Saturday, July 11, 2026 6:02 am

बीजेपी, शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के बीच अहम मंत्रालयों को लेकर खींचतान चल रही है, शाह ने खुद संभाला मोर्चा

मुंबई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दो दिवसीय महाराष्ट्र दौरे के दौरान एनसीपी के वरिष्ठ सांसद और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के निवास पर दोपहर का भोजन किया। इस मुलाकात ने प्रदेश की राजनीतिक हलचलों को एक नई दिशा दे दी है, खासकर जब बीजेपी, शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के बीच अहम मंत्रालयों को लेकर खींचतान चल रही है। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब रायगढ़ और नाशिक जिलों में संरक्षक मंत्री (Guardian Minister) पद को लेकर सहयोगी दलों में तनाव बना हुआ है। इस साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाशिक और रायगढ़ के लिए बीजेपी के गिरीश महाजन और एनसीपी की अदिति तटकरे (सुनील तटकरे की बेटी) को संरक्षक मंत्री नियुक्त किया था, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही यह आदेश रद्द कर दिए गए। जिले पर दावेदारी शिवसेना का दावा है कि रायगढ़ जिले में उसके विधायक अधिक हैं, इसलिए उसे वहां संरक्षक मंत्री पद मिलना चाहिए। साथ ही, पार्टी नाशिक के लिए भी अपने प्रतिनिधि की मांग कर रही है। दूसरी ओर, एनसीपी अपने पक्ष पर कायम है, जिससे गठबंधन के भीतर शक्ति संघर्ष की स्थिति बन गई है। शाह की चुपचाप राजनीतिक चाल? सुनील तटकरे के घर अमित शाह का भोजन केवल औपचारिकता नहीं माना जा रहा है, बल्कि गठबंधन की अंदरूनी राजनीति को सुलझाने या नए समीकरण बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ऐसे समय पर शाह की यह मुलाकात साफ संकेत देती है कि बीजेपी संभावित असंतुलन को संतुलित करने की कोशिश में जुटी है। recent visitors 40

एआईएडीएमके के चार सांसदों के समर्थन से NDA की ताकत और बढ़ गई है, जबकि विपक्ष की स्थिति कमजोर

नई दिल्ली भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने राज्यसभा में बिना मनोनित सदस्यों के ही बहुमत सुनिश्चित कर लिया है और यह बड़ा बदलाव एक दिन पहले एआईएडीएमके के एनडीए के साथ आने से हुआ है। भाजपा और एआईएडीएमके के इस गठबंधन से राज्यसभा के गणित में बड़ा बदलाव आया है। एआईएडीएमके के चार सांसदों के समर्थन से NDA की ताकत और बढ़ गई है, जबकि विपक्ष की स्थिति कमजोर हो गई है। रोचक यह है कि जब भाजपा शासित सरकार ने राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया था, तब एआईएडीएमके ने इस विधेयक के विरोध में वोट किया था। वर्तमान में राज्यसभा में कुल 236 सदस्य हैं, जिनमें नौ सीटें खाली हैं। एनडीए के पास राज्यसभा में 119 सदस्य हैं, जिसमें हरियाणा के निर्दलीय सांसद कार्तिकेय शर्मा का भी समर्थन है, जिन्होंने भाजपा के समर्थन से चुनाव जीता था। अब, एआईडीएमके के चार सांसदों के समर्थन के साथ, भाजपा-नेतृत्व वाले गठबंधन की संख्या बढ़कर 123 हो जाएगी। ऐसे में, जब सदन अपनी पूर्ण सदस्यता यानी 245 तक पहुंचेगा, तब भी एनडीए के पास बहुमत रहेगा। इसके अलावा, एनडीए को छह नामांकित सदस्य का भी समर्थन प्राप्त है, जिससे प्रभावी सदस्यता 125 हो जाती है। सभी छह नामांकित सदस्य भाजपा द्वारा नियुक्त किए गए हैं और सामान्यत: नामांकित सदस्य उस पार्टी के पक्ष में मतदान करते हैं जो उन्हें सदन में भेजती है। एआईएडीएमके के आने से राज्यसभा में बदलाव एआईएडीएमके के सांसदों के शामिल होने से, एनडीए की प्रभावी सदस्यता बढ़कर 129 (मनोनित सदस्यों को मिलाकर) हो जाएगी। वहीं, सरकार द्वारा खाली सीटों को भरने के बाद यह संख्या 134 या उससे अधिक हो सकती है। राज्यसभा में नौ खाली सीटों में से चार नामांकित सदस्य के लिए होंगी, जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार करेगी, चार जम्मू-कश्मीर से और एक आंध्र प्रदेश से, जहां एनडीए सहयोगी टीडीपी की सरकार है। गौरतलब है कि भाजपा के पास राज्यसभा में 98 सदस्य हैं, जिसमें दो नामांकित सदस्य शामिल हैं। अन्य एनडीए सहयोगियों में JD(U) के 4 सदस्य, NCP के 3, TDP के 2, और शिवसेना, AGP, PMK, RLD, RLM, तमिल मानीला कांग्रेस (मूपनार), NPP, JD(S), RPI (अथावले), UPPL और MNF के एक-एक सदस्य हैं। recent visitors 30

सीएम डॉ. मोहन यादव 16 अप्रैल को मण्डला से लाड़ली बहना योजना की अप्रैल माह की राशि का करेंगे अंतरण

भोपाल मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों बहनों के लिए अच्छी खबर है। योजना की 23वीं किस्त के 1250 रुपए पर नया अपडेट आया है। खबर है कि खबर है कि सीएम डॉ. मोहन यादव बुधवार 16 अप्रैल को मण्डला जिले के ग्राम टिकरवारा से लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं को वर्तमान अप्रैल माह की मासिक सहायता राशि का अंतरण करेंगे। आमतौर पर हर माह की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी होती है।कभी कभी त्यौहारों और विशेष अवसर को देखते हुए तय तारीख से पहले भी राशि भेज दी जाती है, लेकिन इस बार तय तारीख निकलने के बाद भी पैसे नहीं मिले है। पहले खबर आई थी कि 12 अप्रैल को हनुमान जयंती या फिर 13 अप्रैल को गृहमंत्री अमित शाह के एमपी आने पर राज्य की मोहन यादव सरकार 23वीं किस्त जारी करेगी, लेकिन अब खबर आ रही है कि 16 अप्रैल को किस्त जारी होगी।   लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है। इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी। इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था। अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं। लाड़ली बहनों को जून 2023 से मार्च 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 22 किश्तों का अंतरण किया गया है।इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना : आयु/पात्रता/नियमइस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है। महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए। अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो। यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी। विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। 1250 मिलेंगे या नहीं? लिस्ट में नाम है या नहीं, ऐसे करें चेक लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं। वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर क्लिक करें। दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें। कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा। मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें। ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। recent visitors 35

NIA अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके नेटवर्क ‘डी कंपनी’ से राणा के संभावित संबंधों की भी गहन जांच कर रही

नई दिल्ली 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) लगातार पूछताछ कर रही है। हमलों की साजिश में उसकी भूमिका के साथ-साथ, NIA अब उन लोगों की कड़ी भी जोड़ने की कोशिश कर रही है जो इस हमले की साजिश में पर्दे के पीछे से शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, राणा से शनिवार को लगातार दूसरे दिन पूछताछ की गई। जांच एजेंसी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके नेटवर्क ‘डी कंपनी’ से राणा के संभावित संबंधों की भी गहन जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि राणा और डेविड हेडली के बीच दर्जनों कॉल की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है ताकि हमले की योजना और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। दुबई में मिले रहस्यमयी व्यक्ति की तलाश NIA को एक अहम सुराग उस दुबई स्थित व्यक्ति का मिला है जिससे राणा की मुलाकात डेविड हेडली के कहने पर हुई थी। माना जा रहा है कि इस शख्स को हमले की योजना की जानकारी थी। जांच एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह व्यक्ति दाऊद इब्राहिम या डी कंपनी से जुड़ा हुआ था। ISI और लश्कर-ए-तैयबा से भी जोड़ सकते हैं तार NIA यह भी जांच रही है कि राणा का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से कोई सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं। जांचकर्ताओं का मानना है कि मुंबई हमलों की साजिश 2005 के आसपास ही शुरू हो चुकी थी। जांच में सहयोग के लिए राणा के नए वॉइस सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें उन कॉल्स से मिलान के लिए भेजा गया है जो हमले के तुरंत बाद किए गए थे। एजेंसी को शक है कि हमलों से पहले राणा भारत के कई हिस्सों में आया था, जहां उसने संभवतः साजिश में अहम भूमिका निभाई। हाई-सिक्योरिटी में हिरासत गुरुवार शाम अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद राणा को भारत लाया गया। दिल्ली की एक अदालत ने उसे 18 दिन की NIA हिरासत में भेजा और अब वह दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय की हाई-सिक्योरिटी सेल में बंद है। NIA के अनुसार, राणा से सिर्फ मुंबई हमलों के बारे में ही नहीं, बल्कि अन्य भारतीय शहरों में आतंकी हमलों की संभावित साजिश के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। उस पर साजिश, हत्या और आतंकियों की मदद करने जैसे गंभीर आरोप हैं। गौरतलब है कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आतंकी समुद्री रास्ते से मुंबई पहुंचे थे और ताज होटल, CST स्टेशन, नरीमन हाउस समेत कई स्थानों पर हमला किया था। यह हमला तीन दिनों तक चला और इसमें 166 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 230 से अधिक लोग घायल हुए थे। अब, जब तहव्वुर राणा भारत की गिरफ्त में है, NIA को उम्मीद है कि इस भीषण हमले की साजिश में शामिल हर व्यक्ति की पहचान हो सकेगी और न्याय की दिशा में एक अहम कदम आगे बढ़ाया जा सकेगा। recent visitors 38

RTI से खुला राज- वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रेलवे टिकट छूट को बंद करने से 5 साल में जमा किए हजारों करोड़

नई दिल्ली कोविड-19 के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रेलवे टिकट छूट को बंद किया गया था, और यह छूट आज तक बहाल नहीं हो पाई। लेकिन इस फैसले ने रेलवे को न सिर्फ बुजुर्गों के लिए यात्रा महंगी बना दिया, बल्कि उनकी जेब से 8,913 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुनाफा भी इकठ्ठा कर लिया। यह चौंकाने वाला खुलासा एक आरटीआई (RTI) से हुआ है RTI से आई चौंकाने वाली सच्चाई मध्य प्रदेश के RTI कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर ने जानकारी हासिल की कि मार्च 2020 से फरवरी 2025 तक 31.35 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों ने बिना किसी छूट के रेल यात्रा की। इनमें शामिल थे:      18.27 करोड़ पुरुष      13.06 करोड़ महिलाएं      43,500 से अधिक ट्रांसजेंडर यात्री इस दौरान रेलवे को कुल 20,133 करोड़ रुपये का टिकट राजस्व प्राप्त हुआ। यदि छूट लागू होती, तो ये रकम लगभग 11,220 करोड़ होती। यानी रेलवे ने 8,913 करोड़ का "छूट बंद लाभ" सीधे-सीधे कमा लिया। क्या कहते हैं रेलवे के आंकड़े?  पुरुषों से – ₹11,531 करोड़ महिलाओं से – ₹8,599 करोड़ ट्रांसजेंडर से – ₹28.64 लाख पूर्व में, वरिष्ठ नागरिक पुरुषों और ट्रांसजेंडर को 40% तथा महिलाओं को 50% टिकट छूट मिलती थी, जिसे 20 मार्च 2020 को कोविड की शुरुआत के बाद तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया था। रेलवे का तर्क – सबको मिल रही है सब्सिडी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि रेलवे अब भी हर यात्री को औसतन 46% सब्सिडी दे रहा है। उन्होंने संसद में बताया कि 2022-23 में रेलवे ने टिकटों पर ₹56,993 करोड़ की सब्सिडी दी, यानी 100 रुपये की सेवा पर यात्री को केवल 54 रुपये देने होते हैं। रेलवे का यह भी कहना है कि मरीज, दिव्यांगजन और छात्रों को अब भी विशेष छूट मिल रही है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को छूट बहाल करने की कोई योजना फिलहाल नहीं है। बुजुर्गों की नाराज़गी – "हमने देश को दिया, अब हमें छूट चाहिए" सोशल मीडिया से लेकर संसद तक, यह मुद्दा गर्म है। कई लोगों का कहना है कि बुजुर्गों ने जीवन भर देश को टैक्स दिया, सेवाएं दीं — तो क्या उन्हें बुढ़ापे में कुछ राहत नहीं मिलनी चाहिए? -एक यूजर ने लिखा: "सरकार हमें 'बुजुर्ग' मानती है वोट के वक्त, लेकिन टिकट पर पूरा किराया वसूलती है!" -वहीं, कुछ लोगों ने कहा: "रेलवे को टिकने के लिए भी पैसा चाहिए। छूट देना हर बार संभव नहीं है।" फिर सवाल वही – क्या अब भी रेल 'आम आदमी' की है? वरिष्ठ नागरिकों की छूट पर बहस फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही। कुछ सांसद चाहते हैं कि इसे सीमित श्रेणियों — जैसे सिर्फ स्लीपर या जनरल डिब्बों तक सीमित कर बहाल किया जाए। लेकिन रेलवे इसे अपने आर्थिक लक्ष्यों के लिए चुनौती मानता है। 2025-26 में रेलवे का लक्ष्य है – ₹3 लाख करोड़ की आय, जिसमें से ₹92,800 करोड़ सिर्फ यात्री खंड से आनी है।   recent visitors 32

अलग-अलग जगहों के 5 पेट्रोल पंपों पर चोरों ने की तोड़फोड़ और लूटपाट

बीकानेर जिले के नोखा और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार रात डर और दहशत भरी रही। एक ही कार में सवार होकर आए शातिर बदमाशों ने जिले के पांच अलग-अलग पेट्रोल पंपों को निशाना बनाया। इनमें नोखा, जस्सरासर, मैनसर, लालगढ़, जोगलसर शामिल हैं, जहां बदमाशों ने लूटपाट और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार इन बदमाशों ने एक पेट्रोल पंप से करीब आठ हजार रुपये नकद लूट लिए और दूसरे पंपों पर भी लूट का प्रयास किया। एक स्थान पर उन्होंने पत्थरबाजी करते हुए पंप के शीशे भी तोड़ डाले, जिससे वहां अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। वारदात के बाद घटनास्थलों के सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जिनमें बदमाशों की हरकतें साफ नजर आ रही हैं। लुटेरों ने पहले पंप संचालक को बंधक बनाया फिर पेट्रोल पंप के ऑफिस में तोड़फोड़ की। पुलिस ने इन फुटेज के आधार पर जांच तेज कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद भय का माहौल बना हुआ है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है लेकिन जिले में लगातार हो रही ऐसी वारदातों ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। recent visitors 43

सीएम साय जय भीम पदयात्रा में हुए शामिल

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती है। ठीक उसके एक दिन पहले राजधानी रायपुर में आयोजित जय भीम पदयात्रा में शामिल हुआ हूं। यह कार्यक्रम खेल एवं कल्याण विभाग के द्वारा किया गया है। विभाग के मंत्री, अधिकारी, मंत्री गढ़ और विधायक गढ़ समेत छात्र-छात्राएं इस पदयात्रा में शामिल हुए हैं। उन्होंने अंबेडकर जयंती की प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। सीएम विष्णुदेव साय ने बाबा साहब की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि जिन्होंने संविधान का निर्माण किया है, जिसके माध्यम से भारत चल रहा है। यह संविधान हम सभी लोगों को स्वतंत्रता से जीने का अधिकार देता है। अपनी बात स्वतंत्रता से कहने की अधिकार देता है। 'कांग्रेस संविधान के साथ खिलवाड़ किया' उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस देश के जनता से विश्वास खो चुकी है। वे संविधान की बात करते हैं, उन्होंने इस देश में इमरजेंसी लगाया और लाखों लोगों को जेल में भर दिया। सीएम साय ने आरोप लगाते हुए कहा कि अपने स्वार्थ के कारण कितनी बार इस देश की संविधान के साथ खिलवाड़ किया है। उसका गलत तरीके से संशोधन किया है। 'पहले अपने पैर पर खड़ा हो जाए कांग्रेसी' कांग्रेस के न्याय पदयात्रा पर सीएम साय ने कहा कि यह कुछ भी करें। छत्तीसगढ़ में इनका पूरा सुपड़ा साफ हो गया है। विधानसभा, लोकसभा, नगरी निकाय, पंचायती राज के चुनाव में पूरी तरह से हारे हैं। इनको हार का मुंह देखना पड़ा है।  उन्होंने कहा कि यह पहले अपने घर परिवार संभाल ले ठीक से। अपने पैर पर खड़ा हो जाए तो कोई बात करें। recent visitors 31