Thursday, July 16, 2026 9:14 am

दो मई से होंगी 10वीं-12वीं विशेष-कंपार्टमेंटल परीक्षा, जारी हुआ शेड्यूल

पटना BSEB 10th 12th Compartment Exam Date 2025: बिहार बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा में कंपार्टमेंट आने वाले छात्रों के लिए जरूरी खबर है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने हाई स्कूल (मैट्रिक) और इंटरमीडिएट (12वीं) की विशेष व कंपार्टमेंटल परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। छात्र अपना पूरा टाइम टेबल BSEB की आधिकारिक वेबसाइट secondary.biharboardonline.com पर जाकर चेक कर सकते हैं। 2 से 13 मई तक चलेंगी कंपार्टमेंट और विशेष परीक्षाएं बिहार बोर्ड की 10वीं (मैट्रिक) विशेष एवं कंपार्टमेंट परीक्षा 2 मई से शुरू होकर 7 मई 2025 तक चलेगी, जबकि 12वीं (इंटरमीडिएट) की विशेष एवं कंपार्टमेंट परीक्षा 2 मई से शुरू होकर 13 मई 2025 को समाप्त होगी। बोर्ड ने सभी छात्रों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपना एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें और परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सके। जारी डेटशीट के मुताबिक कंपार्टमेंट परीक्षाएं 2 मई से शुरू होकर 13 मई 2025 को समाप्त हो रही हैं। जबकि 10वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा 2 मई से शुरू होकर 7 मई को समाप्त होगी। दो पालियों में होगी कंपार्टमेंट परीक्षाएं बीएसईबी की ओर से जारी डेटशीट के मुताबिक हाईस्कूल और इंटर की कंपार्टमेंट परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी। पहला पाली की परीक्षा सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 12:45 तक होगी। जबकि दूसरी पाली की परीक्षाएं दोपहर 2 बजे से शुरू होकर 5:15 तक होगी।   recent visitors 39

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिया संकेत, 15 दिनों के भीतर सरकार नई टोल नीति पेश करेगी

नई दिल्ली जल्द ही देश में हाईवे सफर का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है। टोल प्लाजा पर लंबी कतारों, फास्टैग की खामियों और समय की बर्बादी से राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार अब एक सैटेलाइट-बेस्ड टोल सिस्टम लाने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को संकेत दिया कि आने वाले 15 दिनों के भीतर सरकार नई टोल नीति पेश करेगी, जो भारत के टोल कलेक्शन सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। GPS आधारित टोल सिस्टम की शुरुआत गडकरी ने बताया कि इस नई नीति के लागू होने के बाद टोल को लेकर लोगों की सभी शिकायतें दूर हो जाएंगी। उन्होंने फिलहाल नीति की ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन संकेत साफ हैं—सरकार अब GPS आधारित टोल वसूली की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। फास्टैग से आगे की टेक्नोलॉजी भारत में 2016 में फास्टैग सिस्टम की शुरुआत हुई थी, जो RFID टेक्नोलॉजी पर आधारित है। हालांकि, बीते वर्षों में इसके संचालन में कई समस्याएं सामने आईं—जैसे अत्यधिक ट्रैफिक, टैग स्कैनिंग में तकनीकी गड़बड़ियां, और टैग के दुरुपयोग के मामले। इन्हीं दिक्कतों के चलते अब सरकार स्मार्ट और सटीक टोल कलेक्शन सिस्टम की तरफ बढ़ रही है। कैसे काम करेगा GPS Toll System? इस नए सिस्टम में हर वाहन में एक ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) डिवाइस लगाया जाएगा, जो GNSS (Global Navigation Satellite System) तकनीक के जरिए वाहन की रीयल टाइम लोकेशन और हाईवे पर तय की गई दूरी को ट्रैक करेगा।    जैसे ही वाहन हाईवे पर चलेगा, सिस्टम उस वाहन की यात्रा की दूरी मापेगा, उसी के आधार पर टोल की राशि तय की जाएगी, और वह रकम सीधे ड्राइवर के बैंक खाते या वॉलेट से स्वतः कट जाएगी। बड़ी राहत: रुकना नहीं, सिर्फ चलना है! GPS Toll लागू होने से ड्राइवरों को किसी टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन खर्च भी कम होगा और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। आम लोगों पर क्या असर होगा? इस नई नीति के लागू होने से आम नागरिकों को टोल की पारदर्शिता मिलेगी, मनमानी वसूली पर लगाम लगेगी, और टोल टैक्स सिर्फ उतनी दूरी का देना होगा जितना हाईवे पर वाहन चला है। यानी, "Pay as you drive" मॉडल पर टोल वसूली होगी। recent visitors 19

हादसे का इंतजार: जर्जर भवन में चल रही है राशन दुकान

महासमुंद  छत्तीसगढ़ में लोग जान जोखिम में डालकर सरकारी राशन लेने के लिए मजबूर है. मामला महासमुंद जिले के पिथोरा नगर के क्रमांक-2 की उचित मूल्य दुकान का है. यह दुकान एक ऐसे भवन में चल रही है, जो जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुका है. लंबी कतारों में घंटों इंतजार करने वाले लोग न केवल बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, बल्कि हर पल हादसे की आशंका के साये में राशन लेने पहुंच रहे हैं. छत्तीसगढ़ सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली सस्ते अनाज का वादा तो करती है, लेकिन स्थानीय प्रशासन की अनदेखी ने पिथौरा के लोगों को मुसीबत में डाल दिया है. राशन दुकान में न बैठने की जगह, न पीने का पानी, और न ही शौचालय. अगर किसी को वॉशरूम की जरूरत पड़े, तो घर लौटना पड़ता है, जिससे उनका नंबर छूट जाता है और दिन बर्बाद हो जाता है. महिलाओं को सबसे ज्यादा मुसीबत छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना संचालित कर रही है, लेकिन इस राशन दुकान में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को ही हो रही है. महिलाएं अपने बच्चों के साथ कतार में घंटों खड़ी रहती हैं. स्थानीय लोग कहते हैं, “प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है.” 90 लाख की कमाई, फिर भी नहीं हुई मरम्मत यह दुकान कौड़िया सहकारी विपणन संस्था की जमीन पर है. संस्था ने दुकान के सामने 9 दुकानें बनाकर नीलामी से 90 लाख रुपये कमाए और हर महीने 700 रुपये प्रति दुकान किराया भी वसूल रही है. इसके बावजूद, वर्षों से जर्जर पड़े राशन वितरण भवन की मरम्मत तक नहीं कराई गई. जब नगर पंचायत पिथौरा के अध्यक्ष देवसिंह निषाद से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि सहकारी समिति को व्यवस्था करनी चाहिए क्योंकि यह उनकी संस्था है. वर्षों से भवन जर्जर है. पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था जल्द कराई जाएगी. वहीं सहकारी उप पंजीयक के संजय कुमार गुप्ता ने मामले पर कहा कि अभी दो-तीन दिन ही हुए हैं पदभार ग्रहण किए. पिथौरा के कर्मचारियों को पुराने भवन का एस्टीमेट तैयार करने कहा गया है. जल्द ही सुधार कार्य शुरू होगा. recent visitors 29

छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, कही बारिश तो कही गर्मी

रायपुर छत्तीसगढ़ में आज मौसम का मिजाज फिर बदल गया है. प्रदेश के कई जिलों में आज मेघ गर्जन, तेज हवा के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तेज हवाएं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश के साथ चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है. बुधवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38.6°C दुर्ग में दर्ज किया गया. पिछले 24 घंटों में छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन, वज्रपात, तेज हवा के साथ ओलावृष्टि और हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई. मौसम विभाग ने कल प्रदेश में एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन और तेज हवा के साथ हल्की वर्षा होने की संभावना जताई है. वहीं 2 दिनों के बाद कुछ इलाकों में मेघ गर्जन और तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अलग-अलग द्रोणिका और ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. सिक्किम से उत्तर उड़ीसा तक द्रोणिका 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है. एक द्रोणिका पूर्वी मध्य प्रदेश से गंगेटिक पश्चिम बंगाल तक छत्तीसगढ़ होते हुए 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. इसके अलावा दूसरा द्रोणिका पूर्वी मध्य प्रदेश से दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक तक 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है. रायपुर में मौसम का हाल रायपुर शहर में आज आकाश मुख्यतः साफ रहने और दोपहर/शाम को आंशिक मेघमय रहने की संभावना है. अधिकतम 39°C और न्यूनतम तापमान 23°C के आसपास रहने की संभावना है. recent visitors 20

मध्य प्रदेश के लाखो कर्मचारियों को मिलेगा डबल प्रमोशन, 60 हजार पर डिमोशन का भी खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में 9 साल बाद राज्य सरकार ने एक बार फिर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की है. अभी इसके लिए नियम बनाए जा रहे हैं. इससे मध्य प्रदेश शासन के 4 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी लाभान्वित होंगे. हालांकि सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन मिले 8 साल से अधिक समय बीत चुका है. ऐसे में वो डबल प्रमोशन के हकदार हैं. इस पर भी सरकार ने विचार किया है. वहीं सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश से प्रमोशन के साथ आरक्षित वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर डिमोशन का खतरा भी मंडरा रहा है. अब देखना ये है कि सरकार इस मामले का किस प्रकार पटाक्षेप करती है. एक साथ नहीं मिलेगा डबल प्रमोशन जिन कर्मचारियों और अधिकारियों को पदोन्नति मिले 8 साल से अधिक का समय बीत चुका है, या फिर जिन्होंने साल 2014-15 के बाद ज्वाइन किया और उनकी समयावधि 8 साल पूरी हो चुकी है. ऐसे कर्मचारियों-अधिकारियों को डबल प्रमोशन का लाभ सरकार देगी. हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है, कि कर्मचारियों को डबल प्रमोशन का लाभ तो मिलेगा, लेकिन एक साथ नहीं. बल्कि सरकार की मंशा है कि इस वर्ष एक प्रमोशन देने के बाद दूसरा प्रमोशन उनको अगले वर्ष दिया जाए. जिससे कर्मचारियों की कमी न हो. इन कर्मचारियों पर लटकी डिमोशन की तलवार सपाक्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष केएस तोमर ने बताया कि "साल 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सरकार ने एससी-एसटी वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने का नियम बनाया था. इस नियम के तहत साल 2016 तक प्रदेश में आरक्षित वर्ग के कई अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रमोशन हुए. इससे आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को काफी फायदा हुआ, लेकिन ओबीसी समेत वो कर्मचारी-अधिकारी जो अनारक्षित वर्ग में थे, वो प्रमोशन में पीछे छूटते गए और उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. जिसमें कोर्ट ने तथ्यों पर विचार करने के बाद इस पदोन्नति प्रक्रिया को रद्द कर दिया. लेकिन इस बीच आरक्षित वर्ग के जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति मिली है, ऐसे लोगों को डिमोशन का खतरा भी बना हुआ है." हाई कोर्ट भी सुना चुका है फैसला केएस तोमर ने बताया कि "पदोन्नति में आरक्षण नियम 2002 लागू होने के बाद से अब तक प्रदेश के 60 हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रमोशन का लाभ मिल चुका है, लेकिन जब इसे हाईकोर्ट 2016 में रद्द कर चुका है, तो ऐसे में इसकी वैधता कितनी है. तोमर ने बताया कि अभी मध्य प्रदेश में प्रमोशन का कोई नियम नहीं है, इसलिए ठीक है, लेकिन जैसे ही सरकार नए नियम बनाएगी, जो कर्मचारी गलत तरीके से प्रमोशन का लाभ ले रहे हैं. उनको डिमोशन करना होगा. हाईकोर्ट ने भी 31 मार्च 2024 के आदेश में कहा है कि 2002 के नियम के आधार पर जिन एससी-एसटी कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ मिला है. उन सभी का डिमोशन किया जाएग. हालांकि सरकार ऐसा करने से बचना चाहती है, इसलिए नए नियमों को ऐसा बना रही है. जिससे सबको समान रुप से पदोन्नति का लाभ मिल सके. यूपी-उत्तराखंड में डिमोट, पंजाब-हरियाणा में क्रीमीलेयर बाहर उच्च न्यायालय ने पदोन्नति को लेकर अपने आदेश में कहा है कि जब तक स्टेटस की यथा स्थिति है, तब तक ना डिमोट होंगे और ना ही प्रमोट किया जाएगा, लेकिन जिस दिन स्टेटस बैकेंड हो जाएगा, यथा स्थिति खत्म हो जाएगी. उसी दिन डिमोट करना पड़ेगा. यूपी और उत्तराखंड में भी बाद में गलत पदोन्नति नियम के कारण आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को डिमोट किया गया. केएस तोमर ने बताया कि सपाक्स ने अपनी याचिका में कहा है कि पदोन्नति में आरक्षण के नियम में क्रीमीलेयर को शामिल नहीं करना चाहिए. ऐसे ही मामले में पंजाब और हरियाणा में पदोन्नति के दौरान क्रीमीलेयर को आरक्षण का लाभ देने से वंचित किया गया है. recent visitors 19

सरकार ने लिया बड़ा फैसला- हरियाणा में हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार का औद्योगिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। 10 जिलों में इंडस्ट्रियल टाउनशिप बनाने से न केवल उद्योगों को बेहतरीन कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में विकास भी होगा। खासतौर पर तीन प्रमुख राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के किनारे इन टाउनशिप को स्थापित करना उद्योगों के लिए सहूलियत का काम करेगा, क्योंकि इससे माल की ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन में काफी आसानी होगी। इस परियोजना से, इन जिलों में औद्योगिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, जिससे नए कारखाने, फैक्ट्रियाँ और बिजनेस सेंटर खुलेंगे, और इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को एक महीने का समय दिया है, ताकि इस परियोजना का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सके।   इन 10 जिलों में ये टाउनशिप बनेंगी गुरुग्राम, हिसार (हिसार एयरपोर्ट के पास), सिरसा, भिवानी, नारनौल, फरीदाबाद, जींद,     अंबाला, कैथल   recent visitors 35

भोपाल इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रियों को बड़ी राहत, 2 स्लीपर कोच बढ़ाए, बढ़ती भीड़ के चलते रेलवे ने किया फैसला

भोपाल भोपाल और ग्वालियर के मध्य चलने वाली इंटरसिटी गाड़ी क्रमांक 12197 और 12198 में दो स्लीपर कोच जोड़े जाने से रेल यात्रियों को लाभ हो रहा है। यह व्यवस्था दिनांक 10 अप्रैल से प्रभावी हो चुकी है। इस परिवर्तन के बाद अब ट्रेन में 14 सामान्य श्रेणी, 2 स्लीपर श्रेणी, 2 कुर्सीयान, 1 वातानुकूलित कुर्सीयान समेत कुल 21 कोच हो गए हैं। भाजपा नेता और  पूर्व प्रदेश प्रवक्ता धैर्यवर्धन शर्मा ने बताया कि इंटरसिटी ट्रेन दो कोच बढ़ाए जाने से में शिवपुरी, गुना, अशोकनगर के नागरिकों को ग्वालियर और भोपाल आना-जाना अब अधिक सुविधाजनक हो गया है। पश्चिम मध्य जोन की सलाहकार समिति के सदस्य रहे धैर्यवर्धन ने इस निर्णय पर यात्रियों को बधाई देते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। भाजपा नेता धैर्यवर्धन ने बुधवार और रविवार के दिनों को जोड़कर सातों दिन इंटरसिटी चलाए जाने के लिए क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री सिंधिया का भी आभार माना है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक देवाशीष त्रिपाठी ने अवगत कराया है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 12197/12198 ग्वालियर-भोपाल-ग्वालियर एक्सप्रेस में दो स्लीपर श्रेणी के कोच स्थायी रूप से जोड़े जा रहे हैं। इस संबंध में भोपाल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि ग्रीष्मकालीन भीड़ और बढ़ती हुई यात्रियों की संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यह व्यवस्था दिनांक 10 अप्रैल से प्रभावी हो चुकी है। इस परिवर्तन के बाद अब इस ट्रेन में 14 सामान्य श्रेणी, 2 स्लीपर श्रेणी, 2 कुर्सीयान, 1 वातानुकूलित कुर्सीयान सहित कुल 21 कोच होंगे। recent visitors 27