मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मृत बालक दिव्यांश के परिवारजनों को तत्काल 4 लाख रूपये की मिली आर्थिक सहायता

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  के द्वारा रायपुर के गुलमोहर पार्क पीएमवाय कॉलोनी में विगत दिवस हुई आकस्मिक दुर्घटना में मृत बालक दिव्यांश के शोकसंतप्त परिवारजनों को तत्काल 4 लाख रूपये आर्थिक सहायता देने के निर्देश पर परिवारजनों को तत्काल सहायता राशि दी गई।   मुख्यमंत्री के आदेश पर रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ सतत संपर्क बनाकर आकस्मिक घटना के तत्काल पश्चात अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे दो अन्य बालकों की स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं। दोनों बालकों का स्वास्थ्य निरंतर सुधर रहा है। चिकित्सक गण लगातार दोनों बालकों के स्वास्थ्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। recent visitors 38

अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम ने बाबा साहब की प्रतिमा किया माल्यार्पण, राहुल गांधी का दौरा रद्द

अलवर अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के एक मंदिर में जाने के बाद भाजपा के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा द्वारा वहां गंगाजल छिड़कने से उठे विवाद को कांग्रेस थमने नहीं देना चाहती। हाल ही में अहमदाबाद में आयोजित कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया गया था। अब इसी कड़ी में आज अंबेडकर जयंती के अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का अलवर दौरा प्रस्तावित था। रविवार देर शाम को उनके कार्यक्रम का सर्कुलर भी जारी कर दिया गया था, लेकिन एक घंटे बाद ही संशोधित कार्यक्रम में उनका दौरा रद्द कर दिया गया। कांग्रेस पार्टी की ओर से इसका कारण यह बताया गया कि लोकसभा में अंबेडकर जयंती के आयोजन को देखते हुए राहुल गांधी दिल्ली में रहेंगे। पहले के तय कार्यक्रम के अनुसार राहुल और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह सुबह 7:30 बजे अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण और राम मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले थे। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 8:30 बजे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के कार्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर अंबेडकर सर्किल स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। राहुल गांधी का कार्यक्रम रद्द होने को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि उनका अलवर आने का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन संसद में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम के चलते उनका दौरा स्थगित करना पड़ा। उन्होंने आश्वासन दिया कि राहुल गांधी जल्द ही अलवर का दौरा करेंगे।   recent visitors 49

उत्तर प्रदेश- बिहार और छत्तीसगढ़ समेत उत्तर भारत के कई राज्यों जमकर होगी बारिश: IMD

नई दिल्ली IMD ने उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार झारखंड और पश्चिम बंगाल से लेकर ओडिशा-छत्तीसगढ़ तक अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों व दक्षिण में अंडमान निकोबार से लेकर तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश में भी आंधी पानी की आशंका जताई है. IMD के मुताबिक इससे राजस्थान और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती से भारी नुकसान हो सकता है. मौसम विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ अब पूर्व दिशा की ओर जा रहा है, जिसकी वजह से दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश पर एक चक्रवाती परिसंचरण बन गया है. इसके अलावा एक नया चक्रवाती परिसंचरण मेघालय पर भी बना है. तेज हवाएं चलने की संभावना इसकी वजह से अगले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलावा छत्तीसगढ़ में कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश हो सकती है. इन राज्यों में 50 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से हवा चलने का भी अनुमान है. मौसम विभाग ने उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. बता दें कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, केरल, तमिलनाडु आदि इलाकों में मौसम बीते 24 घंटे में काफी मेहरबान रहा है. इन राज्यों में कई जगह ओलावृष्टि भी हुई है.इसी प्रकार पूर्वी राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में गरज के साथ बारिश हुई है. बिहार, झारखंड और लक्षद्वीप में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. recent visitors 33

राज्यपाल ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन में भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए । राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्षाे से भरा हुआ था। उन्होंने सामाजिक भेदभाव, छूआछूत, असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और स्वयं इसके उदाहरण बने। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अनेक उपाधियाँ प्राप्त कीं और देश के पहले विधि मंत्री के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन किया।  राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर न्याय व समतामूलक समाज के निर्माण के लिए सदैव प्रयत्नशील रहे। उन्होंने समाज के शोषित, पीड़ित एवं कमजोर तबके के लोगों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज जब हम बाबा साहेब को याद कर रहे हैं, तब यह आवश्यक है कि हम केवल औपचारिकताएं न करें, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारें। समता, बंधुत्व और न्याय के सिद्धांत को हमें समाज के प्रत्येक स्तर पर स्थापित करना होगा। इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव हिना अनिमेष नेताम सहित राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 42

सांची और एनडीडीबी के बीच समझौते पर हस्ताक्षर, नेशनल डेयरी बोर्ड संभालेगा मार्केटिंग-मैनेजमेंट; घी, पनीर, श्रीखंड जैसे प्रोडक्ट होंगे एक्सपोर्ट

 भोपाल  मध्यप्रदेश के दुग्ध उत्पादों का स्थानीय ब्रांड सांची अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम रखने जा रहा है। उसने सबसे पहले नेपाल और भूटान के बाजार में अपने दुग्ध उत्पाद बेचने की तैयारी की है। विदेश में सहकारी संघों के उत्पाद निर्यात करने वाली एजेंसी से स्वीकृति मिलते ही सांची के उत्पाद विदेशी धरती पर भी बिकने लगेंगे। मिठाइयां और घी बेचने की तैयारी नेपाल व भूटान में सफलता के बाद श्रीलंका और बांग्लादेश में उत्पाद उतारे जाएंगे। विदेश में पहले सांची की मिठाइयां और घी बेचने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दौर में ऐसे प्रोडक्ट भेजे जाएंगे, जिन्हें स्टोर करने की समस्या न हो। सांची का घी सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले उत्पादों में शामिल है। पेड़े भी बेहद पसंद किए जाते हैं। इन उत्पादों को विदेश के सुपर मार्केट और माल में उतारा जाएगा, ताकि सीधे लोगों तक पहुंचें। फीडबैक और मांग के आधार पर निर्यात पर विचार बाजार में इनके फीडबैक और मांग के आधार पर सांची के अन्य उत्पादों के निर्यात पर विचार किया जाएगा। सांची ने निर्यात के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल भारतीय निर्यात निरीक्षण परीक्षा से अनुमति का इंतजार है। इसके बाद सहकारी निर्यातों का समन्वय करने वाली संस्था नेशनल कोआपरेटिव फार एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (एनसीईएल) की अनुमति लेनी होगी। इन सभी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद ही सांची के उत्पाद विदेश में जा सकेंगे। हालांकि इससे पहले कमोडिटी मार्केट में सांची का पाउडर और बटर बेचा जा रहा है, लेकिन इन उत्पादों पर सांची की ब्रांडिंग नहीं होती है। बता दें कि प्रदेश में सांची के चार प्लांटों में दुग्ध उत्पाद बनाए जाते हैं। सांची को वैश्विक ब्रांड के रूप में करेंगे स्थापित सांची के उत्पादों को विदेश के बाजारों तक पहुंचाकर इसे वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करेंगे। फिलहाल हम निर्यात करने के शुरुआती चरण में हैं और निर्यात करने वाली संस्थाओं से स्वीकृति मिलने के कुछ समय बाद हम नेपाल और भूटान में अपने उत्पाद भेजेंगे। -सतीश कुमार एस, महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी डेयरी संघ। सांची के बाय प्रोडक्ट देश-विदेश में एक्सपोर्ट होंगे खंडेलवाल बताते हैं कि मध्यप्रदेश में अभी सांची का ज्यादातर काम मिल्क प्रोसेसिंग का है। अब एनडीडीबी मिल्क प्रोडक्शन बढ़ाने से लेकर कलेक्शन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर फोकस करेगा। बोर्ड सांची दूध से बने उत्पादों में अमूल की तरह आइसक्रीम, चॉकलेट, घी, पनीर, श्री खंड जैसे बाय प्रोडक्ट बनाकर देश-विदेश में एक्सपोर्ट करेगा। सांची के प्लांट्स में लगभग 40 साल पुरानी मशीनरी से काम हो रहा है। एनडीडीबी अब मशीनों के मॉडर्नाइजेशन पर काम करेगा। यानी जरूरत के हिसाब से आधुनिक मशीनें लगाएगा ताकि उत्पादन क्षमता बढ़ सके। दुग्ध संघों में होगा समन्वय मध्यप्रदेश में अभी 6 दुग्ध संघ हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों में सीमित दायरे में काम कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि भोपाल में पेड़ा का उत्पादन अधिक है और जबलपुर में कम, तो वहां स्थानीय स्तर पर शॉर्टेज की स्थिति बन जाती है। अब राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) पूरे प्रदेश में उत्पादन से संबंधित कार्यों की निगरानी मध्यप्रदेश दुग्ध महासंघ के माध्यम से करेगा। यह तय करेगा कि किस प्रोडक्ट का कहां कितना उत्पादन है और कहां किस प्रोडक्ट की कितनी खपत है। यदि अन्य राज्यों की बात करें तो जैसे दिल्ली में दूध की खपत तो अधिक है, लेकिन वहां पर्याप्त उत्पादन नहीं होता। ऐसी स्थिति में मध्यप्रदेश से दिल्ली तक दूध की आपूर्ति की जाएगी। recent visitors 39

ऊदी सरकार ने जारी किए हज के नए नियम, बिना परमिट के मक्का में नहीं मिलेगी एंट्री

रियाद  सऊदी अरब ने इस साल होने वाले हज के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। हज की तैयारी के तहत सऊदी के गृह मंत्रालय ने हाजियों लिए नए नियम जारी किए हैं। ऐसे में हज से पहले उमराह करने वालों के लिए तारीखें तय कर दी गई हैं। मंत्रालय ने मक्का में एंट्री और बाहर निकलने की तारीखें घोषित कर दी हैं। उमराह के लिए 13 अप्रैल तक उमराह करने वाले सऊदी अरब में एंट्री ले सकते हैं, उनको 29 अप्रैल तक वापसी करनी होगी। वहीं मक्का में 23 अप्रैल, 2025 से एंट्री के लिए सख्त नियम लागू होंगे और बिना परमिट के जाने वालों को वापस भेज दिया जाएगा। सऊदी अरब की होम मिनिस्टरी ने जारी अपने बयान में कहा है कि हज 2025 के लिए कुछ नए नियम बनाए हैं, जिनका मकसद हज यात्रा को सुरक्षित बनाना है। मंत्रालय ने कहा है कि उमराह के लिए आए लोगों को 29 अप्रैल तक वापस जाना होगा, कोई वापस नहीं जाता है तो इसे नियमों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि हाजियों की आमद से पहले तैयारी के लिए पूरा वक्त मक्का की अथॉरिटी को मिल सके। मक्का आने वालों की बढ़ेगी निगरानी सऊदी सरकार ने कहा है कि 23 अप्रैल से मक्का में आने-जाने पर कड़ी निगरानी शुरू की जाएगी। मक्का में एंट्री करने के लिए काम करने का परमिट, मक्का का पहचान पत्र या हज का परमिट दिखाना जरूरी होगा। इनके अलावा किसी को एंट्री नहीं मिलेगी। सऊदी अरब में रहने वाले विदेशी नागरिक, जो मक्का में नहीं रहते हैं, उन्हें भी मक्का में आने के लिए परमिट लेना होगा। टूरिस्ट वीजा पर आए विदेशियों या देश के दूसरे हिस्से से आए लोगों को बिना रजिस्ट्रेशन हज में शामिल होने से रोकने के लिए ये नियम बनाए गए हैं। सऊदी मंत्रालय ने बताया है कि जिनके पास हज वीजा नहीं होगा, उन्हें 29 अप्रैल से मक्का में आने या रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो विदेशी नागरिक काम के लिए मक्का या आसपास के इलाकों में जाना चाहते हैं, उन्हें परमिट के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। मंत्रालय ने कहा है कि असुविधा से बचने के लिए सभी दस्तावेजों तके साथ ही मक्का आएं। बिना परमिट के प्रवेश करने वालों को अल शुमैसी या दूसरे चेकपॉइंट से वापस भेज दिया जाएगा। recent visitors 47

मशहूर कॉमेडियन जर्नादन का निधन

बेंगलुरु अप्रैल का महीना फिल्‍म इंडस्‍ट्री के लिए दुखद साबित हो रहा है। बीते 4 अप्रैल को दिग्‍गज एक्‍टर और फिलममेकर मनोज कुमार का निधन हुआ, वहीं अब 10 दिनों के भीतर एक और मशहूर एक्‍टर और कॉमेडियन बैंक जर्नादन के निधन की खबर आई है। कन्नड़ सिनेमा और टेलीविजन जगत के दिग्गज अभिनेता बैंक जनार्दन का शुक्रवार देर रात बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे। बताया जाता है कि बैंक जनार्दन काफी समय से उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे। उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिसके बाद उनके परिवार ने उन्हें बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती करवाया था, जहां उन्‍होंने शुक्रवार, 11 अप्रैल को आख‍िरी सांसे लीं। उनके निधन ने कन्‍नड़ स‍िनेमा के फैंस को गहरा झटका द‍िया है। बैंक जनार्दन ने 500 से अध‍िक फिल्‍मों में किया था काम साल 1948 में बेंगलुरु में पैदा हुए बैंक जनार्दन कन्नड़ सिनेमा उद्योग में एक जाना-माना नाम थे। वह अपनी दमदार सहायक भूमिकाओं और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग के लिए जाने जाते थे। अपने करियर में उन्होंने 500 से अधिक फिल्मों में काम किया। दो साल पहले 2023 में पड़ा था दिल का दौरा बैंक जनार्दन को दो साल पहले 26 सितंबर, 2023 को दिल का दौरा पड़ा था। हालांकि, डॉक्‍टरों ने समय रहते उन्‍हें सही उपचार दिया, जिसके बाद वह ठीक हो गए थे और काम पर वापस लौट आए थे। बैंक जनार्दन की कुछ यादगार फिल्‍में जनार्दन ने 1985 में फिल्‍म 'पितामह' से अपने एक्‍ट‍िंग करियर की शुरुआत की थी। उन्‍हें आख‍िरी बार बड़े पर्दे पर साल 2023 में रिलीज 'उंडेनामा' में देखा गया था। दिग्‍गज एक्‍टर के कुछ सबसे बेहतरीन किरदारों में फिल्‍म 1993 में 'शश्‍श!', 1992 में 'थर्ले नान मागा' और 2005 में 'न्‍यूज' शामिल हैं। टीवी पर कन्‍नड़ सीर‍ियल 'पाप पांडु' ने उन्‍हें घर-घर में पॉपुलैरिटी दिलवाई थी। recent visitors 54