Sunday, July 5, 2026 8:56 am

रॉबर्ट वाड्रा जमीन सौदे मामले में ईडी के सामने हुए पेश

नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति और जानेमाने कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को जमीन सौदा मामले में दूसरी बार तलब किया है। समन के तहत वे मंगलवार सुबह ईडी दफ्तर पहुंचे। इससे पहले उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह कार्रवाई जनता की आवाज दबाने की कोशिश है। इससे पहले ईडी ने उन्हें समन कर 8 अप्रैल को पेश होने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत वाड्रा का बयान दर्ज करेगी। इससे पहले संघीय जांच एजेंसी ने एक अन्य धन शोधन मामले में वाड्रा से पूछताछ की थी। क्या है मामला? दरअसल, ईडी ने मंगलवार को हरियाणा के शिकोहपुर भूमि सौदे से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में रॉबर्ट वाड्रा को समन भेजा है। वाड्रा पहले समन पर उपस्थित नहीं हुए थे, जो 8 अप्रैल को जारी किया गया था। उन्हें पूछताछ के लिए ईडी के सामने उपस्थित होने के लिए कहा गया, क्योंकि केंद्रीय जांच एजेंसी उनकी फर्म स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। ईडी के मुताबिक, रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने फरवरी 2008 में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से गुड़गांव के शिकोहपुर में 3.5 एकड़ का प्लॉट 7.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। उनकी कंपनी ने इसके बाद जमीन को रियल एस्टेट दिग्गज डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दिया। मुझे कुछ भी छिपाने की जरूरत नहीं: वाड्रा इससे ईडी दफ्तर जाते वक्त रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि सरकार बदले के तहत कारवाई कर रही है। मुझे नहीं पता कि आखिर गलती क्या है। मुझे किसी से भी कुछ भी छिपाने की जरूरत नहीं है। मैं कुछ भी गलत नहीं किया है। मेरे खिलाफ जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। यह सब कुछ मुझे परेशान करने और फंसाने के लिए किया जा रहा है। इस मामले में कुछ भी नहीं है। पिछले 20 सालों में मुझे 15 बार बुलाया गया और हर बार 10 घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई। मैंने 23000 दस्तावेज जमा किए हैं। मुझसे जो भी पूछा जाएगा, उन्हें सब बताएंगे। राजनीति में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी इससे पहले बीते दिन ही रॉबर्ट वाड्रा ने राजनीति में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस पार्टी को लगता है कि उन्हें यह कदम उठाना चाहिए, तो वह अपने परिवार के आशीर्वाद से यह कदम उठाएंगे। एएनआई से खास बातचीत में वाड्रा ने कहा था कि राजनीति से उनका जुड़ाव काफी हद तक गांधी परिवार से उनके जुड़ाव के कारण है। पिछले कुछ सालों में कई राजनीतिक दलों ने उन्हें राजनीतिक चर्चाओं में खींचने की कोशिश की है और अक्सर चुनाव या अन्य मुद्दों के दौरान उनके नाम का इस्तेमाल ध्यान भटकाने के लिए किया जाता है। recent visitors 28

एमपी में शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ अनिवार्य, फिर भी 4 हजार शिक्षकों का सत्यापन बाकी

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में बच्चों के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसे बढ़ते मामलों पर रोक के लिए शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य हुआ। बावजूद इसके राजधानी के 95 प्रतिशत निजी स्कूल ऐसे हैं जहां अनजान शिक्षक हैं। स्कूलों ने करीब 4 हजार शिक्षकों की रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग को नहीं दी। ऐसे में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों से विभाग अनजान है। राजधानी में करीब 1200 निजी स्कूल हैं। इनमें चार से पांच हजार का स्टाफ है। पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य राजधानी के लिए निजी स्कूल में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के पुलिस वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया। आदेश जारी करते हुए तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। इस मामले को एक साल से ज्यादा बीत गया। शिक्षक सत्र भी खत्म हो गया लेकिन निजी स्कूलों के स्टाफ और शिक्षकों के पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़ी रिपोर्ट शिक्षा विभाग के पास नहीं पहुंची। आकस्मिक निरीक्षण कर होगी जांच निजी स्कूलों में स्टाफ सहित शिक्षकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। कितने शिक्षकों का वेरिफिकेशन हो पाया इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। इसे जांचने स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण कर जांच होगी। अगर कहीं यह सत्यापन नहीं हुआ तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।- नरेन्द्र अहिरवार, जिला शिक्षा अधिकारी recent visitors 48

नरवाई जलाने वालों के खिलाफ प्रशासन एक्शन मोड में आया, एफआईआर दर्ज कराई गई

सागर  सागर जिले में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में नरवाई जलाने से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर संदीप जी आर ने संपूर्ण जिले में नरवाई जलाने प्रतिबंध लगाया है। गत कुछ दिनों में घटित कई घटनाओं के चलते अब नरवाई जलाने वालों के खिलाफ प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इसके चलते प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में नरवाई जलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। सागर जिले के पथरिया हाट में खेत में आग लगने से दो किसानों की गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। इस घटना में घनश्याम अहिरवार की लगभग दो एकड़ की खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल जल गई। इससे 50,000 का नुकसान हुआ। वहीं, राजू साहू की तीन एकड़ की फसल जलकर राख हो गई, जिससे एक लाख का नुकसान हुआ। घनश्याम अहिरवार ने बताया कि उन्होंने बहादुर चौहान को आग लगाने से मना किया था, लेकिन उन्होंने गाली-गलौज करते हुए आग लगा दी। दो किसानों पर केस दर्ज तहसील केसली अंतर्गत ग्राम पुतर्रा में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने से आग फैल गई, जिससे पड़ोसी किसान की खड़ी फसल जलकर नष्ट हो गई थी। घटना 5 अप्रैल 2025 की दोपहर लगभग 3 बजे की बताई गई है। शिकायत में उल्लेख है कि ग्राम पुतर्रा के कृषक ताराबाई पति कैलाश लोधी के पुत्र रघुवीर और लक्ष्मीनारायण लोधी ने अपनी खेत की नरवाई में आग लगा दी थी। यह आग फैलकर ग्राम पुतर्रा के ही प्रताप पिता कनई लोधी की खड़ी फसल तक पहुंच गई और पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। बिजली के शॉर्ट सर्किट से खेत में लगी आग बांदरी अंतर्गत ग्राम मोठी में मंगलवार दोपहर को एक बगीचा वाले खेत में अचानक आग लग गई, जिससे लगभग दो लाख रुपये की कृषि संपत्ति जलकर खाक हो गई। यह आग बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी बताई जा रही है। ग्राम जूना में नरवाई जलाने से गेहूं की फसल जलकर राख ग्राम जूना के कोटवार प्रीतम पिता रामप्रसाद चढ़ार आवेदन के आधार पर थाना रहली में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट ग्राम जूना के ही निवासी रामअवतार पिता प्रभु कुर्मी के विरुद्ध दायर की गई है। बताया कि 5 अप्रैल 2025 को करीब 11:15 बजे आरोपी रामअवतार ने अपने खेत में फसल अवशेष (नरवाई) में आग लगाई। इसके चलते ग्राम जूना की भूमि एवं ग्राम मड़ला के कुछ हिस्सों में खड़ी गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। ग्राम पडरिया में फसलें जलकर राख ग्राम पडरिया थाना सानौधा में आग की एक घटना में कई किसानों की खड़ी नरवाई, भूसा और फलदार वृक्ष जलकर नष्ट हो गए। रवि की गेहूं की फसल हार्वेस्टर से कटने के बाद खेतों में बची नरवाई नदी की ओर से आई आग की चपेट में आ गई, जिससे कई किसानों की सम्पत्ति को नुकसान हुआ। इस आग में मीना उर्फ राजेश्वरी, विनोद कुमारी, गजेन्द्र सिंह, राजू रजक, हरिराम, पुष्पेन्द्र सिंह सहित लगभग 20 से अधिक किसानों की फसल और पेड़ जलकर नष्ट हो गए। उपरोक्त सभी मामलों में प्रशासन ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। कलेक्टर द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शासन के आदेशानुसार खेतों में फसल अवशेष जलाना प्रतिबंधित है और इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 29

बांग्‍लादेश और पाकिस्‍तान में Starlink को मिला अप्रूवल, भारत में नहीं मिली अनुमति

नई दिल्ली सैटेलाइट इंटरनेट के लिए एलन मस्‍क की कंपनी स्‍टारलिंक को भारत में अप्रूवल मिलना बाकी है, लेकिन दुनिया के कई देश मंजूरी देते जा रहे हैं। भारत के पड़ोसी पाकिस्‍तान और बांग्‍लोदश स्‍टारलिंक को अपने यहां सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने का अप्रूवल दे चुके हैं। अब कंपनी को सोमालिया में भी काम करने का लाइसेंस मिल गया है। वही सोमालिया जहां बड़ी संख्‍या में समुद्री लुटेरे रहते हैं, जो समुद्र से गुजरने वाले शिप्‍स को निशाना बनाते हैं। सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर एलन मस्‍क ने यह जानकारी शेयर की है। गौरतलब है कि कंपनी अफ्रीकी मार्केट में अपनी पैठ बढ़ाती जा रही है। अफ्रीकी देशों की लिस्‍ट में अब सोमालिया भी स्‍टारलिंक की सेवाएं अफ्रीका के कई देशों में चल रही हैं। अब इस लिस्‍ट में सोमालिया का नाम जुड़ गया है। कहा जा रहा है कि सोमालिया में सैटेलाइट इंटरनेट शुरू होने से वहां के लोगों को बिजनेसमैन को फायदा होगा। हालांकि इसके लिए लोगों को कितनी रकम खर्च करनी होगी, यह जानकारी अभी नहीं है। गौरतलब है कि सोमालिया की गिनती गरीब देशों में होती है और स्‍टारलिंक की सेवाएं काफी खर्चीली मानी जाती हैं। क्‍या कंपनी वहां के लोगों के लिए सस्‍ता प्‍लान लेकर आएगी, यह देखने वाली बात होगी। भारत में जियो-एयरटेल कर चुके हैं पार्टनरशिप भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए जियो और एयरटेल ने स्‍टारलिंक के साथ साझेदारी कर ली है। कहा जाता है कि दोनों बड़ी टेलिकॉम कंपनियां स्‍टारलिंक के प्रोडक्‍ट्स को अपने स्‍टोर्स पर बेचेंगी। लेकिन भारत में अभी यह सर्विस कमर्शल रूप से शुरू नहीं हो पाई है। भारत सरकार सुरक्षा संबंधी पहलुओं को निपटाना चाहती है और आश्‍वस्‍त होना चाहती है कि स्‍टारलिंक अपनी सेवाएं पूरी तरह देश से ही ऑपरेट करे। यही वजह है कि हमारे यहां सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू होने में वक्‍त लग रहा है। बांग्‍लोदश और पाकिस्‍तान भी स्‍टारलिंक को अपने यहां सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए अनुमति दे चुके हैं। हालांकि दिलचस्‍प बात है कि पाकिस्‍तान ने एलन मस्‍क के एक्‍स को अपने यहां बैन किया हुआ है। इस पर वहां का हाई कोर्ट तक सरकार को कटघरे में खड़ा कर चुका है। स्‍टारलिंक की सेवाएं शुरू होने से तमाम देशों में उन इलाकों तक भी हाईस्‍पीड इंटरनेट उपलब्‍ध होगा, जहां अभी तक फाइबर सेवाएं नहीं पहुंच सकी हैं। इस साल सर्विस शुरू होने की उम्‍मीद विभिन्‍न एक्‍सपर्ट ने स्‍टारलिंक की सेवाएं भारत में इस साल शुरू होने की उम्‍मीद जताई है। हालांकि यह सब स्‍पेक्‍ट्रम वितरण पर निर्भर करेगा। अगर इसमें देरी हुई तो सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं में देर हो सकती है। recent visitors 41

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल पंचायत दिवस से शुरू होगी नगद भुगतान की सुविधा सहित अन्य डिजिटल सेवाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए आयोजित एमओयू कार्यक्रम को किया संबोधित कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता और सरपंचों के बीच हुआ एमओयू रायपुर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी पूरी होने जा रही है। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से नगद भुगतान सहित अन्य डिजिटल सेवाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड की 10-10 ग्राम पंचायतों में "अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र" के लिए एमओयू किया गया। इन सुविधा केंद्रों में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। वे अपने खाते से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली-पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे तथा पेंशन-बीमा जैसी अनेक सुविधाओं का लाभ अपने पंचायतों में ही ले सकेंगे। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाताओं और सरपंचों के बीच आज एमओयू हुआ। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित किया गया। इन सुविधा केंद्रों के आरंभ होने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए विकासखंड और जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। गांव में ही उन्हें बहुत-सी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मोदी की गारंटी की एक और गारंटी पूरी करने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का वादा किया था, जो अब पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सवा साल में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। चाहे किसानों के लिए 3100 रुपये में धान खरीदी हो या पिछले दो वर्षों का धान बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, बुजुर्गों के लिए रामलला दर्शन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का पुनः प्रारंभ, या 5 लाख 62 हजार कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये देने का वादा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों में शुरू हो रहे इन सुविधा केंद्रों से किसान धान का भुगतान, महतारी वंदन योजना, पेंशन तथा अन्य योजनाओं की राशि का भुगतान ले सकेंगे, साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाओं का भी लाभ ले सकेंगे। आवास सर्वे की सूची में हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का नाम हो शामिल, योजना का मिले लाभ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर किसी का पक्का मकान हो। पिछली सरकार के कार्यकाल में 18 लाख हितग्राही आवास से वंचित रह गए थे। शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। अभी तक हमें केंद्र से 14 लाख आवास मिले हैं। दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए साढ़े तीन लाख आवास स्वीकृत करने जा रहे हैं। सभी को आवास मिले, इसके लिए हमने "आवास प्लस प्लस" सर्वे में पात्रता के दायरे को बढ़ाया है, जिससे हर किसी के घर का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस प्लस का सर्वे 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हो रहा है। इस सर्वे की सूची में सभी जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों का नाम शामिल हो, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। गांव-गांव में वाटर हार्वेस्टिंग की अपील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गांव-गांव में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंचायतों में वित्तीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। इनसे निश्चित ही एक ही स्थान पर रेलवे टिकट बुकिंग हो या छात्रवृत्ति, पेंशन राशि का आहरण की सुविधा ग्राम पंचायतों में ही उपलब्ध होगी। इससे हम ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के संकल्प को पूरा कर सकते हैं। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भू-जल का गिरता स्तर बहुत ही चिंताजनक है। इसके लिए गांव-गांव में भू-जल स्तर बढ़ाने हेतु विभाग से अलग से एसओपी जारी किया जा रहा है। हम जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों से भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान जिला मुख्यालयों में सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच सहित नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिन पंचायतों में पहले से PMAY-G पंचायत एंबेसडर हैं, उन्हें विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। जिन पंचायतों में अब तक कोई PMAY-G पंचायत एंबेसडर नियुक्त नहीं हुआ है, वहाँ उपयुक्त व्यक्ति को चयनित कर एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा "मोर दुवार साय सरकार" महाभियान (15 अप्रैल से 30 अप्रैल) की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों के भू-जल स्तर के संबंध में जानकारी दी गई तथा वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, आयुक्त मनरेगा एवं संचालक पीएमएवाई ग्रामीण रजत बंसल, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित थीं। recent visitors 29

कांग्रेस के पूर्व मंत्री के घर ED की रेड: हाल ही में उन्होंने भाजपा के खिलाफ बयान बाज़ी की थी ,19 ठिकानों पर पहुंची टीम

ED raids Congress minister

ED raids Congress minister: Recently he had made statements against BJP, the team reached 19 locations जयपुर। ED raids Congress minister राजस्थान में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास के 19 ठिकानों पर आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम छापा मार रही है। जयपुर में एक और प्रदेश के अन्य 18 ठिकानों पर सुबह करीब 5 बजे टीमें पहुंच गई थीं। यह मामला रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली PACL में हुए 48 हजार करोड़ के घोटाले से जुड़ा है। ईडी से मिली जानकारी के अनुसार, प्रताप सिंह और उनके परिवार के लोगों के नाम पर PACL में घोटाले का पैसा ट्रांसफर हुआ था। अधिकांश पैसा प्रॉपर्टी और अन्य सेक्टर में लगा दिया गया। उधर, पूर्व मंत्री के घर छापेमारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में जयपुर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर समर्थक पहुंच गए। समर्थकों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। मौके पर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। ED raids Congress minister पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के जयपुर के सिविल लाइंस स्थित इसी मकान में सुबह से ED की रेड चल रही है। Rad more: हिमाचल 78वां स्थापना दिवस विशेष : CM सुक्खू पांगी में, जिलों में मंत्री फहराएंगे तिरंगा लाखों लोगों के साथ हुई थी PACL में धोखाधड़ी लाखों लोगों के साथ PACL में धोखाधड़ी हुई थी। इसके बाद यह केस सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सेवानिवृत्त सीजेआई आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने कमेटी से कहा था कि पीएसीएल की संपत्तियों को नीलाम करके 6 महीने में लोगों को ब्याज सहित भुगतान करें। सेबी के आकलन के अनुसार, पीएसीएल की 1.86 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है, जो निवेशकों की जमा राशि की तुलना में 4 गुना है। पीएसीएल कंपनी की योजनाओं को अवैध मानते हुए सेबी ने 22 अगस्त 2014 को कंपनी के कारोबार बंद कर दिए थे। इसके चलते निवेशकों की पूंजी कंपनी के पास जमा रह गई। इसके बाद कंपनी व सेबी के बीच सुप्रीम कोर्ट में केस चला और सेबी जीत गई। राजस्थान में 28 लाख लोगों ने 2850 करोड़ किए थे निवेश17 वर्ष तक राज्य में रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली पीएसीएल में प्रदेश के 28 लाख लोगों ने करीब 2850 करोड़ और देश के 5.85 करोड़ लोगों ने कुल 49100 करोड़ का निवेश किया था। कंपनी पर बिहार, महाराष्ट्र, एमपी, असम, कर्नाटक, जयपुर ग्रामीण, उदयपुर, आंध्र प्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़ समेत आधे से ज्यादा राज्यों में मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहले जयपुर में इसका खुलासा होने पर एफआईआर दर्ज हुई थी। जानकार सूत्रों की मानें तो इस केस में प्रताप सिंह की भागीदारी करीब 30 करोड़ की बताई जा रही है। ईडी की छापेमारी पूरी होने के बाद ही रिकवरी को लेकर कुछ कहा जा सकता है। खाचरियावास ने कहा- जो इनके खिलाफ बोलता है, ईडी भेज देते हैंप्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा- ईडी केंद्र के अधीन है। इस डबल इंजन की सरकार से ज्यादा उम्मीद नहीं कर सकता। मेरे परिवार के सदस्यों के यहां बेवजह सर्च चल रहा है। हम पूरा सर्च करवाएंगे। ईडी के अफसरों से हम पूरा सहयोग करेंगे। बीजेपी सरकार को मेरे बोलने से इतना दर्द है कि छापे डलवा दिए। मैं पिछले डेढ़ साल से इनके खिलाफ बोल रहा हूं। जो बीजेपी और इनकी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसके घर ये ईडी भेज देते हैं। मैं बोल रहा था तो मुझे भी पहले से पता था कि ईडी तो एक दिन पहुंचेगी, यदि पहुंचेगी तो मैं भी तैयार हूं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरियावास है, मुझे सबका इलाज करना आता हैखाचरियावास ने बीजेपी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा- बीजेपी के लोगों से कहना चाहूंगा। आप ही सरकार में नहीं रहोगे। सरकारें बदलती रहती हैं। जमाना बदलेगा। आपने यह कार्रवाई शुरू की है, कल बीजेपी वालों के खिलाफ भी हम यही कार्रवाई करेंगे। डरते थोड़े ही हैं। मेरा नाम प्रताप सिंह खाचरिवास है। मुझे सबका इलाज करना आता है। recent visitors 68

एपमी उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव, अब यूजी के फाउंडेशन ग्रुप में 9 की जगह इतने पेपर देने होंगे

भोपाल  उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) ने यूजी प्रथम वर्ष (बीकॉम, बीए, बीएससी, बीबीए आदि) के पाठ्यक्रम में जरूरी बदलाव किए हैं। आगामी 2025-26 नया शैक्षणिक सत्र से छात्रों को अब पहले के 9 पेपर की जगह 10 पेपर देने होंगे। यह बदलाव (उच्च शिक्षा विभाग का आदेश) छात्रों को अधिक विविधतापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से लागू किया गया है, जिससे वे विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर ज्ञान एक्वायर कर सकें। वैकेशनल और वेल्यू एडेड विषय इसके अलावा, एक नया वेल्यू एडेड विषय जोड़ा गया है। यह अनिवार्य होगा और छात्रों को अपने डिग्री के साथ इसे लेना होगा। वेल्यू एडेड विषय छात्रों के प्रोफेशनल स्किल्स को बढ़ाने में मदद करेगा, जिससे वे रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे। यह बदलाव छात्रों के करियर विकास के लिए भी अहम साबित होगा। मल्टी-डिसिप्लिनरी सब्जेक्ट की शुरुआत बता दें कि, ओपन इलेक्टिव सब्जेक्ट को अब मल्टी-डिसिप्लिनरी सब्जेक्ट कहा जाएगा। इसमें ऐसे विषय जोड़े गए हैं जो छात्रों को डिफरेंट व्यूपॉइंट्स से शिक्षा देंगे। इनमें अंडर स्टैंडिंग इंडिया, डिजिटल एंड टेक्नोलॉजिकल सॉल्यूशंस और हेल्थ एंड योगा एजुकेशन जैसे विषय शामिल हैं। छात्रों को हर साल इनमें से एक विषय का चयन करना जरूरी होगा, जिससे उन्हें मलटीडायमेंशनल मिल सके। इसका उद्देश्य यह (decision of higher education department) नया सिस्टम छात्रों को बिजनेस और सोशल पर्सपेक्टिव से तैयार करने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है। इसके जरिए छात्रों को मॉडर्न एजुकेशन दी जाएगी, जो न केवल विषय आधारित ज्ञान बल्कि व्यावसायिक क्षमताओं को भी बढ़ावा देगा। recent visitors 29