किसानों और गौपालकों को कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश कृषि आधारित राज्य है और इस क्षेत्र में यहां अपार संभावनाएं हैं। किसानों की आय, कृषि उत्पादन, पशुपालन, मत्स्य पालन में वृद्धि के साथ-साथ खाद्य प्र-संस्करण और कृषि से उत्पादित कच्चे माल पर आधारित औद्योगिक इकाई स्थापित करने जैसे हर संभव प्रयास जारी हैं। किसानों और गौपालकों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कुपोषण दूर करने की दिशा में सरकार योजनाबद्ध तरीके से पूरी ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की जा रही हैं। मध्यप्रदेश में वर्तमान दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर जल्द से जल्द 20 प्रतिशत तक करने के लिए राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना प्रारंभ की है। इससे हम घर-घर गोकुल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हमने गौशालाओं में दुधारू पशुओं के लिए भी अनुदान राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप हमारी सरकार ने गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी कल्याण के लिए मिशन शुरू कर दिए हैं। मंत्रि-परिषद की गत दिवस मंगलवार को बैठक में मध्यप्रदेश कृषक कल्याण मिशन को सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश को विशेषकर गरीबों औरकिसानों को आर्थिक रूप से सुखी और समृद्ध बनाने के लिए प्राण-प्रण से कार्य कर रही है।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 26

तेजस-MK2 की पहली उड़ान अगले साल फरवरी-मार्च में, 5 साल में तेजस की नई एडवांस खेप मिलने लगेगी

मुंबई हाल ही में कुछ मीडिया आउटलेट्स ने डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत के हवाले से कहा कि तेजस MkII की पहली उड़ान "6-12 महीनों" के भीतर होगी. जिससे अक्टूबर 2025 की शुरुआत में उड़ान की अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन ऐसा नहीं है.   कैसे होगा तेजस एमके2 का प्रोडक्शन टाइमलाइन? 1. रोलआउट: अक्टूबर-नवंबर 2025… प्रोटोटाइप असेंबली लाइन से बाहर आएगा, जिससे इंजन ग्राउंड रन और सिस्टम जांच शुरू होगी. 2. टैक्सी ट्रायल: दिसंबर 2025-फरवरी 2026… निम्न और उच्च गति टैक्सी परीक्षण विमान के सिस्टम को मान्य करेंगे. 3. पहली उड़ान: फरवरी-मार्च 2026… पहली उड़ान बुनियादी उड़ान विशेषताओं का परीक्षण करेगी. 4. उत्पादन: 2028-2029 से शुरू, सालाना 18 इकाइयां. तेजस MkII एक उन्नत 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो तेजस MkI और पांचवीं पीढ़ी के AMCA के बीच की खाई को पाटने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसमें शक्तिशाली F414-INS6 इंजन, उत्तम AESA रडार और उन्नत हथियार सूट है. 2035 तक 120-180 इकाइयों को शामिल करने की योजना है, जो पुराने लड़ाकू विमानों की जगह लेंगे. जानिए तेजस Mk2 का खासियत तेजस मार्क 2 में नाइट विजन चश्मे से जुड़ा हुआ कॉकपिट होगा. यानी रात के समय या अंधेरे में भी इस फाइटर जेट से दुश्मन टारगेट पर हमला किया जा सके. इसमें HOTAS यानी हैंड्स ऑन थ्रॉटल-एंड-स्टिक की व्यवस्था होगी. यानी जिस लीवर से फाइटर जेट कंट्रोल किया जाएगा, उसी से हथियार भी चलेंगे. 2223 km प्रतिघंटा की रफ्तार से चीरेगा आसमान यह अधिकतम 2223 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ेगा. इसकी रेंज करीब 2500 किलोमीटर होगी. अधकितम 56,758 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर पाएगा. इस फाइटर जेट में 30 मिलिमीटर की एक GSh-30-1 गन लगी होगी. यह गन एक मिनट में 1500-1800 गोलियां दाग सकती है. जिसकी रेंज 200 से 1800 मीटर होगी. एक से एक घातक हथियारों से किया जाएगा लैस इस गन के अलावा इस फाइटर जेट पर 13 हार्डप्वाइंट्स होंगे. यानी 13 एक जैसे या अलग-अलग तरह के हथियार लगा सकते हैं. इसमें पांच तरह के हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें लगाई जा सकती हैं. जैसे- MICA, ASRAAM, Meteor, Astra और NG-CCM. इनकी तैनाती लगभग तय मानी जा रही है. इनके अलावा हवा से सतह पर मार करने वाली चार मिसाइलें लगाई जाएंगी. जिनमें ब्रम्होस-एनजी ALCM, LRLACM, स्टॉर्म शैडो और क्रिस्टल मेज शामिल हैं. यही नहीं इनके अलावा इसमें एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम 1/2/3 लगाने की भी योजना है. इसके अलावा इसमें चार प्रेसिशन गाइडेड बम एक लेजर गाइडेड बम, क्लस्टर म्यूनिशन, लॉयटरिंग म्यूनिशन CATS ALPHA और अनगाइडेड बम लगाए जाएंगे.   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 25

प्रदेश में इस साल जमकर होगी बारिश, मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने कर दी बड़ी भविष्यवाणी

भोपाल मौसम विभाग(Meteorological Department) ने 2025 के दक्षिण पश्चिम मानसून का पहला पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार ग्वालियर चंबल संभाग में बादल खूब बरसेंगे। इस बार औसत बारिश 106 से 110 फीसदी तक हो सकती है। ये शहर और जिले का औसत है, उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। जुलाई व अगस्त में बारिश की गति तेज होगी। मानसून का दूसरा पूर्वानुमान मई के आखिरी सप्ताह में आएगा। यदि प्रदेश की स्थिति देखी जाए तो हर हिस्से में औसत से ज्यादा बारिश होगी। इस पूर्वानुमान के बाद मानसून की सही स्थिति सामने आएगी। क्योंकि केरल में 31 मई को मानसून पहुंचता है। ग्वालियर चंबल संभाग में 25 से 26 जून के बीच आता है।  गर्मी ने भले ही इस बार जल्दी दस्तक दे दी हो लेकिन मॉनसून को लेकर मौसम विभाग ने बड़ा अपडेट दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को इसे लेकर अच्छी खबर दी है। IMD ने कहा है कि इस बार मॉनसून में सामान्य से ज्यादा बारिश होगी। इससे किसानों और आम लोगों को राहत मिलेगी। IMD के प्रमुख मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि इस पूरे मॉनसून सीजन में अल नीनो की स्थिति नहीं बनेगी। भारत में मॉनसून के चार महीनों यानी जून से सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। इस मॉनसून जमकर बारिश के आसार मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार बारिश का आंकड़ा 87 सेंटीमीटर के दीर्घकालिक औसत का 105 फीसदी रहेगा। आईएमडी चीफ मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि अल नीनो की स्थिति, जो भारतीय उपमहाद्वीप में सामान्य से कम मॉनसून बारिश से जुड़ी है, इस बार विकसित होने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग की ओर से ये भविष्यवाणी ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। 2024 में ग्वालियर चंबल संभाग में मानसून(Monsoon Forecast 2025) खूब बरसे थे। अगस्त व सितंबर में जो सिस्टम आए थे, उनकी वजह से औसत से ज्यादा बारिश हुई थी। जिला सहित अंचल में बाढ़ भी आ गई थी, जो जल संरचनाएं वर्षों से नहीं भरी थी। वह जल संरचनाएं ओवर फ्लो हो गई थी। इस बार भी वैसी ही स्थिति बन रही है। यदि अंचल के हिसाब से पिछले तीन साल की स्थिति देखी जाए तो मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हो रही है। इस बार भविष्यवाणी साबित होती है तो अंचल में कृषि व पेयजल के लिए पानी का संकट नहीं होगा। इन कारणों से प्रभावित होता है मानसून     भारत के मानसून(Monsoon Forecast 2025) को अल नीनो व ला नीना प्रभावित करता है।     अल नीनो के दौरान भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान बढ़ जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं कमजोर हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून कमजोर हो जाता है, जिससे सूखे और कृषि नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।     ला नीना के दौरान, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से कम हो जाता है, जिससे व्यापारिक हवाएं मजबूत हो जाती हैं। इससे भारत में मानसून(Monsoon 2025) मजबूत होता है, जिससे सामान्य से अधिक वर्षा होती है।     इस वर्ष प्रशांत महासागर में ईएनएसओ की स्थितियां व्याप्त हैं, जो ला नीना की स्थितियों के समान होती है। इस कारण अच्छी बारिश की संभावना है।     हिंद महासागर में आईओडी की स्थितियां मजबूत हैं। आईओडी स्थिति मजबूत होने से मानसून पर विभिन्न प्रभाव पड़ सकते हैं। सकारात्मक का मतलब है कि पूर्वी हिंद महासागर ठंडा और पश्चिमी भाग गर्म होता है, जिससे मानसून मजबूत होता है और भारत में अधिक वर्षा होती है। IMD ने बारिश को लेकर दी खुशखबरी मॉनसून में बारिश का असर सीधे खेती पर पड़ता है। अच्छा मॉनसून रहना भारत के कृषि क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी है। लगभग 42.3 फीसदी आबादी की आजीविका इसी पर निर्भर है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 18.2 फीसदी का योगदान करता है। देश के 52 फीसदी कृषि क्षेत्र में बारिश से ही सिंचाई होती है। यह देशभर में पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए जलाशयों को भरने के लिए भी महत्वपूर्ण है। जानिए कब होगी मॉनसून की एंट्री हालांकि, सामान्य बारिश का मतलब यह नहीं है कि देश में हर जगह और हर समय एक जैसी बारिश होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश में बदलाव हो रहा है। जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश के दिनों की संख्या कम हो रही है। लेकिन कम समय में भारी बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे बार-बार सूखा और बाढ़ आ रही है। भारत में मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल के दक्षिणी सिरे पर आता है। यह मध्य सितंबर में वापस चला जाता है। इस मॉनसून उम्मीद से ज्यादा बारिश का अनुमान IMD के अनुसार, सामान्य बारिश का मतलब है कि चार महीने के मॉनसून सीजन में 87 सेंटीमीटर की औसत बारिश का 96 फीसदी से 104 फीसदी तक बारिश होना। यह औसत पिछले 50 सालों के आंकड़ों पर आधारित है। सीधे शब्दों में कहें तो, IMD का कहना है कि इस बार मॉनसून अच्छा रहेगा। किसानों को फायदा होगा और पानी की समस्या भी कम होगी। हालांकि, हमें जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना होगा। बारिश कभी भी एक जैसी नहीं होती, इसलिए हमें पानी का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले 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रेलवे की नई सुविधा, जल्द ही रेलगाड़ी में मिलेगी ATM की facility

नई दिल्ली आरामदायक कुर्सियों से लेकर अब ट्रेन में मोबाइल फोन चार्जिंग और लैंप जैसी कई आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। हालांकि, रेल के विकसित होने का यह सिलसिला अभी थमा नहीं है। खबर है कि रेलवे ने ट्रेनों में ATM यानी ऑटोमैटेड टैलर मशीन का परीक्षण शुरू कर दिया है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि व्यापक स्तर पर इसे कब लागू किया जाएगा। सेंट्रल रेलवे (CR) ने मुंबई-मनमाड पंचवटी एक्सप्रेस में प्रायोगिक आधार पर एटीएम लगाया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह एटीएम एक निजी बैंक द्वारा प्रदान किया गया है और इसे इस दैनिक एक्सप्रेस सेवा की वातानुकूलित चेयर कार कोच में स्थापित किया गया है। उनके अनुसार, इसे जल्द ही यात्रियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने कहा, 'पंचवटी एक्सप्रेस में प्रायोगिक आधार पर एटीएम स्थापित किया गया है।' रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह एटीएम कोच के पिछले हिस्से में एक क्यूबिकल में लगाया गया है, जहां पहले अस्थायी पेंट्री थी। ट्रेन के चलने के दौरान सुरक्षा और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक शटर दरवाजा भी लगाया गया है। अधिकारी ने बताया कि इस कोच में आवश्यक परिवर्तन मनमाड रेलवे कार्यशाला में किए गए। पंचवटी एक्सप्रेस मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और पड़ोसी नासिक जिले के मनमाड जंक्शन के बीच प्रतिदिन चलती है। यह ट्रेन लगभग 4 घंटे 35 मिनट में एक तरफ की यात्रा पूरी करती है। इस ATM को मनमाड़ रेलवे वर्कशॉप में विशेष तकनीकी और स्ट्रक्चरल बदलावों के साथ स्थापित किया गया है। कोच में अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल सपोर्ट और आवश्यक संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं, ताकि मशीन ट्रेन की गति और झटकों के बावजूद सुचारू रूप से काम कर सके। इस प्रकार की सुविधा देने की शुरुआत भुसावल मंडल द्वारा आयोजित एक अभिनव गैर-किराया राजस्व ग्राहक संवाद बैठक में की गई थी। इस दूरदर्शी प्रस्ताव के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए, प्रमुख राष्ट्रीयकृत बैंक (बैंक ऑफ महाराष्ट्र) ने नई नवाचारी गैर-किराया राजस्व विचार योजना (NINFRIS) के अंतर्गत औपचारिक योजना प्रस्तुत की। यह सुविधा खासकर उन यात्रियों के लिए बहुत फायदेमंद होगी, जो अचानक कैश की जरूरत में स्टेशन पर नहीं उतर सकते या फिर रिमोट इलाकों की यात्रा कर रहे हों। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 45

बिना रूके एक्सप्रेसवे पर भगा सकेंगे गाड़ी, ₹3000 में सालभर टोल टैक्स की छुट्टी, क्या है नया टोल प्लान

नई दिल्ली देश के टोल बूथ को लेकर सरकार एक बड़ा बदलाव करने वाली है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि देश के राजमार्गों पर टोल पेमेंट का तरीका बदलने वाला है। केंद्र अगले 15 दिनों के अंदर एक नई टोल पॉलिसी पेश करने वाली है। यानी मई से ये पॉलिसी लागू हो सकती है। हालांकि, गडकरी ने अभी इसके बारे में ज्यादा डिटेल नहीं बताई। उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि एक बार नई पॉलिसी लागू होने के बाद टोल के बारे में किसी को शिकायत करने का मौका नहीं मिलेगा। इस नए सिस्टम से FASTag का काम भी खत्म हो जाएगा। गडकरी ने कहा कि नए सिस्टम के लिए फिजिकल टोल बूथ की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, सैटेलाइट ट्रैकिंग और व्हीकल नंबर प्लेट पहचान का उपयोग करके बैंक खातों से टोल ऑटोमैटिक ही पेमेंट कट जाएगा। उन्होंने इवेंट के दौरान कहा कि लंबे समय से लंबित मुंबई-गोवा हाईवे पर भी अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना इस साल जून तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी। मुंबई-गोवा हाईवे को लेकर कई कठिनाइयां थीं, लेकिन चिंता न करें हम इस जून तक सड़क का 100% काम पूरा कर लेंगे। अब नहीं रुकना पड़ेगा टोल प्लाजा पर नई पॉलिसी लागू होने के बाद जब आप कार से सफर पर निकलेंगे, तो बीच में किसी टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। एक बार गाड़ी ने रफ्तार पकड़ी तो सीधा मंज़िल तक पहुंच सकेंगे। 15 दिनों में लागू होगी नई टोल पॉलिसी सरकार अगले 15 दिनों में नई टोल टैक्स पॉलिसी लागू करने जा रही है। इसके तहत देशभर में टोल सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा। सालभर के लिए मिलेगा एनुअल टोल पास नई पॉलिसी के तहत अब सालभर के लिए टोल पास बनाए जाएंगे। मतलब आपको बार-बार टोल टैक्स नहीं भरना पड़ेगा।     3000 रुपये का एनुअल पास मिलेगा।     एक बार Fastag में रिचार्ज किया और पूरे साल फ्री सफर।     बार-बार रुकने और टोल भरने से छुटकारा। टोल प्लाजा हटेंगे, नया सिस्टम आएगा सरकार की योजना के अनुसार अब देशभर के टोल प्लाजा हटाए जाएंगे। उनकी जगह किलोमीटर बेस्ड चार्जिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यानी जितनी दूरी तय करेंगे, उतना ही टोल देना होगा। बेवजह ज्यादा टोल नहीं भरना पड़ेगा। सैटेलाइट ट्रैकिंग से ऑटोमैटिक टोल कटेगा नए सिस्टम में सैटेलाइट ट्रैकिंग का इस्तेमाल होगा। इसका मतलब आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट को सैटेलाइट से स्कैन किया जाएगा। टोल अपने आप कट जाएगा। मैनुअल टोल बूथ की जरूरत नहीं पड़ेगी। लाइफटाइम टोल पास पर भी विचार     मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार नई कारों के लिए लाइफटाइम टोल पास देने पर भी विचार कर रही है।     30,000 रुपये में 15 साल तक फ्री सफर की सुविधा।     हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। नितिन गडकरी का ऐलान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 14 अप्रैल 2025 को एक इवेंट में कहा कि जल्द ही देश से फिजिकल टोल बूथ खत्म हो जाएंगे। टोल सिस्टम पूरी तरह डिजिटल और ऑटोमैटिक होगा। इससे देशभर में बिना रुकावट यात्रा करना आसान हो जाएगा। समय और पैसे दोनों की बचत इस नई व्यवस्था से टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। टोल भरने का झंझट खत्म होगा। ट्रैफिक कम होगा। पैसे और समय दोनों की बचत होगी। एक बार हाईवे पूरा हो जाने पर, यात्रा का समय कम हो जाएगा और कोंकण क्षेत्र में विकास को बढ़ावा मिलेगा। गडकरी ने स्वीकार किया कि भूमि विवाद, कानूनी चुनौतियों और आंतरिक पारिवारिक झगड़ों के कारण परियोजना में कई सालों तक देरी हुई। उन्होंने बताया कि भाइयों के बीच झगड़े थे, अदालतों में मामले थे और भूमि के लिए मुआवजा देने में अंतहीन जटिलताएं थीं। लेकिन अब वे मुद्दे सुलझ गए हैं और मुंबई-गोवा राजमार्ग पर काम ने गति पकड़ ली है। गडकरी ने यह भी कहा कि उन्हें भारत के सड़क बुनियादी ढांचे के फ्यूचर को लेकर पूरा भरोसा है। अगले दो सालों में भारत का सड़क बुनियादी ढांचा अमेरिका से बेहतर होगा। उन्होंने ये भी बताया कि दिल्ली-जयपुर और मुंबई-गोवा जैसे कुछ राजमार्ग अभी भी गंभीर मुद्दों का सामना कर रहे हैं। गडकरी ने बताया कि दिल्ली-जयपुर और मुंबई-गोवा (हाईवे) हमारे विभाग के ब्लैक स्पॉट में से हैं। इनके साथ कई कठिनाइयां आती हैं। अगर वो कोंकण के बारे में सच बोलें तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। क्या है नया GPS टोलिंग सिस्टम? देश में सड़कों के निर्माण के साथ टोल बूथ की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में सरकार बूथों को समाप्त करने GPS बेस्ड टोलिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के फास्टैग सिस्मट को रिप्लेस करने वाली है। टोल बूथ का निर्माण से इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट बढ़ जाती है। इससे टोल कलेक्शन की लागत में भी बढ़ोतरी होती है। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए सरकार नया टोलिंग सिस्टम लाने वाली है। इस सिस्टम में GPS की मदद से सीधे ड्राइवर या व्हीकल ओनर के बैंक अकाउंट से टोल की राशि काटी जाएगी। व्हीकल की निगरानी GPS के माध्यम से होगी। तय किए गए मार्जिन और समय के आधार पर टोल की राशि कैलकुलेट की जाएगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 30