। प्रत्येक जिले में प्राथमिक शिक्षा के उपनिदेशक के समग्र नियंत्रण में रहते हुए प्रशिक्षक स्कूल के सबसे वरिष्ठ शिक्षक की देखरेख में काम करेंगे। सरकार की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षक को वियोजन से मुक्त नहीं किया जा सकेगा। नामांकन भिन्नता या प्रशासनिक कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक के परामर्श से स्थानांतरण हो सकेंगे। recent visitors 40