जी5 ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ फिल्म कोस्टाओ की घोषणा की

मुंबई,  ओटीटी प्लेटफार्म, जी5 ने बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ अपनी नयी फिल्म कोस्टाओ की घोषणा की है। सेजल शाह द्वारा निर्देशित और विनोद भानुशाली द्वारा निर्मित, कोस्टाओ एक हाई-ऑक्टेन क्राइम ड्रामा है, जो गोवा के सबसे बड़े तस्कर से लोहा लेने वाले मेवरिक कस्टम अधिकारी के जीवन से प्रेरित है। जी5 अपनी नयी फिल्म, कोस्टाओ के साथ इतिहास के एक अनकहे अध्याय को उजागर करने के लिए तैयार है, जिसमें नवाजुद्दीन सिद्दीकी मुख्य भूमिका में हैं। विनोद भानुशाली, कमलेश भानुशाली, भावेश मंडालिया, सेजल शाह, श्याम सुंदर और फैजुद्दीन सिद्दीकी द्वारा निर्मित, कोस्टाओ एक निडर कस्टम अधिकारी की अविश्वसनीय कहानी से प्रेरित है। बॉम्बे फेबल्स मोशन पिक्चर्स के सहयोग से भानुशाली स्टूडियोज लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत, कॉस्टाओ ईमानदारी, साहस और व्यक्तिगत बलिदान की एक मनोरंजक कहानी है। गोवा के एक सिद्धांतवादी कस्टम अधिकारी, श्री कॉस्टाओ फर्नांडीस के जीवन के अनुभवों से प्रेरित, यह फिल्म 1990 के दशक में उनके साहसी एकल मिशन का अनुसरण करती है, जिसने भारत में सोने की तस्करी के सबसे बड़े प्रयास को सफलतापूर्वक विफल कर दिया। फिर भी, सच्ची वीरता अक्सर भारी कीमत चुकाती है।   recent visitors 42

लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटन्स को चटाई धूल, पूरन और मारक्रम दोनों ने दमदार अर्धशतक जड़े

लखनऊ लखनऊ सुपर जायंट्स वर्सेस गुजरात टाइटन्स मैच लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस मैच को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 6 विकेट से जीता। निकोलस पूरन और एडेन मारक्रम ने अपना पराक्रम दिखाया और टीम को जीत दिलाई। दोनों ने दमदार अर्धशतक जड़े। हालांकि, मैच आखिरी ओवर तक गया, लेकिन नतीजा तीसरी गेंद पर ही निकल आया, क्योंकि 6 रनों की दरकार आखिरी ओवर में थी, जिसे साई किशोर ने फेंका। इस मुकाबले में लखनऊ की टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। हालांकि, उनका ये फैसला सही साबित नहीं हुआ, क्योंकि गुजरात को इस मैच में अच्छी शुरुआत मिली। स्कोर 100 के पार हो गया था, लेकिन कोई विकेट नहीं गिरा था। हालांकि, बीच में कुछ विकेट मिले और थोड़ी सी रनों पर लगाम लगी। बावजूद इसके अच्छे स्कोर तक गुजरात पहुंचने में सफल रही। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने अर्धशतक जड़े। रवि बिश्नोई और शार्दुल ठाकुर ने 2-2 विकेट निकाले। हालांकि, निकोलस पूरन और एडेन मारक्रम के तूफानी अर्धशतकों के दम पर लखनऊ ने इस मुकाबले को 6 विकेट से जीत लिया। recent visitors 48

सीएम रेखा गुप्ता ने हनुमान जयंती के अवसर पर झुग्गीवालों और कंस्ट्रक्शन वर्करों के लिए करेंगी 100 करोड़ की योजना

नई दिल्ली दिल्ली के झुग्गीवालों और कंस्ट्रक्शन वर्करों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेखा गुप्ता सरकार उनके लिए 100 करोड़ रुपए की योजना शुरू करने जा रही है। इसका मकसद है कि कोई भी भूखा नहीं रहे। सीएम रेखा गुप्ता ने हनुमान जयंती के अवसर पर अपने शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र में एक मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी सरकार का कर्तव्य है कि शहर में कोई भी भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार झुग्गी बस्तियों और निर्माण स्थलों के पास 100 अटल कैंटीन खोलने की योजना बना रही है। सीएम ने हनुमान जयंती के अवसर पर अपने शालीमार बाग निर्वाचन क्षेत्र में एक मंदिर में भगवान हनुमान की पूजा अर्चना की। इस दौरान उन्होंने एक स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन का उद्घाटन किया जो एक घंटे में 1200 रोटियां बना सकती है। उन्होंने कहा कि हमें 100 अटल कैंटीन खोलनी हैं, ताकि दिल्ली में कोई भी भूखा न रहे। हम झुग्गी-झोपड़ियों और निर्माण स्थलों के पास ये कैंटीन खोलने की योजना बना रहे हैं, जहां भोजन उपलब्ध कराने के लिए ऐसी स्वचालित मशीनें लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने इससे पहले मार्च में दिल्ली का 2025-26 का बजट पेश किया था, जिसमें शहर में अटल कैंटीन खोलने के लिए 100 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे। अटल कैंटीन में गरीबों और जरूरतमंदों को मामूली शुल्क पर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर अटल कैंटीन कई अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी चलाए जा रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि शालीमारबाग स्थित सिद्ध कात्यायनी देवी मंदिर में स्वचालित रोटी बनाने वाली मशीन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट उपलब्ध कराकर रोजाना 'अन्न सेवा' चलाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि यह सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास की दृष्टि से गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने में समाज को साथ लेने का कदम है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि अगर समाज आगे बढ़ेगा तो देश हर रोज कई कदम आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भगवान हनुमान से प्रार्थना की है कि वे 'विकसित दिल्ली' के लिए उनकी सरकार के प्रयासों को आशीर्वाद दें। कहा कि जब समाज के सभी वर्ग आगे आएंगे और अपनी भूमिका निभाएंगे तो चीजें सही दिशा में आगे बढ़ेंगी। सीएम ने करोल बाग स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए। गुप्ता ने कहा, "मैंने प्रार्थना की कि राक्षसी शक्तियां वापस अपने मूल स्थान पर लौट जाएं और दिल्ली के लिए काम करने की सकारात्मक ऊर्जा सभी में भर जाए।" उन्होंने कहा कि हमें एक बेहतर दिल्ली, एक स्वस्थ, शिक्षित और समृद्ध दिल्ली के लिए मिलकर काम करना होगा। हमारी सरकार भगवान हनुमान के आशीर्वाद से उस दिशा में काम करना जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने और दिल्ली की प्रगति के लिए काम करने में सक्षम होने के लिए भगवान हनुमान से आशीर्वाद भी मांगा। recent visitors 52

कुदरत बचाओ, कैरियर बनाओ

पर्यावरण सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कुदरत को बचाने की इस मुहिम के परिणामस्वरूप ग्रीन जॉब्स का एक बड़ा मार्केट खड़ा हो रहा है, जहां पे-पैकेज भी अच्छा है। क्या हैं ग्रीन जॉब्स और कैसे पा सकते हैं आप यहां एंट्री, बता रही हैं, शाश्वती। एक जमाना था जब छात्रों की प्राथमिकता की सूची में सबसे अंत में आता था पर्यावरण विज्ञान यानी इनवायर्नमेंटल साइंस। लेकिन अब इस सूची में यह ऊपर की ओर कदम बढ़ा रहा है। जलवायु परिवर्तन और उससे होने वाले खतरों के विषय में लगातार बढ़ रही जागरूकता और पार्यावरण को बचाने के लिए विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आंदोलनों के कारण अब छात्रों के बीच विषय के रूप में पर्यावरण विज्ञान की लोकप्रियता बढने लगी है। पर्यावरण विज्ञान के प्रति छात्रों की बढ़ रही रुचि का एक कारण यह भी है कि अब पर्यावरण से जुड़े फील्ड में नौकरी की संभावना भी काफी तेजी से बढ़ रही है। पर्यावरण के क्षेत्र से जुड़ी इन नौकरियों को ग्रीन जॉब्स का नाम दिया गया है। ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में प्रशिक्षित लोगों की मांग कितनी तेजी से बढ़ रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर, 2009 में दिल्ली में देश के पहले ग्रीन जॉब्स फेयर का आयोजन किया गया था। इस नौकरी मेले में देश-विदेश की 25 से ज्यादा कंपनियों ने भाग लिया था। क्या है ग्रीन जॉब्स पर, आखिर ग्रीन जॉब्स हैं क्या और ग्रीन जॉब्स की श्रेणी में कौन-सी नौकरियों को रखा गया है? पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली मुंबई स्थिति एनजीओ दी क्लाइमेट प्रोजेक्ट इंडिया के डायरेक्टर गौरव गुप्ता के अनुसार, ग्रीन जॉब्स, कार्य की ऐसी विधियां हैं, जहां पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए वस्तुओं का उत्पादन और उसका उपयोग किया जाता है। बिजली की बचत और सौर तथा पवन ऊर्जा आदि अधिक-से अधिक इस्तेमाल करने वाली बिल्डिंग का निर्माण करने वाला आर्किटेक्ट, वॉटर रीसाइकल सिस्टम लगाने वाला प्लंबर, विभिन्न कंपनियों में पर्यावरण के संरक्षण से संबंधित शोध कार्य और सलाह देने वाले लोग, ऊर्जा की खपत कम करने की दिशा में काम करने वाले विशेषज्ञ, पारिस्थितिकी तंत्र व जैव विविधता को कायम करने के गुर सिखाने वाले विशेषज्ञ, प्रदूषण की मात्रा और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने के तरीके बताने वाले एक्सपर्ट आदि के काम ग्रीन जॉब्स की श्रेणी में आते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो आने वाले वक्त में हर नौकरी में यह क्षमता होगी कि वह ग्रीन जॉब में तब्दील हो सके। इस सेक्टर में धीरे-धीरे विस्तार हो रहा है और साथ ही साथ नौकरी की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। यह सेक्टर प्रशिक्षित लोगों की मांग करता है और बदले में अच्छी सैलरी देता है। कई विशेषज्ञों की यह भी राय है कि जिस तरह सूचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक जमाने में भारी उछाल आया था, वैसा ही आने वाले वक्त में ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में होगा। भारत तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। हमारे यहां नए भवनों का निर्माण हो रहा है और ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है। आनेवाले समय में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नियम-कायदे और भी स्पष्टड्ढ व कड़े होंगे और पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ विकास के फॉर्मूले को हर जगह मान्यता मिलेगी। अन्य क्षेत्रों के अलावा कृषि के क्षेत्र में भी भारतीय और विदेशी कंपनियां भारत में रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना कर रही हैं। कृषि उत्पादन बढ़ाने और पारिस्थितिकी तंत्र को कम-से-कम नुकसान पहुंचाने की दिशा में लगातार शोध कार्य और निवेश हो रहे हैं। हर साल सिर्फ इन मांगों को पूरा करने के लिए 5000 प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होगी। आनेवाले समय में देश के सभी छह लाख गांवों को पानी और कचरा प्रबंधक की जरूरत होगी और इस जरूरत को पूरा करने के लिए 1.2 करोड़ प्रशिक्षित लोगों की जरूरत होगी। आप अगर ग्रीन जॉब्स कर रहे हैं, तो इसका मतलब यह है कि आप नौकरी के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कैसे करें शुरुआत सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश के आधार पर यूजीसी ने ग्रेजुएशन के स्तर पर इनवायर्नमेंटल स्टडीज को अनिवार्य बना दिया है। स्कूल और टेक्निकल पाठ्यक्रमों के स्तर पर यह जिम्मेदारी क्रमशः एनसीईआरटी और एआईसीटीई को सौंपी गई है। पर्यावरण विज्ञान बेसिक साइंस और सोशल साइंस दोनों का मिश्रित रूप है। रिसोर्स मैनेजमेंट और रिसोर्स टेक्नोलॉजी भी पर्यावरण विज्ञान का एक महत्वपूर्ण अंग है। पर्यावरण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में अपना कैरियर बनाने के लिए पढ़ाई बारहवीं के बाद शुरू की जा सकती है, पर इस स्तर पर संस्थानों की संख्या कम है। ग्रीन जॉब्स के क्षेत्र में बेहतर कैरियर बनाने के लिए पर्यावरण विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त करना आपके भविष्य के लिए अच्छा होगा। पर्यावरण से संबंधित नीतियों के निर्माण दिलचस्पी रखने वाले साधारण ग्रेजुएट के लिए भी यहां मौके हैं। जीव विज्ञान के साथ बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र ग्रेजुएशन के स्तर पर इनवायर्नमेंटल साइंस की पढ़ाई कर सकते हैं। फिजिकल साइंस, लाइफ साइंस, इंजीनियङ्क्षरग या मेडिकल साइंस आदि विज्ञान विषयों से ग्रेजुएशन करने के बाद इनवायर्नमेंटल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन करना बेहतर होगा। इनवायर्नमेंटल साइंस में बीटेक का कोर्स भी कई संस्थानों में उपलब्ध है। सेंटर फॉर साइंस ऐंड इनवायर्नमेंट, दिल्ली में पर्यावरण विज्ञान से जुड़े विषयों में इंटर्नशिप और सर्टिफिकेट कोर्स करवाया जाता है। देश में पर्यावरण विज्ञान को समर्पित दिल्ली स्थित एकमात्र संस्थान दी एनर्जी ऐंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट यानी टेरी में इनवायर्नमेंटल साइंस से संबंधित विषयों में पोस्ट-ग्रेजुएट और डॉक्टेरल स्तर के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती है। टेरी पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में स्कॉलरशिप भी देती है। इंडियन स्कूल ऑफ माइन्स, धनबाद में इनवायर्नमेंटल इंजीनियङ्क्षरग में बी-टेक की पढ़ाई होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम ऐंड एनर्जी स्टडीज, देहरादून में इनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में बीई का कोर्स उपलब्ध है। इग्नू में इनवायर्नमेंटल स्टडीज में छह माह का सर्टीफिकेट कोर्स उपलब्ध है। इसके अलावा कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ट्रेनिंग दे रही हैं। इनमें अल्मोड़ा स्थित गोविंद बल्लभ पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान, देहरादून स्थित इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च ऐंड एजूकेशन, इलाहाबाद स्थित सेंटर फॉर सोशियल फॉरेस्ट्री ऐंड … Read more

पंजाब ने जीता टॉस, पहले बल्‍लेबाजी करने का फैसला लिया

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के 27वें मैच में आज सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्‍स टकरा रही हैं। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जा रहा है। पंजाब के कप्‍तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी है। अपने घर पर खेल रही हैदराबाद प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगी। पैट कमिंस की कप्‍तानी वाली टीम ने 5 में से 1 मैच जीता है। वहीं पंजाब किंग्‍स पिछले मैच में चेन्‍नई सुपर किंग्‍स को हरा चुकी है। पंजाब ने जीता टॉस पंजाब किंग्‍स के कप्‍तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी करने का फैसला लिया है। पंजाब किंग्‍स की प्‍लेइंग 11 में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं हैदराबाद की प्‍लेइंग 11 में ईशान मलिंगा की एंट्री हुई है। इम्पैक्ट प्‍लेयर पंजाब किंग्स: सूर्यांश शेडगे, यश ठाकुर, प्रवीण दुबे, विशाल विजयकुमार, हरप्रीत बराड़। सनराइजर्स हैदराबाद: अभिनव मनोहर, सचिन बेबी, राहुल चाहर, वियान मुल्डर, जयदेव उनादकट। पंजाब किंग्स की प्लेइंग इलेवन प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्‍तान), मार्कस स्टोइनिस, नेहल वढेरा, ग्लेन मैक्सवेल, शशांक सिंह, मार्को यानसेन, अर्शदीप सिंह, लॉकी फर्ग्यूसन, युजवेंद्र चहल। सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग इलेवन अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन, नीतीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासेन (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, पैट कमिंस (कप्‍तान), हर्षल पटेल, जीशान अंसारी, मोहम्मद शमी, ईशान मलिंगा।   recent visitors 39

वक्फ संशोधन कानून बंगाल में लागू ही नहीं होगा, फिर बवाल क्यों? हिंसा के बीच वक्फ कानून को लेकर हमलावर ममता

कोलकाता वक्फ संशोधन कानून को लेकर पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में फैली हिंसा और तनाव के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को साफ शब्दों में कहा कि जब यह कानून राज्य में लागू ही नहीं होगा तो फिर हिंसा क्यों हो रही है? उन्होंने राज्यवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “जिस कानून की बात हो रही है, वह केंद्र सरकार ने बनाया है, राज्य सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं। हमने उस कानून का समर्थन नहीं किया और यह बंगाल में लागू नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस मुद्दे को लेकर लोगों को भड़का रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धर्म के नाम पर गुमराह किया जा रहा: ममता बनर्जी ममता ने अपने संदेश में कुछ राजनीतिक दलों पर धर्म के नाम पर राजनीति करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “कुछ पार्टियां धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती हैं। लेकिन धर्म का असली मतलब है इंसानियत, करुणा, सभ्यता और आपसी भाईचारा।” मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। उनकी इस अपील से ठीक पहले राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार और कानून-व्यवस्था के एडीजी जावेद शमीम ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। जावेद शमीम ने कहा कि कई जगहों पर गलत जानकारी की फैक्ट्री चल रही है, जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि जो भी लोग हिंसा या उकसावे में शामिल हैं, उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तार किया जा रहा है। पहले भी कर चुकी हैं वक्फ कानून का विरोध तृणमूल कांग्रेस शुरू से ही वक्फ संशोधन बिल का विरोध करती आई है। संसद की संयुक्त समिति में तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने इसका कड़ा विरोध किया था, वहीं सुप्रीम कोर्ट में इस कानून के खिलाफ याचिका तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने किया। कुछ दिन पहले ममता बनर्जी ने साफ कहा था कि बंगाल में किसी को वक्फ संपत्ति हथियाने नहीं दी जाएगी। उन्होंने अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाते हुए कहा था, “जब तक दीदी हैं, आपकी संपत्ति कोई नहीं ले सकेगा।” recent visitors 41

इन घरेलू उपायों से मिनटों में दूर भगाए एसिडिटी…

आजकल हर कोई एसिडिटी की समस्या से परेशान रहता है। यह दिक्कत हमें तली-भुनी चीजें और मसालेदार खाना खाने से होती है। इसलिए हमें इन सब चीजों से परहेज करना चाहिए क्योंकि यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंची है। पेट में जब सामान्य से अधिक मात्रा में एसिड निकलता है तो उसे एसिडिटी कहते हैं। इसलिए डॉक्टर हमें रात को सोने से तीन-चार घंटे पहले डिनर करने के लिए कहते हैं। आज हम आपको एसिडिटी से छुटकारा पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय बचाएगें। इन्हें अपनाकर आप इस समस्या से जल्द ही छुटकारा पा सकते है। तो आइए जानते हैं… -मुलेठी का चूर्ण का काढ़ा बनाकर पीने से एसिडिटी में ज्यादा फायदा होता है। -रात के समय नीम की छाल का चूर्ण पानी में भीगो के रखें और सुबह उठकर पी लें। ऐसा करने से आपको एसिडिटी से जल्द आरम मिल जाएगा। -एसिडिटी समाप्त करने के लिए दूध में त्रिफला चूर्ण मिला कर पीए। -दूध में मुनक्का डालकर उबालें। जब यह आधा रह जाए तो इसे ठंडा कर लें। बाद में रात को खाना खाने के एक घंटे के बाद दूध को पी लें। एसिडिटी की दिक्कत जल्द ठीक हो जाएगी। -हर रोज सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में काली मिर्च और नींबू निचोड़कर पीएं। -रोज सुबह-शाम आधा चम्मच सौंफ और गुलाब के फूलों का चूर्ण लें। -अगर एसिडिटी की दिक्कत है तो खाने के साथ सलाद के रूप में मूली पर काला नमक या काली मिर्च छिडक कर जरूर खाएं। -घर में आप जायफल तथा सोंठ को मिलाकर चूर्ण बना कर रख लें। जब भी आपको एसिडिटी की दिक्कत हो तो इसे खा लें। तुरंत आराम मिल जाएगा। -एसिडिटी होने पर कच्ची सौंफ चबाने और लौंग चूसने से यह दिक्कत जल्द ही ठीक हो जाती है। -हर रोज सुबह-शाम अदरक और परवल का काढ़ा पीने से एसिडिटी की समस्या खत्म हो जाती है। -रोज सुबह खाली पेट गुनगुना पानी और नारियल का पानी पीने से एसिडिटी की दिक्कत नहीं होती। -एसिडिटी से जल्दी आराम पाने कि लिए खाने में गुड़, केला, बादाम और नींबू शामिल कर लें। -पानी में पुदीने की कुछ पत्तियां डालकर उबाल पीने से एसिडिटी में फायदा होता है।   recent visitors 50