तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंचे: फिर हिरासत में सौरव दास-रांका; दिपके बोले- प्रतिरोध को दबा नहीं सकते

Arrived at Jantar Mantar with the Tricolour: Sourav Das and Ranka detained again; Dipke says resistance cannot be suppressed. दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार सुबह तिरंगा लेकर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सीजेपी की ओर से साझा की गई पोस्ट के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य समेत संगठन के अन्य सदस्य शामिल हैं। दिपके ने क्या-क्या कहा?सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक देशभर में प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने क्या कार्रवाई की है। दिपके ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों से कहा गया कि वे इस बार मतदान नहीं कर सकते तो अगली बार कर लेंगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी यही कहेगा कि वह इस बार चुनाव न लड़ें और अगली बार लड़ लें? दिपके ने दिल्ली में इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को बड़ा और महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विपक्ष समेत पूरे देश को ऐसे प्रदर्शनों के लिए एकजुट होना चाहिए। पहले विमान से हिरासत, फिर रिहाई और अब जंतर-मंतर पर कार्रवाईकॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं को दिल्ली पुलिस ने पहली बार 10 अक्तूबर को हिरासत में लिया था। पार्टी के संयोजक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में पहुंचने की कोशिश में थे। पुलिस ने तीनों को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया। सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करना चाहती थी। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताएं हुई हैं। इसके बाद 11 अक्तूबर को तीनों नेताओं को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की शर्त पर 50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया गया। प्रदर्शन की अनुमति लेने थाने पहुंचे थे रांका-दासरिहाई के बाद सीजेपी ने प्रदर्शन से पीछे हटने के बजाय आंदोलन जारी रखने का एलान किया। 12 अक्तूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए 24 घंटे के भीतर तारीख और समय तय करने की मांग की। उनका कहना था कि अगर पुलिस तारीख नहीं देती है, तो पार्टी खुद प्रदर्शन का एलान करेगी। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर रोड को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से हटा दिया। पुलिस ने प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान जैसे वैकल्पिक स्थान बताए। सीजेपी ने इस फैसले पर आपत्ति जताई और जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन करने की मांग जारी रखी। इसी घटनाक्रम के बीच 13 अक्तूबर की सुबह सीजेपी के नेता और कार्यकर्ता तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पहुंचे। पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे समेत कई सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बार-बार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की क्यों हो रही है कोशिश?इसकी मुख्य वजह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर उठे सवाल हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और कई छात्र संगठनों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं। प्रदर्शनकारी इसे मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं। इसी विरोध के तहत 10 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का एलान किया गया था। recent visitors 8

आज इंडिया ब्लॉक का ‘सुप्रीम’ मार्च, कांग्रेस मुख्यालय में तैयारियां तेज; दिल्ली में नेताओं का जुटना शुरू

INDIA bloc’s ‘Supreme’ march today; preparations intensify at Congress headquarters; leaders begin gathering in Delhi. चुनाव आयोग में कथित अनियमितता को लेकर विपक्ष लामबंद दिख रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में आंदोलन हो रहा है। आज विपक्षी दलों के गठबंधन- इंडिया ब्लॉक के नेताओं के मार्च, विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक बंदोबस्त किए हैं इंडिया गठबंधन के मार्च पर क्या बोले राजभर?उत्तर प्रदेश के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दिल्ली में इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने गठबंधन को नकार दिया है और उसके पास कोई सबूत नहीं है। राजभर ने कहा कि ज्ञानेश कुमार एक साल से चुनाव आयुक्त हैं, जबकि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर हुए 10 साल और कांग्रेस को 30 साल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर की प्रक्रिया 1952 से चली आ रही है। जेएनयू के सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज, कांग्रेस सांसद का नाम भी शामिलदिल्ली पुलिस ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। 11 अक्तूबर 2026 को दर्ज इस एफआईआर में कांग्रेस के लोकसभा सांसद और जेएनयू के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम का नाम भी शामिल है। पुलिस ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75, 75(1)(i), 75(1)(iv) और 79 के तहत मामला दर्ज किया है। recent visitors 12

BJP कार्यकर्ताओं से मारपीट के आरोप पर बवाल, एरोड्रम TI समेत 7 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Uproar over allegations of assault on BJP workers; 7 police personnel, including the Aerodrome TI, suspended. इंदौर । शहर के एरोड्रम थाने में शुक्रवार देर रात बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने पहुंचे पं. जयदीप दुबे और पंकज चौबे के साथ पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज और मारपीट की और उन्हें घसीटकर अंदर ले गए। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक गोलू शुक्ला के 400 से ज्यादा समर्थक थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घेराव कर दिया और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। देर रात हंगामे के बीच एरोड्रम थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह समेत सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। पड़ोसी से विवाद के बाद शिकायत करने पहुंचे थे जयदीपमामले की शुरुआत शुक्रवार शाम करीब 6 बजे हुई। एरोड्रम क्षेत्र में रहने वाले बीजेपी कार्यकर्ता पं. जयदीप दुबे का अपने पड़ोसी से विवाद हो गया था। जयदीप का आरोप है कि इस दौरान पड़ोसी ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी और वीडियो स्थानीय विधायक गोलू शुक्ला को भेजा। इसके बाद विधायक के कहने पर जयदीप शिकायत दर्ज कराने एरोड्रम थाने पहुंचे। जयदीप का आरोप है कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मी उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय टालमटोल करते रहे। शाम से रात तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर मामला बढ़ने लगा। इसी बीच रात करीब 11 बजे बीजेपी कार्यकर्ता पंकज चौबे भी थाने पहुंच गए। रात 11 बजे बढ़ा विवादपंकज चौबे के थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि थाने में मौजूद एसआई, एएसआई और अन्य पुलिसकर्मियों ने जयदीप दुबे और पंकज चौबे के साथ गाली-गलौज की। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें घसीटकर अंदर ले जाया गया। घटना की खबर पार्टी के दूसरे कार्यकर्ताओं तक पहुंची तो उन्होंने विधायक गोलू शुक्ला को इसकी जानकारी दी। इसके बाद देर रात बड़ी संख्या में समर्थक एरोड्रम थाने पहुंचने लगे। कुछ ही देर में थाने के बाहर भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। CCTV फुटेज का हवाला देकर कार्रवाई की मांगथाने पहुंचे समर्थकों का कहना था कि पुलिसकर्मियों की ओर से की गई मारपीट थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने फुटेज की जांच कराने और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। समर्थक कार्रवाई होने तक थाने से हटने को तैयार नहीं थे। इस दौरान थाने के बाहर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। TI समेत पुलिसकर्मियों पर कार्रवाईमामला बढ़ने पर एडिशनल डीसीपी सुमित केरकट्टा पुलिस बल के साथ एरोड्रम थाने पहुंचे। उन्होंने नाराज कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। हालांकि समर्थक संबंधित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे। देर रात पुलिस प्रशासन ने थाना प्रभारी वेदेंद्र सिंह कुशवाह समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। recent visitors 16

बाजार जाने निकले पिता-पुत्र को भाजपा विधायक की फॉर्च्यूनर ने मारी टक्कर, पिता की मौत

बाजार जाने निकले पिता-पुत्र को भाजपा विधायक की फॉर्च्यूनर ने मारी टक्कर, पिता की मौत

Father and son hit by BJP MLA’s Fortuner while heading to the market; father dies. Rajgarh MLA Vehicle Accident: मध्य प्रदेश के राजगढ़ के कुरावर क्षेत्र में शनिवार सुबह सड़क हादसे की सूचना सामने आई है। भाजपा विधायक अमर सिंह यादव की फार्चूनर कार ने बाइक सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। हादसे में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, विधायक के कार के सामने का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि वाहन ड्राइवर चला रहा था। पुलिस ने ड्राइवर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू का दी है। भोपाल से राजगढ़ आ रहे थे विधायक, इलाज के दौरान पिता की मौतपुलिस से मिली जानकारी के अनुआर,शनिवार सुबह 7:30 बजे कुरावर में स्थित महाकाल होटल के पास दो बाइक सवार विधायक के वाहन की चपेट में आ गए। विधायक भोपाल से राजगढ़ वापस आ रहे थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने वाले पिता-पुत्र को विधायक खुद एक निजी वाहन पहले पीलूखेड़ी स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को लेकर भोपाल स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। यहां इलाज के दौरान पिता की जान चली गई। वहीं, बेटे का इलाज अभी भी चल रहा है। अवैध कट पॉइंट पर हादसाटीआई जितेंद्र मावई के अनुसार, भोपाल से वापस राजगढ़ आ रहे विधायक की तेज रफ्तार गाड़ी ने दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी। हादसे में कुरावर की न्यू मार्केट कॉलोनी निवासी राघवेंद्र विश्वकर्मा (42) और लक्ष्य विश्वकर्मा (11) घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ, जब ओवरब्रिज से उतर रही विधायक की गाड़ी के सामने फोरलेन पार कर रहे पिता-पुत्र अचानक आ गए। बाजार जाने निकले थे पिता-पुत्रपुलिस ने बताया कि दोनों बाजार जाने के लिए सड़क की दूसरी ओर जा रहे थे। इस दौरान वे न्यू मार्केट कॉलोनी के पास बने अवैध कट पॉइंट से फोरलेन पार कर रहे थे। तभी दोनों तेज रफ्तार से आ रही विधायक की गाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे के बाद विधायक स्वयं घायल पिता-पुत्र को लेकर भोपाल पहुंचे थे। टीआई जितेंद्र मावई ने बताया कि विधायक की गाड़ी जब्त कर ली गई है।वहीं, विधायक के ड्राइवर के खलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। recent visitors 17

बालाघाट में मासूमों की मौत पर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

Deaths of innocents in Balaghat raise questions about the healthcare system; Umang Singhar targets the government. भोपाल। मध्यप्रदेश के बालाघाट में बच्चों की मौत को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों और जिम्मेदारी को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।सिंघार के मुताबिक, केंद्र सरकार की जांच रिपोर्ट में जिला सर्विलांस यूनिट में कर्मचारियों की कमी, सरकारी प्रयोगशाला का अभाव, माइक्रोबायोलॉजिस्ट का पद रिक्त होने और प्रभावित गांव में एक साल से ASHA कार्यकर्ता नहीं होने जैसी कमियां सामने आई हैं।उन्होंने सवाल उठाया कि जब बीमारी की समय पर पहचान और इलाज के लिए जरूरी व्यवस्थाएं ही अधूरी थीं, तो बच्चों की जान बचाने के लिए प्रभावी कदम कैसे उठाए जाते? उन्होंने भाजपा सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं में कमियों की जवाबदेही तय करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।सिंघार ने सवाल किया कि आखिर कब तक स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों का खामियाजा मासूमों को भुगतना पड़ेगा और सरकार जिम्मेदारी तय करेगी? recent visitors 24

राहुल ने लॉन्च किया ‘सत्याग्रह’, अब डिजिटल मंच से लोगों के मुद्दों की लड़ाई सड़क से संसद तक

Rahul launches ‘Satyagraha’; the fight for people’s issues moves from the streets to Parliament via a digital platform. नई दिल्ली। गांधी जयंती के अवसर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नया डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘सत्याग्रह’ लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म देशभर के उन नागरिकों को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा जो शांतिपूर्ण प्रतिरोध, सत्य और अहिंसा के जरिए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं और सत्ता के सामने सच बोलना चाहते हैं। यहां दर्ज होने वाले मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर नेता प्रतिपक्ष राहुल की ओर से आवश्यकता अनुसार कदम उठाए जाएंगे। राहुल ने लोगों की आवाज को सड़क से संसद तक सुनाने का वादा किया है। ‘सत्य को दबाया जा रहा, अब नए सत्याग्रह का समय’राहुल गांधी ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सच को दबाया जा रहा है और लोग अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष के रूप में जनता की लड़ाई उनकी अपनी लड़ाई है। उन्होंने देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि अब नए सत्याग्रह का समय आ गया है और नागरिक अपने संघर्षों को इस प्लेटफॉर्म के जरिए साझा करें। राहुल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर यह उनकी जिम्मेदारी है कि जहां सच को कुचला जा रहा है, वहां लोगों को उसका विरोध करने में मदद करूं। सच महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी ज़रूरी है कि हम देश के हर कोने में उसके लिए लड़े। इन प्रमुख मुद्दों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच:जन-अधिकारों की रक्षा: जमीन के हक, महिलाओं के अधिकार, दलितों, आदिवासी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई।छात्र व युवा: शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं पर संघर्षरत युवाओं की आवाज।सत्याग्रह मैप: देश के कोने-कोने में चल रहे जन-आंदोलनों और स्थानीय लड़ाइयों को एक नक्शे पर संगठित कर राष्ट्रीय पहचान दी जाएगी।कैसे काम करेगा यह प्लेटफॉर्म?समस्या दर्ज करें: नागरिक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध फॉर्म के जरिए अपनी समस्याएं और स्थानीय मुद्दे साझा कर सकेंगे। नक्शे पर दिखेगा ‘पिन’: साझा किया गया हर मुद्दा ‘सत्याग्रह मैप’ पर एक डिजिटल पिन के रूप में प्रदर्शित होगा। सड़क से संसद तक पहल: मुद्दे की गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर नेता प्रतिपक्ष की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि जन-समस्याओं को संसद तक पहुंचाया जा सके। recent visitors 29

BJP MLA प्रीतम सिंह लोधी के बंगले पर चोरों का धावा, स्कूटी, सिलिंडर और टोंटियां तक उखाड़ ले गए

Thieves raid BJP MLA Pritam Singh Lodhi’s bungalow; made off with a scooter, a gas cylinder, and even ripped out the water taps. भोपाल। राजधानी के वीआइपी इलाके में चोरों ने अब भाजपा विधायक के सरकारी आवास को निशाना बनाया है। टीटी नगर के 45 बंगला क्षेत्र में शिवपुरी जिले के पिछोर से विधायक प्रीतम सिंह लोधी के सूने सरकारी आवास का ताला तोड़कर चोर स्कूटी, दो गैस सिलिंडर और घर में लगीं टोटियों समेत अन्य सामान ले गए। विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद विधायक और उनका स्टाफ जुलाई से आवास पर नहीं थे। गुरुवार को पीए राजेश लोधी वापस पहुंचे, तब वारदात का पता चला। पुलिस के अनुसार चोरों ने आवास के मेन गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। बाहर बरामदे में रखी स्कूटी और फिर कमरे का ताला तोड़कर घर में रखे दो सिलिंडर और कुछ सामान नहीं मिला तो बाथरूम और सिंक की टोंटियां उखाड़कर ले गए। 23 जुलाई से बंद था विधायक का आवासविधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद 23 जुलाई को विधायक प्रीतम सिंह लोधी अपने घर चले गए थे। उनके साथ सरकारी आवास पर तैनात स्टाफ भी चला गया था। इसके बाद से आवास पर ताला लगा हुआ था। लंबे समय तक बंद रहे मकान की सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। मंत्री से लेकर पूर्व मंत्री तक के आवास निशाने परअगस्त 2026: चार इमली में पूर्व मंत्री अजय सिंह विश्नोई के सरकारी बंगले का ताला तोड़कर टोंटियां चोरी।अप्रैल 2026: मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी आवास से चोर शील्ड चुरा ले गए।करीब एक साल पहले बागसेवनिया थाने के सामने पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल के सूने मकान में चोरी। वीआइपी क्षेत्रों में पुलिस गश्त पर सवाल, हाई सिक्योरिटी जोन भी सुरक्षित नहींहाई सिक्योरिटी जोन माने जाने वाले 45 बंगला क्षेत्र में विधायक के सरकारी आवास का ताला टूटना पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह है कि जब वीआइपी इलाके में चोर बेखौफ होकर वारदात कर रहे हैं, तो पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी आखिर किस काम आ रही है? recent visitors 20