Saturday, July 11, 2026 7:03 am

गर्मियों में ग्लोइंग स्किन के लिए रोजाना खाएं ये फल, चेहरे पर बरकरार रहेगी चमक

स्वस्थ आहार न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा है बल्कि हमारी त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं. खासकर गर्मियों के मौसम में त्वचा का ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है. इस मौसम में अक्सर धूप की वजह से चेहरे की चमक डल हो जाती है. ऐसे में कुछ लोग गर्मियों में सनस्क्रीन का उपयोग करके, सिगरेट, धूम्रपान और शराब आदि से परहेज करके अपनी त्वचा की देखभाल करने लगते हैं. लेकिन इसके अलावा आप अपनी डाइट में कुछ फलों को शामिल करके भी ग्लोइंग स्किन पा सकते हैं. पपीता, आम, अनानास और तरबूज जैसे फल विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं. जो त्वचा को चमकदार बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. आइए जानते हैं कुछ फलों के बारे में… गर्मियों के मौसम में पपीता खाने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं. पपीते में पपेन नामक पोषक तत्व एक एंजाइम होता है जो आपके चेहरे को टैन और मुंहासों को कम करने में मदद करता है. तरबूज तरबूज में फाइबर और लाइकोपीन भरपूर मात्रा में होता है, जो आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है. गर्मियों में नियमित तरबूज का सेवन करने से शरीर को हाइड्रेट करने में मदद मिलती है. आम आम में विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में होता है. गर्मियों के मौसम में आम खाने से आपकी त्वचा को सही मात्रा में पोषण मिलता है. अगर आपके चेहरे पर ज्यादा झुर्रियां हैं, तो आपको आम जरूर खाना चाहिए. अनानास गर्मियों के मौसम में अनानास का सेवन करना फायदेमंद होता है. इसमें विटामिन सी अधिक मात्रा में होती है. जो आपकी त्वचा को भरपूर मात्रा में पोषण प्रदान करता है. गर्मियों में अनानास खाने से न सिर्फ चेहरे की रंगत निखरती है बल्कि चेहरे पर काले धब्बे और हाइपरपिग्मेंट भी कम होते हैं.   recent visitors 38

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- यह राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया है, हर राज्य अपना काम करता है

बेंगलुरु कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को कहा कि कर्नाटक में पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार सामाजिक-आर्थिक और शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट पर मंत्रिमंडल में विचार-विमर्श करेगी और उचित निर्णय लेगी। सामाजिक-आर्थिक और शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट को ‘जाति जनगणना' के नाम से जाना जाता है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक इसे नहीं देखा है। खरगे ने यहां संवाददाताओं से कहा, “यह राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया है, हर राज्य अपना काम करता है। केंद्र सरकार ने ऐसा नहीं किया। राज्य सरकार मंत्रिमंडल में चर्चा करेगी और निर्णय लेगी। मैंने रिपोर्ट नहीं देखी है। मामला राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया है।” उन्होंने रिपोर्ट के विरोध के बारे में पूछे जाने पर कहा, “(विरोध) हो सकता है। मैंने अपनी राय साझा की है।” जाति जनगणना पर विरोध के बीच मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की अगुवाई में कर्नाटक सरकार की एक विशेष बैठक बृहस्पतिवार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई है। कर्नाटक के दो प्रमुख समुदायों वोक्कालिगा और वीरशैव-लिंगायत समुदायों सहित विभिन्न समुदायों के लोगों ने इस सर्वेक्षण (जाति जनगणना) को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे ‘अव्यवस्थित' करार दिया है। समुदायों ने इस सर्वेक्षण को खारिज कर नया सर्वेक्षण कराने की मांग की है। समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा भी जाति जनगणना सर्वेक्षण पर आपत्ति जताई गई है और सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर भी इसके खिलाफ जोरदार आवाजें उठ रही हैं। recent visitors 21

ICICI ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों को निराश करते हुए ब्याज दरों में कटौती का किया एलान

नई दिल्ली अगर आप ICICI बैंक में सेविंग अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसे जमा करके बेहतर ब्याज की उम्मीद कर रहे थे, तो यह खबर आपके लिए मायूसी भरी हो सकती है। देश के बड़े प्राइवेट बैंकों में शुमार ICICI बैंक ने FD और सेविंग अकाउंट दोनों पर ब्याज दरों में कटौती कर दी है।  ICICI ने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों को निराश करते हुए ब्याज दरों में कटौती का एलान किया है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कटौती की थी। इसके बाद पहले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और फिर HDFC बैंक ने भी जमा दरों में बदलाव किया और अब ICICI बैंक ने भी उसी दिशा में कदम बढ़ाया है।  ICICI Bank ने अपनी कई FD योजनाओं पर ब्याज दरों में 0.25% से लेकर 0.50% तक की कमी की है। बैंक की यह नई दरें 17 अप्रैल से लागू हो गई हैं। ब्याज दरों में यह कटौती उन ग्राहकों को ज्यादा प्रभावित करेगी जिन्होंने कुछ समय के लिए एफडी में निवेश कर रखा है या करने का विचार कर रहे हैं। नए बदलाव के बाद अब बैंक सामान्य ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट पर 3 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 7.05 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दरें 3.5 प्रतिशत से शुरू होकर 7.55 प्रतिशत तक जाती हैं। 7.25 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 7.85 प्रतिशत ब्याज मिलता था, जिसे अब घटा दिया गया है। सबसे ज्यादा असर 30 से 45 दिन की छोटी अवधि वाली एफडी योजनाओं पर पड़ा है। पहले इस अवधि के लिए ब्याज दर 3.50 प्रतिशत थी, जो अब घटकर सिर्फ 3.00 प्रतिशत रह गई है। इसी तरह, 61 से 90 दिनों की जमा योजना पर ब्याज दर 4.5 प्रतिशत से घटाकर 4.25 प्रतिशत कर दी गई है। बैंक ने 18 महीने से दो साल तक की एफडी के लिए भी ब्याज दर में 0.20 प्रतिशत की कमी की है, जो अब 7.05 प्रतिशत रह गई है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब निवेशक सुरक्षित विकल्पों की तलाश कर रहे हैं और एफडी पारंपरिक रूप से भरोसेमंद निवेश साधन मानी जाती रही है। हालांकि अब कम ब्याज दरों के चलते लोग एफडी की जगह अन्य विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं, खासकर वे जो बेहतर रिटर्न चाहते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को भले ही कुछ ज्यादा ब्याज मिल रहा हो, लेकिन पहले की तुलना में उनके लिए भी रिटर्न में कटौती महसूस की जा सकती है। ऐसे में नए निवेशकों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे बैंक दरों की तुलना करें और यह तय करें कि वर्तमान ब्याज दरों पर एफडी करना वाकई फायदेमंद है या नहीं।   recent visitors 45

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना बनी दिव्यांग दंपति का सहारा

रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना बनी दिव्यांग दंपति का सहारा। यह कहानी ग्राम पंचायत खजुरी जनपद पंचायत प्रतापपुर जिला सूरजपुर के दिव्यांग पति व पत्नी की है। जो जन्म से ही आंखों की रोशनी खो चुके हैं  विवाह के बाद जीवन यापन में आई आर्थिक तंगी मे मनरेगा योजना सहारा बना है। जन्म से ही इस दिव्यांगता के अभिशाप को ढोकर चल रहे दंपत्ति के सामने आर्थिक मदद के तौर पर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं के पहल से जिला प्रशासन के द्वारा इनकी जीवन शैली में सुधार हेतु कई योजनाओं का लाभ देते हुए इस दंपत्ति का मनरेगा में जॉब कार्ड बनाया गया और दंपत्ति कार्यस्थल पर मजदूरों को पानी पिलाकर अपने कर्तव्य का निर्वहन भी कर रहे हैं। ग्राम पंचायत खजुरी में श्यामसाय पैकरा एवं उनकी पत्नी निरपति दोनो आंखों से दिव्यांग है। इनके पास कोई काम नहीं होने की स्थिति में सोसायटी से मिलने वाला राशन एवं निरपति को मिलने वाला पेंशन ही इनके जीवन निर्वाह करने का साधन था। बढ़ती महंगाई में दम्पत्ति को आर्थिक समस्याओं का सामना कर पड़ रहा था, जिससें जिला प्रशासन के सामने गुहार लगाकर अपने लिए रोजगार सृजन किया व मनरेगा में जाबकार्ड बनवा कर मजदूरों को पानी पिलाकर जीवनयापन कर रहे हैं। आर्थिक और कई समस्याओं से जूझ रहे इस दिव्यांग जोड़े के नाम जॉबकार्ड जारी होने तथा अब मजदूरी मिलने के बाद इनके सामने भरण पोषण की समस्या खत्म हो गई है।     जिला प्रशासन के नजर में आने से इनको जिला प्रशासन की ओर से प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया जा रहा हैं। बहरहाल जन्म से ही इस दिव्यांग दंपत्ति के सामने आर्थिक मदद के तौर पर मनरेगा जॉंबकार्ड जारी कर रोजगार उपलब्ध करा दिया गया है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इस दम्पत्ति ने विकट परिस्थिति में भी भीख मांगकर गुजारा करने की बजाय अपने लिए रोजगार का सृजन किया है और कार्यस्थल पर मजदूरों को पानी पिलाकर अपने कर्तव्य का निर्वहन भी कर रहे हैं। शासन की मंशानुरूप मनरेगा इस बेसहारा परिवार के लिए बड़ा सहारा बन गया है। recent visitors 22

पूर्व वन मंत्री के भाई की कंपनी पर गंभीर आरोप, 38 किमी लंबी सड़क 5 साल बाद भी अधूरी

गरियाबंद राजिम क्षेत्र में 109 करोड़ की लागत से बन रही 38 किमी लंबी सड़क 5 साल बाद भी अधूरी है  पाण्डुका से जतमई होते हुए मूड़ागांव तक बनाई जा रही इस सड़क का निर्माण 2019 में शुरू हुआ था, जिसे 2022 तक पूरा हो जाना था. लेकिन अब तक इसका निर्माण अधूरा है. इस परियोजना का ठेका पूर्व वन मंत्री के भाई असगर खान की रायपुर कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला था. हालांकि फॉरेस्ट लैंड की अनुमति में देरी के चलते 2024 तक एक्सटेंश मिला. इसके बावजूद, आज भी लगभग ढाई किलोमीटर घाटी का हिस्सा अधूरा है. भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रीतम सिन्हा ने सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता में कमी का आरोप लगाया है. सड़क निर्माण कार्य की गुणवक्ता में कमी का आरोप भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रीतम सिन्हा ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्माण में इस्तेमाल हो रहे मुरम और गिट्टी की लैब जांच केवल औपचारिकता मात्र है और अमानक सामग्री का इस्तेमाल खुलेआम हो रहा है. विभाग ने परियोजना की निगरानी के लिए एक कंसल्टेंट नियुक्त किया है. इंजीनियर किसलया चक्रवर्ती का कहना है कि निर्माण कार्य मई 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा. अतरिक्त समय मिला हुआ है. उपयोग की जा रही सामग्री की नियमित लैब जांच हो रही है. अवैध खनन पर भी उठे सवाल, विभाग मौन 2022 से पाण्डुका क्षेत्र में अवैध मुरम खनन का सिलसिला जारी है. जानकारी के अनुसार, रवेली गांव में वन अधिकार पट्टे की जमीन से खनन शुरू किया गया था, जो आज भी जारी है. रवेली के अलावा पाण्डुका वन परिक्षेत्र के तौरेंगा, मड़ेली, खड़मा, पंडरीतराई और गाय डबरी जैसे कई अन्य स्थलों से भी मुरम निकाली जा रही है. खदान के लिए पेड़ गिराने के अलावा जंगल आने जाने के लिए भी पेड़ो को धराशाई कर रास्ता बनाया गया. जब मामले पर डीएफओ लक्ष्मण सिंह से सवाल किया गया, तो उन्होंने पहले अनभिज्ञता जताई, लेकिन जब उन्हें वीडियो और फोटो दिखाए गए, तब उन्होंने रेंजर से संपर्क किया. हालांकि, उनके मातहतों ने भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी. डीएफओ ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की बात कही है. पिचिंग बोल्डर तोड़ रहे, अनजान बनकर बैठा खनिज विभाग प्रभाव शाली ठेकेदार के इस काम में माइनिंग और राजस्व भी भारी मेहरबानी दिखाई पड़ती है. ठेका कंपनी का 2020 में साकरा में बड़े झाड़ जंगल में अपना प्लांट स्थापित करने में सफल हो गया।प्रशासनिक मेहरबानी के चलते सड़क किनारे बनाए जा रहे ड्रेनेज वाल में इस्तेमाल होने वाले पिचिंग बोल्डर की तुड़ाई में जंगलों में अवैध तरीके से किया गया है. खनिज विभाग के सहायक खनिज अधिकारी रोहित साहू ने भी मामले की जानकारी से इनकार किया है, लेकिन उन्होंने मौके का निरीक्षण कर कार्रवाई की बात कही है. recent visitors 24

मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह : सभी जिला अधिकारी ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण कर 30 दिवस में अनिवार्य रूप से निराकरण करेंगे

मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के आवेदन प्रक्रिया हुई ऑनलाइन  मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर आसान बना दिया गया मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह : सभी जिला अधिकारी ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण कर 30 दिवस में अनिवार्य रूप से निराकरण करेंगे मंत्री ने 30 दिवस में अनिवार्य रूप से निराकरण के दिये निर्देश भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना के आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन कर आसान बना दिया गया है। कल्याणी महिला (विधवा महिला) सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के विवाह पोर्टल https://vivahportal.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। मंत्री कुशवाह ने सभी जिलाधिकारियों को प्राप्त आवेदन पत्रों का 30 दिवस में अनिवार्य रूप से निराकरण के निर्देश दिए है। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सशक्तिकरण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि प्रदेश में निवासरत कल्याणी बहनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2018 से मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना संचालित की जा रही है। योजना में कल्याणी बहनों को विवाह उपरांत 2 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। विभाग द्वारा योजनांतर्गत आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इच्छुक हितग्राही https://vivahportal.mp.gov.in पर पब्लिक डोमेन से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। उन्होंने बताया कि विवाह पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन के लिये समग्र पोर्टल पर जानकारी अपडेट होना आवश्यक है। आवेदिका एवं उसके पति का आधार ई-केवायसी समग्र पोर्टल पर होना अनिवार्य है, समग्र पोर्टल पर वैवाहिक स्थिति विवाहित होना अनिवार्य है, 8 अंको की समग्र परिवार आईडी एक ही होना अनिवार्य है। सभी जिला अधिकारी ऑनलाइन प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण कर 30 दिवस में अनिवार्य रूप से निराकरण करेंगे। अनावश्यक रूप से आवेदन लंबित रखने पर संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई की जा सकती है। प्रमुख सचिव श्रीमती वायंगणकर ने स्पष्ट किया कि जिला कार्यालय में सीधे आवेदन (ऑफलाइन) लेने ने मना नहीं किया जायेगा। जिला कार्यालय स्वयं पोर्टल पर लॉगइन कर आवेदन को ऑनलाइन प्रक्रिया में शामिल कर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।   recent visitors 21

नारायणपुर से ओरछा जा रही बस पलटी, कई यात्री घायल

नारायणपुर ओरछा मार्ग पर यात्री बस पलटने से कई यात्रियों को गंभीर चोटें आई है. यह घटना ग्राम गड़बेंगाल पुल के समीप की है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया. बताया जा रहा कि बस नारायणपुर से ओरछा जा रही थी. यह बस बस्तर ट्रैवल्स कम्पनी की है, जिसमें क्षमता से अधिक सवारी बैठाए गए थे. बता दें कि कुछ दिन पहले ही इसी कंपनी की बस ने कोंडागांव में ट्रैफिक सिंग्नल में खड़े बाइक सवारों को टक्कर मारी थी, जिसमें 2 बाइक सवारों की मौत हुई थी. recent visitors 22